रिजवान और सलमान की जुगलबंदी से दक्षिण अफ्रीका पस्त, पाक छह विकेट से जीता

कराची पाकिस्तान ने वनडे ट्राई सीरीज 2025 के फाइनल में एंट्री कर ली है। पाकिस्तान ने बुधवार रात को साउथ अफ्रीका के खिलाफ 6 विकेट से यादगार जीत दर्ज की। साउथ अफ्रीका ने कराची के मैदान पर 353 रनों का लक्ष्य दिया, जिसे पाकिस्तान ने 49 ओवरों में चार विकेट के नुकसान पर हासिल किया। पाकिस्तान ने कप्तान मोहम्मद रिजवान और सलमान आगा के शतक के दम पर यह पहाड़ जैसा टारगेट चेज किया और नया कीर्तिमान रच डाला। पाकिस्तान ने अपने वनडे इतिहास का सबसे बड़ा टारगेट किया है। पाकिस्तान टीम ने पहली बार 350 प्लस का लक्ष्य हासिल किया है। लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान ने सधी हुई शुरुआत की। फखर जमां (41) और बाबर आजम (23) ने पहले विकेट के लिए 57 रन जोड़े। मुल्डर ने सातवें ओवर में बाबर को एलबीडब्ल्यू किया। कोर्बिन बॉश ने दसवें ओवर में सऊद शकील (15) का शिकार किया जबकि मुल्डर ने 11वें ओवर में फखर को पवेलियन भेजा। पाकिस्तान 91 रन पर तीन विकेट खोकर संघर्ष की स्थिति में आ गया था मगर रिजवान और सलमान ने बखूबी मोर्चा संभाला। दोनों ने साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों की बखिया उधेड़ते हुए चौथे विकेट के लिए 260 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी की। यह पाकिस्तान के लिए वनडे में तीसरी सबसे बड़ी पार्टनरशिप है। सलमान ने 103 गेंदों में 134 रन जुटाए, जिसमें 16 चौके और दो छक्के शामिल हैं। वह 49वें ओवर में लुंगी एनगिडी का शिकार बने। उन्होंने वनडे में पहली बार शतक लगाया। वहीं, रिजवान 128 गेंदों में 122 रन बनाकर नाबाद रहे। उन्होंने 9 चौके और 3 छक्के ठोके। रिजवान के वनडे करियर की यह चौथी सेंचुरी है। तैय्यब ताहिर 4 रन बनाकर नाबाद रहे। उन्होंने विजयी चौका लगाया और पाकिस्तान ने 355 रन बनाकर लक्ष्य हासिल किया। इससे पहले, साउथ अफ्रीका ने टॉस जीतने के बाद पांच विकेट पर 352 रन बनाए। साउथ अफ्रीका ने कप्तान तेम्बा बवूमा (82), मैथ्यू ब्रीत्जके (83) और हाइनरिक क्लासेन (87) की शानदार पारियों की मदद से चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था। ऐसा लग रहा था कि मुकाबला रोमांच के चरम पर जाएगा मगर रिजवान और सलमान ने बड़े स्कोर को बौना साबित कर दिया। मेजबान पाकिस्तान का 14 फरवरी को वनडे ट्राई सीरीज के फाइनल में न्यूजीलैंड से आमना-सामना होगा। न्यूजीलैंड ने पाकिस्तान और साउथ अफ्रीका को रौंदने के बाद फाइनल में जगह बनाई। साउथ अफ्रीका को अपने दो मैचों में हार का मुंह देखना पड़ा। चैंपियंस ट्रॉफी की शुरुआत 19 फरवरी से होगी।   recent visitors 44

आतिशी ने कहा- तीन दिन में ही लोगों को अपनी ‘गलती’ का अहसास हो गया, बिजली पर बड़ा दावा

