स्थानीय उत्पादों को जीआई टैग के जरिए वैश्विक पहचान दिलाने संबंधी कार्यशाला सम्पन्न

भोपाल स्थानीय उत्पादों को जीआई टैगिंग के जरिए वैश्विक पहचान दिलाने के लिए बुधवार को विंध्याचल भवन स्थित एमएसएमई कार्यालय में कार्यशाला संपन्न हुई। कार्यशाला में प्रमुख रूप से पद्मश्री डॉ. रजनीकांत भी शामिल हुए। इस अवसर पर उद्योग आयुक्त श्री दिलीप कुमार ने कार्यशाला में शामिल सभी विभागों के अधिकारियों से कहा कि वे जीआई टैगिंग के लिए संभावित और चिन्हित उत्पादों की सूची सांझा करें। पद्मश्री डॉ. रजनीकांत ने जीआई टैगिंग के फायदे, कानूनी प्रकरण, ब्रांडिंग, बाजार विस्तार और जीआई टैगिंग पर अपने अनुभव साझा किए। कार्यशाला में कृषि, मत्स्य पालन, पशुपालन, रेशम उत्पादन जैसी गतिविधियों से जुड़े विभागों के अधिकारियों ने सहभागिता की। इस दौरान जीआई टैगिंग के लिए उत्पादों का चयन और परियोजना कार्यान्वयन के लिए रोड मैप तैयार किया गया। प्रारंभ में लघु उद्योग निगम के श्री अनिल धागले और एमएसएमई के संयुक्त संचालक श्री पंकज दुबे ने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यशाला के प्रथम दिन एमएसएमई के विकास और क्षेत्रीय उत्पादों की पहचान को संरक्षित करने की कार्य योजना पर अमल पर सहमति से हुई। recent visitors 60

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्कूल शिक्षा विभाग के सांस्‍कृतिक कार्यक्रम अनुगूंज 2024-25 का 10 जनवरी को शुभारंभ करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्कूल शिक्षा विभाग के सांस्‍कृतिक कार्यक्रम "अनुगूंज 2024-25" का 10 जनवरी को शुभारंभ करेंगे। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह भी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम 10 जनवरी को सांय 05:30 बजे से शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय, भोपाल में होगा। अनुगूँज के प्रथम भाग 'धनक' के अंतर्गत गायन-वादन के साथ ही भारत के विविध शास्‍त्रीय नृत्‍य मोहनीअट्टम, भरतनाट्यम, ओडिसी और कथक नृत्‍य आदि की मनमोहक प्रस्‍तुतियॉं होगी। वहीं कार्यक्रम के द्वितीय भाग 'रंगकार' में प्रसिद्ध नाटक "चरन दास चोर" का मंचन विद्यार्थियों द्वारा किया जायेगा। इन सभी प्रस्तुतियों में सहभागी विद्यार्थियों ने मात्र 1 माह की अल्पावधि में इन प्रस्तुतियों के लिए खुद को तैयार किया है। आत्‍मानुशासन, लगन, उत्साह और जोश के साथ विभिन्‍न शासकीय विद्यालयों के लगभग 600 विद्याथियों ने अपनी अभिव्यक्ति को नए सोपान देने का प्रयास अनुगूँज में किया जायेगा। विभाग द्वारा अनुगूँज के आकल्पन को आकार देने के लिए प्रदेश के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ख्‍याति प्राप्‍त रंगकर्मी और कलाकारों को मेंटोर्स के रूप में संयोजित किया गया है। इन मेंटोर्स ने एक कुशल मार्गदर्शक के रूप में इस विशेष कार्यक्रम और भविष्य के लिए भी इन विद्यार्थियों को विभिन्न कलाओं में पारंगत कराया है। अनुगूंज समारोह, स्कूल शिक्षा विभाग का एक रचनात्मक प्रयास है, जो विद्यार्थियों की शिक्षा के साथ उनके रचनात्मक और सर्वांगीण विकास पर केंद्रित है। राज्‍य स्‍तरीय आयोजन में राजधानी भोपाल की शासकीय शालाओं के लगभग 600 विद्यार्थी सहभागिता करेंगे। प्रदेश के राष्‍ट्रीय और अंतर्राष्‍ट्रीय ख्‍याति प्राप्‍त कलाकार विद्यार्थियों का मार्गदर्शन कर रहें है, जिनमें पद्मविभूषण पंडित जसराज जी की शिष्‍या और वरिष्‍ठ ख्‍याल गायिका डॉ. नीलांजना वशिष्‍ठ, मोहनीअट्टम नृत्‍य की शीर्षस्‍थ कलाकार और गुरू सुश्री कविता शाजी, भरतनाट्यम शैली की शीर्षस्‍थ नृत्‍य गुरू सुश्री भारती होम्‍बल, ओडिसी नृत्‍य की अंतर्राष्‍ट्रीय ख्‍यातिप्राप्‍त नृत्‍य गुरू सुश्री बिंदु जुनेजा और शिखर सम्‍मान से विभूषित रायगढ घराने की नृत्‍य गुरू डॉ. विजया शर्मा के साथ ही प्रयोगधर्मी नाट्य निदेशक श्री सौरभ अनंत जैसे शीर्षस्‍थ कला मनीषी शामिल हैं। "एक भारत-श्रेष्‍ठ भारत" की अवधारणा पर सजी अनुगूँज की इन प्रस्‍तुतियों को साकार करने के लिए विशाल मंच का निर्माण भी दक्षिण भारत के 900 वर्ष प्राचीन चंकेश्‍वर महादेव मंदिर के प्रादर्श पर तैयार किया गया है।   recent visitors 132

