आज तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला अपने नाम करने के इरादे से मैदान पर उतरेगा भारत

कटक श्रृंखला के शुरूआती मैच में शानदार प्रदर्शन से उत्साहित भारत रविवार को बाराबती स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले दूसरे मैच में रविवार को तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला अपने नाम करने के इरादे से मैदान पर उतरेगा वहीं मेहमान इंग्लैंड सीरीज को जीवित रखने के लिए पुरजोर कोशिश करेगा। नागपुर में पहले वनडे में आसान जीत हासिल करने के बाद, भारतीय टीम मुकाबले में लय के साथ उतरेगी। हालाँकि, कप्तान रोहित शर्मा की फॉर्म को लेकर चिंता बनी हुई है। आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी से पहले केवल दो मैच बचे हैं और सलामी बल्लेबाज अपनी फार्म को वापस पाने के लिये बेकरार होगा। रोहित ने मैच से पहले कहा, “मैं बस यही चाहता हूं कि हम यह सुनिश्चित करते रहें कि हम जितनी बार संभव हो सही चीजें करें। ऐसा कुछ भी खास नहीं है जिसे हम हासिल करना चाहते हैं। हम सिर्फ गेंदबाजी, बल्लेबाजी और अन्य पहलुओं को चुस्त दुरुस्त और अधिक बेहतर रखना पसंद करेंगे।” नागपुर में पदार्पण मैच पर प्रभावित करने वाले युवा तेज गेंदबाज हर्षित राणा अपने प्रदर्शन को आगे बढ़ाना चाहेंगे। हालाँकि इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाजों ने उन्हें शुरू में ही दबाव में डाल दिया था, लेकिन उन्होंने जोरदार वापसी की और तीन महत्वपूर्ण विकेट लेकर मेहमान टीम को 248 रन पर रोक दिया। दूसरे वनडे में इंग्लैंड के शीर्ष क्रम के खिलाफ उनकी भूमिका अहम साबित हो सकती है। रन मशीन विराट कोहली की वापसी से भारत के बल्लेबाजी क्रम में बदलाव देखने को मिल सकता है। अनुभवी बल्लेबाज घुटने में दर्द के कारण पहला वनडे नहीं खेल सके और इस मैच में उनकी भागीदारी की अभी भी साफ नहीं हुई है। यदि वह लौटते हैं, तो टीम प्रबंधन को कठिन निर्णय का सामना करना पड़ेगा कि किसे बाहर रखा जाए, क्योंकि उनकी जगह लेने वाले श्रेयस अय्यर ने सफल रन चेज़ में शानदार अर्धशतक बनाया है। अय्यर ने मैच के बाद कहा था, “हम सभी जानते हैं, दुर्भाग्य से, एक खिलाड़ी चोटिल हो गये और फिर मुझे मौका मिला। लेकिन मैंने खुद को तैयार रखा। मुझे पता था कि किसी भी समय, मुझे मौका मिल सकता है।” दूसरी ओर, इंग्लैंड वापसी के लिए बेताब होगा। श्रृंखला के शुरुआती मैच में उनकी बल्लेबाजी लड़खड़ा गई और उन्हें अपने मध्यक्रम से मजबूत प्रयास की जरूरत होगी। मेहमान भारत की मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप को रोकने के लिए अपने गेंदबाजों पर भी भरोसा करेंगे, जिन्होंने नागपुर में आसानी से लक्ष्य का पीछा किया था। दोनों टीमों के बीच बहुत कुछ दांव पर होने के कारण, बाराबती स्टेडियम में क्रिकेट प्रशंसकों के लिए एक रोमांचक मुकाबला इंतजार कर रहा है। भारत की जीत सीरीज पर कब्जा कर लेगी, जबकि इंग्लैंड सीरीज को निर्णायक मुकाबले में धकेलने के लिए बेताब होगा। टीम इंडिया: रोहित शर्मा (कप्तान), शुबमन गिल, श्रेयस अय्यर, यशस्वी जयसवाल, विराट कोहली, ऋषभ पंत, केएल राहुल, रवींद्र जडेजा, अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, हर्षित राणा, कुलदीप यादव, मोहम्मद शमी, वरुण चक्रवर्ती। टीम इंग्लैंड: जोस बटलर (कप्तान), हैरी ब्रूक, बेन डकेट, जो रूट, फिलिप साल्ट, जेमी स्मिथ, जैकब बेथेल, ब्रायडन कार्स, लियाम लिविंगस्टोन, जेमी ओवरटन, जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, साकिब महमूद, आदिल राशिद, मार्क वुड।   recent visitors 63

