ISRO New Chairman: कौन हैं वी नारायणन, जो बनेंगे ISRO के नए चीफ, एस सोमनाथ की लेंगे जगह

ISRO New Chairman: Who is V Narayanan, who will become the new chief of ISRO, will replace S Somnath V Narayanan: भारत सरकार ने घोषणा की है कि वी नारायणन ISRO के नए अध्यक्ष के रूप में एस सोमनाथ की जगह लेंगे. वह 14 जनवरी से ISRO के अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग के सचिव के रूप में कार्यभार संभालेंगे नई दिल्ली । Indian Space Program: भारत सरकार ने मंगलवार (7 जनवरी) को घोषणा की कि वी नारायणन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के नए अध्यक्ष के रूप में एस सोमनाथ की जगह लेंगे. वी नारायणन 14 जनवरी से ISRO के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालेंगे और साथ ही वह अंतरिक्ष विभाग के सचिव का पद भी संभालेंगे. नियुक्ति समिति के आदेश के अनुसार वी नारायणन अगले दो सालों तक या आगामी आदेश तक इन दोनों महत्वपूर्ण पदों पर काम करेंगे. इस घोषणा के साथ ही ISRO के इतिहास में एक और अहम बदलाव आया है जो भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के भविष्य को नई दिशा देने में सहायक साबित हो सकता है. वी नारायणन की नियुक्ति एक अहम कदम है क्योंकि उनका अनुभव और योगदान भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र में उल्लेखनीय रहा है. वह एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक हैं और उनके नेतृत्व में ISRO और भी नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है. कौन हैं वी नारायणन? वी नारायणन एक जाने माने सम्मानित वैज्ञानिक हैं जिनके पास रॉकेट और स्पेसक्राफ्ट प्रपल्शन के क्षेत्र में लगभग चार दशकों का अनुभव है. उन्होंने 1984 में भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ISRO से जुड़कर कई अहम भूमिकाओं में काम किया है. आजकल वह लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम सेंटर (LPSC) के निदेशक के तौर पर कार्यरत हैं जो ISRO का एक प्रमुख केंद्र है. उनकी वैज्ञानिक यात्रा की शुरुआत विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (VSSC) से हुई जहां उन्होंने Augmented Satellite Launch Vehicle (ASLV) और Polar Satellite Launch Vehicle (PSLV) के विकास में अहम योगदान दिया. इसके अलावा उन्होंने कई प्रमुख प्रणालियों जैसे Ablative नोजल सिस्टम, कॉम्पोजिट मोटर केस और कॉम्पोजिट इग्निटर केस के निर्माण और परीक्षण में भी अहम भूमिका निभाई. वी नारायणन ने ISRO के अंतरिक्ष मिशनों को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है जिससे भारत को अंतरिक्ष क्षेत्र में एक अग्रणी राष्ट्र बनने में मदद मिली है. वी नारायणन के योगदान और उपलब्धियां वी नारायणन का योगदान ISRO के तकनीकी विकास और अंतरिक्ष मिशनों में अहम रहा है. उनके किए गए कार्यों ने भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान को नई दिशा दी है.  1984 में ISRO से जुड़ना: वी नारायणन ने 1984 में ISRO को जॉइन किया था और इसके बाद उन्होंने संस्थान के विकास में एक मजबूत नींव रखी. रॉकेट और स्पेसक्राफ्ट प्रोपल्शन में विशेषज्ञता: उन्होंने रॉकेट प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी और स्पेसक्राफ्ट प्रोपल्शन के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल की और कई अहम प्रोजेक्ट्स पर काम किया. LPSC के निदेशक के रूप में काम: वह वर्तमान में लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम सेंटर (LPSC) के निदेशक हैं जहां उन्होंने कई एडवांस्ड सिस्टम्स का विकास किया है.  उन्होंने Ablative नोजल सिस्टम, कॉम्पोजिट मोटर केस और कॉम्पोजिट इग्निटर केस के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जो ISRO के सफल मिशनों का हिस्सा बने. स्पैडेक (Space Docking Technology) का प्रक्षेपण: हाल ही में उन्होंने स्पैडेक एक स्वदेशी अंतरिक्ष डॉकिंग तकनीकी प्रणाली का सफल प्रक्षेपण किया जो भारत के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है. चंद्रयान 4 और गगनयान के लिए महत्वपूर्ण तकनीक ISRO ने हाल ही में अपनी प्रमुख उपलब्धियों में से एक को हासिल किया है जिसमें स्पैडेक (Space Docking Technology) का सफल प्रक्षेपण शामिल है. ये तकनीक भारत को उन देशों के साथ खड़ा करती है जिनके पास अंतरिक्ष में डॉकिंग करने की तकनीकी क्षमता है जैसे कि अमेरिका, रूस और चीन. इस तकनीक के सफल परीक्षण ने भारत को अंतरिक्ष में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद की है. ये तकनीक आगामी मिशनों जैसे चंद्रयान 4 और गगनयान के लिए अहम साबित होगी. इसके अलावा ISRO के नए अध्यक्ष के रूप में वी नारायणन की नियुक्ति के बाद भारतीय अंतरिक्ष मिशनों की गति और उन्नति की उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं. उनके नेतृत्व में ISRO को नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा क्योंकि उनका अनुभव और दिशा-निर्देशन भारतीय अंतरिक्ष क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर और भी प्रासंगिक बना सकता है recent visitors 464

विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025 के फाइनल में प्रोटियाज को पता है कि लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया को कैसे हराना है : कैगिसो रबाडा

केपटाउन दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज कैगिसो रबाडा ने भरोसा जताया है कि उनकी टीम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025 के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बड़ा उलटफेर कर सकती है। उन्होंने कहा कि प्रोटियाज को पता है कि लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया को कैसे हराना है। दरअसल, दक्षिण अफ्रीका ने सोमवार को केपटाउन में पाकिस्तान के खिलाफ खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में 10 विकेट से जीत दर्ज की थी। इस जीत के साथ ही दक्षिण अफ्रीका ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-0 से पाकिस्तान को हरा दिया है, जिससे उनकी पहली बार विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025 के फाइनल में एंट्री हुई है। रबाडा ने पाकिस्तान के खिलाफ छह विकेट लिए थे। तेज गेंदबाज रबाडा ने सुपरस्पोर्ट पर कहा, "यह वास्तव में काफी दूर है, लेकिन विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल जैसे बड़े अवसर के लिए आपको तैयार रहना होता है। दक्षिण अफ्रीका बनाम ऑस्ट्रेलिया हमेशा से एक अच्छी प्रतिद्वंद्विता रही है, क्योंकि हम क्रिकेट काफी हद तक एक जैसा खेलते हैं। हम कड़ी मेहनत से खेलते हैं और वह हमें कड़ी टक्कर देते हैं, यह हम जानते हैं।" उन्होंने आगे कहा, "हम उन्हें हराना भी जानते हैं। (टेस्ट क्रिकेट) हमारा सर्वश्रेष्ठ प्रारूप है, जो हम अभी खेल रहे हैं। जब आप दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट और हमारे सभी दिग्गजों को देखते हैं तो वह सभी महान टेस्ट क्रिकेटर रहे हैं। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेटर हैं और पाकिस्तान के खिलाफ यह श्रृंखला शानदार रही है।" पाकिस्तान को हराने के बाद दक्षिण अफ्रीका पॉइंट्स टेबल के टॉप पर पहुंच गया है। उसके 69.44 प्रतिशत अंक हो गए हैं, जबकि ऑस्ट्रेलिया 63.73 अंकों के साथ दूसरे नंबर पर है। वहीं, डब्ल्यूटीसी फाइनल से पहले दक्षिण अफ्रीका के लिए कोई टेस्ट मैच निर्धारित नहीं होने के कारण प्रोटियाज कोच शुकरी कॉनराड अपनी आगामी मैच की संभावनाओं के बारे में बताया। कॉनराड ने कहा, "हम संभवत ब्रिटेन में आयरलैंड या अफगानिस्तान के खिलाफ एक टेस्ट मैच आयोजित करने का प्रयास करेंगे। हालांकि, अगर असफल होते हैं तो हम निश्चित रूप से कुछ दिन पहले बाहर जाएंगे और सुनिश्चित करेंगे कि हम वहां अच्छी तरह से कैंप करें, शायद कैंटरबरी में ऐसा हो।"   recent visitors 128

