Wednesday, July 8, 2026 1:38 am

नगरीय निकाय चुनाव: भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए पूर्व सीएम भूपेश बोले – 1 साल के कार्यकाल में परेशान हो चुकी है जनता

बलौदाबाजार   छत्तीसगढ़ में आगामी नगरीय निकाय चुनाव को लेकर पूर्वी सीएम भूपेश बघेल बीती रात बलौदा बाजार पहुंचे. यहां उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि मैं पूरे प्रदेश में दौरा कर रहा हूं. लोग भाजपा के एक वर्ष के कार्यकाल को देख कर परेशान हो चुके हैं और पुनः परिवर्तन की लहर और कांग्रेस के पक्ष में माहौल दिखाई दे रहा है. पूर्व सीएम ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह सरकार गरीबों, किसानों, युवाओं के हितों की चिंता करने वाली हिमायती नहीं, वरन शोषण करने वाली है. उन्होंने कहा कि किसानों को धान की खरीद राशि भुगतान की बात कही थी, पूरा नहीं किया. गरीबों के स्वास्थ्य योजना को लेकर हमने जो योजना लागू किया, वह बंद कर दिया गया है. गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए आत्मानंद स्कूल खोला, उस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा, बल्कि नाम बदलने की बात कह रहे हैं. वहीं शिक्षकों को बराबर वेतन नहीं मिल रहा है. युवाओं को नौकरी से निकाल दिये. पूर्व सीएम ने आगे कहा कि भाजपा के शासन काल में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं. इनके प्रशासनिक अधिकारी नियंत्रण में नहीं हैं. बलौदाबाजार-भाटापारा का कलेक्टर एसपी कार्यालय जल गया और ये सम्हाल नहीं पाए. कलेक्टर एसपी कार्यालय छोड़कर भाग गये. निर्दोष लोगों को पकड़ जेल भेजा गया, जबकि वास्तविक अपराधी बाहर घुम रहे हैं. एक समाज विशेष को पकड़कर जेल में ठुंसा गया. उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि शिक्षकों को नौकरी से निकाला जा रहा है. शिक्षकों को तनख्वाह नहीं मिल रही है. कांग्रेस की जितनी भी योजना थी, उसे भाजपा ने बंद करवा दिया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं परेशान हैं. उन्होंने आगे कहा कि झुठ फरेब से यह सत्ता में काबिज है, पर अब जनता समझ गयी है और अब प्रदेश में बदलाव की स्थिति है. पूर्व सीएम बघेल ने इन मुद्दों पर भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए लोगों से कांग्रेस को वोट देकर जिताने की अपील की है. वहीं अमरिका से पंजाब लाए गए भारतीयों के साथ अमानवीय व्यवहार को लेकर उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार को संज्ञान लेकर काम करना चाहिए. जनसभा के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ जनप्रतिनिधि शैलेष नितिन त्रिवेदी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कालनेमि रूपी है, जो वक्त के साथ रंग बदल देते हैं. मीठी बातें कर जनता को गुमराह करते हैं. इनसे बचकर रहना और कांग्रेस प्रत्याशियों का वोट देकर हाथ मजबूत करना. recent visitors 25

किरण सिंह देव की कड़ी कार्रवाई करते हुए दुर्ग के 45 प्रत्याशियों को पार्टी से किया निष्कासित