प्रदेश सरकार ने सात दिनों में मांगी रिपोर्ट, उत्तर प्रदेश के संभल में 1978 को हुए दंगे की दोबारा खुलेगी फाइल

संभल। उत्तर प्रदेश के संभल में 1978 में हुए दंगे की फाइल फिर से खुलेगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रदेश सरकार ने सात दिनों में रिपोर्ट मांगी है। संभल प्रशासन और पुलिस मामले की जांच करेंगे। बता दें कि दिसंबर 2024 में विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल दंगे पर वक्तव्य दिया। इसके बाद से इस दिशा में काम तेज हो गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते दिसंबर को विधानसभा में कहा था कि 1947 से लेकर अभी तक संभल में 209 हिंदुओं की जान दंगों के चलते गई है। संभल में 29 मार्च 1978 को दंगे के दौरान आगजनी की घटनाएं हुई थीं। इस घटना में कई हिंदू मारे गए थे। भय के चलते 40 रस्तोगी परिवारों को घर छोड़कर भागना पड़ा। पलायन के गवाह अभी मौजूद हैं। मंदिर में कोई पूजा करने वाला बचा नहीं था। घटना के 46 साल बाद अभी तक किसी को सजा तक नहीं मिली। प्रशासन और स्थानीय लोगों की सक्रियता से 46 साल से बंद मंदिर के पट खुले। इसके बाद से अधिकारी संभल दंगों से जुड़ी फाइलों को खंगालने लगे थे। recent visitors 53

मुख्यमंत्री निःशक्त शिक्षा प्रोत्साहन योजना के ऑनलाइन आवेदन अब 24 जनवरी तक होंगे स्वीकार

भोपाल सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के माध्यम से दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए संचालित मुख्यमंत्री नि:शक्त शिक्षा प्रोत्साहन योजना के विद्यार्थियों के ऑनलाइन आवेदन अब 24 जनवरी 2025 तक स्वीकार किए जाएंगे। सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा संचालित 2024-25 में अध्ययनरत दृष्टिबाधित, श्रवणबाधित, मंदबुद्धि, अस्थिबाधित दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए एन.आई.सी. मध्यप्रदेश के सहयोग से स्पर्श पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किये जाने के लिए अंतिम तिथि 12 नवंबर 2024 निर्धारित की गई थी। विभाग द्वारा जारी नये निर्देशों के अनुसार विद्यार्थी अब योजना का लाभ लेने के लिये 24 जनवरी 2025 तक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। योजना के लिए पात्र दिव्यांग विद्यार्थी प्रवेशित संस्था प्रमुख के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन के साथ दिव्यांग प्रमाण-पत्र (यू.डी.आई.डी. कार्ड), आधार कार्ड, समग्र आईडी, पूर्व में पास की गई कक्षा की अंक-सूची और राशन कार्ड या आय-प्रमाण पत्र की छायाप्रति ऑनलाइन अपलोड कर योजना का लाभ ले सकेंगे।   recent visitors 31

अब प्रदेश भर से ऐतिहासिक और सांस्कृतिक आधार पर करीब 55 जगहों का नाम बदलने की मांग हो रही

