वित्त मंत्री सीतारमण ने पेश किया नया आयकर बिल, अब सेलेक्ट कमेटी करेगी समीक्षा, नियमों में क्या होंगे बड़े बदलाव

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने नया इनकम टैक्स बिल 2025 लोकसभा में पेश कर दिया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को इस बिल को पेश करते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से निवेदन किया कि वे इसे सेलेक्ट कमेटी को भेज दें. विपक्षी दलों ने नया इनकम टैक्स बिल पेश किए जाने का विरोध किया, लेकिन सदन ने बिल पेश करने के सरकार के प्रस्ताव को वॉयस वोट से पास कर दिया. नया इनकम टैक्स बिल पुराने इनकम टैक्स अधिनियम, 1961 की जगह लेगा और इसके जरिये टैक्स से जुड़े पुराने नियमों और परिभाषाओं में कई अहम बदलाव भी किए जाएंगे. समीक्षा के लिए सेलेक्ट कमेटी में जाएगा बिल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा स्पीकर से आग्रह किया कि इस बिल (New Income Tax Bill 2025) को रिव्यू करने के लिए एक सेलेक्ट कमेटी बनाई जाए. यह सेलेक्ट कमेटी नए बिल के प्रावधानों को पढ़ने-समझने और उनकी समीक्षा के बाद अपनी तरफ से जरूरी सुझाव देगी. समिति का उद्देश्य नए बिल के तमाम पहलुओं पर विचार करके उसे और असरदार बनाना होगा और यह लोकसभा के अगले सत्र के पहले दिन तक अपनी रिपोर्ट सौंप देगी. टैक्स टर्मिनोलॉजी में बड़े बदलाव नए इनकम टैक्स बिल को पेश करने का मुख्य मकसद टैक्स कानूनों को आसान और आधुनिक बनाना है. इसमें कई पुराने शब्दों को बदलकर नए शब्द शामिल किए गए हैं, जिससे टैक्सपेयर्स के लिए नियमों को समझना आसान होगा. मिसाल के तौर पर आकलन वर्ष यानी "असेसमेंट इयर" (Assessment Year) और "पिछले वर्ष" (Previous Year) की जगह अब "टैक्स इयर" (Tax Year) शब्द का इस्तेमाल किया जाएगा. इससे टैक्सपेयर्स को अपने वित्त वर्ष और आकलन वर्ष के बीच के अंतर को समझने में आसानी होगी. इसी तरह नए बिल में "वर्चुअल डिजिटल एसेट" और "इलेक्ट्रॉनिक मोड" जैसी नई शब्दावली (Terminology) जोड़ी गई हैं, जिससे डिजिटल ट्रांजैक्शन और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े प्रावधानों को बेहतर ढंह से समझा जा सकेगा. टोटल इनकम की परिभाषा में सुधार बिल में टोटल इनकम और टैक्सेबल इनकम की परिभाषा को ज्यादा स्पष्ट किया गया है. पुराने कानून में भारतीय निवासियों की ग्लोबल इनकम पर टैक्स लगता था, जबकि गैर-निवासियों पर केवल भारत में हुई कमाई पर ही टैक्स लगाया जाता था. नए बिल में भी यह नियम बरकरार रखा गया है लेकिन "डीम्ड इनकम" यानी संभावित आय की स्पष्ट परिभाषा दी गई है. इसमें कुछ खास व्यक्तियों को किए गए भुगतान को भी टैक्सेबल इनकम में शामिल किया गया है. इससे टैक्सपेयर्स और विदेशी कंपनियों के लिए नियम ज्यादा ट्रांसपेरेंट हो जाएंगे. डिडक्शन और छूट के नियमों में बदलाव नए बिल में टैक्स छूट और कटौतियों (deductions and exemptions) को बेहतर ढंग से पेश किया गया है. पहले इनकम टैक्स अधिनियम, 1961 के सेक्शन 10 और 80C से 80U के तहत अलग-अलग तरह के टैक्स डिडक्शन और एग्जम्प्शन मौजूद थे. नए इनकम टैक्स बिल में इन सभी को सेक्शन 11 से 154 के तहत रखा गया है और कुछ नई प्रावधान