रायपुर नगरीय निकाय चुनाव में पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के विरुद्ध चुनाव लड़ने एवं अनुशासन भंग करने के मामले में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने कड़ी कार्रवाई करते हुए ऐसे सभी प्रत्याशियों को पार्टी से 6 वर्षों के लिए निष्कासित कर दिया है. जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक ने मीडिया को बताया कि पार्षद का बागी चुनाव लड़ने वालों में दुर्ग नगर निगम क्षेत्र से 30 लोगों का निष्कासन किया गया है तथा नगर पालिका व नगर पंचायत मिलाकर 11 लोगों का निष्कासन हुआ है. पाटन नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए निर्दलीय बागी प्रत्याशी होरीलाल देवांगन और उतई से श्रीमती सुनीता रूपनारायण शर्मा और कुसुम देवांगन को निष्कासित किया गया है. दुर्ग जिले से कुल 45 लोगों का भाजपा से निष्कासन हुआ है. दुर्ग नगर निगम से पार्षद का नामांकन करने वाले निष्कासितों में भारती चंद्राकर, संतोषी बाई पटेल चोखेलाल सोनी, जितेंद्र कुमार ताम्रकार, सतीश कुमार देवांगन, अजीत कुमार वैद्य, खिलावन मटियारा, लता सेन, बबीता यादव, सीमा मिश्रा, विकास कुमार ताम्रकार, जगदीश सोनी, विजयलक्ष्मी मिश्रा, दिनेश कुमार वर्मा, रामरतन जलतारे, पूजा देवांगन, डोमेश्वर प्रसाद साहू, मोहित कुमार टंडन, दशरथ पंदरिया, नरेंद्र हरपाल, तारिणी चंद्राकर, लता मनोज यादव, रेखा बंदे, अश्वनी साहू, सविता साहू, मोतीलाल साहू, नीलम पवार, पीलिया साहू, भानुमति साहू, कंचन ललित यादव है. नगर पालिका परिषद कुम्हारी से निष्कासित लोगों में पार्षद प्रत्याशी विनोद कुमार, बंजारे कुरमनी, लक्ष्मी नारायण साहू, सुनीता तिवारी, अनुराग गुप्ता, ओंकार प्रसाद मारकंडे शामिल हैं. नगर पंचायत पाटन में पार्षद प्रत्याशी वार्ड क्रमांक 11 से वागेश वासा शंकर और वार्ड क्रमांक 13 से श्रीमती लक्ष्मी लक्ष्मण निर्मलकर को निष्कासित किया गया है. नगर पंचायत उतई से बागी पार्षद प्रत्याशी माया ठाकुर, आशीष साहू, भीषण देवांगन, विजय लक्ष्मी साहू को निष्कासित किया गया है. recent visitors 27

प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की कमी, राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार मांगा जवाब

जयपुर प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की कमी के मुद्दे को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार जवाब मांग लिया है। हाईकोर्ट ने पूछा है कि प्रदेश के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों के कितने पद स्वीकृत हैं और उनमें कितनी संख्या में शिक्षक पदस्थापित हैं। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया को भी नोटिस जारी कर यह बताने को कहा है कि मेडिकल कॉलेजों में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों के कार्यरत होने को लेकर उनके पास क्या मैकेनिज्म है। मुख्य न्यायाधीश एमएम श्रीवास्तव और जस्टिस उमाशंकर व्यास की खंडपीठ ने यह आदेश महेन्द्र गौड़ की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। जनहित याचिका में अधिवक्ता तनवीर अहमद ने अदालत को बताया कि प्रदेश में संचालित अधिकांश मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा शिक्षकों की कमी है। एनएमसी की रिपोर्ट-हर विषय पर एक शिक्षक हो नेशनल मेडिकल कमीशन(एनएमसी) की रिपोर्ट के अनुसार कॉलेज में एक विषय के लिए कम से कम एक शिक्षक तो होना ही चाहिए। शिक्षकों की कमी से एमबीबीएस पाठ्यक्रम का अध्ययन प्रभावित हो रहा है। बिना मार्गदर्शन कोर्स पूरा होने के बाद ये चिकित्सक किस तरह मानव शरीर का इलाज करेंगे, यह समझ से परे है। वेबसाइट पर हो शिक्षकों को डेटा याचिका में यह भी कहा गया कि प्रदेश में संचालित मेडिकल कॉलेज की मान्यता के लिए होने वाले निरीक्षण के समय दूसरे मेडिकल कॉलेज से शिक्षकों को संबंधित कॉलेज में पदस्थापित कर लिया जाता है और निरीक्षण पूरा होने के बाद शिक्षक को वापस भेज दिया जाता है। याचिका में कहा गया कि नेशनल मेडिकल कमीशन की वेबसाइट पर चिकित्सा शिक्षकों का डेटा प्रदर्शित होना चाहिए। इससे यह स्पष्ट हो सके कि किस मेडिकल कॉलेज में कितने पद स्वीकृत हैं और इनमें से कितने पद खाली चल रहे हैं। recent visitors 43

छतरपुर में शुरू होगा MP का पहला ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर, भोपाल, सतना, सिंगरौली में तेजी से चल रहा काम

