Wednesday, July 8, 2026 1:38 am

मध्य प्रदेश में वन विभाग कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर, कर्मचारियों को रिटायरमेंट या मृत्यु पर मिलेगी 10 लाख ग्रेच्युटी

भोपाल  मध्य प्रदेश के वन विभाग के कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। स्थायी और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को अब रिटायरमेंट या मृत्यु पर 10 लाख रुपये तक ग्रेच्युटी मिलेगी। यह नया नियम गुरुवार, 6 फरवरी 2025 को वन मुख्यालय द्वारा जारी किया गया। यह 2010 के ग्रेच्युटी अधिनियम के तहत लागू किया गया है। कर्मचारी मंच लंबे समय से इसकी मांग कर रहा था। इस फैसले से अन्य विभागों में भी इसी तरह के बदलाव की उम्मीद है। 14 साल बाद लागू हुआ नियम वन विभाग में काम करने वाले सभी स्थायी और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी इस नए नियम के दायरे में आएंगे। पहले, 1972 के ग्रेच्युटी अधिनियम के तहत, उन्हें केवल 3.5 लाख रुपये ही मिलते थे। लेकिन अब, केंद्र सरकार के 2010 के नए अधिनियम के अनुसार, उन्हें अधिकतम 10 लाख रुपये तक ग्रेच्युटी मिल सकेगी। मध्य प्रदेश में 14 साल बाद यह नियम लागू हुआ है। कर्मचारी मंच के पदाधिकारियों ने जताई खुशी मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच के प्रांताध्यक्ष अशोक पांडे ने बताया कि वे लंबे समय से इस बदलाव की मांग कर रहे थे। वन विभाग में ग्रेच्युटी अधिनियम 1972 के तहत स्थाई कर्मियों एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति एवं मृत्यु होने पर अभी तक तीन लाख 50 हजार रुपये ग्रेजुएटी भुगतान की जा रही थी। यह नया नियम वन विभाग में लागू होने के बाद, अब उम्मीद है कि जल्द ही अन्य सरकारी विभागों में भी इसे लागू कर दिया जाएगा। अशोक पांडे ने आगे कहा, 'केंद्र सरकार ने ग्रेच्युटी अधिनियम 1972 के स्थान पर नए ग्रेजुएटी अधिनियम 2010 प्रतिस्थापित कर दिए हैं। जिसके तहत कर्मचारियों को ग्रेजुएटी साढे़ तीन लाख के स्थान पर अधिकतम 10 लाख रुपए भुगतान किए जाने की निर्देश है लेकिन मध्य प्रदेश में 14 साल बाद भी नए ग्रेजुएटी अधिनियम लागू नहीं किए गए हैं।' क्या होता है ग्रेच्युटी यह फैसला कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत की बात है। इससे उन्हें अपने भविष्य के लिए बेहतर वित्तीय सुरक्षा मिलेगी। ग्रेच्युटी एक तरह का बोनस होता है जो कर्मचारी को लंबी सेवा के बाद मिलता है। यह रिटायरमेंट के बाद जीवन-यापन में मदद करता है या फिर परिवार के सदस्यों को आर्थिक सहायता प्रदान करता है अगर कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है। केंद्र सरकार लाई थी 2010 का ग्रेच्युटी अधिनियम यह 2010 का ग्रेच्युटी अधिनियम केंद्र सरकार द्वारा लाया गया था। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को बेहतर ग्रेच्युटी लाभ प्रदान करना था। इस अधिनियम के तहत, ग्रेच्युटी की गणना कर्मचारी के अंतिम वेतन और सेवा के वर्षों के आधार पर की जाती है। अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये तय की गई है। recent visitors 40