आज आंध्र प्रदेश में कई परियोजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन करेंगे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

अमरावती प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज विशाखापत्तनम में कुछ महत्वपूर्ण परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे तथा कुछ अन्य का उद्घाटन करेंगे। वर्ष 2024 में लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद यह प्रधानमंत्री का राज्य का पहला दौरा होगा। आंध्र प्रदेश में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सहयोगी तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनसेना के गठबंधन ने केंद्र में सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण और अन्य लोगों के साथ मोदी विशाखापत्तनम में रेलवे जोन की नींव रखेंगे। इसी तरह, वह अनकापल्ली जिले के नक्कापल्ली मंडल के पुदिमदका में राष्ट्रीय तापविद्युत निगम लिमिटेड (एनटीपीसी) के एकीकृत हरित हाइड्रोजन केंद्र की आधारशिला रखेंगे। इस परियोजना के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की यह कंपनी तीन चरणों में 65,370 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। प्रधानमंत्री डिजिटल माध्यम से कृष्णापत्तनम औद्योगिक केंद्र का आरंभ करेंगे, जो पहले चरण में 2,500 एकड़ भूमि पर बनने वाली 1,518 करोड़ रुपये की परियोजना है। इससे 50,000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इसी तरह, मोदी डिजिटल माध्यम से नक्कापल्ली में 1,877 करोड़ रुपये की लागत वाले ‘‘बल्क ड्रग पार्क’ की भी आधारशिला रखेंगे। देश को दवा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ‘बल्क ड्रग पार्क’ की स्थापना की जाएगी। करीब 11,542 करोड़ रुपये के निवेश से 2,002 एकड़ भूमि पर बनने वाले इस ‘बल्क ड्रग पार्क’ से 54,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। विशाखापत्तनम में आंध्र विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग कॉलेज मैदान में प्रधानमंत्री की जनसभा में 1.5 लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। शिलान्यास और उद्घाटन समारोह के अलावा मोदी संपत विनायक मंदिर से आंध्र विश्वविद्यालय में बैठक स्थल तक रोड शो भी करेंगे। राज्य सरकार मोदी की यात्रा को सफल बनाने के लिए व्यापक प्रबंध कर रही है, जबकि सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश ने हाल में तैयारियों की समीक्षा के लिए विशाखापत्तनम का दौरा किया था।   recent visitors 85

महाकुंभ से पहले चीनी वायरस HMPV टेंशन बढ़ा रहा है, सीएम योगी ने आपात बैठक बुलाकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए

प्रयागराज 13 जनवरी से महाकुंभ की शुरुआत होने जा रही है. जहां देश-विदेश से लगभग 40 करोड़ लोगों के पहुंचने की संभावना है. महाकुंभ से पहले कोरोना की तरह ही एक चीनी वायरस HMPV टेंशन बढ़ा रहा है, जो तेजी से लोगों को अपनी जद में ले रहा है. भारत में भी HMPV के 6 केस मिले हैं. ऐसे में वायरस के खतरे को देखते हुए सीएम योगी ने आपात बैठक बुलाकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया है. बता दें कि HMPV के बढ़ते मामलों को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार भी अलर्ट मोड में है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की, जिसमें उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा की. मुख्यमंत्री ने महाकुंभ के दौरान स्वास्थ्य विभाग के दस्‍ते को लगातार भ्रमण करने का निर्देश दिया, ताकि लोगों का हाल लिया जा सके और यदि जरूरत हो तो उन्‍हें उपचार भी प्रदान किया जा सके. मुख्यमंत्री ने कहा, “ठंड के मौसम में आम जन की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए पुख्‍ता इंतजाम किए जाएं. साथ ही, मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए सभी तैयारियों की समीक्षा की और स्वास्थ्य तंत्र को ठंड के मौसम में अलर्ट रहने के लिए कहा. उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि जांच और दवाओं की उपलब्‍धता पर कोई कसर न छोड़ी जाए, ताकि आम आदमी को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े. recent visitors 67

