Saturday, July 4, 2026 8:45 am

दलाई लामा को Z कैटेगरी सिक्योरिटी, IB की थ्रेट रिपोर्ट के आधार पर मिली सुरक्षा

नई दिल्ली  केंद्रीय गृह मंत्रालय ने खुफिया जानकारी के आधार पर गुरुवार को तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा को जेड श्रेणी की सुरक्षा देने का निर्णय लिया है.इंटेलिजेंस ब्यूरो द्वारा खतरे की रिपोर्ट मिलने के बाद उनकी सुरक्षा व्यवस्था को बढ़ाया गया है. 89 वर्षीय दलाई लामा की सुरक्षा में कुल 33 सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे. इसमें उनके आवास पर सशस्त्र स्टेटिक गार्ड के अलावा 24 घंटे सुरक्षा देने वाले निजी सुरक्षा अधिकारी और शिफ्ट में काम करने वाले सशस्र कमांडो शामिल हैं. इस बढ़ी हुई सुरक्षा व्यवस्था के तहत 89 वर्षीय आध्यात्मिक गुरु को कुल 33 सुरक्षाकर्मी मिलेंगे, जिनमें उनके आवास पर तैनात सशस्त्र स्टैटिक गार्ड, चौबीसों घंटे सुरक्षा प्रदान करने वाले निजी सुरक्षा अधिकारी और शिफ्ट में सशस्त्र अनुरक्षण करने वाले कमांडो शामिल हैं. इसके अतिरिक्त, उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षित ड्राइवर और निगरानी कर्मी हर समय ड्यूटी पर रहेंगे. 33 सुरक्षाकर्मियों में 10 आर्म्ड स्टैटिक गार्ड शामिल हैं जो उनके घर पर रहेंगे. इसके अलावा 6 राउंड द क्लॉक पीएसओ,12 तीन शिफ्ट में आर्म्ड स्कॉर्ट के कमांडो, 2 वॉचर्स शिफ्ट में और 3 ट्रेंड ड्राइवर राउंड द क्लॉक सुरक्षाकर्मी मौजूद रहेंगे. 1959 से भारत में रह रहे दलाई लामा तिब्बत में चीनी शासन से भागने के बाद तिब्बती आध्यात्मिक गुरु 1959 से भारत में रह रहे हैं. उनके वैश्विक प्रभाव और तिब्बत के इर्द-गिर्द संवेदनशील भू-राजनीतिक तनावों को देखते हुए भारत सरकार उन्हें उच्च-स्तरीय सुरक्षा कवर प्रदान करती है. पिछले कुछ वर्षों में, खुफिया रिपोर्टों ने चीन समर्थित अभिनेताओं सहित विभिन्न संस्थाओं से दलाई लामा के जीवन को संभावित खतरों का संकेत दिया है, जिससे उनकी सुरक्षा भारतीय अधिकारियों के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता बन गई है. कई तरह की होती है सुरक्षा व्यवस्था बता दें कि भारत सरकार की ओर से देश के कुछ लोगों को खास तरह की सिक्योरिटी दी जाती है. केंद्र सरकार ने सुरक्षा के लिए पांच कैटेगरी बना रखी है. इसमें X, Y, Y+, Z और Z+ शामिल है. खतरे के हिसाब से व्यक्ति को सुरक्षा दी जाती है. कैटेगरी बढ़ने के साथ-साथ खर्चा भी बढ़ता जाता है. किस कैटेगरी की सुरक्षा पर कितना खर्चा होता है, इसकी कोई सटीक जानकारी नहीं है. हालांकि, अनुमान है कि Z+ कैटेगरी की सुरक्षा पर हर महीने 15 से 20 लाख रुपये का खर्चा आता है. सके अलावा एक एसपीजी सिक्योरिटी होती है, जो सिर्फ देश के प्रधानमंत्री को मिली है. एसपीजी एक अलग फोर्स की तरह है, जो सिर्फ प्रधानमंत्री को कवर करती है. कैसी होगी सुरक्षा व्यवस्था? 33 सिक्योरिटी फोर्सेज में 10 सशस्त्र स्टैटिक गार्ड जो उनके घर पर रहेंगे. वहीं, 6 निजी सुरक्षा अधिकारी (PSO) जो चौबीसों घंटे उनके साथ मौजूद रहेंगे. साथ ही 12 कमांडो जो तीन शिफ्टों में उन्हें सुरक्षा देंगे. 2 वॉचर्स जो शिफ्ट में निगरानी करेंगे. 3 ट्रेंड ड्राइवर, जो हर समय उनके काफिले में साथ रहेंगे. इसके अलावा, उनकी सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी और अन्य व्यवस्थाएँ भी लागू की गई हैं. कौन हैं  बौद्ध धर्म के सर्वोच्च आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा? दलाई लामा का जन्म सन् 1935 में ल्हामो थोंडुप के रूप में हुआ था. जब वे 2 साल के थे, तब उन्हें उनके पूर्ववर्ती तिब्बती धर्मगुरु का पुनर्जन्म माना गया. साल 1940 में उन्हें तिब्बत की राजधानी ल्हासा में 14वें दलाई लामा के रूप में मान्यता दी गई. वहीं,  1950 में चीन ने तिब्बत पर हमला किया. इसके बाद सन 1959 में चीन के खिलाफ एक विद्रोह असफल हो गया, जिसके कारण दलाई लामा भारत आ गए. तब से वे हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में निर्वासन में रह रहे हैं. उनके अहिंसा और शांति के प्रयासों के लिए सन 1989 में उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. recent visitors 18

