Sunday, July 5, 2026 8:14 pm

शिप्रा घाट पर मदिरा के नशे में मस्त मिले युवक-युवती, बुलाना पड़ी पुलिस

उज्जैन उज्जैन क्षिप्रा नदी के सिद्ध आश्रम घाट पर युवक-युवती पानी में पैर डालकर नशे का सेवन कर रहे थे। दोनों अत्यधिक नशे की हालत में थे। घाट पर पेट्रोलिंग कर रहे जवानों ने जब उन्हें देखा तो महिलाओं की मदद से युवती को बाहर निकाला गया। महाकाल थाना पुलिस ने बताया कि होमगार्ड चौकी से सूचना मिलने पर पुलिस क्षिप्रा नदी के घाट पर पहुंची। जांच में सामने आया कि दोनों नदी में पैर डालकर बैठे थे और शराब पी रहे थे। उनके आसपास से ग्लास, कोल्ड ड्रिंक्स की बोतलें और शराब की बोतल बरामद हुई। युवती इतना अधिक नशा कर चुकी थी कि उठ भी नहीं पा रही थी। घाट पर मौजूद श्रद्धालु महिलाओं की मदद से उसे बाहर निकाला गया। महाकाल थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि दोनों को थाने लाया गया, जहां युवक की पहचान योगेश पिता ओमप्रकाश, निवासी नंदानगर इंदौर के रूप में हुई। युवती खंडवा की रहने वाली थी। युवक ने पेट्रोल पंप पर काम करने की जानकारी दी। दोनों को मेडिकल परीक्षण के लिए चरक भवन भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने अत्यधिक शराब के नशे में होने की पुष्टि की। मामले में युवक के खिलाफ सार्वजनिक स्थान पर शराब सेवन करने के आरोप में आबकारी अधिनियम की धारा 36 बी के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। परिजनों को भी सूचना दी गई। दोनों दर्शन के लिए आने की बात कह रहे थे। क्षिप्रा नदी के किनारे युवक-युवती के नशे में होने की खबर फैलते ही घाट पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिसे होमगार्ड और एसडीआरएफ के जवानों ने हटाया। युवक के बैग से शराब की बोतल भी बरामद हुई। तालाब में गिरा शराबी युवक सांवेर रोड पर तालाब में एक युवक गिर गया, युवक नशे की हालत में था। उसे डूबता देख आसपास मौजूद लोगों की भीड़ जमा हो गई। कुछ लोगों ने युवक को बचाने के लिए चेन बनाई और तालाब के किनारे से अंदर लटक गए। उन्होंने युवक की शर्ट पकड़कर उसे बाहर खींचने का प्रयास किया। कुछ देर की मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस दौरान तालाब के आसपास भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस के पहुंचने से पहले युवक वहां से चला गया, लेकिन घटना का वीडियो कई लोगों ने अपने मोबाइल से बना लिया जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। राजस्थान के 3 युवकों को डूबने से बचाया क्षिप्रा नदी के रामघाट पर राजस्थान के तीन युवकों को डूबने से बचाया गया। मां क्षिप्रा तैराक दल के सचिव संतोष सोलंकी ने बताया कि राजस्थान का एक परिवार धार्मिक यात्रा पर आया था। परिवार के दो युवक, विकास और विक्रम, गहरे पानी में चले गए, उन्हें गहराई का अंदाजा नहीं था। दोनों भाइयों को डूबता देख मामा नरेंद्र ने बचाने के लिए छलांग लगा दी, लेकिन वह भी डूबने लगा। तभी तैराक दल के दीपक कहार और राकेश गौड़ ने तीनों को बचाने के लिए छलांग लगाई और कुछ देर में ही तीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। recent visitors 36

महामंडलेश्वर आचार्य कैलाशानंद तथा अन्य प्रमुख संतों ने गौतम अदाणी द्वारा महाप्रसाद वितरण की प्रशंसा की