‘जल जीवन मिशन’ के तहत ‘हर घर नल योजना’ में सामुदायिक अंशदान का वहन अब योगी सरकार करेगी, बड़ी सौगात

लखनऊ योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के ग्रामीणों को बड़ी सौगात दी है। 'जल जीवन मिशन' के तहत 'हर घर नल योजना' में सामुदायिक अंशदान का वहन अब योगी सरकार करेगी। 'हर घर तक नल' पहुंचाने में पूंजी लागत का 10 फीसदी भाग सामुदायिक अंशदान के रूप में ग्रामीणों से लिए जाने की योजना थी, लेकिन योगी सरकार ने तय किया है कि इस राशि का बोझ आमजन पर न पड़े। इसके लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। गौरतलब है कि यूपी में 'जल जीवन मिशन' के तहत 40,951 योजनाएं स्वीकृत हैं। कुल कार्य की लागत 1,52,521.82 करोड़ है। इसमें केंद्रांश 71,714.68 और राज्यांश 71,714.68 करोड़ रुपये है। लागत के सापेक्ष यूपी का सामुदायिक अंशदान 9,092.42 करोड़ रुपये होता है। योगी सरकार की तरफ से 2024-25 में इसके लिए 2,000 करोड़ रुपये के बजट की व्यवस्था भी की गई है। इसका लाभ उत्तर प्रदेश के लगभग 2,32,95,697 परिवारों को मिलेगा। 'जल जीवन मिशन' के अंतर्गत उत्तर प्रदेश की ग्रामीण आबादी को शुद्ध पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसमें निर्माण लागत के सापेक्ष सामुदायिक अंशदान की व्यवस्था थी। सामुदायिक अंशदान के तहत एससी/एसटी आबादी वाले गांवों में पूंजीगत लागत का 5 फीसदी व अन्य गांवों में 10 प्रतिशत भाग आमजन से लिया जाना तय था। लेकिन, सरकार ने आमजन को पेयजल उपलब्ध कराने को लोक कल्याणकारी दायित्व के रूप में मानते हुए चालू वित्तीय वर्ष 2024-25 में 2,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था कराने का निर्णय लिया है। इससे ग्रामीणों को सामुदायिक अंशदान नहीं देना होगा। वर्तमान में हरियाणा, बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में राज्य सरकार द्वारा सामुदायिक अंशदान वहन किया जा रहा है। राजस्थान में भी मुख्यमंत्री ने इसे राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने की घोषणा की है, जबकि मध्य प्रदेश में यह राज्य सरकार द्वारा विचाराधीन है। उत्तर प्रदेश में ग्रामीणों को 'जल जीवन मिशन' के तहत हर घर जल के लिए सामुदायिक अंशदान नहीं देना होगा। ग्रामीणों को सिर्फ रखरखाव के लिए 50 रुपये (वाटर टैरिफ कलेक्शन) अपनी ग्राम पंचायत को देने होंगे। नमामि गंगे व जलापूर्ति विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि उत्तर प्रदेश के ग्रामीणों पर बोझ न पड़े, इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यूपी में सामुदायिक अंशदान का वहन सरकार द्वारा करने के निर्देश दिए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 2,000 करोड़ रुपये का बजट भी जारी कर दिया गया है। सरकार हर घर तक पेयजल पहुंचाने को संकल्पित है। हर घर नल में बुंदेलखंड की प्रगति :- जिला – नल कनेक्शन (परिवार) – प्रतिशत महोबा – 1,39,621 – 99.71 झांसी – 2,49,100 – 99.15 ललितपुर – 2,05,865 – 99.46 चित्रकूट – 1,63,698 – 99.83 बांदा – 2,67,198 – 99.34 जालौन – 2,03,309 – 95.87 हमीरपुर – 1,85,261 – 99.32 विंध्य क्षेत्र में प्रगति की स्थिति :- जिला – नल कनेक्शन (परिवार) – प्रतिशत मिर्जापुर – 3,49,292 – 98.34 सोनभद्र – 2,53,938 – 80.83   recent visitors 149

युवाओं में आत्मविश्वास निर्माण और कौशल उन्नयन हैं मिशन के उद्देश्य, 12 जनवरी से आरंभ होगा युवा शक्ति मिशन : मुख्यमंत्री

