कैसे इंस्टॉल करें अपने पीसी में फ्री एंटीवॉयरस

कंप्यूटर के लिए एंटीवॉयरस उसी तरह से काम करते हैं जैसे हमारे लिए सर्दी जुकाम से बचने के लिए दवाई। अगर आप बाजार में मौजूद महंगे एंटीवॉयरस नहीं खरीद सकते हें तो कई फ्री एंटीवॉयरस भी मौजूद है जिसे आप अपने कंप्यूटर या फिर लैपटॉप में डाउनलोड कर सकते हैं, अब इन्हें डाउनलोड कैसे करें इसके बारे में चिंता करने की कोई जरूरत नहीं क्योंकि एंटीवॉयरस को इंस्टॉल करना बेहद आसान है। नीचे दी गई स्टेप को फॉलों करके आप आसानी से अपने कंप्यूटर में एंटीवॉयरस इंस्टॉल कर सकते हैं। सबसे पहले जिस एंटीवॉयस को आप अपने कंप्यूटर में इंस्टॉल करना चाहते हैं उसे अपने कंप्यूटर पर डाउनलोड कर लें। जहां पर एंटीवॉयरस इंस्टॉल किया हैं उस ऑइकॉन पर राइट यानी कंप्यूटर माउस की बाईं तरफ क्लिक करें क्लिक करते ही रन का ऑप्शन दिखेगा जिसमें क्लिक कर दें रन पर क्लिक करते ही एंटीवायरस कंप्यूटर में इंस्टॉल होने लगेगा। इंस्टॉल होने से पहले एंटीवायरस में कस्टम और मैन्यूअल का ऑप्शन आएगा मतलब आप जिन चीजों को इंस्टॉल करना चाहते हैं उसे खुद सलेक्ट करेंगे या फिर एंटीवायरस खुद ही जरूरी अपडेट इंस्टॉल कर दे। एंटीवॉयरस इंस्टॉल हो जाने के बाद आपकी कंप्यूटर स्क्रीन पर एंटीवॉयरस का आइकॉन आ जाएगा जिस पर क्लिक कर दें आईकॉन पर क्लिक करते ही एंटी वॉयरस का कंट्रोल पैनल ओपेन हो जाएगा ध्यान रहे अब आपको एंटीवॉयरस एक्टीवेट करना होगा जिसके लिए इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत पड़ेगी। एक बार एंटीवॉयरस अपडेट हो जाने के बाद आपका कंप्यूटर सेफ हो जाएगा। पहली बार एंटीवॉयरस अपडेट करने पर हो सकता है थोड़ा समय लगे इसलिए थोड़ा सब्र करें एंटी वॉयरस अपडेट होने के बाद कंट्रोल पैनल में रेड की जगह ग्रीन कलर दिखनें लगेगा।   recent visitors 128