जोड़े गए हैं. यह नए प्रावधान स्टार्टअप, डिजिटल बिजनेस और रिन्यूएबल एनर्जी (renewable energy) से जुड़े निवेश को बढ़ावा देने के लिए लाए जा रहे हैं. कैपिटल गेन्स टैक्स में बदलाव कैपिटल गेन्स टैक्स के सेक्शन्स में भी कुछ बदलाव लाए गए हैं. पुराने कानून के तहत कैपिटल गेन्स टैक्स को सेक्शन 45 से सेक्शन 55A के तहत रखा गया था और यह टैक्स, निवेश की अलग-अलग अवधि के आधार पर शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म में बंटा था. साथ ही सिक्योरिटीज या इक्विटी के लिए टैक्स की खास दरें लागू थीं. नए बिल में भी क्लॉज 67 से 91 के तहत यह कैटेगराइजेशन बरकरार रखा गया है, लेकिन वर्चुअल डिजिटल एसेट्स के लिए अलग से स्पष्ट नियम जोड़े गए हैं. माना जा रहा है कि इससे क्रिप्टोकरेंसी और डिजिटल एसेट्स पर टैक्स लगाने की प्रक्रिया ज्यादा ट्रांसपेरेंट हो जाएगी. नॉन-प्रॉफिट ऑर्गनाइजेशन्स के लिए नए नियम नए बिल में नॉन-प्रॉफिट ऑर्गनाइजेशन्स (non-profit organizations) के लिए भी टैक्स से जुड़े नियमों में कुछ बदलाव किए गए हैं. पुराने इनकम टैक्स एक्ट में सेक्शन 11 से 13 के तहत कुछ विशेष कामों के लिए टैक्स में छूट मिलती थी, लेकिन कंप्लायंस के नियम साफ नहीं थे. नए बिल में सेक्शन 332 से 355 के तहत इन संगठनों के लिए टैक्स छूट की परिभाषा को साफ किया गया है. साथ ही इसमें यह भी तय किया गया है कि नॉन-प्रॉफिट ऑर्गनाइजेशन्स किन शर्तों के तहत बिजनेस एक्टिविटी में शामिल हो सकते हैं और उन्हें टैक्स में छूट कैसे मिलेगी. सरकार का मानना है कि नए टैक्स बिल के जरिये पेश किए जा रहे इन बदलावों से टैक्स से जुड़े नियम आसान होंगे और टैक्स सिस्टम को ज्यादा असरदार बनाया जा सकेगा. नए आयकर कानून में मूल्यांकन वर्ष की अवधारणा होगी समाप्त एक बार कानून बनने के बाद आयकर विधेयक 2025 छह दशक पुराने आयकर अधिनियम 1961 की जगह लेगा। पहले का कानून समय के साथ और विभिन्न संशोधनों के बाद काफी जटिल हो गया है, इसलिए इसकी जगह नया आयकर विधेयक लाया जा रहा है। सरकार की ओर से प्रस्तावित नए कानून में, आयकर अधिनियम, 1961 में उल्लिखित ‘पिछले वर्ष’ (FY) शब्द को बदलकर ‘कर वर्ष’ कर दिया गया है। इसके साथ ही, मूल्यांकन वर्ष (AY) की अवधारणा को समाप्त कर दिया गया है। नए कानून में कर निर्धारण वर्ष की अवधारणा होगी समाप्त वर्तमान में, पिछले वर्ष (2023-24) में अर्जित आय के लिए, कर का भुगतान निर्धारण वर्ष (2024-25) में किया जाता है। इस नये विधेयक में पिछले वर्ष और निर्धारण वर्ष की अवधारणा को हटा दिया गया है और सरलीकृत विधेयक में केवल कर वर्ष की बात कही गई है। आयकर विधेयक, 2025 में 536 धाराएं शामिल हैं, जो वर्तमान आयकर अधिनियम, 1961 के 298 धाराओं से अधिक हैं। मौजूदा कानून में 14 अनुसूचियां हैं जो नए कानून में बढ़कर 16 हो जाएंगी। पिछले छह दशकों में पुराने आयकर कानून में हुए हैं कई बदलाव हालांकि, नए आयकर विधेयक में भी वर्तमान कानून की तरह ही अध्यायों की संख्या 23 ही रखी गई है। जबकि पृष्ठों की संख्या काफी कम होकर 622 हो गई है, जो वर्तमान के भारी-भरकम अधिनियम का लगभग आधा है। वर्तमान में जो कानून अमल में है, उसमें पिछले छह … Read more

