औचक निरीक्षण के संबंध में वीडियों कॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक

भोपाल लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के निर्देश पर प्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिये औचक निरीक्षण की नवीन पहल प्रारंभ की गई हैं। इसके तहत हर माह की 5 और 20 तारीख़ को सॉफ्टवेयर के माध्यम से रैंडम तरीके से चयनित दलों, जिलों, निर्माण कार्यों और सामग्री के सैंपल लेने के स्थानों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। इसी क्रम में हाल ही में लोक निर्माण विभाग के सातों परिक्षेत्रों के एक-एक जिले में मुख्य अभियंताओं की टीमों द्वारा निरीक्षण किया गया। प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम, भरत यादव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक की गई। बैठक में निरीक्षण किए गए सात जिलों के 35 निर्माण कार्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, जिसे सॉफ्टवेयर पर अपलोड कर पोर्टल पर प्रदर्शित किया गया। बैठक में प्रबंध संचालक भवन विकास निगम पंकज जैन, प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग केपीएस राणा, प्रमुख अभियंता एस.आर. बघेल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं समस्त मुख्य अभियंता उपस्थित रहे। प्रबंध संचालक यादव ने सड़क, भवन और पुल निर्माण कार्यों के निरीक्षण के लिए अलग-अलग चेकलिस्ट तैयार करने के निर्देश दिए। निरीक्षण रिपोर्ट के लिए एक मानक फॉर्मेट तय करने का सुझाव दिया, जिससे निर्माण कार्यों की कमियों और सकारात्मक बिंदुओं को स्पष्ट रूप से दर्शाया जा सके। उन्होंने निर्देश दिये कि निरीक्षण के दौरान लिए गए नमूनों की लैब रिपोर्ट आने के बाद सभी दलों को फाइनल निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। समीक्षा बैठक में सिंगपुर-धरमपुर रोड से मझपुरा रोड के निर्माण कार्य में गुणवत्ता में गंभीर कमी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करते हुए उपयंत्री को निलंबित करने एवं कार्यपालन यंत्री को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने का निर्णय लिया गया। ठेकेदार मेसर्स माँ शारदा कंस्ट्रक्शन एण्ड सप्लायर पन्ना को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिये गये। प्रबंध संचालक यादव ने पन्ना जिले में वन स्टॉप सेंटर भवन कार्य में पाई गई कमी के आधार पर उपयंत्री को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया। भोपाल जिले में भोपाल-देवास मार्ग में कि.मी. 20, 23,24 एवं 25 में कुछ स्थानो पर सरफेस में क्रेक एवं रफनेस पाई गई। मार्ग में डिवाईडर में पेंटिंग एवं साईन बोर्ड तथा शोल्डर मापदण्ड अनुसार नही पाये गये। इसके लिये ठेकेदार एवं संबंधित अधिकारियों को 7 दिवस में सुधार कार्य करने के लिये निर्देशित किया गया। ग्वालियर जिले में सड़क कार्य पटेल का पुरा से गुरी बंजारों का पूरा मार्ग में निरीक्षण में ठेकेदार के द्वारा सी.आर.एम. एवं डब्ल्यू.एम. का कार्य मानक स्तर का नहीं किये जाने के एवं कार्य में विलंब के कारण ठेकेदार मेसर्स कामतानाथ कंस्ट्रक्शन कंपनी मुरैना को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिये गये। प्रबंध संचालक यादव ने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अच्छा काम करने वाले ठेकेदारों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा। एमडी यादव ने कहा कि लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के नेतृत्व में विभाग निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।   recent visitors 47

5 साल बाद RBI से आई गुड न्यूज, रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती

नई दिल्ली  रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक आज (7 फरवरी 2025) खत्म हो गई है और आरबीआई के नए गवर्नर संजय मल्होत्रा आज सुबह 10 बजे कमेटी के फैसले का ऐलान कर दिया। तीन दिन तक चली इस मीटिंग में उम्मीद के मुताबिक रेपो रेट में कटौती का ऐलान किया गया। 2020 में COVID-19 के बाद आज आरबीआई रेपो रेट में 25bps की कटौती कर दी है। आरबीआई ने नीतिगत दर रेपो को 0.25 प्रतिशत घटाकर 6.25 प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले मई, 2020 में कोविड-19 महामारी के समय रेपो दर को 0.40 प्रतिशत घटाकर चार प्रतिशत किया गया था। फिर रूस-यूक्रेन युद्ध के जोखिमों से निपटने के लिए आरबीआई ने मई, 2022 में दरों में बढ़ोतरी करनी शुरू की थी और यह सिलसिला फरवरी, 2023 में जाकर रुका था। रेपो दर दो साल से 6.50 प्रतिशत पर स्थिर बनी हुई है। आरबीआई के गवर्नर ने संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की तीन दिन की बैठक में लिए गये निर्णय की जानकारी देते हुए कहा कि छह सदस्यीय समिति ने आम सहमति से रेपो दर को 0.25 प्रतिशत घटाकर 6.25 प्रतिशत करने का निर्णय किया है। गवर्नर संजय मल्‍होत्रा ने कहा कि बैठक में इकोनॉमी डेवलपमेंट को लेकर चर्चा की गई. गवर्नर ने आगे कहा कि हमने बैठक में फैसला किया है कि रेपो रेट को घटाया जा रहा है. अब रेपो रेट 6.50 से घटाकर 6.25 किया जा रहा है. रेपो रेट में कटौती के बाद अब आपके लोन की ईएमआई कम हो जाएगी. गवर्नर ने कहा कि ग्‍लोबल इकोनॉमी चुनौतियों से गुजर रही है. साथ ही वैश्विक स्‍तर पर महंगाई भी बढ़ रही है. वहीं फेडरल रिजर्व बैंक ने रेट में कई बार कटौती की है. साथ जियो पॉलिटिकल टेंशन भी बढ़ रहा है. जिस कारण दुनिया भर की इकोनॉमी पर असर पड़ रहा है. भारतीय रुपया अभी प्रेशर में है. रिजर्व बैंक के सामने कई बड़ी चुनौतियां हैं. भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2026 के लिए देश की विकास दर 6.7 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई है. वित्त वर्ष 2026 के लिए रियल GDP ग्रोथ 6.75%, अप्रैल-जून 2025 तिमाही 6.7%, जुलाई-सितंबर 2025 तिमाही में 7% रहने का अनुमान है. वहीं अक्टूबर-दिसंबर 2025 और जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में इसके 6.5-6.5% रहने का अनुमान है. महंगाई को और कम करने का लक्ष्‍य गवर्नर संजय मल्‍होत्रा ने कहा कि इस वित्त वर्ष 4.8 फीसदी महंगाई रहने का अनुमान है. वहीं आगे महंगाई दर और कम हो जाएगी. दिसंबर में रिटेल महंगाई दर और थोक महंगाई दर, दोनों में बदलाव हुआ. रिटेल महंगाई दर 4 महीने के निचले स्तर 5.22% पर है. वहीं थोक महंगाई दर बढ़कर 2.37% पर पहुंच गई है. नवंबर में यह 1.89% थी. गवर्नर ने कह कि रिजर्व बैंक ने कहा कि सेकेंड्री मार्केट में गवर्नमेंट सिक्‍योरिटीज में ट्रेडिंग करने के लिए निवेशक सेबी द्वारा रजिस्‍टर्ड आरबीआई के प्‍लेटफॉर्म का उपयोग कर स‍कते हैं. recent visitors 58