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वामी विवेकानन्द की जयंती 12 जनवरी 2025 (युवा दिवस) के अवसर पर स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन प्रारंभ किया जायेगा। मिशन के प्रमुख उद्देश्य युवाओं में आत्मविश्वास निर्माण, प्रतिस्पर्धा के लिए तैयारी के साथ उनके कौशल उन्नयन और प्रतिभा को निखारने की गतिविधियों को बढ़ावा देना है। मिशन के प्रमुख घटक संवाद, सामर्थ्य (योग्यता) और समृद्धि, है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले दिए गए अपने संबोधन में यह जानकारी दी। मंत्रि-परिषद की बैठक वंदे मातरम के गान के साथ आरंभ हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद के सदस्यों को यूनियन कार्बाइड के कचरे के विनिष्टीकरण के संबंध में तथ्यात्मक स्थिति से भी अवगत कराया। मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले युवा शक्ति मिशन पर प्रेजेंटेशन दिया गया। मंत्रिमंडल के सदस्यों ने अपने विचार भी रखे। देश की युवा आबादी का जिक्र करते हुए मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि आज दुनिया में भारत सबसे युवा देश है क्योंकि यहां की 27 प्रतिशत आबादी युवा है। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना, उनकी ऊर्जा का सदुपयोग करने के लिए मध्य प्रदेश एक मिशन की तरह ले रहा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी मंत्रियों से कहा है कि वह अपने विभाग में युवाओं को किस तरह से जोड़ सकते है, रोजगार दे सकें इसके लिए काम करें। राज्य में वर्तमान में अनुसूचित जाति व जनजाति के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। सरकार ने अन्य वर्गो के गरीब प्रतिभाशाली बच्चों को भी इसी तरह की सुविधा देने का निर्णय लिया है। उन्होंने आगे बताया कि किसानों की आय को दोगुना करने को लेकर मछली उत्पादन और दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में काम किया जाएगा। किसानों के साथ मिलकर दूध की पैकिंग से लेकर दूध की चिलिंग तक की प्रक्रिया के लिए काम किया जाएगा। कलेक्शन सेंटर की संख्या बढ़ाई जाएगी। प्रदेश के ब्रांड सांची को वैश्विक स्तर पर ले जाएंगे। राज्य में 16वां वित्त आयोग आने वाला है। इसको लेकर भी कैबिनेट में चर्चा हुई। साथ ही राज्य को केंद्र से ज्यादा से ज्यादा राशि मिले, इसके लिए सभी विभागों को तैयारी करने को कहा गया।   recent visitors 83

मुख्यमंत्री योगी ने कहा- पूरे प्रदेश में तेज ठंड का मौसम है, शीतलहर चल रही है, सुरक्षा के दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरतने वाले है

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ठंड के मौसम में आमजन की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुख्ता इंतजाम रखने के निर्देश दिए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में तेज ठंड का मौसम है। शीतलहर चल रही है। यह समय बुजुर्गों, बच्चों और गंभीर रोग से ग्रस्त लोगों की सुरक्षा के दृष्टिगत विशेष सतर्कता बरतने वाले है। सर्दी, खांसी, श्वांस से जुड़े मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी संभावित है। ऐसे में स्वास्थ्य तंत्र को अलर्ट रहने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों को अच्छी चिकित्सा सुविधा मिलनी चाहिए। जांच हो या दवाओं की उपलब्धता, सब कुछ चाक-चौबंद हो। आम आदमी को परेशान न होना पड़े। महाकुंभ में तीर्थयात्रियों की स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी सेक्टरों में इलाज के पुख्ता इंतजाम हों। एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध रहे। सर्दी, खांसी, बुखार जैसी मौसमी समस्या हो अथवा कोई अन्य गंभीर बीमारी, सभी को समुचित चिकित्सकीय सहायता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बीमार लोगों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम सभी सेक्टरों में सतत भ्रमण करे और लोगों का हाल-चाल ले, जरूरत हो तो उन्हें उचित चिकित्सकीय सहायता दिलाई जाए।   recent visitors 72