शिवराज सिंह चौहान बेटे की हल्दी की रस्म में जमकर नाचे, 14 फरवरी को शादी

भोपाल मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान(Shivraj Singh Chouhan) की कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहीं हैं। वायरल वीडियो में शिवराज सिंह का खुशनुमा अंदाज आपके गालों को गुदगुदा देगा। छोटे बेटे कुणाल सिंह चौहान की शादी की रस्मों में शिवराज सिंह और उनकी पत्नी साधना सिंह(Sadhna Singh Chouhan) बेहद खुश नजर आ रहे है। बॉलीवुड के प्यार भरे गाने पर दोनों के डांस का वीडियो वायरल हो रहा है। साथी ही केंद्रीय मंत्री अपनी पत्नी के लिए गाना गाते हुए भी नजर आ रहे हैं। गाने के बोल थे, ‘जनम-जनम का साथ है हमारा-तुम्हारा ।’ यहां देखिए पूर्व सीएम के वायरल डांस और तस्वीरों की झलकियां। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के दोनों बेटों की जल्द शादी होने वाली है। छोटे बेटे कुणाल वेलेंटाइन डे 14 फरवरी को सात फेरे लेंगे। वहीं, बड़े बेटे कार्तिकेय 6 मार्च को शादी करेंगे। बुधवार को कुणाल के मंडप लगाने की रस्म के साथ हल्दी रस्म भी निभाई गई। हल्दी में जमकर किया डांस शिवराज सिंह चौहान ने हल्दी की रस्म में साधना सिंह के साथ डांस की किया। डांस के फोटो भी शिवराज सिंह चौहान ने शेयर किए हैं। इसके साथ ही शादी में निभाई जाने वाली कई रस्मों को भी निभाया है। क्या लिखा शिवराज सिंह चौहान ने शिवराज सिंह चौहान ने लिखा- "आज बेटे कुणाल के विवाह अवसर पर सनातन परंपरा अनुसार विधिपूर्वक मंडप की स्थापना की गई। मैंने, धर्मपत्नी साधना और बेटे कुणाल के साथ षोडशोपचार विधि से वेद मंत्रों के साथ पूजन किया। श्री गणेश, अंबिका और वरुण पूजन के साथ मंडपांग देवता की पूजा-अर्चना की। साथ ही, मंडप रक्षा हेतु त्रिसूत्रीकरण कुणाल के फूफा जी द्वारा संपन्न कराया गया।" कौन हैं शिवराज सिंह की बहू केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के छोटे बेटे कुणाल की शादी वैलेंटाइन डे को भोपाल में होगी। कुणाल की जाने माने डॉक्टर इंद्रमल जैन की पोती रिद्धि जैन से सगाई हुई थी। कुणाल और रिद्धि एक साथ पढ़े हैं। कहा जा रहा है कि यह दोनों की लव मैरिज है। वहीं, शिवराज सिंह चौहान के बड़े बेटे कार्तिकेय डेस्टिनेशन वेडिंग करेंगे। उनकी शादी 5-6 मार्च को उदयपुर में अमानत बंसल से होगी। recent visitors 40