बेंगलुरु में पब और नाइटलाइफ क्षेत्र में अभूतपूर्व संकट, पिछले एक साल में 40 से अधिक पब बंद हो गए

बेंगलुरु  कर्नाटक का आईटी हब बेंगलुरु, जहां देशभर से आए सॉफ्टवेयर इंजीनियर्स रहते हैं। यह वह शहर है जहां पांच दिन दफ्तरों पर भीड़ रहती है और वीकेंड्स पर बार और पब फुल रहते हैं। सुबह तक इतनी शराब पी जाती है कि बार-पब्स का पूरे हफ्ते की आमदनी दो दिनों में होती है। लेकिन अब यहां लग रहा है कि इंजीनियर्स में पार्टी का बुखार खत्म हो गया है। शहर का पब और नाइटलाइफ क्षेत्र एक अभूतपूर्व संकट से जूझ रहा है, क्योंकि पिछले एक साल में 40 से अधिक पब बंद हो गए हैं। उद्योग जगत के लिकर लीडर्स में अब टेंशन बढ़ गई है। उनका मानना है कि पब्स के बंद होने के पीछे बढ़ती संचालन लागत, फुट-फॉल में 0.20-25 प्रतिशत की गिरावट और सरकार के लगाए गए मूल्य वृद्धि है। बेंगलुरु में 2000 से ज्यादा पब पब मालिक तत्काल कर्नाटक राज्य सरकार से नीतिगत सुधारों, वित्तीय सहायता और सुव्यवस्थित प्रक्रियाओं के लिए आह्वान कर रहे हैं ताकि उनके व्यवसाय को बनाए रखने में मदद मिल सके। बेंगलुरु में 2000 से ज्यादा पब और शराब बनाने के कारखाने हैं। पिछले दिनों से कोरमंगला जैसे क्षेत्रों में कुछ सबसे गंभीर प्रभाव दिख रहे हैं। जहां पिछले साल कई पब बंद हो गए।  रिपोर्ट के अनुसार, नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) बेंगलुरु चैप्टर के सचिव अनंत नारायण ने चेतावनी दी कि जब तक सरकार बहुत जरूरी राहत नहीं देती, तब तक बंद होने की दर बढ़ सकती है। पब के बजाय हो रहीं हाउस पार्टियां? पब्स में घटती भीड़ के पीछे कुछ लोग अन्य कारण भी बताते हैं। लोगों में सोशल बिहेवियर चेंज देखने को मिल रहा है। अब वे बाहर जाकर पार्टी करने की बजाए घर पर पार्टीज करना पसंद कर रहे हैं। यही कारण है कि पबों में कम ग्राहक आए हैं। इसके अतिरिक्त, कॉर्पोरेट खर्च में कमी और नौकरी की असुरक्षा ने रात्रि जीवन की घटती मांग में योगदान दिया है। यह क्षेत्र, जिसका मूल्य 600 करोड़ रुपये से 1,000 करोड़ रुपये के बीच है, भारी वित्तीय दबाव का सामना कर रहा है, जिसमें अचल संपत्ति और वेतन सहित परिचालन लागत सालाना लगभग 10 प्रतिशत बढ़ रही है, जबकि मुनाफे में गिरावट जारी है। बढ़ीं चुनौतियां चिन लंग रेस्टो बार चेन के मालिक प्रज्वल लोकेश ने जोर देकर कहा कि कर्मचारियों की चुनौतियों और भयंकर प्रतिस्पर्धा ने स्थिति को और बढ़ा दिया है। जबकि कर्मचारियों को कुशल बनाना और रुझानों के साथ बने रहना महत्वपूर्ण है। इस मार्केट में कभी छोटे प्रतिष्ठानों का वर्चस्व था, अब मुख्य रूप से छूट-उन्मुख मानसिकता से संचालित है, जिससे नए उद्यमों की सफलता की संभावना कम हो जाती है। जटिल है लाइसेंस की प्रक्रिया जटिल और बोझिल लाइसेंस प्रक्रिया एक और महत्वपूर्ण बाधा है। पब मालिकों को कानूनी रूप से संचालित करने के लिए कम से कम नौ अलग-अलग लाइसेंस प्राप्त करने होते हैं। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें हाल ही में मूल्य वृद्धि की गई है। बीयर की कीमतों में वृद्धि ने, विशेष रूप से, अतिरिक्त तनाव पैदा कर दिया है, कुछ प्रतिष्ठान अतिरिक्त लागतों का प्रबंधन करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कर्नाटक आबकारी आयुक्त आर. वेंकटेश कुमार ने बीयर और भारतीय निर्मित शराब (आईएमएल) पर हाल ही में शुल्क वृद्धि का बचाव किया। उन्होंने कहा, कि वृद्धि मामूली थी और मुख्य रूप से उच्च-स्तरीय उत्पादों को टारगेट किया गया था। उन्होंने कहा कि निचले स्तर के उत्पाद, जो उद्योग के लिए अधिकांश राजस्व उत्पन्न करते हैं, अप्रभावित रहे। यह स्वीकार करते हुए कि मुद्रास्फीति ने कुछ लागतों को बढ़ाया है, उन्होंने समग्र क्षेत्र पर शुल्क वृद्धि के प्रभाव को कम किया। recent visitors 53