डबल मीनिंग जोक से परेशान महिला नर्सिंग ऑफिसर ने खटखटाया हाई कोर्ट का दरवाजा

ग्वालियर  मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिला अस्पताल के डॉक्टर पर गंदी बात के गंभीर आरोप लगे हैं. यह आरोप किसी छोटी-मोटी महिला कर्मचारी ने नहीं बल्कि महिला नर्सिंग ऑफिसर ने लगाए हैं. पीड़ित महिला नर्सिंग ऑफिसर की शिकायत पर आला अधिकारियों ने कार्रवाई करने की बजाय महिला नर्सिंग ऑफिसर को ही पद से मुक्त कर जनरल ड्यूटी नर्स बना दिया. आखिर में पीड़िता ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता देखते हुए स्वास्थ अफसरों को फटकार लगाई पीड़िता को दोबारा नर्सिंग ऑफिसर के पद पर बहाल कराया और इस मामले में तत्काल यौन उत्पीड़न कमेटी से जांच कर कर कार्रवाई के निर्देश दिए. डबल मीनिंग जोक सुनाते हैं सीनियर डॉक्टर जिला अस्पताल की महिला नर्सिंग ऑफिसर ने दो सीनियर डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. महिला नर्सिंग ऑफिसर का कहना है कि उन्हें जिला अस्पताल के दो डॉक्टर उनको डबल मीनिंग और आपत्तिजनक जोक सुनाते हैं. ड्यूटी के दौरान कई बार उनके साथ बैड टच करते हैं. रात में मोबाइल पर गाने और आपत्तिजनक मैसेज भेजते हैं. महिला नर्सिंग ऑफिसर ने जब इसकी शिकायत आला अधिकारियों से की तो अधिकारियों ने डॉक्टरों को बचाने के लिए उल्टा पीड़िता को नर्सिंग ऑफिसर के पद से ही हटाकर जनरल ड्यूटी नर्स बना दिया. नर्सिंग ऑफिसर ने खटखटाया दरवाजा इसके बाद पीड़िता ने महिला आयोग और अन्य जगह शिकायत की. जब ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो फिर उसने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. हाई कोर्ट ने पीड़िता के द्वारा पेश किए सबूत के आधार पर इस मामले में अफसर को फटकार लगाई और पीड़िता को तत्काल मेडिकल ऑफिसर पर बहाल कराया. इसके साथ ही इस मामले की यौन उत्पीड़न कमेटी से निष्पक्ष जांच कर कर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. हाईकोर्ट ने दिया निर्देश प्रीता का कहना है कि जिला अस्पताल में तैनात कई नर्स से उत्पीड़न का शिकार हो रही है. लेकिन वह अपनी इज्जत और नौकरी बचाने की खातिर सब कुछ सहने को मजबूर है. कुछ नर्सों ने शिकायत भी की लेकिन कार्रवाई होने की बजाए उनको ही प्रताड़ित किया जाने लगा तो सब डर कर चुप बैठ गई. सिविल सर्जन डॉक्टर आरके शर्मा का कहना है कि हाई कोर्ट के निर्देश के बाद यौन उत्पीड़न कमेटी को जांच सौंप गई हैं, 20 दिन बाद कमेटी की रिपोर्ट आने पर उचित कार्रवाई की जाएगी. recent visitors 41

चुनाव के नतीजों से पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने लगाया बड़ा आरोप, कहा- महाराष्ट्र चुनाव में भी हुई गड़बड़ी

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने महाराष्ट्र चुनाव में गड़बड़ी का शक जताया है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि महाराष्ट्र में विधानसभा 2019 और लोकसभा 2024 के बीच 5 साल में 32 लाख नए मतदाता जोड़े गए। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा 2024 और विधानसभा 2024 के बीच 5 महीने में 39 लाख नए मतदाता जोड़े गए। कांग्रेस सांसद ने पूछा कि सवाल ये है कि 5 महीने के अंदर पिछले 5 साल से ज्यादा मतदाता कैसे जोड़े गए? राहुल गांधी ने वोटर लिस्ट को लेकर जानकारी मांगी है। उन्होंने कहाकि चुनाव आयोग ने हमारी आशंकाओं को लेकर जवाब नहीं दिया। राहुल ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच 39 लाख मतदाताओं की वृद्धि हिमाचल प्रदेश जैसे पूरे राज्य की जनसंख्या के बराबर है। उन्होंने कहाकि निर्वाचन आयोग को पारदर्शिता लानी चाहिए, महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनावों की मतदाता सूची उपलब्ध कराना उसकी जिम्मेदारी है। इस दौरान प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद शिवसेना-यूबीटी सांसद संजय राउत ने कहाकि अगर इस देश का चुनाव आयोग जिंदा है, उनका ज़मीर मरा नहीं है तो राहुल गांधी ने जो सवाल पूछे हैं उनका जवाब उसको देना चाहिए। लेकिन चुनाव आयोग उसका जवाब नहीं देगा क्योंकि चुनाव आयोग भी सरकार की गुलामी कर रहा है। वहीं, एनसीपी-शरद पवार पार्टी की सांसद सुप्रिया सुले ने कहाकि जिस तरह से हमारी पार्टी तोड़ी गई, विधायक-सांसद तोड़े गए। हमारी लड़ाई आज भी सुप्रीम कोर्ट में चल रही है… हमने विधानसभा में चुनाव चिन्ह से तुतारी हटाने का अनुरोध चुनाव आयोग से किया। लेकिन उन्होंने तुतारी नहीं हटाया। जिसके कारण हम कई सीट हारे….चुनाव चिन्ह का विषय है, पार्टियां तोड़ने का विषय है, मतदाता सूची का विषय है। चुनाव आयोग को निष्पक्ष होना चाहिए। recent visitors 52