जबलपुर रेलवे स्टेशन में गुरुवार तड़के युवक ने की तोड़फोड़, RPF ने हिरासत में लिया

जबलपुर मध्य प्रदेश के जबलपुर से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। जब रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 1 पर आज रात करीब ढाई बजे विक्षिप्त युवक ने जमकर हंगामा किया। बता दें कि युवक ने हाथों में लोहे की रॉड लेकर रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर पर हमला कर दिया और उसे तोड़ने लगा। जिससे मौके पर मौजूद यात्री भयभीत होकर वहां से भाग गए। इधर, घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और हंगामा कर रहे युवक को हिरासत में लिया। युवक भी हुआ घायल रेलवे कर्मचारियों ने जब युवक को रोकने की कोशिश की, तो उसने उन पर भी हमला करने का प्रयास किया। हालांकि, तब तक युवक ने पूरे टिकट काउंटर को नुकसान पहुंचा चुका था। इस घटना में कंप्यूटर, प्रिंटर और अन्य सामग्री नष्ट हो गई, जिससे रेलवे को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। वहीं, युवक में इस दौरान घायल हुआ है। RPF ने दी जानकारी आरपीएफ थाना प्रभारी आरके मंसूरी ने बताया कि वायरलेस पर सूचना मिली थी कि प्लेटफार्म नंबर 1 पर एक युवक हंगामा कर रहा है। सूचना मिलते ही आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची और युवक को पकड़ लिया। उन्होंने बताया कि रेलवे स्टेशन के पास कई अवैध रास्ते बनाए गए हैं, जिनके माध्यम से लोग स्टेशन परिसर में घुस आते हैं। रेलवे प्रशासन कई बार इन रास्तों को बंद करने और ऐसे लोगों को स्टेशन से बाहर निकालने की कार्रवाई कर चुका है, लेकिन वे बार-बार स्टेशन में प्रवेश कर जाते हैं। फिलहाल, पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, प्लेटफार्म नंबर एक के टिकट काउंटर पर रात करीब ढ़ाई बजे एक 25 वर्षीय युवक ने तोड़फोड़ की है। युवक अपने हाथों मे लोहे की रॉड लेकर पहुंचा और अचानक काउंटर में तोड़फोड़ करने लगा। मौके पर मौजूद कर्मचारी जब उसे पकड़ने पहुंचे तो वह लोहे की रॉड लेकर उनके पीछे दौड़ा और अंदर घुस गया। इस दौरान युवक ने काउंटर में रखी मशीन, कम्प्यूटर भी तोड़ दिए। रेलवे कर्मचारियों ने उसे रोकने की कोशिश की तो युवक ने उन पर भी हमला कर दिया, हालांकि रेलवे कर्मचारियों को ज्यादा चोटें नहीं आई। युवक करीब 10 मिनट तक हंगामा करता रहा। मौके पर मौजूद यात्री हंगामा देख वहां से भाग खड़े हुए। हंगामे की जानकारी लगते ही आरपीएफ थाना प्रभारी आरके मंसूरी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और युवक को हिरासत में लिया। हंगामा कर रहे युवक को भी चोटें आई है। आरपीएफ थाना प्रभारी ने बताया कि रात करीब ढ़ाई से पौने तीन के बीच वायरलेस पर सूचना मिली थी कि कोई व्यक्ति प्लेटफार्म-1 पर तोड़फोड़ कर रहा है। जिसके बाद युवक को हिरासत में लिया गया है। तोड़फोड़ में रेलवे को काफी नुकसान हुआ है। हालांकि टिकट मशीन सुरक्षित है। जिसके चलते टिकट वितरण का काम प्रभावित नहीं हुआ है। युवक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। थाना प्रभारी के मुताबिक युवक मानसिक रूप से विक्षिप्त। रेलवे स्टेशन के अंदर और बाहर कई विक्षिप्त घूमते रहते है, जिन्हें समय-समय पर वहां से हटाया जाता है। पर वह फिर अंदर घुस आते है। recent visitors 22

