इंटरनेशनल लेवल पर मेडल्स जीतने वाले जूनियर एथलीटों को अब सरकार से नकद पुरस्कार नहीं मिलेगा

नई दिल्ली इंटरनेशनल लेवल पर मेडल्स जीतने वाले जूनियर एथलीटों को अब सरकार से नकद पुरस्कार नहीं मिलेगा. खेल मंत्रालय का यह नीतिगत बदलाव 1 फरवरी से लागू हुआ हुआ है. ज‍िसका लक्ष्य उद्देश्य डोपिंग और उम्र संबंधी धोखाधड़ी (एज फ्रॉड ) के दोहरे खतरे से निपटना और साथ ही युवा खि‍लाड़ि‍यों में जीत भूख को जिंदा रखना है. पहले जो पुराना स‍िस्टम था, उसके तहत जूनियर वर्ल्ड  चैम्पियनशिप में गोल्ड  पदक जीतने पर खिलाड़ी को लगभग 13 लाख रुपये मिलते थे, जबकि एश‍ियन या कॉमनवेल्थ गेम्स में टॉप पोजीशन पर रहने पर खिलाड़ी को 5 लाख रुपये का नकद पुरस्कार मिलता था. 'इंड‍ियन एक्सप्रेस' को खेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि इस निर्णय के पीछे एक प्रमुख कारण जूनियर इवेंट्स को पोडियम फिनिश तक सीमित न रखकर इनका प्रमोशन करना है. इस अधिकारी ने कहा- हमने देखा कि केवल भारत ही ऐसे मॉडल का अनुसरण करता है, जहां जूनियर चैम्प‍ियनश‍िप को अधिक महत्व दिया जाता है,  नतीजतन, एथलीट उस स्तर पर इतनी मेहनत करते हैं, पर जब तक वो टॉप लेवल पर पहुंचते हैं, तब तक वे या तो थक जाते हैं या उनकी जीत भूख खत्म हो जाती है. सीन‍ियर एथलीट के ल‍िए भी न‍ियम बदले… सीन‍ियर एथलीटों के लिए पुरस्कार नीति में भी बदलाव किया गया है. खेल मंत्रालय ने राष्ट्रमंडल चैम्प‍ियनश‍िप और दक्षिण एशियाई खेलों को पुरस्कार सूची से हटा दिया है. अंतरराष्ट्रीय मास्टर या ग्रैंडमास्टर मानदंड जीतने वाले शतरंज खिलाड़ियों को भी अब प्रोत्साहन नहीं मिलेगा. क्यों ल‍िया खेल मंत्रालय ने ये फैसला पिछले कुछ सालों में नकद प्रोत्साहन को उन कारणों में से एक माना जाता रहा है, जो एथलीटों और उनके कोचों को उम्र धोखाधड़ी और डोपिंग अपराध करने के लिए प्रेरित करते हैं. 13 जनवरी तक राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी के आंकड़ों के अनुसार, 2022 के बाद से भारत में डोप अपराधियों में से 10% से अधिक नाबालिग हैं, यानी 204 में से 22. हालांकि, उम्र में हेराफेरी करने वाले खिलाड़ियों की संख्या पर निगरानी रखने के लिए कोई केंद्रीय व्यवस्था नहीं है, फिर भी पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न खेलों में सैकड़ों खिलाड़ियों को निलंबित किया जा चुका है और कई अन्य खिलाड़ी बच निकले हैं.   recent visitors 47

