Sunday, July 5, 2026 10:37 am

ज्यादा धर्म का प्रचार कर सकेगी महाकाल की नगरी, आने वाले दिनों में यहां 3300 हेक्टेयर जमीन पर धार्मिक सिटी बनेगी :मंत्री शेखावत

भोपाल  मध्यप्रदेश, खासकर महाकाल की नगरी उज्जैन के लिए बड़ी खुशखबरी है। आने वाले दिनों में यहां 3300 हेक्टेयर जमीन पर धार्मिक सिटी बनेगी। इस सिटी में साधु-संतों, महंतों, महामंडलेश्वरों, शंकराचार्य को स्थायी जगह मिलेगी। ये सभी गुरुजन यहां आश्रम बनाएंगे। वे इन जगहों पर अन्न क्षेत्र चला सकेंगे, धर्मशाला बना सकेंगे, स्कूल-कॉलेज-अस्पताल बना सकेंगे। खास बात यह है कि इस योजना में आम जनता भी शामिल होकर व्यवस्था में हाथ बंटा सकेगी। यानी कुल मिलाकर महाकाल की नगरी और ज्यादा धर्म का प्रचार के साथ-साथ नर सेवा कर सकेगी। यह घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल में की। सीएम यादव ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट-2025 के दूसरे दिन यानी 25 फरवरी को फिल्म एंड टूरिज्म सेशन को संबोधित कर रहे थे. इस सेशन में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और विख्यात अभिनेता पंकज त्रिपाठी भी मौजूद थे। सेशन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि हमारी सरकार बनने के बाद ही हमने टूरिज्म सेक्टर को सबसे पहले विकसित करने की कोशिश की। इसके मद्देनजर हमने एविएशन पॉलिसी में बदलाव किया है। टूरिज्म को बढ़ाने के लिए हमारी खुद की विमान सेवा भी है। उन्होंने कहा कि विमानों की संख्या बढ़ने पर हम कंपनियों को इंसेंटिव देंगे। आज सिंगरौली, जबलपुर, रीवा की एयर कनेक्टिविटी जबरदस्त हो गई है। हमने एयर एंबुलेंस भी शुरू की। जहां-जहां हवाई पट्टी है वहां विमान से और जहां हेलीपैड है वहां हैलीकॉप्टर से मरीजों को पहुंचाया जाता है। आजकल टूरिज्म में हेल्थ टूरिज्म भी आ रहा है। इसके लिए हम कई तरह के प्रयोग कर रहे हैं। 10 मार्च को 9वें टाइगर रिजर्व का लोकार्पण     सीएम यादव ने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई हार्टपेशेंट ईश्वर के दर्शन करने उज्जैन आ रहा है और वह आयुष्मान कार्ड धारी है, तो हम कोशिश करेंगे कि उसके हार्ट का ऑपरेशन वहीं हो जाए।     हम उसके रहने-खाने की व्यवस्था करेंगे और ऑपरेशन करवाकर वापस भिजवा देंगे। राजधानी भोपाल एक ऐसा शहर है, जहां दिन में इंसान तो रात में टाइगर घूमते हैं।     इन दिनों टाइगर ने भी सह अस्तित्व की भावना अपनाकर जीवनशैली बदल ली है। आमतौर पर एक टाइगर को जीने के लिए 45 से 50 किलोमीटर की जरूरत होती है।     जबकि, बाघिन को 10-15 किमी इलाके की जरूरत होती है। लेकिन, अब इनकी संख्या इतनी बढ़ गई है कि बाघ बाघिन के इलाके में ही जीवन पूरा कर रहा है।     पूरे देश में सबसे ज्यादा टाइगर हमारे पास हैं। पूरे देश में सबसे ज्यादा लेपर्ड भी हमारे पास हैं। हमारे पास पहले 7 टाइगर रिजर्व थे।     इसी साल हमने रातापानी में 8वां टाइगर रिजर्व घोषित किया। इसे डॉ विष्णु वाकणकर का नाम दिया। माधव नेशनल पार्क हमारा 9वां टाइगर रिजर्व है। 10 मार्च को उसका लोकार्पण होगा। केंद्रीय मंत्री से कही ये बात     सीएम यादव ने मजेदार अंदाज में केंद्रीय मंत्री शेखावत से कहा कि मंत्री जी आपके जोधपुर में शायद फर्नीचर अच्छा बनाते हैं।     लेकिन, मजेदार बात है कि जोधपुर में लकड़ी नहीं है और फर्नीचर सबसे अच्छा बनता है। हमारे यहां लकड़ी बहुत है, लेकिन फर्नीचर नहीं बना पाते।     