Friday, July 3, 2026 1:06 pm

पांचवीं -आठवीं की परीक्षा के राज्य शिक्षा केंद्र ने जारी की रूपरेखा एवं अंक योजना

भोपाल   माध्यमिक शिक्षा मंडल की पांचवीं और आठवीं की वार्षिक परीक्षा के प्रश्नपत्रों की रूपरेखा और अंक योजना जारी हो गई है। इस परीक्षा में परीक्षार्थियों को प्रश्नों के छोटे-छोटे उत्तर अधिक देने होंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि इस परीक्षा में वस्तुनिष्ठ, रिक्त स्थान भरो और अति लघु उत्तरीय प्रश्न अधिक पूछे जाएंगे। वहीं दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की संख्या बेहद कम होगी।    मंडल की यह वार्षिक परीक्षा 24 फरवरी से शुरू होकर पांच मार्च तक चलेगी।     इस परीक्षा के लिए प्रदेश में 12 हजार केंद्र बनाए गए हैं।     दोनों कक्षाओं के करीब 24 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे।     इस सबंध में राज्य शिक्षा केंद्र ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।     परीक्षा परिणाम के लिए अधिभार अंक भी निर्धारित कर दिया गया है।     इसके मुताबिक अर्द्धवार्षिक परीक्षा के लिए अधिभार अंक 20, वार्षिक परीक्षा लिखित अधिभार अंक 60 और वार्षिक परीक्षा प्रोजेक्ट कार्य के लिए अधिभार अंक 20 निर्धारित किए गए हैं।  प्रत्येक विषय में दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की संख्या चार होगी। वहीं पांच बहु विकल्पीय प्रश्न, पांच रिक्त स्थान भरो और छह अति लघुउत्तरीय प्रश्न पूछे जाएंगे।     लघु उत्तरीय प्रश्नों की संख्या भी छह होगी। राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा निर्धारित ब्लू प्रिंट के आधार पर प्रश्न-पत्र तैयार होंगे।     सरकारी स्कूलों के लिए प्रश्न-पत्र राज्य स्तर से तैयार कराए जाएंगे, जबकि निजी स्कूल निर्धारित ब्लू प्रिंट के आधार पर प्रश्न-पत्रों को स्वयं तैयार कराएंगे।     सरकारी स्कूलों में भाषा विषय (हिंदी, अंग्रेजी व संस्कृत) की राज्य स्तर के एससीईआरटी पाठ्यपुस्तक से और निजी स्कूलों में एनसीईआरटी से प्रश्न पूछे जाएंगे। वहीं अन्य विषयों के प्रश्नपत्र एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तक से पूछे जाएंगे। भोपाल जिले के 68 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे भोपाल जिले में दोनों कक्षाओं की परीक्षा में करीब 68 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे। इसमें पांचवीं के 34,213 और आठवीं के 34,773 विद्यार्थी होंगे। जिले में करीब 250 केंद्र बनाए गए हैं। 33 प्रतिशत से कम अंक लाने पर होंगे फेल प्रत्येक विषय की लिखित परीक्षा व आंतरिक मूल्यांकन में अलग-अलग न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा। प्रत्येक विषय के बाह्य एवं आंतरिक मूल्यांकन में न्यूनतम अर्हकारी अंक प्राप्त नहीं करने वाले परीक्षार्थी को फिर से परीक्षा देनी होगी। उसमें भी पास नहीं हुए तो उसी कक्षा में दोबारा पढ़ना होगा। परीक्षा अंक की योजना     छमाही परीक्षा-अधिभार 20 अंक     वार्षिक परीक्षा(लिखित) – 60 अंक     आंतरिक मूल्यांकन (प्रोजेक्ट कार्य) -20 अंक लिखित परीक्षा के प्रश्नों का पैटर्न ऐसा होगा     बहु विकल्पीय प्रश्न-पांच अंक (पांच प्रश्न)     रिक्त स्थान की पूर्ति वाले प्रश्न-पांच अंक (पांच प्रश्न)     अति लघुउत्तरीय प्रश्न -12 अंक (छह प्रश्न)     लघु उत्तरीय प्रश्न -18 अंक (छह प्रश्न)     दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-20 अंक (चार प्रश्न)   recent visitors 24