EPFO :15 फरवरी तक पूरा कर लें ये काम वरना नहीं मिलेगा ये लाभ

नई दिल्ली  कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees Provident Fund Organization) के कर्मचारियों-खाताधारकों के लिए जरूरी खबर है। ईएलआई योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए यूएएन एक्टिवेशन और बैंक खातों के साथ आधार सीडिंग की समय सीमा एक बार फिर बढ़ा दी गई है, अब कर्मचारी 15 फरवरी 2025 तक ये काम पूरा कर सकते है। ध्यान रहे एम्प्लॉयमेंट लिंक्ड इंसेंटिव स्कीम का लाभ उठाने के लिए EPFO मेंबर्स को अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर एक्टिवेट करना और बैंक अकाउंट में आधार लिंक करना जरूरी है।EPFO ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि EPFO के अंतर्गत आने वाले नियोक्ता ध्यान दें!ELI योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए UAN एक्टिवेशन और बैंक खातों के साथ आधार सीडिंग की समय सीमा 15 फरवरी 2025 तक बढ़ा दी गई है।कर्मचारियों को सुचारू लाभ के लिए समय पर अनुपालन सुनिश्चित करें! क्या है ईएलआई स्कीम     केन्द्र सरकार ने बजट-2024 में ELI स्कीम की घोषणा की थी, इस स्कीम में 3 तरह की योजनाएं शामिल हैं, A, B और C। तीनों ही योजनाओं का मकसद एंप्लायमेंट जेनरेशन को बढ़ावा देना और नए कर्मचारियों को आर्थिक मदद मुहैया कराना है।     EPFO के प्रत्येक सब्सक्राइबर के पास आधार से जुड़ा UAN होना आवश्यक है, जिसे सदस्य पोर्टल पर लॉगिन बनाकर सक्रिय करना होगा ताकि सिंगल विंडो से कई सुविधाएं प्राप्त की जा सकें।     वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में रोजगार से जुडी प्रोत्साहन योजना के लिए 3 योजना ए,बी और सी की घोषणा की गई थी।ELI  का मुख्य उद्देश्य नई नौकरियां बढ़ाना और कर्मचारियों व नियोक्ताओं को मदद देना है।     इसमें 2 लाख करोड़ रुपये के खर्च के साथ 5 साल में 4.1 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार, कौशल और दूसरे मौके पैदा करने का टार्गेट रखा गया है।ईएलआई स्कीम का टार्गेट 2 साल में 2 करोड़ से ज्यादा जॉब्स पैदा करना है।     योजना के तहत जो पहली बार नौकरी कर रहे हैं, उन कर्मचारियों को 15,000 रुपए तक की सैलरी तीन किश्तों में दी जाएगी। यह पैसा सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में जाएगा।     इस योजना में नियोक्ता और नए कर्मचारियों को EPFO योगदान पर 4 साल तक इंसेंटिव मिलेगा।इसमें हर नए कर्मचारी पर सरकार नियोक्ता को 3,000 रुपए प्रति माह देगी।यह मदद दो साल तक मिलेगी। नियोक्ता ज्यादा लोगों को नौकरी पर रख सकेंगे। 1 लाख रुपए तक की सैलरी वाले कर्मचारी भी इसका लाभ ले सकते हैं। UAN नंबर कैसे एक्टिवेट करें     सबसे पहले ईपीएफओ की वेबसाइट epfindia.gov.in पर जाएं।      सर्विसेंज सेक्शन में For Employees पर क्लिक करें।     सर्विसेज कॉलम में दूसरे स्थान पर नजर आ रहे Member UAN Online Service OCS OTCP पर क्लिक करें।     इसके बाद Activate UAN पर क्लिक करें।     अब 12 डिजिट वाला UAN और आधार नंबर, नाम, डेट ऑफ बर्थ, आधार लिंक मोबाइल नंबर, कैप्चा कोड आदि भरें।     नीचे दिए गए डिक्लेयरेशन के चेक बॉक्स पर क्लिक करें।     Get Authorization Pin बटन पर क्लिक करें।     अब ओटीपी को भरें और सबमिट बटन पर क्लिक करें।     इस तरह से आपका UAN एक्टिवेट हो गया है। recent visitors 58

