उद्योगों के विकास से ही बढ़ेंगे रोजगार के अवसर : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल दो दिवसीय ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट के दूसरे दिन सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम तथा स्टार्ट-अप समिट सत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी का अभिवादन करते हुए संबोधन में कहा कि यह दो दिवसीय समिट सकारात्मक भावना और योजनाबद्ध तरीके से आयोजित की गई है। संभागवार रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन कर हमने प्रदेश में एक सकारात्मक औद्योगिक वातावरण तैयार करने का प्रयास किया है। जिससे व्यापक संवाद हुआ है, और इसके उत्साहजनक परिणाम एमएसएमई क्षेत्र में देखने को मिले है। उन्होंने कहा कि उद्योग और निवेश को प्रोत्साहित किए बिना आर्थिक आधार मजबूत नहीं हो सकता। उद्योगों के विकास से ही रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और प्रदेश समृद्ध होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र बहुत विस्तृत है और इससे नई संभावनाओं के द्वार खुले है। उन्होंने प्रदेश के मंत्री श्री चैतन्य काश्यप की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में लागू की गई नई एमएसएमई नीति में सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं को समाहित किया गया है, जिससे यह क्षेत्र और अधिक सशक्त बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि समिट के अंत में जब आंकड़े आएंगे तब तक यह स्पष्ट हो जाएगा कि एमएसएमई सेक्टर को अभूतपूर्व उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार जो भी कमिटमेंट कर रही है और जिस पारदर्शिता के साथ नीतियों को लागू कर रही है, वह प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने एमएसएमई विभाग की सराहना की और कहा कि सरकार की नीतियां स्पष्ट हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश अब उड़ान भरने के लिए पूरी तरह तैयार है। हमारी सरकार और उद्यमी मिलकर सफलता के नए आयाम स्थापित करेंगे।     सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री श्री चैतन्य काश्यप ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव और उद्योग जगत के सभी साथियों का अभिनंदन किया। उन्होंने बताया कि सरकार ने उद्यमियों के प्री-प्रोडक्शन से पोस्ट-प्रोडक्शन तक की हर प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए नई 18 नीतियां लागू की हैं। भूमि आवंटन प्रक्रिया को भी सरल किया गया है ताकि उद्यमियों को सरकारी सुविधाओं का लाभ आसानी से और निश्चित समय में मिले। मंत्री श्री काश्यप ने कहा कि सरकार उद्यमशीलता को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन के दो मुख्य लक्ष्यों पर कार्य कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि यदि नई नीतियों की आवश्यकता हुई तो सरकार उद्यमियों के साथ पूरी पारदर्शिता से काम कर उसे भी लागू करेगी। उन्होंने समिट से प्रदेश के सुनहरे भविष्य की कल्पना करते हुए कहा कि नवाचारों और निवेश से लाखों रोजगार सृजित होंगे, इससे देश विश्वगुरु बनने की दिशा में अग्रसर होगा। सत्र के आरंभ अवसर पर एमएसएमई सचिव श्रीमती प्रियंका दास द्वारा एमएसएमई