मध्य प्रदेश के पचमढ़ी में 17 से 26 फरवरी तक महादेव मेला आयोजित किया जाएगा

पचमढ़ी मध्य प्रदेश के हिल स्टेशन व लोकप्रिय पर्यटन स्थल पचमढ़ी में 17 से 26 फरवरी तक महादेव मेला आयोजित किया जाएगा. मेले में लाखों श्रद्धालु व पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है, जिसके चलते बुधवार को पचमढ़ी में तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित हुई. बैठक में नर्मदापुरम कलेक्टर सोनिया मीणा और पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकरन सिंह ने अधिकारियों, मेला समिति के सदस्यों और मंडलों को दिशा-निर्देश भी दिए. गौरतलब है कि महाशिवरात्रि पर हर साल यहां इस मेले का आयोजन होता है. चौरागढ़ महादेव के दर्शन करने आते हैं लाखों भक्त हर साल महाशिवरात्रि पर दूर-दूर से लोग यहां चौरागढ़ में महादेव की पूजा करने आते हैं. यहां मध्य प्रदेश के साथ महाराष्ट्र से भी भारी संख्या में लोग छिंदवाड़ा के रास्ते पहुंचे हैं. पचमढ़ी की खूबसूरत वादियों के बीच स्थित चौरागढ़, बड़ा महादेव और जटा शंकर मंदिर में भी भारी संख्या में भक्त व पर्यटक पहुंचते हैं. यही वजह है कि पचमढ़ी महादेव मेले की तैयारियों को लेकर अधिकारियों ने बुधवार को समीक्षा बैठक ली. महादेव मेले में पहुंचेंगे 5-6 लाख लोग पचमढ़ी के चंपक बंगलो में प्रशासनिक अधिकारियों सहित मेला समिति सदस्य और मंडलों की उपस्थिति में महादेव मेला की तैयारी की समीक्षा बैठक आयोजित हुई. बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत एसएस रावत द्वारा मेले की रूपरेखा के संबंध में जानकारी दी गईं. उन्होंने बताया कि मेले में मध्य प्रदेश और विशेषकर महाराष्ट्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं. इस बार 5 से 6 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है. बसों की पचमढ़ी में एंट्री बंद, ऐसी रहेगी व्यवस्था बैठक में बताया गया कि गत वर्ष की तरह इस बार भी पचमढ़ी में बसों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा. इसके लिए मटकुली पर एक चेक पॉइंट बनाया जाएगा. साथ ही पगारा के पास भी एक चेक पॉइंट रहेगा. दोनों चेक पॉइंट के माध्यम से वाहनों का प्रबंधन किया जाएगा. कलेक्टर ने ट्रैफिक पुलिस सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेला अवधि के दौरान ट्रैफिक का बेहतर प्रबंधन किया जाए. चिन्हित पार्किंग स्थलों पर पर्याप्त रोशनी सहित अन्य व्यवस्थाएं रहें। पार्किंग स्थल पर एंट्री और एग्जिट प्वाइंट अलग-अलग होंगे. महादेव मेले के लिए संचालित वाहनों को विशेष पास दिए जाएंगे. PWD समय पर पूरा करे सभी आवश्यक कार्य महादेव मेला 2025 को लेकर कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग को भी दिशा-निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा, '' मेला स्थल तक आने जाने वाले मार्गों की मरम्मत की जाए. मेला स्थल पहुंच मार्ग और चौरागढ़ मंदिर की क्षतिग्रस्त सीढ़ियां और चबूतरों की मरम्मत व नांदिया जंक्शन की ओर से प्रवेश मार्ग पर आवश्यक व्यवस्थाएं करें.'' इसके अलावा मेला क्षेत्र में पेयजल, बिजली व रोशनी समेत सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए.'' डिजास्टर मैनेजमेंट टीमें भी रहें अलर्ट मेले में होने वाली भारी भीड़ की सुरक्षा को देखते हुए कलेक्टर ने होमगार्ड, पुलिस, आपदा मित्र व स्वास्थ्य विभाग मुस्तैदी से तैनात रहने के लिए कहा है. उन्होंने साडा सीईओ को निर्देश दिए कि सभी सेक्टर पर फायर सेफ्टी उपकरण उपलब्ध रहे. सूचनाओं के आदान-प्रदान करने के लिए पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम भी स्थापित किया जाएं. इसके अलावा ड्यूटी में तैनात कर्मचारी को आईडी कार्ड भी जारी किए जाएं.   recent visitors 30