प्रसव कक्ष में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर को नवजात शिशुओं की देखभाल और उपचार के बारे में एम्स के विषय विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी जाएगी

भोपाल  मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय भोपाल द्वारा नवजात शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। जिसमें सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट, एन बी सी सी, एन बी एस यू और प्रसव कक्ष में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर को नवजात शिशुओं की देखभाल और उपचार के बारे में एम्स के विषय विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण में शासकीय और निजी चिकित्सा महाविद्यालयों और अस्पतालों के नर्सिंग अधिकारी शमिल होंगे। एम्स के विषय विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी जाएगी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि नवजात शिशुओं का स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है। नवजात देखभाल और उपचार सेवाओं को और बेहतर करने के लिए उन्मुखीकरण प्रशिक्षण आयोजित किया गया है।  मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय भोपाल द्वारा नवजात शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। जिसमें सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट, एन बी सी सी, एन बी एस यू और प्रसव कक्ष में कार्यरत नर्सिंग ऑफिसर को नवजात शिशुओं की देखभाल और उपचार के बारे में एम्स के विषय विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण में शासकीय और निजी चिकित्सा महाविद्यालयों और अस्पतालों के नर्सिंग अधिकारी शमिल होंगे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी ने बताया कि नवजात शिशुओं का स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है। नवजात देखभाल और उपचार सेवाओं को और बेहतर करने के लिए उन्मुखीकरण प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। recent visitors 63

