किसानों ने अपनी रबी फसल को बचाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों पर किया चक्का जाम

राजस्थान राजस्थान में किसानों ने इंदिरा गांधी नहर से अतिरिक्त सिंचाई पानी की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजमार्गों पर चक्का जाम करने का फैसला किया है। बीकानेर जिले के लूणकरणसर, घड़साना, अनूपगढ़, खाजूवाला और रावला क्षेत्र के किसान अपनी रबी फसल को बचाने के लिए अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रशासन से वार्ता विफल होने के बाद किसानों ने बीकानेर-श्रीगंगानगर राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम करने की घोषणा की है। श्रीगंगानगर और बीकानेर संभाग के किसान इंदिरा गांधी नहर से पर्याप्त पानी न मिलने के कारण परेशान हैं। उनका कहना है कि अगर उन्हें जल्द अतिरिक्त सिंचाई पानी नहीं मिला, तो उनकी फसलें पूरी तरह से सूख जाएंगी। किसानों का आरोप है कि सरकार पानी की आपूर्ति रोक रही है, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। कई किसान बैंकों और साहूकारों से कर्ज लेकर खेती कर रहे हैं, और अगर फसल नष्ट हो गई तो उनकी आर्थिक स्थिति और खराब हो जाएगी। विधायक का समर्थन, लेकिन समाधान नहीं किसानों के समर्थन में अनूपगढ़ विधायक शिमला देवी भी आगे आई हैं। उन्होंने कहा: “मैंने विधानसभा में किसानों की समस्या उठाई, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। हम लगातार जल संसाधन मंत्री और प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।” बीबीएमबी से राजस्थान बाहर, किसानों के लिए चिंता का विषय विधायक ने यह भी कहा कि राजस्थान को भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) में सदस्यता नहीं दी गई है, जबकि यह बोर्ड पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और चंडीगढ़ को पानी की आपूर्ति नियंत्रित करता है। यह राजस्थान के किसानों के लिए न्याय की लड़ाई का मुद्दा बन चुका है। किसानों की स्थिति गंभीर श्रीगंगानगर जिले के किसान सुभाष बिश्नोई ने कहा अगर हमें अतिरिक्त पानी मिल जाए, तो हमारी मेहनत बच सकती है, लेकिन सरकार ने पानी रोक दिया है। हमारी फसलें सूखने की कगार पर हैं। कई खेतों में खड़ी फसलें सूख रही हैं। किसानों ने बैंक और साहूकारों से कर्ज लिया है। अब अगर पानी नहीं मिला, तो उनकी मेहनत और पैसा दोनों बर्बाद हो जाएंगे। किसानों की चेतावनी, सरकार नहीं सुनेगी तो आंदोलन होगा तेज़ किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे आंदोलन और तेज़ करेंगे। राजमार्गों पर चक्का जाम के बाद वे अन्य बड़े विरोध प्रदर्शन की योजना बना सकते हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि सरकार किसानों की इस मांग पर क्या रुख अपनाती है और क्या राजस्थान के किसान अपनी सूखती फसल को बचाने में सफल हो पाते हैं या नहीं। recent visitors 48

