5 फरवरी तक दर्ज कराएं आपत्तियां, राजस्थान-राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (प्रारंभिक) परीक्षा की मॉडल आंसर की जारी

जयपुर। राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी (प्रारंभिक) परीक्षा-2024 की मॉडल उत्तर कुंजी आयोग की वेबसाइट पर जारी कर दी गई है। इस मॉडल उत्तर कुंजी पर किसी अभ्यर्थी को कोई आपत्ति हो तो निर्धारित शुल्क के साथ 3 फरवरी से 5 फरवरी 2025 को रात्रि 12ः00 बजे तक अपनी आपत्ति ऑनलाइन दर्ज करवा सकता है। आयोग के मुख्य परीक्षा नियंत्रक श्री आशुतोष गुप्ता ने बताया कि आपत्तियां आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध मॉडल प्रश्न पत्र के क्रमानुसार ही प्रविष्ट करनी होंगी। उक्त परीक्षा का मॉडल प्रश्न-पत्र आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं। आपत्ति प्रामाणिक (स्टैंडर्ड, ऑथेंटिक) पुस्तकों के प्रमाण सहित ऑनलाइन ही प्रविष्ट करें। वांछित प्रमाण संलग्न नहीं होने की स्थिति में आपत्तियों पर विचार नहीं किया जाएगा। उक्त परीक्षा में सम्मिलित अभ्यर्थियों के अतिरिक्त यदि कोई अन्य व्यक्ति आपत्ति दर्ज करवाते हैं, तो उन पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। आपत्ति दर्ज कराने का शुल्क व प्रक्रिया— आयोग द्वारा प्रत्येक प्रश्न हेतु आपत्ति शुल्क रु 100/- (सेवा शुल्क अतिरिक्त) निर्धारित किया गया है। अभ्यर्थी एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर रिक्रूटमेंट पोर्टल का चयन कर उक्त परीक्षा के लिए उपलब्ध लिंक (क्वेश्चन आब्जेक्शन) पर क्लिक कर प्रश्नों पर आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। प्रति प्रश्न आपत्ति शुल्क रू 100/- (सेवा शुल्क अतिरिक्त) के हिसाब से कुल आपत्ति शुल्क ई-मित्र कियोस्क अथवा पोर्टल पर उपलब्ध पेमेंट गेटवे से भुगतान कर आपत्तियों को स्थाई रूप से दर्ज कराया जा सकेगा। शुल्क के अभाव में आपत्तियां स्वीकार नहीं की जाएगी। आयोग द्वारा शुल्क वापस लौटाने का प्रावधान नहीं है। आपत्तियां केवल ऑनलाइन ही स्वीकार की जाएंगी। ऑनलाइन आपत्तियों का लिंक 3 से 5 फरवरी 2025 को रात्रि 12ः00 बजे तक ही उपलब्ध रहेगा। निर्धारित समयावधि के बाद लिंक निष्क्रिय हो जाएगा। अन्य किसी माध्यम से भेजी गई आपत्तियां स्वीकार नहीं की जाएंगी। आपत्तियां केवल एक बार ही ली जाएंगी। इस संबंध में किसी प्रकार की तकनीकी कठिनाई होने पर अभ्यर्थी recruitmenthelpdesk@rajasthan.gov.in पर ई-मेल से अथवा फोन नम्बर 9352323625 व 7340557555 पर संपर्क कर सकते हैं। recent visitors 86

मध्यप्रदेश में 8500 पुलिसकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया को मंजूरी मिली, 8 साल बाद एसआई की भर्ती होगी