इसलिए आपका और हमारा एमओयू कर लेते हैं। जब आप जल शक्ति मंत्री थे तो आपने केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध नदी के बड़े प्रोजेक्ट पर फोकस किया। क्या होगा उज्जैन में     सीएम यादव ने कहा कि साल 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ होने वाला है। जब कुंभ राशि वृश्चिक राशि में प्रवेश करती है तो कुंभ हो जाता है। हर 12 साल में एक बार ऐसी स्थिति बनती है।     उन्होंने कहा कि उज्जैन में लगभग 3300 हेक्टेयर जमीन में धार्मिक सिटी बसाने की योजना है। उसमें बड़े पैमाने पर साधु-संतों, महंतों, महामंडलेश्वरों, शंकराचार्य को स्थायी रूप से जगह दी जाएगी।     वे आश्रम में अन्न क्षेत्र चला सकते हैं, धर्मशाला बना सकते हैं, स्कूल-कॉलेज और अस्पताल बना सकते हैं। केवल साधु संत ही नहीं आम लोग भी इस तरह की व्यवस्था में मदद कर सकते हैं। पंकज त्रिपाठी ने की एमपी की तारीफ     विख्यात फिल्म अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने कहा कि मध्यप्रदेश विलक्षण है, यहा अपार संभावनाएं हैं।     राज्य में जितनी खूबसूरती है, उतनी कहीं और नहीं। यहां आकर वापस जाने का मन नहीं करता।     यहां आकर मन को शांति मिलती है। उन्होंने मध्यप्रदेश में फिल्म शूटिंग के दौरान अनुभवों को सांझा करते हुए यहां की प्रकृति के बारे में बताया।   recent visitors 49

प्रदेश में उद्यानिकी फसलों का रकबा 5 साल में 27 लाख से बढ़कर होगा 32 लाख हैक्टेयर

खाद्य प्र-संस्करण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में निवेश की अपार संभावनाएँ : केन्द्रीय कृषि मंत्री चौहान निवेश प्रोत्साहन के लिये मध्यप्रदेश में सिंगल विण्डो प्रणाली लागू : उद्यानिकी मंत्री कुशवाह प्रदेश में उद्यानिकी फसलों का रकबा 5 साल में 27 लाख से बढ़कर होगा 32 लाख हैक्टेयर प्रदेश में 8 फूड पार्क, 5 एग्रो प्रोसेसिंग क्लस्टर, 2 मेगा फूड पार्क और 2 मसाला पार्क उपलब्ध भोपाल कृषि, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण विभाग द्वारा इनवेस्ट मध्यप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2025 में आयोजित सीड टू सेल्फ इन लांचिंग इन्वेस्टमेंट अपार्चुनिटी इन एमपी एग्री फूड एण्ड डेयरी सेक्टर पर आयोजित सत्र में केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में निवेश की अपार संभावनाएँ हैं। मध्यप्रदेश निवेश के लिये आवश्यक अधोसंरचना के साथ एक लाख हैक्टेयर का लैण्ड बैंक रखने वाला देश का पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि उद्यानिकी फसलों के अंतर्गत टमाटर, मटर, प्याज, लहसुन, मिर्च, गेहूँ और चावल उत्पादन में देश अग्रणी है। उन्होंने कहा कि कृषि-उद्यानिकी उत्पादन की प्रचुर मात्रा में उत्पादन से किसान को फसल का भरपूर दाम नहीं मिल पाता है। इसलिये आवश्यक है कि प्रदेश में फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा दिया जाये। इससे फसलों का वैल्यू एडीशन होगा। किसान और उत्पादक इकाई, दोनों लाभान्वित होंगे। इसी तरह भारत पूरी दुनिया में फूड प्रोसेसिंग के लिये वर्ल्ड लीडर बन सकता है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय कृषि मंत्रालय फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिये बीज और पौध की नवीन किस्म विकसित करवा रहा है। उन्होंने कहा कि देश के कृषि उत्पादन को विदेशों में बेहतर मांग मिल सके, इसके लिये भारत सरकार द्वारा