Bird flu :छिंदवाड़ा कलेक्टर ने आगामी आदेश तक नॉनवेज बेचने पर पाबंदी लगाई

छिंदवाड़ा  मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में बर्ड फ्लू की दस्तक से हड़कंप मच गया है. आनन-फानन में प्रशासन ने हजारों मुर्गे-मुर्गियां और लगभग 40 हजार अंडों को दफनाकर नष्ट कर दिया है. एहतियात के तौर पर छिंदवाड़ा कलेक्टर ने आगामी आदेश तक नॉनवेज बेचने पर पाबंदी लगा दी है. इस आर्टिकल में जानें कि आखिर बर्ड फ्लू क्या होता है? इंसानों के लिए ये कितना खतरनाक है, मध्य प्रदेश में इस बीमारी ने कब कब दस्तक दी और इससे कैसे बचें? बर्ड फ्लू क्या होता है? वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक बर्ड फ्लू संक्रमण को एवियन इन्फ्लूएंजा (Avian Influenza) भी कहा जाता है. ये टाइप-ए वायरस के कारण होता है और आमतौर पर, मुर्गे-मुर्गियों, अन्य पक्षी और पशु प्रजातियों को भी संक्रमित करता है. बर्ड फ्लू मुख्य रूप से श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है और इंसानों को भी हो सकता है. बर्ड फ्लू के कई स्ट्रेन मौजूद हैं, जिसमें H5N1, H7N9, H5N6 और H5N8 शामिल हैं. इनमें से कई स्ट्रेन पक्षियों की मौत का कारण भी बन जाते हैं. 1997 में सबसे पहले ये बीमारी सामने आई थी. मध्य प्रदेश में कब आया बर्ड फ्लू? 1997 में चीन में बर्ड फ्लू का पहला मामला सामने आया था, जिसके बाद 2006 में भारत में पहली बार बर्ड फ्लू ने दस्तक दी. पहली बार एवियन इन्फ्लूएंजा (Bird flu) महाराष्ट्र के नवापुर के एक पोल्ट्री फार्म में हुआ था. इसके बाद से मध्य प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में समय-समय पर ये बीमारी फैलती रही है. गावी डॉट ऑर्ग के मुताबिक बर्ड फ्लू की वजह से 2006 से लेकर अबतक 1 करोड़ से अधिक मुर्गे-मुर्गियों और पक्षियों को मारा जा चुका है, जिससे मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ. छिंदवाड़ा में एक महीने नहीं मिलेगा नॉनवेज हाल ही में एमपी के छिंदवाड़ा में फैले बर्ड फ्लू से बचाव लिए कलेक्टर शीलेंद्र सिंह ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिए हैं. कलेक्टर के आदेश पर 1 महीने के लिए छिंदवाड़ा में चिकन/मीट बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. वहीं चिकन/मटन मार्केट से 1 किलोमीटर तक के दायरे में आने वाले कुल 11 वार्ड को संक्रमित एरिया घोषित किया गया है. पशुपालन व डेयरी विभाग के उपसंचालक डॉ. एचजीएस पक्षवार ने कहा,'' छिंदवाड़ा में संक्रमित क्षेत्र के 1 किमी के दायरे में 758 मुर्गियां, 