Friday, July 3, 2026 2:14 pm

मुख्यमंत्री से मिले राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा-2025 पर आए विद्यार्थी

मध्यप्रदेश, देश की सांस्कृतिक एकता का संवाहक है: मुख्यमंत्री डॉ. यादव अन्तर्राज्यीय छात्र जीवन दर्शन यात्रा पर आये पूर्वोत्तर के छात्रों का प्रदेश में हुआ आत्मीय स्वागत मुख्यमंत्री से मिले राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा-2025 पर आए विद्यार्थी भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्वोत्तर राज्यों से भारत एकात्मता यात्रा पर आए विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश केवल भौगोलिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी देश की एकता और अखंडता को दर्शाता है। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रप्रेम की भावना को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को इस विविधता का सम्मान करने और भारतीय संस्कृति को आत्मसात करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की संस्कृति अपनी अनूठी विविधता और समृद्ध परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है। यहां विभिन्न प्रांतों, वर्गों और भाषाओं के लोग सौहार्दपूर्वक निवास करते हैं। मध्यप्रदेश, देश के उस गौरवशाली इतिहास और संस्कृति का संवाहक है, जो देशभक्ति, राष्ट्र रक्षा और सम्मान के मूल्यों को संजोकर रखता है। स्टूडेंट एक्सपीरियंस इन इन्टर-स्टेट लिविंग (SEIL) द्वारा सांस्कृतिक आदान-प्रदान की मंशा से आयोजित राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा -2025 पर आये पूर्वोत्तर राज्यों के छात्र दल का मध्यप्रदेश में आत्मीय स्वागत किया गया। यह यात्रा 22 जनवरी से प्रारंभ होकर 13 फरवरी तक जारी है, इसमें पूर्वोत्तर के विद्यार्थी देश के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर रहे हैं। पूर्वोत्तर राज्यों के विद्यार्थियों का यह दल 1 से 5 फरवरी तक मध्यप्रदेश के भ्रमण पर है। इस छात्र दल ने सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मुख्यमंत्री निवास पर सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों के अनुभव सुने, उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया और उन्हें मध्यप्रदेश की सदभाव और समरसता से भरपूर संस्कृति से परिचित कराया। मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों का देश का हृदय प्रदेश मध्यप्रदेश में स्वागत करते हुए शुभकामनाएं दी। भोपाल अपनी झीलों और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है। यह देश की ऐसी अनूठी राजधानी है, जहां रात के समय बाघ भी सड़क किनारे दिखाई दे सकते हैं, क्योंकि रातापानी वन अभयारण्य भोपाल शहर के समीप ही स्थित है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को जनजातीय संग्रहालय, मानव संग्रहालय, वन विहार और अन्य पर्यटन स्थल जरूर देखने का सुझाव दिया। मुख्यमंत्री के साथ ग्रुप फोटो खिंचवाने के बाद विद्यार्थियों ने इस यात्रा को अपने जीवन का एक अविस्मरणीय अनुभव बताया। विद्यार्थियों ने कहा कि वे पहली बार किसी प्रदेश के मुख्यमंत्री से मिले हैं। यह रोमांच वे कभी नहीं भूलेंगे। उन्होंने मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, यहां के ऐतिहासिक स्थलों और अतिथि-सत्कार की विशेष रूप से सराहना की। अन्तर्राज्यीय छात्र दर्शन जीवन यात्रा के आयोजन का उद्देश्य राष्ट्र की एकता और अखंडता को सुदृढ़ करना है, जिसमें युवाओं को देश की विविधता से परिचित कराने का विशेष प्रयास किया जा रहा है। राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा भारतीय युवाओं को एकजुट करने और उनके बीच आपसी समझ एवं भाईचारे की भावना को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। पूर्वोत्तर राज्यों के इस छात्र दल में 28 विद्यार्थी एवं 2 समन्वयकों सहित कुल 30 प्रतिभागी भारत के विभिन्न राज्यों की यात्रा पर हैं। इनमें दो-दो विद्यार्थी असम, नागालैंड व सिक्किम राज्य से, चार-चार त्रिपुरा, मिजोरम व अरुणाचल प्रदेश से तथा पांच-पांच विद्यार्थी मणिपुर एवं मेघालय राज्य से आए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विद्यार्थियों एवं समन्वयकों को स्मृति-चिह्न के रूप में शॉल, मध्यप्रदेश शासन की डायरी, कैलेंडर और एक विशेष उपहार भेंट किया। कार्यक्रम में शिवम जाट, चेतस सुखाड़िया, रोहित दुबे, दीपक पालीवाल, कमन सिबोह, राहुल मोग सहित अन्य विद्यार्थी एवं नागरिक उपस्थित थे।   recent visitors 29