स्वतंत्रता के बाद मध्यप्रदेश को रेल सुविधाओं के लिए पहली बार हुआ बड़ी राशि का आवंटन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में पेश केन्द्रीय बजट में मध्यप्रदेश के लिए रेलवे सुविधाओं के लिए 14 हजार 745 करोड़ रुपए के बजट आवंटन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त कर मध्यप्रदेश के नागरिकों की ओर से धन्यवाद दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद पहली बार मध्यप्रदेश को रेलवे से संबंधित विकास कार्यों के लिए इतनी अधिक राशि का अवंटन हुआ है। केन्द्रीय रेल मंत्री ने मध्यप्रदेश में शत-प्रतिशत रेल विद्युतिकरण पर प्रसन्नता व्यक्त की है। मध्यप्रदेश से रेल मंत्रालय को पूरा सहयोग मिल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत वर्ष मध्यप्रदेश को इंदौर- मनमाड रेल लाइन और इंदौर से दाहोद गुजरात तक धार होकर जाने वाली रेल परियोजना की स्वीकृति के कार्य हुए हैं। मध्यप्रदेश के नागरिकों को सभी दिशाओं में रेल नेटवर्क, यात्रियों के लिए माल भाड़े से जुड़ी सुविधा, रेल्वे ब्रिज और स्टेशनों के विकास की सौगात निरंतर मिल रही है। यह उत्साहवर्धक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है रेल बजट 2025-26 प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास के साथ यात्री सुविधाओं के विस्तार में मील का पत्थर साबित होगा। इस वर्ष मध्य प्रदेश को रेलवे बजट में अभूतपूर्व सौगातें मिली हैं। इस बजट से न केवल रेलवे नेटवर्क का विस्तार होगा बल्कि राज्य में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। रेलवे के आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं के विस्तार से मध्यप्रदेश के आर्थिक विकास को एक नई दिशा मिलेगी। इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी और केन्द्रीय रेल मंत्री वैष्णव का मैं हृदय से धन्यवाद एवं आभार व्यक्त करता हूं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश के लिए घोषित रेल बजट 2025-26 में राज्य को रेल अवसंरचना विकास के लिए अभूतपूर्व सौगातें दी गई हैं। इस बजट में 14,745 करोड़ रुपये का भारी भरकम बजटीय आवंटन किया गया है, जो राज्य के रेल नेटवर्क के विस्तार और आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रेल बजट 2025-26 में 31 नई रेल परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है, जिनकी कुल लंबाई 5,869 किलोमीटर है और इन पर 1,04,987 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों को बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी और यात्री सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा। 80 रेलवे स्टेशन विकसित होंगे अमृत स्टेशन के रूप में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए मध्य प्रदेश के 80 स्टेशनों को 'अमृत स्टेशन' के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिन पर 2,708 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन स्टेशनों में अकौड़िया, आमला, अनुपपुर, अशोकनगर, बालाघाट, बनापुरा, बरगवां, ब्योहारी, बेरछा, बैतूल, भिंड, भोपाल, बिजुरी, बीना, ब्यावरा, छिंदवाड़ा, डबरा, दमोह, दतिया, देवास, गाडरवारा, गंजबासौदा, घोड़ाडोंगरी, गुना, ग्वालियर, हरदा, हरपालपुर, इंदौर जंक्शन, इटारसी जंक्शन, जबलपुर, जुन्नारदेव, करेली, कटनी जंक्शन, कटनी मुड़वारा, कटनी साउथ, खाचरोद, खजुराहो जंक्शन, खंडवा, खिरकिया, लक्ष्मीबाई नगर, मैहर, मक्सी जंक्शन, मंडला फोर्ट, मंदसौर, एमसीएस छतरपुर, मेघनगर, मुरैना, मुलताई, नागदा जंक्शन, नैनपुर जंक्शन, एमसीएस छतरपुर, मेघनगर, मुरैना, मुलताई, नागदा जंक्शन, नैनीपुर जंक्शन, नर्मदापुरम (होशंगाबाद), नरसिंहपुर, नेपनागर, नीमच, ओरछा, पांढुर्ना, पिपरिया, रतलाम, रीवा, रुथियाई, सांची, संत हिरदाराम नगर, सतना, सागर, सीहोर, सिवनी, शहडोल, शाजापुर, श्यामगढ़, श्योपुर कलां, शिवपुरी, श्रीधाम, शुजालपुर, सिहोरा रोड, सिंगरौली, टीकमगढ़, उज्जैन, उमरिया, विदिशा और विक्रमगढ़ आलोट स्टेशन शामिल हैं। स्टेशन पुनर्विकास परियोजनाओं के तहत रानी कमलापति, ग्वालियर, खजुराहो, सतना, इंदौर, बीना और जबलपुर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों के पुनर्विकास पर 1,950 करोड़ रुपये की लागत से कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य में रेलवे सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। 'कवच' तकनीक के अंतर्गत 3,572 किलोमीटर रेल मार्ग पर सुरक्षा कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 1,422 किलोमीटर पर कार्य प्रगति पर है। यह तकनीक ट्रेन संचालन के दौरान दुर्घटनाओं को रोकने में मदद करेगी और यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत बनाएगी। मध्यप्रदेश में विद्युतीकरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की गई है। राज्य में 2,808 किलोमीटर रेल मार्ग का विद्युतीकरण पूरा किया जा चुका है, जिससे मध्यप्रदेश 100 प्रतिशत विद्युतीकृत राज्य बन चुका है। इसके अलावा, राज्य में 2,456 किलोमीटर नई पटरियों का निर्माण किया गया है, जो डेनमार्क के पूरे रेल नेटवर्क के बराबर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यात्रियों के बेहतर अनुभव के लिए मध्यप्रदेश में 4 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है, जो राज्य के 14 जिलों को जोड़ती हैं और इन जिलों में 18 स्टॉपेज हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए 69 लिफ्ट, 41 एस्केलेटर और 408 स्टेशनों पर वाई-फाई की सुविधा भी प्रदान की गई है।   recent visitors 22

