देश की राजधानी दिल्ली पर जिस पार्टी ने सबसे ज्यादा राज किया, आज उसे जनता ने किया पहचानने से इनकार!

नई दिल्ली  देश की राजधानी दिल्ली पर जिस पार्टी ने सबसे ज्यादा राज किया, आज उसे दिल्ली की जनता ने शायद पूरी तरह भुला दिया है। दिल्ली में 15 साल तक लगातार सरकार चलाने वाली कांग्रेस पार्टी इस बार दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 से गायब हो गई है। पूरा मुकाबला आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच ही सिमट कर रह गया है। अभी तक के रुझानों में दिल्ली की 70 सीटों में से एक पर भी खाता खुलता नहीं दिख रहा है। वोट प्रतिशत की भी बात करें, तो कांग्रेस बहुत ही बुरी स्थिति में दिख रही है। सुबह 10.30 बजे तक के रुझानों में कांग्रेस को महज 6.86 फीसदी वोट ही मिले हैं। मौजूदा रुझानों में 69 में से बीजेपी 41 तो आम आदमी पार्टी 28 सीटों पर आगे चल रही है। अगर इस बार भी कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिलती है तो यह लगातार तीसरा मौका होगा, जब कांग्रेस को दिल्ली ने पूरी तरह से नकार दिया। 2020 में भी नहीं खुला था खाता दिल्ली में हुए पिछले विधानसभा चुनाव 2020 में भी कांग्रेस का बुरा हाल था। पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली थी। उसका वोट प्रतिशत भी महज 4.26 फीसदी ही रहा था। 2015 में भी कांग्रेस ने सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन एक भी सीट नहीं जीत पाई थी। वोट शेयर भी 9.7 फीसदी ही रहा था। आम आदमी पार्टी के उदय ने किया बंटाधार 2013 में आम आदमी पार्टी के उदय ने अगर किसी को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है तो वो कांग्रेस ही है। इस चुनाव से पहले 1998 से लगातार कांग्रेस की सरकार दिल्ली में थी। मगर 2013 में जनता ने अपना नया नेता चुन लिया। एक नई पार्टी ने चमत्कार कर दिया। 2008 के चुनावों में 40 फीसदी से ज्यादा वोट शेयर लेकर सरकार बनाने वाली कांग्रेस 2013 में 25 फीसदी से भी कम वोट शेयर पर आ गिरी। पार्टी का वोट शेयर 24.25 फीसदी ही रहा और सीटें भी 43 से घटकर महज 8 ही रह गई। इसके बाद से तो पार्टी को एक सीट मिलना भी दूभर हो गया। लोकसभा चुनाव का नहीं मिला फायदा कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव में देशभर में अच्छा प्रदर्शन किया था। पार्टी ने बीजेपी को कड़ी टक्कर दी थी। हालांकि दिल्ली की सातों सीटों पर उसे हार ही मिली थी। लेकिन 18 फीसदी जनता ने राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस पर भरोसा जताया था। मगर इसका फायदा कांग्रेस को दिल्ली के विधानसभा चुनावों में नहीं मिला। recent visitors 75

एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा के छोटे भाई सिद्धार्थ चोपड़ा की शादी में खूब नाचीं