चावल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी शून्य कर दी है। साथ ही ऑइल पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाकर 27 प्रतिशत कर दी है। इसका लाभ देश की फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को मिलेगा। उन्होंने सभी निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिये भरपूर सहयोग का आश्वासन भी दिया। उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने "इनवेस्ट मध्यप्रदेश ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट-2025 में आये सभी निवेशकों ओर विषय-विशेषज्ञों का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश, अपनी समृद्ध कृषि, उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण क्षमताओं के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है। प्रदेश के उद्यानिकी उत्पादों ने देश में अलग पहचान बनायी है। प्रदेश के 27 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में उद्यानिकी फसलों का उत्पादन किया जा रहा है। इसे आगामी 5 वर्षों में बढ़ाकर 32 लाख हेक्टेयर तथा उत्पादन 400 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 500 लाख टन करने का लक्ष्य रखा गया है। देश के कुल जैविक उत्पादन में मध्यप्रदेश की भागीदारी 40 प्रतिशत है। प्रदेश का रियावन लहसुन और सुंदरजा आम विश्व बाजार में अपनी अलग पहचान रखता है। हमारी सरकार ने कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में विशेष निवेश योजनाओं को लागू करते हुए ‘एक जिला-एक उत्पाद’ पहल के तहत 52 जिलों की विशिष्ट फसलें चिन्हित की हैं। राज्य सरकार द्वारा बनायी गयी नवीन निवेश नीतियों को निवेशकों के अनुकूल बनाया गया है। साथ ही इन नीतियों के निर्धारण के लिये निवेशकों के सुझाव भी राज्य सरकार द्वारा खुले मन से आमंत्रित किये गये हैं। निवेश प्रोत्साहन के लिये सिंगल विण्डो प्रणाली रखी गयी है, जिसमें भूमि का आवंटन एवं सभी प्रकार की अनुमतियां कम से कम समय में मिल सकेंगी। किसानों की आय, रोजगार, निवेश तथा निर्यात में वृद्धि राज्य सरकार का संकल्प है। कृषि उत्पादन आयुक्त मोहम्मद सुलेमान ने कहा कि फसल को खेत से बाजार तक पहुंचाने और उसे वाजिब दाम उपलब्ध कराने पर विस्तृत चर्चा करने की आवश्यकता है। उन्होंने मध्यप्रदेश में कृषि, पशुपालन एवं उद्यानिकी के महत्व और उनके निर्यात संभावनाओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में राज्य के कृषि, खाद्य प्र-संस्करण एवं डेयरी क्षेत्रों में निवेश के नए अवसरों पर व्यापक चर्चा की गई। इस कार्यक्रम में विभिन्न विशेषज्ञों ने किसानों, उद्यमियों और निवेशकों के लिए नवाचार, तकनीकी प्रगति एवं सरकारी नीतियों के महत्व पर रोशनी डाली। प्रमुख सचिव उद्यानिकी एवं खाद्य प्र-संस्करण अनुपम राजन ने कहा कि प्रदेश में निवेश का बेहतर माहौल तैयार किया जा रहा है। राज्य की सशक्त अधोसंरचना के अंतर्गत 8 फूड पार्क, 2 मेगा फूड पार्क, 5 कृषि प्र-संस्करण क्लस्टर एवं एक लॉजिस्टिक पार्क निवेशकों को उत्कृष्ट अवसर प्रदान कर रहे हैं। इसके साथ ही, सिंगल विंडो प्रणाली के माध्यम से भूमि आवंटन एवं सभी प्रकार की अनुमतियाँ शीघ्र उपलब्ध कराई जा रही हैं। मिनी योजनाओं से लेकर उन्नत फ्रोजन लॉजिस्टिक अधोसंरचना तक के अनेक कदम उठाये जा रहे हैं, जिससे किसानों की आय, रोजगार एवं निर्यात में वृद्धि सुनिश्चित होगी। उद्यानिकी के