मध्यप्रदेश अन्तर्राष्ट्रीय सूरजकुंड शिल्प मेले में बना थीम स्टेट

भोपाल मध्यप्रदेश, हरियाणा के पर्यटन विभाग द्वारा 7 फरवरी से 23 फरवरी, 2025 तक आयोजित किए जा रहे अंतर्राष्ट्रीय सूरजकुंड शिल्प मेला में थीम राज्य है। इस अवसर पर मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के संयोजन से मेले में आने वाले देश-विदेश के सैलानियों को मध्यप्रदेश की संस्कृति, पर्यटन, कला, शिल्प देखने और पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लेने का अवसर मिलेगा। अन्तर्राष्ट्रीय सूरजकुंड शिल्प मेले में मध्यप्रदेश की ओर से सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अंतर्गत लोक नृत्य-संगीत का प्रदर्शन होगा। इसमें भगोरिया, गणगौर, मटकी, गुदुमबाजा, काठी, करमा, भड़म, बरेदी, बधाई-नौरता, अहिराई इत्यादि लोक नृत्यों की प्रस्तुति होगी। मध्यप्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति को मेले के सैलानी देख सकेंगे। मेले में 17 फरवरी को नाटक बैजू बावरा और नृत्य नाटिका वीरांगना रानी दुर्गावती की विशेष प्रस्तुतियां भी होंगी। सूरजकुंड शिल्प मेला में मध्यप्रदेश के 40 शिल्पकारों के पारंपरिक शिल्प प्रदर्शन सह विक्रय के लिए उपलब्ध होंगे। इन शिल्पों में चंदेरी, महेश्वरी साड़ी एवं बाग प्रिंट, दरी-चादर, अजरक प्रिंट, घास की पत्ती से बने शिल्प, गोंड पेंटिंग, ढोकरा शिल्प, जूट, मिट्टी शिल्प, कढ़ाई एवं छपाई, भीली गुड़िया, छापा कला, नाँदना प्रिंट, लौह शिल्प, गोबर शिल्प, कशीदाकारी, खरद शिल्प, खादी और कॉटन, ब्लॉक प्रिंट इत्यादि शामिल हैं। मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा मेला परिसर में विशेष मंडप भी बनाया गया है, जहां प्रदेश के पर्यटन के बारे में विस्तृत जानकारी पर्यटकों को दी जा सकेगी। पर्यटक जान सकेंगे कि वे कैसे मध्यप्रदेश के पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर सकते हैं। साथ ही मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा क्या-क्या सुविधाएं पर्यटकों को दी जाती हैं। इस मंडप में पर्यटकों को मध्यप्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों की जानकारी दी जायेगी। साथ ही बताया जायेगा कि वह किस तरह वे अपना टूर प्लान कर सकते हैं। सूरजकुंड शिल्प मेला के बारे में सूरजकुंड शिल्प मेला, भारत की एवं शिल्पियों की हस्तकला का 15 दिन चलने वाला मेला लोगों को ग्रामीण और लोक संस्कृति का परिचय देता है। यह मेला हरियाणा राज्य के फरीदाबाद शहर के दिल्ली के निकटवर्ती सीमा से लगे सूरजकुंड क्षेत्र में प्रतिवर्ष लगता है। यह मेला लगभग तीन दशक से आयोजित होता आ रहा है। इस मेले में हस्तशिल्पी और हथकरघा कारीगरों के अलावा विविध अंचलों की वस्त्र परंपरा, लोक कला, लोक व्यंजनों के अतिरिक्त लोक संगीत और लोक नृत्यों का भी संगम होता है।   recent visitors 43

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर तथा गुणवत्तापूर्ण विद्युत उपलब्ध कराई जा रही है

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर तथा गुणवत्तापूर्ण विद्युत उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित निदान करने के लिए केन्द्रीयकृत कॉल सेंटर 1912 का लगातार उन्नयन करते हुए इनकमिंग चैनलों की संख्या को 550 से बढाकर 800 किया गया है। इससे उपभोक्ताओं के अधिकतम कॉल सुने जा सकेंगे। कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने बताया कि कॉल-सेंटर का उन्नयन होने से वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान कंपनी को कुल 89 लाख 96  हजार 106 कॉल प्राप्त हुईं, इनमें से 99.64 प्रतिशत कॉल को सफलतापूर्वक सुना गया है। इसी तरह शिकायत निराकृत करने में भी तेजी आई है। प्रबंध संचालक ने बताया कि कपंनी द्वारा आई.व्ही.आर. तकनीक, वाइस बोट, व्हाट्सएप-चेटबॉट, उपाय एप के माध्यम से 24X7 सतत् मॉनिटरिंग कर प्राप्त शिकायतों का निराकरण किया गया है। इन माध्यमों से वित्तीय वर्ष 2024-25  में प्राप्त 15 लाख 95 हजार 123 शिकायतों को दर्ज कर उनका समाधान सुनिश्चत किया गया। इसी अवधि में प्रतिदिन 500 उपभोक्ताओं का फीडबैक लेते हुए कुल 1 लाख 54 हजार से अधिक उपभोक्ताओं से बात की गई। ज्यादातर उपभोक्ताओें ने कंपनी की सेवाओं को बेहतर बताया तथा कुल 99.79 प्रतिशत उपभोक्ता अपनी शिकायतों के समाधान से पूरी तरह संतुष्ट हुए। प्रबंध संचालक ने कहा है कि विद्युत प्रणाली का उचित रखरखाव कर उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं अनवरत विद्युत प्रदाय करने के लिए कंपनी कृत-संकल्पित है। उपभोक्ताओं की विद्युत संबंधी शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में कंपनी क्षेत्रांतर्गत 12 निम्नदाब उपभोक्ताओं के लिए एवं 4 उच्चदाब उपभोक्ताओं के लिए एफओसी (शिकायत निवारण केन्द्र) का सृजन एवं नए लैडरयुक्त वाहनों की व्यवस्था की गई है।   recent visitors 38