बस की छत पर सवारी बैठाकर परिवहन करने वाले मंदाकिनी बस के चालक पर हुई कार्यवाही

  अनूपपुर  समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर जिसमें एक बस चालक बस की छत पर सवारियां बिठाकर परिवहन करते हुए लोगों की  जान जोखिम में डालकर बस का वेंकट नगर से जैतहरी होते हुए अनूपपुर के लिए परिवहन कर रहा था। इस खबर पर संज्ञान लेते हुए पुलिस अधीक्षक महोदय अनूपपुर द्वारा तत्काल  यातायात प्रभारी को कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया ।जिसके पालन में आज ट्रैफिक पुलिस द्वारा उक्त बस चालक पर कार्यवाही करते हुए ₹5000 का जुर्माना लगाया गया।मंदाकिनी बस क्रमांक MP-65ZB-4257 के चालक का  5000 का चालान ( खतरनाक तरीके से वाहन चलाना, ड्राइवर बिना वर्दी एवं नेम प्लेट के पाया जाना  एवं वाहन में फर्स्ट एड बॉक्स ना होने पर ) काटा गया । अन्य बसों की भी की गई चेकिंग  अभियान के दौरान यात्रियों के जोखिम  रहित  सुगम परिवहन  के लिए आज दिनांक को विशेष अभियान चलाकर अनूपपुर जिला मुख्यालय से अन्य स्थानों को जाने एवं अन्य स्थानों से अनूपपुर आने वाले यात्री वाहन बस की चेकिंग की गई । इस दौरान कुल 29 बसों को  चेक किया गया। बसों के आवश्यक दस्तावेज  रजिस्ट्रेशन, बीमा, फिटनेस, परमिट, सहित  वाहन चालक एवं परिचालक के लाइसेंस की जांच की गई साथ ही सुरक्षा उपकरणों जैसे फर्स्ट एड बॉक्स, फायरफाइटर आदि की जांच की गई।  उक्त कार्यवाही के द्वारा बस चालकों को बस चलाने के दौरान रखे जाने वाली सावधानि के बारे में भी समझाइए दी गई साथ ही क्षमता से अधिक सवारी परिवहन न करने की हिदायत दी गई जिससे यात्रियों के परिवहन को व्यवस्थित एवं जोखिम रहित किया जा सके।   recent visitors 70

मुख्यमंत्री साय ने ऑल इंडिया स्टील कॉनक्लेव 2.0 को किया संबोधित

रायपुर, विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए हम फौलादी इच्छाशक्ति के साथ काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2030 तक 300 मिलियन टन स्टील उत्पादन का लक्ष्य रखा है और इस लक्ष्य को पाने में छत्तीसगढ़ की सबसे अहम भूमिका होगी। इसके लिए प्रदेश के प्रत्येक उद्यमी को छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा का ब्रांड एंबेसडर बनना होगा। प्रदेश के स्टील उद्योग को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए हरसम्भव सहयोग हमारी सरकार प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर के मेफेयर लेक रिसॉर्ट में आयोजित ऑल इंडिया स्टील कॉनक्लेव 2.0 को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना का रजत जयंती वर्ष मना रहा है। हम विकसित छत्तीसगढ़ की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब मैं केंद्रीय राज्य मंत्री था तब स्टील इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों से अक्सर मुलाकात होती रही है। साय ने कहा कि 17 राज्यों से आए 1500 प्रतिनिधि यहां दो दिन स्टील उद्योग की चुनौतियों व नये अवसर पर मंथन करेंगे। मुझे विश्वास है कि यहां हुई चर्चा स्टील सेक्टर के साथ ही छत्तीसगढ़ और देश की तरक्की को नई दिशा देगी। उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया स्टील कॉन्क्लेव 2.0 का आयोजन प्रदेश