भोपाल मध्य प्रदेश में पुलिस भर्ती प्रक्रिया का इंतजार खत्म हुआ। सरकार ने 8500 पदों पर भर्ती को मंजूरी दी है। इसमें 7500 सिपाही (Constable), 500 सब-इंस्पेक्टर (Sub-Inspector) और 500 ऑफिस स्टाफ (Office Staff) शामिल हैं। मध्यप्रदेश में 8 साल बाद एसआई पदों पर भर्ती होने जा रही है। पुलिस मुख्यालय (Police Headquarters) ने गृह विभाग (Home Department) को प्रस्ताव भेजा था, जिसे मंजूरी मिल गई है। सिपाही के 7500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू प्रदेश में 18,000 सिपाही पद रिक्त हैं। इनमें से 7500 पदों पर भर्ती को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए एक प्रक्रिया पहले से चल रही है। ऑफिस स्टाफ के 500 पद पिछले 8 वर्षों से रिक्त थे। इनमें स्टेनो (Steno) और एएसआई (ASI) पद शामिल हैं। 30 जनवरी को शासन ने इन पदों पर भर्ती की अनुमति दी है। राज्य शासन ने 30 जनवरी को ऑफिस स्टाफ की भर्ती की अनुमति भी जारी कर दी। 7500 सिपाहियों की भर्ती को भी जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है। डीजीपी कैलाश मकवाणा ने पद संभालने के बाद समीक्षा में पाया कि मप्र पुलिस के पास वर्तमान बल सिर्फ एक लाख है, जबकि 25 हजार पद रिक्त हैं। हर साल 500-700 पुलिसकर्मी सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिससे यह संख्या बढ़ती जा रही है। गृह विभाग ने एसआई पदों की भर्ती लिए नियमों में संशोधन किया है। इनमें एसआई रेडियो, आयुध व फोटो /फिंगर प्रिंट शामिल हैं। इन पदों के लिए 36 की बजाय 38 वर्ष की उम्र तक परीक्षा दे पाएंगे। 7500 पद पर सिपाही भर्ती होंगे: मप्र के सभी जिलों में 18,000 सिपाही पद रिक्त हैं, जिनमें से 7,500 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। वर्तमान में एक भर्ती प्रक्रिया चल रही है, जिसमें लिखित परीक्षा के परिणाम लंबित हैं। एसआई-सूबेदार के 500 पद: मप्र में आठ साल पहले एसआई-सूबेदार पदों पर भर्ती हुई थी। वर्तमान में 1200 से ज्यादा पद रिक्त हैं। भर्ती नियमों में संशोधन लंबित था, लेकिन अब नोटिफिकेशन जारी होने के बाद 500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। ऑफिस स्टाफ के 500 पद: स्टेनो और एएसआई (एम) पदों पर पिछले आठ साल से भर्ती नहीं हुई थी। पुलिस मुख्यालय ने 1 जनवरी को प्रस्ताव भेजा, जिसके बाद 30 जनवरी को शासन ने मंजूरी दी। अब 100 स्टेनो और 400 एएसआई (एम) पदों पर भर्ती होगी। रिक्त पदों पर जल्द होगी भर्ती मप्र पुलिस में रिक्त पदों की संख्या काफी ज्यादा है। शासन इन पदों पर भर्ती की मंजूरी दे रहा है। जल्द ही रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। -कैलाश मकवाणा, डीजीपी recent visitors 39

सदन में हंगामे के आसार, राजस्थान-विधानसभा में आज भजन सरकार लाएगी धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक

रायपुर। विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे ही दिन भजनलाल सरकार सदन में धर्म परिवर्तन से जुड़े मुद्दे पर एक अहम बिल पेश करने जा रही है। इसे राजस्थान धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक 2025 नाम दिया गया है। बिल में लव-जिहाद जैसे मुद्दों को भी शामिल किया गया है। इस बिल को लाने से पहले भजनलाल सरकार ने पूववर्ती वसुंधरा सरकार में लाए गए राजस्थान धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2008 को वापस ले लिया है। ये विधेयक राजे के नेतृत्व वाली तत्कालीन भाजपा सरकार के समय धर्म परिवर्तन की घटनाओं को रोकने के लिए लाया गया था। इसे सदन से पारित कर भेजा गया, लेकिन राष्ट्रपति की मंजूरी नहीं मिल पाई। इसके बाद मौजूदा बजट सत्र के पहले ही दिन भजनलाल सरकार ने इस बिल को वापस लेने का एलान कर दिया। बिल को लेकर हो सकता है हंगामा इस बिल को लेकर सदन में हंगामा हो सकता है। पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार के समय जब इसी तरह का बिल सदन में लाया गया था तब भी कांग्रेस ने काफी हंगामा किया था। आज कार्य सलाहका समिति का प्रतिवेदन विधानसभा सत्र के आगे के दिनों की कार्रवाई के लिए आज सदन में कार्य सलाहकार समिति का प्रतिवेदन भी पेश किया जाएगा। मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, BAC के 8वें प्रतिवेदन का उपस्थापन करेंगे। इसके बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा शुरू होगी। विपक्ष ने कई मुद्दों को लेकर सदन से लेकर सड़क तक सरकार को घेरने की तैयारी कर चुका है। इनमें जिले-संभाग समाप्त करने और इंग्लिश मीडियम स्कूलों की समीक्षा व बाजारे की एमएसपी पर खरीद सहित अन्य फसलों को लेकर सरकार की घेराबंदी की जाएगी। कुछ नए विधेयक भी आएंगे सामने सरकार इस बात की तैयारी कर चुकी है कि विपक्ष को किस तरह से सदन में जवाब देना है। विधायकों को इसके लिए प्रशिक्षण भी दिया गया है। पुराने विधेयकों के साथ ही सदन में इस बार कुछ नए विधेयक भी लाए जाएंगे। इनमें बीकानेर और भरतपुर में विकास प्राधिकरणों के गठन से जुडे़ विधेयक शामिल हैं। सरकार ने इनके अधिनियम जारी किए थे। अब अधिनियम के स्थान पर इनका बिल लाया जाएगा। इसके साथ ही कोचिंग संस्थाओं पर नियंत्रण के लिए भी विधेयक आ सकता है। इस बारे में खुद सरकार ने हाईकोर्ट को सूचित किया है और बताया है कि सरकार ये बिल लाने जा रही है। बिल का प्रारूप दो साल से तैयार है। recent visitors 35

संबंध बनाने के दौरान ही रवीना ने इकबाल को गिराकर, गला घोंटकर की हत्या , शव को दरवाजे पर फेंका

 बरेली  बरेली में एक शादीशुदा महिला ने कथित तौर पर ब्‍लैकमेलिंग और बार-बार की धमकी से परेशान होकर शारीरिक संबंध बनाते समय अपने प्रेमी पड़ोसी युवक की गला दबाकर हत्‍या कर दी। प्रेमी से मिलने के लिए जाने से पहले महिला ने अपने पति को नशीली चाय पिलाकर सुला दिया था। पुलिस ने कारचोबी ठेकेदार इकबाल अहमद की हत्‍या का पर्दाफाश कर दिया है। इसके साथ ही उसकी प्रेमिका रवीना को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। पुलिस के सामने प्रेमिका ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। लेकिन इकबाल के परिवारीजन इस घटना में शामिल अन्‍य लोगों के शामिल होने का भी आरोप लगा रहे हैं। बरेली के भोजीपुरा के गांव घुर समसपुर के रहने वाले कारचोबी ठेकेदार इकबाल अहमद का शव 30 जनवरी की सुबह अपने ही घर के बाहर सीढ़ियों पर मिला था पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्‍या करने की पुष्टि हुई थी। इस मामले में इकबाल की पत्‍नी शहनाज ने शनिवार को गांव की रहने वाली महिला रवीना और उसके पति इदरीश के खिलाफ केस दर्ज कराया था। आरोप था कि रवीना से उसके पति के अवैध संबंध थे। इस वजह से रवीना ने अपने पति के साथ मिलकर इकबाल की हत्या कर दी है। रविवार दोपहर पुलिस ने रवीना को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने अपने जुर्म का इकबाल कर लिया। एसपी उत्तरी मुकेश चन्द्र मिश्र ने बताया कि इकबाल अहमद रवीना से जरी का काम कराता था। इसी दौरान दोनों में प्रेम संबंध हो गए। 29 जनवरी को इकबाल अपनी शहनाज के साथ ससुर की बरसी के लिए ससुराल गया और उसे वहां छोड़कर वापस आ गया। रात में इकबाल रवीना ने को कॉल करके मिलने की इच्छा जाहिर की और उसे नींद की दो गोलियां देकर पति को देने को कह दिया। पति को नशीली चाय पिलाने के बाद रात 11.40 बजे उसे इकबाल का फाेन आया। इकबाल ने उसे अपने घर आने को कहा। जब वह पहुंची तो इकबाल खिड़की से निकलकर बाहर चबूतरे पर खड़ा मिला। संबंध बनाने के दौरान ही रवीना ने इकबाल को गिराकर उसके दोनों हाथ पैरों से दबा दिए। एक हाथ से मुंह दबाया और दूसरे से गला घोंटकर हत्या कर दी। फिर शव को दरवाजे पर फेंककर चली गई। एसपी उत्तरी ने बताया कि रवीना ने इस बारे में अपने पति को भी जानकारी नहीं। रवीना बोली, ब्लैकमेल करता था इकबाल रवीना ने पुलिस को बताया कि काम के सिलसिले में नजदीकियां बढ़ने पर इकबाल से मोबाइल नंबर का आदान प्रदान हो गया। एक दिन इकबाल ने जबरन दुष्कर्म किया। उसने पति से शिकायत करने की बात कही तो इकबाल बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग के जरिये बदनाम करने की धमकी देने लगा। फिर इसी बहाने आए दिन उसे बुलाकर संबंध बनाने लगा। वह इससे परेशान हो गई थी, इसी वजह से हत्या कर दी। परिजनों ने खुलासे पर उठाए सवाल इस खुलासे को लेकर इकबाल के परिजन संतुष्ट नहीं हैं। इकबाल के भाई कल्लू का कहना है कि कोई भी महिला अकेले पुरुष की हत्या नहीं कर सकती। पुलिस रवीना के पति और इस वारदात में शामिल अन्य लोगों को बचा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि रवीना इतनी ताकतवर नहीं है, जो इकबाल की अकेले हत्या कर दे। recent visitors 43