कोटा में अमोनिया गैस के रिसाव से स्कूली बच्चे बेहोश, चारों तरफ मची अफरातफरी

कोटा चंबल फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड (CFCL) की गड़ेपान प्लांट से आज सुबह अमोनिया गैस का रिसाव होने से सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय के कई बच्चे प्रभावित हो गए। जहरीली गैस के संपर्क में आने से बच्चों को सांस लेने में तकलीफ हुई, उल्टियां होने लगीं और कई छात्र बेहोश होकर स्कूल के ग्राउंड में गिर पड़े। छात्रों की बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में भर्ती गैस रिसाव के कारण आधा दर्जन से अधिक छात्रों की हालत बिगड़ गई। कई अभिभावक अपने बच्चों को कोटा जिला अस्पताल लेकर गए, जबकि कुछ बच्चों को CFCL प्लांट के अस्पताल में भर्ती कराया गया। CFCL अस्पताल के डॉक्टर आरके शर्मा के अनुसार, “हॉस्पिटल में 14 बच्चों और एक स्टाफ को लाया गया था। इनमें से 6 बच्चों को गंभीर हालत में कोटा जिला अस्पताल रेफर किया गया। हालांकि, अब सभी की हालत स्थिर है। सुबह से ही महसूस हो रही थी अजीब गंध, प्रशासन रहा लापरवाह स्थानीय लोगों और स्कूल प्रशासन के अनुसार, सुबह से ही स्कूल में अजीब गंध महसूस हो रही थी, जिससे बच्चों को सिर दर्द और घबराहट की शिकायत हो रही थी। लेकिन सूचना देने के बावजूद किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई। जब स्थिति बिगड़ी और बच्चे बेहोश होने लगे, तब स्कूल प्रशासन ने तुरंत छुट्टी घोषित कर दी और राहत कार्य शुरू किया गया। फैक्टरी स्कूल की बाउंड्री से सटी, सुरक्षा पर उठे सवाल गौरतलब है कि CFCL प्लांट का गेट स्कूल से 500 मीटर दूर है, लेकिन फैक्टरी स्कूल की बाउंड्री से सटी हुई है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों ने इस घटना पर नाराजगी जताई है और प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जांच के आदेश, लेकिन क्या मिलेंगे ठोस नतीजे? घटना की जानकारी मिलते ही अधिकारियों को सूचित किया गया, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या इस बार भी सिर्फ जांच के आदेश देकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा, या फिर बच्चों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाएंगे।   recent visitors 54

अपहृत मासूम शिवाय गुप्ता की सकुशल घर वापसी, वैश्य समाज मे हर्ष का माहौल

थाना माता बसैया प्रभारी सहित ग्रामीणों का समाज ने किया सम्मान। मुरैना ग्वालियर के मुरार नगर के समाज बंधु एवं व्यवसायी श्री दिलीप बांदिल जी के नाती एवं श्रीमती आरती  –  राहुल गुप्ता जी के पुत्र शिवाय गुप्ता के अपहरण के बाद उसी दिन सकुशल घर बापसी से परिवार, रिश्तेदार मित्रगण एवं सभी समाज बन्धुओं तथा आम जनता ने राहत की सांस ली। शिवाय की सकुशल घर बापसी, पक्ष-विपक्ष के राजनेताओं, म.प्र. चैम्बर आफ कामर्स, लश्कर- मुरार,  ग्वालियर की अन्य सामाजिक संस्थाओ तथा अखिल भारतीय माहौर ग्वार्रे वैश्य महासभा (रजि.) के राष्टीय अध्यक्ष श्री प्रकाश चद्र मॉडिल जी, राष्ट्रीय महामंत्री श्री सुरेश चंद्र गुप्ता जी व समस्त कार्यकारिणी का पुलिस प्रशासन एवं राजनेताओं से सतत् सम्पर्क तथा पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्यवाही से सफलता हासिल हुई। शिवाय गुप्ता की सकुशल घर बापसी से हर्षित परिवार एवं समाज का प्रतिनिधित्व करते हुए आज दिनांक 14-02-2025 शुक्रवार को अखिल भारतीय माहौर ग्वारै वैश्य महासभा (रजि.) के तत्वाधान में बसैया थानान्तर्गत जिला मुरैना स्थित काजी बसई के सरपंच एवं उनके साथ जिन लोगों का सहयोग रहा उन्हें तथा माता बसैया थाना प्रभारी श्री जयपाल सिंह गुर्जर एवं उनकी टीम का स्वागत सम्मान थाना माता बसैया पहुँच कर किया गया और सभी का तहेदिल से धन्यवाद किया। स्वागत सम्मान की बेला में सभी को शाल – श्रीफल व माल्यार्पण कर मिष्ठान वितरण किया गया। स्वागत सम्मान में अखिल भारतीय माहौर ग्वार्रे वैश्य महासभा (रजि.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री प्रकाश चंद मॉडिल, राष्ट्रीय महामंत्री श्री सुरेश चंद्र गुप्ता, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष श्री राजेश गोयल, राष्ट्रीय सहमंत्री श्री मदन मोहन गोयल, पूर्व उपाध्यक्ष श्री शिव नारायण मॉडिल, प्रधान संपादक श्री राकेश गागिल, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य श्री आनंद गुप्ता, श्री आकाश चॉदिल, श्री आनंद गोयल  (भोला) मुरैना, श्री प्रदीप गांगिल मुरार, श्री राधे श्याम गुप्ता नगर अध्यक्ष मुरार, श्री दिलीप बांदिल  नगर अध्यक्ष मुरैना, श्री विनोद  गुप्ता नगर शाखा महामंत्री लश्कर, श्री विष्णु चांदिल नगर शाखा कार्यकारिणी सदस्य लश्कर, श्री आकाश राणा मुरार अन्य समाज बन्धु शामिल हुए । recent visitors 47

