HMPV को लेकर आवश्यक सुझाव एवं दिशा निर्देश तैयार किए जाने हेतु तकनीकी समिति का गठन

डॉ.एस.के. पामभोई की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय टीम देगी HMPV को लेकर अपना अभिमत रायपुर, भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) के संबंध में सभी राज्यों को जागरूकता हेतु निर्देशित किया गया है। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ राज्य में ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) संक्रमण के संबंध में वर्तमान / अद्यतन स्थिति पर सतत् निगरानी बनाए रखने हेतु एक तकनीकी समिति का गठन किया गया है। HMPV के संक्रमण के रोकथाम, बचाव, जागरूकता एवं आगामी कार्ययोजना के संबंध में आवश्यक सुझाव एवं दिशा निर्देश तैयार किए जाने हेतु इस तकनीकी समिति का गठन किया गया है। इस समिति में संचालक, महामारी नियंत्रण डॉ.एस.के. पामभोई अध्यक्ष के रूप में हैं। इनके साथ सदस्य के रूप में उपसंचालक डॉ. खेमराज सोनवानी, उपसंचालक डॉ. धर्मेन्द्र गहवई, राज्य सलाहकार आईएसडीपी आकांक्षा राणा तथा राज्य सलाहकार आईएसडीपी चयनिका नाग शामिल हैं। यह तकनीकी समिति राज्य में HMPV के संबंध में समय-समय पर अपना प्रतिवेदन अभिमत स्वास्थ्य विभाग को प्रस्तुत करेगी। recent visitors 63

‘अधिकाधिक काम हो ऑनलाइन, पारदर्शिता हो प्राथमिकता’, राजस्थान-आवासन आयुक्त ने ली समीक्षा बैठक