ग्रीस के खूबसूरत सेंटोरिनी द्वीप पर भूकंप का आना लगातार जारी, आपात स्थिति घोषित

एथेंस  ग्रीस के खूबसूरत सेंटोरिनी द्वीप पर भूकंप का आना लगातार जारी है। पर्यटकों की पंसदीदा इस जगह पर पिछले दो हफ्तों में 7,700 से ज्यादा बार भूकंप के झटके महसूस किए जा चुके हैं। इनमें कई दफा भूकंप की तीव्रता 5.0 के आसपास रही है। इस स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में आपातकाल की घोषणा कर दी गई है। यहां आए सभी पर्यटकों को निकाल लिया गया है, जबकि कई इलाकों से स्थानीय लोगों को भी सुरक्षित जगहों पर भेजा गया है। भूकंपों का असर सेंटोरिनी के ज्वालामुखी पर भी पड़ा है। इस घटनाक्रम ने सेंटोरिनी के लोगों को 1956 के भयावह भूकंप की याद दिला दी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सेंटोरिनी में भूकंप का दौर 26 जनवरी से शुरू हुआ। इसके बाद से लगातार भूकंप आ रहे हैं। सबसे ज्यादा झटके इस हफ्ते मंगलवार को आए, जब एक ही दिन में 1300 बार धरती हिली। इनमें से कुछ की तीव्रता 4.9 से 5.0 तक थी। इससे लोगों में दहशत फैली हुई है। ग्रीस के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोटाकिस ने सेंटोरिनी के हालात का जायजा लिया है। उन्होंने कहा है कि सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए है, लोग शांति बनाए रखें। ज्वालमुखी का भी डर भूकंप का असर सेंटोरिनी के ज्वालामुखी पर भी देखा गया है। सैटेलाइट से मिले रडार डेटा के आधार पर थेसालोनिकी के एरिस्टोटल यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर माइकलिस फॉउमेलिस ने बताया है कि हमें ज्वालामुखी में कुछ बदलाव दिख रहे हैं। पहले यह शांत था लेकिन अब इसमें हलचल हुई है। हालांकि यह बदलाव बहुत ज्यादा नहीं हैं। आने वाले दिनों में पूरी तस्वीर साफ होगी। भूकंपों के झटके और ज्वालामुखी की आशंका को देखते हुए सरकार तैयारी कर रही है। एहतियातन 15,000 लोगों को द्वीप से निकाला जा चुका है। इनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं। पुरुष अपने घरों में ही रुके हुए हैं। एक महिला क्रिसा पप्पस ने कहा कि पुरुष फिलहाल घरों की देखभाल के लिए रुके हैं। हम सब बहुत डरे हुए हैं। हमारा द्वीप लगातार हिल रहा है और किसी को नहीं पता कि आगे क्या होगा। 1956 जैसे हालात होने का डर! ग्रीक भूकंपविज्ञानी अकिस त्सेलेपिस ने चेतावनी दी है कि 1956 के विनाशकारी भूकंप के लिए जिम्मेदार फॉल्ट लाइन फिर से सक्रिय हो गई है। 69 साल पहले आए इस भूकंप में 50 लोग मारे गए थे और सैकड़ों घायल हुए थे। उन्होंने कहा कि भूकंपीय गतिविधि कम नहीं हो रही है बल्कि यह गति पकड़ रही है। आशंका है कि हम फिर से उसी परिमाण का भूकंप देख सकते हैं। recent visitors 50

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट : स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश जारी

भोपाल भोपाल में 24 व 25 फरवरी को प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा व्यवस्था के संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय भोपाल द्वारा सभी शासकीय और निजी चिकित्सा संस्थाओं को चिकित्सा सेवाओं की तैयारी करने हेतु कहा गया है। 24 एवं 25 फरवरी को आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सहित वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री, अधिकारीगण, मल्टीनेशनल कंपनियों के प्रतिनिधि, उद्योगपति एवं गणमान्य नागरिक शामिल होंगे। तैयारी रखने के निर्देश समिट के दौरान 23 से 26 फरवरी के बीच पी एम श्री एयर एम्बुलेंस सर्विसेज को आकस्मिक स्थिति के लिए एयर एम्बुलेंस तैयार रखने हेतु कहा गया है। भोपाल जिले में संचालित सभी 108 एम्बुलेंस तथा उनके उपकरणों की कार्यशीलता सुनिश्चित की जा रही है। आवश्यक होने पर अन्य जिलों की 108 एम्बुलेंस को भी तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। अतिथियों के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक बिंदु पर समीक्षा कर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। सी एम एच ओ भोपाल डॉ प्रभाकर तिवारी द्वारा जारी निर्देशों में चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ , सपोर्ट स्टाफ की उपलब्धता , आकस्मिक स्थिति हेतु पर्याप्त संख्या में बेड्स की व्यवस्था, ऑपरेशन थिएटर, विभिन्न समूह के रक्त की व्यवस्था, जीवन रक्षक उपकरणों, औषधियां, ऑक्सीजन, वेंटीलेटर, एचएफएनसी, सीपेप, एम्बुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु कहा गया है। पहले से ही रिहर्सल कर मुस्तैद रहने के आदेश जारी सभी स्वास्थ्य संस्थाओं को चिकित्सा सेवाओं के साथ साथ उपकरणों, एम्बुलेंस, विद्युत व्यवस्था, जनरेटर इत्यादि की कार्यशीलता के परीक्षण हेतु कहा गया है। वी आई पी कारकेड हेतु अत्यधिक मेडिकल उपकरणों से युक्त एम्बुलेंस, विशेषज्ञ चिकित्सकीय दल, ब्लड ग्रुप के आधार पर डोनर्स की व्यवस्था , शासकीय एवं निजी स्वास्थ्य संस्थाओं में आईसीयू कक्ष आरक्षित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम स्थल पर भी चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ एवं एम्बुलेंस की व्यवस्था की जाएगी। recent visitors 64