मुंबई एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा के छोटे भाई सिद्धार्थ चोपड़ा की शुक्रवार को मुंबई में नीलम उपाध्याय से शादी हो गई। शादी से पहले कई गानों पर नाचते हुए बारात के कई वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामने आई हैं। एक क्लिप में प्रियंका 2008 की फिल्म 'दोस्ताना' के अपने हिट गाने 'देसी गर्ल' पर डांस करती नजर आईं। उनके साथ उनके पति-सिंगर निक जोनस भी आ गए। उन्होंने प्रियंका के बगल में खड़े होकर कुछ स्टेप्स किए। डांस में उनके परिवार और दोस्त भी शामिल हुए। शादी में प्रियंका और निक के अलावा उनके माता-पिता केविन जोनास सीनियर और डेनिस मिलर-जोनस भी शामिल हुए। नीता अंबानी, प्रियंका की चचेरी बहन परिणीति चोपड़ा और उनके पति राघव चड्ढा भी शादी में शामिल हुए। शादी के एक वीडियो में प्रियंका दुल्हन नीलम को स्टेज तक ले जाने में मदद करती नजर आ रही हैं। शादी से पहले उन्हें सिद्धार्थ के साथ मंडप की ओर जाते हुए भी देखा गया था। शादी की रस्में निभा रहे निक जोनस एक वीडियो में प्रियंका और निक शादी की रस्में निभाते नजर आ रहे हैं। शादी के लिए, परिणीति ने एक एथनिक स्कर्ट चुनी, जिसे उन्होंने ब्लड-रेड ब्लाउज और जैकेट के साथ पेयर किया। राघव ने ब्राउन जैकेट के साथ ऑफ-व्हाइट रंग का कुर्ता पहना था। प्रियंका नीले रंग के लहंगे में नजर आईं और उन्होंने अपने बालों का जूड़ा बना रखा था। निक को क्रीम बंदगला और मैचिंग पैंट में देखा गया। क्या करती हैं प्रियंका चोपड़ा की भाभी? प्रियंका अपनी तीन साल की बेटी मालती मैरी चोपड़ा जोनस के साथ पिछले महीने भारत आईं। निक गुरुवार को मुंबई पहुंचे। अपने इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर सिद्धार्थ चोपड़ा ने खुद को प्रोड्यूसर लिखा है। नीलम एक ऐसी एक्ट्रेस हैं जिन्होंने मिस्टर 7, एक्शन 3डी, उन्नोडु ओरु नाल और ओम शांति ओम जैसी तेलुगू और तमिल फिल्मों में काम किया है। recent visitors 56

