यूट्यूबर एल्विश यादव की मुश्किलें बढ़ी, चुम दरांग पर कमेंट करना पड़ा भारी

मुंबई चुम दरांग पर कमेंट करने के बाद से ही यूट्यूबर एल्विश यादव की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। एल्विश को नेशनल कमिशन फॉर वुमन ने चुम दरांग के खिलाफ की गई नस्लीय टिप्पणी के लिए तलब किया है। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्हें 17 फरवरी को पेश होने के लिए कहा गया है। एनसीडब्ल्यू ने एल्विश द्वारा अपने पॉडकास्ट पर चुम पर अपमानजनक कमेंट करने के बाद संज्ञान लिया। उन्होंने चुम के नाम और जातीयता का मज़ाक उड़ाया, जिसके लिए उन्हें कड़ी आलोचना झेलनी पड़ी। उन्होंने चुम का मज़ाक उड़ाते हुए 'गंगूबाई काठियावाड़ी' में उनके काम करने का भी मज़ाक उड़ाया। उन्होंने कहा, 'करणवीर को पक्का कोविड था क्योंकि चुम किसको पसंद आती है भाई, इतना स्वाद किसका ख़राब होता है! और चुम के तो नाम में ही अश्लीलता है… नाम चुम और काम गंगूबाई काठियावाड़ी में किया है।' एल्विश ने चुम पर किया था कमेंट उनके कमेंट को सोशल मीडिया पर काफी आलोचना का सामना करना पड़ा। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार अरुणाचल प्रदेश राज्य महिला आयोग (एपीएससीडब्ल्यू) ने 'अपमानजनक और नस्लवादी' कमेंट की कड़ी निंदा की है। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष को संबोधित एक लेटर में एपीएससीडब्ल्यू की अध्यक्ष केंजुम पाकम ने कहा कि यह कमेंट न केवल चुम का बल्कि पूर्वोत्तर भारत की महिलाओं का भी अपमान है। आयोग ने एल्विश के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और अधिकारियों से कानून के अनुसार इस मुद्दे को हल करने के लिए कहा। चुम ने नोट में लिखा ये सब चुम ने भी इस मुद्दे पर कड़ा रिएक्शन दिया है। उन्होंने एल्विश के कमेंट की निंदा करते हुए एक नोट पोस्ट किया। उनका नाम लिए बिना, उन्होंने बताया कि एल्विश ने मजाक और नफरत के बीच की रेखा को पार कर लिया है। चुम ने लिखा, 'किसी की पहचान और नाम का अनादर करना 'मजेदार' नहीं है। किसी की उपलब्धियों का मज़ाक उड़ाना 'मज़ाक' नहीं है। अब समय आ गया है कि हम हास्य और घृणा के बीच की रेखा खींचें। इससे भी ज़्यादा निराशाजनक बात यह है कि यह सिर्फ़ मेरी जातीयता के बारे में नहीं था, मेरी कड़ी मेहनत और संजय लीला भंसाली जैसे फ़िल्ममेकर का भी अनादर किया गया।' recent visitors 58

व्हाइट हाउस में मोदी-ट्रंप की जुगलबंदी दिखी, कुर्सी पर बिठाना हो या गले लगकर कहना- आप याद आए

