Tuesday, July 7, 2026 5:46 pm

यश के जन्मदिन पर फिल्म टॉक्सिक-ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स का ‘बर्थडे पीक’ रिलीज़

मुंबई,  रॉकिंग स्टार यश के जन्मदिन पर उनकी आने वाली फिल्म टॉक्सिक – ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स से मजेदार 'बर्थडे पीक' रिलीज़ किया गया है। रॉकिंग स्टार यश आज 39 वर्ष के हो गए। उनके जन्मदिन पर उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म टॉक्सिक – ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स से 'बर्थडे पीक' वीडियो रिलीज किया गया है। बर्थडे पीक में, यश सफेद सूट, फेडोरा और हाथ में सिगार लिए बेहद शान के साथ एंट्री करते हैं। जैसे ही यश अपना जलवा बिखेरते हैं, हर नजर उन पर टिक जाती है। यश और टॉक्सिक की दुनिया बनाने के बारे में निर्देशक गीतू मोहनदास ने कहा,टॉक्सिक- ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन-अप्स' एक ऐसी कहानी है, जो परंपराओं को तोड़ती है और हमारे भीतर की हलचल को जगाने का वादा करती है। आज, जब हम अपनी फिल्म की पहली झलक पेश कर रहे हैं, हम यश का भी जश्न मना रहे हैं। एक ऐसा इंसान जिसे देश उसके विज़न और स्वैग के लिए सराहता है। मैंने उनकी प्रतिभा को करीब से देखा है। वेंकट .के. नारायण और यश द्वारा केवीएन प्रोडक्शंस और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के तहत संयुक्त रूप से निर्मित, टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स का निर्देशन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित फिल्म निर्माता गीतू मोहनदास ने किया है।   recent visitors 72

रूल्स फॉर कॅरियर ग्रोथ

कॅरियर में आगे बढ़ने के लिए यूं तो सभी मेहनत करते हैं, लेकिन कुछ लोग ही ऐसे होते हैं, जो वास्तव में आगे बढ़ पाते हैं। दरअसल, वे लोग आगे बढ़ने के लिए दूसरों से हटकर कुछ नया करने का प्रयास करते हैं, इसीलिए वे आगे बढ़ पाते हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ नियमों के बारे में जो आपको आगे ले जा सकते हैं। इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के इस दौर में प्रतिस्पर्धा भी एक नया रूप ले रही है। शायद ही कोई ऐसा सेक्टर हो, जहां दूसरों से आगे निकलने के लिए कड़ी चुनौती का सामना न करना पड़ रहा हो। हालांकि आगे निकलने की इस दौड़ में सक्सेस सभी को नहीं मिल पाती। आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ बातें जो आपको दूसरों से आगे कर सक्सेस दिला सकती हैं। काम में रहें अव्वल:- आप को जो भी जिम्मेदारी दी जाती है आप उसे पूरी ईमानदारी व मेहनत के साथ निभाएं। आप जिस प्रोसेस में काम करते हैं, उसकी आपको पूरी-पूरी जानकारी होनी चाहिए। आगे बढ़ने के लिए भी जरूरी है कि आप अपने काम में पूरी तरह से पारंगत हों। साथ ही अगर कोई नई चीज सीखने का मौका मिलता है, तो उससे पीछे न हटें। यह चीज आपको दूसरों से आगे ले जा सकती है। अवसर की तलाश:- यदि आपको कोई एक्स्ट्रा असाइनमेंट मिलता है, तो इसे एक अवसर की तरह लें। इस तरह के मौकों को खोना नहीं चाहिए, क्योंकि ये आपको एक अच्छा एक्सपोजर दिला सकते हैं। इस तरह के असाइनमेंट को लेने से आपकी लीडरशिप, मैनेजमेंट व इंटरपर्सनल स्किल भी डेवलॅप होगी। आप मैनेजमेंट की नजरों में भी आएंगे। समस्याएं हल करें:- किसी भी कंपनी में समस्याएं खोजना आसान है। लेकिन इसके विपरीत आप किसी भी समस्या का समाधान खोजने वाले बनें। इसके लिए आप सबसे पहले परिस्थिति का विश्लेषण करें और इसके बाद समस्या का समाधान करने की पहल करें। इन समस्याओं को संबंधित पक्ष के साथ बातचीत कर आसानी के साथ सुलझाया जा सकता है। परिवर्तन को रहें तैयार:- कंपनी में कई काम और डिपार्टमेंट होते हैं। ऐसे में कंपनी की जरूरत के हिसाब से अगर आपको किसी दूसरे डिपार्टमेंट में शिफ्ट किया जाता है, तो आपको भी उसके अनुरूप अपने वर्क स्टाइल में परिवर्तन लाना चाहिए। कंपनी की जरूरत जानें:- जब आप किसी कंपनी को ज्वाइन करें, तो कुछ समय यह जानने में लगाएं कि कंपनी का लक्ष्य क्या है? यदि कंपनी किसी समस्या से जूझ रही है और आप समस्या के हल के बारे में बता सकते हैं, तो मान लें कि आप ने सफलता हुए। नेटवर्किग गु्रप से जुड़ें:- आजकल लगभग सभी कंपनियां ट्रेनिंग व कॅरियर प्रोग्राम्स संचालित करती हैं। अपने कॅरियर ग्रॉफ को आगे ले जाने के लिए इनमें जरूर हिस्सा लें। इससे मैनेजमेंट को भी मालूम होगा कि आप कुछ अलग करने की चाहत रखते हैं। इस तरह मैनेजमेंट आपके स्किल्स देखते हुए महत्वपूर्ण असाइनमेंट का हिस्सा भी बना सकता है। यह सब चीजें ही आपके कॅरियर ग्रॉफ को आगे ले जाती हैं।   recent visitors 117