दिल्ली चुनाव में अरविंद केजरीवाल की आप पार्टी की हार के ये बड़े 5 फैक्टर

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 27 सालों का सूखा खत्म करते हुए सत्ता की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। भाजपा ने सीटों पर बढ़त बनाकर रुझानों में बहुमत हासिल कर लिया है। 2013 में अन्ना हजारे के 'क्रांतिपथ' से निकलकर राजनीति की राह में बढ़ने वाले अरविंद केजरीवाल को पहली राजनीतिक हार मिली है। मुफ्त बिजली, पानी, बस सफर जैसी स्कीमों के बाद उनकी हार ने काफी कुछ साफ कर दिया है। मुस्लिम बहुल इलाके हों, गांधी नगर जैसे कारोबारी क्षेत्र हों या फिर पूर्वी दिल्ली का पटपड़गंज हो, सभी जगहों पर आम आदमी पार्टी को करारा झटका लगा है तो साफ है कि अलग-अलग वर्गों में उसने अपने जनाधार को खोया है। इसकी पर्याप्त वजहें हैं, जो चुनाव के दौरान ही साफ थीं, लेकिन अरविंद केजरीवाल अपने नाम पर चुनाव में जीत दिलाने की कोशिश में थे।   दिल्ली की सड़कों की बदहाली अरविंद केजरीवाल एक तरफ रेवड़ियां बांटने के लगातार ऐलान करते रहे तो भाजपा ने सड़क, पानी जैसे मुद्दों को नहीं छोड़ा। बुराड़ी से संगम विहार तक और पटपड़गंज से उत्तम नगर तक अलग-अलग इलाकों में टूटी सड़कों को भाजपा दिखाती रही। भाजपा का कहना था कि कहीं जल बोर्ड ने सड़कें उखाड़ तो दीं, लेकिन उन्हें सही नहीं किया। वहीं तमाम इलाकों में 10 साल में एक बार भी सड़क नहीं बनी। खराब सड़कों की रिपेयरिंग तक नहीं हो सकी। यहां तक कि अरविंद केजरीवाल ने भी सड़कों की बदहाली को स्वीकार किया था और उनका कहना था कि हम इस मोर्चे पर काम नहीं कर सके। पानी के टैंकर और पलूशन का भी असर दिल्ली के कई इलाकों में टैंकर माफिया के सक्रिय होने और गर्मी के मौसम में हर साल पानी की किल्लत की खबरें आती रही हैं। एक तरफ फ्री बिजली और पानी देने के वादे तो कहीं पानी की ही किल्लत होने से दिक्कतें आईं। माना जा रहा है कि जनता ने पानी की परेशानी के नाम पर भी वोट दिया। एक तरफ भाजपा ने फ्री वाली स्कीमों को जारी रखने का वादा किया तो वहीं सुधार की भी बात कही। माना जा रहा है कि दिल्ली के लोगों ने पानी और सड़क के नाम पर भाजपा को मौका देने का फैसला लिया है। मुस्लिम वोटों का बंटवारा, दिल्ली दंगों ने बदला माहौल ओखला से लेकर मुस्तफाबाद तक में भाजपा ने बढ़त कायम की है। यहां असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ने वोट काटे हैं तो वहीं कांग्रेस को भी मुस्लिमों का वोट मिला है। इस बार मुस्लिमों के बीच आम आदमी पार्टी के लिए एकतरफा वोटिंग नहीं हुई। माना जा रहा है कि इसके चलते भाजपा को सीधे बढ़त मिली है। कई मुस्लिम बहुल इलाकों में लोगों ने इस बात की शिकायत की कि 2020 के दंगों में अरविंद केजरीवाल ने साथ नहीं दिया। इसके अलावा कोरोना काल में मुस्लिमों को बदनाम किया गया। ऐसे में मुस्लिम वोटों का AAP के पक्ष में एकजुट न रहना उसके लिए झटके के तौर पर सामने आया है। 8वां वेतन आयोग, पेंशन और टैक्स राहत के ऐलान से भाजपा के साथ सरकारी कर्मी? आरके पुरम जैसी सीट पर भाजपा आगे है। यह सीट सरकारी कर्मचारिचों के बहुलता वाली मानी जाती है। ऐसे में कहा जा रहा है कि सरकारी कर्मचारियों ने भाजपा को समर्थन किया है। यूनिफाइड पेंशन स्कीम और फिर 8वां वेतन आयोग घोषित करके भाजपा ने दिल्ली चुनाव में सरकारी कर्मचारियों को लुभा लिया। यही नहीं 1 फरवरी को ही आए बजट में 12 लाख रुपये तक ही कमाने वालों की आय को टैक्स फ्री कर दिया गया है। माना जा रहा है कि इसका फायदा पार्टी को चुनाव में मिला है। आरएसएस ने संभाला मोर्चा, एकजुटता से लड़ा संगठन भाजपा ने लोकसभा चुनाव में दिल्ली में सातों सीटें पाई थीं। लेकिन कुछ राज्यों में झटका लगा था तो आरएसएस के साथ तालमेल को लेकर सवाल उठा था। इस बार भाजपा और आरएसएस के बीच बेहतर तालमेल दिखा। यही नहीं संघ के लोगों को बूथ मैनेजमेंट की जिम्मेदारी दी गई। इस तरह भाजपा और संघ के आनुषांगिक संगठनों में अच्छा समन्वय दिखा। माना जा रहा है कि इसका असर ग्राउंड पर दिखा और अब नतीजा सामने है। recent visitors 71