वॉशिंगटन ट्रंप ने वाशिंगटन डीसी स्थित व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान उन्हें ‘अवर जर्नी टुगेदर’ पुस्तक भेंट की। किताब में पीएम मोदी और ट्रंप की दोस्ती की पुरानी यादें संकलित हैं। इसमें ट्रंप के भारत दौरे की अहम यादें भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच व्हाइट हाउस में हुई वार्ता में अमेरिकी राष्ट्रपति ने मोदी को जमकर सराहा। उन्होंने कई मुद्दों पर भारत के रुख को गंभीरता से समझने की कोशिश की। इस दौरान दोनों की दोस्ती और जुगलबंदी भी देखने को मिली। फिर चाहे पीएम मोदी को कुर्सी पर बिठाना हो या फिर गले लगकर कहना कि आपकी बहुत याद आई। ट्रंप ने मोदी को उपहार के रूप में एक किताब भी दी। इस किताब के पहले पन्ने पर लिखा था- मिस्टर प्राइम मिनिस्टर, यू आर ग्रेट। ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उनसे कहीं ज्यादा कठोर वार्ताकार हैं। उनसे कोई मुकाबला ही नहीं है। बातचीत या समझौते को लेकर ट्रंप ने मोदी को खुद से कहीं ज्यादा सख्त और बेतहर बताया। पीएम मोदी के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब ट्रंप से पूछा गया कि उनमें से कौन आज ज्यादा सख्त मोलभाव कर सकता है तो ट्रंप ने कहा, 'पीएम नरेंद्र मोदी मुझसे कहीं ज्यादा सख्त मोलभाव करने वाले हैं और वह मुझसे कहीं ज्यादा बेहतर वार्ताकार हैं। कोई मुकाबला ही नहीं है।   मस्क से की मुलाकात प्रधानमंत्री मोदी ने स्पेसएक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एलन मस्क से मुलाकात की। इस दौरान अंतरिक्ष, प्रौद्योगिकी और ऊर्जा क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों पर चर्चा की गई। बैठक में भारत और अमेरिका में सुशासन के प्रयासों पर विचारों का भी आदान-प्रदान किया गया। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने मस्क को अपने प्रशासन के नवगठित सरकारी दक्षता विभाग (डीओजीई) का प्रमुख चुना था। बैठक के लिए मस्क अपने तीन छोटे बच्चों समेत परिवार के साथ ब्लेयर हाउस पहुंचे थे।   पाकिस्तान से 26/11 हमलों के दोषियों को न्याय के कठघरे में लाने का आह्वान प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप ने पाकिस्तान से आह्वान किया कि वह 26/11 के मुंबई हमलों के साजिशकर्ताओं को न्याय के कठघरे में लाने के लिए अपने प्रयास में तेजी लाए। ट्रंप ने इस नृशंस हमले के मुख्य साजिशकर्ता तहव्वुर राणा को भारत को प्रत्यर्पित करने को मंजूरी देने की घोषणा की है। उन्होंने कहा, 'वह न्याय का सामना करने के लिए भारत वापस जा रहा है। हम उसे तुरंत भारत वापस भेज रहे हैं और इस तरह के और प्रत्यर्पण हो सकते हैं क्योंकि हमारे पास भारत से काफी अनुरोध हैं।'   असैन्य परमाणु सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमत प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप ने 16 साल पहले दोनों देशों के बीच हुए ऐतिहासिक असैन्य परमाणु समझौते के तहत भारत में अमेरिकी डिजाइन वाले परमाणु रिएक्टरों के निर्माण को सुविधाजनक बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लिया। ट्रंप और मोदी ने अपनी बातचीत में ऊर्जा सहयोग को उल्लेखनीय रूप से आगे बढ़ाने का फैसला किया।   भारत को मिलेंगे एफ-35 लड़ाकू विमान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच रक्षा और ऊर्जा समेत अन्य रणनीतिक संबंधों को व्यापक बनाने की दिशा में बड़ी छलांग लगाने का ऐलान करते हुए कहा कि वाशिंगटन भारत को अत्याधुनिक एफ-35 लड़ाकू विमान देगा। ट्रंप ने कहा कि भारत व्यापार घाटे को कम करने के लिए अमेरिका से एफ-35 लड़ाकू विमानों सहित अधिक तेल, गैस और सैन्य उपकरण खरीदेगा, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि वाशिंगटन जवाबी शुल्क से भारत को नहीं बख्शेगा।   ‘अवर जर्नी टुगेदर’ के जरिए याद किए अपनी दोस्ती के पल ट्रंप ने वाशिंगटन डीसी स्थित व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के दौरान उन्हें ‘अवर जर्नी टुगेदर’ पुस्तक भेंट की। किताब में पीएम मोदी और ट्रंप की दोस्ती की पुरानी यादें संकलित हैं। इसमें ट्रंप के भारत दौरे की अहम यादें भी शामिल हैं। किताब में अमेरिकी राष्ट्रपति के भारत दौरे पर आयोजित किए गए 'नमस्ते ट्रंप' कार्यक्रम की शानदार तस्वीरें संजोई गईं हैं। किताब में ट्रंप और मेलानिया की भी तस्वीरें हैं, जब दोनों ने आगरा का दौरा किया था और ताज का दीदार किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'मुझे खुशी है कि यहां प्रवेश करते ही मेरे मित्र ने मुझे पुरानी अहमदाबाद के क्रिकेट स्टेडियम की याद दिलाई recent visitors 42