राजस्थान के मायरे ने फिर चौंकाया, बहन के भरा 3 करोड़ का मायरा

नागौर  राजस्थान में एक बार फिर मायरा चर्चा का विषय बन गया है। यहां नागौर के साडोकण गांव के तीन भाइयों ने अपनी बहन के बच्चों की शादी में जो किया, उसे जानकर हर कोई हैरान है। उन्होंने मायरे यानी भात में 1 करोड़ 51 लाख रुपये नकद, 25 तोला सोना, 5 किलो चांदी और नागौर शहर में 2 प्लॉट दिए हैं। 7 फरवरी, 2025 को हुई इस कार्यक्रम में बहन के लिए भाईयों ने दिल खोल के मायरा भरा। बता दें कि राजस्थान में बहन के बच्चों की शादी में भाई की ओर से मायरा यानी (तोहफे) देने की परंपरा है। नागौर में यह परंपरा अक्सर करोड़ों के मायरे के रूप में देखने को मिलती है। इससे पहले भी नागौर में 2 करोड़ और 8 करोड़ के मायरे की खबरें सामने आ चुकी हैं। भांजे और भांजी की शादी में करोड़ों का मायरा यह मायरा इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि तीनों भाइयों ने मिलकर अपनी बहन बीरज्या देवी के बच्चों, भांजे और भांजी की शादी में 1 करोड़ 51 लाख रुपये नकद दिए। इसके अलावा 25 तोला सोना, 5 किलो चांदी और नागौर शहर में 2 प्लॉट भी मायरे में शामिल थे। यह शादी फरदोद गांव में हुई थी। यहां बीरज्या देवी के पति मदनलाल रहते हैं। भाइयों के नाम हरनिवास खोजा, दयाल खोजा और हरचंद खोजा हैं। जानिए क्या है मायरे की परंपरा राजस्थान में बहन के बच्चों की शादी में भाई की ओर से मायरा देने की परंपरा काफी पुरानी है। यह परंपरा रियासतकाल से चली आ रही है। आमतौर पर बेटी के पिता या भाई अपनी बहन के बच्चों की शादी में कपड़े और कुछ पैसे मायरे के रूप में देते हैं। मायरे को भात भी कहा जाता है। लेकिन नागौर जिले में यह परंपरा थोड़ी अलग है। यहां अक्सर करोड़ों के मायरे देखने को मिलते हैं, जो लोगों को हैरान करते हैं। कुछ समय पहले ही नागौर में एक टीचर ने 2 करोड़ रुपये का मायरा दिया था। उससे पहले एक और भाई ने 8 करोड़ रुपये का मायरा दिया था। अब यह नया मामला सामने आया है, जिसमें 1 करोड़ 51 लाख रुपये का मायरा दिया गया है। रामबक्स के दोहिते और दोहिती की आज शादी थी। इनका आज मायरा था। मायरे की रीत-रिवाज नागौर में जायल के खिंयाला का रियासत काल से ही प्रसिद्ध था। रामबक्स अपने परिवार, रिश्तेदारों और मिलने वालों के साथ बेटी के घर दो हजार लोगों के साथ पहुंचे। तीनों भाइयों ने मिलकर अपनी बहन बिराजया को चुनरी ओढ़ाई और मायरे की शुरुआत की। मायरे में एक करोड़ 51 लाख रुपये नकद, 30 तोला सोना, पांच किलो चांदी और दो प्लॉट नागौर शहर में बहन के नाम किए। इस दौरान महेंद्र चौधरी (पूर्व राजस्थान सरकार के उप मुख्य सचेतक) सुनीता चौधरी (पूर्व जिला प्रमुख) और रिद्धकरण लामरोड़ (पूर्व प्रधान जायल) सहित हजारों लोग मौजूद रहे। नागौर का मायरा सदियों से प्रसिद्ध नागौर में जायल के जाटों का मायरा सदियों से प्रसिद्ध है। मारवाड़ में इस मायरे को कॉफी सम्मान की नजर से देखा जाता है। गूगल साम्राज्य के दौरान जायल के खियाला और जायल के जाटों ने मिलकर लिछमा गुजरी को अपनी धर्म की बहन मानकर भर गए थे। मायरा आज भी जब शादी होती है और उस समय मायरा आता है तो महिलाएं लोकगीत में भी गाती हैं। कहा जाता है कि खियाला के जाट धर्माराम और गोपालराम दोनों मुगल साम्राज्य में बादशाह के लिए टैक्स कलेक्शन का काम करते थे और टैक्स कलेक्शन कर टैक्स को जमा करवाने के लिए वह दिल्ली दरबार जा रहे थे। जब दोनों भाई दिल्ली टैक्स कलेक्शन दिल्ली दरबार में जमा करवाने जा रहे थे। इसी दौरान बीच रास्ते में शादी के दिन लिछमा गुजरी नामक एक महिला बिलखती हुई रोती हुई नजर आई। जब उन्होंने कारण पूछा तो लिछमा गुजरी ने बताया कि उसके घर पर शादी है, बेटों की और उसके कोई भाई नहीं हैं, जिसके कारण उसके बच्चों की शादी में अब मायरा कौन लेकर आएगा। तब उन्होंने धर्माराम और गोपाल रामजाट ने ढांढस बांधते हुए कहा कि वह तुम्हारे भाई हैं और तुम चलो घर हम करेंगे मायरा। उस दौरान दोनों जाटों ने अपनी बहन लिछमा गुजरी के लिए टैक्स कलेक्शन के सारे रुपये से मायरा भर दिया। दूसरी तरफ बादशाह नाराज हो गए, वह समय पर नहीं पहुंचे थे। जब वह पहुंचे तब सारी बात बादशाह के सामने रखी तो उन्होंने सजा देने के बजाय उनको माफ कर दिया। कब हुई मायरे की शुरुआत मायरे की शुरुआत 600 साल पूर्व नरसी भगत ने शुरू की थी। नरसी भगत का जन्म गुजरात के जूनागढ़ में 600 साल पहले हुआ था, उस समय हुमायूं का शासन काल था। नरसी भगत जो कि जन्म से ही गूंगे और बहरे थे। वह अपनी दादी के पास ही रहते थे, उनके एक भाई भाभी भी थे। भाभी का स्वभाव कड़क था, लेकिन नरसी भगत जो कि एक संत प्रवृत्ति के व्यक्ति थे। इसी प्रवृत्ति के चलते उनको आवाज और उनका वीरप्पन ठीक हो गया। नरसी जी के मां बाप एक महामारी के शिकार हो गए, नरसी भगत की शादी हुई थी और पत्नी भी भगवान के प्यारी हो गई। नरसी जी की दूसरी शादी भी करवाई, कुछ दिन बीतने पर नरसी जी के घर पर एक लड़की का जन्म हुआ और उसका नाम नानीबाई रखा नरसी बाई नरसी भगत ने अपनी बेटी की शादी अंजार नगर में करवा दी। दूसरी तरफ नरसी जी की भाभी ने उनको घर से निकाल दिया, नरसी भगवान श्री कृष्ण के अटूट भगत हैं। वह उन्हीं की भक्ति में लीन हो गए, भगवान शंकर की कृपा से उन्होंने ठाकुर जी के भी दर्शन कर लिए। उसके बाद तो नरसी जी ने सांसारिक मोहेबी त्याग दिया और संत बन गए उधर नरसी भाई ने पुत्री को जन्म दिया और पुत्री विवाह लाइक हो गई। किंतु नरसी को कोई खबर नहीं थी, लड़की के विवाह पर ननिहाल की तरफ से भात भरने की रसम के चलते नरसी जी को नरसी के पास देने के कुछ नहीं थे, नरसी जी के पास खुद की टूटी-फूटी बैलगाड़ी और बूढ़े 220 हैं। नरसी जी ने अपने कुटुम के भाई लोगों … Read more