और स्टार्ट-अप इको सिस्टम के संदर्भ में विस्तार से जानकारी दी। एमएसएमई मंत्रालय भारत सरकार की अपर विकास आयुक्त सुश्री अश्विनी लाल ने बताया कि एमएसएमई सेक्टर के माध्यम से ग्रामीण, शहरी और हैंडीक्राफ्ट उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल रही है। उन्होंने कहा कि स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स के जरिए युवाओं को आंत्रप्रेन्योरशिप के लिए तैयार किया जा रहा है। उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों ने की मध्यप्रदेश सरकार की नीतियों की सराहना एसएवी, दुबई की फाउंडर सुश्री पूर्वी मुनोट ने कहा कि एमपी सरकार ने उद्योगों और युवाओं के लिए सकारात्मक परिवेश तैयार किया है। राज्य एआई, ग्रीन एनर्जी और लॉजिस्टिक सप्लाई चेन के माध्यम से ग्लोबल हब बन रहा है।     इन एंड ब्रेडस्ट्रीट, मुंबई के एमडी व सीईओ श्री अविनाश गुप्ता ने कहा कि नवाचारों से भारत जल्द ही विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। एशियाई विकास बैंक की डिप्टी कंट्री डायरेक्टर सुश्री आरती मेहरा ने कृषि, ऑर्गेनिक फार्मिंग और उद्यमियों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता की प्रशंसा की।     नेशनल एमएसएमई बोर्ड के चेयरमैन श्री सुनील ने एमपी सरकार की 18 नई नीतियों को सराहा और कहा कि यह प्रधानमंत्री श्री मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में सहायक होंगी।     सत्र के अंत में स्टार्ट-अप और इको सिस्टम पर आधारित शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसमें मध्यप्रदेश सरकार की उपलब्धियों और आसान नीतियों को दर्शाया गया। सत्र में अन्य उद्योगपति एवं विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।   recent visitors 59

महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर महाकुंभ अपने चरम पर, अद्भुत संयोग का साक्षी बनने उमड़े करोड़ों लोग

प्रयागराज महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर महाकुंभ अपने चरम पर पहुंच चुका है। 144 साल बाद बने इस अद्भुत संयोग का साक्षी बनने के लिए करोड़ों श्रद्धालु संगम तट पर उमड़ पड़े हैं। मां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम में रोज सवा करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु डुबकी लगाकर शांति और मोक्ष की कामना कर रहे हैं। यही नहीं, 10 दिनों से लगातार बढ़ रहे आस्था के इस महाज्वार को देखते हुए स्वास्थ्य और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। महाकुंभ में अब तक 64 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पवित्र स्नान के सहभागी बन चुके हैं। इसे देखते हुए महाशिवरात्रि पर यह आंकड़ा 66 करोड़ के पार हो जाने की संभावना है। सनातन धर्मावलंबी जितनी बड़ी संख्या में यहां पहुंचे हैं, उतने पूरी दुनिया में आज तक कहीं दूसरी जगह एक साथ एकत्र नहीं देखे गए। गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा सात बार दो करोड़ के पार जा चुका है। पिछले 10 दिनों से हर दिन सवा करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु संगम में पवित्र स्नान कर रहे हैं, जिससे महाकुंभ क्षेत्र के साथ-साथ पूरे देश में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। यहां