नई दिल्ली दिल्ली की कार्यवाहक मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत के साथ ही राजधानी में पावर कट लगने शुरू हो गए हैं। आतिशी ने दावा किया कि दिल्ली के अलग-अलग इलाकों से सैकड़ों लोगों ने पावर कट की शिकायत की है और उन्हें इनवर्टर खरीदकर लाना पड़ रहा है। आतिशी ने कहा कि तीन दिन में ही लोगों को अपनी 'गलती' का अहसास हो गया है। आतिशी ने कुछ कागज दिखाते हुए दावा किया लोग सोशल मीडिया पर अपने इलाकों में बिजली कटने की शिकायत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कहा कि तीन दिन में पावर सेक्टर का 24 घंटे बिजली का ध्वस्त होना दिखाता है कि आम आदमी पार्टी की सरकार हर दिन, एक एक घंटे पर पूरे बिजली सेक्टर को मॉनिटर कर रही थी। यह दिखाता है कि जैसे ही आम आदमी पार्टी की सरकार हटी है, पूरा पावर सेक्टर ध्वस्त हो गया है। मुझे अलग अलग हिस्सों से कॉल आ रहे हैं। उन्होंने कहा, 'कल रात मयूर विहार में लाइट कटी, मुझे सुबह कई लोगों के फोन आए। उन्होंने बताया कि वे इनवर्टर खरीदकर लाए हैं।' आतिशी ने कहा, 'कई लोगों ने मुझे कॉल करके कहा कि तीन दिन में ही हमें अहसास हो गया कि शायद चुनाव में हमसे गलती हुई। आम आदमी पार्टी के जाते ही पता चल गया है कि भाजपा से सरकार नहीं चलती है। आज सुबह किसी ने मुझसे कहा कि आज तो हम इनवर्टर ले आए, लेकिन यदि फरवरी में इतने लंबे कट लग रहे हैं तो मई, जून, जुलाई में क्या होगा, जब साढ़े 8 हजार मेगावट से आगे पीक डिमांड जाएगी। भाजपा को सरकार चलानी नहीं आती। 1993 से 98 में पावर में थे, तब भी पावर सेक्टर का बुरा हाल था। आज 20 राज्यों में भाजपा की सरकार है और उन सब राज्यों में बिजली का यही हाल है।' आतिशी ने कहा कि बहुत दुख की बात है कि भाजपा चुनाव जीतने के बाद दिल्ली को यूपी बना रही है। जिस तरह यूपी में बिजली जाती थी दिल्ली का भी तीन दिन में वही हाल हो गया। शायद यही दिखाता है कि पढ़े लिखे लोगों की सरकार, जहां अरविंद केजरीवाल इंजीनियर हैं, उन्हें पावर सेक्टर चालाना आता है और दूसरी तरफ बिना-पढ़े लिखे, फर्जी डिग्रीवालों की सरकार। कार्यवाहक सीएम ने कहा- 8 तारीख से ही भाजपा चला रही सरकार यह पूछे जाने पर कि वह अभी भी कार्यकारी मुख्यमंत्री हैं और भाजपा की सरकार बनी नहीं है, आतिशी ने कहा, ‘8 तारीख को ही काउंटिंग के समय इन लोगों ने आदेश जारी कर दिया था कि मंत्रियों के दफ्तरों पर ताला लगा दो, सचिवालय में ना घुसने दिया जाए, उनको कोई कागज-फाइल ना देखने दी जाए। अब साफ है कि भाजपा 8 तारीख से ही खुद सरकार चला रही है। इसका नतीजा दिल्ली वाले दिन में ही… दिल्लीवालों को अब साफ हो रहा है कि भाजपा को लाने का क्या नतीजा है।’ recent visitors 56

लोकसभा में वित्त मंत्री ने इनकम टैक्स बिल को पटल पर रखा, पेश हुआ, टैक्सपेयर्स को होगा फायदा

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नए इनकम टैक्स बिल को लोकसभा में पेश कर दिया है। बीते सप्ताह केंद्र सरकार की कैबिनेट की मंजूरी के बाद गुरुवार को निर्मला सीतारमण ने नए बिल को पेश किया। लोकसभा में हंगामे के बीच वित्त मंत्री ने बिल को सदन के पटल पर रखा। अब इस बिल को आगे के विचार-विमर्श के लिए संसदीय स्थायी समिति के पास भेजा जाएगा। नया इनकम टैक्स बिल एक अप्रैल, 2026 से लागू होने की उम्मीद है। नए बिल में 536 धाराएं नए बिल में 536 धाराएं, 23 अध्याय और 16 अनुसूचियां हैं। यह सिर्फ 622 पृष्ठों पर अंकित है। इसमें कोई नया कर लगाने की बात नहीं की गई है। यह बिल मौजूदा आयकर अधिनियम, 1961 की भाषा को सरल बनाता है। बता दें कि छह दशक पुराने मौजूदा कानून में 298 धाराएं और 14 अनुसूचियां हैं। जब यह अधिनियम पेश किया गया था, तब इसमें 880 पृष्ठ थे। क्या हुए हैं बदलाव नए बिल में फ्रिंज बेनेफिट टैक्स से संबंधित अनावश्यक धाराओं को हटा दिया गया है। विधेयक के 'स्पष्टीकरण या प्रावधानों' से मुक्त होने की वजह से इसे पढ़ना और समझना आसान हो जाता है। इसके साथ ही आयकर अधिनियम, 1961 में कई बार इस्तेमाल किए जाने वाले शब्द 'बावजूद' को नए विधेयक में हटा दिया गया है और उसकी जगह पर लगभग हर जगह 'अपरिहार्य' शब्द का इस्तेमाल किया गया है। टीडीएस से सैलरी तक की है बात इनकम टैक्स बिल में छोटे वाक्यों का उपयोग किया गया है। इसके अलावा तालिकाओं और सूत्रों के उपयोग से इसे पढ़ने के अनुकूल बनाया गया है। टीडीएस, अनुमानित कराधान, वेतन और फंसे कर्ज के लिए कटौती से संबंधित प्रावधानों के लिए तालिकाएं दी गई हैं। नए बिल में 'करदाता चार्टर' भी दिया गया है जो टैक्सपेयर्स के अधिकारों एवं दायित्वों को रेखांकित करता है। इस बिल में टैक्स ईयर का कॉन्सेप्ट है। इसमें आयकर अधिनियम, 1961 के असेसमेंट ईयर के टर्म को हटा दिया गया है। recent visitors 44