भोजपुरी एक्ट्रेस आम्रपाली दुबे पहुंचीं प्रयागराज, लगाई आस्था की डुबकी

प्रयागराज भोजपुरी स्टार आम्रपाली दुबे उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में जारी महाकुंभ में पहुंची हैं। उन्होंने वहां की झलक सोशल मीडिया पर शेयर की है। वो एक आलीशान टेंट में ठहरीं और फिर संगम में आस्था की डुबकी लगाई। उनके फैंस के बीच उनका पोस्ट वायरल हो रहा है। मालूम हो कि महाकुंभ में अब तक कई सेलेब्स आ चुके हैं और संगम में स्नान कर चुके हैं। इनमें हेमा मालिनी से लेकर अनुपम खेर, राजकुमार राव सहित कई सितारे शामिल हैं। फैंस ने लुटाया प्यार आम्रपाली के पोस्ट पर फैंस खूब प्यार लुटा रहे हैं। एक ने लिखा, 'आपक जवाब नहीं आप लाजवाब हो।' दूसरे ने लिखा, 'हर हर महादेव।' कुछ फैंस कह रहे हैं कि वो उनकी फेवरेट एक्ट्रेस हैं और वो उनकी एक्टिंग के कायल हैं। 38 की उम्र में कुवांरी हैं आम्रपाली 38 साल की आम्रपाली दुबे का जन्म गोरखपुर में हुआ है। वो अपने दादा के साथ मुंबई शिफ्ट हो गई थीं और वहीं पर अपनी पढ़ाई पूरी की। उन्होंने टीवी सीरियल 'सात फेरे' से एक्टिंग की शुरुआत की थी। फिर निरहुआ हिंदुस्तानी फिल्म से भोजपुरी इंडस्ट्री में कदम रखा था। वो सबसे ज्यादा फीस लेने वाली भोजपुरी एक्ट्रेसेस में से एक हैं। उनके इंस्टाग्राम पर 4.9 मिलियन फॉलोअर्स हैं। उन्होंने अभी तक शादी नहीं की है। recent visitors 40