आखिर अयोध्या राम मंदिर से जुड़ा फैसला सुनाने से पहले पूर्व CJI भगवान के पास क्यों बैठे

नई दिल्ली भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने अपने कार्यकाल पर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया है कि आखिर अयोध्या राम मंदिर से जुड़ा फैसला सुनाने से पहले वह भगवान के पास क्यों बैठे थे। साथ ही उन्होंने गणेश पूजा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उनके घर आने पर भी प्रतिक्रिया दी है। खास बात है कि इन दोनों ही मुद्दों को लेकर विपक्षी राजनीतिक दलों ने जमकर आपत्ति जताई थी। बीबीसी से बातचीत में फैसले को लेकर जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, 'अगर आप सोशल मीडिया देखेंगे और जज की कही बात समझने की कोशिश करेंगे, तो आपको गलत जवाब मिलेगा। मैं इनकार नहीं करता कि मैं धार्मिक व्यक्ति हूं। हमारे संविधान में यह जरूरी नहीं है कि आपको स्वतंत्र जज होने के लिए नास्तिक होना होगा और मैं अपनी आस्था का सम्मान करता हूं। मेरी आस्था मुझे धर्म की सार्वभौमिकता सिखाती है।' उन्होंने कहा, 'जो भी मेरी अदालत में आया, उसे निष्पक्ष न्याय दिया गया है। फिर चाहे वह किसी भी धर्म का हो। यह सुप्रीम कोर्ट के सभी दूसरे जजों पर भी लागू होता है।' पूर्व सीजेआई ने बताया कि न्यायाधीश संघर्ष में काम करते हैं। उन्होंने कहा , 'ऐसे संघर्ष के बीच आप शांति कैसे पा सकते हैं। अलग-अलग जजों के पास शांति हासिल करने के अलग-अलग तरीके होते हैं। मेरे लिए ध्यान और प्रार्थना बहुत जरूरी है, लेकिन ध्यान और प्रार्थना मुझे सिखाती है कि देश के हर धार्मिक समूह और समुदाय के साथ निष्पक्ष रहना है।' दरअसल, जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा था कि वह अयोध्या पर फैसले से पहले भगवान के सामने बैठे थे। पीएम मोदी के घर पर आने पर क्या बोले इस मामले पर जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, 'मुझे लगता है कि हमारी व्यवस्था इतनी मेच्योर तो है जो समझ सके कि उच्च संवैधानिक पदाधिकारियों के बीच जो शिष्टाचार होता है, उसका मामलों से कोई लेना देना नहीं होता है।' उन्होंने कहा कि पीएम के घर आने से पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड जैसे मामलों में फैसले दिए हैं और उनके आने के बाद भी। उन्होंने कहा, 'लोकतांत्रिक समाज में न्यायपालिका की भूमिका संसद में विपक्ष की नहीं होती है। हम यहां मामलों पर फैसला करने के लिए और कानून के हिसाब से काम करने के लिए हैं।' जस्टिस चंद्रचूड़ बीते साल नवंबर में रिटायर हो गए थे। अब सीजेआई संजीव खन्ना हैं। recent visitors 34