लोगों के उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि महाकुंभ में पवित्र स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या सात बार दो करोड़ के पार जा चुकी है। महाकुंभ में पवित्र स्नान करने के लिए बड़ी संख्या में देश के कोने-कोने से लोग पहुंचे। यही नहीं, विभिन्न देशों से प्रयागराज आने वाले विदेशी श्रद्धालुओं की भी इनमें अच्छी खासी तादाद रही है। बात सिर्फ प्रमुख स्नान की हो तो करीब 17 करोड़ से अधिक श्रद्धालु इस दौरान संगम तट पर पहुंचे और आस्था की डुबकी लगाई। हर अमृत स्नान पर महाकुंभ नगर में जनसैलाब उमड़ा। प्रत्येक अमृत स्नान के मौके पर ढाई करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र त्रिवेणी में डुबकी लगाकर अपने जीवन को धन्य किया। यही नहीं, महाकुंभ में ऐसा 12 बार हो चुका है जब गंगा स्नान करने वाले डेढ़ करोड़ लोगों की यहां संगम की रेत पर सहभागिता रही। महाकुंभ के इस दिव्य और भव्य आयोजन में महाशिवरात्रि के अंतिम महत्वपूर्ण स्नान को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इसे लेकर विशेष निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत स्वास्थ्य और सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले टॉप के अधिकारियों को पूरे मेला क्षेत्र में 24 घंटे मुस्तैद रहने के लिए कहा गया है, जिससे श्रद्धालु निर्बाध रूप से पवित्र स्नान और धार्मिक अनुष्ठान कर सकें। recent visitors 58

मुख्यमंत्री डॉ. यादव कार्यक्रम में वर्चुअली हुए शामिल, आष्टा में हुआ सामूहिक विवाह कार्यक्रम, सामाजिक समरसता का आदर्श

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारे लिए यह सुखद अहसास है कि आज आष्टा की पावन धरा पर मुख्यमंत्री कन्या विवाहा और निकाह योजना के अंतर्गत सामूहिक विवाह कार्यक्रम में एक साथ 990 बेटियां दुल्हन बनी हैं। इनमें 792 जोड़े हिंदू और 198 जोड़े मुस्लिम रीति-रिवाज से परिणय सूत्र में बंधे हैं, यह सामाजिक समरसता का आदर्श उदाहरण है। शादी के बंधन में बंधने वाले 2 जोड़े कल्याणी विवाह योजना एवं 2 जोड़े निशक्त विवाह प्रोत्साहन योजना के थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आष्टा सीहोर में सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री निवास, भोपाल से वर्चुअली शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने को आष्टा में हुए सामूहिक विवाह कार्यक्रम के आयोजकों को बधाई एवं विवाहित दंपतियों को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश निरंतर प्रगति कर रहा है। राज्य सरकार भी सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूलमंत्र के साथ प्रदेश को समृद्ध बनाने के लिए नीतियों का क्रियान्वयन कर रही है। प्रदेश में योजना के अंतर्गत 19 हजार से अधिक कन्याओं के विवाह संपन्न कराए गए, जिस पर लगभग 115 करोड़ रुपए का व्यय किया गया। प्रदेश में गरीब, बुजुर्ग, कल्याणी एवं दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से लाभान्वित किया जा रहा है। सामाजिक पेंशन योजना के अंतर्गत प्रति माह 337 करोड़ रुपए सिंगल क्लिक के माध्यम से वितरित किए गए हैं। प्रदेश में सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। राज्य