छत्तीसगढ़ और असम ने दिखाया दमखम, नेटबॉल मिश्रित श्रेणी में रोमांचक मुकाबले

देहरादून यहां जारी 38वें राष्ट्रीय खेलों के नेटबॉल मिश्रित श्रेणी में टीमों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खेल भावना और समन्वय का परिचय दिया। पुरुष और महिला खिलाड़ियों से बनी इन मिश्रित टीमों ने अपने शानदार खेल से दर्शकों को रोमांचित किया। पूल ए: छत्तीसगढ़ और दिल्ली ने किया प्रभावशाली प्रदर्शन पूल ए में छत्तीसगढ़ ने अपने जबरदस्त खेल का प्रदर्शन करते हुए हरियाणा को 33-32 से कड़े मुकाबले में मात दी। इसके बाद, टीम ने पुडुचेरी पर 34-27 से शानदार जीत दर्ज कर अपनी दावेदारी मजबूत कर ली। वहीं, दिल्ली ने भी पुडुचेरी को 37-17 से हराकर शानदार शुरुआत की, लेकिन हरियाणा के खिलाफ 30-39 से हार का सामना करना पड़ा। पूल बी: असम की मजबूत पकड़, तेलंगाना की वापसी पूल बी में उत्तराखंड ने कर्नाटक को 32-23 से हराकर बढ़त बनाई, जबकि असम ने तेलंगाना को 30-28 से हराकर अपने अभियान की शानदार शुरुआत की। हालांकि, तेलंगाना ने अगले मुकाबले में उत्तराखंड को 38-31 से हराते हुए जोरदार वापसी की। वहीं, असम ने कर्नाटक को 30-28 से मात देकर अपनी जीत का सिलसिला बरकरार रखा। टूर्नामेंट अंतिम चरण में, पदक की होड़ तेज नेटबॉल प्रतियोगिता अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है, जहां सभी टीमें स्वर्ण पदक जीतने के लक्ष्य के साथ अपनी रणनीति पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं। आने वाले मुकाबले रोमांचक होने की उम्मीद है, जहां टीमें अपनी पूरी ताकत झोंकने को तैयार हैं।   recent visitors 58

2034 फीफा विश्व कप: सऊदी अरब में कहीं भी शराब नहीं बेची जाएगी, राजदूत ने की पुष्टि

लंदन सऊदी अरब में 2034 फीफा विश्व कप के दौरान शराब की अनुमति नहीं दी जाएगी। ब्रिटेन में सऊदी राजदूत प्रिंस खालिद बिन बंदर अल सऊद ने इस बात की पुष्टि की। एलबीसी रेडियो स्टेशन को दिए गए एक साक्षात्कार में उन्होंने स्पष्ट किया कि सऊदी अरब में कहीं भी शराब नहीं बेची जाएगी। यह फैसला 2022 कतर विश्व कप से अलग है, जहां विशेष प्रशंसक क्षेत्रों और पांच सितारा होटलों में ऊंची कीमतों पर शराब उपलब्ध थी। प्रिंस खालिद ने कहा, फिलहाल, हम शराब की अनुमति नहीं देते हैं। उन्होंने आगे कहा कि सऊदी अरब अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं का सम्मान करते हुए विश्व कप की मेजबानी करेगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा, हर किसी की अपनी संस्कृति होती है। हम अपनी संस्कृति की सीमाओं के भीतर लोगों को समायोजित करने के लिए तैयार हैं, लेकिन हम किसी और के लिए अपनी संस्कृति को बदलना नहीं चाहते। राजदूत ने यह भी स्पष्ट किया कि विश्व कप सिर्फ सऊदी अरब का नहीं, बल्कि एक वैश्विक आयोजन है। उन्होंने कहा, हम उन सभी का स्वागत करेंगे जो इस टूर्नामेंट का हिस्सा बनना चाहते हैं। सऊदी अरब में 2034 फीफा विश्व कप की मेजबानी को लेकर पहले ही चर्चाएं तेज हैं। यह आयोजन खेल के साथ-साथ सऊदी अरब की संस्कृति और परंपराओं को भी दुनिया के सामने प्रस्तुत करेगा।   recent visitors 37