10 स्वर्ण पदकों के साथ मध्यप्रदेश पदक तालिका में प्रथम 4 राज्यों में बरक़रार

भोपाल उत्तराखंड में चल रहे नेशनल गेम्स 2025 में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों का दबदबा कायम है। आज विभिन्न खेलों में प्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, जिसमें सबसे बड़ी उपलब्धि डाइविंग में पलक शर्मा द्वारा जीता गया स्वर्ण पदक रहा। मध्यप्रदेश के खिलाडियों ने उत्तराखंड नेशनल गेम्स में अब तक कुल 10 स्वर्ण, 5 रजत, और 5 कांस्य पदकों के साथ कुल 20 पदक आर्जित करके मध्यप्रदेश को पदक तालिका में प्रथम 4 राज्यों की सूची में बरक़रार रखा है| खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने विजेताओं को बधाई दी और कहा कि यह प्रदर्शन प्रदेश की खेल संस्कृति को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा। उन्होंने खिलाड़ियों को आगामी मुकाबलों के लिए शुभकामनाएँ दीं। ओलंपिक संघ अध्यक्ष रमेश मेंदोला, सचिव दिग्विजय सिंह  और  संचालक खेल रवि कुमार गुप्ता ने भी खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ दीं और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी। पलक शर्मा ने डाइविंग में जीता तीसरा पदक एक मीटर स्प्रिंग बोर्ड डाइविंग व्यक्तिगत महिला वर्ग में मध्य प्रदेश की स्टार खिलाड़ी पलक शर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह उत्तराखंड नेशनल गेम्स में पलक का तीसरा पदक है। मध्य प्रदेश की पुरुष बास्केटबॉल 3×3 टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तेलंगाना और पंजाब को हराकर फाइनल में जगह बना ली है। टीम के खिलाड़ी तुशल सिंह, सूर्य सिंह, राकेश शर्मा और ब्रिजेश तिवारी कल स्वर्ण पदक के लिए मुकाबला करेंगे। 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन व्यक्तिगत महिला वर्ग में आशी चौकसे ने कड़ी टक्कर दी लेकिन वह सातवें स्थान पर रहकर पदक से चूक गईं। मध्यप्रदेश के बॉक्सिंग खिलाड़ियों ने मिलाजुला प्रदर्शन किया। अनिरुद्ध बुंदेला (मध्य प्रदेश) बनाम तमिलनाडु – अनिरुद्ध ने जीत हासिल कर अगले दौर में प्रवेश किया। दिव्या पवार (मध्य प्रदेश) – शानदार प्रदर्शन कर अगले दौर में जगह बनाई। रोइंग में मध्य प्रदेश के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। 11 में से 8 इवेंट्स में प्रदेश के खिलाड़ी फाइनल में पहुंच चुके हैं। 3 इवेंट्स में रेपेचाज मुकाबले बाकी हैं, जिनमें खिलाड़ियों के फाइनल में पहुंचने की संभावना है। कल के महत्वपूर्ण मुकाबले मध्य प्रदेश के खिलाड़ी  आर्चरी,  बास्केटबॉल  3×3,  रोइंग,  कयाकिंग,  कैनोइंग,  सलालोम, बॉक्सिंग, साइकिलिंग, लॉन बॉल, हॉकी और योगासन में मुकाबला करेंगे।   बास्केटबॉल 3×3 फाइनल–पुरुष टीम स्वर्ण पदक के लिए मुकाबला करेगी।   हॉकी पुरुष व महिला टीम – मध्य प्रदेश की टीम हॉकी में अपनी दावेदारी पेश करेंगी।   recent visitors 35

परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वाहनों की फिटनेस चेकिंग नियमित रूप से हो