शुरू हुआ फाल्गुन माह , होली से लेकर महाशिवरात्रि तक देखें व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट

हिंदू कैलेंडर का आखिरी महीना फाल्गुन आज से प्रारंभ हो रहा है. इस महीने की शुरुआत शोभन योग में हो रही है. फाल्गुन में भगवान शिव की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व बताया गया है. फाल्गुन का महीना पर्व-त्योहारों के लिहाज से भी बहुत खास माना जाता है. इस महीने होली, महाशिवरात्रि और आमलकी एकादशी जैसे कई प्रमुख त्योहार आने वाले हैं. आइए इस महीने आने वाले व्रत-त्योहारों की पूरी लिस्ट देखते हैं. फाल्गुन में आने वाले प्रमुख व्रत-त्योहार 13 फरवरी, गुरुवार- फाल्गुन माह का शुभारंभ, प्रतिपदा तिथि, ललिता जयंती 16 फरवरी, रविवार- द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी 18 फरवरी, मंगलवार- यशोदा जयंती 20 फरवरी, गुरुवार- कालाष्टमी व्रत 24 फरवरी, सोमवार- विजया एकादशी 25 फरवरी, मंगलवार- भौम प्रदोष व्रत 26 फरवरी, बुधवार- फाल्गुन शिवरात्रि, महाशिवरात्रि, महाकुंभ का अंतिम स्नान 27 फरवरी, गुरुवार- फाल्गुन अमावस्या 28 फरवरी, शुक्रवार- फाल्गुन शुक्ल पक्ष प्रारंभ, प्रतिपदा ति​​थि 1 मार्च, शनिवार- फुलैरा दूज, रामकृष्ण जयंती 3 मार्च, सोमवार- फाल्गुन विनायक चतुर्थी 4 मार्च, मंगलवार- स्कन्द षष्ठी 5 मार्च, बुधवार- मासिक कार्तिगाई 6 मार्च, गुरुवार- रोहिणी व्रत 7 मार्च, शुक्रवार- मासिक दुर्गाष्टमी, होलाष्टक का प्रारंभ 10 मार्च, सोमवार- आमलकी एकादशी, नृसिंह द्वादशी 11 मार्च, मंगलवार- आमलकी एकादशी पारण, भौम प्रदोष व्रत 13 मार्च, गुरुवार- होलिका दहन, छोटी होली, फाल्गुन पूर्णिमा व्रत 14 मार्च, शुक्रवार- होली, चैतन्य महाप्रभु जयंती, पहला चंद्र ग्रहण, फाल्गुन पूर्णिमा का स्नान और दान ग्रह गोचर 19 फरवरी- सूर्य देव का शतभिषा नक्षत्र में प्रवेश 22 फरवरी- बुध का पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश 27 फरवरी- बुध का मीन राशि में गोचर 2 मार्च-  बुध का उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश 2 मार्च- शुक्र वक्री 2 मार्च- शनि का पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश 4 मार्च- सूर्य का पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश 14 मार्च- सूर्य का मीन राशि में गोचर करेंगे. recent visitors 48

मोदी और मैक्रों की मुलाकात के बाद संयुक्त बयान में जताई उम्मीद, फ्रांस में भारतीय छात्रों की संख्या बढ़ेगी