दलित युवती की हत्या के मामले में पुलिस को मिली बड़ी सफलता, तीन आरोपी गिरफ्तार

अयोध्या अयोध्या में दलित युवती की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी राज करण नैय्यर ने खुलासा करते हुए बताया कि हरी राम कोरी, विजय साहू व दिग्विजय सिंह को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि युवती की हत्या तीनों आरोपियों ने शराब के नशे में की थी। गांव के ही एक स्कूल में हत्या हुई थी। हत्या कर नाले के पास शव फेंक दिया था। पुलिस तीनों आरोपियों को रिमांड पर लेगी। आपको बता दें कि अयोध्या में शुक्रवार शाम से लापता एक युवती का नग्न अवस्था में शव मिला था। घटना कोतवाली क्षेत्र के सहनवा गांव की थी। जहां हैवानों ने दलित युवती के साथ दरिंदगी की। 30 जनवरी की रात 22 साल की युवती भागवत देखने गई थी। जहां रात करीब 11 बजे तक वह घर नहीं आई। परिजनों ने जब खोज की लेकिन उसका पता नहीं चल सका। शनिवार सुबह नाले के पास युवती का अर्धनग्न हाल में शव बरामद हुआ। वहीं, पास में खून से लथपथ कपड़े मिले। युवती की बेरहमी से हत्या की गई थी। उसका हाथ-पैर टूटा हुआ था। साथ ही आंखे भी फोड़ दी गई थीं। चेहरे पर कई जगह जख्म के निशान थे। फफक-फफक कर रोए थे सांसद अवधेश इस हत्याकांड पर रविवार को अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने एक प्रेसवार्ता की थी। इस दौरान वे फफक-फफक कर रोए। काफी देर तक सांसद रोते रहे। उन्होंनेे न्याय न मिलने पर लोकसभा से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया था। उन्होंने कहा कि मामले को सदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखूंगा और न्याय न मिलने पर इस्तीफा दे दूंगा। उन्होंने कहा कि देश की बहुचर्चित निर्भया कांड से भी बेदर्दी से बेटी की हत्या की गई है। सांसद ने कहा कि दलित बेटी के साथ अत्याचार की पराकाष्ठा पार कर दी गई है। घटना को बयां करते हुए शर्म आ रही है। सांसद ने कहा पीड़ित परिवार दहशत में है। मृतका का अंतिम संस्कार हिंदू रीति रिवाज के तहत न करके पुलिस प्रशासन ने जेसीबी मशीन से खोदकर मिट्टी डाल दी। सांसद ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते ही फांसी की सजा दिलाने की मांग की। recent visitors 44