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुना जिले की सड़क दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुना जिले की सड़क दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया परिजन को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से 4-4 लाख की सहायता भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुना में हुई सड़क दुर्घटना पर दु:ख व्यक्त किया है। गुना के थाना फतेहगढ़ के रामनगर में ट्रैक्टर ट्रॉली पलटने से 2 लोगों की आकस्मिक मृत्यु एवं 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुर्घटना में दिवंगत नागरिकों के परिजन को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त गुना जिला प्रशासन को प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद करने के निर्देश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दुर्घटना में दिवंगत नागरिकों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की है।   recent visitors 37

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- मध्यप्रदेश अपने रणनीतिक प्रयासों से औद्योगिक विकास के नए युग की ओर अग्रसर

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अपने रणनीतिक प्रयासों से औद्योगिक विकास के नए युग की ओर अग्रसर है। निवेशकों को अधिक प्रभावी अवसर देने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में राज्य के प्रमुख 6 सेक्टर्स पर केंद्रित समिट के आयोजन की महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। यह पहली बार होगा जब हर सेक्टर के विशेषज्ञ, नीति-निर्माता और निवेशक एक मंच पर आकर विशेषज्ञ चर्चाओं, अवसरों और नीतिगत सुधारों पर संवाद करेंगे। इससे निवेश प्रक्रिया को अधिक सुगम, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाया जा सकेगा। देश का आकर्षक डेस्टिनेशन बनता मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की अद्वितीय भौगोलिक स्थिति, समृद्ध प्राकृतिक संसाधन, विकसित बुनियादी ढांचा और उद्योग-अनुकूल नीतियां इसे निवेश के लिए देश का सबसे आकर्षक डेस्टिनेशन बनाती हैं। शहरी विकास, पर्यटन, माइनिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, आईटी और एमएसएमई, ये सभी क्षेत्र अपनी असीमित संभावनाओं और अनुकूल वातावरण से निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं। मध्यप्रदेश न केवल देश का पहला डायमंड प्रोड्यूसिंग स्टेट है, बल्कि ग्रीन एनर्जी हब, विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र और उभरते हुए टेक्नोलॉजी हब के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। इन विभागीय समिट से सरकार निवेशकों को नीतिगत प्रोत्साहन, संसाधनों की उपलब्धता और औद्योगिक ईको सिस्टम की मजबूती से अवगत कराएगी। इससे जीआईएस में होने वाली चर्चाएं वास्तविक निवेश प्रस्तावों में तब्दील हो सकेंगी। शहरी विकास समिट मध्यप्रदेश का शहरी बुनियादी ढांचा तेजी से सुदृढ़ हो रहा है। राज्य की स्मार्ट सिटी परियोजनाएं, मेट्रो रेल प्रोजेक्ट और लॉजिस्टिक्स हब इसे एक आदर्श रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश डेस्टिनेशन बना रहे हैं। जीआईएस में शहरी विकास समिट के माध्यम से स्मार्ट और सतत् शहरों के निर्माण पर केंद्रित चर्चा होगी, जिससे नवाचार और आधुनिक शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन समिट मध्यप्रदेश को 'भारत का दिल' कहा जाता है और इसके धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक सौन्दर्य से पूर्ण पर्यटन क्षेत्र पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। खजुराहो, उज्जैन, साँची, पचमढ़ी, कान्हा और बांधवगढ़ जैसे विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर उपलब्ध कराने के लिये तैयार हैं। पर्यटन समिट में हॉस्पिटैलिटी, थीम-बेस्ड डेस्टिनेशन और एडवेंचर टूरिज्म में निवेश को बढ़ावा देने के लिए गहन चर्चा होगी।  माइनिंग समिट मध्यप्रदेश खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। यह देश में डायमंड, लाइमस्टोन, बॉक्साइट, कोयला, मैंगनीज और तांबे का प्रमुख उत्पादक है। पन्ना स्थित एशिया की एकमात्र डायमंड माइंस और विशाल कोयला भंडार राज्य को माइनिंग इंडस्ट्री के लिए एक आदर्श डेस्टिनेशन बनाते हैं। जीआईएस में माइनिंग समिट से खनन आधारित उद्योगों, मूल्यवर्धित प्र-संस्करण और नीतिगत प्रोत्साहनों पर चर्चा होगी। रिन्यूएबल एनर्जी समिट मध्यप्रदेश ग्रीन एनर्जी हब बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। रीवा सोलर प्लांट, ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट और ग्रीन हाइड्रोजन में हो रहे विकास इसे नवकरणीय ऊर्जा निवेशकों के लिए एक प्रमुख केंद्र बना रहे हैं। जीआईएस में आयोजित रिन्यूएबल एनर्जी समिट में सौर, पवन और हाइड्रोजन ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश के लिए ठोस रणनीतियां प्रस्तुत की जाएंगी। आईटी एंड टेक्नोलॉजी समिट मध्यप्रदेश अब टेक्नोलॉजी और डिजिटल इनोवेशन का केंद्र बन रहा है। इंदौर आईटी हब, डेटा सेंटर पॉलिसी, स्टार्ट-अप ईको सिस्टम और उभरते एआई और साइबर सिक्योरिटी क्षेत्रों में तेजी से निवेश आ रहा है। जीआईएस में आईटी समिट के माध्यम से डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, आईटी पार्क और नई टेक्नोलॉजीज पर निवेश की संभावनाओं को रेखांकित किया जाएगा। एमएसएमई समिट मध्यप्रदेश का एमएसएमई सेक्टर राज्य की आर्थिक रीढ़ है, जहां लाखों सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम कार्यरत हैं। वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट योजना, नए क्लस्टर और निर्यात प्रोत्साहन नीतियां इसे निवेश के लिए एक डेस्टिनेशन बना रही हैं। एमएसएमई समिट में उद्योगों को वित्तीय सहयोग, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन और नए बाजारों तक पहुंच को लेकर चर्चा होगी। प्रवासी समिट मध्यप्रदेश प्रवासी भारतीयों को प्रदेश के उद्योग, स्टार्ट-अप, पर्यटन, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया गया है। यह समिट न केवल राज्य की आर्थिक प्रगति में प्रवासी भारतीयों की भागीदारी सुनिश्चित करेगा, बल्कि मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मध्यप्रदेश प्रवासी भारतीय समिट का उद्देश्य विश्वभर में बसे मध्यप्रदेश के प्रवासी भारतीयों को एक मंच पर लाना और उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करने के साथ ही मध्यप्रदेश के विकास में प्रवासी भारतीयों की भूमिका पर चर्चा की जाएगी। साथ ही समिट मध्यप्रदेश के प्रवासी भारतीयों को अपनी जड़ों से जुड़ने का महत्वपूर्ण अवसर भी मिलेगा। इन विभागीय समिट से सरकार मध्यप्रदेश में निवेशकों को सुरक्षित, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल वातावरण देने के लिए प्रतिबद्ध है। जीआईएस के इस नए स्वरूप से न केवल उद्योग और निवेश को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार और आर्थिक विकास के नए अवसर भी सृजित होंगे। मध्यप्रदेश अब सिर्फ निवेश का केंद्र नहीं, बल्कि भारत के औद्योगिक भविष्य का निर्माण करने वाला प्रमुख राज्य बन रहा है।   recent visitors 18