मुख्यमंत्री साय ने श्रीमद्भागवत कथा में किया श्रीकृष्ण-सुदामा प्रसंग का श्रवण

  रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के डुंडा स्थित अशोका पाम मिडोज कॉलोनी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए। इस पावन अवसर पर उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराधा रानी से समस्त छत्तीसगढ़वासियों की सुख-समृद्धि, शांति और मंगलमय जीवन की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने व्यासपीठ का नमन करते हुए कथाव्यास पंडित श्री कृष्ण गौड़ शास्त्री से आशीर्वाद लिया और श्रीकृष्ण-सुदामा प्रसंग का श्रवण किया। भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद हम सभी पर बना रहे – मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री श्री साय ने कथाव्यास पंडित श्री कृष्ण गौड़ शास्त्री का माता कौशल्या की पावन भूमि छत्तीसगढ़ में हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण अत्यंत सौभाग्य की बात है। यह न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है, बल्कि हमें धर्म, प्रेम और कर्तव्य के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देता है। मैं आशा करता हूँ कि सभी श्रद्धालु इस कथा के दिव्य संदेश को आत्मसात करेंगे और इसे अपने जीवन में अपनाएंगे। भगवान श्रीकृष्ण हम सभी को शक्ति दें कि हम पूरे समर्पण और निष्ठा के साथ छत्तीसगढ़ की जनता की सेवा कर सकें। छत्तीसगढ़ – भगवान श्रीराम की वनवास स्थली, रामभक्तों के लिए महाकुंभ में विशेष व्यवस्था मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान श्रीराम के वनवास काल का अधिकांश समय छत्तीसगढ़ में बीता, और यहां उन्हें "भांचा" के रूप में सम्मान दिया जाता है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने "श्रीरामलला दर्शन योजना" के तहत अब तक 20,000 से अधिक रामभक्तों को अयोध्या धाम में श्रीरामलला के दर्शन का सौभाग्य प्रदान किया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रयागराज महाकुंभ के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि 144 वर्षों बाद यह शुभ संयोग आया है, और छत्तीसगढ़ सरकार ने श्रद्धालुओं के लिए महाकुंभ में 'छत्तीसगढ़ पवेलियन' की विशेष व्यवस्था की है। इस पवेलियन में निःशुल्क आवास, भोजन और अन्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि छत्तीसगढ़ से जाने वाले श्रद्धालु सुविधापूर्वक स्नान, दर्शन और धार्मिक अनुष्ठान कर सकें।   मुख्यमंत्री ने श्रीमद्भागवत कथा के सफल आयोजन के लिए सभी आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आध्यात्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और धार्मिक चेतना का संचार करते हैं। इस अवसर पर श्री भूपेंद्र सवन्नी, श्री राजीव अग्रवाल, श्री सरल मोदी सहित श्रीमद्भागवत कथा के आयोजकगण, स्थानीय गणमान्यजन और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। recent visitors 52

मध्यप्रदेश खनिज संसाधन और औद्योगिक समृद्धि, शिक्षा, पर्यटन और हरित क्षेत्र में अग्रणी