सीजीएमएससी में अब दवा घोटाला : 144 तरह की दवाएं 100 गुना महंगी खरीदी

रायपुर  छत्तीसगढ़ दवा निगम (सीजीएमससी) में उपकरण और रिएजेंट घोटाले के बाद अब दवा खरीदी में भी घोटाला सामने आया है। वहीं, जिस अधिकारी ने इसकी खरीदी की है, उसी को इस पूरे मामले की जांच का जिम्मा दे दिया गया है। दरअसल, सीजीएमएससी ने बिना जांच किए ही 100 गुना अधिक दाम पर 100 करोड़ रुपये की दवाएं लोकल कंपनी 9 एम फार्मा से खरीदी थीं। इन्हीं दवाओं की खरीदी राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कार्पोरेशन (आरएमएससीएल) ने आधे से भी कम दाम में की है। यह सब लोकल दवा कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया है। इस पूरे मामले की जांच के निर्देश स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने दिए थे। वहीं, दवा निगम द्वारा जीएम टेक्निकल (मेडिसिन) हिरेन पटेल को इसकी जांच की जिम्मेदारी दी गई थी, जबकि उन्हीं के द्वारा उक्त खरीदी की गई है। इसी बीच स्वास्थ्य मंत्री के जांच के निर्देश के 10 दिन बाद ही कंपनी को पूरा भुगतान भी कर दिया गया। बता दें कुछ इसी तरह रिएजेंट और उपकरण खरीदी में मोक्षित कार्पोरेशन को सीजीएमएससी के अधिकारियों ने फायदा पहुंचाया था। 10 दिन में मांगी थी जांच रिपोर्ट, तीन माह बीते सामाजिक कार्यकर्ता श्याम अवतार केडिया की शिकायत पर स्वास्थ्य मंत्री ने 25 अक्टूबर 2024 को प्रबंध संचालक को जांच कर 10 दिन मे रिपोर्ट देने का निर्देशित किया था। प्रबंध संचालक ने आरोपित महाप्रबंधक तकनीकी हिरेन पटेल को ही जांच करने के लिए निर्देशित कर दिया। इसके पूर्व एएनजी लाइफ साइंसेस कंपनी के आयकर विभाग के नोटिस की अवहेलना वाले मामले मे भी इन्हीं आरोपित अधिकारी को अपनी ही जांच करने के निर्देश प्रबंध संचालक द्वारा दे दिए थे। यह है तकनीकी महाप्रबंधन की जिम्मेदारी ऐसे में क्रय समिति में मौजूद तकनीकी महाप्रबंधक (मेडिसिन) हिरेन पटले की जिम्मेदारी थी कि अन्य दवा निगम की प्रचलित दरों का मिलान करें। उक्त कंपनी द्वारा भरी गई सिंगल बिड के तर्कसंगत होने की पुष्टि करें। मगर, अधिकारियों ने बिना जांचे ही मनमाने दर पर रेट कांट्रेक्ट कर दिया। कंपनी से कुल 132 करोड़ की खरीदी गई। उक्त उपकरण और दवाएं 20 करोड़ अधिक में खरीदी हुई। यह पूरा मामला पूरी खरीदी में शासन को 20 करोड़ 39 लाख रुपये से ज्यादा राशि का नुकसान पहुंचा दिया गया। नईदुनिया को मिले दस्तावेजों मुताबिक, जिन दवाओं की खरीदी राजस्थान मेडिकल कार्पोरेशन ने सस्ते में की है, उन्हीं दवाओं को सीजीएमएससी ने 50 से 160 प्रतिशत अधिक दाम में खरीदा है। सीजीएमएससी ने 144 दवाएं राजस्थान दवा निगम से 20 से 35 प्रतिशत अधिक दाम में खरीदी हैं। सिंगल बिडर में हो गई खरीदी शिकायतकर्ता ने बताया कि नाइन एम इंडिया लिमिटेड एक स्थानीय उत्पादक है। उसके कुल 181 आइटम की दरों का मिलान किया गया। इसमें से 122 दर ऐसे आइटम के हैं, जिनमें केवल 9 एम इंडिया लिमिटेड ने ही अकले रेट भरे थे। यहां नियमों की अनदेखी करते हुए सिंगल बिड (सिंगल विक्रेता) में ही खरीदी हो गई। recent visitors 26

