यूपी में बृहस्पतिवार को थमी बर्फीली हवाओं की रफ्तार, कई इलाकों में धूप खिलने से राहत

लखनऊ उत्तर प्रदेश में पिछले दो-तीन दिनों से चल रही तेज रफ्तार पछुआ हवाएं बृहस्पतिवार से मद्धिम हुईं। कई इलाकों में सुबह हुई गुनगुनी धूप और पछुआ थमने के असर से फौरी तौर पर गलन से थोड़ी राहत हुई। हालांकि तराई समेत अन्य कुछ जगहों पर बृहस्पतिवार को सुबह घना कोहरा छाया रहा। प्रयागराज समेत कुछ जिलों में दृश्यता शून्य तक जा पहुंची। राजधानी लखनऊ में बृहस्पतिवार को सुबह से ही हल्की धूप खिली और गलन से तात्कालिक तौर पर राहत मिली। यहां रात के पारे में 4 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार सुबह लखनऊ में  हल्के से मध्यम कोहरा छाने के आसार है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह का कहना है कि प्रदेश में  शुक्रवार तक रात के पारे में हल्की गिरावट आएगी।  शनिवार से पश्चिमी विक्षोभ के असर से रात का पारा फिर से चढ़ेगा। कुल मिलाकर इस हफ्ते तापमान में उतार चढ़ाव जारी रहेगा। यहां है घना कोहरा छाने की संभावना प्रतापगढ़, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, बाराबंकी, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अम्बेडकरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर संभल, बदायूं एवं आसपास इलाकों में घना कोहरा छाने की संभावना है।   recent visitors 71

पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में कुत्ता घुसने से मचा हड़कंप, बाघ को गंभीर बीमारी का खतरा

पन्ना पन्ना टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में पालतु कुत्ते के घुसने का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र संचालक अंजना सुचिता तिर्की ने की जांच बैठा। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि पन्ना टाइगर रिजर्व के अंदर पालतू कुत्ते के घुस जाने का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसे संज्ञान में लेते हुए इस घटना की जांच एडी को सौंपी गई है। बताया कि यह बेहद गंभीर विषय है और कुत्तों से बाघ को गंभीर बीमारी हो सकती है। इसकी जांच की जा रही है। जांच में जो भी कर्मचारी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघों की सुरक्षा को लेकर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। वीडियो में बाघ और कुत्तों का आमना-सामना होता दिखाई दे रहा है, जिसमें यहां कुत्तों ने बाघ को देखा तो भौकने लगे। जंगल के राजा को ये रास नहीं आया तो सैलानियों कि जिप्सियों के बीच से निकाल कर उन्हें खदेड़ दिया, जिसका सैलानियों ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। केनाइन डिस्टेंपर घातक बीमारी का खतरा यहां पन्ना टाइगर रिजर्व प्रबंधन की यह घोर लापरवाही सामने आई है। क्योंकि कुत्तों को बाघ काट ले या कुत्ते द्वारा बाघ को काटने से बाघों को केनाइन डिस्टेंपर नामक घातक बीमारी हो सकती है, जिससे बाघ की मौत भी हो सकती है। इस बीमारी के चलते पन्ना टाइगर रिज़र्व में पूर्व में एक बाघ की मौत भी हो चुकी है। इससे बचाने के लिए पार्क प्रबंधन द्वारा आसपास के गावं में कुत्तों का टीकाकरण भी कराया जाता है, ताकि बाघों को कोई नुकसान न पहुंच सके। recent visitors 111

डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय में खून जांच के लिए नई व्यवस्था शुरू, नहीं लगाना होगा लैब का चक्कर