दिल्ली चुनाव: मालवीय नगर विधानसभा सीट से AAP नेता सोमनाथ भारती हारे

नई दिल्ली नई दिल्ली विधानसभा सीट से आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल चुनाव हार गए हैं. अरविंद केजरीवाल कुल 1200 वोटों से बीजेपी उम्मीदवार प्रवेश वर्मा से ये चुनाव हार गए हैं. नई दिल्ली सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय माना जा रहा था. यहां से दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Kejriwal Election Result), भारतीय जनता पार्टी के प्रवेश वर्मा हैं और कांग्रेस के संदीप दीक्षित मैदान में थे. नई दिल्ली सीट की जनता ने चुनाव में बीजेपी का साथ देते हुए इस सीट पर कमल खिलाया है. बता दें दिल्ली विधानसभा चुनाव के रुझानों में बीजेपी को पूर्ण बहुमत का आंकड़ा मिला है. रुझानों के अनुसार, भाजपा 47 सीटों पर और आम आदमी पार्टी 23 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं. 10 साल से सत्ता में काबिज आम आदमी पार्टी एक करारी हार की ओर बढ़ रही है. मनीष सिसोदिया भी हारे चुनाव आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार मनीष सिसोदिया भी जंगपुरा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव हार गए हैं. बीजेपी उम्मीदवार तरविंदर सिंह मारवाह ने इस सीट से जीत दर्ज की है. मीडिया से बात करते हुए सिसोदिया ने कहा कि लोगों ने उनका बहुत अच्छा समर्थन किया है और उम्मीद जताई कि भाजपा के उम्मीदवार निर्वाचन क्षेत्र के लिए काम करेंगे. उन्होंने कहा, "पार्टी कार्यकर्ताओं ने अच्छा संघर्ष किया, हम सभी ने कड़ी मेहनत की. लोगों ने भी हमारा समर्थन किया. लेकिन, मैं 600 वोटों से हार गया. मैं जीतने वाले उम्मीदवार को बधाई देता हूं. मुझे उम्मीद है कि वह निर्वाचन क्षेत्र के लिए काम करेंगे." मालवीय नगर विधानसभा सीट से AAP नेता सोमनाथ भारती हारे नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी के उम्मीदवार प्रवेश वर्मा ने मतगणना केंद्र जाने से पहले कनॉट प्लेस में स्थित हनुमान मंदिर में दर्शन किए थे. हनुमान मंदिर में दर्शन के बाद प्रवेश वर्मा ने मीडिया से बात की थी.  उन्होंने कहा था, "आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है. हम बहुत समर्थन देख रहे हैं और पूरे दिन लगातार समर्थन मिल रहा है. हमारे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पूरा समर्थन मिलता रहेगा." पिछले दस वर्षों से दिल्ली के राजनीतिक परिदृश्य पर आम आदमी पार्टी का दबदबा रहा है, जबकि बीजेपी 1998 से शहर की सत्ता से बाहर है. वर्ष 1998 से 2013 तक दिल्ली पर शासन करने वाली कांग्रेस पार्टी लगातार तीसरी बार हार की ओर अग्रसर दिख रही थी. दिल्ली में पांच फरवरी को हुए चुनाव में 1.55 करोड़ पात्र मतदाताओं में से 60.54 प्रतिशत ने मतदान किया था. करनैल सिंह ने सत्येंद्र जैन को हराया शकूरबस्ती से भाजपा के करनैल सिंह ने आप के सत्येंद्र जैन को हराया. जीतने वाले उम्मीदवार को बधाई देता हूं: मनीष सिसोदिया जंगपुरा विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार मनीष सिसोदिया ने हार स्वीकार करते हुए कहा, पार्टी कार्यकर्ताओं ने अच्छी लड़ाई लड़ी, हम सभी ने कड़ी मेहनत की. लोगों ने भी हमारा समर्थन किया. लेकिन, मैं 600 वोटों से हार गया. मैं जीतने वाले उम्मीदवार को बधाई देता हूं. मुझे उम्मीद है कि वह क्षेत्र के लिए काम करेंगे. सभी का आभार व्यक्त करता हूं: रविंदर सिंह नेगी पटपड़गंज विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार रविंदर सिंह नेगी ने कहा, मेरे लिए यह सौभाग्य की बात है कि हमने दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ा. यह उनका आशीर्वाद था, जिस तरह से उन्होंने आम आदमी पार्टी को आपदा कहा, उन्होंने कहा आपदा हटाओ, दिल्ली बचाओ. लोगों ने इसे स्वीकार भी किया। शीर्ष नेतृत्व के नेतृत्व में हमें जीत मिली है, मैं सभी का आभार व्यक्त करता हूं. ये जीत अरविंद केजरीवाल को समर्पित: कुलदीप कुमार कोंडली विधानसभा से AAP उम्मीदवार कुलदीप कुमार ने जीत दर्ज की. उन्होंने कहा, ये जीत अरविंद केजरीवाल को समर्पित है. उन्होंने दूसरी बार मुझे टिकट दिया था और मैं जीत के आया हूं. AAP दिल्ली में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जा रही है और अरविंद केजरीवाल चौथी बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं.   recent visitors 62

IBPS SO मेन्स का रिजल्ट जारी, इस Link पर करें चेक, जानें आगे क्या?