सरकार सभी पात्र हितग्राहियों को लाडली लक्ष्मी योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय सनातन परंपरा में विवाह जन्म -जन्मान्तर तक चलने वाला पवित्र बंधन है। उन्होंने सामूहिक विवाह कार्यक्रम के माध्यम से गृहस्थ जीवन में प्रवेश करने वाले सभी दंपतियों को सुखमय जीवन की मंगलकामनाएं दीं। आष्टा में हुए कार्यक्रम में विधायक श्री गोपाल सिंह इंजीनियर, श्रीमती रचना मेवाड़ा जिला पंचायत अध्यक्ष सीहोर श्रीमती दीक्षा गुणवान जनपद पंचायत अध्यक्ष आष्टा तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।   recent visitors 71

खारुन नदी के तट पर स्थित महादेवघाट में बाबा हटकेश्वर नाथ का मंदिर में लगेगा श्रद्धालु मेला

  रायपुर राजधानी में खारुन नदी के किनारे स्थित हटकेश्वर महादेव मंदिर मिनी काशी के रूप में प्रसिद्ध है। महाशिवरात्रि पर्व पर मंदिर के चारों ओर मेला जैसा माहौल रहेगा। हजारों श्रद्धालु महादेव का दर्शन करने पहुंचेंगे। ऐतिहासिक शिवलिंग पर जलाभिषेक करके मेला घूमने का आनंद लेंगे। मंदिर के गर्भगृह के बाहर ढलावदार पात्र में जल अर्पित करने की व्यवस्था रहेगी। मुख्य द्वार पर पात्र में डाला गया जल गर्भगृह के भीतर शिवलिंग पर अर्पित होगा। विविध मंदिरों में ब्रह्म मुहूर्त से दोपहर तक जलाभिषेक के पश्चात शाम को महाकाल और अर्ध्यनारीश्वर के रूप में शिवलिंग का शृंगार किया जाएगा। अनेक मंदिरों से भोलेबाबा की बरात निकाली जाएगी। बरात में भूत, प्रेत, देवी-देवता का रूप धारणकर श्रद्धालु शामिल होंगे। फूलों से होगा शृंगार महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर 25 फरवरी को महादेवघाट में हटकेश्वर महादेव शिवलिंग का फूलों से शृंगार किया जाएगा। 26 फरवरी को ब्रह्म मुहूर्त में महाआरती की जाएगी। सुबह से दोपहर तक जलाभिषेक की व्यवस्था की गई है। शाम को भांग, धतूरे, चंदन का लेप करके मनमोहक शृंगार किया जाएगा। नहरपारा केलकर बाड़ी स्टेशन रोड स्थित नीलकंठेश्वर मंदिर के पं. नीलकंठ त्रिपाठी ने बताया कि महाशिवरात्रि की पूर्व संध्या पर भोलेनाथ की बरात निकाली जाएगी। श्रद्धालु भूत, प्रेत, देवगणों का रूप धारण करेंगे। शाम को महाआरती की जाएगी। राजीव नगर में तीन दिवसीय महाशिवरात्रि पर्व आज से भारत गृह निर्माण सहकारी समिति राजीव नगर कॉलोनी स्थित शिव मंदिर में तीन दिवसीय महाशिवरात्रि पर्व 25 फरवरी को सुबह 11 बजे अखंड रामायण पाठ से प्रारंभ होगा। संस्था अध्यक्ष ललित कुमार जीवनलाल सिंघानिया ने बताया कि 26 फरवरी को सुबह चार बजे रूद्रीपाठ, महाभिषेक संपन्न होगा। 11:30 बजे से महाभंडारा प्रसादी होगी। 12:30 बजे अखंड रामायण पाठ की समाप्ति होगी। शाम पांच बजे सहस्त्रधारा अभिषेक, सात बजे शृंगार महाआरती की जाएगी। 27 फरवरी को सुबह 11 बजे हवन के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। योगेश्वर महादेव मंदिर में आज से शिवरात्रि संत कंवर राम नगर (कटोरा तालाब) समिति के मनोहर चंदनानी एवं प्रेम प्रकाश मध्यानी ने बताया कि दो दिवसीय शिवरात्रि का शुभारंभ 25 फरवरी को रात्रि 10 जागरण, भजन कीर्तन से होगा। 