Wednesday, July 8, 2026 2:33 am

नागपुर में दो एचएमपीवी मामले, दोनों बच्चे हैं और उनकी हालत स्थिर है, महाराष्ट्र सरकार ने बनाई टास्क फोर्स

मुंबई महाराष्ट्र के नागपुर में मंगलवार को ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) के दो मामले सामने आए। इन मामलों को लेकर अधिकारियों ने कहा कि दोनों बच्चे हैं और उनकी हालत स्थिर है। 13 और 7 साल की दो लड़कियों में यह लक्षण दिखाई दिए थे। राज्य के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, दो दिन तक लगातार बुखार रहने के बाद इन लड़कियों ने एक निजी लैब में जांच कराई और उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इनका घर पर ही इलाज किया गया और इनकी हालत स्थिर है। गंभीरता से संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार ने जेजे अस्पताल की डीन डॉ. पल्लवी सैपले की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स का गठन किया है, जो स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार करेगी। सूत्रों ने बताया, ''इन दोनों बच्चियों को खांसी और बुखार था। इनके सैंपल एनआईवी को भेजे गए हैं क्योंकि इनके लक्षण थोड़े अलग थे। दोनों बच्चों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ी और दोनों मरीज ठीक हो गए हैं।'' नागपुर के सरकारी मेडिकल और अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अविनाश गावंडे ने कहा, "माता-पिता को चिंता करने की जरूरत नहीं है, यह वायरस कोरोना जैसा खतरनाक नहीं है।'' हालांकि उन्होंने सुझाव दिया कि बच्चों को मास्क पहनना चाहिए। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश अंबाडेकर ने एचएमपीवी वायरस को लेकर विभाग की एक आपात बैठक बुलाई है। खबर है कि इस बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव भी मौजूद रहेंगे। मंत्री ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं। चिकित्सा शिक्षा आयुक्त राजीव निवतकर ने सरकारी मेडिकल कॉलेजों के डीन के साथ वर्चुअल बैठक कर एचएमपीवी रोगियों से निपटने की उनकी तैयारियों की समीक्षा की और उन्हें उठाए जाने वाले कदमों के बारे में जानकारी दी। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) अलर्ट मोड में आ गया है और एचएमपीवी रोगियों के इलाज के लिए विशेष वार्ड स्थापित किए गए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा, "एचएमपीवी वायरस से डरने की कोई बात नहीं है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह वायरस नया नहीं है, यह वायरस पहले भी प्रचलित था। ऐसा लगता है कि यह वायरस एक बार फिर से वापसी कर रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को सूचित करने का निर्णय लिया है जिसमें कहा गया है कि इस संबंध में किसी भी तरह की काल्पनिक जानकारी न दें, जो आधिकारिक जानकारी है, केवल वही दी जाए। एचएमपीवी वायरस से डरने की कोई वजह नहीं है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार यह वायरस नया नहीं है, यह वायरस पहले भी मौजूद था। ऐसा लगता है कि यह वायरस एक बार फिर से वापसी कर रहा है। इस संबंध में नियमों की घोषणा की जाएगी। राज्य स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी कर जिला प्रशासन को सर्दी-खांसी के मरीजों की निगरानी बढ़ाने के साथ ही उन पर कड़ी नजर रखने को कहा है। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. नितिन अंबाडेकर ने बताया, 'ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) श्वसन संक्रमण का कारण बनता है। इस वायरस का पहली बार 2001 में नीदरलैंड में पता चला था। यह एक सामान्य श्वसन वायरस है, जो ऊपरी श्वसन पथ में संक्रमण का कारण बनता है। यह मौसमी महामारी है और फ्लू की तरह सर्दियों और गर्मियों की शुरुआत में होती है।'' उन्हाहेंने आगे कहा, ''एचएमपीवी के बढ़ते खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने राज्य में श्वसन संक्रमण के आंकड़ों का विश्लेषण किया है। दिसंबर 2024 में राज्य में श्वसन संक्रमण में 2023 की तुलना में कोई वृद्धि नहीं हुई है।" उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर नागरिकों को श्वसन संक्रमण से खुद को बचाने के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है।   recent visitors 64