समग्र विकास एवं वैश्विक स्तर पर वृद्धि करने के लिये भारत सरकार के सहयोग से विशेष फसल आधारित क्लस्टर का चयन किया गया है। जैसे निमाड़ में मिर्च, गुना-राजगढ़ में धनिया, बुंदेलखण्ड में अदरक, बघेलखण्ड में हल्दी, बुरहानपुर में केला, मटर, जबलपुर, देवास और इंदौर में आलू के क्लस्टर चयनित किये गये हैं। इसके लिये केन्द्र सरकार द्वारा 500 करोड़ का प्रावधान किया गया है जिसमें प्रदेश सरकार आनुपातिक राशि का निवेश करेगी। उन्होंने बताया कि छोटे उद्यमियों द्वारा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना अंतर्गत 930 करोड़ रुपये की इकाइयां स्थापित की जा रही हैं। केन्द्रीय सचिव कृषि सुब्रत गुप्ता ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। हमारे घरों में फूड प्रोसेसिंग का लगातार उपयोग होता है। बदलते परिवेश में रेडी-टू-फूड और रेडी-टू-ईट फूड की मांग लगातार बढ़ रही है। इससे भारत दुनिया में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त कर सकता है। केन्द्र सरकार द्वारा फूड प्रोसेसिंग को प्रोत्साहित करने के लिये 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। नये उद्यमी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। आयुक्त उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण श्रीमती प्रीति मैथिल ने मध्यप्रदेश में उद्यानिकी और खाद्य प्र-संस्करण के संबंध में उपलब्ध संसाधनों और भविष्य की संभावनाओं पर प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में वह सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं, जिनकी आवश्यकता नई फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना के लिये होती है। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश मसाला फसलों के उत्पादन में देश में प्रथम, फल उत्पादन में द्वितीय और दुग्ध उत्पादन में तृतीय स्थान पर है। प्रदेश में 11 एग्रो क्लाइमेटिक जोन हैं। परिवहन के लिये 700 रेलवे स्टेशन, 60 फ्लाइट्स तथा 9 इनलैण्ड पोर्ट स्थित हैं। मध्यप्रदेश में कृषि विपणन के लिये कृषि उपज मण्डियों की सुदृढ़ श्रंखला … Read more

चैंपियन विदर्भ के खिलाफ फाइनल मुकाबला खेलेंगे, केरल का लक्ष्य विदर्भ के खिलाफ पहला खिताब जीतना

नागपुर केरल की नजरें अपने पहले रणजी ट्रॉफी खिताब पर टिकी हैं, जब वे दो बार के चैंपियन विदर्भ के खिलाफ फाइनल मुकाबला खेलेंगे, जो बुधवार से जामथा के वीसीए स्टेडियम में खेला जाएगा। केरल का यह सीजन शानदार रहा है, वे अपने इतिहास में दूसरी बार सेमीफाइनल में पहुंचे हैं, इससे पहले उन्होंने 2018-19 सीजन में यह उपलब्धि हासिल की थी। हालांकि, तब से वे कभी भी इस चरण से आगे नहीं बढ़ पाए हैं। लेकिन, मुख्य कोच अमय खुरसिया के मार्गदर्शन में, टीम ने लंबे समय से चली आ रही इस बाधा को तोड़ दिया और गुजरात के खिलाफ पहली पारी में दो रन की मामूली बढ़त लेने के बाद अपने पहले रणजी ट्रॉफी फाइनल में पहुंचकर इतिहास रच दिया। फाइनल तक पहुंचने के दौरान, केरल ने अपने सभी चार ग्रुप-स्टेज मैच ड्रॉ किए, जिसमें मध्य प्रदेश, हरियाणा, बंगाल और कर्नाटक का सामना करना पड़ा और नॉकआउट चरण में आगे बढ़ गया। सचिन बेबी की अगुआई वाली टीम ने जम्मू-कश्मीर के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मैच ड्रॉ किया और पहली पारी में बढ़त के साथ अपने दूसरे सेमीफाइनल में पहुंच गई। सेमीफाइनल में नाटकीय जीत के साथ उन्होंने पहली बार फाइनल में जगह बनाई। केरल के फाइनल में पहुंचने की दौड़ में उनके 38 वर्षीय अनुभवी जलज सक्सेना और सलमान निजार का अहम प्रदर्शन रहा। सक्सेना ने सीजन की शुरुआत में 6000 रन और 400 विकेट का दुर्लभ रणजी डबल पूरा किया, जबकि निजार 86.71 की औसत से 607 रन बनाकर उनके सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे। तेज गेंदबाज एमडी निधीश एक मजबूत ताकत बन गए हैं और उन्होंने क्वार्टर फाइनल में दस विकेट भी लिए। दूसरी ओर, विदर्भ का यह चौथा रणजी ट्रॉफी फाइनल होगा और लगातार दूसरा। अक्षय वाडकर की अगुआई वाली टीम, जो इस साल अजेय रही है, पिछले साल के फाइनल की भरपाई करना चाहेगी, जहां वे मुंबई से हार गए थे। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने 42 बार की चैंपियन मुंबई को 80 रनों से हराकर फाइनल में जगह बनाई। विदर्भ ने अपने सात ग्रुप स्टेज मैचों में से पांच जीते हैं और दो ड्रॉ रहे हैं। क्वार्टर फाइनल में, उन्होंने तमिलनाडु को पारी और 88 रनों से हराया, इसके बाद सेमीफाइनल में मुंबई पर जीत दर्ज की। विदर्भ की टीम का पूरा दारोमदार बल्लेबाज यश राठौड़ पर रहेगा, जिन्होंने इस साल 9 मैचों में 58 की औसत से 933 रन बनाए हैं और गेंदबाज हर्ष दुबे ने इस सीजन में 66 विकेट लिए हैं। उनके कप्तान ने भी अपने शानदार प्रदर्शन से टीम की अगुआई की और 674 रनों के साथ टीम के लिए दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। हालांकि, विदर्भ ने रणजी ट्रॉफी के फाइनल के लिए अपनी 17 सदस्यीय टीम को बरकरार रखा है, जबकि केरल ने अभी तक अपनी टीम की घोषणा नहीं की है। विदर्भ: अक्षय वाडकर (कप्तान और विकेटकीपर), अथर्व तायदे, अमन मोखड़े, यश राठौड़, हर्ष दुबे, अक्षय कर्णेवार, यश कदम, अक्षय वखारे, आदित्य ठाकरे, दर्शन नालकंडे, नचिकेत भूते, सिद्धेश वाथ (विकेटकीपर), यश ठाकुर, दानिश मालेवार, पार्थ रेखाडे, करुण नायर, ध्रुव शौरी। केरल: अभी घोषणा होना बाकी है   recent visitors 49

ऊर्जा मंत्री ने संगम के पवित्र जल को लोगों के घरों तक पहुंचाने की बीड़ा उठाया

ग्वालियर  ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु कुंभ स्नान कर पुण्य अर्जित कर चुके हैं और बहुत से श्रद्धालु ऐसे है, जो किसी कारणवश इस महाकुंभ में श्रद्धा की डुबकी लगाने से वंचित हैं। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने खासतौर पर बुजुर्ग और दिव्यांगों के लिए अनूठी पहल की है। ऊर्जा मंत्री ने संगम के पवित्र जल को लोगों के घरों तक पहुंचाने की बीड़ा उठाया है। उन्होंने पवित्र जल को टैंकर के जरिए मंगाया गया है। गंगा की पवित्र त्रिवेणी का पवित्र जल घर-घर पहुंचाया जाएगा। त्रिवेणी का पवित्र जल प्रयागराज से विधिवत पूजा अर्चना के बाद ग्वालियर के लिए रवाना किया गया है। तोमर ने बताया कि वह खुद और उनकी पार्टी के कार्यकर्ता इस पवित्र गंगाजल को ढाई सौ मिलीलीटर मात्रा में लोगों को उनके घरों तक पहुंचाएंगे। ट्रेनों में महाकुंभ के अंतिम स्नान की भीड़, यात्रियों से खचाखच भरे कोच     इस बीच, ग्वालियर से ही खबर है कि महाशिवरात्रि पर महाकुंभ में डुबकी लगाने के लिए अब ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। सोमवार को भी स्टेशन पर कुंभ जाने वाले यात्रियों का जमावड़ा नजर आया।     