राष्ट्रीय सौर दिनदर्शिका कैलेंडर का लोकार्पण, राजस्थान-राज्यपाल पहुंचे राष्ट्रीय दिनदर्शिका प्रसार मंच के कार्यक्रम में

जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने छत्रपति संभाजी नगर में मंगलवार को राष्ट्रीय दिनदर्शिका प्रसार मंच द्वारा प्रसारित राष्ट्रीय सौर दिनदर्शिका कैलेंडर का लोकार्पण किया। राज्यपाल ने इस दौरान भारतीय कालगणना को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि हिन्दू समय चक्र सूर्य सिद्धांत से जुड़ा है। समय का मापन प्रारम्भ एक सूर्योदय से और अहोरात्र का मापन का समापन अपर सूर्योदय से होता है। उन्होंने भारतीय समय गणना को पूर्णतः वैज्ञानिक बताया। लायंस क्लब में पैथोलॉजी लैब का उद्घाटन— मंगलवार को ही राज्यपाल श्री बागडे ने छत्रपति शिवाजी नगर लायंस क्लब में पैथोलॉजी लैब का उद्घाटन किया। उन्होंने इस दौरान नर सेवा को नारायण सेवा बताते हुए जरूरतमंदों के लिए कार्य करने का आह्वान किया। recent visitors 118

प्रग​ति के दिए निर्देश, राजस्थान- पशुपालन सचिव डॉ. समित शर्मा ने ली राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक

जयपुर। शासन सचिव पशुपालन विभाग डॉ समित शर्मा की अध्यक्षता में मंगलवार को शासन सचिवालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में सभी जिलों के पशु चिकित्सा अधिकारियों ने अपने अपने जिले का प्रगति विवरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर शासन सचिव डॉ समित शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मोबाइल वेटरिनरी यूनिट का संचालन नवीन कार्ययोजना के अनुसार डुअल और हाइब्रिड मोड में सुनिश्चित करें। नई कार्ययोजना के अनुसार प्रत्येक एमवीयू के माध्यम से हेल्पलाइन नंबर पर प्राप्त कॉल के अनुसार पशु चिकित्सा सेवा प्रदान करने के साथ—साथ प्रतिदिन पूर्व निर्धारित कैलेण्डर के अनुसार निर्धारित राजस्व ग्राम में प्रतिदिन एक घंटे का चिकित्सा एवं स्वास्थ्य शिविर का आयोजन भी किया जाना निर्धारित किया गया है साथ ही एमवीयू स्टाफ के साथ विभागीय पशु चिकित्सक/ पशुधन सहायक की सेवाएं भी लेते हुए कार्य करना निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि एमवीयू द्वारा चिकित्सा के बाद पशुपालक को उपचार की पर्ची आवश्यक रूप से उपलब्ध कराई जाए साथ ही एक प्रति पर पशुपालक के हस्ताक्षर भी लिए जाए। संचालनकर्ता फर्मों को नियमानुसार भुगतान भी समय पर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जिलेवार प्रति एमवीयू दर्ज केसेज की संख्या में काफी भिन्नता देखी जा रही है अतः उपलब्ध वाहनों के पुनःस्थापन के लिए समीक्षा की आवश्यकता है। मंगला पशु बीमा का अधिक से अधिक पंजीकरण कराने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य 21 लाख पशुओं का बीमा कराना है इस दृष्टि से हमारी प्रगति बहुत धीमी है। अतः इसका ज्यादा से ज्यादा प्रचार प्रसार कर अधिक से अधिक पशुपालकों को इससे जोड़कर इस काम में तेजी लाना है। डॉ शर्मा ने राष्ट्रीयकृत एवं विभागीय कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम की भी समीक्षा की। उन्होंने बताया कि विभागीय कृत्रिम गर्भाधान में करौली जिले ने लक्ष्य से अधिक सफलता प्राप्त कर ली है जबकि टोंक जिला इसमें सबसे पीछे है। उन्होंने सभी जिलों को समयबद्ध तरीके से लक्ष्य को पूरा करने के निर्देश दिए। राज्य में एवियन इन्फ्लूएंजा तथा अन्य बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए उन्होंने पशुपालन विभाग के निदेशक और उनकी टीम की सराहना करते हुए उन्हें बधाई दी और कहा कि विभाग के डॉक्टर्स ने उत्कृष्ट काम किया है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर दवाइयों की एक्सपायरी नहीं होनी चाहिए और दवाइयों का समुचित तथा समय पर उपयोग होना चाहिए। डॉ. शर्मा ने विभाग के महत्वपूर्ण कार्यो के प्रभावी निष्पादन को सुनिश्चित करने के लिए जिला एवं संभाग स्तर पर इनकी प्रगति की मॉनिटरिंग किए जाने के लिए 18 मुख्य निष्पादन संकेतक तय किए गए हैं। इन सभी कार्यों की महत्ता के आधार पर अलग अलग भारित अंक देते हुए कुल 100 अंक निर्धारित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि दिसम्बर 2024 के केपीआई के अनुसार चुरू, झुंझुनू और अलवर क्रमशः पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे  जबकि डूंगरपुर आखिरी स्थान पर रहा। डॉ. शर्मा ने बताया वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश में 500 नवीन पशु चिकित्सा उपकेंद्र खोले गए जबकि 103 पशु चिकित्सा उपकेंद्रों को पशु चिकित्सालय में 51 पशु चिकित्सालय को प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय में तथा 25 प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय को बहुद्देशीय पशु चिकित्सालय में क्रमोन्नत किया गया है। उन्होंने बताया कि नवीन पशु चिकित्सा उपकेंद्रों के भवन निर्माण के लिए भूमि आवंटन हेतु जिला कलक्टरों को पत्र भी लिखा जा चुका है। डॉ शर्मा ने सभी जिलों को निर्देश दिए कि 14 जनवरी से 30 जनवरी तक मनाए जाने वाले पशु कल्याण पखवाड़े के दौरान विभिन्न स्तरों पर पशु चिकित्सा शिविर, पशु कल्याण गोष्ठी, पशु कल्याण जन जागृति रैली आदि का आयोजन कर जीव जंतुओं के कल्याण के प्रति जन साधारण में जागृति तथा पशु क्रूरता निवारण के लिए वातावरण निर्माण का कार्य किया जाए। उन्होंने एक बार पुनः पशुपालन विभाग को ऊंचाई की ओर ले जाने में सभी से अपना योगदान देने का आग्रह किया। इस राज्य स्तरीय मासिक समीक्षा बैठक में पशुपालन निदेशक तथा आरएलडीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ आनंद सेजरा, विभाग के वित्तीय सलाहकार श्री मनोज शांडिल्य सहित विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। राज्य के सभी जिलों के संयुक्त निदेशक तथा वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। recent visitors 73

6 जनवरी को आईईडी ब्लास्ट में सुदर्शन वेट्टी हुए थे शहीद, छत्तीसगढ़-बीजापुर में पिता को दो माह के मासूम ने दी अंतिम विदाई