भोपाल परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा है कि सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वाहनों की फिटनेस चेकिंग नियमित रूप से हो। उन्होंने कहा कि परिवहन राजस्व में वृद्धि के ठोस प्रयास किये जायें। परिवहन मंत्री सिंह सोमवार को मंत्रालय में हुई बैठक में विभागीय गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में सचिव परिवहन मनीष सिंह और परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा भी मौजूद थे। परिवहन मंत्री सिंह ने विभाग में रिक्त पदों पर नियुक्तियाँ करने और नई भर्तियों पर समय-सीमा में कार्य करने के निर्देश दिये। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में रजिस्टर्ड वाहनों की संख्या लगभग 2 करोड़ 34 लाख 44 हजार के करीब है। इनमें ट्रांसपोर्ट वाहनों की संख्या 11 लाख 42 हजार 500 से अधिक है। मंत्री सिंह ने निर्देश दिये कि 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों की फिटनेस प्रक्रिया को सरल किया जाये। प्रदेश में पुराने वाहनों की स्क्रेपिंग फेसिलिटी के लिये 5 रजिस्टर्ड स्क्रेपिंग फेसिलिटी सेंटर काम कर रहे हैं। इनमें भोपाल जिले में तीन और इंदौर एवं ग्वालियर जिलों में एक-एक सेंटर क्रियाशील हैं। प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र बैठक में बताया गया कि वाहनों से उत्सर्जित होने वाली गैसों से पर्यावरण को होने वाले नुकसान को रोकने के लिये प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र प्राप्त करना अनिवार्य किया गया है। वाहन मालिकों को सुविधा दिये जाने के उद्देश्य से पारदर्शी रूप से वाहनों के उत्सर्जन मानकों की जाँच कर ऑनलाइन प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र जारी किये जाने का कार्य एक अगस्त, 2024 से शुरू कर दिया गया है। वर्ष 2024 में करीब 2 लाख 60 हजार वाहनों के प्रदूषण की जाँच की गई। परिवहन मंत्री सिंह ने सभी वाहनों में हाई सिक्यूरिटी नम्बर प्लेट लगवाये जाने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये। परिवहन आय बैठक में बताया गया कि परिवहन विभाग में वर्ष 2024-25 में 5100 करोड़ रुपये की राजस्व आय का लक्ष्य निर्धारित है। दिसम्बर-2024 के अंत तक 3350 करोड़ रुपये की राजस्व आय प्राप्त हो चुकी है। प्रदेश में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की संख्या बढ़ने से विभागीय आय में कमी हुई है। बैठक में ड्रायवर ट्रेनिंग सेंटर और व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस पर भी चर्चा की गयी। परिवहन मंत्री सिंह ने इसके दायरे में अधिक से अधिक चार पहिया वाहनों को लाये जाने के निर्देश भी दिये। बैठक में इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट पर भी चर्चा की गयी।   recent visitors 30

प्रधानमंत्री मोदी से उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की शिष्टाचार भेंट

प्रधानमंत्री मोदी से उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की शिष्टाचार भेंट ऐतिहासिक, सर्वसमावेशी एवं लोक कल्याणकारी बजट के लिये व्यक्त किया आभार भोपाल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने संसद भवन नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में शिष्टाचार भेंट की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने ऐतिहासिक, सर्व समावेशी एवं लोक कल्याणकारी बजट के लिये आभार व्यक्त किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रधानमंत्री मोदी का पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से राज्य के विकास के विभिन्न विषयों में मार्गदर्शन प्राप्त किया। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का मार्गदर्शन सदैव प्रेरणादायक होता है। जनहित के कार्यों में समर्पण के भाव और नव ऊर्जा का संचार करता है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी से मध्यप्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की और मार्गदर्शन प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में "विकसित भारत" के संकल्प को साकार करने के लिए मध्यप्रदेश निरंतर कार्य कर रहा है। उनके नेतृत्व में प्रदेश सरकार विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिये प्रतिबद्ध है।   recent visitors 24

‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ चाहने वाली सरकार का बजट

बजट विशेष  नीरज मनजीत इस बार के बजट में केन्द्र सरकार ने मिडिल क्लास को दिल खोलकर जैसा तोहफ़ा दिया है, वह अभूतपूर्व और ऐतिहासिक है। भारत का मिडिल क्लास हर साल उत्सव की तरह बजट की प्रतीक्षा करता है। उसकी पहली नज़र इनकम टैक्स के स्लैब पर लगी होती है, कि सरकार ने कितनी राहत दी है। कभी उसे निराशा हाथ लगती है, तो कभी 'ऊंट के मुंह में जीरा' जैसी छूट हासिल हो भी जाती है। पिछले कुछ वर्षों से हम देख रहे हैं कि देश का मिडिल क्लास फ्रस्ट्रेशन का शिकार होता चला जा रहा है। वोट हासिल करने की होड़ में राजनीतिक पार्टियों को अनाप-शनाप रेवड़ियां बाँटते देखकर इस फ्रस्ट्रेशन में साल-दर-साल बढ़ोतरी हो रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले दिनों दिल्ली की एक जनसभा में इस बात के संकेत दिए थे कि देश के 50-60 करोड़ के विशाल मध्यवर्ग को राहत देना उनकी प्राथमिकता है। इसलिए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट के आख़िर में जैसे ही टैक्स छूट का ऐलान किया, सत्ता पक्ष के सांसद एक मिनट तक मेजें थपथपाकर स्वागत करते रहे। वैसे नितांत तटस्थ भाव से समीक्षा की जाए, तो यह बड़ी राहत अगले वर्षों में काफी दूरदर्शी क़दम साबित हो सकती है। वित्तमंत्री सीतारमण का कहना है कि नए टैक्स स्लैब से सरकार को तक़रीबन एक लाख करोड़ रुपए का वित्तीय घाटा होगा, मगर भविष्य में इसके बहुत से फ़ायदे भी होंगे। इस छूट का तार्किक विश्लेषण करते हुए उन्होंने कहा कि इससे मंझोले कारोबारियों और नौकरीपेशा लोगों की जेब में अतिरिक्त पैसा आएगा, उनकी क्रयशक्ति बढ़ेगी, पैसा बाज़ार में ख़र्च होगा, जिससे देश की अर्थव्यवस्था के पहिए को तेज गति मिलेगी। पिछले कुछ दशकों से देखा गया है कि मध्यवर्ग के लोग कमाई का एक बड़ा हिस्सा उपभोक्ता वस्तुओं की ख़रीद, सैर-सपाटे और तीज-त्योहारों में दिलेरी से ख़र्च करने लगे हैं। इसे फ़िजूलखर्ची नहीं बल्कि इनकम मैनेजमेंट कहा जाना चाहिए। थोड़ी बहुत बचत का भाव भी उनके अंदर रहता है। बचत का पैसा भी बैंकों अथवा शेयर मार्केट में आएगा। अंततः इसका फ़ायदा भी देश की इकोनॉमी को ही होगा। जैसी कि परंपरा रही है, विपक्ष ने अपने-अपने तरीक़ों से इस बजट की आलोचना की है। अखिलेश यादव के नेतृत्व में विपक्ष के कुछ सांसदों ने तो बजट का ही बहिष्कार कर दिया। हालांकि बाद में कुछ सांसद अपनी सीटों पर लौट आए। अखिलेश चाहते थे कि पहले महाकुंभ के हादसे पर चर्चा होनी चाहिए। जैसे ही सीतारमण ने बजट भाषण शुरू किया, अखिलेश और कुछ विपक्षी संसद हंगामा करने लगे। अखिलेश के इस रवैये को क़तई ठीक नहीं कहा जा सकता, क्योंकि पीएम मोदी ने सत्र से पहले ही कह दिया था कि वे महाकुंभ हादसे पर संसद में चर्चा कराने के लिए तैयार हैं। बजट के पहले दिन तो यह संभव नहीं था। ऐसे में अखिलेश के बहिष्कार अगर कोई मतलब था तो सिर्फ़ यही के वे इस मुद्दे को सुर्ख़ियों में रखना चाहते थे। महाकुंभ के हादसे पर बेशक योगी सरकार से सवाल