पैरिस पढ़ाई के लिए फ्रांस का रुख करने वाले भारतीय छात्रों की संख्या इस साल बढ़कर रिकॉर्ड 10,000 के स्तर पर पहुंच जाएगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मुलाकात के बाद यहां दोनों देशों की ओर से जारी संयुक्त बयान में यह उम्मीद जताई गई है। बयान के मुताबिक, “मोदी और मैक्रों ने दोनों देशों के बीच व्यापार एवं निवेश संबंधों को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने हिंद-प्रशांत और विभिन्न वैश्विक मंचों एवं पहल में अपनी भागीदारी को और गहरा करने की प्रतिबद्धता भी जताई।” बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने पिछले साल अंतरराष्ट्रीय कक्षा योजना की सफल शुरुआत का स्वागत किया। इस योजना के तहत भारतीय छात्रों को फ्रांस में उनके चुने हुए पाठ्यक्रम में दाखिला देने से पहले, प्रतिष्ठित फ्रांसीसी विश्वविद्यालयों में फ्रांस की भाषा फ्रेंच सिखाई जाती है और स्थानीय कार्यप्रणाली के बारे में पढ़ाया जाता है। बयान में कहा गया है, “यह फ्रांस में भारतीय छात्रों की आमद बढ़ाने और 2030 तक उनकी संख्या 30,000 तक पहुंचाने का लक्ष्य हासिल करने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाएगा। दोनों नेताओं ने फ्रांस में भारतीय छात्रों की बढ़ती संख्या का स्वागत किया, जिसके 2025 तक 10,000 के उच्च स्तर पर पहुंचने की उम्मीद है।” बयान के अनुसार, मोदी और मैक्रों ने भारत-फ्रांस प्रवासन और गतिशीलता साझेदारी समझौते (एमएमपीए) के तहत युवा पेशेवर योजना (वाईपीएस) के संचालन का भी स्वागत किया। इसमें कहा गया है कि यह योजना युवा पेशेवरों की दो-तरफा आवाजाही की सुविधा प्रदान करेगी, जिससे भारत और फ्रांस के लोगों के बीच दोस्ती का रिश्ता और मजबूत होगा। बयान के मुताबिक, मोदी और मैक्रों ने कौशल विकास, व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) को जल्द से जल्द पूरा करने पर जोर दिया। इसमें कहा गया है कि मोदी और मैक्रों ने कृत्रिम मेधा (एआई) पर भारत-फ्रांस रोडमैप जारी किया, जो सुरक्षित, खुले, संरक्षित और भरोसेमंद एआई के विकास पर ध्यान केंद्रित करने के दोन‍ों देशों के दृष्टिकोण पर आधारित है।     recent visitors 28

मनोरंजन जगत से दुखद खबर, शास्त्रीय गायक पंडित प्रभाकर कारेकर का हुआ निधन, 80 की उम्र में तोड़ा दम

मुंबई मनोरंजन जगत से हाल ही में एक दुखद खबर सामने आई है। प्रसिद्ध हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक पंडित प्रभाकर कारेकर अब इस दुनिया में नहीं रहे। उनका 80 वर्ष की आयु में मुंबई में निधन हो गया। प्रभाकर कारेकर के परिवार के अनुसार उन्होंने बुधवार रात शिवाजी पार्क इलाके में अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके निधन से मनोरंजन जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। पंडित प्रभाकर कारेकर का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए उनके दादर स्थित आवास में रखा जाएगा। गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने पंडित प्रभाकर कारेकर को श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने एक्स अकाउंट पर पोस्ट में लिखा- "हिंदुस्तानी शास्त्रीय और अर्ध शास्त्रीय गायक पंडित प्रभाकर कारेकर के निधन के बारे में जानकर दुख हुआ। एंट्रुज़ महल गोवा में जन्मे, पंडित जितेंद्र अभिषेकी के संरक्षण में हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत सीखा। दुनिया भर में विभिन्न मंचों पर प्रदर्शन किया गया। उन्होंने गोवा में शास्त्रीय संगीत के संरक्षण और विस्तार में बहुत योगदान दिया।"   सीएम सावंत ने आगे लिखा- 'परिवार, अनुयायियों, शुभचिंतकों और छात्रों के प्रति मेरी गहरी संवेदना। ईश्वर दिवंगत आत्मा को सद्गति प्रदान करें। ओम शांति।' बता दें, पंडित प्रभाकर कारेकर को "बोलवा विट्ठल पहावा विट्ठल" और "वक्रतुंड महाकाय" जैसे गायन के लिए जाना जाता था। उन्होंने पंडित सुरेश हल्दनकर, पंडित जितेंद्र अभिषेकी और पंडित सीआर व्यास जैसे दिग्गजों से प्रशिक्षण प्राप्त किया। recent visitors 56

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली दो दिवसीय अमरोहा दौरे पर पहुंचे, खिलाड़ियों को देंगे टिप्स