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है, अब ‘ट्रिपल इंजन’ की सरकार बनानी होगी.

बिलासपुर नगरीय निकाय चुनाव (Nikay Chunav 2025) में भाजपा (BJP) के पक्ष में माहौल बनाने पहुंचे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (CM Vishnu Deo Sai) ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने लोगों को ठगकर वोट लिया और शराब, कोयला और महादेव सट्टा घोटाले किए. बिलासपुर के तिफरा क्षेत्र में आयोजित सभा में उनके साथ केंद्रीय मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विधायक धरमलाल कौशिक, अमर अग्रवाल और धर्मजीत सिंह मौजूद रहे. 'कांग्रेस ने लोगों को ठगकर वोट लिया' सीएम विष्णुदेव साय ने पार्टी की महापौर प्रत्याशी पूजा विधानी के समर्थन में नारे लगवाए. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार है, अब 'ट्रिपल इंजन' की सरकार बनानी होगी. उन्होंने पूर्व सीएम भूपेश बघेल पर घोटालों के आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने लोगों को ठगकर वोट लिया और शराब, कोयला और महादेव सट्टा घोटाले किए. सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि महतारी वंदन की राशि मिल गई है और भूमिहीन मजदूरों को 10 दिन में राशि मिल जाएगी. उन्होंने नजूल की जमीन पर मालिकाना हक देने और टैक्स में छूट की घोषणा दोहराई. कांग्रेस पर CM साय का तंज मीडिया से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि वो मुद्दाविहीन हो चुकी है और अपनी हार से बौखला गई है. विपक्ष को न तो सही प्रत्याशी मिल पा रहे हैं और न ही ठीक से नामांकन भरवा पा रहे हैं. recent visitors 41

कोर्ट में सज्जन कुमार के खिलाफ फैसला फिर टाला, 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़ा है मामला

नई दिल्ली दिल्ली की एक अदालत ने  कांग्रेस के पूर्व सांसद सज्जन कुमार के खिलाफ 1984 के सिख विरोधी दंगों के हत्या मामले में अपना फैसला 12 फरवरी तक के लिए टाल दिया है। स्पेशल जज कावेरी बावेजा को आज इस मामले में आदेश पारित करना था, लेकिन किन्हीं कारणों से उन्होंने अपना फैसला टाल दिया। इससे पहले अभियोजन पक्ष द्वारा कुछ बिंदुओं पर आगे की दलीलें पेश करने के लिए समय मांगे जाने के बाद जनवरी में अदालत ने फैसला टाल दिया था। यह मामला 1984 के सिख विरोधी दंगों के दौरान दिल्ली के सरस्वती विहार में दो व्यक्तियों की हत्या से संबंधित है। अदालत ने 1 नवंबर, 1984 को जसवंत सिंह और उनके बेटे तरुणदीप सिंह की हत्या से संबंधित मामले में अंतिम दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। हालांकि, पुलिस ने शुरुआत में पंजाबी बाग थाने में मामला दर्ज किया था, लेकिन एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने जांच अपने हाथ में ले ली थी। अदालत ने 16 दिसंबर 2021 को तय किए थे आरोप   16 दिसंबर, 2021 को अदालत ने सज्जन कुमार के खिलाफ आरोप तय किए, जिसमें उनके खिलाफ "प्रथम दृष्टया" मामला पाया गया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, घातक हथियारों से लैस एक बड़ी भीड़ ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या का बदला लेने के लिए बड़े पैमाने पर लूटपाट, आगजनी और सिखों की संपत्तियों को नष्ट किया। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि भीड़ ने शिकायतकर्ता जसवंत की पत्नी के घर पर हमला किया, जिसमें उनके पति और बेटे की हत्या कर दी गई। साथ ही सामान लूट लिया और उनके घर को आग के हवाले कर दिया। सज्जन कुमार पर मुकदमा चलाते हुए, अदालत के आदेश में "प्रथम दृष्टया यह राय बनाने के लिए पर्याप्त सामग्री पाई गई कि वह न केवल एक भागीदार था, बल्कि उसने भीड़ का नेतृत्व भी किया था"। recent visitors 50