पूछे जाने चाहिए, मगर जिस तरह से एक तबका अफ़वाहें फ़ैलाने में लगा हुआ है, वह तो बहुत ही ख़तरनाक है। क्या ऐसे लोग चाहते हैं कि कोई बड़ा हादसा हो जाए? बजट पर राहुल गांधी ने बड़ी ही रोचक टिप्पणी करते हुए कहा कि यह बजट "बुलेट इंजरी पर बैंड-एड" यानी "गोली के जख़्म पर पट्टी" लगाने जैसा है। हालांकि राहुल का यह कथन एक रस्म अदायगी के अलावा और कुछ नहीं है, मगर यदि इसे सही मान भी लिया जाए, तो भाजपा और निर्मला सीतारमण ने कम-से-कम मिडिल क्लास के जख़्मों पर मरहम पट्टी लगाने की कोशिश तो की। 2014 से पहले कांग्रेस की सरकारें किस क़दर मध्यवर्ग की उपेक्षा करती थीं, यह भी हमने अच्छी तरह देखा है। मिसाल के तौर पर हम यहाँ 2011, 2012 और 2013 के बजट के इनकम टैक्स के आंकड़े पेश कर रहे हैं। 2011 से पहले कांग्रेस सरकार में 1 लाख 60 हजार तक की इनकम टैक्स फ्री थी। इस वर्ष वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी ने इसमें 20 हजार की बढ़ोतरी करते हुए 1 लाख 80 हजार तक कर दिया था। 2012 में पी चिदंबरम ने इसे बढ़ाकर 2 लाख की इनकम टैक्स फ्री कर दी। 2013 में कांग्रेस सरकार ने कोई बढ़ोतरी नहीं की थी। अलबत्ता 2 से 5 लाख के स्लैब में 2 हजार रुपये की छूट दी गई थी। ज़ाहिर है कि मिडिल क्लास के घावों पर तरीक़े का फ़ाहा रखना भी कांग्रेस की प्राथमिकता में नहीं था। 2014 में भाजपा सरकार के आते ही वित्तमंत्री अरुण जेटली ने टैक्स फ्री इनकम में एकमुश्त 50 हजार की बढ़ोतरी करके ढाई लाख कर दी थी। इसके बाद तक़रीबन हर साल टैक्स स्लैब में मिडिल क्लास को कुछ-न ₹-कुछ राहत दी गई है। 2020 में तो एक बार फिर एकमुश्त छूट देते हुए 5 लाख तक की इनकम टैक्स फ्री कर दी गई। वित्तमंत्री थीं निर्मला सीतारमण। 2023 में और इस साल तो मोदी सरकार ने कमाल ही कर दिया। 2023 में 7 लाख की आय और इस बार सीधे 5 लाख की छलांग और 12 लाख की इनकम टैक्स फ्री कर दी गई। निःसंदेह इसका श्रेय पीएम मोदी और वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को दिया जाएगा। इस छलांग के अलावा भी इस बजट में बहुत कुछ है। सच तो यह है कि यह बजट गरीब, किसान, लोअर मिडिल क्लास, मंझोले व्यापारियों, बेरोजगार युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों का भला चाहने वाली "सर्वे भवन्तु सुखिनः" के सिद्धांत पर चलने वाली सरकार का सर्वांगीण बजट है। बजट में युवाओं के स्टार्टअप और महिला उद्यमियों के लिए बड़ी रक़म रखी गई है। 'मेक इन इंडिया एंड मेक फ़ॉर वर्ल्ड' के विचार को आगे बढ़ाने के लिए व्यापारियों के लिए लोन गारंटी लिमिट 5 से 10 करोड़ की गई है। साथ में 72 लाख नौकरियां पैदा करने का संकल्प है। भारतीय जनता पार्टी और पीएम मोदी पिछले दस वर्षों से भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का सपना साकार करने की कोशिश कर रहे हैं। इसीलिए हर युवा को वे संदेश देते हैं कि वे बजाए सरकारी नौकरियों के पीछे दौड़ने के, किसी स्टार्टअप का मालिक बनें और अपने साथ अपने गाँव के युवाओं को भी रोजगार देकर आगे … Read more