38126 अंडे और 144 किलो मुर्गी दाने को जमीन में गाड़कर नष्ट कर दिया गया है.'' बता दें कि महाराष्ट्र में भी बर्ड फ्लू के मामले सामने आने के बाद 7200 से अधिक मुर्गे-मुर्गियों को नष्ट किया गया है. इंसानों में बर्ड फ्लू कैसे फैलता है? एनएचएस डॉट यूके की रिपोर्ट के मुताबिक, '' बर्ड फ्लू से संक्रमित पक्षी मुर्गे-मुर्गियों को मारने, खाने, पकाने, उन्हें छूने, उनके मल-मूत्र के संपर्क में आने से इंसानों को भी बर्ड फ्लू हो सकता है. पोल्ट्री फार्म या मीट मार्केट में इसका संक्रमण सबसे ज्यादा हो सकता है.'' बर्ड फ्लू से कैसे बचें?     अगर आपके क्षेत्र में बर्ड फ्लू का संक्रमण फैला है तो हो सके तो कुछ दिनों के लिए नॉनवेज खाना छोड़ दें.     पक्षियों और जीवित मुर्गे-मुर्गियों के संपर्क में आने से भी बचें.     अधपका या कच्चा मांस खाने से बचें.     खाना खाने से पहले अच्छी तरह साबुन से हाथ धोएं.     पोल्ट्री फार्म, पशु-पक्षियों के या मीट मार्केट में न जाएं.     कच्चे अंडे खाने से बचें. बर्ड फ्लू के इंसानों में क्या लक्षण होते हैं? WHO के मुताबिक, '' बर्ड फ्लू से संक्रमित होने पर इंसानों में इसके लक्षण वायरल फीवर की तरह तेजी से दिखाई देते हैं. जैसे- अत्यधिक खांसी, मसल्स में दर्द, तेज बुखार, बेवजह ठंड लगना, सिरदर्द आदि. वहीं कई लोगों को अचानक पेट दर्द, दस्त और सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण भी दिखाई देते हैं. इसके कई स्ट्रेन इंसानों के लिए घातक भी हैं.'' बर्ड फ्लू का क्या इलाज है? वर्तमान में बर्ड फ्लू की कोई वैक्सीन नहीं है. हालांकि, इससे संक्रमित होने पर डॉक्टर एंटीवायरल दवाएं देकर इसके प्रभाव को कम करने की कोशिश करते हैं. नॉन वेज खाना चाहिए या नहीं? इस सवाल पर लोगों को अक्सर डिबेट करते हुए देखा जाता है. नॉन वेज खाएं या न खाएं, इसे लेकर सभी की अपनी पसंद, मान्यताएं और विचार रहते हैं पर खुद साइंस की नजरों में नॉनवेज खाने के फायदे से ज्यादा नुकसान बताए गए हैं. WHO के मुताबिक अत्यधिक नॉन वेज खाने से कैंसर (खासतौर पर आंत और मलाशय का कैंसर) हार्ट डिसीज, डायबिटीज होने की सबसे ज्यादा संभावना होती है. वहीं कच्चा या अधपका मांस खाने से बर्ड फ्लू के साथ-साथ कई तरह के गंभीर संक्रमण होते है. हालांकि, कई रिपोर्ट्स में नॉन वेज को एक बेहतर डाइट के रूप में प्रदर्शित किया जाता है. लेकिन कितनी मात्रा में नॉनवेज डायट इंसानी शरीर के लिए सुरक्षित है या नहीं? इस सवाल के जवाब के लिए कोई साइंटिफिक डाटा उपलब्ध नहीं है. recent visitors 51