बेटे जीत की शादी पर गौतम अदाणी के 10 हजार करोड़ रुपये के दान की जमकर हो रही है तारीफ

अहमदाबाद बेटे जीत अदाणी की शादी के मौके पर अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी द्वारा किए गए महादान की अब हर तरफ जमकर तारीफ हो रही है. खास बात ये है कि गौतम अदाणी ने अपने बेटे की शादी बेहद ही सादगी भरे अंदाज में और पारंपरिक तरीके से की, लेकिन इस शादी के मौके को और यादगार बनाने के लिए उन्होंने 10 हजार करोड़ रुपये दान करने का ऐलान किया. गौतम अदाणी की तरफ से किया गया ये दान उनके परमार्थ के विचार "सेवा साधना है, सेवा प्रार्थना है और सेवा ही परमात्मा है" पर आधारित है. उनके इस दान का बड़ा हिस्सा स्वास्थ्य , शिक्षा और कौशल विकास के इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर खर्च किया जाएगा. गौतम अदाणी के इस महादान की तारीफ इंडिया टीवी के प्रधान संपादक रजत शर्मा ने भी की है.     अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी के छोटे बेटे जीत अदाणी की शादी दिवा शाह के साथ शुक्रवार को अहमदाबाद में संपन्न हुई. यह शादी बेहद ही सादगी और पारंपरिक तरीके से संपन्न हुई. गौतम अदाणी ने इस मौके को और यादगार बनाने के लिए समाज सेवा के तौर पर 10,000 करोड़ रुपये दान करने का ऐलान। जीत और दिवा की शादी की तस्‍वीरें अपने सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म पर शेयर करते हुए गौतम अडानी ने कहा कि परमपिता परमेश्वर के आशीर्वाद से जीत और दिवा आज विवाह के पवित्र बंधन में बंध गए. यह शादी आज अहमदाबाद में प्रियजनों के बीच पारंपरिक रीति रिवाजों और शुभ मंगल भाव के साथ संपन्न हुआ. यह एक छोटा और अत्यंत निजी समारोह था, इसलिए हम चाह कर भी सभी शुभचिंतकों को आमंत्रित नहीं कर सके, जिसके लिए मैं क्षमाप्रार्थी हूं. मैं आप सभी से बेटी दिवा और जीत के लिए स्नेह और आशीष का हृदय से आकांक्षी हूं. दिव्‍यांगों को 10-10 लाख की मदद गौतम अडानी के छोटे बेटे जीत अडानी और दिवा शाह ने शादी (Jeet-Diva Wedding) से पहले 'मंगल संकल्‍प' लिया. जिसके तहत 500 दिव्यांग बहनों की शादी के लिए 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. गौतम अडानी ने जानकारी शेयर करते हुए कहा था कि जीत और दीवा ने हर साल 500 दिव्यांग बहनों की शादी के लिए 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है. एक पिता के रूप में उनके द्वारा की जाने वाली इस मंगल सेवा से मैं बहुत संतुष्ट हूं. मुझे पूरा विश्वास है कि इस प्रयास से अनेक दिव्यांग बेटियों और उनके परिवारों का जीवन सुख, शांति और सम्मान के साथ आगे बढ़ेगा. मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वह जीत और दीवा को सेवा के इस पथ पर आगे बढ़ते रहने का आशीर्वाद और शक्ति प्रदान करें. प्री-वेडिंग की झूमते दिखे थे जीत-दिवा जीत अडानी और दिवा शाह के प्री-वेडिंग सेलिब्रेशन (Jeet-Diva Pre Wedding Celebration) का एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें फेमस सिंगर दलेर मेहंदी के बेटे गुरदीप मेहंदी के साथ जीत-दिवा झूमते हुए दिखाई दिए. गुरदीप के साथ दूल्‍हा-दूल्‍हन ढोल की बीट्स पर पंजाबी भांगड़े पर डांस करते हुए भी नजर आए थे. recent visitors 64