हसदेव नदी में डूबे 3 छात्र, घटनास्थल से 6 किलोमीटर दूर मिला तीसरे युवक का शव

 कोरबा कोरबा में दर्री थानांतर्गत हसदेव नदी में डूबे तीसरे युवक का शव भी मिल गया है। घटना स्थल से 6 किलोमीटर दूर दर्री डैम पर तीसरे युवक की लाश मिली है। तीन दिन पहले तीन युवक दर्री स्थित हसदेव नदी में बह गए थे। घटना स्थल से पुलिस ने बाइक मोबाइल और कपड़ा बरामद किया गया था। रेस्क्यू अभियान के दौरान सागर चौधरी और बजरंग प्रसाद की लाश कल दोपहर बरामद कर ली गई थी। आशुतोष सोनकर का देर रात शव बरामद हुआ। नगर सेना के जिला प्रभारी पीबी सिदार ने बताया कि घटना के सूचना मिलने के बाद कोरबा नगर सेवा की गोताखोरों की टीम और एसडीआरएफ की टीम तलाश में जुटी हुई थी। तीनों छात्रों का शव बरामद कर लिया गया है। तीनों पीजी कॉलेज के छात्र थे। तीनों दोस्त थे। दो छात्र सीएसईबी कर्मी के बेटे थे, जो सीएसईबी कॉलोनी में रहते थे। recent visitors 19

कानूनी पचड़े में फंस गए बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद, जारी हुआ गिरफ्तारी का वारंट

मुंबई कोरोना काल में लोगों का मसीहा बने बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद हाल ही में कानूनी पचड़े में फंस गए हैं. पंजाब की एक अदालत ने धोखाधड़ी के मामले में एक्टर के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया गया है. ये वारंट लुधियाना की न्यायिक मजिस्ट्रेट रमनप्रीत कौर ने जारी किया है. बता दें कि पूरा मामला लुधियाना के वकील राजेश खन्ना द्वारा मोहित शुक्ला नाम के व्यक्ति के खिलाफ दायर 10 लाख रुपए की धोखाधड़ी से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने दावा किया कि उन्हें नकली रिजिका कॉइन में निवेश करने के लिए लालच दिया गया था. जिस पर गवाही देने के लिए सोनू सूद को अदालत में बुलाया गया था, लेकिन वे पेश नहीं हुए, जिसके बाद गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया. लुधियाना कोर्ट ने अपने आदेश में मुंबई के अंधेरी वेस्ट स्थित ओशिवारा पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को सोनू सूद को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है. इस आदेश में कहा गया है, ‘सोनू सूद, (पुत्र, पत्नी, पुत्री) निवासी, घर संख्या 605/606 कैसाब्लैंक अपार्टमेंट को विधिवत समन या वारंट तामील किया गया है, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए (समन या वारंट की तामील से बचने के उद्देश्य से फरार हो गया और बाहर निकल गया). आपको आदेश दिया जाता है कि आप सोनू सूद  को गिरफ्तार करें और कोर्ट के समक्ष पेश करें.’ इस आदेश में आगे लिखा गया है, ‘आपको यह वारंट 10-02-2025 को या उससे पहले वापस करने का निर्देश दिया जाता है, जिसमें यह प्रमाणित किया गया हो कि यह किस दिन और किस तरीके से निष्पादित (एग्जीक्यूट) किया गया है, या इसका कारण क्या है कि इसे निष्पादित क्यों नहीं किया गया है.’ मामले की अगली सुनवाई 10 फरवरी को निर्धारित की गई है. recent visitors 49

कोटा में एयरपोर्ट निर्माण प्रक्रिया शुरू, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने जारी किया टेंडर

