17 फरवरी से प्रारंभ हो रहे नौ दिवसीय शिवनवरात्रि पर्व के दौरान भोग आरती का समय सुबह 10:30 बजे से बदलकर दोपहर 1 बजे कर दिया गया

उज्जैन उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शिवनवरात्रि के अवसर पर पूजन व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। 17 फरवरी से प्रारंभ हो रहे नौ दिवसीय शिवनवरात्रि पर्व के दौरान भोग आरती का समय सुबह 10:30 बजे से बदलकर दोपहर 1 बजे कर दिया गया है। यह क्रम नौ दिन रहेगा। महाशिवरात्रि पर्व के दिन रात्रि में महानिशा काल में रात्रि पर्यंत विविध प्रकार से भगवान महाकाल की पूजा होगी। 27 फरवरी को तड़के 4 बजे भगवान को सप्तधान मुखारविंद धारण करवाकर उनके शीश पर सवा मन फल व फूलों से बना मुकुट धारण करवाया जाएगा। इसके बाद सुबह 11 बजे से सेहरा उतारने के बाद वर्ष में एक बार दोपहर में भस्म आरती होगी। वहीं भस्म आरती के बाद दोपहर में ही भगवान को भोग अर्पित कर आरती होगी। इसी दिन मंदिर के पुजारी-पुरोहितों को मंदिर समिति द्वारा पारणा करवाया जाएगा। कोटितीर्थ कुंड व रुद्रयंत्र की सफाई कार्य शुरू होगा महाशिवरात्रि की तैयारियों के तहत कोटितीर्थ कुंड की विशेष सफाई की जाएगी। कुंड से पानी निकालकर काई हटाई जाएगी और नया जल भरा जाएगा। मंदिर के गर्भगृह में स्थित चांदी के रुद्र यंत्र, जलाधारी और दरवाजों की सफाई व पॉलिश की जाएगी। शिखर की रंगाई-पुताई के साथ स्वर्ण शिखरों को भी चमकाया जाएगा। पर्व से पूर्व संपूर्ण मंदिर परिसर की विशेष सफाई की जाएगी। बैठक में श्रद्धालुओं की प्रवेश तथा निर्गम व्यवस्था, भस्मार्ती में श्रद्धालुओं के प्रवेश संबंधी व्यवस्था, पुजारी/पुरोहित/साधु-संतों/मीडिया कर्मियों की प्रवेश व्यवस्था, श्री महाकालेश्वर मंदिर में आगंतुक श्रद्धालुओं को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने के उद्देश्य से उज्जैन शहर में चारो ओर से आने वाले मार्गो के चयनित स्थानों पर अस्थाई रूप से वाहन पार्किंग की व्यवस्था, बसो की व्यवस्था, अस्थाई हाॅस्पिटल, पेयजल, सेंट्रलाईज्ड पी.ए. सिस्टम आदि की व्यवस्था की जाना है। आगंतुक श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर समिति द्वारा अस्थाई रूप से मंदिर परिक्षेत्र के चारो ओर चयनित स्थानों पर पूछताछ एवं खोया-पाया केन्द्र स्थापित किए जाऐगें। आगन्तुक श्रद्धालु सरलता से अपने पदवेश व्यवस्थित रूप से रख कर दर्शन उपरांत पुनः सरलता से प्राप्त कर सके, इस हेतु पूर्व वर्षानुसार चिन्हित निर्धारित स्थानों पर अस्थाई जूता स्टेण्ड का संचालन मुख्य कार्यपालन अधिकारी उज्जैन विकास प्राधिकरण उज्जैन के माध्यम से किया जाना हैं। महाशिवरात्रि पर्व 2025 के उपलक्ष्य पर सम्पूर्ण मंदिर आंतरिक एवं एवं बाह्य परिक्षेत्र में पर्याप्त मात्रा में फ्लेक्स एवं दिशा सूचक बोर्ड की व्यवस्था श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा की जावेगी। महाशिवरात्रि पर्व पर श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या को दृष्टिगत रखते हुए चयनित स्थानों पर नगर पालिक निगम उज्जैन द्वारा अस्थाई फायर स्टेशन स्थापित किए जाना है।