 छतरपुर छतरपुर में शुरू होगा मध्य प्रदेश का पहला ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर, जानें विशेषताएं। मध्य प्रदेश में सबसे पहला ड्राइविंग सेंटर छतरपुर जिले में शुरू होगा। इस माह सेंट्रल इंस्टिट्यूट आफ रोड, ट्रासपोर्ट (सीआईआरटी)पुणे से तकनीकी, फाइनेंस, सुपरविजन की तीन अलग-अलग टीम सेंटर की जांच करने आएंगी। सेंटर से मिलेगा प्रमाण पत्र सीआईआरटी से हरी झंडी मिलने के बाद परिवहन विभाग की देखरेख में तपस्या साई बाबा जन कल्याण शिक्षा प्रसाद समिति ट्रेनिंग सेंटर का संचालन शुरू करेगी। इसके बाद से सेंटर से प्रमाण पत्र के अधार पर आरटीओ की ओर से परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जाएंगे। लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया बेहतर होगी इस नई व्यवस्था से ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया और बेहतर व पारदर्शी होगी। समिति के संचालक डॉ. आरके चतुर्वेदी ने बताया कि छतरपुर में सेंटर का काम पूरा हो चुका है। पब्लिक प्राइवेट पार्टनशिप(पीपीपी)मोड पर छतरपुर में रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर(आरडीटीसी)बनकर तैयार है। सड़क हादसों को कम करना है उद्देश इसमें साढ़े पांच एकड़ जमीन व छह करोड़ रुपये से अधिक खर्चा आया है। केंद्र सरकार के सहयोग से सड़क हादसों को कम करने के उद्देश्य से सेंटर शुरू किए जा रहे हैं। जिससे कुशल ट्रेनिंग लेने वालों के ही ड्राइविंग लाइसेंस बन सकें। संचालन शुरू करने के लिए पुणे से सीआईआरटी की अनुमति मिलनी है। संभवत: दो महीने में सेंटर का संचालन शुरू होने की उम्मीद हैं। भोपाल में 60 प्रतिशत काम पूरा भोपाल में भी रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर(आरडीटीसी)का निर्माण हो रहा है। बंगरसिया में साढ़े पांच एकड़ जमीन में सेंटर बन रहा है। इसके लिए शासन से 5.5 करोड़ और 92 लाख संबंधित एजेंसी पैसा लगा रही है। इस वर्ष में भोपाल का सेंटर भी शुरू हो सकता है। इसके अलावा बैतूल में भी आरडीटीसी का काम शुरू होना है। तीन जिलों में बनेंगे डीटीसी उज्जैन सिंहस्थ में भीड़ प्रबंधन के लिए रेलवे के तीन से चार सैटेलाइट स्टेशन बनाए जाएंगे, स्पेशल ट्रेनें भी चलेंगीउज्जैन सिंहस्थ में भीड़ प्रबंधन के लिए रेलवे के तीन से चार सैटेलाइट स्टेशन बनाए जाएंगे, स्पेशल ट्रेनें भी चलेंगी मध्य प्रदेश के तीन जिलों में डिस्ट्रिक्ट ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर(डीडीटीसी)बनेंगे। इनमें सतना, दमोह, सिंगरौली को शामिल किया गया। पन्ना में भी डीटीसी बनना है। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में यह व्यवस्था सफल होने पर प्रदेश के सभी जिलों में भविष्य में आरडीटीसी व डीडीटीसी शुरू होंगे। फिर क्षेत्रीय व जिला परिवहन अधिकारी सेंटरों से मिलने वाले ट्रेनिंग प्रमाण पत्रों के आधार पर परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस जारी किया करेंगे। भोपाल,  इंदौर, बैतूल में खुलेगा ड्राइविंग स्कूल बता दें कि ये ड्राइविंग स्कूल मध्य प्रदेश के छतरपुर, भोपाल,  इंदौर, बैतूल, सिंगरौली में खोला जा रहा है। छतरपुर प्रदेश का पहला ड्राइविंग स्कूल होगा।  जहां पर अभी तक 35 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। एक-एक करके प्रदेश के हर जिले में ड्राइविंग स्कूल बनाने की तैयारी की जा रही है।  जिसकी जिम्मेदारी निजी एजेंसियां को सौंपी गई है। प्रशासन की इस नई व्यवस्था से ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया में पारदर्शित आएगी। 5.5 एकड़ जमीन पर बनेगा ड्राइविंग स्कूल जिला स्तर पर 3.5 एकड़ जमीन और संभागीय स्तर पर 5.5 एकड़ जमीन पर ड्राइविंग स्कूल बनाए जाने के कार्ययोजना है। इसमें ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक बनेगा। इसमें सीसीटीवी लगाए जाएंगे। एक यार्ड में आधुनिक मशीनें भी लगेंगे। साथ ही वाहनों की पार्किंग की सुविधा सहित बैठने व पीने के पानी की व्यवस्था होगी। नियमों के दिशा-निर्देश भी अंकित किए जाएंगे। इसमें मोटर सइकिल, मोपैड, भारी वाहन, व्यवसायिक वाहन भी रहेंगे। इन वाहनों से लोगों का टेस्ट लिया जाएगा। यहां खुलेगा ड्राइविंग सेंटर मध्यप्रदेश में मैसर्स वक्रतुंड क्रियेटिव सोशल वेलफेयर सोसायटी छतरपुर, तपस्या साईं बाबा जन कल्याण शिक्षा प्रसार समिति भोपाल, बैतूल मल्टी ट्रेड कंपनी बैतूल को 3 रीजनल ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर (आरडीटीसी) खोलने की मंजूरी दी गई है. साथ ही 3 ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर (डीटीसी) सार्थक वेलफेयर सोसायटी सतना, आर्यन मोटर्स सिंगरौली, मालवा ड्राइविंग सेंटर धार में खोले जाएंगे।     recent visitors 22