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोताखोर पलक शर्मा को स्वर्ण पदक जीतने पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेल: 2025 में एक्यूएटिक्स खेल के स्प्रिंग बोर्ड डाइविंग इवेंट में मध्यप्रदेश की प्रतिभाशाली गोताखोर पलक शर्मा द्वारा तीसरा स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर इंदौर की पलक शर्मा को मंगलकामनाएं देते हुए कहा कि वह इसी तरह भविष्य में भी सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर देश और मध्यप्रदेश का नाम गौरवान्वित करती रहें।   recent visitors 18

Starlink के लिए Vodafone की सफलता बनी चुनौती

नई दिल्ली Vodafone ने हाल ही में सैटेलाइट कम्युनिकेशन की दुनिया में बड़ा कदम उठाते हुए एक साधारण 4G/5G स्मार्टफोन से दुनिया की पहली सैटेलाइट वीडियो कॉल की है। यह उपलब्धि Elon Musk की Starlink के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। यह वीडियो कॉल Wales Mountains के एक दूरस्थ क्षेत्र से की गई, जहां पर कोई भी स्थलीय मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं था। Vodafone की CEO Margherita Della Valle के अनुसार, इस कॉल के लिए स्मार्टफोन में कोई भी हार्डवेयर अपग्रेड की जरूरत नहीं पड़ी, जो कि सैटेलाइट कनेक्टिविटी में एक बड़ा तकनीकी उछाल है। 2026 तक पूरे यूरोप में लॉन्च होगी सेवा Vodafone की यह उपलब्धि डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है। कंपनी 2026 तक पूरे यूरोप में इस सैटेलाइट सेवा को शुरू करने की योजना बना रही है। वहीं, Starlink भी अपने सैटेलाइट-आधारित सर्विस पर काम कर रही है, लेकिन Vodafone के इस ब्रेकथ्रू ने कंपनी के लिए नई चुनौती पेश कर दी है। Starlink इस समय T-Mobile के साथ मिलकर अमेरिका में अपनी डायरेक्ट-टू-सेल टेक्नोलॉजी का परीक्षण कर रही है, जबकि Vodafone पहले ही अपनी सैटेलाइट वीडियो कॉलिंग सेवा को सफलतापूर्वक प्रदर्शित कर चुका है, जो संचार के भविष्य में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। Starlink के लिए बढ़ा दबाव Elon Musk की Starlink फिलहाल T-Mobile के साथ मिलकर डायरेक्ट-टू-सेल सैटेलाइट सेवा के परीक्षण में जुटी है। यह सेवा लॉन्च होने के बाद उपयोगकर्ताओं को बिना किसी ग्राउंड नेटवर्क के सैटेलाइट कॉलिंग की सुविधा देगी, खासतौर पर आपात स्थितियों में यह बहुत उपयोगी होगी। Apple और कुछ Android डिवाइसेज़ में इस सेवा का इंटीग्रेशन किया जा चुका है, लेकिन इसका ग्लोबल रोलआउट अभी बाकी है। Starlink भारत जैसे बाजारों में अपनी सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सेवा शुरू करने की तैयारी में है, जहां इसे हाल ही में सरकार से मंजूरी मिल चुकी है। हालांकि, Vodafone की इस शुरुआती सफलता से Elon Musk की कंपनी पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है। भविष्य में बढ़ेगी सैटेलाइट टेक्नोलॉजी की होड़ जैसे-जैसे सैटेलाइट टेक्नोलॉजी आगे बढ़ रही है, Vodafone की BlueBird सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सेवा और Starlink के बीच प्रतिस्पर्धा और तेज होगी। ये दोनों कंपनियां दुनिया में कनेक्टिविटी को नए स्तर पर ले जाने की दिशा में काम कर रही हैं। आने वाले समय में ग्लोबल कम्युनिकेशन के क्षेत्र में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, जहां कोई भी व्यक्ति दुनिया के किसी भी कोने से आसानी से कनेक्ट रह सकेगा। recent visitors 56