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और जनकल्याणकारी योजनाओं से प्रभावित हुए अधिकारी

रायपुर छत्तीसगढ़ बहुत सुंदर प्रदेश है और नैसर्गिक सुंदरता, सांस्कृतिक धरोहर और समृद्ध जैव विविधता इसे खास पहचान देती है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में नेशनल डिफेंस कॉलेज से आए 18 सैन्य और सिविल सर्विस के अधिकारियों के दल ने छत्तीसगढ़ भ्रमण उपरांत उनसे मुलाकात कर अपने अनुभवों को साझा करते हुए यह बातें कही। मुख्यमंत्री ने उत्सुकता के साथ सभी सैन्य अधिकारियों से उनके छत्तीसगढ़ भ्रमण को लेकर चर्चा की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी अधिकारियों का आत्मीय स्वागत करते हुए प्रदेश की भौगोलिक विशेषताओं, सांस्कृतिक धरोहर और विकास यात्रा पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ केवल भौगोलिक रूप से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से भी अद्वितीय है। प्रदेश का 44 प्रतिशत भूभाग वनाच्छादित है, और आदिवासी समुदायों की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा हमारी धरोहर का अभिन्न अंग हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का सौंदर्य अनुपम है। आपने जो यात्रा की है, वह सिर्फ प्राकृतिक दृश्यों का अनुभव नहीं, बल्कि एक जीवंत संस्कृति और इतिहास से जुड़ा हुआ सफर भी है। यह अनुभव सदैव आपकी स्मृतियों में अंकित रहेगा। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में नक्सल उन्मूलन को लेकर किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि नक्सल उन्मूलन की दिशा में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। हम न केवल सुरक्षा दृष्टिकोण से बल्कि शिक्षा, बुनियादी ढांचे और आर्थिक अवसरों के माध्यम से भी इस समस्या का समाधान कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में हमने औद्योगिक और शहरी विकास के साथ-साथ ग्रामीण एवं आदिवासी समुदायों के उत्थान पर भी समान रूप से ध्यान दिया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भरता, नवाचार और उत्कृष्ट शासन प्रणाली का उदाहरण बने। आपका यह भ्रमण हमारे प्रयासों को एक राष्ट्रीय और वैश्विक दृष्टिकोण से देखने का अवसर प्रदान करता है। नेशनल डिफेंस कॉलेज के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने अपने प्रवास के दौरान आईआईएम रायपुर, इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर, ग्रीन फील्ड सिटी और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं का अवलोकन किया। इसके अलावा उन्होंने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से कानून व्यवस्था और नक्सल उन्मूलन अभियान के संबंध में चर्चा की। अधिकारियों ने सिरपुर, एजुकेशन सिटी दंतेवाड़ा, कांकेर वुड आर्ट सेंटर, जंगल वारफेयर कॉलेज, कोंडागांव के टाटामारी और शिल्पग्राम, बादल एकेडमी और चित्रकोट जलप्रपात का भ्रमण किया। दल का नेतृत्व कर रहे एडमिरल संदीप सिंह संधु ने बताया कि नेशनल डिफेंस कॉलेज के द्वारा प्रति वर्ष एक वर्षीय कोर्स संचालित किया जाता है, जिसमें सेना, सिविल सेवा और अंतरराष्ट्रीय रक्षा अधिकारियों को रणनीतिक विषयों पर प्रशिक्षित किया जाता है। इस वर्ष 124 अधिकारी इस कोर्स में शामिल हैं, जिनमें 13 भारतीय और 5 अन्य देशों के अधिकारी छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक एवं प्रशासनिक ढांचे को समझने के लिए भ्रमण पर आए है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विवेकानंद झा, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, पी. दयानंद और डॉ. बसवराजू एस उपस्थित रहे। नेशनल डिफेंस कॉलेज के अधिकारियों में ब्रिगेडियर अमितोज सिंह, संदीप कुमार मिश्रा, कोमोडोर कार्तिक मूर्ति, ब्रिगेडियर अनिरुद्ध सिंह कंवर, एयर कोमोडोर शेखर यादव, ब्रिगेडियर गुरप्रीत सिंह मान, ब्रिगेडियर रजनीश मोहन, कैप्टन एम. व्ही. ओरपे सहित श्रीलंका, मोरक्को, नाइजीरिया, नेपाल और यूएई के अधिकारी शामिल थे। recent visitors 50