देश में एचएमपीवी की स्थिति की समीक्षा की और निगरानी तथा सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिये: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय

नई दिल्ली केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने मंगलवार को देश में मानव मेटान्यूमो वायरस (एचएमपीवी) की स्थिति की समीक्षा की और राज्यों को निगरानी तथा सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिये। मंत्रालय ने यहां बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ एचएमपीवी की स्थिति की समीक्षा बैठक की और सभी स्तर पर निगरानी और सतर्कता बढाने को कहा। बैठक में डीएचआर सचिव डॉ. राजीव बहल, डीजीएचएस के महानिदेशक डॉ. (प्रो) अतुल गोयल, राज्यों के स्वास्थ्य सचिव और अधिकारी, एनसीडीसी, आईडीएसपी, आईसीएमआर, एनआईवी और आईडीएसपी की राज्य निगरानी इकाइयों के विशेषज्ञ शामिल हुए। राज्यों को सलाह दी गई है कि वायरस के संक्रमण की रोकथाम के बारे में लोगों में जागरूकता और सूचना को बढ़ायी जानी चाहिए। इसके लिए साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोना, बिना धुले हाथों से अपनी आँखें, नाक या मुँह को छूने से बचना, खाँसते और छींकते समय मुँह और नाक को ढँकना जैसे सरल उपाय शामिल हैं। बैठक के दौरान के यह पाया गया है कि आईडीएसपी से देश में कहीं भी श्वसन संबंधी बीमारियों के मामलों में कोई असामान्य वृद्धि नहीं दिख रही है। श्रीमती श्रीवास्तव ने कहा कि एचएमपीवी से लोगों को कोई चिंता नहीं है। उन्होंने राज्यों को आईएलआई और एसएआरआई निगरानी को मजबूत करने और उसकी समीक्षा करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आमतौर पर सर्दियों के महीनों में श्वसन संबंधी बीमारियों में वृद्धि देखी जाती है। उन्होंने कहा कि देश श्वसन संबंधी बीमारी के मामलों में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। एचएमपीवी कई श्वसन वायरस में से एक है जो सभी उम्र के लोगों में विशेष रूप से सर्दियों और शुरुआती वसंत के महीनों में संक्रमण का कारण बन सकता है। वायरस का संक्रमण आमतौर पर हल्का होता है और अधिकांश मामलों में पीडित अपने आप ठीक हो जाते हैं। देश में अभी तक एचएमपीवी के पांच मामले सामने आ चुके हैं जिनमें कर्नाटक और तमिलनाडु में दो – दो और गुजरात में एक हैं। इनमें कुछ को अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है और कुछ की हालत में सुधार है।   recent visitors 68

एनेस्थिसिया के ओवरडोज से महिला की मौत हुई, न्यायालय ने इसे चिकित्सकीय लापरवाही माना, अधीक्षक सहित पांच पर FIR