माननीय न्यायाधीशगणों की उपस्थिति में कोतवाली अनूपपुर पुलिस ने तुलसी महाविद्यालय सायबर क्राईम सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

अनूपपुर     पुलिस मुख्यालय, भोपाल  के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री मोती उर रहमान जी के द्वारा सायबर क्राईम सुरक्षा जागरूकता हेतु चलाये जा रहे सेफ क्लिक अभियान के अंतर्गत शुक्रवार की सुबह माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय अनूपपुर श्रीमान पी.सी. गुप्ता, माननीय प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय अनूपपुर श्री मनोज कुमार लाढिया, माननीय द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश अनूपपुर श्री नरेन्द्र पटेल, माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनूपपुर श्रीमती चेनवती ताराम, माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी अनूपपुर श्रीमती पारूल जैन, माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट अनूपपुर सुश्री सृष्टि साहू, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री दिलावर सिहं, प्राचार्य तुलसी महाविद्यालय श्री अनिल सक्सेना, श्रीमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय श्री इसरार मन्सूरी, श्रीमान एस.डी.ओ.पी. महोदय अनूपपुर श्री सुमित केरकेट्टा की गरिमामय उपस्थिति में प्रधानमंत्री कालेज आफ एक्सीलेन्स तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर में कोतवाली पुलिस अनूपपुर द्वारा करीब 300 छात्र – छात्राओं के बीच सायबर क्राईम सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के आयोजन में आमंत्रित न्यायधीशगणों के द्वारा सायबर अपराधों से बचने के लिये सतर्कता एवं सावधानी पर उपस्थित छात्र छात्राओं को विस्तार से जानकारी दी गई। माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय श्रीमान पी.सी. गुप्ता ने मध्यप्रदेश पुलिस विभाग द्वारा चलाये जा रहे अभियान की सराहना करते हुए बताया कि वर्तमान में इन्टरनेट बैंकिग एवं आनलाईन ट्रान्जेक्शन के बढ़ते उपयोगिता के चलते सायबर फ्राड से बचने के लिए सावधानी रखा जाना आवश्यक है। माननीय द्वितीय जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री नरेन्द्र पटेल के द्वारा छात्र छात्राओं को सोशल मीडिया में अनजान व्यक्ति से  फ्रेंडशिप रिकवेस्ट स्वीकार न करने एवं जानकारियों का आदान प्रदान  करने में सावधानी रखे जाने हेतु बताया गया। आनलाईन दोस्ती से बेहतर हमारे आसपास और जान पहचान वालो की दोस्ती सुरक्षित होना बताया। माननीय प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्री मनोज कुमार लाढिया के द्वारा बताया गया कि विज्ञान अभिशाप या वरदान  साबित हो यह उपयोगकर्ता के विवेक पर निर्भर करता है। आज हर व्यक्ति हाथ में इंटरनेट युक्त डिवाइस है जिससे सायबर फ्राड का खतरा हर उपयोगकर्ता के ऊपर रहता है, जो सावधानी से ही बचाव है। कार्यक्रम के दौरान सायबर क्राईम विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान श्रुति जायसवाल, द्वितीय स्थान देविका सोन्धिया, तृतीय स्थान प्राची उपाध्याय एवं पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम स्थान दीपाली झारिया, द्वितीय स्थान निहारिका गौतम, तृतीय स्थान सुहानी कहार को उपस्थित अतिथियों द्वारा पुरूष्कृत किया गया। तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर से प्राचार्य श्री अनिल सक्सेना जी के साथ एनसीसी प्रभारी असिसटेन्ट कमाण्डेन्ट असिसटेन्ट प्रोफेसर श्री अजयराज सिहं, एनएसएस प्रभारी प्रोफेसर ज्ञानप्रकाश पाण्डेय, डाक्टर सतेन्द्र सिहं चौहान, डाक्टर दीपक गुप्ता, डाक्टर राधा सिहं, डाक्टर सुधा साहू, डा. प्रीति वेष, प्रोफेसर पूनम पाण्डेय, प्रोफेसर प्रज्ञा तिवारी, थाना कोतवाली अनूपपुर से टी.आई. अरविन्द जैन , उपनिरीक्षक सरिता लकड़ा, सहायक उपनिरीक्षक सतानंद कोल, प्रधान आरक्षक शेख रसीद, महेन्द्र राठौर, आरक्षक प्रकाश तिवारी, महिला आरक्षक जानकी एवं कुन्ती शर्मा सायबर क्राईम सुरक्षा जागरूकता का प्रधानमंत्री कालेज आफ एक्सीलेन्स तुलसी महाविद्यालय अनूपपुर में गरिमापूर्ण कार्यक्रम का आयोजन कर सेकड़ों छात्र छात्राओं को जागरूक किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित छात्र छात्राओ ने मोबाईल एवं इन्टरनेट उपयोग के दौरान सायबर अपराधों से बचने हेतु ध्यान में रखी जाने वाली सभी सावधानियों को विस्तार से समझकर उक्त कार्यक्रम के आयोजन हेतु माननीय न्यायधीशगणों, कालेज प्रशासन एवं अनूपपुर पुलिस विभाग का आभार व्यक्त किया। recent visitors 20