एमपी टूरिज्म बोर्ड और वी रियल संस्था के बीच हुआ एमओयू,विदेशी पर्यटकों की संख्या में होगी वृद्धि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में गुरूवार को एमपी टूरिज्म बोर्ड और फिनलैंड की संस्था वी रियल के बीच प्रदेश के पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों और संग्रहालयों पर आधुनिक तकनीक का उपयोग कर वर्चुअल टूर तैयार करने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जीवंत अनुभूति देने वाले इन वर्चुअल टूर के माध्यम से अब पर्यटन, इतिहास और संस्कृति में रूचि रखने वाले व्यक्ति, अपने देश में रहते हुए मध्यप्रदेश के गौरवशाली इतिहास और समृद्ध संस्कृति से परिचित हो सकेंगे। इससे प्रदेश के पर्यटन स्थलों और एतिहासिक धरोहरों का वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने में मदद मिलेगी और विश्व के विभिन्न देशों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में भारत में फिनलैंड के राजदूत किम्मो लाहदेविर्ता का शॉल और पुष्प-गुच्छ भेंट कर स्वागत किया और प्रदेश के पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों और संस्कृति को प्रदर्शित करती कॉफी टेबल बुक भेंट की। प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति शिव शेखर शुक्ला ने बताया कि फिनलैंड की कंपनी वी-रियल द्वारा इतिहास, संस्कृति, और धरोहर का उन्नत तकनीक के माध्यम से वीडियो निर्माण कर संरक्षित और पुनर्जीवित किया जाता है। कंपनी इस वर्चुअल टूर को अपने प्लेट फार्म पर उपलब्ध कराती है, जो वैश्विक स्तर पर शैक्षणिक संस्थाओं सहित टूर और ट्रैवल संस्थानों सहित आम नागरिकों के लिए उपलब्ध रहते हैं। आज हुए इस एमओयू से मध्यप्रदेश के इतिहास और संस्कृति की अद्यतन जानकारी वर्चुअल स्वरूप में वैश्विक स्तर पर सहज रूप से उपलब्ध होगी। एमओयू हस्ताक्षर अवसर पर अपर प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड सुबिदिशा मुखर्जी, वी रियल संस्था के सीईओ जोहानेस स्वॉर्डस्टॉर्म सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।   recent visitors 30

इंफोसिस के नौकरी छीनने के तरीके पर उठे सवाल, बाउंसर बुलाकर 6 बजे तक कैंपस खाली करने को कहा

नई दिल्ली आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी इन्फोसिस द्वारा लगभग 400 ट्रेनी को नौकरी से निकालने को लेकर विवाद गहरा गया है। इन्फोसिस ने इस फैसले का बचाव करते हुए कहा है कि यह कदम उन उनके असेसमेंट में तीन बार असफल होने के बाद उठाया गया है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया दो दशकों से लागू है और इसके अंतर्गत ट्रेनी को तीन प्रयासों में असेसमेंट पास करना अनिवार्य होता है। इन्फोसिस ने पीटीआई से बातचीत में कहा, "सभी ट्रेनी को असेसमेंट पास करने के लिए तीन मौके दिए जाते हैं, अगर वे इनमें असफल रहते हैं तो वे कंपनी के साथ बने नहीं रह सकते हैं।" आपको बता दें कि यह मैसूर कैंपस का मामला है। इन्होंने सितंबर 2024 में कंपनी जॉइन की थी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इन्हें निकालने की प्रक्रिया काफी व्यवस्थित तरीके से की गई थी। 50-50 के बैच में 9:30 बजे से लैपटॉप लेकर बुलाया गया। इस दौरान वहां सुरक्षा कर्मी और बाउंसर भी मौजूद थे। कंपनी के इस कदम पर आलोचना की जा रही है। उन्हें कैंपस छोड़ने के लिए भी कम समय दिया गया। एक महिला कर्मचारी ने मैनेजमेंट से रात को रुकने की अनुमति देने की विनती की, लेकिन उसे 6 बजे तक कैंपस छोड़ने का आदेश दिया। कर्मचारी ने कहा, "मैं कल जाऊंगी। अभी कहां जाऊंगी?" अधिकारियों ने जवाब दिया, “हमें नहीं पता, अब आप कंपनी का हिस्सा नहीं हैं।” अधिकांश प्रभावित कर्मचारी 2022 बैच के इंजीनियर थे। इन्होंने इन्फोसिस के मैसूर कैंपस में ट्रेनिंग ली थी। आईटी कर्मचारियों की यूनियन NITES ने इन्फोसिस पर बर्खास्तगी की प्रक्रिया के दौरान धमकाने के आरोप लगाए हैं। NITES के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह सलूजा ने आरोप लगाया, "कंपनी ने बाउंसर और सुरक्षा कर्मियों का उपयोग कर्मचारियों को डराने-धमकाने के लिए किया और उन्हें मोबाइल फोन रखने की अनुमति नहीं दी, ताकि वे इस घटना को कैद नहीं कर सकें या किसी से मदद नहीं मांग सकें।" recent visitors 49