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व रेडियो दिवस पर दी बधाई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व रेडियो दिवस पर नागरिकों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा है कि आज के आधुनिक संचार के युग में रेडियो हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा है। ग्रामीण क्षेत्रों में समाचारों का प्रस्तुतीकरण, फिल्मी गीतों सहित मनोरंजन के अन्य कार्यक्रम, आवश्यक सूचनाओं का प्रसार पहुंचाने में रेडियो महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि रेडियो के साथ हम सभी की अनमोल यादें जुड़ी हैं।   recent visitors 22

अनूपपुर पुलिस ने चोरो से बरामद की तीन लाख के सोने चांदी के जेवरात न्यायालय आदेश पर फरियादी को सौंपे

अनूपपुर दिनांक 11 अगस्त 2024 को दीपक सोनी (उम्र 31 वर्ष), निवासी वार्ड नंबर 13, पुलिस कॉलोनी रोड, बस्ती रोड, अनूपपुर, ने कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि वह अपने परिवार के साथ मैहर दर्शन के लिए गया था, घर पर ताला लगा हुआ था। अगले दिन लौटने पर उसने देखा कि घर का ताला टूटा हुआ है और सोने-चांदी के जेवरात चोरी हो गए हैं। इस शिकायत पर कोतवाली थाना में अपराध क्रमांक 378/24, धारा 331(4) और 305 (A) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय अनूपपुर श्री मोती उर रहमान जी के निर्देशन में कोतवाली निरीक्षक अरविंद जैन के नेतृत्व में उपनिरीक्षक प्रवीण साहू, प्रधान आरक्षक महेंद्र सिंह, शेख रशीद, रितेश सिंह, महिला आरक्षक अंकिता सोनी और आरक्षक अब्दुल की टीम ने मामले की जांच करते हुए मुख्य आरोपी सोनू सिंह (उम्र 21 वर्ष), निवासी ग्राम छपराटोला, ग्राम लखनपुर, थाना कोतवाली, अनूपपुर को गिरफ्तार किया गया। चोरी के जेवरात खरीदने में शामिल राजेश सोनी (उम्र 48 वर्ष), निवासी वार्ड नंबर 15, सोनी मोहल्ला, पुरानी बस्ती, अनूपपुर, और उसकी पत्नी सुधा सोनी (उम्र 45 वर्ष) को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 03 लाख रुपए मूल्य के सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए, जिनमें पायल, पाजेब, करधन, हाथ की मेहंदी, बच्चों के हाथ और पैर के चूड़े, गले की चेन, ब्रेसलेट, बड़ों के कंगन और चूड़े, और सोने के कान के 5 जोड़ी टॉप्स शामिल हैं। दिनांक 11.02.25 को माननीय न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनूपपुर श्रीमती चेनवती ताराम द्वारा उक्त प्रकरण में कोतवाली पुलिस द्वारा जप्तशुदा सोने चांदी के जेवरात प्रकरण के प्रार्थी दीपक कुमार सोनी को सुपुर्दनामा पर दिये जाने का आदेश जारी करने पर थाना कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा उक्त सोने चांदी के जेवरात प्रकरण के प्रार्थी दीपक कुमार सोनी पिता छविलाल सोनी उम्र 25 साल निवासी वार्ड न. 03 पुरानी बस्ती अनूपपुर को सौंप दिये गये। घर का रात्रि में ताला तोड़कर चोरी किये गये सोने चांदी के जेवरात वापस पाने पर दीपक सोनी द्वारा अनूपपुर पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए सराहना की है। recent visitors 36

16 से 28 फरवरी तक फिर सर्वेक्षण कराया जाएगा, तेलंगाना में जाति गणना के बाद कम हो गई पिछड़ों की आबादी