26 को सुबह चार अभिषेक, गुप्त आरती के बाद शिव दर्शन मार्ग खोला जाएगा। शाम सात बजे आरती पश्चात रात्रि आठ बजे से प्रसाद वितरण किया जाएगा। रात्रि 12 बजे पल्लव, अरदास एवं भोलेनाथ की परिक्रमा की जाएगी। सुरेश्वर महादेव पीठ में 20 फीट ऊंची त्रिशूल की होगी स्थापना कचना रोड स्थित श्री सुरेश्वर महादेव पीठ के संस्थापक स्वामी राजेश्वरानंद सरस्वती ने बताया कि सुबह पांच बजे से बाबा भोलेनाथ का पंचामृत, गन्ना रस, सरसों तेल, फलों का रस से अभिषेक किया जाएगा। वीआईपी रोड स्थित श्रीराम मंदिर से त्रिशूल यात्रा निकाली जाएगी। दोपहर को 20 फीट का त्रिशूल स्थापित किया जाएगा। विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री बंटी कटरे एवं रायपुर महानगर संयोजक विजेंद्र वर्मा ने सनातनियों से भगवा वस्त्र पहनकर शामिल होने की अपील की है। बूढ़ेश्वर मंदिर में औषधि से अभिषेक भस्म आरती बूढ़ातालाब के समीप स्थित बूढ़ेश्वर मंदिर में सुबह भस्म आरती की जाएगी। मंदिर के बाहर पात्र में जल अर्पित किया जाएगा जो शिवलिंग पर अर्पित होगा। शाम चार बजे शृंगार के लिए पट बंद हो जाएगा। शिवलिंग का शृंगार फूलों, भांग, धतूरा का लेपण करके किया जाएगा। रात्रि आठ बजे आरती एवं 11:30 बजे से महानिशा पूजा शुरू होगी जो सुबह 5:30 बजे तक चलेगी। रात्रि के चार प्रहर में चार बार 24 प्रकार के द्रव्य औषधि से अभिषेक किया जाएगा। दूध, दही, घी, शहद, शक्कर, स्वर्ण जल, रजत जल, कुशा जल, सुगंधित द्रव्य, केसर दूध, 11 प्रकार के फलों का रस एवं भस्मी से अभिषेक किया जाएगा। 43 पारद शिवलिंग श्रीयंत्र प्रोफेसर कॉलोनी स्थित अघोर पीठ श्रीधाम सुमेरु मठ औघड़नाथ दरबार के पीठाधीश्वर प्रचंड वेगनाथ ने बताया कि 43 पारद शिवलिंगों से युक्त श्रीयंत्र मंदिर में सुबह से रात तक विविध पूजा अनुष्ठान किया जाएगा। recent visitors 63

बिलासपुर के स्कूल शौचालय में विस्फोट के मामले में चार छात्र—छात्राओं को लिया हिरासत में

बिलासपुर, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में पिछले सप्ताह एक निजी स्कूल के शौचालय में हुए विस्फोट के मामले में आठवीं कक्षा के चार छात्र—छात्राओं को हिरासत में लिया गया है। इस घटना में चौथी कक्षा में पढ़ने वाली एक बालिका घायल हो गई थी। पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी छात्रों ने कथित तौर पर ऑनलाइन सोडियम की खरीद की थी। छात्र स्कूल की एक महिला शिक्षिका से नाराज थे तथा उनकी योजना शिक्षिका को निशाना बनाने की थी। इस महीने की 21 तारीख को शहर के एक निजी स्कूल के शौचालय के भीतर हुए विस्फोट में चौथी कक्षा की एक बालिका झुलस गई थी जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी। बिलासपुर जिले के पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने बताया कि पूछताछ और स्कूल के सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान आठवीं कक्षा की तीन लड़कियों सहित पांच छात्रों की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद रविवार (23 फरवरी) को उनमें से चार को हिरासत में लिया गया। सिंह ने बताया कि एक अन्य छात्रा अपने रिश्तेदार के घर गई थी और उसे अभी हिरासत में लिया जाना है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि पांचों छात्र अपनी शिक्षिका से नाराज थे और उन्होंने कथित तौर पर ऑनलाइन वीडियो देखने के बाद उसे निशाना बनाने के लिए