में स्टील उद्योग को तो प्रोत्साहित करेगा ही, एमएसएमई के लिए भी लाभकारी होगा। देशभर के उद्योग जगत के लोग छत्तीसगढ़ की इस विकास यात्रा में भागीदार होना चाहते हैं। छत्तीसगढ़ में अवसर के कई द्वार अभी और खुलेंगे। जल्द ही हम लिथियम जैसी ऊर्जा खनिज के सबसे बड़े केंद्र बनेंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्टील उद्योग के लिए काफी अवसर हैं। हमारे पास स्टील इंडस्ट्री के लिए जरुरी खनिज जैसे लोहा ओर और कोयला के साथ ही बिजली पर्याप्त मात्रा में है। हम स्टील उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर हैं। हमें गर्व है कि हमारा प्रदेश देश की इकोनॉमी का पावर हाउस है। छत्तीसगढ़ ने अब ग्रीन स्टील की ओर भी कदम बढ़ा दिया है। उन्होंने कहा कि स्टील उद्योग में कई नवाचार हो रहे हैं। उत्पादन बढ़ाने के लिए आप लोग नई और एडवांस टेक्नोलॉजी का उपयोग कर रहे हैं, इसके लिए आप सभी बधाई के पात्र हैं। आर्थिक विकास को गति देने के साथ हमें जलवायु परिवर्तन की चुनौती का भी समाधान करना होगा। ऐसे में अब पर्यावरण अनुकूल विकास के स्थायी उपाय करने होंगे। उन्होंने नई औद्योगिक नीति के जरिए 5 लाख नये रोजगार सृजन के लक्ष्य की बात दोहराई और कहा कि यह आप सभी के सहयोग से ही पूरा होगा। मुख्यमंत्री ने इस दौरान सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 और नई औद्योगिक नीति पर भी सरकार के विजन को साझा किया। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 एक ऐसा नवाचारी प्लेटफॉर्म है जिसके जरिए राज्य में उद्योग, व्यवसाय और स्टार्टअप को एक पोर्टल पर तमाम सुविधाएं मिल रही हैं। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार ने निवेश के लिए अनुकूल औद्योगिक नीति तैयार की है और इससे प्रदेश में निवेश आकर्षित हो रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ वनाच्छादित प्रदेश है और यहां खनिज सम्पदा के विपुल भंडार मौजूद है। प्रदेश के विकास को गति देने की सभी संभावनाएं यहां मौजूद है। देवांगन ने स्टील उद्योग को बढ़ावा देने के लिए शासन द्वारा लिए गए निर्णयों की जानकारी भी दी। उन्होंने कॉनक्लेव में मौजूद सभी उद्योगपतियों से आग्रह करते हुए कहा कि हमारी इस औद्योगिक नीति को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं, जिससे लोग इसका लाभ लें और प्रदेश की तरक्की में साझेदार बने। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का सबसे तेजी से विकसित होता हुआ राज्य बन रहा है। प्रदेश में स्टील उद्योग के लिए अनुकूल अवस्थाएं मौजूद हैं। प्रदेश में पहले से ही अनेक उद्योग स्थापित हैं अब हमारी जिम्मेदारी है कि हम विकास के साथ ही पर्यावरण का भी ध्यान रखें। सीएसआर की सहायता से लोगों के जीवन को भी बेहतर बनाने का प्रयास करें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सचिव राहुल भगत, उद्योग सचिव रजत कुमार, ऑल इंडिया स्टील कॉनक्लेव 2.0 के चेयरमैन रमेश अग्रवाल, छत्तीसगढ़ स्टील री रोलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय त्रिपाठी, भिलाई स्टील प्लांट के सीईओ अजॉय कुमार चक्रवर्ती सहित सीएसआरए के पदाधिकारीगण और स्टील उद्योग से जुड़े उद्योगपति उपस्थित थे।   recent visitors 70

