Wednesday, July 8, 2026 2:38 am

सीपीसीटी परीक्षा आगामी 11 और 12 जनवरी 2025 को आयोजित की जाएगी

भोपाल मध्य प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एमपीएसईडीसी) से प्राप्त जानकारी अनुसार 29, 30 नवंबर और 1 दिसम्बर 2024 को तकनीकी कारणों से रद्द की गई सीपीसीटी (कंप्यूटर प्रोफिशिएंसी सर्टिफिकेशन टेस्ट) परीक्षा आगामी 11 और 12 जनवरी 2025 को आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में केवल वही परीक्षार्थी शामिल हो सकते है जिन्होंने दिनांक 29, 30 नवंबर और 1 दिसम्बर की परीक्षा के लिए पूर्व में आवेदन किया था। परीक्षार्थी अपने प्रवेश पत्र सीपीसीटी पोर्टल (www.cpct.mp.gov.in) से डाउनलोड कर सकते हैं ।   recent visitors 48

पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री लखन पटेल ने कहा है कि गोवंश के आहार में हरा चारा और साइलेज को शामिल करें

भोपाल पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल ने कहा है कि गोवंश के आहार में हरा चारा और साइलेज को शामिल करें। इससे गोवंश का स्वास्थ्य अच्छा रहता है तथा दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होती है। मंत्री श्री पटेल ने भदभदा, भोपाल स्थित जर्सी पशु प्रजनन प्रक्षेत्र भोपाल का निरीक्षण किया। मंत्री श्री पटेल ने निरीक्षण के दौरान प्रक्षेत्र पर उपलब्ध गोवंश के आहार की संरचना के विषय पर चर्चा की। उन्होंने गोवंश के आहार में साइलेज को शामिल करने के निर्देश दिए और कहा कि इससे दुग्ध उत्पादन में हुई बढ़ोतरी का अध्ययन किया जाए। साथ ही हरा चारा और साइलेज को आहार में सम्मिलित करने से दुग्ध उत्पादन में आने वाले वित्तीय भार का आंकलन भी किया जाए। मंत्री श्री पटेल द्वारा निर्देश दिए गए कि अच्छी नस्ल के प्रजनन योग्य सांड सालरिया गो अभयारण्य, आगर मालवा और अन्य गौशालाओं को भेजे जाएं। उन्होंने प्रक्षेत्र के गोबर गैस प्लांट को पुन चालू करने के निर्देश भी दिए। हरा चारा उत्पादन एवं दुग्ध उत्पादन आदि के संबंध में जानकारी भी ली। भ्रमण के दौरान संयुक्त संचालक पशुपालन डॉ. जी.के. वर्मा एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। recent visitors 48

मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के संबंध में दी जानकारी, प्रदेश के सभी जिलों में हुआ मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन

भोपाल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुखवीर सिंह ने निर्वाचन सदन भोपाल में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2025 अंतर्गत प्रदेश के सभी जिलों में मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के संबंध में जानकारी दी। इस दौरान मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को मतदाता सूचियां प्रदान की गई। सीईओ श्री सिंह ने बताया कि प्रदेश में कुल 230 विधानसभा क्षेत्र और 65 हजार 014 मतदान केंद्र है। सीईओ श्री सिंह ने बताया कि प्रदेश में 29 अक्टूबर 2024 से मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2025 का कार्यक्रम प्रांरभ हुआ था। इसी दिन से मतदाता सूची में नाम जोड़ने, संशोधन कराने और मतदाता सूची से नाम हटवाने के लिए आवेदन लेने की प्रक्रिया शुरू हुई थी जो 28 नंवबर 2024 तक चली। दावे आपत्तियों का निराकरण 24 दिसंबर 2024 तक किया गया। मतदाता सूची का प्रदेश के सभी जिलों में अंतिम प्रकाशन 6 जनवरी 2025 को किया गया। प्रदेश में मतदाता सूची के प्रारुप प्रकाशन के दौरान मतदाताओं की संख्या 5 करोड़ 65 लाख 94 हजार 963 थी। अंतिम प्रकाशन के दौरान प्रदेश में मतदाताओं की संख्या 5 करोड़ 70 लाख 92 हजार 367 है। श्री सिंह ने बताया कि प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के दौरान 7 लाख 98 हजार 469 नाम जोड़े गए और 3 लाख 01 हजार 65 नाम हटाए गए। इसी तरह से 3 लाख 13 हजार 642 मतदाताओं के वोटर आईडी कार्ड में संशोधन किया गया। इस तरह से प्रदेश में मतदाताओं की संख्या में 4 लाख 97 हजार 404 की बढ़ोत्तरी हुई है। बैठक में अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री राजेश कुमार कौल, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री बसंत कुर्रे, श्री विवेक श्रोत्रिय, भारतीय जनता पार्टी से श्री एस.एस. उप्पल, कांग्रेस पार्टी से श्री जे.पी. धनोपिया, बहुजन समाज पार्टी से श्री सुधीर, आम आदमी पार्टी से श्री सी.पी. सिंह चौहान उपस्थित रहे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट पर देख सकते हैं मतदाता सूची मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सिंह ने बताया कि मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की सूची मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी की वेबसाइट ceo madhya pradesh.nic.in पर उपलब्ध है। कोई भी मतदाता वेबसाइट के माध्यम मतदाता सूची में अपना नाम देख सकते हैं। साथ ही भारत निर्वाचन आयोग के voters.eci.gov.in पोर्टल पर भी मतदाता अपना नाम मतदाता सूची में देख सकते है। जेंडर रेशियो और इपी रेशियो में हुआ सुधार मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण 2025 अंतर्गत जेंडर रेशियो और इपी रेशियो में भी सुधार हुआ है। मतदाता सूची के प्रारूप प्रकाशन के दौरान प्रदेश में इपी रेशियो (मतदाता अनुपात) 63.88 था। यह मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के दौरान बढ़कर 64.44 हो गया है। इसी तरह से जेंडर रेशियो (लिंगानुपात) में भी सुधार हुआ है। मतदाता सूची के प्रारुप प्रकाशन के दौरान जेंडर रेशियों 948 था, जो अब बढ़कर 950 हो गया है। 14 लाख 13 हजार 176 आवेदन प्राप्त हुए थे मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण-2025 के अंतर्गत प्रदेश में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन के कुल 14 लाख 13 हजार 176 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनका समय सीमा में निराकरण किया गया। इसमें फॉर्म-6 के 7 लाख 98 हजार 469, फॉर्म-7 के 3 लाख 01 हजार 065 और फॉर्म-8 के 3 लाख 13 हजार 642 आवेदन प्राप्त हुए थे। प्रदेश में 2 करोड़ 92 लाख 74 हजार 141 हैं पुरूष मतदाता मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के दौरान प्रदेश में पुरुष मतदाताओं की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। प्रदेश में अब पुरुष मतदाताओं की संख्या 2 करोड़ 92 लाख 74 हजार 141 है । 2 करोड़ 78 लाख 17 हजार 016 है महिला मतदाताओं की संख्या प्रदेश में महिला मतदाताओं की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई है। प्रदेश में अब महिला मतदाताओं की संख्या 2 करोड़ 78 लाख 17 हजार 016 है। प्रदेश में थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या 1210 है। प्रदेश में 74 हजार 387 सेवा निर्वाचक मतदाता मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के दौरान प्रदेश में सेवा निर्वाचक 74 हजार 387 मतदाता हैं, जिसमें पुरूष मतदाता 71 हजार 960 एवं महिला मतदाता 2 हजार 427 हैं। प्रदेश में आयु वार मतदाताओ की संख्या प्रदेश में आयुवार मतदाताओं की संख्या में 18 -19 वर्ष के 11 लाख 19 हजार 161, 20 से 29 वर्ष के 1 करोड़ 33 लाख 88 हजार 424, 30 से 39 वर्ष के 1 करोड़ 51 लाख 44 हजार 883, 40 से 49 वर्ष के 1 करोड़ 15 लाख 28 हजार 407, 50 से 59 वर्ष के 81 लाख 31 हजार 709, 60 से 69 वर्ष के 48 लाख 15 हजार 858 और 70 से 79 वर्ष के 22 लाख 11 हजार 505 मतदाता हैं। इसी तरह 80 वर्ष से अधिक उम्र के प्रदेश में कुल 7 लाख 52 हजार 420 मतदाता हैं।   recent visitors 51

12वीं पास विद्यार्थियों को आगे उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए कलेक्टर के माध्यम से विशेष प्रयास किये जाएंगे: अनुपम राजन