मुख्यमंत्री डॉ. यादव हरदा जिले को देंगे 316.20 करोड़ रूपये के विकास कार्यों की सौगात

मुख्यमंत्री डॉ. यादव हरदा जिले को देंगे 316.20 करोड़ रूपये के विकास कार्यों की सौगात नर्मदा तट पर घाट निर्माण कार्य का करेंगे लोकार्पण भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार 4 फरवरी को हरदा जिले की टिमरनी तहसील के ग्राम छिपानेर स्थित चिचोटकुटी में 316 करोड़ 20 लाख रूपये के निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करेंगे। इनमें 130.32 करोड़ रूपये लागत 21 कार्यों का भूमि पूजन और 185.87 करोड़ रूपये लागत के 97 कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्राम चिचोटकुटी में नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा नर्मदा नदी के तट पर 11.07 करोड़ रूपये लागत से बनवाये गये घाट निर्माण का लोकार्पण भी करेंगे। कार्यक्रम में जिले के प्रभारी और सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग भी उपस्थित रहेंगे।   recent visitors 37

एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड स्कीम में कृषकों को 3 प्रतिशत ब्याज की छूट

भोपाल एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड स्कीम केन्द्र सरकार द्वारा संचालित एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य देश में कृषि अवसंरचना का विकास एवं विस्तार करना है। इस योजना के माध्यम से कृषक, कृषि अवसंरचना निर्माण के लिये बैंक से प्राप्त राशि रुपये 2 करोड़ तक के ऋण पर 3 प्रतिशत ब्याज छूट का लाभ सात वर्षों के लिए से सकते है। इस योजना के अंतर्गत वेयरहाउस, साइलोस, कस्टम हायरिंग सेंटर, कोल्ड स्टोरेज, सॉर्टिंग व ग्रेडिंग इकाई, प्राथमिक प्र-संस्करण इकाई, एयरोफोनिक फार्मिंग, हायड्रोफोनिक फार्मिंग, वर्टिकल कार्मिंग, मशरूम फार्मिंग, स्मार्ट प्रिसीजन फार्मिंग के लिये अवसंरचना निर्माण की जा सकती हैं। योजनांतर्गत मध्यप्रदेश को वर्ष 2025-26 तक 7440 करोड़ रूपये का लक्ष्य दिया गया है। जिसके विरुद्ध 7,804 करोड़ रूपये के कुल 10.860 प्रकरण स्वीकृत किए जा चुके हैं, जो कि देश के सभी राज्यों में सर्वाधिक है। इसके अतिरिक्त कुल 10.047 प्रकरणों में 5978 करोड़ रूपये का डिसबर्समेंट किया जा चुका है जो अन्य राज्यों की अपेक्षा कहीं अधिक है। केन्द्र सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में मध्यप्रदेश को 500 करोड़ रूपये का लक्ष्य दिया गया था जिसके विरुद्ध 1240 करोड़ रूपये के कुल 2152 प्रकरण स्वीकृत किये जा चुके हैं जो कि आवंटित लक्ष्य का 248 प्रतिशत है। साथ ही कुल 1745 प्रकरणों में 721 करोड़ रूपये का डिसबर्समेंट किया जा चुका है। केन्द्र सरकार की इस महत्वाकांशी योजना का देश में सर्वोत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश को वर्ष 2021-22, 2022-23 एवं 2023-24 में "अवार्ड" से सम्मानित भी किया गया है।   recent visitors 32