आगन्तुक दर्शनार्थियों को लड्डू प्रसाद उपलब्ध कराने हेतु श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा विभिन्न स्थानों पर लड्डू प्रसाद काउण्टर पहले से अधिक संख्या में स्थापित किये जायेगे। बैठक में दीनदयाल रसोई योजना के संचालन के अंतर्गत उज्जैन शहर में निवासरत गरीब, भिक्षुक, असहाय, निःशक्तजन एवं ऐसे व्यक्ति जो स्वयं भोजन का प्रबंध करने में असमर्थ है, को श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा भगवान श्री महाकालेश्वर जी का निःशुल्क भोग/भोजन प्रसाद उपलब्ध कराए जाने का निर्णय लिया गया, जिसके अंतर्गत नगर पालिक निगम उज्जैन द्वारा शहर के 06 स्थानों पर स्थापित भोजन केन्द्र में 500 व्यक्ति प्रति भोजन केन्द्र पर कुल 3000 व्यक्तियों के लिए भोजन पहुंचाया जाएगा। पूर्व में भी श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा दीन दयाल रसोई योजना के अंतर्गत सेवाएं दी जाती रही है, जिन्हे पुनः प्रारंभ किया गया।  श्री महाकालेश्वर मंदिर में दान एवं भेंट के माध्यम से प्राप्त स्वर्ण एवं रजत सामग्री का त्वरीत मूल्यांकन कर सामग्री पर क्यू.आर. कोडिंग की जावेगी।पं. श्री सूर्यनारायण व्यास अतिथि निवास एवं जे.के. सीमेंट द्वारा नवनिर्मित अतिथि निवास में लाईट चली जाने पर आरक्षित कक्षो में 01 पंखा एवं 01 टयूब लाईट चालु रहे इस हेतु प्रचलित निर्माण कार्यो के अंतर्गत ही डी.जी. सेट (जनरेटर) स्थापित करवाए जाएंगे, साथ ही दोनो अतिथि निवास में 01 पेन्ट्री संचालित करने का निर्णय लिया गया। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा त्रिवेणी संग्रहालय के सम्मुख श्री महाकाल अतिथि निवास का निर्माण कराया गया है, जिसमें वर्तमान में बेसमेंट में पार्किंग एवं ग्राउण्ड फ्लोर पर 09 कक्ष निर्मित है, जो कि वर्तमान परिदृश्य को दृष्टिगत रखते हुए पर्याप्त नहीं है। सिंहस्थ 2028 को दृष्टिगत रखते हुए श्री महाकाल अतिथि निवास के ऊपर 04 फ्लोर (जी+04) का निर्माण कराए जाने पर सहमति व्यक्त की गई। यह निर्माण दानदाता के माध्यम से या मंदिर प्रबंध समिति स्वयं करेगी।  मंदिर समिति के वाहन बोलेरो, टाटा मेजिक लोडिंग वाहन एवं मारूति वेन लगभग 15 से 20 वर्ष पुराने होने के कारण वर्तमान में उपयोग में नहीं लिए जा सकते है, जिन्हे आर.टी.ओ. के माध्यम समिति बनाकर अपलेखित (हटाने) किए जाने का निर्णय लिया गया। recent visitors 54

द‍िल्‍ली व‍िधानसभा :16 सीटों पर कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी को ‘हरा’ दिया, जी हां! यकीन न हो तो आंकड़े देख लीजिए

नई द‍िल्‍ली  दिल्ली की जनता ने अपना फैसला सुना दिया है। पिछले 3 विधानसभा चुनावों (Delhi Assembly Election Result 2025 ) से दिल्लीवालों ने जिस पार्टी को अपने दिल में जगह दी थी, उसे आज सत्ता से बाहर कर दिया है। दिल्ली में आखिरकार 'मोदी मैजिक' चल ही गया। लेकिन 'असली खेल' किया फिर से 0 पर आउट होने वाली कांग्रेस ने। चुनाव आयोग के मुताबिक दिल्ली की 70 सीटों में से 48 पर बीजेपी आगे है या जीत चुकी है। जबकि आम आदमी पार्टी के खाते में महज 22 सीट ही रही। कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिली। मगर कम से कम 16 सीटें ऐसी रहीं, जिस पर कांग्रेस ने आम आदमी पार्टी (AAP) को 'हरा' दिया। जी हां! यकीन न हो तो आंकड़े देख लीजिए। सबसे पहले बात वोट शेयर की साल 2020 में दिल्ली विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को 53 फीसदी से ज्यादा वोट मिले थे। जबकि बीजेपी का वोट प्रतिशत 38.51% रहा। इस बार की बात करें तो 'आप' को 43.61% वोट मिले हैं जबकि बीजेपी 45.88% वोट शेयर पहले नंबर पर काबिज हो गई। कहने को यह अंतर महज 2.27 फीसदी का ही है, लेकिन दिल्ली के सिंहासन पर काबिज होने के लिए यह अंतर काफी बड़ा रहा। आखिर कैसे कांग्रेस ने पलटा गेम आखिर यह ढाई फीसदी वोट फिर कहां गए? जवाब साफ है-कांग्रेस। यूं तो इस बार भी कांग्रेस का वोट प्रतिशत 10 फीसदी से कम ही रहा, लेकिन खुद को 'वोट कटवा' पार्टी साबित करने में इस बार वह कामयाब रही। पिछली बार पहले और दूसरे नंबर की पार्टी के बीच अंतर बड़ा था। इसलिए कांग्रेस को कितने वोट मिले, इससे किसी को कोई फर्क नहीं पड़ा। मगर इस बार अलग थी। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में कांग्रेस को 6.39% वोट मिले और जीत-हार का अंतर 2.27%। इन सीटों पर भारी पड़ी कांग्रेस से 'हाथ' छुड़ाना   क्रम सीट बीजेपी को वोट म‍िले AAP को वोट म‍िले कांग्रेस को वोट जीत का अंतर 1 नई द‍िल्‍ली 30,028 25,999 4,568 4,089 2 जंगपुरा 38,859 38,184 7,350 675 3 त्र‍िलोकपुरी 58,217 57,824 6,147 392 4 ग्रेटर कैलाश 49,594 46,406 6,711 3,188 5 छतरपुर 80,469 74,230 6601 6239 6 मादीपुर 52,019 41,120 17,958 10,899 7 मालवीय नगर 39,564 37,433 6,770 2,131 8 नांगलोई जाट 75,272 49,021 32,028 26,251 9 राजेंद्र नगर 46,671 45,440 4,015 1,231 10 संगम विहार 54,049 53,705 15,863 344 11 तिमारपुर 53,551 52,290 8,101 1,261 12 बिजवासन 64,951 53,675 9,409 11,276 13 महरौली 48,349 46,567 9,338 1,782 केजरीवाल-सिसोदिया समेत बड़े नेताओं पर भारी पड़ी कांग्रेस अरविंद केजरीवाल 3 बार दिल्ली के मुख्यमंत्री बने। लगातार तीन बार नई दिल्ली सीट से जीते। मगर इस बार बीजेपी के प्रवेश साहिब सिंह ने 4000 वोटों से हरा दिया। रोचक बात है कि तीसरे नंबर पर रहने वाले पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे व पूर्व कांग्रेस सांसद संदीप दीक्षित 4500 से ज्यादा वोट मिले। इसी तरह 'आप' में नंबर-2 मनीष सिसोदिया जंगपुरा से 675 वोटों से हारे। तीसरे नंबर पर रहे कांग्रेस के फरहाद सूरी को 7000 से ज्यादा वोट मिले। सोमनाथ भारती की हार में भी कांग्रेस का ही हाथ रहा। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और EVM पर सवाल उठाने वाले सौरभ भारद्वाज 3100 वोटों से सीट गंवा बैठे। इनकी हार में भी एक चीज कॉमन रही-कांग्रेस। तीसरे नंबर पर रहे कांग्रेस के गर्वित सांघवी ने 6700 से ज्यादा वोट हासिल किए। ऐसी करीब 17 सीटें हैं, जहां कांग्रेस ने फर्क पैदा कर दिया। मतलब अगर दिल्ली में भी आम आदमी पार्टी और कांग्रेस का गठबंधन होता तो शायद तस्वीर कुछ और हो सकती थी।   तो मिल जाता 'आप' को बहुमत! इसी तरह द्वारका सीट पर बीजेपी को 8671 वोट मिले जबकि कांग्रेस ने यहां 6630 वोट काटे। हरी नगर सीट पर बीजेपी को 6632 वोटों से जीत मिली जबकि कांग्रेस यहां 4252 वोट के साथ तीसरे नंबर पर रही। रोचक बात यह रही कि निर्दलीय उम्मीदवार राजकुमारी ढिल्लों ने 3398 वोट हासिल किए। मुंडका सीट पर भी कांग्रेस ने जमकर वोट काटे। recent visitors 58

आम आदमी पार्टी के ‘अजेय’ होने का दंभ बना हार का कारण, फ्रीबीज पॉलिटिक्स में बीजेपी ने केजरीवाल को दे दी पटखनी

नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी की आंधी में आम आदमी पार्टी हवा हो गई। वो आम आदमी पार्टी जो लगातार दो चुनावों में प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाई थी। लेकिन इस बार बीजेपी की कुछ ऐसी हवा चली कि AAP के बड़े-बड़े शूरमा उखड़ गए। खुद अरविंद केजरीवाल चुनाव हार गए। मनीष सिसोदिया चुनाव हार गए। AAP के तमाम दिग्गज चुनाव हार गए। न फ्री का वादा काम आया, न मुफ्त की रेवड़ियां काम आईं और न ही 'कट्टर ईमानदार' अरविंद केजरीवाल का चेहरा काम आया। आखिर ऐसा क्या हुआ कि कभी 70 में से 67 और 62 सीटें जीतने वाली आम आदमी पार्टी को इस बार बुरी शिकस्त का सामना करना पड़ा? आइए देखते हैं AAP की हार के 7 बड़े कारण क्या रहे। 1- एंटी-इन्कंबेंसी आम आदमी पार्टी ने अपने जन्म के साथ ही दिल्ली के लोगों के दिल पर राज किया। 