भोपाल उच्च शिक्षा संस्थानों में सकल नामांकन अनुपात यानि 12वीं पास विद्यार्थियों को आगे उच्च शिक्षा से जोड़ने के लिए कलेक्टर के माध्यम से विशेष प्रयास किये जाएंगे। अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा विभाग श्री अनुपम राजन की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई बैठक में संबंधित विभागों को कार्ययोजना बनाकर सकल नामांकन बढ़ाने के निर्देश दिए गए। बैठक में वर्ष 2023-24 के लिए 14वें सर्वेक्षण कार्य की समीक्षा की गई। सर्वेक्षण 27 नवम्बर 2024 को प्रारंभ हुआ था और 15 जनवरी 2025 तक चलेगा। सकल नामांकन अनुपात की गणना 18 से 23 साल आयु वर्ग के लिए 12वीं परीक्षा परिणाम के बाद उत्तीर्ण विद्यार्थी के उच्च शिक्षा में नामांकन के आधार पर की जाती है। इस सर्वे में उच्च शिक्षा के अलावा चिकित्सा शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, विधि, माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय, पशुपालन एवं पशु चिकित्सा, कृषि शिक्षा सहित प्रदेश में स्थित केंद्रीय, निजी, डीम्ड, मुक्त विश्वविद्यालय एवं राष्ट्रीय महत्व के उच्च शैक्षणिक संस्थान शामिल हैं। अपर मुख्य सचिव श्री राजन ने वर्ष 2022-23 के सर्वे में मध्यप्रदेश के 28.3 सकल नामांकन अनुपात में और बढ़ोत्तरी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कलेक्टर्स के माध्यम से 12वीं पास सभी विद्यार्थियों की जानकारी संकलित की जाए और जिनका उच्च शिक्षा में नामांकन नहीं हुआ है उनका नामांकन करवाया जाए। आयुक्त उच्च शिक्षा श्री निशांत बरबड़े ने बताया कि इस माह और अप्रैल में दो चरणों का कॉलेज चलो अभियान चलाया जाएगा। श्री राजन ने सभी विभागों से कहा कि वे सर्वे की प्रविष्टियां 15 जनवरी तक अनिवार्य रूप से पूर्ण करें। बैठक में तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा, स्कूल शिक्षा, कृषि आदि के अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 107

मनरेगा श्रमिकों का बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वेलफेयर बोर्ड पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण हो, योगी सरकार ने दिए निर्देश

लखनऊ योगी सरकार श्रमिक कल्याण के क्षेत्र में अहम कदम उठाते हुए भवन एवं अन्य सन्निर्माण श्रमिकों और मनरेगा श्रमिकों के पंजीकरण को प्राथमिकता दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी सम्बन्धित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि मनरेगा श्रमिकों का उत्तर प्रदेश बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वेलफेयर बोर्ड (BOCW) पोर्टल पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण हो। जिससे कई भी श्रमिक बीओसीडब्ल्यू बोर्ड की योजनाओं के लाभ से वंचित न रहें। 1.29 लाख से अधिक श्रमिकों का हुआ पंजीकरण योगी सरकार का यह कदम न केवल श्रमिकों को योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने में सहायक है, बल्कि उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाने और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में भी एक महत्त्वपूर्ण प्रयास है। इस दिशा में, मनरेगा योजना के अंतर्गत जॉब कार्ड धारकों को पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। ग्राम्य विकास मुख्यालय स्तर से जनपदों के अधिकारियों को पंजीकरण के कार्य को तेज गति से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं साथ ही इसी बकायदा मॉनिटरिंग भी की जा रही है। आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक 1.29 लाख से अधिक श्रमिकों का पंजीकरण कराया जा चुका है। शेष श्रमिकों का पंजीकरण शीघ्र कराने के लिए अधिकारी सक्रिय रूप से कार्यरत हैं। श्रमिक पंजीकरण प्रक्रिया की हो रही नियमित समीक्षा योगी सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पंजीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी साधनों का उपयोग किया जा रहा है। सभी अधिकारियों को यह निर्देश दिए गए हैं कि श्रमिकों के पंजीकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। साथ ही, नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से प्रगति की निगरानी की जा रही है। बीओसीडब्ल्यू बोर्ड के तहत चलाई जा रही योजनाएं श्रमिकों और उनके परिवारों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से बनाई गई हैं। इनमें मातृत्व, शिशु एवं बालिका मदद योजना शामिल है, जो महिलाओं और बालिकाओं को स्वास्थ्य और आर्थिक सहायता प्रदान करती है। कन्या विवाह सहायता योजना गरीब श्रमिक परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक मदद प्रदान करती है। संत रविदास शिक्षा प्रोत्साहन योजना श्रमिकों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करती है, जबकि अटल आवासीय विद्यालय योजना उन्हें बेहतर शिक्षा और आवासीय सुविधा प्रदान करती है। निर्माण कामगार मृत्यु एवं दिव्यांगता सहायता योजना दुर्घटनाओं की स्थिति में आर्थिक सहायता प्रदान करती है। महात्मा गांधी पेंशन योजना आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिकों को नियमित पेंशन सुविधा प्रदान करती है। आपदा राहत सहायता योजना प्राकृतिक आपदाओं में श्रमिकों को राहत प्रदान करती है, और गंभीर बीमारी सहायता योजना श्रमिकों को इलाज के लिए वित्तीय सहायता देती है। इसके अतिरिक्त, पंडित दीनदयाल उपाध्याय चेतना योजना श्रमिकों के सशक्तिकरण और कल्याण के लिए विशेष सहायता प्रदान करती है। श्रमिकों की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित कर रही योगी सरकार श्रमिकों को योजनाओं का लाभ पहुंचाना केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन्हें आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का प्रयास है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि श्रमिक अपने अधिकारों और योजनाओं की जानकारी से अवगत हों। इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में उत्तर प्रदेश सरकार श्रमिकों की भलाई के लिए ठोस कदम उठा रही है। यह पहल न केवल श्रमिकों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगी, बल्कि उनके जीवन को भी सरल और सम्मानजनक बनाएगी। श्रमिक पंजीकरण और योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने की यह रणनीति प्रदेश में समग्र विकास और समृद्धि की दिशा में एक बड़ा कदम है। recent visitors 65