अनोखी पहल : इंदौर प्रशासन भिखारियों की सूचना देने वालों को देगा इनाम

 इंदौर  सर, मैं कश्मीर से बात कर रहा हूं। यहां एक भिक्षुक को भिक्षा लेते हुए पकड़ लिया है। मेरे सामने ही है। आपकी टीम कब तक आएगी। मुझे इनाम की राशि कैसे मिलेगी?… इस तरह के फोन देशभर के अलग-अलग राज्यों से हर दिन इंदौर की भिक्षावृत्ति मुक्त अभियान टीम के पास आ रहे हैं। देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर का अब भिक्षुक मुक्त अभियान भी देशभर में उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। इंदौर जिले में भिक्षावृत्ति पर रोक लगाने के लिए इंदौर कलेक्टर ने यह अनूठा प्रयोग करते हुए चौराहों, धार्मिक स्थलों सहित अन्य जगह भिक्षा मांगने वालों की सूचना देने वाले शहरवासियों को एक हजार रुपये का इनाम देना शुरू किया। दूसरे शहरों से आए कॉल इसका परिणाम यह रहा कि इंदौर में एक माह में अब तक 23 लोगों को भिक्षुकों की सूचना देने के लिए पुरस्कृत किया गया। 100 से अधिक भिक्षुक भी पकड़े गए। भिक्षुकों पर नियंत्रण के लिए इंदौर में शुरू हुआ यह प्रयोग व हेल्पलाइन सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसका असर यह रहा कि विगत दिनों भिक्षुक पकड़ने के लिए गुवाहटी, असम, पुडुचेरी, नागपुर सहित अन्य बड़े शहरों से 150 से ज्यादा कॉल इंदौर की टीम के पास आ चुके है। भिक्षा देने पर सीधे केस दर्ज महिला व बाल विकास विभाग द्वारा संचालित भिक्षावृत्ति मुक्त इंदौर अभियान के तीसरे चरण में दो जनवरी को कलेक्टर आशीष सिंह ने आदेश जारी किया था, जो 28 फरवरी तक लागू रहेगा। इस दौरान भिक्षुकों को भिक्षा के रूप में कुछ भी देने पर, उनसे किसी तरह की सामग्री क्रय करने पर सीधे प्रकरण दर्ज किया जाएगा। दी गई इनामी राशि इसके साथ ही भिक्षावृत्ति की सूचना देने के लिए हेल्पलाइन नंबर 9691494951 जारी किया गया। जिस पर भिक्षुकों की सूचना देने वालों को एक हजार रुपये बतौर इनाम देने का भी कहा गया। इसके बाद से हर दिन बड़ी संख्या में कॉल आने शुरू हो गए। अब तक प्रशासन भिक्षुकों की सूचना देने वाले 28 लोगों का सम्मान कर उन्हें इनामी राशि दे चुका है। अन्य राज्यों से हर दिन आ रहे कॉल अभियान के प्रभारी दिनेश मिश्रा ने बताया कि हेल्पलाइन नंबर सिर्फ इंदौर जिले के लिए जारी किया गया है। यह नंबर सोशल मीडिया पर इतना वायरल हो चुका है कि असम, कर्नाटका, कश्मीर,सिक्किम, हिमाचल, गुवाहटी, नागपुर, पुडुचेरी सहित मध्य