महाकुंभ नगर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के महाकुंभ में अदाणी समूह द्वारा किए गए सेवा कार्यों की संतों ने सराहना की है। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, महामंडलेश्वर आचार्य कैलाशानंद तथा अन्य प्रमुख संतों ने गौतम अदाणी द्वारा इस्कॉन के सहयोग से चलाए जा रहे महाप्रसाद वितरण की प्रशंसा करते हुए इसे सबसे बड़ी सेवा बताया है। इस सेवा कार्य ने अदाणी समूह के समाज के प्रति समर्पण भाव को भी उजागर किया है। उल्लेखनीय है कि अदाणी समूह द्वारा इस्कॉन के सहयोग से मेला क्षेत्र में प्रतिदिन एक लाख से अधिक लोगों को महाप्रसाद वितरण किया जा रहा है, जिससे लाखों श्रद्धालु तृप्त हो रहे हैं। इसके साथ ही, गीता प्रेस के सहयोग से घर-घर आरती संग्रह और गोल्फ कार्ट सेवा से भी श्रद्धालुओं को सहूलियत मिल रही है। अदाणी समूह की यह सेवा महाकुंभ की गरिमा और महत्व को और भी बढ़ा रही है। संतों ने इस्कॉन के सहयोग से चलाए जा रहे महाप्रसाद वितरण पर अपनी राय साझा करते हुए कहा है कि अदाणी समूह द्वारा इस महाकुंभ में की जाने वाली महाप्रसाद सेवा, सबसे बड़ी सेवा है। लाखों लोगों के लिए दिन-रात भोजन की सेवा निस्संदेह प्रशंसनीय है। इस महाप्रसाद से लाखों लोग संतुष्ट हुए हैं। श्री श्री 1008 निरंजन पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर आचार्य कैलाशानंद महराज ने भी इन कार्यों की सराहना की और उन्हें साधुवाद दिया है। उन्होंने कहा, "अदाणी समूह द्वारा इस महाकुंभ में दी जा रही सेवा अनुकरणीय है, और यह समाज के प्रति उनके समर्पण का स्पष्ट उदाहरण है।" अदाणी समूह और इस्कॉन मिलकर महाकुंभ मेला क्षेत्र में प्रतिदिन महाप्रसाद का वितरण कर रहे हैं। इस महाप्रसाद को मेला क्षेत्र में स्थित इस्कॉन की तीन रसोइयों में तैयार किया जा रहा है और इसे 40 से भी ज्यादा स्थानों पर वितरित किया जा रहा है। यह सेवा महाकुंभ मेला समाप्त होने तक जारी रहेगी। इसके अलावा, गीता प्रेस के सहयोग से मुफ्त एक करोड़ आरती संग्रह घर-घर पहुंचाए गए हैं, और मेला क्षेत्र में गोल्फ कार्ट की सेवा से श्रद्धालुओं को स्नान में सहूलियत मिली है। अदाणी समूह का यह योगदान महाकुंभ की गरिमा को और बढ़ा रहा है। recent visitors 38

विश्व पुस्तक मेले में वन्यजीव प्रेमियों के लिए हाल ही में प्रकाशित ‘बर्ड्स ऑफ भोपाल’ किताब भी खूब चर्चा में