  नई दिल्ली आईबीपीएस एसओ मेन्स का रिजल्ट जारी कर दिया गया है. जो उम्मीदवार बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान स्पेशलिस्ट ऑफिसर (IBPS SO Result) मुख्य भर्ती परीक्षा में उपस्थित हुए थे, वे अब IBPS की आधिकारिक वेबसाइट ibps.in पर जाकर रिजल्ट देख सकते हैं. आईबीपीएस एसओ मेन्स का रिजल्ट 7 फरवरी से 14 फरवरी, 2025 तक आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगा. रिजल्ट चेक करने के लिए उम्मीदवार नीचे बताए गए स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं. IBPS SO Mains Result 2024: ऐसे चेक करें रिजल्ट स्टेप 1: IBPS की आधिकारिक वेबसाइट ibps.in पर जाएं. स्टेप 2: होम पेज पर उपलब्ध IBPS SO मेन्स रिजल्ट 2024 लिंक पर क्लिक करें. स्टेप 3: एक नया पेज खुलेगा जहां उम्मीदवारों को लॉगिन विवरण दर्ज करना होगा. स्टेप 4: सबमिट पर क्लिक करें और आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिख जाएगा. स्टेप 5: रिजल्ट चेक करें और पेज डाउनलोड करें. स्टेप 6: आगे की जरूरत के लिए इसकी हार्ड कॉपी अपने पास रख लें. अभी रिजल्ट चेक करने के लिए यहां क्लिक करें- दिसंबर में हुआ था आईबीपीएस एसओ मन्स एग्जाम दरअसल, आईबीपीएस एसओ ऑनलाइन मुख्य परीक्षा दिसंबर 2024 में आयोजित की गई थी. सीआरपी एसपीएल-XIV के लिए ऑनलाइन मुख्य परीक्षा में शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को बाद में भाग लेने वाले बैंकों द्वारा आयोजित और आईबीपीएस की मदद से प्रत्येक राज्य/यूटी/क्षेत्र में नोडल बैंकों द्वारा समन्वित किए जाने वाले साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा. जल्द जारी होगा इंटरव्यू शेड्यूल साक्षात्कार के लिए आवंटित कुल अंक 100 हैं. साक्षात्कार में न्यूनतम योग्यता अंक 40% (एससी/एसटी/ओबीसी/पीडब्ल्यूबीडी उम्मीदवारों के लिए 35%) से कम नहीं होंगे. उम्मीदवारों का संयुक्त अंतिम स्कोर सीआरपी-एसपीएल-XIV की ऑनलाइन मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में उम्मीदवारों द्वारा प्राप्त कुल अंकों के आधार पर निकाला जाएगा. अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवार आईबीपीएस की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं.   recent visitors 53

मध्य प्रदेश पिछड़ा वर्ग अनुसूचित जाति जनजाति अल्पसंख्यक अधिवक्ता संघ प्रतिनिधि मंडल ने सीएम को दिया ज्ञापन

भोपाल  मध्य प्रदेश पिछड़ा वर्ग अनुसूचित जाति जन जाति अल्प संख्यक अधिवक्ता संघ  प्रतिनिधि मंडल  के रूप में प्रदेश के मुखिया ,मुख्य मंत्री माननीय मोहन यादव जी  से  मिला एक ज्ञापन दिया एम् पी के ओबीसी, एस सी , एस टी, अल्पसंख्यक अधिवक्ताओं के हितों के अधिकारों पर चर्चा के एक ज्ञापन दिया एवं  जिला बार की ओर से लिफ्ट लगाए जाने के संबंध में ज्ञापन दिया । प्रतिनिधि मंडल में संघ के प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट तुलसीराम पटेल,संरक्षक पूर्व महापौर संघ के संरक्षक दीपचंद यादव एडवोकेट ,साजिद अली एडवोकेट  ,महामंत्री लायन महेश साहू एडवोकेट  कोषाध्यक्ष लालचंद भारके एडवोकेट पिछड़ा वर्ग को माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के पालन में 13 प्रतिशत होल्ड को हटाने और  27 प्रतिशत  आरक्षण दिलाए जाने के संबंध में  पिछड़ा वर्ग के अधिवक्ताओं के होती के  लाभ दिलाते जाने पर चर्चा की  भी ज्ञापन दिया  । recent visitors 46