भोपाल भारत का हृदय मध्यप्रदेश, समृद्ध अर्थव्यवस्था, विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर, राज्य सरकार की निवेशक-अनुकूल नीतियों और विशेष प्रोत्साहन योजनाओं के साथ निवेश के असीमित अवसरों की उपलब्धता से देश-विदेश के उद्यमियों के लिए निवेश का प्रमुख स्थल बन गया है। देश-विदेश के उद्यमियों को निवेश के अवसरों से रूबरू कराने के उद्देश्य से राजधानी भोपाल में दो दिवसीय जीआईएस-2025 का आयोजन किया जा रहा है। इसका शुभांरभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। इस 'महाकुंभ' में दुनिया भर से आने वाले निवेशकों का समागम होगा। व्यापार और उद्योग अनुकूल माहौल बनाने के लिये प्रतिबद्ध मध्यप्रदेश सभी उद्यमियों के लिए निवेश के अपार अवसर और उसके बाद दीर्घकालिक विकास सुनिश्चित करने के प्रति संकल्पित है। मध्यप्रदेश पर्यटन, फार्मास्युटिकल्स, ऑटोमोबाइल, खनन, डेयरी और खाद्य प्र-संस्करण जैसे क्षेत्रों के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है। बेहतर कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास की असीमित संभावनाएं मध्यप्रदेश एक्सपोर्ट प्रिपेअर्डनेस इंडेक्स में देश के शीर्ष़-10 राज्यों में और विश्व बैंक द्वारा आयोजित ईज़-ऑफ-डूइंग बिज़नेस में चौथे स्थान पर है। दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के प्रभाव क्षेत्र में आने से मध्यप्रदेश में लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक विकास के असीम अवसर उपलब्ध हैं। मजबूत रेल और सड़क नेटवर्क के अलावा राज्य में 6 व्यावसायिक एयरपोर्ट हैं, जहां से 100 से अधिक उड़ानें संचालित होती हैं। इससे यहां राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आवागमन सुगम हुआ है। खनिज संसाधन और औद्योगिक समृद्धि मध्यप्रदेश में कोयला, हीरा, तांबा, लौह अयस्क और ग्रेफाइट जैसे महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों का भण्डार है। प्रदेश तांबा, मैंगनीज, मोलिब्डेनम और हीरे का देश का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। राज्य सरकार कृषि और खाद्य प्र-संस्करण, आईटी, आईटीईएस, पर्यटन, वस्त्र उद्योग, वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स, ऑटोमोबाइल, दवाइयां एवं फार्मास्युटिकल्स और रक्षा एवं एयरोस्पेस सेक्टर पर प्रमुखता से ध्यान दे रही है। राज्य में 8 फूड पार्क, लगभग 15 मिलियन मीट्रिक टन की वेयरहाउसिंग क्षमता और 3 लाख 54 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र कवर करने वाले कोल्ड-स्टोरेज के साथ मध्यप्रदेश उद्योगों के लिए एक आकर्षक निवेश स्थल बनता जा रहा है। शिक्षा, पर्यटन और हरित क्षेत्र में अग्रणी मध्यप्रदेश देश का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है। यहां देश भर के सबसे बड़े क्षेत्र में जैविक खेती की जाती है। भारत के कुल जैविक उत्पादन का 27% मध्यप्रदेश में होता है। भारत के सबसे स्वच्छ राज्य मध्यप्रदेश का इंदौर शहर लगातार देश का सबसे स्वच्छ शहर बना हुआ है और भोपाल स्वच्छतम राजधानी। राज्य की बड़ी जनसंख्या इसे विशाल उपभोक्ता बाजार भी बनाती है। इन्फ्रास्ट्रक्चर मध्यप्रदेश में निवेशकों के लिए 1.25 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र की औद्योगिक भूमि-बैंक है। इसमें से 19,011 हेक्टेयर क्षेत्र उद्योगों के लिए पहले ही विकसित किए जा चुके हैं। राज्य में 76 विकसित, 19 विकासाधीन और 13 प्रस्तावित भूमि-बैंक हैं, जो 5 ग्रोथ सेंटर्स में फैले 79 भूखंडों में वितरित हैं। राज्य में 6 प्रमुख ड्राई इनलैंड कंटेनर डिपो हैं, इनकी वेयरहाउसिंग क्षमता 240 लाख मीट्रिक टन है। मध्यप्रदेश ऊर्जा सरप्लस राज्य है, जहां 31 गीगावाट विद्युत का उत्पादन होता है, जिसमें 20 प्रतिशत क्लीन एनर्जी है। मध्यप्रदेश किसी भी औद्योगिक क्षेत्र की मांगों को पूरा करने के लिए पर्याप्त बिजली आपूर्ति करने में सक्षम है। सड़क नेटवर्क और लॉजिस्टिक्स