भोपाल/दिल्ली दिल्ली के प्रगति मैदान में 1 फरवरी से शुरू हुए विश्व पुस्तक मेले में इस बार मध्य प्रदेश की किताबें खास आकर्षण बनी हुई हैं। बुंदेली संस्कृति, वन्यजीव और ऐतिहासिक धरोहरों पर आधारित किताबों को पाठक खूब पसंद कर रहे हैं। साथ ही पुस्तकालय संचालकों की भी अच्छी आवाजाही देखी जा रही है, जो कि ऐसी किताबों की तलाश में हैं जो भारत के हृदय प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और परंपरा को दर्शाती हों। मेले में यूपीएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र भी बड़ी संख्या में आ रहे हैं। वन्यजीव, पर्यावरण और सांस्कृतिक इतिहास से जुड़ी किताबें अभ्यर्थियों की विशेष पसंद बनी हुई है. पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के प्रमुख सचिव और मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के प्रबंध संचालक श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा, "विश्व पुस्तक मेला, पाठकों और लेखकों को जोड़ने का एक महत्वपूर्ण मंच है,  यह साहित्य, संस्कृति और नवाचार को बढ़ावा देने का भी अवसर प्रदान कर रहा है। यह मेला ज्ञान के प्रकाश को और अधिक फैलाने में सहायक सिद्ध होगा।" पर्यटकों के बीच मध्य प्रदेश गाइड मैप की मांग भी बढ़ गई है। नए होमस्टे और ऑफबीरहाट डेस्टिनेशन्स के विकास के चलते, यह मैप यात्रियों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहा है। इतिहास और धर्म से जुड़ी पुस्तकों के अलावा, राज्य के प्रसिद्ध साहित्यकारों की रचनाएं भी यहां उपलब्ध हैं। विशेष रूप से बुंदेलखंड, उज्जैन, सतपुड़ा, भोपाल, इंदौर, दमोह जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों से जुड़ी पुस्तकें स्टॉल पर उपलब्ध हैं। इनमें से कुछ प्रमुख किताबें 'वाइल्ड एमपी', 'उज्जैन: द लिविंग लेजेंड', 'बुंदेलखंड: द हार्ट बीट ऑफ एमपी', 'फॉर्ट्स ऑफ फोर्ट्रेस और पैलेस ऑफ एमपी', और 'सतपुड़ा' हैं। वन्यजीव प्रेमियों के लिए हाल ही में प्रकाशित 'बर्ड्स ऑफ भोपाल' किताब भी खूब चर्चा में है। यह भोपाल और उसके आसपास पाए जाने वाले पक्षियों की जानकारी देने वाली अनूठी पुस्तक है, जिसे प्रकृति प्रेमी और शोधकर्ता खासा पसंद कर रहे हैं।  मध्य प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने के लिए लोग बड़ी संख्या में स्टॉल पर पहुंच रहे हैं और किताबों को पसंद कर रहे हैं। recent visitors 33

जबलपुर में लोकायुक्त ने सहायक शिक्षक हरिशंकर दुबे के घर पर छापामार कार्रवाई की, आय से ज्यादा संपत्ति मिलने का अनुमान

जबलपुर मध्य प्रदेश के जबलपुर में लोकायुक्त ने सहायक शिक्षक हरिशंकर दुबे के घर पर छापामार कार्रवाई की। घर के साथ फार्म हाउस पर भी रेड की गई। कार्रवाई में आय से 100 प्रतिशत अधिक संपत्ति मिलने का अनुमान है। हरिशंकर दुबे, सिहोरा विधानसभा क्षेत्र के बरखेड़ा ग्राम में सहायक शिक्षक के पद पर पदस्थ हैं। लोकायुक्त को उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत मिली थी। जिसके बाद इसकी जांच की और सत्यता पाए जाने के बाद एक टीम ने आज सुबह छापामार कार्रवाई की।  लोकायुक्त DSP दिलीप झरवड़े ने बताया कि शिक्षक का कार्यकाल 40 वर्षों का है। दस्तावेज की जांच की जा रही है। मामले की विवेचना जारी है। recent visitors 79

कार्य में अनियमितता पर विद्युत वितरण कंपनी के 37 आउटसोर्स कर्मचारियों को सेवा से किया पृथक