भोपाल आठ महीने पहले नसबंदी कराने आई महिला की मौत मामले में टीटी नगर स्थित कैलाशनाथ काटजू अस्पताल के अधीक्षक सहित पांच लोगों पर केस दर्ज हुआ है। यह एफआईआर भोपाल के स्थानीय न्यायालय के आदेश पर हुआ है। एफआईआर में अस्पताल के अधीक्षक कर्नल डा. प्रवीण सिंह, तत्कालीन गाइनोकोलाजिस्ट डा. सुनंदा जैन, उनके पैरा मेडिकल स्टाफ, निश्चेतना विशेषज्ञ, लैब टेक्निशियन और मेडिको लीगल इंस्टीट्यूट की डा. केलू ग्रेवाल को आरोपी बनाया गया है। चिकित्सकीय लापरवाही आरोप है कि एनेस्थिसिया के ओवरडोज से महिला की मौत हुई। न्यायालय ने इसे चिकित्सकीय लापरवाही माना है। टीटी नगर थाने एएसआइ प्रीतम सिंह ने बताया कि विद्यानगर निवासी अविनाश गौर ने न्यायालय में परिवाद दायर किया था। नसबंदी ऑपरेशन में मौत इसमें उन्होंने बताया कि 14 मई 2024 को सुबह वह अपनी पत्नी रीना गौर को नसबंदी ऑपरेशन के लिए कैलाश नाथ काटजू अस्पताल ले गए थे। डॉक्टरों ने आपरेशन से पहले मेडिकल जांच में सब सामान्य बताया था। ऑपरेशन शुरू हुआ तो वे घर चले गए थे। दोपहर को उन्हें अस्पताल से फोन आया और तुरंत अस्पताल पहुंचने के लिए कहा गया। ऑपरेशन थिएटर के अंदर पहुंचे तो देखा कि पत्नी का पेट फूला हुआ है और दांत के बीच में जीभ फंसी हुई थी। पोस्टमार्टम कराने के लिए काफी हंगामा स्टाफ ने बताया कि रीना की मौत हो गई है। पत्नी की मौत के बाद अविनाश गौर ने पोस्टमार्टम कराने को कहा तो डॉक्टरों ने मना कर दिया। शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए काफी हंगामा हुआ। उसके बाद टीटी नगर पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया। हमीदिया अस्पताल में पोस्टमार्टम हमीदिया अस्पताल में डा. केलू ग्रेवाल ने शव परीक्षण किया। इसकी रिपोर्ट में डॉक्टर ने स्पष्ट मत नहीं दिया। न्यायालय ने अविनाश के दावे को सही माना। पोस्टमार्टम रिपोर्ट को गलत मानते हुए न्यायालय ने कहा कि मौत के वास्तविक कारणों को नियोजित तरीके से दबाया गया है। recent visitors 85

महिला ने मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था, नहीं बनने पर निगम कमिश्‍नर ने बनवाए दस्‍तावेज, कर्मचारी सस्पेंड

इंदौर निगम मुख्यालय में शिकायत लेकर आई बुजुर्ग महिला को लेकर निगम कमिश्नर शिवम वर्मा जन्म-मृत्यु पंजीयन शाखा पहुंच गए। महिला ने मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था, लेकिन उन्हें प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया था। कमिश्नर ने वृद्धा को मौके पर ही प्रमाण पत्र उपलब्ध करवाया और विभाग के कर्मचारी अनिल रानवे को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया। इसके अलावा अन्य कर्मचारियों को अल्टीमेटम भी दिया और उपायुक्त को कारण बताओ नोटिस भेज कर जवाब मांगा है। निगम मुख्यालय में जनसुनवाई निगम मुख्यालय में प्रति मंगलवार होने वाली जनसुनवाई में एक वृद्ध महिला आवेदक पहुंची थी। उसने निगम कमिश्नर शिवम वर्मा से बताया कि उन्होंने मृत्यु प्रमाण पत्र के संबंध में जन्म-मृत्यु पंजीयन शाखा में आवेदन किया था, लेकिन उन्हें आज तक प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया। महिला को लेकर जन्म-मृत्यु पंजीयन शाखा पहुंचे कमिश्नर इस पर निगमायुक्त खुद वृद्धा को साथ लेकर जन्म-मृत्यु पंजीयन शाखा गए। उनके इस तरह जनसुनवाई के बीच जन्म-मृत्यु पंजीयन शाखा पहुंचते ही वहां हड़कंप मच गया। कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। निगमायुक्त ने शाखा का निरीक्षण किया और प्राप्त आवेदनों की जानकारी ली। पता चला कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के संबंध में आने वाले ज्यादातर आवेदन बगैर किसी कारण के लंबित रखे जाते हैं। इससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से किया बर्खास्त निगमायुक्त ने आवेदक वृद्धा से मौके पर ही पूछा कि आप बताओ यहां के किस कर्मचारी के पास आपका आवेदन लंबित है। निगमायुक्त ने वृद्धा को मौके पर ही प्रमाण पत्र उपलब्ध करवाया और विभाग के कर्मचारी अनिल रानवे को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया। उपायुक्त को कारण बताओ नोटिस विभाग की कर्मचारी सुनीता कुरील को फटकार लगाते हुए कहा कि व्यवस्था में सुधार कर लें वरना और सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने अव्यवस्थाओं को लेकर उपायुक्त प्रदीप कुमार जैन को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करते हुए दो दिन में जवाब मांगा है।   तीन दर्जन से ज्यादा आवेदन पहुंचे मंगलवार को निगम जनसुनवाई में 39 आवेदन पहुंचे। जनसुनवाई में विद्युत शाखा के बिलों पर समय पर कार्रवाई नहीं करने की शिकायत मिलने पर निगमायुक्त ने विद्युत शाखा के कर्मचारी प्रवीण सिंह को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया। निगमायुक्त कक्ष में हुई जनसुनवाई में निगम के सभी अपर आयुक्त, उपायुक्त, सहायक आयुक्त, अधीक्षण यंत्री और विभाग प्रमुख उपस्थित थे। कुछ शिकायतों का हाथों-हाथ निराकरण किया गया तो कुछ को संबंधित अधिकारियों के पास तत्काल कार्रवाई के लिए प्रेषित कर दिया गया। recent visitors 50