अगले महीने लगने वाला है सूर्य ग्रहण, पहला सूर्यग्रहण 29 मार्च को और दूसरा 21-22 सितंबर को होगा

इंदौर साल 2025 में चार बड़ी खगोलीय घटनाएं होने वाली हैं- दो सूर्य ग्रहण (सूर्य ग्रहण) और दो चंद्र ग्रहण (चंद्र ग्रहण)। साल का पहला सूर्य ग्रहण, एक गहरा आंशिक ग्रहण, 29 मार्च, 2025 को होगा। हालांकि, यह घटना भारत में दिखाई नहीं देगी। 29 मार्च को होने वाला सूर्य ग्रहण आंशिक होगा, जिसका मतलब है कि चंद्रमा सूर्य की सतह के केवल एक हिस्से को ही ढकेगा। खगोलविदों के अनुसार, चंद्रमा की केंद्रीय छाया पृथ्वी को नहीं छुएगी, जिसका मतलब है कि कोई पूर्ण ग्रहण नहीं होगा। जबकि यूरोप के अधिकांश हिस्से आंशिक सूर्य ग्रहण देखेंगे, भारत इस खगोलीय घटना को नहीं देख पाएगा। यह घटना यूरोप, एशिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका और अटलांटिक और आर्कटिक महासागरों के कुछ हिस्सों में दिखाई देगी।   इस साल होंगे दो सूर्यग्रहण वर्ष 2025 में दो सूर्यग्रहण होंगे, लेकिन जनवरी में कोई भी नहीं होगा। पहला सूर्यग्रहण 29 मार्च को और दूसरा 21-22 सितंबर को होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्यग्रहण को अशुभ माना जाता है और इस दौरान कोई भी शुभ कार्य करने से परहेज़ किया जाता है।   ग्रहण कब शुरू होगा? नासा के अनुसार, 29 मार्च को आंशिक सूर्य ग्रहण इस समय शुरू होगा: 4:50 AM EDT (पूर्वी डेलाइट टाइम) 8:43 AM GMT (ग्रीनविच मीन टाइम) सूर्य ग्रहण क्या है? सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है, जिससे हमारे ग्रह पर छाया पड़ती है। यह संरेखण केवल अमावस्या के चरण के दौरान होता है, जो इसे एक आकर्षक घटना बनाता है। 2025 में, पृथ्वी दो सूर्य ग्रहण देखेगी, जिनमें से दोनों आंशिक ग्रहण होंगे। वर्ष का दूसरा सूर्य ग्रहण सितंबर 2025 में बाद में होने की उम्मीद है। खुली आंखों से देखना आंखों के लिए घातक विशेषज्ञ सूर्य ग्रहण देखते समय सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। ग्रहण के दौरान नंगी आँखों से सूर्य को देखना आपकी आँखों को नुकसान पहुँचा सकता है। इस खगोलीय घटना का सुरक्षित रूप से आनंद लेने के लिए धूप का चश्मा, दूरबीन या सोलर व्यूअर जैसे सुरक्षात्मक गियर का उपयोग करना आवश्यक है। recent visitors 34