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा उज्जैन जिले की तीन पंचायत के नाम बदलने के बाद अब प्रदेश भर से 55 जगहों के नाम बदलने की मांग हो रही है. पिछले दिनों मोहन यादव ने उज्जैन जिले की तीन पंचायत के नाम बदले थे, जिसमें मौलाना गांव का नाम बदलकर विक्रम नगर , जहांगीरपुर का नाम बदलकर जगदीशपुर और गजनी खेड़ी का नाम बदलकर चामुंडा माता गांव करने का ऐलान किया था. इसके बाद अब प्रदेश भर से ऐतिहासिक और सांस्कृतिक आधार पर करीब 55 जगहों का नाम बदलने की मांग हो रही है. जिन शहरों से नाम बदलने की मांग हो रही है, उनमें प्रदेश की राजधानी भोपाल से 12, रायसेन से 12, उज्जैन से 5, विदिशा से 3, सीहोर और मंदसौर से 4-4 जगहों के नाम बदलने की मांग है. मांग करने वाले लोगों का दावा है कि मुगल और नवाबों के समय कई गांवों और शहरों के नाम बदले गए और अब इन जगहों को उनके पुराने नामों को वापस देने की मांग हो रही है. इन जगहों का नाम बदलने की मांग औबेदुल्लागंज रायसेन जिले में है, जो पहले हिरानिया था, जिसे बाद में भोपाल रियासत की नवाब सुल्तान जहां के बेटे औबेदुल्ला खां के नाम पर बदल दिया गया. गौहरगंज कभी कलियाखेड़ी था, इसे राजा भोज के मंत्री के नाम पर बदल दिया गया जो बाद में नवाब हमीदुल्लाह खां की बेटी आबिदा सुल्तान के नाम पर इसको गौहरगंज बना दिया गया. वहीं शमशाबाद जो पहले सूर्य नगर था, क्योंकि यहां सूर्यमंदिर था, लेकिन मुगलो ने इसे तोड़ दिया. नूरगंज जो पहले रुरूप नगर था, लेकिन नवाबों ने इसे बदलकर नूरगंज कर दिया गया. वहीं भोपाल में जहांगीराबाद, शाहजहांनाबाद, हबीबगंज, मुबारकपुर, बरखेड़ा याकुब और आदमपुर छावनी जैसे इलाकों को क्षेत्रों के नाम बदलने की मांग चल रही है.  विदिशा जिले के शमशाबाद को बदलकर सूर्य नगर और गंजबासौदा के मियाखेड़ी का नाम बदलने की भी मांग चल रही है. कौन लेगा अंतिम फैसला? उज्जैन जिले के आजमपुरा को बदलकर भवानीपुरा और इशाकपुर का नाम बदलकर ईश्वरपुर करने की मांग है. मंदसौर जिले के मोहम्मदपुरा को बदलकर मेनपुरिया और अफजलपुर का नाम बदलकर सूर्यनगरी करने की मांग है. सीहोर जिले के शाहगंज को बदलकर चीचली और हमीदगंज का नाम बदलकर तूमड़ी रखने की मांग है. बता दें शहरों के नाम बदलने की मांग जरूर चल रही है, लेकिन इसपर अंतिम फैसला लेने का अधिकार केंद्र सरकार के पास होता है. राज्य सरकार केवल प्रस्ताव भेज सकती है. recent visitors 79

MP में ठंड ने बरपाया कहर, भोपाल, राजगढ़ और पचमढ़ी समेत कई जिलों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई

भोपाल मध्य प्रदेश में ठंड से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है. पारा लगातार गोते लगा रहा है. भोपाल, राजगढ़ और पचमढ़ी समेत कई जिलों के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. कोहरे की वजह से दिन में भी वाहन चालकों को लाइट का सहारा लेना पड़ रहा है. प्रदेश में सबसे ठंडा पंचमढ़ी रहा. पंचमढ़ी में तापमान जमाव बिंदु के करीब पहुंच गया. मौसम विभाग की तरफ से जारी अपडेट के मुताबिक पंचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. भोपाल में न्यूनतम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. राजगढ़ का न्यूनतम तापमान 1.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. बैतूल में 6.7 डिग्री सेल्सियस, धार में 5.8 डिग्री सेल्सियस, गुना में 5.4 डिग्री सेल्सियस, ग्वालियर में 6.6 डिग्री सेल्सियस, नर्मदापुरम में 9.4 डिग्री सेल्सियस, इंदौर में 6.6 डिग्री सेल्सियस, खंडवा में 10 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तपामान रिकॉर्ड किया गया है. मौसम विभाग के मुताबिक रायसेन में 5.1 डिग्री सेल्सियस, रतलाम में 5.8 डिग्री सेल्सियस, उज्जैन में 6 डिग्री सेल्सियस, छिंदवाड़ा में 5.6 डिग्री सेल्सियस, उमरिया में 5.5 डिग्री सेल्सियस, टीकमगढ़ में 6.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ है. इन जिलों के मौसम का जानें हाल मौसम वैज्ञानिक डॉक्टर वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि अभी लोगों को भीषण ठंड से निजात नहीं मिलने वाली है. तापमान में गिरावट का दौर जारी रहने वाला है. राजगढ़ में भी रिकॉर्ड तोड़ ठंड पड़ रही है. हालांकि कुछ जिलों का पारा दो डिजिट में रहा. सीधी में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा देखने को मिला है. रीवा और खजुराहो में मौसम साफ है. अधिकतम तापमान खंडवा में रिकॉर्ड किया गया. 28.5 डिग्री सेल्सियस तापमान से खंडवा में गर्मी का असर देखा जा रहा है. बैतूल में 23, भोपाल में 21, गुना में 21, इंदौर में 22, खरगोन में 26 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रहा. रायसेन में 23, रतलाम में 22.5, उज्जैन में 22, दमोह में 22, जबलपुर में 21, खजुराहो में 20, उमरिया में 21, टीकमगढ़ में 20, सीधी में 21, सतना में 19, रीवा में 18 और मंडला, नरसिंहपुर, सिवनी, सागर में 23 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड हुआ है. recent visitors 56