2013 के अपने पहले चुनाव में वह बीजेपी के बाद दूसरे नंबर पर रही थी लेकिन त्रिशंकु विधानसभा में वह उस कांग्रेस से हाथ मिला ली, जिसके कथित भ्रष्टाचार के विरोध से राजनीति शुरू की थी। खैर, कांग्रेस के साथ गठबंधन वाली आम आदमी पार्टी की वो सरकार 2 महीने भी नहीं टिकी। उसके बाद 2015 में 70 में से 67 और 2020 में 70 में से 62 सीटों पर जीत के साथ इतिहास रचा। पार्टी लगातार 10 सालों तक दिल्ली की सत्ता में रही। लगातार तीसरी बार जीत दर्ज करना वैसे भी बहुत आसान नहीं होता क्योंकि सत्ताविरोधी रुझान यानी एंटी-इन्कंबेंसी का खतरा बना रहता है। आम आदमी पार्टी को भी इस फैक्टर का नुकसान उठाना पड़ा। 2- करप्शन का दाग अब इसे विडंबना ही कहेंगे कि जिस पार्टी ने भ्रष्टाचार-विरोधी आंदोलन से जन्म लिया, सत्ता में आने पर वह भी अपने दामन को करप्शन की कालिख से नहीं बचा पाई। खुद को कट्टर ईमानदार कहने वाले अरविंद केजरीवाल को करप्शन का दाग भारी पड़ा। भ्रष्टाचार के आरोपों में उन्हें खुद जेल जाना पड़ा। मनीष सिसोदिया को जेल जाना पड़ा। सत्येंद्र जैन को जेल जाना पड़ा। केजरीवाल और आम आदमी पार्टी लगातार खुद के कट्टर ईमानदार होने की दुहाई देते रहे लेकिन दिल्ली की जनता ने उनको नकार दिया। अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के शिल्पी अरविंद केजरीवाल जब दिल्ली की सत्ता में आए तो एक नई तरह की साफ-सुथरी, ईमानदार और वैकल्पिक राजनीति का वादा किया था। लेकिन किया क्या? सीएजी की रिपोर्ट को विधानसभा की पटल तक पर नहीं रखा। कभी जिस दिल्ली के एक मुख्यमंत्री मदन लाल खुराना जैन हवाला कांड में अपना नाम लिए जाने पर ही पद से इस्तीफा दे दिया था, उसी दिल्ली में अरविंद केजरीवाल आरोप तो छोड़िए, जेल में जाने के बाद भी इस्तीफा नहीं दिया। लालू प्रसाद यादव से लेकर हेमंत सोरेन तक तमाम मुख्यमंत्रियों ने जेल जाने की नौबत आने पर नैतिकता के आधार पर पद से इस्तीफा दिया था। लेकिन ईमानदारी की राजनीति के कथित चैंपियन केजरीवाल ने तो जेल से सरकार चलाने की ऐसी जिद दिखाई जो भारत की राजनीति में कभी नहीं हुआ। जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने इस्तीफा जरूर दिया लेकिन शायद तबतक बहुत देर हो चुकी थी। अगर जेल जाते ही इस्तीफा दिए होते तो 3- मुफ्त बिजली-पानी मॉडल से आगे नहीं बढ़ पाना अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी ने पहली बार सत्ता में आने के बाद मुफ्त-बिजली पानी वाला मॉडल पेश किया। सरकारी स्कूलों और अस्पतालों की दशा में भी सुधार का दावा किया। सुधार हुए भी, लेकिन उतने भी नहीं जितना आम आदमी पार्टी ढिंढोरा पीटती है। इस मॉडल की बदौलत दो बार सरकार भी बनाई लेकिन पार्टी इससे आगे नहीं बढ़ पाई। हर नाकामी का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने का चलन चलाया। सड़कें बदहाल रहीं। जगह-जगह गंदगी का अंबार रहा। निगम चुनाव में जीत के बाद साफ-सफाई की जिम्मेदारी से भाग भी नहीं सकते थे। यमुना को साफ करने पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए गए लेकिन पानी आचमन तो छोड़िए नहाने लायक भी नहीं रहा। ये सब चीजें आम आदमी पार्टी के खिलाफ गईं। 