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- मध्यप्रदेश को जल्द ही एक नया टाइगर रिजर्व मिलने वाला है

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को जल्द ही एक नया टाइगर रिजर्व मिलने वाला है। माधव टाइगर अभ्यारण्य जल्द ही राज्य का 9वां टाइगर रिजर्व बनेगा। इससे चंबल अंचल में वन्य जीवों की संख्या बढ़ेगी। मध्यप्रदेश वन्य जीवन संरक्षण में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। बुधवार को कूनो क्षेत्र में 5 चीते छोड़े गए, इनमें से 3 का जन्म तो प्रदेश में ही हुआ है। इस प्रकार अब सात चीते स्वयं को मध्यप्रदेश की आबोहवा में ढाल रहे हैं। पहले छोड़े गए चीते न केवल शिकार कर रहे हैं, अपितु कुशलता से जंगल में विचरण कर रहे हैं। प्रकृति, जीव जगत और मानव जीवन के संतुलन की यह अनमोल झलक राज्य में दिखाई दे रही है। सभी लोग इस आनंद और रोमांच का अनुभव कर रहे हैं। यह वन्य जीवों के संरक्षण के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह इस बात का प्रमाण है कि मध्यप्रदेश में वन्यजीवों के लिए सबसे अनुकूल वातावरण है।   recent visitors 19