बीजापुर. जिले के कुटरू इलाके में नक्सलियों ने कायराना हरकत को अंजाम देते हुए आईईडी विस्फोट किया था जिसमें आठ जवान बलिदान हुए थे। इस हादसे में एक ड्राइवर की भी मौत हो गई थी। यह घटना उस समय हुई जब डीआरजी और बस्तर फाइटर्स के जवान एक ऑपरेशन से लौट रहे थे। इस भीषण हमले में मौके पर ही सभी जवान बलिदान हो गए जिनमें वाहन चालक भी शामिल था। घटना इतनी भयावह थी कि शहीद जवानों के शव क्षत-विक्षत हालत में मिले। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी और संकल्प लिया कि नक्सलवाद का जड़ से खात्मा किया जाएगा। उन्होंने 2026 तक नक्सलवाद को समाप्त करने का लक्ष्य दोहराया। दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय में शहीद हुए सभी जवानों को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। सलामी के साथ उनकी शहादत को नमन किया गया और यह सुनिश्चित करने की प्रतिज्ञा ली गई कि उनकी कुर्बानी व्यर्थ नहीं जाएगी। इस दौरान मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला सामने आया, जहां शहीद जवान सुदर्शन वेट्टी के अंतिम संस्कार में उनके दो महीने के मासूम बेटे ने पिता को अंतिम विदाई दी। इस दौरान मौजूद हजारों लोगों की आंखें नम हो गई थीं। हर कोई गमगीन था। recent visitors 89

प्रधानमंत्री जनमन योजना से संवर रही विशेष पिछड़ी जनजाति परिवार की जिंदगी

पक्के छत के साथ गंगाराम के परिवार को मिला सुरक्षित जीवन कोण्डागांव जिले के दूरस्थ विकासखण्ड बड़ेराजपुर से 12 कि.मी. की दूरी पर स्थित ग्राम पंचायत कोसमी के चनाभर्री जहां विशेष पिछड़ी जनजाति समूह के 10 कमार परिवार निवासरत हैं। ग्राम पंचायत कोसमी अन्तर्गत चनाभर्री बसाहट वनग्राम में आता है, जो जंगल से लगा हुआ है। इन परिवारों का मुख्य व्यवसाय कृषि एवं वनोपज पर आधारित हैं, जिससे वे अपना गुजर-बसर करते हैं। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (जनमन) अंतर्गत चनाभर्री को विशेष पिछड़ी जनजाति समूह के बसाहट के रूप में चिन्हाकित कर यहां निवासरत सभी 10 कमार परिवारों को केंद्र एवं राज्य शासन की सभी योजनाओं से जोड़कर उन्हें सभी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए कार्य किया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से योजना के बेहतर क्रियान्वयन का प्रयास किया जा रहा है। चनाभर्री निवासी श्री गंगाराम मरकाम उन्हीं कमार जनजाति परिवारों में से एक हैं, जिन्हें जनमन योजनान्तर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का आवास का लाभ मिला है। गंगाराम आज पक्का आवास पाकर बहुत खुश हैं और इससे उनके जीवन में एक बदलाव की शुरुआत हुई है। गंगाराम के परिवार का झोपड़ी में बीत रहा था जीवन आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे गंगाराम का परिवार पहले कच्चा झोपड़ीनुमा मकान में रहकर गुजर-बसर करते थे, जो लकड़ी और छत में प्लास्टिक को डाल कर बनाए थे। गंगाराम अपनी पत्नी और माता-पिता के साथ रहते हैं और उनके माता-पिता वृद्ध हो चुके हैं। गंगाराम घर चलाने के लिए बांस से विभिन्न प्रकार के घरेलु उपयोग के परम्परागत समान बनाते हैं और इस कार्य में उनकी पत्नी गंगाराम का हाथ बटाती है। गंगाराम अपनी पत्नी के साथ मिलकर वनोपज का भी संग्रहण करते हैं, जिसमें चार-चिरोंजी, महुआ आदि शामिल है। इन उत्पादों को गंगाराम विश्रामपुरी बाजार में बेचने के लिए लाते हैं और इससे जो आय प्राप्त होता है, उससे घर की छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करते हैं। गंगाराम बताते हैं कि इससे उनके परिवार का गुजारा बड़े ही मुश्किल से हो पाता है। जंगल से लगे होने के कारण उनके परिवार को सांप, बिच्छू और अन्य वन्यजीवों के खतरों का भी सामना करना पड़ता था। गंगाराम बरसात के दिनों को याद करते हुए बताते हैं कि बरसात के मौसम में झोपड़ी से पानी टपकता था, जो हमारे परिवार के लिए एक बड़ी समस्या थी, क्योंकि छत से पानी टपके से झोपडी में पानी भर जाता था। इससे दैनिक जीवन में उपयोग होने वाली चीजे ख़राब हो जाती थी और इससे गंगाराम के परिवार को कई तरह से मुश्किलों का सामना करना पढता था। बरसात के मौसम में तेज बारिश और तेज धुप से घर के छत में लगाए गए प्लास्टिक ख़राब हो जाती थी तब गंगाराम के मन में पक्का मकान का ख्याल आता था पर आय के सीमित साधन होने के कारण गंगाराम के लिए पक्का मकान बनाना एक सपना जैसा था। जनमन योजना से मिला पक्का मकान, गंगाराम का जीवन हुआ आसान गंगाराम को जनमन योजना अंतर्गत वर्ष 2023-24 में आवास की स्वीकृति मिली। आवास स्वीकृति के पश्चात श्री गंगाराम का अपने स्वयं का पक्का मकान बनाने की उम्मीद पूरा होते दिखाई दी एवं प्रथम किश्त की राशि मिलते ही सपने को पूरा करने की दिशा मिल गई, जिसके पश्चात जिला, जनपद एवं ग्राम पंचायत स्तर के तकनीकी मार्गदर्शन के आधार पर आवास निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया। कार्य के प्रगति के आधार पर किश्त की राशि प्राप्त होते गया, वैसे-वैसे कार्य के स्तर बढ़ते-बढ़ते आज पूर्ण कर उनके सपनों का घर बन कर तैयार हो गया। शासन से प्राप्त मनरेगा अंतर्गत 90 दिवस मजदूरी की राशि 23 हजार 850 एवं आवास की अनुदान राशि 02 लाख सहित कुल 02 लाख 23 हजार 850 रुपए राशि का सदुपयोग करते हुए गंगाराम द्वारा समयबद्ध तरीके से आवास निर्माण का कार्य पूर्ण किया गया। चूंकि आय कम होने के कारण घर का गुजारा बड़े ही मुश्किल से हो पाता था, उस स्थिति में स्वयं का पक्का मकान निर्माण कराया जाना किसी सपने से कम नहीं था। प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना ने गंगाराम के पक्का मकान का सपना सच कर दिया और कच्ची मकान से जिन परेशानियों से गंगाराम का परिवार गुजर था उन सभी परेशानियों से अब उन्हें निजात मिली है। चनाभर्री निवासी श्री गंगाराम का परिवार जो पहले कच्चे झोपड़ी में रहते थे, आज अपने पक्के मकान में रहकर सुरक्षित और सुकूनभरा जीवन जी रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ ही गंगाराम को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन भी मिला है, जिससे उनका रसोई धुंआमुक्त हुआ है और धुंए से होने वाले दुष्प्रभाव से भी मुक्ति मिली है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से गंगाराम और उनका परिवार का जीवन पहले से बेहतर और आसान हुआ है। उन्होेंने इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद दिया। recent visitors 45