विस्फोट करने की योजना बनाई थी। वीडियो में सोडियम धातु के पानी के संपर्क में आने से विस्फोट होने के बारे में बताया गया था। अधिकारी ने बताया कि उनमें से एक ने अपने रिश्तेदार की आईडी का उपयोग करके ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से सोडियम धातु खरीदी। वे सोडियम धातु को स्कूल में लाए और इसे वॉशरूम में टंकी के आउटलेट में रख दिया। उन्होंने बताया कि दुर्भाग्य से, पीड़ित बालिका जो योजना का निशाना नहीं थी, वह शौचालय में गई। फ्लश का इस्तेमाल करने पर विस्फोट हो गया और वह घायल हो गई। सिंह ने बताया कि विस्फोट की आवाज सुनकर, परीक्षाओं में व्यस्त शिक्षक वॉशरूम में पहुंचे और उसका दरवाजा तोड़ा। वहां उन्होंने बालिका को घायल अवस्था में फर्श पर पड़ा पाया। उन्होंने बताया कि हिरासत में लिए गए चार छात्रों को किशोर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें बाल सुधार गृह भेज दिया गया। सिंह ने बताया कि अपराध में शामिल एक अन्य लड़की को जल्द ही हिरासत में लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मामले की जांच चल रही है।   recent visitors 69

क्लाउड कंप्यूटिंग: सुरक्षा और भरोसे में बनाएं करियर

कंप्यूटर से लैपटॉप और अब मोबाइल तक में इंटरनेट के विविध प्रकार के प्रयोगों ने मानो एक नई क्रान्ति-सी ला दी है। अगर विश्व की कंप्यूटर क्षेत्र से सम्बद्ध जानी-मानी आईबीएम कम्पनी द्वारा जारी आंकड़ों की बात करें तो पता चलता है कि दुनिया भर में विकसित किये जाने वाले 85 प्रतिशत से अधिक कंप्यूटर/मोबाइल एप्लिकेशंस क्लाउड कंप्यूटिंग पर आधारित हैं। इसी प्रकार नास्डेक के अध्ययनों में बताया गया है कि इस वर्ष के अंत तक 40 मिलियन डॉलर से अधिक निवेश सिर्फ क्लाउड कंप्यूटिंग टेक्नोलॉजी पर किया जाना है। क्या है क्लाउड कंप्यूटिंग: यह एक वास्तविकता है कि रोजमर्रा के जीवन से लेकर ऑफिस तक के कार्यकलापों में हम इंटरनेट पर पूरी तरह से आश्रित हो गए हैं। कंप्यूटर के बढ़ते इस्तेमाल और डिजिटाइजेशन की दिशा में बढ़ने के कारण विविध प्रकार के डाटा का भी वृहद् पैमाने पर सृजन हो रहा है। वैश्विक तौर पर ये डाटा ईमेल, टेक्स्ट या ऑडियो-विजुअल फॉर्मेट में अत्यंत तेज गति से सृजित हो रहे हैं। इस विशाल डाटा का भंडारण और रखरखाव इतना आसान नहीं है। किसी एक व्यक्ति के लिए ही नहीं, बल्कि कंपनियों तक के लिए यह बहुत ही जटिल और खर्चीला मामला हो जाता है। इसी समस्या का समाधान ढूंढ़ने के प्रयास में क्लाउड कंप्यूटिंग की एक नई विधा अस्तित्व में आई है। बुनियादी तौर पर यह स्टेट ऑफ द आर्ट या अत्यंत उन्नत तकनीक है। मोटे तौर पर कहा जाए तो क्लाउड कंप्यूटिंग बड़े पैमाने पर वर्चुअल स्टोरेज की सुविधा प्रदान करती है, जिसे दुनिया के किसी भी कोने से एक्सेस किया जा सकता है।. कैसा एप्टिट्यूड है जरूरी इस प्रोफेशन में जाने वाले युवाओं के लिए आवश्यक है कि उनमें किसी भी तरह की समस्या का समाधान ढूंढ़ने का जुनून हो। टीम के अन्य सदस्यों के साथ वे न सिर्फ सम्मानजनक बर्ताव करें, बल्कि उनकी कम्युनिकेशन स्किल भी अच्छी होनी चाहिए। प्रोजेक्ट मैनेजमेंट की क्षमता तथा हमेशा लीक से हटकर, कुछ नया सोचने और कर दिखाने का जज्बा भी इस तरह के करियर में काफी मायने रखता है।. शैक्षिक