मध्यप्रदेश ने अपने सड़क नेटवर्क के विकास में महत्वपूर्ण प्रगति की है। राज्य में 5 लाख किलोमीटर से अधिक लंबाई का सड़क नेटवर्क है, जिसमें 46 राष्ट्रीय राजमार्ग शामिल हैं। यह देश के राष्ट्रीय राजमार्गों का 6.6% और राज्य-राजमार्गों का लगभग 6.4% है। राज्य में प्रतिदिन 550 से अधिक ट्रेनों का संचालन होता है। इसके साथ ही 2,32,344 किलोमीटर लंबी ग्रामीण सड़कों के साथ, मध्यप्रदेश 5वां सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क वाला राज्य है। राज्य में अटल प्रोग्रेस-वे और नर्मदा एक्सप्रेस-वे के साथ ही दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा, पीथमपुर-धार-महू, रतलाम-नागदा, शाजापुर-देवास, और नीमच-नयागांव जैसे औद्योगिक एवं निवेश क्षेत्रों का निर्माण किया गया है। औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए मध्यप्रदेश में 4 निवेश गलियारों का विकास किया जा रहा है। इनमें भोपाल-इंदौर, भोपाल-बीना, जबलपुर-कटनी-सतना-सिंगरौली और मुरैना-ग्वालियर-शिवपुरी-गुना शामिल हैं। मध्यप्रदेश ईज़-ऑफ-डूइंग बिजनेस रैंकिंग में शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में से एक है। यहां व्यापार संचालन और निवेश के लिये माहौल को अत्यधिक अनुकूल बनाया गया है। इसके साथ ही नियामकीय प्रक्रियाओं को अत्यंत सरल किया गया है। इससे आर्थिक विकास को प्रोत्साहन मिल रहा है। प्रदेश में किये गए मुख्य सुधारों में ऑनलाइन पंजीकरण, लाइसेंसिंग और अनुमति स्वीकृति जैसी व्यावसायिक प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण और इन्वेस्ट मध्यप्रदेश विंडो प्रमुख हैं। इन्वेस्ट पोर्टल को नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम के साथ एकीकृत किया गया है। इससे निवेशकों का विश्वास बढ़ रहा है। प्रमुख सेक्टर्स और उद्योग प्रोत्साहनकारी नीतियां राज्य में विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए आकर्षक नीतियां बनाई गई हैं। इनमें संयंत्र और मशीनरी में निवेश पर 40% तक इन्वेस्टमेंट प्रोत्साहन सहायता, रोजगार सृजन पर 1.5 गुना पूंजी सब्सिडी, निर्यात पर 1.2 गुना पूंजी सब्सिडी और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए 1.2 गुना पूंजी सब्सिडी शामिल है। ग्रीन इंडस्ट्रियलाइजेशन असिस्टेंस जैसी अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों की स्थापना के लिए सहायता, पॉवर, जल और सड़क इन्फ्रास्ट्रक्टर के निर्माण के लिए प्रति यूनिट एक रुपया की दर से टैरिफ रिबेट और पेटेंट शुल्क की प्रतिपूर्ति भी प्रमुख प्रोत्साहन नीतियों में शामिल हैं। वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र में ब्याज सब्सिडी, रोजगार सृजन और प्रशिक्षण प्रोत्साहन दिया जा रहा है। फार्मा सेक्टर में ग्रॉस सप्लाई वेल्यू के लिए एक वर्ष का स्टॉक पीरियड और खाद्य प्र-संस्करण सेक्टर में 50% अतिरिक्त पूंजी सब्सिडी और मंडी कर (कृषि व्यापार कर) में 5 वर्षों के लिए छूट दी गई है। स्टार्टअप और एमएसएमई नीति नवाचार-आधारित उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप नीति-2022 जारी की है। एमएसएमई इकाइयों के विस्तार और राज्य में स्व-रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना प्रारंभ की गई है। निवेश को आकर्षित करने के लिए, राज्य सरकार ने एमएसएमई विकास नीति और औद्योगिक प्रोत्साहन नीति प्रारंभ की है। डिजिटल गवर्नेंस के तहत, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं ने इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर्स के कार्यान्वयन से नागरिक-केन्द्रित ऑनलाइन सेवाएं प्रदान करने और सूचना के एकत्रीकरण और निगरानी को सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नवाचार, संसाधन, और अवसंरचना के मेल से मध्यप्रदेश न केवल भारत में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी निवेशकों के लिए एक आदर्श स्थल बनकर उभर रहा … Read more

वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय में खेल सप्ताह का भव्य आगाज

भोपाल वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय में बहुप्रतीक्षित वार्षिक उत्सव AdVITya'25 (अद्वित्या 2025) की शानदार शुरुआत हुई, जिसकी शुरुआत खेल सप्ताह के भव्य उद्घाटन से हुई। पूरा परिसर ऊर्जा और उत्साह से भर गया, क्योंकि छात्रों ने एक सप्ताह तक चलने वाली रोमांचक खेल प्रतियोगिताओं में भाग लिया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एशियाई खेलों की पदक विजेता सुश्री वर्षा वर्मन रहीं, जिनकी उपस्थिति ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। विश्वविद्यालय के प्रबंधन से डॉ. जी. विश्वनाथन (संस्थापक और चांसलर), एम. शंकर विश्वनाथन (उपाध्यक्ष), सुश्री कादंबरी विश्वनाथन (सहायक उपाध्यक्ष), डॉ. टी.बी. श्रीधरन (प्रो-वाइस चांसलर), के.के. नायर (रजिस्ट्रार) सहित अन्य गणमान्य अतिथियों ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। आयोजन समिति में डॉ. योगेश शुक्ला (संयोजक), डॉ. पुष्पदंत जैन, डॉ. सौरव प्रसाद (सह-संयोजक) और डॉ. प्रशांत तिवारी (खेल अधिकारी) शामिल रहे। खेल सप्ताह की झलकियाँ उद्घाटन समारोह में औपचारिक ज्योति प्रज्ज्वलन के बाद खिलाड़ियों ने टीम परेड में भाग लिया, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने अपने ध्वज वाहकों के नेतृत्व में उत्साहपूर्वक मार्च किया। इसके बाद मुख्य अतिथि द्वारा औपचारिक टॉस किया गया, जिससे खेल प्रतियोगिताओं की रोमांचक शुरुआत हुई। खिलाड़ियों ने क्रिकेट, फुटबॉल, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल, कबड्डी, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, शतरंज, भारोत्तोलन और पहली बार आयोजित आर्म रेसलिंग जैसी प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के विजेता एवं उपविजेता कबड्डी विजेता: वीआईटी वेल्लोर (पुरुष) और वीआईटी भोपाल टीम ए (महिला) उपविजेता: वीआईटी भोपाल टीम ए (पुरुष) और वीआईटी भोपाल टीम बी (महिला) बास्केटबॉल विजेता: वीआईटी वेल्लोर (पुरुष) और वीआईटी भोपाल टीम ए (महिला) उपविजेता: वीआईटी भोपाल टीम ए (पुरुष) और वीआईटी भोपाल टीम बी (महिला) क्रिकेट विजेता: जेएलयू भोपाल (पुरुष) और वीआईटी भोपाल (महिला) उपविजेता: वीआईटी भोपाल (पुरुष) और वीआईटी भोपाल टीम बी (महिला) फुटबॉल विजेता: बीएसएसएस भोपाल (पुरुष) और क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, दिल्ली (महिला) उपविजेता: जेएलयू भोपाल (पुरुष) और वीआईटी भोपाल (महिला) वॉलीबॉल विजेता: वीआईटी वेल्लोर (पुरुष) और क्राइस्ट यूनिवर्सिटी, दिल्ली (महिला) उपविजेता: वीआईटी भोपाल (पुरुष) और वीआईटी भोपाल (महिला) बैडमिंटन, टेबल टेनिस, शतरंज और भारोत्तोलन शीर्ष प्रदर्शनकर्ता: वीआईटी भोपाल और पीजी कॉलेज, सतना (म.प्र.) इस वर्ष पहली बार आर्म रेसलिंग को शामिल किया गया, जिससे खेलों में एक नया रोमांच जुड़ा। 1500+ खिलाड़ियों की भागीदारी इस प्रतियोगिता में कुल 1500+ खिलाड़ियों ने भाग लिया, जिनमें 650 बाहरी और 950 आंतरिक प्रतिभागी शामिल थे। पूरे आयोजन की रूपरेखा खेल अधिकारी डॉ. प्रशांत तिवारी के नेतृत्व में तैयार की गई, जिससे सभी खेलों का सफल संचालन सुनिश्चित हुआ। खेलों से आगे… अब सांस्कृतिक उत्सव की बारी! इस जोश और ऊर्जा से भरे खेल आयोजन के बाद अब AdVITya'25 के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की बारी है, जहाँ नृत्य, संगीत और नाटकों से भरपूर मनोरंजन देखने को मिलेगा। वीआईटी भोपाल विश्वविद्यालय में इस अद्भुत उत्सव की झलकियों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी के लिए जुड़े रहें! recent visitors 50