जयपुर। आवासन आयुक्त डॉ रश्मि शर्मा ने मंगलवार को वर्चुअल बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि अधिक से अधिक काम ऑनलाइन कर कार्य में पारदर्शिता लायी जाए। उन्होंने अधिकारियों को मण्डल की कार्यप्रणाली को अधिकाधिक ऑनलाइन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा की आज के समय में ऑनलाइन सेवाएँ उपलब्ध करवाना अति आवश्यक है इनके आभाव में कार्यों में तेजी एवं पारदर्शिता लाना कठिन है। इस बैठक में भूमि बैंक, महत्वपूर्ण न्यायालयीन मामले, जलापूर्ति, सीवर लाइन, सड़कें, स्ट्रीट लाइट, डीएलपी कार्य, वृक्षारोपण अभियान और आगामी "बुधवार नीलामी उत्सव" में अधिशेष संपत्तियों को शामिल करने की तैयारियों जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर समीक्षा व गहन चिंतन किया गया। डॉ शर्मा ने कहा की निर्माण स्थल पर बचाव और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए । निर्माण स्थल पर निर्माण कार्य शुरू होने से पहले वहाँ बोर्ड लगाया जाए, बैरिकेडिंग कर रिफ्लेक्टर लगाये जाए जिस से की वहाँ किसी प्रकार का कोई हादसा ना हो। इसमें किसी भी प्रकार की चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डॉ. शर्मा ने अधिकारियों को भूमि बैंक को मजबूत करने के लिए उपलब्ध भूमि संसाधनों की पहचान और दस्तावेज़ीकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभियंता फील्ड में जाकर स्थानीय प्रशासन के सहयोग से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अविलंभ जमीनों के प्रस्ताव तैयार करें। पारदर्शिता बनाए रखने और अतिक्रमण को रोकने के लिए आवासन आयुक्त ने क्षेत्र में मंडल की सभी जमीनों पर बोर्ड लगाने के भी निर्देश दिए। आवासन आयुक्त ने परियोजनाओं में जलापूर्ति एवं सीवर लाइन की कार्य प्रगति की भी समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा की किसी भी योजना के निर्माण कार्य के आरंभ होने से पहले ही सीवर लाइन तथा जलापूर्ति संबंधी प्लानिंग की जाए। इसके साथ ही उन्होंने हस्तांतरण की जा चुकी परियोजनाओं में भी नियमानुसार रखरखाव के निर्देश दिए। उन्होंने कहा की जलापूर्ति और सीवर लाइन में कोताही पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। डॉ. शर्मा ने बुनियादी सुविधाओं में सुधार के लिए समय पर कार्य पूरा करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया और टीमों को किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक बाधा को दूर करने के निर्देश दिये। आयुक्त ने परियोजनाओं में सड़क निर्माण एवं रखरखाव के साथ-साथ स्ट्रीट लाइटों को लगाने एवं मरम्मत का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक सुरक्षा एवं सुविधा बढ़ाने के लिए उचित रोशनी सुनिश्चित करने के लिए कहा। बैठक में डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (डीएलपी) के तहत कार्यों की स्थिति की समीक्षा भी की गई। डॉ. शर्मा ने टीमों को लंबित मरम्मत को तुरंत ठीक करने और भविष्य में शिकायतों से बचने के लिए गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने के निर्देश दिए । साथ ही, आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड के तहत होने वाले कार्यों को डीएलपी नियमानुसार ही करवाया जाना सुनिश्चित किया जाए एवं किसी भी परिस्थिति में ऐसे कार्यों के लिए पुन: वित्तीय स्वीकृति नहीं जारी की जाए। ऐसा पाए जाने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस बैठक में आवासन आयुक्त ने राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट एएमयू से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि राइजिंग राजस्थान के एमओयू को धरातल पर लाने के लिए समस्त अभियंता एवं अधिकारी अपने -अपने जिले के जिला कलक्टर से समन्वय कर निवेशकों के साथ सम्पर्क स्थापित करें और भूमि के चिह्निकरण, भू आवंटन आदि प्रकरणों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। आवासन आयुक्त ने चल रहे न्यायालयीन मामलों की स्थिति की समीक्षा की, अधिकारियों को समय पर कानूनी जवाब प्रस्तुत करने और विकास कार्यों को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण विवादों को हल करने को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होनें राज्य सरकार की मंशानुसार चल रहे पौधरोपण के कार्यो की समीक्षा भी की। डॉ शर्मा ने कहा कि पौधों को रोपने के साथ ही उनका संरक्षण और संवर्द्धन भी उतना ही जरूरी है। ऐसे में उन्होनें अपने क्षेत्रों में हुए पौधारोपण के बाद उनके संरक्षण पर ध्यान देने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी प्रदान किये। बैठक में आगामी "बुधवार नीलामी उत्सव" में अधिशेष आवासों को शामिल करने पर चर्चा की गई। डॉ. शर्मा ने अधिकारियों को अधिशेष घरों की सफल नीलामी सुनिश्चित करने के लिए तैयारियों को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। ताकि आमजन के लिए आवास प्राप्त करना सुलभ व किफायती बने। इस बैठक में मुख्य सम्पदा प्रबंधक श्री प्रवीण अग्रवाल, मुख्य अभियंता श्री अमित अग्रवाल, मुख्य अभियंता मुख्यालय श्री तेजवीर मीना, मुख्य नगर नियोजक श्री अनिल माथुर, वित्तीय सलाहकार श्री रोहताश यादव सहित समस्त अधिकारी एवं अभियंता उपस्थित रहे। recent visitors 132