रेलवे ने दो स्पेशल ट्रेनों का संचालन कर इन यात्रियों को रवाना किया। ट्रेन के हर कोच यात्रियों की भीड़ से खचाखच भरे हुए थे। इस दौरान आरपीएफ के जवानों ने होल्डिंग एरिया बनाकर लाइन में यात्रियों को प्लेटफार्म पर प्रवेश दिया।     इसके अलावा कई यात्री ग्वालियर से झांसी के लिए रवाना हुए, क्योंकि झांसी से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें प्रयागराज के लिए जा रही हैं। महाकुंभ के अंतिम शाही स्नान में केवल दो दिन शेष हैं। महाशिवरात्रि के स्नान के साथ ही कुंभ का समापन हो जाएगा।     ट्रेनों के स्लीपर से लेकर एसी कोच तक फुल नजर आ रहे हैं। श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आ रही है। ग्वालियर से झांसी जाने वाली कई ट्रेनों में तो यात्रियों की खासी भीड़ देखने को मिली। स्लीपर और जनरल कोच में यात्री खचाखच भरे हुए थे।     भीड़ के चलते लोगों को टॉयलेट में खड़े होकर यात्रा करने को मजबूर होना पड़ा, क्योंकि ग्वालियर से रेलवे ने सिर्फ दो स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया है। झेलम एक्सप्रेस रही रद, आज पुणे से नहीं आएगी महाकुंभ की विशेष ट्रेनों के कारण लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन खासा प्रभावित हो रहा है। सोमवार को जम्मू से पुणे जाने वाली झेलम एक्सप्रेस को रेलवे ने रद कर दिया। वहीं मंगलवार को पुणे से जम्मूतवी जाने वाली झेलम एक्सप्रेस भी रद रहेगी। उधर बुंदेलखंड एक्सप्रेस भी घंटों की देरी से चल रही है। जिस ट्रेन को रात में ग्वालियर से प्रयागराज होते हुए बनारस के लिए रवाना होना है, वह ट्रेन अगले दिन सुबह जा पा रही है। recent visitors 43

यूक्रेन को लेकर ट्रंप और मैक्रों के मतभेद साफ नजर आए, इस पर मैक्रों ने डोनाल्ड ट्रंप को बीच में ही रोक दिया

फ्रांस फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने वाइट हाउस में डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। इस दौरान उनकी कई मसलों पर बात हुई तो कुछ मामलों में साफ तौर पर असहमति भी दिखी। खासतौर पर यूक्रेन को लेकर ट्रंप और मैक्रों के मतभेद साफ नजर आए। डोनाल्ड ट्रंप ने इस दौरान मीडिया से बात करते हुए कहा कि यूरोपीय देशों ने यूक्रेन को सैन्य सहायता दी थी और अब वे उसके बदले में पैसा वापस ले रहे हैं। इस पर मैक्रों ने डोनाल्ड ट्रंप को बीच में ही रोक दिया। उन्होंने कहा, 'मैं आपको करेक्ट करता हूं। यूरोप ने यूक्रेन को पैसा दिया था और अब वह उसे ही वापस ले रहा है।' मैक्रों के बीच में टोकने और करेक्ट करने के दौरान डोनाल्ड ट्रंप चुप रहे और हामी भरते हे। उनके चेहरे के हावभाव देखने लायक थे और इसी के चलते वाकये का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मैक्रों ने इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप की बांह पकड़ ली। उन्होंने कहा, 'स्पष्ट रूप से कहें तो हमने कुल खर्च का 60 फीसदी हिस्सा लगाया। यह लोन, गारंटी के तौर पर था। यूरोप में हमारे पास 230 अरब डॉलर की रूस की एसेट्स हैं, जिन्हें फ्रीज किया गया है। लेकिन यह लोन के एवज में नहीं है। यह रूसी संपत्ति है और हमसे उसका कोई ताल्लुक नहीं है। इसलिए फ्रीज है।' मैक्रों ने कहा कि यह रूस की जिम्मेदारी है कि वह यूक्रेन को मिली मदद की रकम वापस करे। हमारी जब अंत में रूस से बात होगी तो हम कहेंगे कि वह लोन की रकम वापस करें। रूस को यह रकम लौटानी ही होगी। ट्रंप ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि यदि आप ऐसा कहते हैं तो सही है। लेकिन मेरी चिंता यह है कि उन देशों को उनका पैसा तो वापस मिल रहा है, लेकिन हमें अपनी पूंजी नहीं मिल रही। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन फिलहाल यूक्रेन के साथ कुछ मिनरल्स को लेकर रेवेन्यू शेयरिंग अग्रीमेंट कर रहा है। इसके तहत यूक्रेन की कोशिश है कि बाइडेन प्रशासन के दौर में यूक्रेन को दी गई मदद का कुछ हिस्सा रिकवर किया जा सके। यह रकम अमेरिकी प्रशासन ने रूस के खिलाफ जंग में हथियार खरीदने के लिए दी थी। ट्रंप का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि यूक्रेन के साथ मिनरल्स को लेकर एक समझौता हो सकेगा। इसके तहत 180 अरब डॉलर की मदद जो अमेरिका ने की थी, उसका कुछ हिस्सा रिकवर हो सकेगा। ऐसा लगता है कि हम उस डील के बेहद करीब पहुंच गए हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि अमेरिका के साथ हम अग्रीमेंट के करीब हैं। recent visitors 49

चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर पाक क्रिकेट टीम माली हालत के लिए हेड कोच समेत सपोर्ट स्टाफ पर गाज गिरने वाली है

नई दिल्ली पाकिस्तान की क्रिकेट टीम के खेल में गिरावट काफी समय में चली आ रही है। पिछले तीन आईसीसी टूर्नामेंट में पाकिस्तान की टीम नॉकआउट स्टेज से बाहर हो गई है। ताजा मामला चैंपियंस ट्रॉफी 2024 का है, जिसकी मेजबानी खुद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पास थी। पाकिस्तान की टीम इस आईसीसी टूर्नामेंट के शुरू होने के 128 घंटे बाद टूर्नामेंट से बाहर हो गई। ऐसे में किसी ना किसी पर इस हार का ठीकरा फूटना ही था। यही कारण है कि अब रिपोर्ट्स आ रही हैं कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम की इस माली हालत के लिए हेड कोच समेत सपोर्ट स्टाफ पर गाज गिरने वाली है। पीसीबी के शीर्ष अधिकारी अंतरिम मुख्य कोच आकिब जावेद और कोचिंग स्टाफ के अन्य सदस्यों को बाहर का रास्ता दिखाने के लिए तैयार हैं। चैंपियंस ट्रॉफी के ग्रुप ए में पाकिस्तान के साथ इंडिया, बांग्लादेश और न्यूजीलैंड की टीम थी। पाकिस्तान को न्यूजीलैंड और भारत से हार मिली थी। इसके बाद न्यूजीलैंड ने बांग्लादेश को हरा दिया तो फिर पाकिस्तान और बांग्लादेश दोनों के टॉप 4 में पहुंचने के सारे रास्ते बंद हो गए। पाकिस्तान को भारत से मिली हार के बाद टीम के पूर्व क्रिकेटरों ने मौजूदा टीम की जमकर आलोचना की थी। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, चैंपियंस ट्रॉफी के बाद आकिब जावेद को अंतरिम मुख्य कोच के पद से मुक्त कर दिया जाएगा। पीटीआई से बातचीत में सूत्र ने कहा, "जाहिर है, चैंपियंस ट्रॉफी में टीम के प्रदर्शन को लेकर आलोचना हो रही है। बोर्ड ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि टीम के पास अलग-अलग मुख्य कोच (लाल और सफेद गेंद वाली टीमों के लिए) होंगे या नहीं, लेकिन एक बात तय है: चैंपियंस ट्रॉफी में खराब प्रदर्शन के बाद अब मौजूदा सपोर्ट स्टाफ में बदलाव किया जाएगा, लेकिन जिस तरह से बोर्ड पिछले साल से कोच और चयनकर्ता बदल रहा है, इन पदों के लिए अन्य उम्मीदवारों को ढूंढना एक चुनौती होगी।" कोच के लिए पूर्व खिलाड़ियों की तलाश में पीसीबी पीसीबी अब मुख्य कोच की नौकरी के लिए पूर्व खिलाड़ियों की तलाश कर रहा है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने गैरी कर्स्टन के इस्तीफे के बाद आकिब जावेद को व्हाइट-बॉल टीम के लिए अंतरिम मुख्य कोच नियुक्त किया था। यहां तक कि जेसन गिलेस्पी के रेड-बॉल कोच के पद से इस्तीफा देने के बाद आकिब को ही टेस्ट टीम की कमान दी गई थी। हालांकि, आकिब की कोचिंग में टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई है। सूत्र ने कहा, "कर्स्टन और गिलेस्पी के इस्तीफे के बाद पीसीबी को विदेशी कोचों के लिए कोई विकल्प नहीं मिलेगा, इसलिए संभवत: पीसीबी इस पद के लिए पूर्व खिलाड़ियों पर विचार करेगा।" recent visitors 58