राज्यसभा में वक्फ बिल पर JPC की रिपोर्ट पेश, मचा हंगामा, बढ़ते हंगामे के चलते कार्यवाही स्थगित

नई दिल्ली वक्फ (संशोधन) बिल पर बनी संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की रिपोर्ट गुरुवार को राज्यसभा में पेश कर दिया गया। बिल के पेश होते ही सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया। विपक्षी दलों ने नारेबाजी की और सरकार पर वक्फ बोर्डों को कमजोर करने का आरोप लगाया। बढ़ते हंगामे के चलते सभापति को सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। गौरतलब है कि इससे पहले 31 जनवरी को जेपीसी ने अपनी रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंपी थी, जिसे समिति के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने व्यक्तिगत रूप से संसद भवन में प्रस्तुत किया। विपक्षी सांसद पहले से हैं नाराज समिति ने अपनी रिपोर्ट 15-11 के बहुमत से पारित की, जिसमें सांसदों द्वारा सुझाए गए बदलाव शामिल किए गए। इन बदलावों को लेकर विपक्षी दलों ने तीखी आपत्ति जताई और सरकार पर वक्फ बोर्डों की स्वायत्तता पर हमला करने का आरोप लगाया। विपक्षी सदस्यों ने असहमति पत्र (डिसेंट नोट) भी सौंपे, जिसमें कहा गया कि सरकार एकतरफा ढंग से इस बिल को आगे बढ़ा रही है। मुसलमानों के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला: विपक्ष विपक्ष का कहना है कि यह बिल मुस्लिम समुदाय के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला है और वक्फ बोर्डों के कामकाज में अनावश्यक दखलंदाजी की जा रही है। वहीं, भाजपा सांसदों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह बिल वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के लिए लाया गया है। उनके मुताबिक, इसमें किसी समुदाय के अधिकारों को कम करने का इरादा नहीं है, बल्कि यह वक्फ संपत्तियों की बेहतर निगरानी और प्रशासनिक सुधार के लिए आवश्यक है। गौरतलब है कि यह बिल पिछले साल अगस्त में लोकसभा में पेश किया गया था, जिसके बाद इसे जेपीसी को सौंपा गया था। अब जब समिति की रिपोर्ट पेश हो चुकी है, तो इसे लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। विपक्ष इसे धार्मिक अधिकारों पर हमला बता रहा है, जबकि सरकार इसे प्रशासनिक सुधार के तौर पर पेश कर रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह गर्म रहने की उम्मीद है। recent visitors 37