खरीदी केंद्र से संग्रहण केंद्र के लिए भेजे गए धान के बोरे ढाबे पर मिले

गरियाबंद खरीदी केंद्र से संग्रहण केंद्र के लिए भेजे गए धान के बोरे कोयबा के एक ढाबे में मिले. यही नहीं 165 लीटर डीजल भी बरामद किया गया. खाद्य निरीक्षक की छापेमारी में खुली इस कलई के पीछे ट्रांसपोर्टरों की जिम्मेदार अधिकारियों से सेटिंग है, जिसमें धान परिवहन के दरमियान मात्रा में आई कमी की भरपाई खरीदी केंद्रों से कराने का रिवाज बन गया है. दरअसल, खरीदी केंद्र से धान भर कर संग्रहण केंद्र के लिए निकले ट्रक अक्सर कोयबा में नेशनल हाइवे से लगे एक ढाबे में अक्सर रुका करते थे. जहां ढाबा संचालक के साथ मिल सरकारी धान व ट्रक के डीजल की हेरा-फेरी की जाती थी. सूचना के आधार पर सहायक खाद्य अधिकारी कुसुम लता ने ढाबे में छापेमारी की. मौके पर मौजूद धान लोडेड ट्रक का चालक अफसर को देख कर गाड़ी लेकर भाग निकला. वहीं जब टीम ने ढाबे की तलाशी ली तो 15 बोरा धान के साथ 165 लीटर डीजल भी मिला. ढाबा संचालक जप्त समान के कोई वैधानिक दस्तावेज नहीं दिखा पाया. अफसर ने पंचनामा कर अग्रिम कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन आला अफसरों को भेज दिया है. जप्त किए गए धान अमलीपदर और गोहरापदर (मैनपुर) खरीदी केंद्र से लोड किया गया था. बारदाना में लगे मोहर के आधार पर पहचान के बाद अब परिवहन में जुटे ट्रक व चालक के नाम पर कार्रवाई की तैयारी है. मैनपुर एएफओ कुसुम लता ने कहा कि पंचनामा कर प्रतिवेदन जिला अधिकारी को भेजा जा रहा है. निर्देश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. दागी ट्रांसपोर्टर को मिल रहा पूरा समर्थन परिवहन के लिए टेंडर किसी का भी लगे पर कुंडेल में नवापारा के स्थानीय एक ट्रांसपोर्टर को जिम्मा दिया जाता है. पहले धान भरे ट्रक के गायब करने के मामले में ट्रांसपोर्टर पर कार्रवाई भी हो चुकी है. लेकिन राजनीतिक रसूख के चलते ट्रांसपोर्टर अब भी संग्रहण केंद्र में जमा हुआ है. छोटी-मोटी हेराफेरी की ताकत चालकों को वहीं से मिलती है. बता दे कि संग्रहण केंद्र से दुरस्त देवभोग अमलीपदर थाना क्षेत्र से अब तक 10 ट्रक धान गायब हो चुके हैं. कुछ में आरोपी पकड़े गए, लेकिन मामला अब भी नहीं सुलझ पाया है. गलती किसी और की, सजा कोई और भुगते एक ट्रक में 5 से 10 बोरा धान गायब करना एक तरह से रिवाज बन गया है. दरअसल, खरीदी केंद्र से जितना भी वजन भेजा जाए उसको संग्रहण केंद्र में दोबारा वजन कराया जाता है. मात्रा में अंतर की भरपाई संग्रहण केंद्र वाले खरीदी केंद्र से कराते है. रास्ते में गायब हो रहे बोरे इस बात का प्रमाण है कि गड़बड़ी वाहन व ट्रांसपोर्ट से जुड़े लोग करते हैं, पर हर्जाना खरीदी केंद्र से किया जाता है. खरीदी केंद्र प्रभारियों ने खरीदी केंद्र से धरम काटा किए गए पर्ची को मान्य करने की जायज मांग कर चुके हैं पर इस मांग को क्यों नहीं माना जाता, समझ से परे है. recent visitors 65