रायपुर डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय के विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीज के परिजनों को खून की जांच के लिए पैथोलॉजी लैब का चक्कर नहीं लगाना होगा. अब वार्ड में भर्ती सभी मरीजों के पैथोलॉजिकल जांच के लिए उनका ब्लड सैंपल वार्ड में एकत्रित कर वार्ड बॉय द्वारा पैथोलैब तक पहुंचाया जाएगा और जांच पश्चात् ब्लड रिपोर्ट एकत्रित करके उसे संबंधित वार्ड में ऑन ड्यूटी नर्स को दिया जाएगा. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सुविधाओं का लगातार विस्तार हो रहा है. इसी क्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय में भर्ती अंतः रोगी मरीजों के लिए प्रबंधन ने बड़ा फैसला लिया है. अम्बेडकर अस्पताल अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने बताया कि प्रारंभिक तौर पर मेडिसिन मेल वार्ड क्र. 8 एवं 9 तथा मेडिसिन फीमेल वार्ड क्रं. 10 एवं 11 में भर्ती मरीजों के लिए यह व्यवस्था शुरू की गई है. धीरे-धीरे सभी वार्डों में सैंपल कलेक्शन सिस्टम की यह व्यवस्था लागू हो जाने के बाद मरीजों को सबसे बड़ी राहत मिलेगी और उनके अटेंडर को भी जांच के लिए ब्लड सैंपल को लेकर पैथोलॉजी लैब तक नहीं जाना पड़ेगा. रिपोर्ट भी उनको समय पर मिल जाएगा. विदित हो कि 1340 बेड के अम्बेडकर अस्पताल में रोजाना 950 से भी अधिक मरीज भर्ती रहते हैं. वहीं प्रतिदिन लगभग 260 नये मरीज अंतः रोगी विभाग (आईपीडी) में भर्ती होते है. यहाँ विभिन्न विभागों के बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में आने वाले मरीजों की संख्या प्रतिदिन लगभग दो से ढाई हजार रहती है. ओपीडी के अलावा इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के लिए सप्ताह के सातों दिन चौबीस घंटे खून जांच एवं रेडियोलॉजी जांच की व्यवस्था रहती है. recent visitors 69

सिंधिया ने शिवपुरी को कई सौगातें की प्रदान, माधव नेशनल टाइगर रिजर्व में टाइगर सफारी वाहन को दिखाई हरी झंडी

शिवपुरी गुना-संसदीय क्षेत्र के तीन दिवसीय दौरे के तहत केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया शिवपुरी पहुंचे। केंद्रीय मंत्री एवं क्षेत्रीय सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जिले को कई सौगातें प्रदान की हैं। सिंधिया ने माधव नेशनल टाइगर रिजर्व में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लाए दो गए टाइगर सफारी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। बता दें कि इन दोनों वाहनों की खरीद सिंधिया के सांसद निधि से 24 लाख रुपये की लागत से हुई है। साथ ही पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखकर ऐतिहासिक जॉर्ज कैसल कोठी का 25 लाख रुपये की लागत से किए गए नवीनीकरण का लोकार्पण एवं कैंटीन का उद्घाटन भी किया। सिंधिया ने चलाई जिप्सी केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ड्राइविंग का लुत्फ उठाते हुए नजर आए। टाइगर सफारी वाहनों को हरी झंडी दिखाकर नेशनल टाइगर रिजर्व को एक अनुपम सौगात दी गई। साथ ही सिंधिया ने जिप्सी को खुद चला कर अधिकारियों एवं स्थानीय नेताओं को सफारी करवाई। यह नजारा देखने लायक था।बता दें कि माधव नेशनल टाइगर रिजर्व को सफारी की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा की शुरुआत भी की। इससे पर्यटकों को बुकिंग करने में सुविधा मिलेगी। माधव नेशनल पार्क को दिलाया टाइगर रिजर्व का दर्जा गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री सिंधिया के अथक प्रयासों एवं मध्यप्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव के सहयोग की बदौलत ही माधव राष्ट्रीय उद्यान को 'टाइगर रिजर्व' का दर्जा प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि क्षेत्रीय पर्यटन, रोजगार सृजन और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। 27 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद माधव राष्ट्रीय उद्यान में बाघों की दहाड़ फिर से गूंजी है। कार्यक्रम के दौरान सिंधिया ने कहा कि यह वो स्थान है, जो मेरे पूज्य पिताजी, स्वर्गीय माधव महाराज एवं मेरे पूर्वज माधव महाराज प्रथम के दिल के बहुत करीब था। उन्होंने कहा कि टाइगर रिजर्व बनने से अब संसाधनों की कमी नहीं होगी। साथ ही पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी एवं क्षेत्रीय रोजगार बढ़ेगा। इस उद्यान से केवल शिवपुरी एवं मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे विश्व पटल पर प्राकृतिक एवं वन्य समृद्धि का डंका बजेगा। recent visitors 140