4- फ्रीबीज पॉलिटिक्स में केजरीवाल को मिला तगड़ा कंपटिशन दूसरी तरफ, विरोधियों ने भी केजरीवाल के खिलाफ उसी हथियार का इस्तेमाल किया जो उनकी ताकत थी। ये हथियार था मुफ्त वाली योजनाओं का जिन्हें राजनीति में फ्रीबीज या मुफ्त की रेवड़ियां भी कहा जाता है। केजरीवाल की फ्रीबीज पॉलिटिक्स को मुफ्त की रेवड़ियां बताकर और देश के लिए घातक बताकर खारिज करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी भी इसी होड़ में कूद गए। बीजेपी ने भी महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये, त्योहारों पर मुफ्त सिलिंडर, बुजुर्गों के लिए बढ़ी हुई पेंशन, मुफ्त इलाज जैसे लोकलुभावन वादे किए। साथ में ये भी कि आम आदमी पार्टी की सरकार की तरफ से चलाई जा रहीं मुफ्त वाली योजनाओं को भी जारी रखेंगे। इस चुनाव से पहले तक बीजेपी दिल्ली में मुफ्त की रेवड़ियों का विरोध किया था लेकिन इस बार उसने केजरीवाल के ही हथियार से केजरीवाल को मात दे दी। ये बात दीगर है कि फ्रीबीज पॉलिटिक्स से दिल्ली की इकॉनमी का कचूमर निकलता है, सत्ता तो आ ही गई। 5- केंद्रीय बजट दिल्ली में आम आदमी पार्टी की हार के कारणों में केंद्रीय बजट को भी गिना ही जाएगा। चुनाव से ठीक पहले जिस तरह बजट में मध्यम वर्ग को बड़ी सौगात दी गई, 12 लाख रुपये तक की आमदनी और वेतनभोगियों के मामले में तो 12.75 लाख रुपये तक की सालाना आमदनी को इनकम टैक्स से मुक्त करने का जो ऐलान हुआ, उसका सीधा लाभ बीजेपी को दिल्ली चुनाव में मिला है। 6-अरविंद केजरीवाल की गैर-जिम्मेदार राजनीति अरविंद केजरीवाल ने सियासत में कदम रखते ही अलग तरह की राजनीति के नाम पर बिना किसी सबूत या आधार के बाकी सभी पार्टियों और उनके नेताओं को थोक के भाव में चोर-बेईमान का सर्टिफिकेट बांटना शुरू किया था। ये सिलसिला तब खत्म हुआ जब उन्हें नितिन गडकरी, कपिल सिब्बल, अवतार सिंह भड़ाना जैसे तमाम नेताओं से अदालतों में माफी मांगनी पड़ी। खैर इन सबका उन्हें राजनीतिक नुकसान नहीं उठाना पड़ा, बस ये फर्क पड़ा कि हर विरोधी नेता को चोर बताने की उनकी आदत छूट गई। लेकिन इस बार के दिल्ली … Read more

छत्तीसगढ़ में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों के मामलों का त्वरित किया जा रहा निपटारा

बिलासपुर छत्तीसगढ़ में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों के मामलों का त्वरित निपटारा किया जा रहा है। उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने कमजोर वर्ग, विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों के शीघ्र समाधान और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया है। इसका सकारात्मक असर दिख रहा है। मुख्य न्यायाधीश के निर्देशानुसार, छत्तीसगढ़ में 28 विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित किए गए हैं, जहां न्यायिक अधिकारियों को नियुक्त किया गया है। इन कोर्ट्स में महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई हो रही है, जिससे पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल रहा है। लेटेस्ट और ट्रेंडिंग स्टोरीज नवंबर 2019 से जनवरी 2025 तक इन फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 8,500 नए मामलों को दर्ज किया। वहीं, इसी अवधि में 10,006 मामलों का निराकरण किया गया। यह दिखाता है कि इन मामलों की निपटान दर 118 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जो न्यायिक प्रक्रिया में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। पीड़ितों को दिया जा रहा मुआवजा मुख्य न्यायाधीश द्वारा स्वप्रेरणा से दायर जनहित याचिका (पीआईएल) क्रमांक- 23/2024 में पारित आदेश के अनुसार, महिलाओं से जुड़े आपराधिक मामलों में पीड़ितों को आर्थिक मुआवजा देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत अब तक 26,41,00,200 रुपये (26.41 करोड़ रुपये) की राशि पीड़ितों को वितरित की जा चुकी है। अपराधों की संख्या में आई कमी तेजी से मामलों के निराकरण के चलते महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों में गिरावट देखी गई है। इससे समाज में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है और पीड़ितों को राहत मिल रही है। फास्ट ट्रैक कोर्ट की इस सफलता ने छत्तीसगढ़ को त्वरित न्याय प्रणाली के क्षेत्र में अग्रणी बना दिया है। महिलाओं व बच्चों को न्याय देने की इस पहल से समाज में न्याय की नई रोशनी फैली है। कानून का पालन करना सभी का कर्तव्य पेंड्रारोड की जिला एवं सत्र न्यायाधीश ज्योति अग्रवाल औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र गौरेला में पहुंची। यहां लगाए गए विधिक साक्षरता शिविर में उन्होंने कहा कि कानून का पालन करना हर नागरिक का कर्तव्य है। इसके लिए कानून की जानकारी आवश्यक है। उन्होंने संस्था में मौजूद 220 छात्र-छात्राओं को कानून की जानकारी दी। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिराजुद्दीन कुरैशी के मार्गदर्शन में विधिक जागरूकता शिविर तालुका विधिक सेवा समिति पेंड्रारोड के द्वारा किया गया। इन मामलों की दी गई जानकारी इस मौके पर तालुका विधिक सेवा समिति पेंड्रारोड की अध्यक्ष एवं जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश ज्योति अग्रवाल के मार्गदर्शन में शिविर आयोजित किया गया। विधिक शिविर में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश अग्रवाल ने निश्शुल्क अधिवक्ता से संबंधित, नेशनल लोक अदालत में राजीनामा योग्य प्रकरणों से संबंधित, मोटर यान अधिनियम एवं साइबर अपराध से संबंधित जानकारी दी गई। शिविर में पैरालीगल वालेंटियर लीलावती राठौर एवं अनिल कुमार रैदास उपस्थित थे। शिविर में प्राचार्य डीएस आर्मो एवं शिक्षक सुरेंद्र चतुर्वेदी, अरविंद पांडेय, हरीश जांगड़े, सुमित तिवारी, टेकलाल पाटले, मिनी आभा पांडेय, भारती छलके अन्य उपस्थित थे।   recent visitors 49

बजट में मोदी सरकार का टैक्स छूट वाला दांव दिल्ली चुनाव में मास्टरस्ट्रोक हुआ साबित

नई दिल्ली  दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 का रिजल्ट लगभग आ चुका है। बीजेपी दिल्ली में सरकार बनाती हुई साफ दिखाई दे रही है। इसकी सिर्फ औपचारिकता ही बाकी है। आम आदमी पार्टी की करारी हार हो चुकी है। बीजेपी राष्ट्रीय राजधानी में 27 साल बाद सरकार बनाएगी। 8वें वेतन आयोग और 12 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स फ्री करने की घोषणा, ये दो ऐसे कारण रहे जिनसे बीजेपी को फायदा हुआ। दिल्ली में ऐसे काफी लोग हैं जिनकी सैलरी 12 लाख रुपये सालाना है। इतनी सैलरी इनकम टैक्स फ्री करने से ऐसे लोगों को फायदा होगा। वहीं दिल्ली में रहने वाले केंद्र सरकार के रिटायर कर्मचारियों की संख्या भी काफी है। केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। इन दो कारणों से भी दिल्ली का मिडिल क्लास वोटर बीजेपी के पक्ष में जाता नजर आया है। 8वां वेतन आयोग केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग को बनाने की घोषणा की है। इससे करीब 50 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी मिलेगी। 8वां वेतन आयोग लागू होने से न केवल केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी होगी, बल्कि महंगाई भत्ता (डीए) भी बढ़ेगा। इसके अलावा 8वें वेतन आयोग से करीब 65 लाख रिटायर्ड केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों की पेंशन और भत्ते में भी बढ़ोतरी होगी। केंद्रीय कर्मचारियों की दिल्ली में अच्छी खासी संख्या है। वहीं यहां काफी रिटायर्ड कर्मचारी भी रहते हैं। ऐसे में उन्हें बीजेपी में एक उम्मीद दिखाई दी और इनका अधिकतर वोट बीजेपी के पक्ष में जाता दिखाई दिया। इनकम