अमेरिका कंपनी के सीईओ ने कूड़े के ढेर में मिले बच्चे को गोद लिया है और अब उसकी कानूनी प्रक्रिया पूरी हो चुकी

लखनऊ यूपी की राजधानी लखनऊ में तीन साल पहले कूड़े के ढेर में पड़ा एक बच्चा अब अपनी नई जिंदगी शुरू करने के लिए अमेरिका जा रहा है। अमेरिका की एक बड़ी कंपनी के सीईओ ने उस बच्चे को गोद लिया है और अब उसकी कानूनी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। प्रशासन से भी अनुमति मिल चुकी है और अब बच्चे का पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया चल रही है। पासपोर्ट मिलने के बाद, वह जल्द ही अमेरिका पहुंच जाएगा, जहां उसकी पढ़ाई-लिखाई और बाकी सब कुछ होगा। क्या है बच्चे की कहानी? इस बच्चे का नाम विवेक (बदला हुआ नाम) है। तीन साल पहले, जब वह महज एक छोटा बच्चा था, उसे कूड़े के ढेर में फेंक दिया गया था। उस समय उसकी हालत बहुत ही खराब थी, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। कूड़े के ढेर से उसे शिशु संरक्षण गृह में भेजा गया और अब वह अमेरिका जा रहा है। कैसे हुआ विवेक का गोद लेना? विवेक को गोद लेने के लिए एक अमेरिकी परिवार ने आवेदन किया था। इस परिवार के पिता अमेरिका की एक बड़ी कंपनी के सीईओ हैं और उन्होंने अपनी पत्नी के साथ कई बार लखनऊ आकर विवेक के बारे में जानकारी हासिल की। इसके बाद, उन्होंने विवेक को गोद लेने का फैसला किया। पिछले हफ्ते विवेक को गोद देने की कानूनी सुनवाई लखनऊ के एडीएम कार्यालय में हुई, जिसमें अमेरिकी दंपति भी शामिल थे। अब सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी हो चुकी हैं और आदेश जारी कर दिया गया है। विवेक का पासपोर्ट बनवाने का काम चल रहा है। पासपोर्ट बनने के बाद, वह अमेरिका के लिए उड़ान भरेंगे। अमेरिकी दंपति का कहना है अमेरिकी दंपति का कहना है कि उनके दो मुख्य उद्देश्य हैं- एक तो विवेक को एक परिवार मिल जाएगा और दूसरा, उनके बेटे को एक नया भाई मिलेगा। विवेक के गोद लिए जाने के बाद उनके परिवार में एक नए सदस्य का स्वागत होगा। नए जीवन की शुरुआत विवेक के लिए यह एक नया और उज्जवल भविष्य है, जहां उसे अच्छे संस्कार, शिक्षा और जीवन की सभी सुख-सुविधाएं मिलेंगी। तीन साल पहले जिस बच्चे को कूड़े के ढेर में छोड़ दिया गया था, वह अब अमेरिका में एक सुखी और सुरक्षित जीवन की ओर बढ़ रहा है। अब विवेक का जीवन पूरी तरह बदलने वाला है और उसकी कहानी दूसरों के लिए एक प्रेरणा बन गई है।   recent visitors 68