Bhopal में भीख देने पर समाजसेवी की शिकायत पर दर्ज हुई पहली FIR, आरोपियों की तलाश

भोपाल भीख मांगने और भीख देने पर FIR दर्ज हुई है। यह पहली FIR है।  MP नगर थाने में यह मामला दर्ज किया गया। एक NGO से जुड़े व्यक्ति ने शिकायत की थी। जिला कलेक्टर ने शहर में भीख मांगने पर रोक लगाई है। इस आदेश के बाद यह कार्रवाई हुई। भीख मांगने वाले और भीख देने वाले ट्रक ड्राइवर की पहचान अभी नहीं हो पाई है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। शिकायतकर्ता ने वीडियो बनाया था। उसी के आधार पर पुलिस जांच कर रही है। सरकारी आदेश की अवहेलना का मामला यह मामला BNS की धारा 223 के तहत दर्ज किया गया है। यह धारा सरकारी आदेश की अवहेलना करने पर लागू होती है। जांच अधिकारी SI कुलदीप खरे ने बताया कि शिकायतकर्ता मोहन सिंह सोनी एक NGO से जुड़े हैं। वह जिला कलेक्टर द्वारा गठित टीमों का हिस्सा हैं। ये टीमें शहर में भीख मांगने वालों पर नजर रखती हैं। सोनी ने बताया कि बुधवार दोपहर वह अपनी टीम के साथ MP नगर के बोर्ड ऑफिस स्क्वायर से गुजर रहे थे। तभी उन्होंने एक व्यक्ति को भीख मांगते और एक ट्रक चालक को उसे भीख देते देखा। उन्होंने घटना का वीडियो बनाया और MP नगर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दर्ज किया केस पुलिस ने अज्ञात भिखारी और भीख देने वाले व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। वीडियो की मदद से पुलिस उनकी तलाश कर रही है। जिला कलेक्टर के आदेश के बाद यह पहला मामला है। इससे पहले भीख मांगने वालों के खिलाफ कोई FIR दर्ज नहीं हुई थी। यह आदेश शहर में भीख मांगने और भीख देने दोनों पर रोक लगाता है। इससे पहले भीख मांगने पर रोक तो थी, पर भीख देने पर कोई पाबंदी नहीं थी। इस नए आदेश के बाद, अब भीख देने वाले भी कानून के दायरे में आ गए हैं। अगर कोई व्यक्ति भीख मांगता या देता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बेगर फ्री सिटी की कवायद यह कदम शहर में भीख मांगने की समस्या को कम करने के लिए उठाया गया है। कई लोग इस कदम का स्वागत कर रहे हैं। उनका मानना है कि इससे शहर की छवि सुधरेगी। साथ ही, यह भीख मांगने वालों को पुनर्वास के लिए प्रोत्साहित करेगा। हालांकि, कुछ लोग इस कदम की आलोचना भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे गरीब और जरूरतमंद लोगों की समस्या बढ़ेगी। फिर भी, प्रशासन का मानना है कि यह कदम लंबे समय में शहर के लिए फायदेमंद साबित होगा। देखना होगा कि इस नए नियम का क्या असर होता है। क्या वाकई में शहर से भीख मांगने की समस्या कम होगी या नहीं, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। भिक्षुकों को पकड़ने मैदान में उतरीं टीमें संस्थाएं दर्ज करवाएंगी एफआईआर भोपाल शहर में भिक्षावृत्ति को पूरी तरह से खत्म करने के लिए बुधवार को टीमें मैदान में उतरीं। टीमों के सदस्यों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में भिक्षुकों से पूछताछ की और उनसे आश्रय स्थल जाने के लिए कहा। हालांकि अधिकांश भिक्षुकों ने आश्रय स्थल जाने से मना कर दिया। वहीं अब भीख देने और लेने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की जिम्मेदारी संस्थाओं को सौंपी गई है। खासतौर से एयरपोर्ट से रोशनपुरा चौराहा तक भिक्षुकों की पहचान करने के लिए टीमों का गठन किया गया है। अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई इन टीमों को जिला पंचायत की सीईओ इला तिवारी ने बुधवार को आदेश जारी किए हैं। जिसमें बताया गया है कि एयरपोर्ट से रोशनपुरा चौराहा तक भिक्षुक की पहचान कर उनके खिलाफ आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के खिलाफ बीएनएस की धारा 223 के तहत कार्रवाई करने के लिए विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह अधिकारी अपने अधीनस्थ टीम के सदस्यों की ड्यूटी लगाकर भिक्षावृत्ति करने वालों के खिलाफ कार्रवाइ करेंगे। इनमें अशासकीय समाजसेवी संस्था के सचिव मोहन सोनी, संगीता नेल्लोर को अध्यक्ष बनाया गया है। पकड़ने पर भड़की महिलाएं, वापस लौटी टीम शहर में भीख मांगने और देने वालों पर एफआईआर कराने के आदेश के बाद टीमें भिखारियों की तलाश कर रही है। बुधवार को एक टीम बोर्ड आफिस चौराहा पहुंची, जहां बच्चे, महिलाएं और पुरुष सामान बेचते नजर आए। पहले तो टीम को देखकर यह लोग भागे, लेकिन बाद में टीम के सदस्यों से बहस शुरू कर दी। उनका कहना था कि सामान बेचकर अपना गुजारा करते हैं, हम भिखारी नहीं हैं। इसको लेकर उपायुक्त सामाजिक न्याय आरके सिंह ने लोगों को भिक्षुक गृह ले जाने की बात कही, तो वह भड़क गए। आखिरकार टीम को वापस लौटना पड़ा।   recent visitors 49