टैक्स में कटौती इस महीने एक फरवरी को केंद्रीय बजट आया था। इसमें सरकार ने सालाना 12 लाख रुपये तक की सैलरी वालों का इनकम टैक्स जीरो कर दिया है। दिल्ली में ऐसे लोगों की संख्या काफी है जिनकी सालाना सैलरी 12 लाख रुपये तक है। वहीं दूसरी ओर सरकार ने इनकम टैक्स की नई व्यवस्था को भी संशोधित किया है। इसके स्लैब में बदलाव होने से लोगों को अब कम इनकम टैक्स चुकाना होगा। इनकम टैक्स में हुए इन बदलावों को देखते हुए हाई सैलरीड क्लास वर्ग भी बीजेपी के पक्ष में नजर आया। इसके अलावा इनकम टैक्स में राहत से मिडिल क्लास भी काफी खुश नजर आया और उनसे भी बीजेपी की जीत में अपना योगदान दिया। recent visitors 50

भारतीय रेलवे ने 15 फरवरी से शुरू की इन रूट्स पर 10 स्पेशल ट्रेन, वेटिंग होने से पहले बुक कर लें टिकट

भोपाल रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। रेलवे ने फरवरी में यूपी, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के रास्ते 10 स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है।इन स्पेशल ट्रेनों का परिचालन फरवरी मेंअलग-अलग तिथि को किया जाएगा। यात्री अपनी सुविधा के हिसाब से टिकट बुकिंग करा सकते हैं। गाड़ी संख्य 69233/69234 वड़ोदरा-दाहोद-वड़ोदरा मेमू समेत एक दर्जन ट्रेनें 28 फरवरी तक निरस्त रहेगी।यात्री इन स्पेशल ट्रेनों के ठहराव की विस्तृत जानकारी रेल मदद नम्बर 139 या फिर www.enquiry.indianrail.gov.in या NTES App पर जाकर भी डिटेल्स प्राप्त कर सकते हैं। फरवरी में चलेगी ये स्पेशल ट्रेन     गाड़ी संख्या 09537 राजकोट-बनारस ट्रेन 15 और 19 फरवरी को राजकोट से सुबह 06.05 बजे रवाना होकर अगले दिन 02.45 बजे बनारस पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 09538 बनारस-राजकोट ट्रेन 16 और 20 फरवरी को बनारस से शाम 07.30 बजे रवाना होकर तीसरे दिन तड़के 04.10 बजे राजकोट पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 09555 भावनगर टर्मिनस-बनारस 16 व 20 फरवरी को भावनगर से सुबह 5 बजे रवाना होगी, और अगले दिन दोपहर 2:45 बजे बनारस पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 09556 बनारस-भावनगर टर्मिनस 17 और 21 फरवरी को रात 7:30 बजे बनारस से रवाना होकर तीसरे दिन सुबह 5 बजे भावनगर पहुंचेगी।यह महेसाना, पालनपुर, आबूरोड, ब्यावर, अजमेर, किशनगढ, जयपुर, भरतपुर, आगरा फोर्ट, फतेहपुर, प्रयागराज समेत कई स्टेशनों पर रूकेगी।     गाड़ी संख्या 09453, साबरमती-बनारस महाकुंभ मेला स्पेशल रेलसेवा दिनांक 21.02.25 को (01 ट्रिप) साबरमती से 11.00 बजे रवाना होकर जयपुर स्टेशन पर 23.10 बजे आगमन व 23.20 बजे प्रस्थान कर अगले दिन 16.00 बजे बनारस पहुंचेगी।यह महेसाणा, पालनपुर, आबूरोड,ब्यावर, अजमेर, किशनगढ, जयपुर, भरतपुर, आगराफोर्ट,इटावा,फतेहपुर, प्रयागराज समेत कई स्टेशनों पर रुकेगी।     गाड़ी संख्या 09454, बनारस-साबरमती महाकुंभ मेला स्पेशल रेलसेवा दिनांक 22.02.25 को (01 ट्रिप) बनारस से 19.30 बजे रवाना होकर अगले दिन जयपुर स्टेशन पर 13.15 बजे आगमन व 13.20 बजे प्रस्थान कर दिनांक 24.02.25 को 00.30 बजे साबरमती पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 09139 विश्वामित्री-बलिया महाकुंभ स्पेशल 22 फ़रवरी को सुबह 8:35 बजे विश्वामित्री से चलकर दाहोद (12:12/12:14), रतलाम (1:35/1:45), नागदा (2:38/2:40), उज्जैन (3:55/4:05) व शुजालपुर (5:58/6:00) बजे होती हुई अगले दिन 20:30 बजे बलिया पहुंचेंगी।     