महायोगी,समाज सुधारक-आचार्य श्री विद्यासागर

महामुनिर्महामौनी,महाध्यानी महादम: । महाक्षमो महाशीलो,महायज्ञो महामख: ॥ विश्व के महानतम संत,परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर महाराज का तपस्वी और संयमित जीवन चरित्र,महामुनि,महामौनी,महाध्यानी, महान क्षमांकर,महाशील आदि भगवत गुणों से परिपूर्ण रहा है ।उनका जन्म 10अक्टूबर 1946 को कर्नाटक राज्य के बेलगाँव जिले के सदलगा में शरद पूर्णिमा के दिन हुआ था। उनके बचपन का नाम विद्याधर था।घर में सभी पीलू नाम से पुकारते थे।उनके पिता श्री मल्लप्पा अष्टगे और माता का नाम श्रीमती अष्टगे था। आचार्य विद्यासागर महाराज को 30 जून 1968 में अजमेर में 22 वर्ष की आयु में उनके गुरु आचार्य ज्ञानसागर महाराज ने मुनि दीक्षा प्रदान की। आचार्य विद्यासागर महाराज को 22 नवम्बर 1972 में उनके गुरु आचार्य ज्ञानसागर महाराज द्वारा आचार्य पद प्रदान किया गया।आचार्य श्री विद्यासागर महाराज ने 500 से अधिक मुनि, आर्यिका, ऐलक, क्षुल्लक दीक्षाएं दीं।उनके घर के सभी सदस्यों ने सन्यास धारण कर वीतराग पथ अपनाया है। आचार्य विद्यासागर महाराज संस्कृत, प्राकृत,हिन्दी, मराठी, कन्नड़,अंग्रेजी,बंगाली भाषाओं में पारंगत रहे हैं।उनकी मातृभाषा कन्नड़ थी।उन्होंने हिन्दी और संस्कृत भाषा में अनेक रचनाएँ की हैं। सैकड़ों शोधार्थियों द्वारा उनके जीवन चरित्र और कृतित्व पर मास्टर्स और डॉक्ट्रेट उपाधि प्राप्त करने के लिए अध्ययन किया है। उन्होंने महान काव्य मूकमाटी  की रचना की है।मूकमाटी रूपक कथा-काव्य, अध्यात्म, दर्शन व युग-चेतना का संगम है। संस्कृति, जन और भूमि की महत्ता को स्थापित करते हुए आचार्यश्री ने इस महाकाव्य के माध्यम से राष्ट्रीय अस्मिता को पुनर्जीवित करने का दिव्य कार्य किया है। विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में यह स्नातकोत्तर उपाधि के हिन्दी पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाता है।उनकी रचनाओं में निरंजना शतक, भावना शतक, परीषह जया शतक, सुनीति शतक और श्रमण शतक  आदि सम्मिलित हैं।उनकी सिंह नाम की कविता को कई शैक्षणिक संस्थानों ने अपने पाठ्यक्रम में भी शामिल किया गया है। उन्होंने नर्मदा का नरम कंकर, तुम डूबों मत लगाओ डुबकी, तोता क्यों रोता, शारदा स्तुति आदि कई पुस्तकें लिखी हैं। आदर्श समाज सुधारक आचार्य विद्यासागर जी ने अपने जीवनकाल के दौरान अनेक सामाजिक प्रकल्पों को संचालित करने के लिए समाज को प्रेरित किया। गौ रक्षा एवं गौ सेवा के लिए गौशाला की स्थापना पर बल दिया ।उनके आह्वान एवं दिव्य मार्गदर्शन से अनेक राज्यों के अनेक स्थानों पर गौमाता की सेवा अनेकों गौ शाला के माध्यम से हो रही है।गौ उत्पाद,एवं आयुर्वेदिक औषधियों का प्रसंस्करण एवं विक्रय किया जा रहा है।