‘यमुना जल समझौते की जल्द बनेगी क्रियान्वयन ज्वाइन्ट टास्क फोर्स’, राजस्थान- मुख्यमंत्री भजनलाल ने हरियाणा के सीएम सैनी से की चर्चा

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान के शेखावाटी अंचल के किसानों को जल्द ही यमुना जल का लाभ मिलेगा। इस संबंध में केंद्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल के समक्ष हरियाणा के सीएम श्री नायब सैनी के साथ मंगलवार को चर्चा पूरी हो गई है। शर्मा ने कहा कि इस जल समझौते की जल्द क्रियान्विति के लिए दोनों राज्यों के अधिकारियों की एक ज्वाइन्ट टास्क फोर्स बनेगी जो डीपीआर पर काम करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना जल समझौता दोनों राज्यों के लिए  बहुत अच्छा समझौता है। राजस्थान का शेखावाटी अंचल लंबे समय से यमुना जल का इंतजार कर रहा है। अब वो इंतजार खत्म होने जा रहा है और जल्द ही अधिकारियों की ज्वाइन्ट टास्क फोर्स डीपीआर का काम शुरू करेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने केंद्रीय जलशक्ति मंत्री का आभार प्रकट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्रीय मंत्रालय द्वारा जिस तरह जल जीवन मिशन और नदियों से जोड़ने का काम किया है उससे राजस्थान सहित पूरे देश में पानी की कमी नहीं रहेगी। हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी ने मीडिया को बताया कि हरियाणा में जो अतिरिक्त पानी है, वह राजस्थान को मिले, यह एक सकारात्मक पहल है। recent visitors 57