सौम्या चौरसिया को मिली जमानत, पर जेल से नहीं आ पाएंगी बाहर

रायपुर लंबे समय से जेल में कैद सौम्या चौरसिया के लिए राहत भरी खबर आई है. आय से अधिक संपत्ति मामले में नियत समयावधि में चार्जशीट दाखिल न होने पर एसीबी/ईओडब्लू स्पेशल कोर्ट ने सौम्या चौरसिया को जमानत दे दी है. लेकिन सौम्या चौरसिया अभी जेल से बाहर नहीं आ पाएंगी क्योंकि उनके विरुद्ध कोल लेव्ही का केस चल रहा है. एसीबी/ईओडब्लू कोर्ट में न्यायाधीश निधि शर्मा तिवारी के समक्ष सौम्या चौरसिया के अधिवक्ता फैजल रिज़वी ने 7 जनवरी को ज़मानत आवेदन पेश किया था. अधिवक्ता के आवेदन में बताया कि नियत समयावधि साठ दिन हो चुके हैं और चालान पेश नहीं हुआ है इसलिए ज़मानत दी जाए. इस आवेदन के बाद एसीबी/ईओडब्लू की ओर से आवेदन देकर बहस के लिए आज का समय मांगा गया. एसीबी की ओर से श्लोक श्रीवास्तव और मिथिलेश वर्मा ने यह तर्क दिया कि एसीबी के प्रकरण में चार्जशीट दाखिल करने की मियाद 60 दिन बल्कि 90 दिन है. इस पर बचाव पक्ष के अधिवक्ता फैजल रिज़वी ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के न्याय दृष्टांत के साथ यह तर्क किया कि चार्जशीट दाखिल करने की अवधि 60 दिन है. बचाव पक्ष की ओर से बीएनएसएस 187(3) का उल्लेख करते हुए न्यायालय से अनुरोध किया कि इसमें भी साठ दिवस की अवधि निर्धारित है. लेकिन जेल में रहेंगी सौम्या रायपुर की विशेष अदालत (एसीबी/ईओडब्लू) ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता फैजल रिज़वी के तर्कों से सहमत होते हुए सौम्या चौरसिया को ज़मानत दे दी. ईडी के कोल लेव्ही स्कैम में सौम्या चौरसिया को सुप्रीम कोर्ट से पूर्व में ज़मानत मिल चुकी है, आय से अधिक संपत्ति मामले में भी उन्हें रायपुर अदालत से ही ज़मानत मिल गई है. लेकिन सौम्या चौरसिया अभी जेल से बाहर नहीं आ पाएंगी क्योंकि उनके विरुद्ध एसीबी/इओडब्लू ने कोल लेव्ही केस में केस दर्ज कर रखा है, और इस प्रकरण में उन्हें ज़मानत नहीं मिल सकी है. मामले की जानकारी देते हुए ACB/EOW के वकील सौरभ पांडे ने बताया कि 60 दिन की समयावधि में चालान पेश नहीं करने पर जमानत का लाभ देते हुए कोर्ट ने सौम्या चौरसिया को जमानत दी है, लेकिन वो अभी जेल में ही रहेगी. recent visitors 59

किसान अपनायें सुरक्षा के उपाय, राजस्थान-पाला पड़ने से फसलों में नुकसान की संभावना

जयपुर। शीतलहर व पाले से फसलों को नुकसान होने की संभावना रहती है। पाले के कारण पौधों की कोशिकाओं में उपस्थित जल जमने से कोशिका भित्ति फट जाती है, जिससे पौधों की पत्तियां, कोंपलें, फूल एवं फल क्षतिग्रस्त हो जाते है। उन्होंने बताया कि रबी की फसलों में फूल व बालियाँ बनने के समय पाला पड़ने पर सर्वाधिक नुकसान की संभावना रहती है। इस समय किसानों को सतर्क रहकर फसलों की सुरक्षा के उपाय अपनाने चाहिए। फसलों को पाले से बचाने हेतु गंधक के तेजाब का 0.1 प्रतिशत अर्थात एक हजार लीटर पानी में एक लीटर सान्द्र गंधक का तेजाब का घोल तैयार कर फसलों पर छिड़काव करें अथवा घुलनशील गंधक के 0.2 प्रतिशत घोल का छिड़काव भी कर सकते हैं। नकदी सब्जी वाली फसलों में भूमि के तापमान को कम होने से बचाने के लिए टाट, पॉलिथिन अथवा भूसे से ढ़क देना चाहिए। पाले के दिनों में फसलों में सिंचाई करने से भी पाले का असर कम होता है। पाले के स्थाई समाधान के लिए खेती की उत्तर-पश्चिम दिशा में मेड़ों पर घने ऊंचे वृक्ष लगायें। उल्लेखनीय है कि जब आसमान साफ हो, हवा न चल रही है और तापमान काफी कम हो जाये तब पाला पडने की संभावना बढ़ जाती है। दिन के समय दोपहर से पहले ठण्डी हवा चल रही हो व हवा का तापमान अत्यन्त कम होने लग जाये और दोपहर बाद अचानक हवा चलना बंद हो जाये तब पाला पड़ने की आंशका बढ़ जाती है। recent visitors 73