योग्यता क्लाउड कंप्यूटिंग का प्रशिक्षण लेने के लिए सूचना तकनीक (आईटी) या कंप्यूटर साइंस का बैकग्राउंड होना आवश्यक है, ताकि प्रत्याशी के पास कंप्यूटर और कंप्यूटर प्रोग्रामिंग के बारे में प्रारम्भिक जानकारी हो। इस क्षेत्र में काम का अनुभव है तो फिर सोने पर सुहागा वाली बात होगी। ऐसी पृष्ठभूमि होने से सीखने में काफी आसानी हो जाती है। इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए पायथन और जावा कंप्यूटर लैंग्वेज की काफी उपयोगिता है। प्रशिक्षण देश-विदेश में बड़ी संख्या में निजी संस्थानों द्वारा क्लाउड कंप्यूटिंग पर आधारित कम अवधि और दीर्घ अवधि के प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इनमें माइक्रोसॉफ्ट द्वारा संचालित ‘माइक्रोसॉफ्ट क्लाउड प्लेटफॉर्म एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर', ‘सिस्को सर्टिफाइड नेटवर्क एसोसिएट क्लाउड', ‘गूगल सर्टिफाइड प्रोफेशनल आर्किटेक्ट' आदि का खासतौर पर जिक्र किया जा सकता है। आईबीएम और आईआईटी, बेंगलुरु द्वारा भी ऐसे कुछ पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं। कुछ निजी विश्वविद्यालयों द्वारा मास्टर डिग्री स्तर के पाठ्यक्रम भी आयोजित किये जा रहे हैं। यही नहीं, इस क्षेत्र के विशेषज्ञों द्वारा ट्रेनिंग वर्कशॉप भी आयोजित की जाती हैं। इनकी फीस देकर ऐसी वर्कशॉप का भी लाभ उठाया जा सकता है। इस तरह की सूचनाएं और जानकारियां आमतौर पर इंटरनेट और सम्बंधित वेबसाइट के माध्यम से मिल सकती हैं। यहां यह उल्लेख करना भी प्रासंगिक होगा कि अमूमन इस क्षेत्र की कंपनियां अपने कर्मचारियों को प्रशिक्षण के लिए भी अपने खर्च पर भेजती हैं। रोजगार के अवसर देश में क्लाउड सर्विस प्रदान करने वाली कंपनियों की कमी नहीं है। इनमें कई प्रकार की नौकरी के विकल्प मिल सकते हैं। क्लाउड कंप्यूटिंग की विधा में माहिर युवाओं को विविधतापूर्ण रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। इनमें क्लाउड कंप्यूटिंग इंजीनियर, क्लाउड आर्किटेक्ट, क्लाउड सपोर्ट इंजीनियर, क्लाउड सॉल्यूशन इंजीनियर, क्लाउड एडमिनिस्ट्रेटर, क्लाउड मैनेजमेंट प्रोफेशनल, आईटी सिस्टम्स एंड यूजर्स सपोर्ट, एप्लिकेशन डेवलपमेंट, बिजनेस एनालिसिस, नेटवर्क, सिक्योरिटी एंड वेब डेवलपमेंट आदि का जिक्र प्रमुख रूप से किया जा सकता है। इस विधा में काम का अनुभव रखने वाले लोगों को भारतीय कंपनियों के अलावा मल्टीनेशनल कंपनियों में भी नौकरियों के पर्याप्त अवसर मिल सकते हैं। डिजिटल इंडिया सरकारी तौर पर यह पहले ही एलान किया जा चुका है कि डिजिटल इंडिया के लिए 4.5 लाख करोड़ रुपए की धनराशि का प्रावधान किया गया है और इसके तहत 17 लाख नए रोजगार के अवसर सृजित किये जायेंगे। इस कार्यक्रम के अंतर्गत देश को डिजिटल रूप से सशक्त अर्थव्यवस्था के तौर पर रूपांतरित किया जाएगा। 