प्रदेश के अन्य शहरों से भी भिक्षुकों के रेस्क्यू के लिए कॉल आ रहे हैं। लोग भिक्षुकों को पकड़कर काल कर इनाम की राशि के बारे में पूछते हैं। तीन जनवरी से अब तक एक माह में 500 से ज्यादा कॉल आ चुके हैं, जिसमें 150 से अधिक अन्य राज्यों के थे। मिश्रा ने बताया कि भिक्षावृत्ति उन्मूलन दल द्वारा सूचना पर अब तक 100 से अधिक भिक्षुकों का रेस्क्यू किया जा चुका है। भिक्षुक बताने पर दिया जा रहा इनाम     इंदौर देश का पहला भिक्षुक मुक्त शहर बनने की ओर अग्रसर है। टीम के पास गुवाहाटी व देश के अन्य शहरों से भी भिक्षुकों की जानकारी देने वाले फोन आ रहे हैं। पूर्व में जब टीमें चौराहों पर भिक्षुकों के रेस्क्यू की कार्रवाई करती थी, उसके बाद कुछ दिन चौराहों व धार्मिंक स्थलों से भिक्षुक गायब रहते थे। बाद में दोबारा आ जाते थे। इस वजह से आम जनता को अभियान में शामिल करना तय किया। उन्हें भिक्षुक बताने पर इनाम भी दिया जा रहा है। इसके बेहतर रिजल्ट मिले। इस व्यवस्था को आगे भी जारी रखेंगे। – आशीष सिंह, कलेक्टर इंदौर जिले तक ही सीमित है व्यवस्था     हेल्पलाइन नंबर सिर्फ इंदौर जिले के लिए है, लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल होने से अन्य राज्यों से भी कॉल आ रहे हैं। हम उन्हें बता रहे हैं कि यह व्यवस्था सिर्फ इंदौर जिले तक ही सीमित है। – आरएन बुधोलिया, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला व बाल विकास अधिकारी   recent visitors 34

एंटी करप्शन ब्यूरो अब केजरीवाल के उस दावे की जांच करेगी, जिसमे 15 करोड़ का ऑफर भी दिया गया, LG ने दिए आदेश

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले एक ओर सियासी बवाल खड़ा हो गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो, आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल के उस दावे की जांच करेगी जिसमें उन्होंने बीजेपी पर उनके मौजूदा विधायकों तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आम आदमी पार्टी के मौजूदा विधायकों को 15 करोड़ का ऑफर भी दिया गया है। इस मामले में बीजेपी ने दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना को पत्र लिख शिकायत की थी उनसे एंटी करप्शन ब्यूरो को केजरीवाल और संजय सिंह के खिलाफ केस दर्ज करने के निर्देश देने की मांग की थी। बताया जा रहा है कि एलजी ने एसीबी को मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। recent visitors 41