फर्जी एडवाइजरी सेंटर पर पुलिस की रेड, चार सेंटर में कुल 120 लोग काम करते हुए मिले, पुलिस ने किया अरेस्ट, पूछतांछ जारी

उज्जैन उज्जैन पुलिस ने शहर में चल रहे चार फर्जी एडवाइजरी सेंटर पर बुधवार को छापा मारा। पुलिस ने यहां काम करने वाले 120 युवक-युवतियों को हिरासत में ले लिया है। इसके साथ ही सेंटर्स से कम्प्यूटर और अन्य डाक्यूमेंट भी बरामद किए गए हैं। पुलिस को शिकायत मिली थी कि शहर में फर्जी एडवाइजरी सेंटर चल रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने आज इनमें छापा मारा। छापे के दौरान चार सेंटर में कुल 120 लोग काम करते हुए मिले। अब पुलिस इनसे पूछताछ कर पता लगा रही है कि वे कैसे इन सेंटर्स में क्या-क्या और कैसे काम करते थे।   जीवाजीगंज पुलिस ने ऋणमुक्तेश्वर पुलिया से मेथिलिनडायआक्सी (एमडी) की तस्करी करते हुए तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से पुलिस ने 49 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की है। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि मंगलवार को जीवाजीगंज पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ऋणमुक्तेश्वर पुलिया से अमजद पुत्र अजगर खान उम्र 40 वर्ष निवासी पिपलोन, सुलतान उर्फ भैजी पुत्र मुबारिक हुसैन उम्र 26 वर्ष निवासी जांसापुरा, शादाब उर्फ पेंटर पुत्र सालार अहमद उम्र 26 वर्ष निवासी बेगमपुरा को गिरफ्तार किया है। एनडीपीएस एक्ट की धारा लगाई आरोपितों के कब्जे से 49 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की है। पुलिस ने सभी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/22 के तहत केस दर्ज किया है। आरोपित सुल्तान के खिलाफ एक दर्जन मामले दर्ज हैं। इनमें मध्यप्रदेश गोवंश प्रतिशेध अधिनियम, मारपीट, आर्म्स एक्ट तथा एनडीपीएस एक्ट की धाराएं शामिल हैं। पहले से दर्ज हैं केस इसके अलावा शादाब के खिलाफ चार तथा अमजद के खिलाफ दो केस दर्ज हैं। मंदसौर से लेकर आते थे एमडी ड्रग्स पुलिस ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि आरोपित मंदसौर से ड्रग्स लेकर आए थे। मंदसौर के ही रहने वाले दो अन्य आरोपितों के नाम भी सामने आएं हैं। दोनों कई दिनों से आरोपितों को एमडी ड्रग्स सप्लाय कर रहे थे। आरोपितों की तलाश में मंदसौर भी दबिश दी जा रही है। अन्य आरोपितों के बारे में भी पूछताछ की जा रही है। recent visitors 58

अंगूर खाओगे, तो ये रोग होंगे दूर

अंगूर स्वादिष्ट होने के साथ-साथ अनेक पौष्टिक गुणों से युक्त होते हैं। इनमें विटामिन, पोटेशियम, कैल्शियम, फास्फोरस, कार्बोहाइड्रेट और ग्लूकोज पर्याप्त मात्रा में होता है, जो शरीर में खून की वृद्धि करता है व कमजोरी दूर करता है। एनर्जी:- अंगूर में मौजूद शर्करा रक्त में आसानी से अवशोषित हो जाती है और थकान दूर कर शरीर को ऊर्जा प्रदान करती है। सफाई:- अंगूर शरीर में मौजूद विषैले तत्वों को आसानी से शरीर से बाहर निकाल देता है। अंगूर रक्त की क्षारीयता को संतुलित करता है। किसी कारणवश शरीर में अम्लता बढ़ जाए तो वह हानिकारक साबित होती है। ऐसा होने पर 20 से 30 ग्राम अंगूर खाएं। मिर्गी:- अंगूर को रोजाना खाने से कैंसर, एपेंडिक्स, बच्चों में कमजोरी, मिर्गी, रक्त संबंधी विकार, आमाशय में घाव और कमजोरी में लाभ मिलता है। पाचन:- यदि किसी ने धतूरा खा लिया हो तो उसे दूध में अंगूर का सिरका मिलाकर दें। यह टायफॉइड, मानसिक परेशानी और पाचन की गड़बड़ी में भी लाभकारी होता है।   recent visitors 104