इस दरगाह में मुस्लिम भी मानते है वसंत पंचमी

बलरामपुर बलरामपुर जिले में स्थित दरगाह पीर हनीफ शरीफ मथुरा बाजार हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक है। यहां वसंत पंचमी के मौके पर तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया गया है। मेले में भारत और नेपाल राष्ट्र के तमाम लोग यहां आकर जियारत व चादर पोशी करते हैं। ऐसी मान्यता है कि मजार के पास आठ कोने का एक कुंआ बना हुआ है, इसका पानी पीने से लोग बीमारियों से निजात पा जाते हैं। दरगाह शरीफ मथुरा बाजार का इतिहास काफी पुराना है। इसका निर्माण दिल्ली के शासक शाहजहां ने वर्ष 1627 में कराया था। तभी से यह हिन्दू मुस्लिम एकता का प्रतीक है। यहां दोनों समुदाय के लोग चादरपोशी के लिए पहुंचते हैं। वसंत पंचमी के मौके पर मेले में भारी संख्या में लोग शामिल होते हैं। दरगाह के अंदर की नक्काशी व गुंबद इसकी भव्यता को चार चांद लगाते हैं। स्थानीय लोगों की मान्यता है कि मजार के पास आठ कोने का पुराना कुआं बना है। कुएं का पानी पीने से बीमार लोग ठीक होते हैं। किंवदंतियों के अनुसार दरगाह शरीफ के चारों तरफ 9 किलोमीटर तक घना जंगल था। इसे लोग नौ गजा भी कहा कहते हैं। जंगल के बीच सैयद पीर मोहम्मद हनीफ की मजार थी। वहां कुछ लोग नमाज अदा कर रहे थे। वर्ष 1627 में इसी रास्ते से शाहजहां बंगाल जा रहे थे। वह मजार पर आकर खुद नमाज अदा किए। उसी स्थान पर उन्होंने भव्य मस्जिद बनवाने का फैसला लिया। मस्जिद बनने में 6 माह 13 दिन लगे थे। दरगाह शरीफ के गद्दी नशीन बाबा मोहम्मद शाहनवाज शाह ने बताया कि दरगाह में प्रतिदिन लोगों की भीड़ बनी रहती है, लेकिन तीन दिवसीय वसंत मेले में यहां बड़ा आयोजन होता है। भारत व पड़ोसी राष्ट्र नेपाल से तमाम लोग मेले में आते हैं। मजार पर चादरपोशी कर अपनी मन्नतें मांगते हैं। लोगों का मानना है कि दरगाह शरीफ से उनकी मन्नतें पूरी होती हैं। आज से शुरू होगा वसंत मेला तीन फरवरी से यहां वसंत मेले का आयोजन होगा, जो तीन दिनों तक चलता रहेगा। यह मेला क्षेत्रीय लोगों के आकर्षण का केन्द्र रहता है। दरगाह शरीफ के मेला प्रबन्धक ग्राम प्रधान मोहम्मद उमर शाह ने बताया कि वसंत मेले में खोया पाया केंद्र, चिकित्सा व्यवस्था के साथ पेयजल की व्यवस्था की गई है। बस व अन्य बड़े वाहनों का पार्किंग अलग बनाया गया है। वसंत मेले के पूर्व ही दूरदराज की दुकानें सज गई हैं। मेले में झूला, सर्कस व अन्य मनोरंजन के साधन लग चुके हैं। मेला अध्यक्ष मोहम्मद अहमद उस्मान ने बताया कि गरीब लोगों के लिए लंगर का आयोजन भी मेले में किया गया है। इस संबंध में ललिया थाना निरीक्षक बृजानंद सिंह ने बताया कि शांति, सुरक्षा के दृष्टिगत मेले में पुलिस बल की तैनाती की गई है। recent visitors 33