जीवदया के अनेक प्रकल्प संचालित हैं। मातृभाषा हिंदी को राष्ट्रभाषा घोषित करने का आह्वान वह सदैव करते रहे। बालिका शिक्षा पर विशेष बल देते हुए अनेक स्थानों पर उच्चकोटि के शिक्षण संस्थानों का कुशल संचालन किया जा रहा है।भारतीय लोक सेवा आयोग, राज्य लोक सेवा आयोग एवं अन्य प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में प्रतियोगियों को सफल होने के लिए प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित हैं।भोपाल में अनुशासन संस्था यह कार्य कुशलता पूर्वक निष्पादित कर रही है। स्वदेशी को प्रोत्साहित कर अनेक स्थानों  पर हथकरघा केंद्र स्थापित किए गए हैं।रोजगार सृजित हो रहा है।उद्यमिता को भी प्रोत्साहित किया है।श्रमदान ब्रांड नाम से अनेक स्थानों पर वस्त्र विक्रय केंद्र संचालित हैं। आचार्य श्री विद्यासागर महाराज जीवन पर्यंत सदैव देश को इंडिया नहीं भारत बोलो पर जोर देते रहे।वर्तमान में प्रयागराज में महाकुंभ में भी शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास द्वारा आचार्य विद्या सागर महाराज के दिव्य संकल्प पर विमर्श सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है।इस सम्मेलन में ख्यातिलब्ध विद्वान सम्मिलित हो रहे हैं। आचार्य विद्यासागर महाराज ने सदैव आह्वान किया कि जैन समाज के संपन्न लोग,दो गरीब बच्चों को गोद लेकर उन्हें पढ़ाएं।उन्होंने बल दिया कि पर्यावरण की सुरक्षा प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है।विश्व को उनका तपस्वी जीवन पर्यावरण में शून्य कार्बन उत्सर्जन की प्रेरणा देता है।उनका जीवन जीरो कार्बन फुट प्रिंट की अमिट छाप छोड़ता है।उनका आह्वान रहा कि दूसरों की भलाई के लिए सुखों का त्याग ही सच्ची सेवा है।उन्होंने समाज को सीख दी कि दो सूत्रों अहिंसा, जियो और जीने दो का पालन करो। आचार्य विद्यासागर महाराज की समाधि माघ शुक्ल अष्टमी को डोंगरगढ़ (छत्तीसगढ़) के चन्द्रगिरि पर्वत पर हुई।उनकी समाधि से भारत की जनता अनाथ हो गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आचार्य विद्या सागर महाराज से अत्यंत प्रभावित हैं।उनसे समय-समय पर मार्गदर्शन,आशीर्वाद प्राप्त करते थे।उन्होंने आचार्य विद्यासागर महाराज के विराट, महासागर रूपी व्यक्तित्व पर आलेख के माध्यम से विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की थी।मुझे स्मरण है कि भाजपा के राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गला रुंध गया था।सभी नेताओं ने एक मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा ने भी आलेख के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की थी।आचार्य विद्यासागर महाराज विश्व के महान संत हैं।महानतम समाज सुधारक हैं। उनका सकल जीवन चरित्र अखिल विश्व की मानव समाज के लिए अनुकरणीय है। आचार्य विद्या सागर महाराज को शत-शत नमोस्तु। इति श्री। लेखक-सत्येंद्र जैन recent visitors 170