2.5 लाख से अधिक गांवों को ब्रॉडबैंड के अंतर्गत लाया जाएगा। इसके अतिरिक्त इस योजना में देश के 100 से अधिक शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने का भी प्रस्ताव है। क्लाउड कंप्यूटिंग की डिजिटल इंडिया के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। क्लाउड कंप्यूटिंग की टेक्नोलॉजी द्वारा सबसे अधिक लाभ देश के लघु उद्योगों को मिलने की उम्मीद है। इसका प्रभाव औद्योगिक विकास और नए रोजगार के सृजन में देखने को मिल सकता है। कम्प्यूटर और आईटी के क्षेत्र में काफी नई उथल-पुथल देखने को मिली है। इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल को इस शृंखला में एक महत्वपूर्ण कड़ी के तौर पर चिह्नित किया जा सकता है। और क्लाउड कम्प्यूटिंग एक उभरता हुआ करियर है। करियर के बारे में विस्तार से बता रहे हैं काउंसलर अशोक सिंह. कुछ प्रमुख पाठ्यक्रम ईएमसी क्लाउड आर्किटेक्ट, आईबीएम सर्टिफाइड सॉल्यूशन आर्किटेक्ट, एचपी एक्सपर्ट वन क्लाउड सर्टिफिकेशन, सर्टिफिकेट ऑफ क्लाउड सिक्योरिटी नॉलेज, वीएम वेयर क्लाउड सर्टिफिकेशन, ईएमसी क्लाउड इन इंफ्रास्ट्रक्चर एंड सर्विसेज सर्टिफिकेशन प्रमुख संस्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली. (देश में कई जगह शाखाएं मौजूद). एनआईआईटी (देश में कई जगह शाखाएं मौजूद) बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस, पिलानी   recent visitors 62

चरित्र पर शंका में पत्नी की हत्या, पति ने खेत में जलाया शव

रायगढ़ छत्तीसगढ़ में अपनी पत्नी के चरित्र पर शंका करते हुए उसकी हत्या करने के बाद अपने साथियों के साथ मिलकर शव को जला देने का मामला सामने आया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. यह मामला रायगढ़ जिले के कापू थाना क्षेत्र का है. जानकारी के मुताबिक, ग्राम कमरई निवासी अमृत केरकेट्टा 65 साल अपनी पहली पत्नी के निधन के बाद गांव की ही रहने वाली जयमति विश्वकर्मा 40 साल के साथ शादी कर दोनों साथ रह रहे थे. शुरूआत दिनों में दोनों अच्छे से रहते थे. बाद में अमृत अपनी दूसरी पत्नी जयमति के चरित्र पर शंका करता रहा और आए दिन दोनों के बीच विवाद होता रहता था. इसी बीच 20 फरवरी की रात दोनों पति-पत्नी ने साथ में शराब का सेवन किया, जिसके बाद एक बार फिर दोनों के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हो गई, फिर अमृत ने लात-घूसों के अलावा डंडे से पीट-पीटकर जयमति को मौत के घाट उतार दिया. साथियों के साथ मिलकर बनाया प्लान पत्नी की हत्या करने के बाद आरोपी ने साक्ष्य छुपाने के इरादे से अपने साथियों मयंक यादव, श्रवण यादव, राजेन्द्र केरकेट्टा के साथ मिलकर शव को खेत में ले गया, जहां पैरा में महिला के शव को पूरी तरह जलाकर अपने-अपने घर लौट गए. बताया जा रहा है कि गांव के रहने वाले कुछ ग्रामीण जब शौच के लिए अखराडांड झाबर की ओर गए तो उन्होंने देखा कि जले हुए पैरा के नीचे जले हुए शव की खोपड़ी व हाथ पैर की हड्डी साफ तौर पर दिखाई दे रही थी. इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की जानकारी कापू थाने में दी. आरोपी ने कबूला अपना जुर्म गांव में मानव कंकाल मिलने की जानकारी के बाद कापू पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची. इसके बाद ग्रामीणों से पूछताछ की तो पता चला कि अमृत केरकेट्टा ने अपनी पत्नी की हत्या कर शव को अपने साथियों के साथ मिलकर जला दिया था. पुलिस हिरासत में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. आरोपी के खिलाफ 103, 238 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है. वहीं पुलिस अमृत केरकेट्टा के तीनों साथियों की तलाश कर रही है. recent visitors 49