अमरोहा ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली दो दिवसीय अमरोहा दौरे पर पहुंचे हैं. जहां वे वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी में खिलाड़ियों को टिप्स देंगे. ब्रेट ली को देखने के लिए लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. लोग उनसे मिलने और ऑटोग्राफ लेने के लिए काफी उत्साहित ब्रेट ली ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि लीजेंड्स लीग क्रिकेट युवाओं के लिए बेहतरीन प्लेटफॉर्म है. टेनिस बॉल क्रिकेट के इस नए प्रारूप में करोड़ों रुपये कमाने और शोहरत पाने का मौका मिलेगा. उन्होंने कहा कि हिम्मत नहीं हारेंगे और अंत तक संघर्ष करते रहेंगे तो जीत जरूर मिलेगी. क्रिकेट में सफलता के लिए सतत अभ्यास जरूरी है. बृहस्पतिवार से लखनऊ के केडी सिंह बाबू अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में शुरू होने जा रहे लीजेंड्स लीग क्रिकेट टेन-10 में वेंकटेश्वरा समूह के स्वामित्व वाली टीम वेंकटेश्वरा लायंस के खिलाड़ियों से मुलाकात की और उन्हें जीत का मंत्र दिया. recent visitors 49

ब्रिटेन सरकार ने भारतीय युवाओं के लिए एक शानदार स्कीम शुरू की, मिलेगी मुफ्त एंट्री और वर्क वीज़ा !

ब्रिटेन ब्रिटेन सरकार ने बड़ी खुशखबरी  देते हुए भारतीय युवाओं के लिए एक शानदार स्कीम शुरू की है। ब्रिटेन सरकार ने यूके-इंडिया यंग प्रोफेशनल्स स्कीम 2025 सके तहत 3,000 भारतीय नागरिकों को UK में दो साल तक रहने, काम करने और पढ़ाई करने का अवसर देने ।  इस स्कीम के लिए आवेदन की प्रक्रिया  बैलट (लॉटरी सिस्टम)के जरिए होगी, जो पूरी तरह से निःशुल्क है।  बैलट आवेदन  18 फरवरी 2025 दोपहर 2:30 बजे (IST) से 20 फरवरी 2025 दोपहर 2:30 बजे (IST) तक gov.uk पर खुलेगा। चयनित उम्मीदवारों को  वीज़ा आवेदन के लिए आमंत्रण मिलेगा, जिसके बाद वे UK में दो साल तक रह सकते हैं।   क्या है  वीज़ा स्कीम? यूके-इंडिया यंग प्रोफेशनल्स स्कीम ब्रिटेन और भारत के बीच हुई एक द्विपक्षीय समझौते का हिस्सा है, जिसके तहत हर साल 3,000 भारतीय युवाओं को UK में दो साल तक रहने, काम करने और पढ़ाई करने की अनुमति दी जाती है। इस वीज़ा के लिए आवेदन करने के लिए किसी नौकरी का ऑफर (स्पॉन्सर) होना जरूरी नहीं है। साल  2023 में इस स्कीम के तहत 2,100 भारतीय नागरिकों को वीज़ा जारी किया गया था।  इस साल 3,000 लोगों को यह अवसर मिलने वाला है।      भारतीय नागरिकों के लिए आवेदन की योग्यता शर्तें      उम्र 18 से 30 साल के बीच हो।        भारतीय नागरिक होना अनिवार्य।        कम से कम  £2,530 (लगभग ₹2,70,824) की सेविंग होनी जरूरी।     यह रकम आवेदन से पहले 28 दिनों तक बैंक खाते में लगातार रहनी चाहिए।     आवेदक के साथ कोई आश्रित (18 साल से कम उम्र का बच्चा) नहीं होना चाहिए।        जो लोग पहले से  यूथ मोबिलिटी स्कीम वीज़ा पर हैं, वे आवेदन नहीं कर सकते।       आवेदक के पास किसी भी क्षेत्र में  स्नातक या इससे अधिक योग्यता होनी चाहिए।          यूके के नागरिकों के लिए      उनके पास  UK बैचलर डिग्री या इससे अधिक डिग्री होनी चाहिए।        आवेदन करने से पहले कम से कम ₹2,50,000 (30 दिनों तक) बैंक खाते में रखें ।         अन्य सभी योग्यता शर्तों को पूरा करना अनिवार्य होगा।   आवेदन की  प्रक्रिया    आवेदन के लिए gov.uk  की आधिकारिक वेबसाइट [gov.uk](https://www.gov.uk)  पर जाकर बैलट में भाग लेना होगा। बैलट निःशुल्क होगा, जिसमें उम्मीदवारों को अपना नाम, जन्मतिथि, पासपोर्ट डिटेल (स्कैन कॉपी सहित), फोन नंबर और ईमेल आईडी देनी होगी।    बैलट की समय सीमा      आवेदन 18 फरवरी 2025 (दोपहर 2:30 IST) से 20 फरवरी 2025 (दोपहर 2:30 IST) तक खुलेगा।        बैलट बंद होने के  दो हफ्ते के भीतर चयनित उम्मीदवारों को ईमेल द्वारा सूचना दी जाएगी।      बैलट पूरी तरह से रैंडम (लॉटरी सिस्टम) पर आधारित होगा।        केवल उन्हीं उम्मीदवारों को वीज़ा आवेदन करने का मौका मिलेगा, जिन्हें बैलट में चुना जाएगा।   बैलट में चयन होने के बाद क्या करना होगा? – चयनित उम्मीदवारों को ईमेल के जरिए सूचना मिलेगी  कि वे वीज़ा के लिए आवेदन कर सकते हैं।   – ईमेल मिलने के बाद 90 दिनों के अंदर ऑनलाइन वीज़ा आवेदन पूरा करना होगा।     – वीज़ा आवेदन के साथ बायोमेट्रिक्स (फिंगरप्रिंट और फोटो) जमा करनी होगी। – वीज़ा के लिए आवेदन शुल्क और इमिग्रेशन हेल्थ सरचार्ज (IHS) का भुगतान करना होगा।      वीज़ा मिलने के बाद – वीज़ा प्राप्त करने के बाद उम्मीदवार  दो साल तक UK में रह सकते हैं। – इस दौरान वे  कोई भी नौकरी कर सकते हैं, पढ़ाई कर सकते हैं या यात्रा कर सकते हैं। – इस वीज़ा को  दो साल से अधिक के लिए रिन्यू नहीं किया जा सकता। – दो साल पूरे होने के बाद उम्मीदवार को भारत वापस लौटना अनिवार्य होगा। recent visitors 98