लगातार काम करने से होती हैं ये शारीरिक समस्याएं, ऐसे बचें इनसे

भारत की 121 करोड़ से ज्यादा आबादी में 65 फीसदी लोगों की उम्र 35 साल या इससे कम है। देश के युवा अलग-अलग क्षेत्र में काम कर रहे हैं। इनमें से ज्यादातर युवा प्राइवेट कंपनियों में जॉब करते हैं। कामयाबी हासिल करने के लिए जी-तोड़ मेहनत करते हैं। पर हममे से कई लोग मेहनत के आगे अपनी हेल्थ को भूल जाते हैं। ऑफिस वर्क हो या फील्ड वर्क, लगातार काम करने और काम का प्रेशर लेने के चलते, कम उम्र में ही कुछ शारीरिक समस्याएं शुरू हो जाती हैं। आप अगर इन्हें नजरअंदाज करते हैं तो ये आगे चलकर बड़ी बीमारी का रूप ले सकती हैं। हमने कुछ फिजियोथैरेपिस्ट से ऑफिस जाने वाले लोगों से जुड़ी शारीरिक समस्याओं और उनके रोकथाम को लेकर बातचीत की। शायद आपको भी इनमें से कुछ हेल्थ प्रॉब्लम शुरू हुई हों या कई दिनों से आप परेशान हों। हम आपको बता रहे हैं कि कैसे खुद पर थोड़ा ध्यान देकर आप हेल्थ प्रॉब्लम्स को दूर रख सकते हैं या फिजियोथैरेपिस्ट की सलाह लेकर उन्हे जड़ से खत्म कर सकते हैं.. मेदांता हॉस्पिटल गुड़गांव के फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. आलोक मोहन कहते हैं, हमारे पास बैकपेन की समस्या लेकर ऐसे पेशेंट आते हैं, जो ऑफिस में ज्यादातर बैठकर काम करते हैं। पॉश्चर इमबैलेंस यानी ठीक ढंग से न बैठने की वजह से यह समस्या आती है। ग्वालियर के डॉ. गौरव त्रिपाठी के मुताबिक, ऑफिस गोइंग लोगों में स्पॉन्डलाइटिस और लंबर स्पॉन्डलाइटिस जैसी समस्याएं आम हैं। बचाव के उपाय डॉ. आलोक बताते हैं कि अगर आपको इन समस्याओं से बचना है तो ऑफिस में बैठने का सही तरीका काफी जरूरी है। लगातार सीट पर नहीं बैठना चाहिए। बीच में सीट पर बैठे-बैठे आप अपनी बॉडी को स्ट्रैच कर सकते हैं। इसके लिए एक्सरसाइज चार्ट देखिए। डॉ. गौरव बताते हैं कि सर्वाइकल या लंबर स्पॉन्डलाइटिस बढ़ जाने पर मशीन से एक्सराइज या अलग-अलग थैरेपी लेनी होगी। डॉ. आलोक बताते हैं कि फील्ड पर रहने वाले या लगातार बाइक चलाने वाले लोगों को कंधे में दर्द, अपर बैक पेन जैसी समस्याएं हो जाती हैं। डॉ. गौरव के मुताबिक, ज्यादा देर तक बैठकर काम करने से भी घुटने में दर्द हो सकता है। डॉ. गौरव ने कहा, सर्वाइकल बढ़ने पर सिर दर्द, चिड़चिड़ापन, उल्टी और चक्कर शुरू हो जाते हैं। चिड़चिड़ेपन से बीपी प्रॉब्लम भी हो सकती है। ऑफिस जाने से पहले घर पर:- -सिंगल नी टू चेस्ट स्ट्रेच-पीठ के बल लेटें और पैरों को सीधा रखें। -एक घुटने को पकड़कर छाती तक लाएं। -20 सेकेंड तक होल्ड करें। -रिलैक्स होकर दूसरे पैर के साथ भी ऐसा करें। -दोनों पैरों से 5 दफा रिपीट करें। स्टैंडिंग स्ट्रेच:- -पैर सीधे करके खड़े हो जाइए। -घुटने के पीछे से पैर को पकड़िए। -जितना हो सके पैर को ऊपर उठाइए। 20 सेकेंड तक होल्ड कीजिए। -रिलैक्स होकर दूसरे पैर के साथ ऐसा कीजिए। दोनों साइड से 5 बार ऐसा कीजिए। हिप रोलिंग:- पहले सीधे लेटें और अपने दोनों पैरों को थोड़ा ऊपर उठाएं। अपने हाथों को बांधकर छाती पर रखें। फिर अपने सिर को दाएं घुमाएं और मुड़े हुए पैरों को बाएं। फिर धीमे-धीमे पैरों को सीधे करके रिलैक्स हों। फिर पैर को वापस मोड़कर सिर सेंटर पर करें। फिर सिर को बाएं और मुड़े हुए पैरों को दाएं घुमाकर यह प्रक्रिया दोहराएं। साइड बेंडिंग:- सीधे खड़े हों। पैरों के बीच थोड़ा गैप रखें और हाथों को सीधे पैरों के सहारे नीचे। फिर अपने सिर को दाईं तरफ झुकाते हुए बायां हाथ सिर के सहारे दाईं तरफ ले जाएं और दायां हाथ सीधे रखें। फिर सीधे होने के बाद सिर को बाईं तरफ और दायां हाथ बाईं तरफ ले जाएं।   recent visitors 118

अनूपपुर में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक का हार्ट अटैक आने से आकस्मिक निधन