फिलीपींस के बाद अब चार और देशों ने ब्रह्मोस मिसाइल को हासिल करने में रुचि दिखाई

नई दिल्ली भारत की बनाई ब्रह्मोस मिसाइल के फैन दुनिया के कई देश हो गए हैं। फिलीपींस के बाद अब खबरें हैं कि चार और देशों ने इस सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइल को हासिल करने में रुचि दिखाई है। हालांकि, इस लेकर सेना या सरकार की तरफ से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। भारत ने बीते साल ही में फिलीपींस को ब्रह्मोस की डिलीवरी करना शुरू किया है। ट्रिब्यून इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, भारत 4 और देशों को ब्रह्मोस बेचने की योजना बना रहा है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इनमें संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, मिस्र और वियतनाम शामिल है। इससे पहले भारत पहले ही यह मिसाइल फिलीपींस को बेच चुका है। वहीं, इंडोनेशिया से डील पर चर्चाओं का दौर जारी है। संभावनाएं जताई जा रही हैं कि कुछ समय में इंडोनेशिया से एक प्रतिनिधिमंडल भारत आ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, देश मुख्य रूप से ब्रह्मोस का लैंड वर्जन खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं। जबकि, फिलीपींस ने तट पर इस्तेमाल किए जाने वाले वेरिएंट की मांग की थी, जो एंटी शिप क्रूज मिसाइल बन सकता हो। इसकी रेंज 290 किमी होगी। भारत के पास जमीन, समुद्र और हवाई वर्जन मौजूद हैं। खास बात है कि फिलीपींस उन 6 देशों में से एक है, जिनका समुद्री क्षेत्र को लेकर चीन के साथ साउथ चाइना सी में विवाद चल रहा है। अखबार से बातचीत में ब्रह्मोस के महानिदेशक जेआर जोसी ने जानकारी दी है कि ब्रह्मोस एनजी के ट्रायल शुरू हो गए हैं। ये ट्रायल 2026 तक पूरे हो जाएंगे। एनजी वर्जन को सुखोई 30 एमकेआई लड़ाकू विमान के साथ जोड़ा जाना है। इन्हें सुखोई के पंख पर लगाया जाएगा। एयरो इंडिया 2025 के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि देश बदलाव के क्रांतिकारी दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा, 'हम सभी जानते हैं कि भारत ऐतिहासिक रूप से अपनी रक्षा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर रहा है। अगर मैं एक दशक पहले की बात करूं तो हमारे देश में 65 से 70 प्रतिशत रक्षा उपकरण आयात किए जाते थे।' उन्होंने कहा, 'यदि हम आज की स्थिति को देखें तो आप इसे समाधान या चमत्कार कह सकते हैं, लेकिन आज देश में लगभग उतने ही प्रतिशत रक्षा उपकरणों का निर्माण हो रहा है।' सिंह ने कहा, 'आज हम ऐसे मोड़ पर खड़े हैं जहां लड़ाकू विमान, मिसाइल प्रणाली, नौसैन्य पोत या ऐसे अनेक उपकरण और प्लेटफॉर्म न सिर्फ हमारी सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं बल्कि पूरी दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र भी बन रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'आज हम छोटे तोपखानों से लेकर ब्रह्मोस और आकाश मिसाइल प्रणाली जैसे बड़े प्लेटफॉर्म तक, सब कुछ कई देशों को निर्यात कर रहे हैं। इससे न केवल हमारा रक्षा निर्यात बढ़ रहा है बल्कि वैश्विक स्तर पर विभिन्न देशों के साथ हमारी नई साझेदारियां भी विकसित और मजबूत हो रही हैं।' recent visitors 72