‘दवाओं और गहनों की गुणवत्ता जांच व साइबर क्राइम रोकने की ठोस योजना बनाएं’, राजस्थान-खाद्य-नागरिक आपूर्ति मंत्री ने ली बैठक

जयपुर। खाद्य,नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री श्री सुमित गोदारा ने कहा कि आगामी समय में शादियों के सीजन को ध्यान में रखते हुए ज्वेलरी की गुणवत्ता की जांच के लिए अभियान शुरू करें। गोदारा ने मंगलवार को सचिवालय में राज्य उपभोक्ता संरक्षण परिषद की बैठक में अधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण परिवेश के लोग अपनी आय को ज्वेलरी खरीदने में ज्यादा धन ख़र्च करते हैं।वो किसी भी प्रकार से ठगी के शिकार नहीं हो इसके लिए उन्हें जागरूक करना आवश्यक है। साथ ही, निर्देश दिए कि दुकानदार द्वारा उपभोक्ता को दिये गए बिल पर हॉल मार्क की जानकारी अवश्य लिखी होनी चाहिये। सर्राफा बाजार में हॉल मार्क सेंटर की जानकारी क्यू आर कोड के माध्यम से दी जाए। अभी तक राज्य में कुल 20 जिलों में हॉलमार्क सेंटर स्थापित किये जा चुके हैं। गोदारा ने उपभोक्ताओं के अधिकारों के संवर्धन व संरक्षण के लिए एवं उपभोक्ताओं को त्वरित राहत प्रदान करने के लिए इनका समयबद्ध रूप से निस्तारण करने के निर्देश देते हुए कहा कि उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबरों का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए। दुकानदारों द्वारा दिये जाने वाले बिल पर उपभोक्ता हेल्पलाइन नंबर अंकित किये जाए, सभी को यह जानकारी होनी चाहिये कि यदि आप उत्पाद से संतुष्ट नहीं है तो निर्धारित हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। मानव जीवन से जुड़ी दवाइयों की विश्वसनियता बनाये रखने के लिए एवं पनीर, दूध एवं मावा की रेंडमली जांच करने के निर्देश दिए। बीमा क्लेम व रियल एस्टेट के प्रकरणों का निस्तारण भी शीघ्रता से किया जाए। उन्होंने बुजुर्ग व्यक्तियों के लिए वीसी के माध्यम सुनवाई की व्यवस्था शुरू करने के बारे में कहा कि यह बुजुर्गों के लिए लाभदायक सिद्ध होगी। समय—समय पर उपभोक्ताओं की जागरूकता के लिए संभाग स्तर पर कार्यशालाएं एवं ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जागरूकता के लिए ग्राम स्तर पर रात्रि चोपाल आयोजित करने के साथ ही वीडियो ऑडियो का प्रदर्शन करने के निर्देश दिए। जागरूकता का प्रचार जमीनी स्तर पर करने के लिए रोडमैप बनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने ऑनलाइन शॉपिंग में होने वाली ठगी पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे सावधान रहने की आवश्यकता है। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचित करें। राज्य में कुल 36 साइबर स्टेशन क्रियाशील हैं, कुल 1930 साइबर कमांडो तैयार किये जा रहे है। इस पर पूरा फोकस है। ठगी होने के 4 घंटे के भीतर ही यदि शिकायत दर्ज हो जाती है तो पैसा रिकवर होने की संभावना अधिक रहती है। प्रमुख शासन सचिव श्री सुबीर कुमार ने कहा कि विश्व उपभोक्ता दिवस पर 15 फ़रवरी से 15 मार्च तक उपभोक्ता माह के रूप में मनाया जाएगा। प्रारंभ में उन्होंने बैठक की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर उपभोक्ता संरक्षण परिषद से संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 88