मंत्रियों के कहने पर किसी भ्रष्ट निजी सहायकों और विशेष कार्य अधिकारी की नियुक्तियों को मंजूरी नहीं देंगे: फडणवीस

मुंबई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक बड़ा फैसला लेते हुए साफ कर दिया है कि वह मंत्रियों के कहने पर किसी भ्रष्ट निजी सहायकों (पीएस) और विशेष कार्य अधिकारी की नियुक्तियों को मंजूरी नहीं देंगे। कृषि मंत्री और अजित पवार गुट के वरिष्ठ नेता माणिकराव कोकाटे के बयान पर पलटवार करते हुए फडणवीस ने कहा कि चाहे कोई नाराज हो, लेकिन जिन अफसरों पर भ्रष्टाचार या गलत कामों के आरोप हैं, उन्हें वह अपनी मंजूरी नहीं देंगे। फडणवीस का साफ संदेश गौरतलब है कि माणिकराव कोकाटे ने सोमवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि अब मंत्रियों के पीए और ओएसडी की नियुक्ति भी मुख्यमंत्री तय कर रहे हैं, जिससे उनके पास खुद के फैसले लेने की गुंजाइश नहीं बची है। इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी। इसके जवाब में फडणवीस ने कहा, "राज्य में मंत्रियों के पीए और विशेष कार्य अधिकारियों की नियुक्ति का अधिकार मुख्यमंत्री के पास होता है। कोकाटे साहब को शायद यह जानकारी नहीं है कि यह कोई नई परंपरा नहीं है। मैंने कैबिनेट बैठक में स्पष्ट किया था कि मंत्री अपने सुझाव भेज सकते हैं, लेकिन अगर उन पर गलत कामों का ठप्पा लगा है, तो मैं मंजूरी नहीं दूंगा।" सीएम फडणवीस ने बताया कि मंत्रियों की ओर से कुल 125 नाम भेजे गए थे, जिनमें से 109 को हरी झंडी दी गई, लेकिन जिन पर संदेह था, उन्हें मंजूरी नहीं दी गई। उन्होंने साफ कहा, "मैंने बाकी नामों को क्लीयर नहीं किया क्योंकि उन पर आरोप हैं और कुछ मामलों में जांच भी चल रही है। चाहे कोई नाराज हो या खुश, मैं ऐसे नामों को पास नहीं करूंगा।" साहित्य सम्मेलन पर भी बोले फडणवीस इस बीच, महाराष्ट्र विधान परिषद की उपाध्यक्ष और शिंदे गुट की शिवसेना नेता नीलम गोऱ्हे द्वारा उद्धव ठाकरे पर की गई टिप्पणी और फिर संजय राऊत के पलटवार से राजनीति गरमा गई। इस पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि ऐसे राजनीतिक बयानों से बचना चाहिए। उन्होंने कहा, "साहित्य सम्मेलन में भी नफरत झलक रही है। वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर उद्धव ठाकरे तक पर कटाक्ष किए गए। लेकिन क्या ऐसे मंच का इस्तेमाल राजनीति के लिए करना सही है?" फडणवीस ने यह भी कहा कि साहित्य मंचों पर सभी को संयम बरतना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर राजनीतिक नेता साहित्य सम्मेलनों में जाते हैं, तो उन्हें अपनी राजनीतिक बयानबाजी पर भी रोक लगानी चाहिए। इस बीच, राज्य के मुख्यमंत्री ने किसानों के लिए राहत की घोषणा करते हुए बताया कि केंद्र सरकार की किसान संमान निधि योजना के तहत अब राज्य सरकार अपनी तरफ से 6,000 रुपये की जगह 9,000 रुपये देगी। इससे किसानों को कुल 15,000 रुपये सालाना मिलेंगे, जिससे उनकी आर्थिक मदद हो सकेगी। recent visitors 56