अनूपपुर थाना कोतमा जिला अनूपपुर में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक रवि करण दुबे उम्र 56 वर्ष अपने ड्यूटी के प्रति लगन मेहनत एवं ईमानदारी के साथ करते थे,  ड्यूटी के दौरान अचानक हृदय गति रुकने से इलाज के दौरान कोतमा सामुदायिक केंद्र में निधन हो गया है , श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय अनूपपुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय अनूपपुर, एवं एसडीओपी महोदय, थाना प्रभारी कोतमा व समस्त अनूपपुर पुलिस परिवार गहरा शोक व्यक्त किया। recent visitors 45

कृष्ण जन्मस्थान और शाही ईदगाह मामले पर न्यायालय का बड़ा संकेत, अब दोनों की सुनवाई एक ही अदालत में हो सकेगी

नई दिल्ली कृष्ण जन्मस्थान और शाही ईदगाह के बीच चल रहे भूमि विवाद को लेकर एक महत्वपूर्ण विकास हुआ है। उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान संकेत दिया है कि सभी संबंधित याचिकाओं की सुनवाई अब किसी एक अदालत में हो सकती है। इससे विवाद के समाधान में एक नया मोड़ आ सकता है, जो दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद हो सकता है। उच्चतम न्यायालय का रुख कृष्ण जन्मस्थान-शाही ईदगाह भूमि विवाद को लेकर उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने शुक्रवार को महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं। पीठ ने पूछा कि मथुरा की विभिन्न सिविल अदालतों से संबंधित लगभग 18 मुकदमों को एक साथ एकीकृत करके सुनवाई उच्च न्यायालय के पास क्यों न की जाए, जबकि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इस संबंध में पहले ही फैसला सुनाया था। उच्चतम न्यायालय ने यह भी कहा कि मुकदमों का एकीकरण पक्षकारों के लिए अधिक सुविधाजनक हो सकता है, क्योंकि इससे अलग-अलग अदालतों में लंबी और जटिल प्रक्रियाओं से बचा जा सकता है। मुस्लिम पक्ष की आपत्ति मुस्लिम पक्ष के वकील ने हालांकि इस एकीकरण पर आपत्ति जताते हुए कहा कि ये मुकदमे समान प्रकृति के नहीं हैं और यदि उन्हें एक साथ सुना जाता है, तो यह जटिलताओं का कारण बन सकता है। हालांकि, उच्चतम न्यायालय की पीठ ने इस आपत्ति को खारिज करते हुए कहा कि इससे किसी प्रकार की जटिलता नहीं आएगी, और यह पक्षकारों के लिए सुविधाजनक होगा। इलाहाबाद उच्च न्यायालय का निर्णय इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 26 मई 2023 को इस मामले में मथुरा की विभिन्न सिविल अदालतों से कृष्ण जन्मस्थान-शाही ईदगाह भूमि विवाद से संबंधित मुकदमों को अपने पास स्थानांतरित करने का आदेश दिया था। इसके बाद 1 अगस्त 2024 को उच्च न्यायालय ने एक और महत्वपूर्ण आदेश देते हुए मस्जिद प्रबंधन समिति की चुनौती को खारिज कर दिया था और मामले की सुनवाई जारी रखने का निर्देश दिया था। जानें 16 जनवरी से पहले की स्थिति 16 जनवरी 2024 को उच्चतम न्यायालय ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 14 दिसंबर 2023 के आदेश पर रोक लगाते हुए शाही ईदगाह मस्जिद का सर्वेक्षण करने का निर्देश अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया था। इस फैसले से मामले की आगे की सुनवाई में भी नए पहलू जुड़ सकते हैं, जो विवाद को सुलझाने में सहायक हो सकते हैं। अगली सुनवाई की तारीख उच्चतम न्यायालय ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 1 अप्रैल 2025 की तारीख निर्धारित की है, जब दोनों पक्षों के वकील अपने तर्क पेश करेंगे। यह तारीख इस मामले के भविष्य के लिए अहम हो सकती है, क्योंकि इसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया और विवाद का समाधान निकलने की संभावना है।   recent visitors 80