गाड़ी संख्या 09140 बलिया-विश्वामित्री महाकुंभ स्पेशल 23 फरवरी को रात 11:30 बजे बलिया से चलकर शुजालपुर (1:27/1:29), उज्जैन (3:40/3:50), नागदा (4:40/4:42), रतलाम (5:20/5:30), दाहोद (7:01/7:03) होती हुई सोमवार सुबह 10:05 बजे विश्वामित्री पहुंचेंगी।     गाड़ी संख्या 01203 नागपुर-दानापुर कुंभ मेला स्पेशल  08 फरवरी को नागपुर से 15:00 बजे खुल कर अगले दिन 06:20 बजे प्रयागराज छिवकी रुकते हुए 13:00 बजे दानापुर पहुंचेगी।     गाड़ी संख्या 01204 दानापुर-नागपुर कुंभ मेला स्पेशल 09 फरवरी को दानापुर से 14:30 बजे खुल कर 21.25 बजे प्रयागराज छिवकी रुकते हुए अगले दिन 11:40 बजे नागपुर पहुंचेगी। 28 फरवरी तक ये ट्रेने रद्द     ट्रेन नंबर 12355 अर्चना एक्सप्रेस 8, 11, 15, 18, 22, 24 फरवरी तक ।ट्रेन नंबर12356 अर्चना एक्सप्रेस  9, 12, 16, 19, 23, 25 फरवरी तक ।     ट्रेन नंबर 15655 कामाख्या-माता वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस 9, 16, 23 फरवरी तक ।ट्रेन नंबर 15656 माता वैष्णो देवी कटरा-कामाख्या एक्सप्रेस 12, 19, 26 फरवरी तक।     ट्रेन नंबर 12469 कानपुर-जम्मू एक्सप्रेस 12, 14, 19, 21, 26, 28 फरवरी के लिए ।ट्रेन नंबर 12470 जम्मू-कानपुर एक्सप्रेस  11, 13, 18, 20, 25, 27 फरवरी तक।     ट्रेन नंबर 12491 बरौनी-जम्मू मोरध्वज एक्सप्रेस 9, 16, 23 फरवरी तक।ट्रेन संख्या- 8035/18036, खड़गपुर-हटिया-खड़गपुर एक्सप्रेस 9 फरवरी तक।     ट्रेन नंबर 12492 जम्मू-बरौनी मोरध्वज एक्सप्रेस  14, 21, 28 फरवरी तक।     ट्रेन नंबर 14611 गाजीपुर-वैष्णो देवी कटरा एक्सप्रेस 14, 21, 28 फरवरी तक।     ट्रेन नंबर 14612 वैष्णो देवी कटरा-गाजीपुर एक्सप्रेस 13, 20 और 27 फरवरी तक । recent visitors 28

सैटेलाइट नेटवर्क से ग्रामीण इलाकों में पहुंचा इंटरनेट

नई दिल्ली एलन मस्क हो या जियो… अभी सभी कंपनियों का पूरा फोकस सैटेलाइट नेटवर्क पर है। दरअसल इस नेटवर्क की मदद से सभी कंपनियों की यूजर्स तक पकड़ काफी आसान होने वाला है। लेकिन अभी बहुत सारे लोगों के मन में सवाल है कि आखिर सैटेलाइट नेटवर्क या सैटेलाइट इंटरनेट क्या चीज है और ये कैसे काम करता है। ऐसे बहुत सारे मौके साबित हुए हैं जब इस तकनीक ने लोगों की काफी मदद की है। आज हम आपको इसके बारे में जानकारी देने जा रहे हैं तो चलिये आपको भी इसके बारे में बताते हैं- सैटेलाइट नेटवर्क सैटेलाइट नेटवर्क की जगह पहले हम अभी उपलब्ध नेटवर्क की बात करते हैं। इंटरनेट की बात करें तो इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स को इंटरनेट सिग्नल Fiber की मदद से मिलता है और ये डेटा सर्वर से आता है। इस सिग्नल को सेंट्रल स्टेशन पर भेजा जाता है और फिर इसे मॉडम या सब्सक्राइबर्स को वितरित किया जाता है। अब इसमें क्या होगा कि बीच में सैटेलाइट की एंट्री होगी और इंटरनेट सिग्नल सैटेलाइट की मदद से वितरित किया जाएगा। पृथ्वी से सिग्नल सैटेलाइट को दिया जाएगा और फिर इसे अलग-अलग राउटर पर ट्रांसफर कर दिया जाएगा। ग्राउंड स्टेशन की मदद से नेटवर्क को सैटेलाइट को भेज दिया जाएगा और ये हर किसी को नेटवर्क ट्रांसफर करेगा। सैटेलाइट की मदद से नेटवर्क वितरित करने का सबसे बड़ा फायदा होगा कि ये ग्रामीण इलाकों में भेजा जाएगा। यही इसका सबसे बड़ा फायदा होता है। साथ ही नेटवर्क की पहुंच भी ज्यादा हो जाती है। सैटेलाइट नेटवर्क हर लिहाज से पॉजिटिव साउंड करता है। एलन मस्क की तरफ से भी इस पर तेजी से काम किया जा रहा है। वोडाफोन-आइडिया की तरफ से हाल ही में सैटेलाइट नेटवर्क की मदद से कॉलिंग भी की गई है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि भारत में भी बहुत जल्द इस नेटवर्क की शुरुआत हो सकती है। recent visitors 54