लीजेंड्स लीग टी20 10 मार्च से राजस्थान के नाथद्वारा में होगी, फाइनल मुकाबाल 18 मार्च को होगा

नई दिल्ली आईपीएल 2025 का फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. इससे पहले एक और गुड न्यूज आई है. टी20 क्रिकेट की लोकप्रियता बढ़ने के साथ कई नई टी20 लीग आयोजित होने लगी हैं. अब एक और नई टी20 लीग लॉन्च हुई है. इसे भारतीय क्रिकेटर और मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा ने लॉन्च किया है. जिसका नाम एशियन लीजेंड्स लीग टी20 रखा गया है. इसमें सिर्फ एशिया के क्रिकेटर्स ही हिस्सा लेंगे. पूर्व भारतीय क्रिकेटर और मुख्य चयनकर्ता चेतन शर्मा द्वारा समर्थित एशियन लीजेंड्स लीग टी20 की शुरुआत 10 मार्च से राजस्थान के नाथद्वारा में होगी, जबकि फाइनल मुकाबाल 18 मार्च को होगा. सभी मैच नाथद्वारा में खेले जाएंगे. एशियन लीजेंड्स लीग टी20 लीग की सभी टीमें     इंडियन रॉयल्स     श्रीलंकाई लायंस     बांग्लादेश टाइगर्स     अफगानिस्तान पठान     रेस्ट ऑफ एशियन स्टार्स प्लेयर्स ड्रॉफ्ट और कोच लीग में खिलाड़ियों का चयन 15 फरवरी को दिल्ली में प्लेयर्स ड्रॉफ्ट के जरिए होगा. खिलाड़ियों को पहले से रजिस्ट्रेशन कराना होगा. एशियन लीजेंड्स लीग टी20 का पूरा शेड्यूल     10 मार्च, दोपहर 3 बजे: अफगानिस्तान पठान बनाम एशियन स्टार्स     10 मार्च, शाम 7 बजे: इंडियन रॉयल्स बनाम बांग्लादेश टाइगर्स     11 मार्च, दोपहर 3 बजे: बांग्लादेश टाइगर्स बनाम अफगानिस्तान पठान     11 मार्च, शाम 7 बजे: इंडियन रॉयल्स बनाम श्रीलंकाई लायंस     12 मार्च, दोपहर 3 बजे: श्रीलंकाई लायंस बनाम अफगानिस्तान पठान     12 मार्च, शाम 7 बजे: बांग्लादेश टाइगर्स बनाम एशियन स्टार्स     13 मार्च, दोपहर 3 बजे: एशियन स्टार्स बनाम श्रीलंकाई लायंस     13 मार्च, शाम 7 बजे: इंडियन रॉयल्स बनाम अफगानिस्तान पठान     14 मार्च, दोपहर 3 बजे: श्रीलंकाई लायंस बनाम बांग्लादेश टाइगर्स     14 मार्च, शाम 7 बजे: इंडियन रॉयल्स बनाम एशियन स्टार्स एलिमिनेटर 1: 15 मार्च, दोपहर 3 बजे: रैंक 4 बनाम रैंक 5 क्वालीफायर 1: 15 मार्च, शाम 7 बजे: रैंक 1 बनाम रैंक 2 एलिमिनेटर 2: 16 मार्च, शाम 7 बजे: रैंक 3 बनाम विजेता एलिमिनेटर 1 क्वालीफायर 2: 17 मार्च, शाम 7 बजे: क्वालीफायर 1 हारने वाला बनाम विजेता एलिमिनेटर 2 फाइनल: 18 मार्च, शाम 7 बजे: क्वालीफायर 1 बनाम क्वालीफायर 2 recent visitors 63

मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में महाकुंभ आए मंत्रिगणों, सांसद, विधायकों के प्रति मुख्यमंत्री योगी ने जताया आभार

रायपुर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्य नाथ ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महाकुंभ आए मंत्रिगणों, सांसद, विधायकों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि महाकुम्भ पर्व, भारत की हजारों वर्षों से जागृत सांस्कृतिक एवं अध्यात्मिक ज्ञान की जीवंत ज्योति है।   उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्य नाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के यशस्वी मार्गदर्शन में आस्था का यह दिव्य महोत्सव महाकुम्भ-2025, प्रयागराज सकल विश्व को अपनी भव्यता और दिव्यता के दर्शन करा रहा है। तीर्थराज प्रयाग के अमृत समागम में पधारे श्रद्धालु माँ गंगा, माँ यमुना और माँ सरस्वती के पावन संगम में आस्था की डुबकी लगाकर स्वयं को धन्य कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज महाकुंभ में त्रिवेणी संगम पर माँ गंगा की पूजा-अर्चना कर पुण्य स्नान किया। उन्होंने कहा कि 144 वर्षों बाद महाकुम्भ का शुभ मुहूर्त आया है, जिसके अंतर्गत आज तीर्थराज प्रयाग के त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान का लाभ प्राप्त हुआ। इस अवसर पर उन्होंने माँ गंगा, यमुना और सरस्वती से प्रदेशवासियों की खुशहाली और आरोग्य की मंगलकामना की है। recent visitors 42