पन्ना में सफलता के बाद बांधवगढ़ नेशनल पार्क में किया जा रहा लागू, बनेगा स्वच्छ पर्यटन स्थल

बांधवगढ़ बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान को स्वच्छ पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने और आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड, स्वच्छ भारत मिशन और साहस संस्था के बीच एमओयू हस्ताक्षर किया गया। पर्यटन, संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र सिंह लोधी की उपस्थिति में एमपी टूरिज्म बोर्ड की ओर से प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक एमपी टूरिज्म बोर्ड श्री शिव शेखर शुक्ला, स्वच्छ भारत मिशन की ओर से मिशन संचालक श्री दिनेश जैन, कोकाकोला फाउंडेशन की ओर से डायरेक्टर श्री राजीव गुप्ता और साहस संस्था की ओर से प्रोजेक्ट डायरेक्टर श्री राजबीर सिंह द्वारा एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया। राज्य मंत्री श्री लोधी ने कहा कि प्रोजेक्ट क्लीन डेस्टिनेशन से बांधवगढ़ एक स्वच्छ पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा। पर्यटकों को वन्य जीव के रोमांचक अनुभव के साथ एक स्वच्छ और सुंदर माहौल मिलेगा। राज्य मंत्री श्री लोधी ने एमओयू की बधाई और परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए शुभकामनाएं दी। प्रोजेक्ट क्लीन डेस्टिनेशन के अंतर्गत कोका कोला फाउंडेशन के सहयोग से बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान के आस पास के क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने की पहल की जा रही है। बांधवगढ़ में होटल्स, रिजॉर्ट और आस पास की 7 ग्राम पंचायतों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, पर्यावरण हितैषी और स्वच्छता संबंधी जागरूकता विकसित की जाएगी। इसके लिए ग्राम पंचायत में आवश्यक स्टोरेज सेंटर, एमआरएफ, वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट, वेस्ट मॉनिटरिंग और मैनेजमेंट टूल आदि का विकास किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 में प्रोजेक्ट क्लीन डेस्टिनेशन के तहत जिला पन्ना में पन्ना राष्ट्रीय उद्यान के आस पास 30 ग्रामों में स्वच्छता बनाए रखने की अभिनव पहल की गई थी। परियोजना के सफल क्रियान्वयन और प्रभावी परिणाम को देखते हुए इसे बांघवगढ़ में क्रियान्वित किया जाएगा। इसमें बांघवगढ़ के आस पास की ग्राम पंचायतों से नियमित उत्पन्न होने वाले लगभग 2 टन कचरे का उचित निपटान और प्रबंध किया जाकर पर्यटकों के लिए एक स्वच्छ और सुंदर वातावरण का निर्माण किया जाएगा। इस अवसर पर अपर प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड सुश्री बिदिशा मुखर्जी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। recent visitors 120

नागरिकों ने समस्याओं के दिए आवेदन, छत्तीसगढ़-जगदलपुर में कलेक्टर ने किया जनदर्शन का आयोजन

जगदलपुर। कलेक्टर श्री हरिस एस के मार्गदर्शन में कलेक्टर जनदर्शन का आयोजन किया गया। अपर कलेक्टर श्री सी पी बघेल ने जनदर्शन में पहुँचे नागरिकों के आवेदनों पर आवश्यक कार्यवाही हेतु संबंधित विभागों को निर्देशित किए। शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर श्री हरिस एस द्वारा आम जनता की समस्याओं का निराकरण करने हेतु प्रत्येक सोमवार जिला कार्यालय के आस्था हॉल में सुबह 10.30 बजे से शाम 4 बजे तक कलेक्टर जनदर्शन आयोजित किया जा रहा है।इसके अलावा कलेक्टर द्वारा समस्त विभागों में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण हेतु प्रत्येक माह के तीसरे मंगलवार को जिला कार्यालय के आस्था हॉल में सुबह 10.30 बजे से अधिकारी-कर्मचारी जनदर्शन आयोजित किया जायेगा। recent visitors 127