तेलंगाना तेलंगाना में हाल ही में हुए जाति सर्वेक्षण में हुई गड़बड़ियों को लेकर विपक्षी पार्टियों, जिनमें भारत राष्ट्र समिति (BRS) भी शामिल है, की आलोचना का सामना कर रही कांग्रेस सरकार ने फैसला लिया है कि 16 से 28 फरवरी तक फिर सर्वेक्षण कराया जाएगा। यह सर्वे केवल उन 3.1 प्रतिशत परिवारों के लिए होगा जो पहले हुए जाति गणना में शामिल नहीं हो पाए थे। आपको बता दें कि तेलंगाना में हाल ही में जारी किए गए आंकड़ों की सटीकता और विश्वसनीयता को लेकर बहस छिड़ गई है। सबसे बड़ी चिंता राज्य के पिछड़ी जातियों की जनसंख्या में गिरावट को लेकर उठी थी। तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री भटी विक्रमार्का ने कहा, "3.1% परिवारों का कहना है कि वे फिर से विवरण देंगे। उनके लिए फिर से गिनती के लिए राज्य सरकार ने 16 से 28 फरवरी तक मौका देने का निर्णय लिया है। बचे हुई परिवारों के लिए एक टोल-फ्री नंबर भी घोषित कर रहे हैं।" लोग अपनी जानकारी ऑनलाइन, टोल-फ्री नंबर या मंडल कार्यालयों के माध्यम से प्रदान कर सकते हैं। डेटा की समीक्षा राज्य कैबिनेट द्वारा मार्च के पहले सप्ताह में की जाएगी। उपमुख्यमंत्री मल्लू भटी विक्रमार्का ने बुधवार को संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि मार्च में राज्य विधानसभा के बजट सत्र के दौरान एक बिल पेश किया जाएगा, जिसमें स्थानीय निकाय चुनावों में 42 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान होगा। इस बिल के विधानसभा में पारित होने के बाद इसे केंद्र को स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा और राजनीतिक सहमति प्राप्त करने की कोशिश की जाएगी। विपक्षी पार्टियों ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि वह अपने जाति सर्वे में जानबूझकर पिछड़ी जातियों की जनसंख्या को कम दिखा रही है। BRS नेता रवुला श्रीधर रेड्डी ने कहा, "उनके सर्वे में कोई प्रतिबद्धता नहीं है। यह सर्वे पूरी तरह से दोषपूर्ण है। उन्होंने केवल 96.9% परिवारों को कवर किया है और अधिकांश परिवारों ने जानकारी नहीं दी।" बीजेपी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह इस मुद्दे पर ईमानदारी से काम नहीं कर रही है। BJP नेता के कृष्णा सागर राव ने कहा, "कांग्रेस जो भी लोगों के लिए प्रस्तावित करती है, उसमें सच्चाई नहीं होती है। इसी कारण लोग उन पर विश्वास करना बंद कर चुके हैं।" जाति सर्वे में मुस्लिम समुदाय को पिछड़ी जातियों में शामिल करने पर केंद्र सरकार के मंत्री बंदी संजय कुमार ने शनिवार को आरोप लगाया कि इस कदम से पिछड़ी जातियों के साथ अन्याय होगा। उन्होंने कहा कि हैदराबाद नगर निगम चुनावों में हिंदू उम्मीदवारों की हार का कारण पिछड़ी मुस्लिम जातियों को पिछड़ी जातियों के रूप में चार प्रतिशत आरक्षण दिए जाने का था। बंदी संजय ने कहा कि राज्य सरकार को यह याद रखना चाहिए कि अन्य जातियों का भी मुस्लिमों को पिछड़ी जाति के रूप में शामिल करने के खिलाफ विरोध है। recent visitors 55

बॉम्बे हाईकोर्ट ने महिला को कहा रखैल तो भड़का सुप्रीम कोर्ट, फैसले में लिखे थे कई आपत्तिजनक शब्द

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश पर आपत्ति जताई, जिसमें एक महिला के लिए 'अवैध पत्नी' और 'वफादार रखैल' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। अदालत ने कहा कि यह उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है और 'महिला विरोधी' टिप्पणी है। जस्टिस एएस ओक, जस्टिस एहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह बॉम्बे हाईकोर्ट का साल 2003 में दिया गया एक फैसला पढ़ रहे थे। उस दौरान उन्हें ये शब्द मिले और न्यायाधीशों ने आपत्ति दर्ज कराई। बेंच ने कहा, 'दुर्भाग्यवश, बंबई उच्च न्यायालय ने 'अवैध पत्नी' जैसे शब्द का इस्तेमाल करने की कोशिश की। हैरानी की बात यह है कि उच्च न्यायालय ने 24वें पैराग्राफ में ऐसी पत्नी को 'वफादार रखैल' बताया है।' सुप्रीम कोर्ट ने यह भी पाया कि उच्च न्यायालय ने अमान्य विवाह के पतियों के मामले में ऐसे किसी शब्द का इस्तेमाल नहीं किया है। कोर्ट ने कहा, 'एक महिला के बारे में इन शब्दों के जरिए बताना हमारे संविधान के आदर्शों और भावना के खिलाफ है। अमान्य शादी में पार्टी एक महिला के बारे में कोई भी ऐसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं कर सकता। दुर्भाग्य से हमें ऐसी आपत्तिजनक भाषा हाईकोर्ट के फुल बेंच के फैसले में मिली है।' उच्चतम न्यायालय ने कहा कि जिस महिला का विवाह अमान्य घोषित कर दिया गया था, उसे 'अवैध पत्नी' कहना 'बहुत अनुचित' था और इससे उसकी गरिमा को ठेस पहुंची। शीर्ष अदालत हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 24 और 25 के उपयोग पर परस्पर विरोधी विचारों से संबंधित मामले की सुनवाई कर रही थी। अधिनियम की धारा 24 मुकदमे के लंबित रहने तक भरण-पोषण और कार्यवाही के खर्च से संबंधित है, जबकि धारा 25 में स्थायी गुजारा भत्ता और भरण-पोषण का प्रावधान है। recent visitors 43