सीएम मोहन यादव का दिल्ली में हुआ एक और घर, नए बंगले में जल्द करेंगे गृह प्रवेश

भोपाल मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का राजधानी दिल्ली के लुटियंस में एक घर होगा। सीएम को 14 अशोक रोड पर एक कोठी अलॉट हो गई है। इस बंगले में वर्षों से पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी रह रही थीं। हाल ही उन्होंने यह घर खाली किया था। अब यह कोठी मध्यप्रदेश के सीएम के नाम अलॉट हो गई है। बीते दिनों मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने इसका निरीक्षण भी किया है। इस दौरान उनके साथ मध्यप्रदेश के अधिकारियों की टीम भी मौजूद थी। सूत्रों का कहना है कि, सीएम ने दिल्ली में यह आवास इसलिए लिया है कि उनके प्रवास से जुड़ी गोपनीयता बनी रहे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, निरीक्षण के दौरान मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने घर को अपनी जरूरत के हिसाब से तैयार करने के निर्देश भी दिए। हालांकि, इस बंगले को पूरा तैयार होने में करीब तीन से चार माह लगेंगे। इसके बाद सीएम शुभ मुहूर्त देखकर दिल्ली के नए घर में प्रवेश करेंगे। अभी सीएम अपने दिल्ली प्रवास के दौरान चाणक्यपुरी स्थित न्यू मध्यप्रदेश भवन में ठहरते हैं। हालांकि, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजधानी दिल्ली में बंगला अलॉट नहीं करवाया था। वे मध्यप्रदेश भवन में ही आकर ठहरते थे और यहीं अधिकारियों की बैठक लेते थे। केंद्रीय मंत्री बनने के बाद शिवराज सिंह चौहान को सफदरजंग रोड पर बंगला अलॉट हुआ है। जबकि, पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए कभी भी मध्यप्रदेश भवन का उपयोग ठहरने के लिए नहीं किया था। वे दिल्ली प्रवास के दौरान राजदूत मार्ग स्थित अपने घर पर ठहरते थे। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए दिल्ली में लोधी स्टेट में सरकारी आवास अलॉट करवाया था। सूत्रों का कहना है कि, कुछ महीनों पहले मध्यप्रदेश के सीएम दिल्ली प्रवास के दौरान असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा शर्मा से मिलने तीन मूर्ति मार्ग स्थित आवास पर पहुंचे थे। इस दौरान सीएम यादव ने असम के सीएम से बंगला अलॉट होने की प्रक्रिया की जानकारी ली थी। इसके बाद सीएम के कार्यालय ने दिल्ली में मध्यप्रदेश के सीएम को बंगला अलॉट करने के संदर्भ में फाइल चलाई थी। सूत्रों का कहना है कि, अलॉट हुए 14 अशोक रोड के बंगले में पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के 27 कुत्ते उनकी देखभाल करने वाले के साथ हैं। वहीं, बंगले में मरम्मत ओर रंगरोगन सहित कई काम होने हैं। इसलिए इसे तैयार होने में थोड़ा समय लग सकता है। दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने ऑफिस कार्य के साथ रात्रि विश्राम भी कर सकें, ऐसी कुछ व्यवस्था भी बंगले में की जा रही हैं। इसके अलावा उनका परिवार भी रह सके इसके लिए भी तमाम सुविधाएं बंगले में जुटाई जा रही हैं। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को जेड प्लस की सुरक्षा प्राप्त है। इसलिए सुरक्षा की दृष्टिकोण से यह बंगला उपयुक्त है। इस कोठी के आसपास ही सभी मंत्रालय और संसद भवन मौजूद हैं। एयरपोर्ट भी इस घर से 13 किमी की दूरी पर है। जबकि न्यू मध्यप्रदेश भवन भी 6 किमी दूर है।   दिल्ली के अलावा भोपाल-उज्जैन में भी है सीएम आवास मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव का राजधानी भोपाल के अलावा उज्जैन में भी सीएम हाउस तैयार किया गया है। उज्जैन में कोठी रोड स्थित विक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति के बंगले को भी सीएम हाउस बनाया गया है। सीएम यहां से प्रशासनिक कार्यों को निपटा सके इसलिए इसे तैयार किया गया है। इसके अलावा उज्जैन के अब्दालपुर और फ्री गंज क्षेत्र में भी सीएम का घर है।   recent visitors 56