मोटे अनाज के महत्व पर केंद्रित “मिलेट्स व्यंजन मेला” सफलतापूर्वक संपन्न

सिवनी मालवा शासकीय कन्या महाविद्यालय, सिवनी मालवा के ईको क्लब के द्वारा पर्यावरण शिक्षण कार्यक्रम 2024-25 के अंतर्गत पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन (एप्को ) भोपाल द्वारा प्रायोजित परियोजना के अंतर्गत मिलेट्स व्यंजन मेले का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन मोटे अनाज (मिलेट्स) की उपयोगिता और महत्व को उजागर करने के उद्देश्य से किया गया। मेले में छात्राओं ने अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन करते हुए मोटे अनाज से बने व्यंजनों के स्टॉल लगाए। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य डॉ. आर. के. रघुवंशी कुसुम महाविद्यालय एवं प्राचार्य डॉ. उमेश कुमार धुर्वे शासकीय कन्या महाविद्यालय द्वारा रिबन काटकर किया गया। प्राचार्य डॉ. उमेश कुमार धुर्वे ने कहा, "मिलेट्स, जिन्हें हम मोटा अनाज कहते हैं, भारतीय कृषि और आहार परंपरा का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। बदलती जीवनशैली के कारण इनका उपयोग घट गया है, लेकिन इनकी पोषण क्षमता को देखते हुए इन्हें फिर से मुख्य धारा में लाने की आवश्यकता है। इस प्रकार के आयोजन न केवल छात्राओं को इनकी उपयोगिता समझाते हैं बल्कि समाज में इनके प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी माध्यम बनते हैं।" इको क्लब प्रभारी डॉ. सतीश बालापुरे ने कहा, "मिलेट्स को 'सुपरफूड' के रूप में जाना जाता है। इनमें न केवल पोषण तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं, बल्कि ये जलवायु परिवर्तन के अनुकूल और पर्यावरण के अनुकूल फसलें भी हैं। यह मेला हमारी छात्राओं को इन अनाजों के रचनात्मक उपयोग और उनके महत्व को समझने का अवसर प्रदान करता है।" ईको क्लब सहसंयोजक रजनीकांत वर्मा ने कहा, "मिलेट्स हमारी परंपराओं और स्वास्थ्य का प्रतीक हैं। इस मेले के माध्यम से हमने छात्राओं को इन अनाजों के उपयोग के नए तरीकों को सीखने और समाज में इनके प्रति जागरूकता फैलाने का मंच प्रदान किया है। हमें गर्व है कि छात्राओं ने इतनी रचनात्मकता और उत्साह के साथ भाग लिया।" प्रतियोगिता में निर्णायक के रूप में उपस्थित श्रीमती विजयश्री मालवीय और डॉ. रश्मि सोनी ने सभी व्यंजनों का स्वाद चखने और उनकी प्रस्तुति का मूल्यांकन करने के बाद कहा, "यह देखकर खुशी हुई कि छात्राओं ने मिलेट्स जैसे स्वास्थ्यवर्धक अनाज को इतनी रचनात्मकता और उत्साह के साथ उपयोग में लाया। इस प्रकार की गतिविधियाँ नई पीढ़ी को पारंपरिक और पोषणयुक्त खाद्य पदार्थों के महत्व को समझाने में मदद करती हैं।" मेले में छात्राओं द्वारा लगाए गए स्टॉल्स में रागी डोसा, बाजरा खिचड़ी, ज्वार की रोटी, कोदो के लड्डू, कुटकी पुलाव जैसे व्यंजनों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इन व्यंजनों ने यह साबित किया कि मिलेट्स से न केवल पारंपरिक व्यंजन बनाए जा सकते हैं, बल्कि आधुनिक स्वाद और सेहत का भी ध्यान रखा जा सकता है। कार्यक्रम का समापन एक सकारात्मक संदेश के साथ हुआ। मेले ने न केवल छात्राओं बल्कि उपस्थित सभी लोगों को मोटे अनाज के पोषण, स्वास्थ्य और पर्यावरणीय लाभों के प्रति जागरूक किया। ईको क्लब के इस प्रयास की सभी ने सराहना की और ऐसे आयोजनों को भविष्य में भी आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम की सफलता में ईको क्लब के सभी सदस्यों, डॉ. बाऊ पटेल श्रीमती काजल रतन श्रीमती संगीता कहार मनोज प्रजापति रजनीश जाटव डॉ. धर्मेंद्र गुर्जर डॉ. गजेंद्र वाईकर डॉ. राकेश निरापुरे डॉ. मनीष दीक्षित डॉ. पदम शर्मा कु.आकांक्षा पांडे डॉ. दुर्गा मीणा डॉ. रीमा नागवंशी। और छात्राओं की सहभागिता सराहनीय रही। recent visitors 30