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कार्य में लापरवाही और अनियमितता बरतने के चलते कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, रायसेन, राजगढ., सीहोर, मुरैना तथा श्‍योपुर में आउटसोर्स एजेंसी से कार्यरत 37 आउटसोर्स कार्मिकों को सेवाओं से पृथक करते हुए ब्लैक लिस्ट किया है। कंपनी द्वारा ब्लैक लिस्ट किये गए 37 आउटसोर्स कार्मिक कंपनी कार्यक्षेत्र के किसी भी बिजली कार्यालय में कार्य नहीं कर सकेंगे। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कार्य क्षेत्र के भोपाल वृत्त में कार्यरत 7 आउटसोर्स कार्मिकों के साथ ही भोपाल ग्रामीण में 3, नर्मदापुरम में 3, रायसेन में 6, राजगढ में 2, सीहोर में 8, विदिशा में 3, मुरैना में 2, श्‍योपुर में 1 तथा शिवपुरी वृत्‍त में कार्यरत 02 आउटसोर्स कार्मिकों को लापरवाही और अनियमितता बरतने के कारण सेवा से पृथक कर ब्लैक लिस्ट किया है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने कहा कि कार्य में पारदर्शिता, लगन, निष्ठा और उपभोक्ता सेवाओं को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कंपनी में जीरो टोलरेंस की नीति लागू है। सभी मैदानी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे उपभोक्ता सेवाओं और कंपनी की उत्तरोत्तर तरक्की के लिए निरन्तर प्रयास करते रहें।   recent visitors 31

अजमेर को राष्ट्रीय जैन तीर्थ स्थल घोषित करने की दरगाह दीवान की प्रधानमंत्री से अपील

अजमेर दरगाह दीवान जैनुअल आबेदीन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अजमेर को राष्ट्रीय जैन तीर्थ स्थल घोषित करने की मांग की है। उन्होंने इस संबंध में एक पत्र भी प्रधानमंत्री को भेजा है, जिसमें उन्होंने कहा कि अजमेर का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व अत्यधिक है, जो न केवल ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह बल्कि जैन धर्म से जुड़ी ऐतिहासिक धरोहरों से भी जुड़ा हुआ है। दरगाह दीवान ने यह भी बताया कि अजमेर में आचार्य 108 विद्यासागर महाराज की पुण्यतिथि के अवसर पर देशभर में जैन समाज इसे विशेष रूप से मनाएगा। उन्होंने इस मांग को जैन धर्म के प्रति सच्चा सम्मान और भारत की समृद्ध धार्मिक धरोहर को और भी प्रतिष्ठित करने वाला कदम बताया। इस बयान के बाद, विष्णु गुप्ता, जिन्होंने दरगाह में शिव मंदिर होने के दावे की याचिका डाली थी, ने दीवान का समर्थन करते हुए कहा कि कम से कम अब यह माना गया है कि अजमेर जैनियों का तीर्थ स्थल है। यह मामला अब एक नई बहस का कारण बन गया है, जिसमें विभिन्न धर्मों और समुदायों के बीच सांप्रदायिक सौहार्द और धार्मिक पहचान को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। recent visitors 24

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़े बाड़े से कूनो के खुले जंगल में रिलीज किए 2 मादा चीता के साथ 3 शावक

शिवपुरी कूनो नेशनल पार्क में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज मादा चीता धीरा, मादा चीता आशा और उसके 3 शावकों को बड़े बाड़े से खुले जंगल में रिलीज किया। जिसके बाद खुले जंगल में चीतों की संख्या अब 7 हो गई है। अब ये सभी चीते अपने मन पसंद भोजन का शिकार करेंगे। साथ ही पर्यटकों को भी नए चीतों का दीदार हो सकेगा। सीएम डॉ. मोहन यादव ने चीतों को रिलीज करने के बाद कहा, “पालनपुर कूनो का दिन आज के लिए खास है। पिछले समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीता छोड़कर वन्य जीवन में चीतों की पुनर्बसाहट का नया काम शुरू किया था। आज 5 चीतों को दोबारा छोड़ने का संकल्प किया है।” सीएम ने आगे कहा, “धीरा और मादा के साथ 3 बच्चों को जंगल में छोड़ा गया। परमात्मा करे ये सभी अच्छे से बढ़ें। शासकीय स्तर पर जो प्रबंधन किए जाने हैं, वह सब कर रहे हैं। आने वाले समां में पर्यटकों से लेकर कई सेक्टर में इसका नाम अलग प्रकार से जाना जाएगा।” recent visitors 31