जशपुर में खड़िया समाज के 15वे महासम्मेलन में शामिल होंगे मुख्यमंत्री साय

रायपुर आज छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जशपुर जिले के दौरे पर रहेंगे, जहां वे खड़िया समाज के 15वें महासम्मेलन में शामिल होंगे। यह महासम्मेलन जशपुर जिले के कोनपारा गांव में आयोजित किया गया है, जिसमें खड़िया समाज के विभिन्न प्रतिनिधि, समाज के नेता और अन्य गणमान्य व्यक्ति भाग लेंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सुबह 11:30 बजे रायपुर से जशपुर के लिए रवाना होंगे और दोपहर 1:00 बजे से 2:00 बजे तक महासम्मेलन में शामिल होंगे, जिसमें वे समाज के लोगों से संवाद करेंगे। खड़िया समाज छत्तीसगढ़ के आदिवासी समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा है, और यह समाज जशपुर जिले में काफी सक्रिय है। इस समाज का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व है, साथ ही खड़िया समुदाय अपनी मेहनत और संघर्ष के लिए जाना जाता है। जशपुर जिले में खड़िया समाज की जनसंख्या काफी अधिक है और यह समाज क्षेत्रीय विकास में अहम भूमिका निभाता है। इस महासम्मेलन का मुख्य उद्देश्य खड़िया समाज की सामाजिक और आर्थिक उन्नति के लिए विचार-विमर्श करना है। समाज के विकास कार्यों की समीक्षा की जाएगी, और नई योजनाओं पर चर्चा होगी, ताकि खड़िया समाज के लोगों की जीवनस्तर में सुधार हो सके। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय इस अवसर पर खड़िया समाज की समस्याओं और उनके समाधान पर भी चर्चा करेंगे और सरकार द्वारा आदिवासी समाज के लिए की जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी देंगे। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री खड़िया समाज के प्रतिनिधियों को उनके अधिकारों और विकास योजनाओं के बारे में जागरूक करेंगे। यह महासम्मेलन खड़िया समाज के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, क्योंकि यह समाज के सामूहिक विकास की दिशा में नए कदम उठाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। मुख्यमंत्री द्वारा इस महासम्मेलन में भाग लेने से खड़िया समाज के लोग अपनी समस्याओं को सामने लाने और समाधान के लिए संवाद स्थापित करने में सक्षम होंगे। इस महासम्मेलन के माध्यम से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आदिवासी समाज के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी जाहिर करेंगे, साथ ही खड़िया समाज के लिए जारी विभिन्न सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के लाभों को लेकर मार्गदर्शन देंगे। इस प्रकार, यह महासम्मेलन जशपुर जिले के खड़िया समाज के लिए एक ऐतिहासिक और सकारात्मक कदम साबित हो सकता है। recent visitors 39