भारत में अब तक HMPV के कुल 6 मामले सामने आ चुके, चेन्नई में भी दो बच्चे संक्रमण के शिकार

नई दिल्ली चीन में फैले वायरस ने भारत में भी रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। हाल ही में चेन्नई में इस वायरस के दो नए केस सामने आए हैं। इन दो को मिलाकर भारत में अब तक HMPV के कुल 6 मामले सामने आ चुके हैं। इससे पहले दो मामले बेंगलुरु, एक मामला गुजरात और एक पश्चिम बंगाल से सामने आ चुका है। एक स्वास्थ्य अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि दो बच्चे ह्यूमन मेटान्यमोवायरस से संक्रमित पाए गए हैं। इन दोनों का इलाज फिलहाल चेन्नई में ही चल रहा है। यह दोनों ही मामले अलग-अलग अस्पतालों से सामने आए हैं। हम फिलहाल इस पर और अधिक जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि मेडीकल ऑफिसर पूरे घटनाक्रम पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं। मंत्रालय पड़ोसी देश में जारी केसों की वृद्धि पर भी अपनी नजर बनाए हुए हैं। recent visitors 81

HMPV वायरस को लेकर सरकार अलर्ट, स्वास्थ्य मंत्री शुक्ल ने अधिकारियों को निगरानी रखने के निर्देश दिए

भोपाल भारत में HMPV वायरस के दो मामले सामने आने के बाद मध्य प्रदेश सरकार वायरस को लेकर अलर्ट हो गई है। इसी को लेकर स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने अधिकारियों को एचएमपीवी वायरस की स्थिति पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। अधिकारियों को दिए निर्देश इसी बीच एचएमपीवी वायरस को लेकर मध्य प्रदेश सरकार अलर्ट हो गई। स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने अधिकारियों को एचएमपीवी वायरस की स्थिति पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेजों में पे-प्रोटेक्शन से संबंधित प्रस्ताव को तैयार कर कैबिनेट अनुमोदन के लिए शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। एचएमपीवी वायरस की वर्तमान स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जाए। केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप सतत निगरानी रखने और आवश्यक स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की तैयारी रखने के भी निर्देश दिए। दरअसल, सरकार ने चीन वाले HMPV वायरस के भारत ने दो मामले की पुष्टि की है। जानकारी के अनुसार, बेंगलुरु के एक अस्पताल में एक तीन महीने की बच्ची और दूसरा 8 महीने के बच्चे में इस वायरस की पुष्टि हुई है। गौरतलब है कि इन दोनों मामलों में इंटरनेशनल ट्रैवल की कोई हिस्ट्री नहीं है। यह हैं लक्षण HMPV के लक्षण की बात करें तो इसमें अन्य सामान्य सर्दी वायरसों के लक्षणों के समान होते हैं। लेकिन इन लक्षण पर गौर फरमा सकते हैं। खांसी, बुखार, नाक बहना, गले में खराश या गले में जलन और दर्द होना, सांस लेने में कठिनाई, विशेषकर शिशुओं और छोटे बच्चों में सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। recent visitors 49