योगेंद्र यादव ने बताया कि पंजाब में भी आम आदमी पार्टी की हार की संभावना जताई, यदि ऐसा हुआ तो पार्टी कहा बचेगी

नई दिल्ली दिल्ली में आम आदमी पार्टी की हार के बाद एक बार फिर इसके भविष्य को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं। करीब एक दशक पहले भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन की कोख से जन्मी पार्टी अपने सबसे बड़े गढ़ में 22 सीटों पर गई है और इसके मुखिया अरविंद केजरीवाल समेत तमाम बड़े चेहरे अपनी सीटें नहीं बचा सके। दिल्ली में इस हार के बाद पंजाब में पार्टी टूटने का खतरा बताया जाने लगा तो भविष्य को लेकर कई अटकलें लगने लगी हैं। इस बीच पार्टी के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे योगेंद्र यादव ने भी आशंकाएं जाहिर की हैं। जानेमाने राजनीतिक विश्लेषक और स्वराज इंडिया पार्टी के सह संस्थापक योगेंद्र यादव ने एक इंटरव्यू के दौरान पंजाब में भी आम आदमी पार्टी की हार की संभावना जताई और कहा कि यदि ऐसा होता है तो पार्टी कहां बचेगी और कैसे बचेगी यह बड़ा सवाल है। 2015 में आम आदमी पार्टी से निकाले गए योगेंद्र यादव ने वह वजहें भी गिनाईं जिनको लेकर उनके मन में अरविंद केजरीवाल के दल को लेकर आशंकाएं हैं। पत्रकार दीपक शर्मा को दिए इंटरव्यू में योगेंद्र यादव ने कहा, 'चुनौतीपूर्ण (समय) है, इसमें कोई संदेह नहीं है। वैसे जिस पार्टी के पास 40 पर्सेंट से ज्यादा वोट हो, 22 विधायक हों, अपने आप में पार्टी ध्वस्त नहीं हुई है। 10 साल राज के बाद एक बार चुनाव हार जाना ऐसी बात नहीं है कि जिससे आपकी पार्टी टूट जाए। लेकिन जिस तरह की पार्टी आम आदमी पार्टी है, जिस तरह से वह चुनाव पर निर्भर है, जिस तरह से वह अरविंद केजरीवाल पर निर्भर है, और जिस शक्ति से उसका मुकाबला है, और बीजेपी जिस तरह के काम करेगी, वह देखते हुए मेरे मन में आम आदमी पार्टी के भविष्य को लेकर सवालिया निशान है।' योगेंद्र यादव ने आगे कहा, 'गुजरात में कोई राह नहीं है, हरियाणा में कुछ हुआ नहीं। अब ले दे के पंजाब है। पंजाब पर निर्भर करके… और यदि पंजाब में आम आदमी पार्टी हार जाती है, जिसकी संभावना है, मैं भविष्यवाणी नहीं कर रहा, लेकिन हार सकती है इसमें कोई संदेह नहीं। अगर पंजाब में भी हार गई तो फिर आम आदमी पार्टी कैसे बचेगी और कहां बचेगी यह बहुत बड़ा सवाल है।' recent visitors 22