महाराष्ट्र कांग्रेस को मिला नया अध्यक्ष, हर्षवर्धन सपकाल को सौंपी गई जिम्मेदारी

मुंबई   महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में करारी हार की जिम्मेदारी लेते हुए नाना पटोले ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. महाराष्ट्र कांग्रेस को अब नाना पटोले की जगह नया अध्यक्ष भी मिल गया है. हर्षवर्धन सपकाल महाराष्ट्र कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष बनाए गए हैं. हर्षवर्धन सपकाल के नाम के ऐलान के साथ ही प्रदेश अध्यक्ष को लेकर चल रहे कयासों का दौर थम गया है. हर्षवर्धन को महाराष्ट्र कांग्रेस की कमान सौंपा जाना कांग्रेस पार्टी के प्रदेश की सियासत में 'स्ट्रैटेजी शिफ्ट' की तरह देखा जा रहा है. हर्षवर्धन सपकाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के दांव के पीछे क्या है? 4 पॉइंट में समझा जा सकता है. 1- मराठा दांव हर्षवर्धन सपकाल मराठा समुदाय से आते हैं. मराठा समुदाय की आबादी सूबे में अनुमानों के मुताबिक करीब 28 फीसदी है. करीब 52 फीसदी ओबीसी आबादी के बाद सूबे का यह दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला वर्ग सियासी वर्चस्व के लिहाज से सबसे आगे है. मराठवाड़ा और पश्चिमी महाराष्ट्र, केवल दो रीजन ही देखें तो मराठा प्रभाव वाले इन इलाकों में ही विधानसभा की कुल 288 में से 116 सीटें हैं. लोकसभा चुनाव में कांग्रेस महाराष्ट्र की 48 में से 13 सीटों पर जीत के साथ सूबे की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी तो इसके पीछे मराठा समुदाय की भूमिका अहम मानी गई थी. विधानसभा चुनाव में विपक्ष की हार के बाद भी मराठा समुदाय के वोट बंटने को कारण बताया गया. अब कांग्रेस ने हर्षवर्धन सपकाल को प्रदेश अध्यक्ष बना दिया है तो इसे मराठा वोटबैंक पर पकड़ मजबूत करने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. 2- गठबंधन पर निर्भरता कम करना महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष मराठा समाज से बनाए जाने के दांव को मराठा वोट के लिए गठबंधन कम करने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है. महाराष्ट्र में मराठा वोट के लिए कांग्रेस लंबे समय से शरद पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पर ही निर्भर रही है. गठबंधन में उद्धव ठाकरे की शिवसेना के आ जाने के बाद कांग्रेस मराठा वोट को लेकर और अधिक निश्चिंत हो गई थी. लोकसभा चुनाव में इसके अच्छे नतीजे भी देखने को मिले लेकिन विधानसभा चुनाव में परिणाम उलट रहे. इसके बाद उद्धव ठाकरे की पार्टी ने निकाय चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान कर दिया तो शरद पवार भी कांग्रेस की आलोचना करते नजर आए, खासकर दिल्ली चुनाव लड़ने के फैसले की. विधानसभा चुनाव में खराब नतीजों के लिए भी ठीकरा कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर ही फोड़ा गया. अब कांग्रेस की कोशिश भविष्य की प्रेशर पॉलिटिक्स के लिहाज से खुद को तैयार करने की है.    3- ओबीसी से आगे का प्लान मराठा वोटबैंक को साधने की जिम्मेदारी एमवीए में एनसीपी (एसपी) और शिवसेना (यूबीटी) जैसे दल उठाते रहे और कांग्रेस ओबीसी को फोकस कर चलती रही है. पार्टी के पिछले प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले भी ओबीसी समुदाय से ही आते हैं जिसकी महाराष्ट्र की कुल आबादी में भागीदारी करीब 52 फीसदी होने के अनुमान हैं. ओबीसी वोटबैंक पर बीजेपी की पकड़ मजबूत मानी जाती है, खासकर 2014 में नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय राजनीति में उभार के बाद से. अब कांग्रेस नेतृत्व को भी यह समझ आ गया है कि महाराष्ट्र की राजनीति में बीजेपी जैसे मजबूत प्रतिद्वंद्वी से मोर्चा लेना है तो बस ओबीसी वोटबैंक के सहारे रहने की बजाय वोट बेस का विस्तार करना ही होगा. नए प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल मराठा समुदाय से आते हैं और आदिवासी समाज में भी मजबूत पकड़ रखते हैं. 4- अनुशासित कैडर कार्ड महाराष्ट्र में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे नाना पटोले ने सियासी सफर की शुरुआत कांग्रेस से ही की थी. 2009 के आम चुनाव में वह पार्टी से बगावत कर बतौर निर्दलीय ही गोंदिया भंडारा सीट से प्रफुल्ल पटेल के खिलाफ चुनाव मैदान में उतर गए. बाद में बीजेपी के टिकट पर नाना ने 2014 के चुनाव में प्रफुल्ल पटेल को पटखनी भी दी. 2018 में वह बीजेपी में छोड़ अपनी पुरानी पार्टी में लौट आए और कांग्रेस ने भी उन्हें उद्धव ठाकरे सरकार के समय विधानसभा अध्यक्ष से लेकर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष तक की जिम्मेदारी सौंप दी. अब कांग्रेस ने हर्ष सपकाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर कार्यकर्ताओं को भी एक संदेश दिया है. कौन हैं हर्षवर्धन सपकाल हर्षवर्धन सपकाल महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले से आते हैं 25 साल से अधिक समय से सियासत में सक्रिय हैं. 1999 में सबसे युवा जिला परिषद अध्यक्ष रहे हर्षवर्धन 2014 में बुलढाणा सीट से विधानसभा भी पहुंचे थे. वह कांग्रेस के पंचायती राज प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और पार्टी के राष्ट्रीय सचिव के साथ ही गुजरात, पंजाब और मध्य प्रदेश के सह प्रभारी भी रह चुके हैं. जापान इंटरनेशनल कॉरपोरेशन की ओर से 1996 में 21वीं सदी में वैश्विक मैत्री अभियान के तहत आयोजित अंतरराष्ट्रीय युवा सम्मेलन में भारतीय युवाओं के डेलिगेशन का नेतृत्व करने वाले हर्षवर्धन संत गाडगे बाबा ग्राम स्वच्छता अभियान से भी जुड़े रहे हैं.   recent visitors 58