सीएम मोहन यादव 17 फरवरी को नौरोजाबाद के दौरे पर रहेंगे, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे

नौरोजाबाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 17 फरवरी को नौरोजाबाद के दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरान वे कई महत्वपूर्ण विकास कार्यों का भूमि पूजन और लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री बस स्टैंड पर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे, जो नगर के नागरिकों के लिए गौरव का विषय होगा। इसके बाद रामलीला मैदान में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया जाएगा, जहां मुख्यमंत्री जनता को संबोधित करेंगे और विकास कार्यों से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाएं कर सकते हैं। विकास कार्यों को मिलेगी गति मुख्यमंत्री के आगमन से नौरोजाबाद में विकास की नई धारा बहेगी। उनके इस दौरे में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भूमि पूजन और लोकार्पण किया जाएगा, जिससे नगर के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी। सीएम यादव के दौरे को लेकर प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है। सुरक्षा व्यवस्था और अन्य तैयारियों का बारीकी से निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि आयोजन को सफल और ऐतिहासिक बनाया जा सके। दौरे को लेकर तैयारियां जारी मुख्यमंत्री की यात्रा को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल है। नागरिकों को उम्मीद है कि इस दौरे से नौरोजाबाद को कई विकास योजनाओं का लाभ मिलेगा और नगर के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी। इसी संबंध में भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष अग्रवाल ने बताया कि 17 फरवरी को मुख्यमंत्री यादव आएंगे। उनके दौरे को लेकर प्रशासन समेत पार्टी के नेता और कार्यकर्ता तैयारियों में जुटे हुए हैं। सीएम यादव नौरोजाबाद में कई विकास कार्यों का भूमि पूजन करेंगे।   recent visitors 28