इटारसी-प्रयागराज छिवकी-इटारसी एक्सप्रेस ट्रेन को चुनार स्टेशन तक चलाने का निर्णय लिया गया

भोपाल रेल प्रशासन द्वारा आगामी महाकुम्भ मेला के अवसर पर अतिरिक्त यात्री यातायात को देखते हुए यात्रियों की सुविधा के लिए कई ट्रेनों को विस्तारित करने का निर्णय लिया गया है। इसी कड़ी में इटारसी-प्रयागराज छिवकी-इटारसी एक्सप्रेस ट्रेन को चुनार स्टेशन तक चलाने का निर्णय लिया गया है। इस एक्सप्रेस ट्रेन का प्रयागराज छिवकी से चुनार के मध्य चलने वाली तिथियों एवं समय सारिणी का विवरण इस प्रकार है। गाड़ी संख्या 11273 इटारसी-प्रयागराज छिवकी एक्सप्रेस ट्रेन दिनांक 10 जनवरी 2025 से 15 जनवरी 2025 तक (06 ट्रिप), 17 एवं 18 जनवरी 2025 (02 ट्रिप), 24 एवं 25 जनवरी 2025 (02 ट्रिप), 27 जनवरी 2025 से 04 फरवरी 2025 तक (09 ट्रिप), 07 एवं 08 फरवरी 2025 (02 ट्रिप), 10 फरवरी 2025 से 15 फरवरी 2025 तक (06 ट्रिप), 21 एवं 22 फरवरी 2025 (02 ट्रिप) एवं 24 फरवरी 2025 से 27 फरवरी 2025 तक (04 ट्रिप) इटारसी स्टेशन से 17:15 बजे प्रस्थान कर दूसरे दिन सुबह प्रयागराज छिवकी 09:55 बजे पहुँचकर, 10:15 बजे प्रस्थान कर, मेजा रोड 11:10 बजे, माण्डा रोड 11:30 बजे, विन्ध्याचल 11:58 बजे, मिर्ज़ापुर 12:13 बजे पहुँचकर, दोपहर 13:30 बजे चुनार स्टेशन पहुंचेगी। (कुल 33 ट्रिप) इसी प्रकार गाड़ी संख्या 11274 प्रयागराज छिवकी-इटारसी एक्सप्रेस ट्रेन दिनांक 11 जनवरी 2025 से 16 जनवरी 2025 तक (06 ट्रिप), 18 एवं 19 जनवरी 2025 (02 ट्रिप), 25 एवं 26 जनवरी 2025 (02 ट्रिप), 28 जनवरी 2025 से 05 फरवरी 2025 तक (09 ट्रिप), 08 एवं 09 फरवरी 2025 (02 ट्रिप), 11 फरवरी 2025 से 16 फरवरी 2025 तक (06 ट्रिप), 22 एवं 23 फरवरी 2025 (02 ट्रिप) एवं 25 फरवरी 2025 से 28 फरवरी 2025 तक (04 ट्रिप) चुनार  स्टेशन से सायं 16:30 बजे प्रस्थान कर मिर्ज़ापुर 16:55 बजे, विंध्याचल 17:13 बजे, माण्डा रोड रोड 17:45 बजे, मेजा रोड 18:08 बजे, प्रयागराज छिवकी  19:45 बजे पहुँचकर तथा रात्रि 20:15 बजे प्रस्थान कर दूसरे दिन सुबह 11:30 बजे इटारसी स्टेशन पहुंचेगी। (कुल 33 ट्रिप) स्पेशल ट्रेनों के ठहराव के विस्तृत समय-सारिणी के लिए कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाएं या एनटीईएस ऐप डाउनलोड कर प्राप्त कर सकते है।   recent visitors 29