जिले के सभी नगरीय निकायों की मतगणना सुव्यवस्थित, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी रूप से हुआ संपन्न

  मनेन्द्रगढ़/एमसीबी राज्य निर्वाचन आयोग के  निर्देशानुसार कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डी. वेंकट राहुल के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में एमसीबी जिले के सभी नगरीय निकाय चुनाव के तहत 11 फरवरी को हुए मतदान की मतगणना की प्रक्रिया सुव्यवस्थित, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शिता के साथ मतगणना स्थलों में संपन्न हुई। इस दौरान भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नगरीय निकाय में नियुक्त प्रेक्षकगणों ने मतगणना कार्य को अपनी निगरानी में संपन्न कराया। निर्वाचन के परिणामों की घोषणा के उपरांत विजयी अभ्यर्थियों को रिटर्निंग ऑफिसरों ने प्रमाण पत्र प्रदान किया। वहीं मतगणना कार्य को सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए जिला अधिकारी, पुलिस प्रशासनिक अधिकारी, मतगणना कार्मिकों और सुरक्षा कार्मिकों ने उल्लेखनीय भूमिका निभाई। मनेन्द्रगढ़ नगर पालिका अध्यक्ष पद पर भाजपा की प्रतिमा यादव ने विजय हासिल की। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी प्रभा पटेल को पराजित कर जीत दर्ज की। रिटर्निंग ऑफिसर ने उन्हें विजयी घोषित करते हुए प्रमाण पत्र प्रदान किया। इसी तरह नगर पालिका परिषद मनेन्द्रगढ़ की 22 वार्डों की पार्षदों की गणना की गई जिसमें से 10 पार्षद भाजपा से, 09 पार्षद कांग्रेस से और 03 निर्दलीय पार्षदों ने जीत दर्ज की। वहीं दूरांचल क्षेत्र की नगर पंचायत जनकपुर में भाजपा प्रत्याशी कौशल पटेल ने जीत दर्ज की। जनकपुर की 15 वार्डों की पार्षदों की गणना में 11 पार्षद भाजपा से, 02 पार्षद कांग्रेस से और 02 निर्दलीय पार्षदों ने जीत दर्ज की। वहीं झगराखांड नगर पंचायत में कांग्रेस प्रत्याशी रीमा रमेश यादव ने अपने प्रतिद्वंद्वी भाजपा प्रत्याशी चम्पा जयसवाल को हराकर विजय प्राप्त की। झगराखांड की 15 वार्डों की पार्षदों की गणना में 09 पार्षद भाजपा से, 05 पार्षद कांग्रेस से और 01 निर्दलीय पार्षदों ने जीत दर्ज की।इसके साथ ही नई लेदरी नगर पंचायत से भाजपा प्रत्याशी वीरेंद्र सिंह राणा ने अपने प्रतिद्वंद्वी विष्णु दास पनिका को पराजित कर जीत दर्ज की। नई लेदरी की 15 वार्डों की पार्षदों की गणना में 07 पार्षद भाजपा से, 05 पार्षद कांग्रेस से और 03 निर्दलीय पार्षदों ने जीत दर्ज की। वहीं कोयलांचल क्षेत्र की नगर पंचायत खोंगापानी से कांग्रेस प्रत्याशी ललिता रामा यादव ने अपने प्रतिद्वंद्वी भाजपा प्रत्याशी वंदना लोहार को पराजित कर विजय हासिल की। खोगापानी की 15 वार्डों की पार्षदों की गणना में 10 पार्षद भाजपा से, 03 पार्षद कांग्रेस से और 02 निर्दलीय पार्षदों ने जीत दर्ज की। recent visitors 39