कोटा राजस्थान के कोटा में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के निर्माण को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इस परियोजना के लिए टेंडर जारी कर दिया है। यह फैसला लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू के बीच संसद भवन स्थित कार्यालय में हुई बैठक के बाद लिया गया। कोटा में एयरपोर्ट निर्माण की यह पहल स्थानीय लोगों और व्यापारियों के लिए एक बड़ी सौगात साबित होगी, जिससे क्षेत्र का विकास तेजी से होगा। तीन महीने में पूरी होंगी टेंडर प्रक्रियाएं बैठक के दौरान स्पीकर ओम बिरला ने केंद्रीय मंत्री से टेंडर प्रक्रिया को शीघ्र शुरू करने का आग्रह किया, जिसके बाद शाम तक एएआई ने टेंडर जारी कर दिया। अब तीन महीने में टेंडर से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। 467.67 करोड़ रुपये की लागत से होगा पहला फेज एएआई के टेंडर के अनुसार, ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट के पहले चरण में 467.67 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य होगा। इसमें रनवे समेत एयर साइड से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे। टेंडर जमा करने की अंतिम तिथि: 11 अप्रैल 2025 टेंडर घोषित होने की तिथि: 17 अप्रैल 2025 साथ ही अन्य एजेंसियों द्वारा सड़क, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए भी काम शुरू किया जा रहा है। 2027 तक पूरा होगा निर्माण, हाड़ौती क्षेत्र को मिलेगा लाभ उड्डयन मंत्री नायडू ने जानकारी दी कि कोटा एयरपोर्ट का निर्माण दिसंबर 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद कोटा से विमान सेवाएं शुरू हो जाएंगी। यह एयरपोर्ट न केवल कोटा-बूंदी क्षेत्र बल्कि पूरे हाड़ौती और पश्चिमी राजस्थान के कई जिलों के लिए एक बड़ी सुविधा साबित होगा। recent visitors 154

प्रयागराज जंक्शन पर एंट्री और एग्जिट के लिए नई व्यवस्था लागू, इन बातों का रखना होगा ध्यान

प्रयागराज महाकुंभ 2025 में आने वाले श्रद्धालुओं की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए यात्रियों की सुरक्षा और सुगमता से प्रवेश/निकासी के लिए प्रयागराज जंक्शन पर दिनांक 7 फरवरी 2025 को प्रातः 8:00 बजे से अग्रिम आदेश तक एकल दिशा मूवमेंट लागू रहेगा। इस दौरान प्रवेश केवल सिटी साइड (प्लेटफ़ॉर्म नं.-1 की ओर) से दिया जाएगा और निकास केवल सिविल लाइंस साइड की ओर से होगा। एंट्री और एग्जिट की नई व्यवस्था लागू अनारक्षित यात्रियों को दिशावार यात्री आश्रय के माध्यम से प्रवेश दिया जाएगा। टिकट की व्यवस्था यात्री आश्रयों में अनारक्षित टिकट काउंटर, एटीवीएम और मोबाइल टिकटिंग के रूप में रहेगी। आरक्षित यात्रियों को प्रवेश गेट संख्या 5 के माध्यम से दिया जाएगा और उन्हें गाड़ी आने से आधे घंटे पहले ही प्लेटफॉर्म पर जाने की अनुमति होगी। स्टेशन के दोनों ओर इस दौरान आवागमन के लिए पर्याप्त साधनों की उपलब्धता बनी रहेगी। महाकुंभ में देश-दुनिया के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालुओं के आने सिलसिला जारी है। बंसत पंचमी पर तीसरे अमृत स्नान में श्रद्धालुओं जनसैलाब उमड़ा। जहां 2 करोड़ 23 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया। वहीं गुरुवार को शाम 6 बजे तक 71.74 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान कियाय़ संगम में अब तक 39 करोड़ से अधिक श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। महाकुंभ क्यों मनाया जाता है पौराणिक कथा के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान अमृत कलश के लिए देवताओं और असुरों के बीच 12 दिन घमासान युद्ध हुआ। अमृत को पाने की लड़ाई के बीच कलश से अमृत की कुछ बूंदें धरती के चार स्थानों पर गिरी थीं। ये जगह हैं प्रयागराज, उज्जैन, हरिद्वार और नासिक। इन्हीं चारों जगहों पर कुंभ का मेला लगता है। जब गुरु वृषभ राशि में और सूर्य मकर राशि में होते हैं तब कुंभ मेला प्रयागराज में आयोजित किया जाता है। जब गुरु और सूर्य सिंह राशि में होते हैं, तब कुंभ मेला नासिक में आयोजित होता है। गुरु के सिंह राशि और सूर्य के मेष राशि में होने पर कुंभ मेला उज्जैन में आयोजित होता है। सूर्य मेष राशि और गुरु कुंभ राशि में होते हैं, तब हरिद्वार में कुंभ मेले का आयोजन किया जाता है। recent visitors 54