राजस्थान में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित दूसरे चिंतन शिविर में शामिल होंगी मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया

भोपाल महिला-बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया राजस्थान में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित दूसरे चिंतन शिविर में शामिल होंगी। उदयपुर में 10 से 12 जनवरी के बीच इस चिंतन शिविर में सभी राज्यों की महिला एवं बाल विकास मंत्री मौजूद रहेंगी। मंत्री सुश्री भूरिया शिविर में झाबुआ जिले में किए गये नवाचार कुपोषण मुक्त अभियान के तहत 'मोरी आई' कान्सेज के संबंध में जानकारी साझा करेंगी। झाबुआ जिले में लागू इस नवाचार के सुखद और सकारात्मक परिणाम मिले है। केन्द्रीय महिला बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने झाबुआ में शुरू किए गये नवाचार की सराहना की थी। राजस्थान के उदयपुर में हो रहे चिंतन शिविर में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के महिला एवं बाल विकास व समाज कल्याण मंत्रियों के साथ-साथ राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हो रहे हैं। ये अधिकारी आंगनबाड़ी केंद्रों, पोषण आहार तथा महिला एवं बाल विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा कर और राज्यों की जरूरत के अनुसार रोडमैप तैयार करेंगे।   recent visitors 189

मुख्यमंत्री नि:शक्तजन विवाह योजना में राशि स्वीकृत करने के अधिकार अब जिला कलेक्टर को

भोपाल मुख्यमंत्री नि:शक्तजन विवाह योजना के तहत हितग्राहियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य शासन ने 2 लाख रूपये तक की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत करने के अधिकार जिला कलेक्टर को प्रदान कर दिये है। प्रमुख सचिव, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण सशक्तिकरण श्रीमती सोनाली वायंगणकर ने बताया कि दिव्यांगों को विवाह करने के लिये विभाग द्वारा मुख्यमंत्री नि:शक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना संचालित की जा रही है। इस योजना में विवाह करने वाले दम्पती में अगर एक व्यक्ति दिव्यांग होता है तो राज्य सरकार दो लाख रूपये तथा दम्पत्ति में दोनों दिव्यांग होते है तो एक लाख रूपये तक की प्रोत्साहन राशि प्रदान करती है। इस योजना में हितग्राहियों को प्रोत्साहन राशि आसानी से प्राप्त हो सके। इस उद्देश्य से राशि स्वीकृति के अधिकार जिला स्तर पर अब कलेक्टर को दिये गये है। कलेक्टर निराश्रित निधि की मूल राशि या ब्याज की राशि से प्रोत्साहन राशि स्वीकृत कर सकेंगे।   recent visitors 85

इस बार लाडली बहना योजना से 1 लाख 63 हजार महिलाओं का हटेगा नाम, नहीं मिलेगी 1250 रुपए की किस्त

भोपाल मध्यप्रदेश की बहुचर्चित मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना के हितग्राहियों के लिए यह खबर जरूरी है। लाडली बहना योजना से प्रदेश के एक लाख 63 हजार महिलाओं का नाम कट जाएगा। इस बार ऐसी लाडली बहनों को 1250 रुपए की किस्त नहीं मिलेगी। महिला और बाल विकास विभाग ने इन्हें अपात्र घोषित कर दिया है। दरअसल इन सभी महिलाओं की उम्र 60 साल से अधिक हो गई है, लिहाजा महिला और बाल विकास विभाग ने इन्हें लाडली बहना योजना से अपात्र घोषित किया है। जनवरी 2025 में 1.26 करोड़ महिलाओं को ही 1250 रुपए की किस्त मिल सकेगी। बीते 11 दिसंबर 2024 को 1.28 करोड़ महिलाओं के खाते में 1572 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए थे। जनवरी 2025 में 20 वीं किस्त जारी होगी। 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जयंती के दिन आयोजित दो अलग-अलग कार्यक्रमों के दौरान खाते में ट्रांसफर होगी राशि। recent visitors 92