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 इस बदलाव का सबसे बड़ा प्रमाण बनेगी राजधानी: मुख्यमंत्री

जी.आई.एस-2025 भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश कर रहा है और ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 इस बदलाव का सबसे बड़ा प्रमाण बनेगी। पहली बार राजधानी भोपाल में हो रहे इस आयोजन को लेकर यह न सिर्फ एक निवेश सम्मेलन है, अपितु भोपाल को औद्योगिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राजधानी के पास पहले से ही औद्योगिक विकास के लिए मजबूत आधार मौजूद है। जीआईएस-2025 से भोपाल का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ेगा। भोपाल न केवल मध्यप्रदेश का प्रशासनिक केंद्र है, बल्कि भौगोलिक रूप से भी एक आदर्श औद्योगिक हब बनने की पूरी क्षमता रखता है। यह प्रदेश के केंद्र में स्थित है, जिससे लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति श्रृंखला के लिए यह एक महत्वपूर्ण स्थान है। भोपाल के चारों ओर कई प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र पहले से विकसित हैं, जो इस समिट के माध्यम से नए निवेश को आकर्षित करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। मंडीदीप, बगरोदा, पीलुखेड़ी, मक्सी, गोविंदपुरा, अचारपुरा और फंदा औद्योगिक क्षेत्र न केवल छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि यहां स्थापित इकाइयां प्रदेश की औद्योगिक शक्ति को मजबूती भी देती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार औद्योगिक बुनियादी ढांचे के व्यापक विकास पर काम कर रही है और भोपाल में निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं लागू की जा रही हैं। राजधानी के पास पहले से ही सुपर कॉरिडोर, आईटी पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर जैसी परियोजनाएं चल रही हैं, जो इसे निवेशकों के लिए एक पसंदीदा स्थान बना रही हैं। इसके अलावा, भोपाल में उत्कृष्ट शैक्षिक और अनुसंधान संस्थानों की उपस्थिति इसे कुशल मानव संसाधन का केंद्र भी बनाती हैं, जो औद्योगिक विकास के लिए आवश्यक है। जीआईएस-2025 में इस बार एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सेक्टर-विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें निवेशकों को उनके क्षेत्र के अनुसार सीधे संबंधित विभागों के साथ संवाद करने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह समिट पहली बार 20 से अधिक निवेश और उद्योग नीतियों को प्रस्तुत करने जा रही है, जो देश में अपनी तरह की अनूठी पहल होगी। सरकार ने निवेश प्रक्रिया को तेज़ और सुगम बनाने के लिए नीति सुधार, अनुकूल औद्योगिक वातावरण और व्यापार सुगमता पर विशेष ध्यान दिया है। भोपाल की औद्योगिक क्षमता को सशक्त करने के लिए सरकार बुनियादी सुविधाओं को भी लगातार विस्तार दे रही है। राजधानी से जुड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग, आधुनिक लॉजिस्टिक्स सेंटर, एयर कनेक्टिविटी और रेल नेटवर्क के विस्तार से यह औद्योगिक दृष्टि से और भी अधिक प्रभावी बन रहा है। हाल ही में रीवा हवाई अड्डे के शुरू होने से प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को और मजबूती मिली है, जिससे उद्योगों को तेज़ी से अपने बाजारों तक पहुंचने में सुविधा होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस-2025 केवल बड़े निवेशकों के लिए ही नहीं, बल्कि स्थानीय उद्योगों, स्टार्ट-अप्स और एमएसएमई के लिए भी नए अवसर लेकर आएगी। भोपाल के पास स्थित परंपरागत उद्योगों को वैश्विक बाजार से जोड़ने और उन्हें नई तकनीक व पूंजी से सशक्त करने की दिशा में भी यह समिट एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीआईएस-2025 के बाद भोपाल केवल मध्यप्रदेश का प्रशासनिक केंद्र ही नहीं, अपितु यह व्यवसाय, नवाचार और निवेश के प्रमुख गंतव्य के रूप में उभरेगा। साथ ही भोपाल को एक औद्योगिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में निर्णायक कदम होगा, जो प्रदेश के आर्थिक परिदृश्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।   recent visitors 32

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान से उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की सौजन्य भेंट

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान से उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की सौजन्य भेंट बहुती नहर के उन्नयन के लिये 1700 करोड़ की राशि स्वीकृति का किया अनुरोध भोपाल : केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने नई दिल्ली में सौजन्य भेंट की। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने रीवा एवं सतना जिलों में संचालित बाणसागर परियोजना की बहुती नहर के आधुनिकीकरण के लिए केंद्र सरकार की "मॉडर्नाइजेशन ऑफ कैचमेंट एरिया डेवलपमेंट" योजना में 1700 करोड़ की राशि स्वीकृति का अनुरोध किया। परियोजना से 85 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि का विकास होगा। उन्होंने कहा कि परियोजना से क्षेत्र के किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधाएं प्राप्त होंगी, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी और क्षेत्रीय विकास को बल मिलेगा। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि रीवा की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए बहुती नहर के उन्नयन की महती आवश्यकता है। नहर के वर्तमान निर्माण से कई स्थानों पर कमांड क्षेत्र का लेवल अत्यधिक ऊंचा है। इस स्थिति को सुधारने के लिए आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण की आवश्यकता है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और केंद्र सरकार से इस दिशा में आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया। उपमुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि परियोजना से रीवा संभाग के किसानों को समृद्धि की नई राह मिलेगी।   recent visitors 17