Tuesday, July 7, 2026 3:06 pm

छोटी काशी के नाम से विख्यात जयपुर के 5 प्रसिद्ध शिव मंदिर

जयपुर महाशिवरात्रि के अवसर देश और प्रदेश के सभी शिवालयों में विशेष पूजा अर्चना की जाती है। महाशिवरात्रि को ना तो शिव जी का जन्म हुआ और ना ही विवाह। इसके बावजूद भी इस दिन को भगवान शिव के लिए अहम क्यों माना जाता है। पौराणिक तथ्यों के मुताबिक भगवान शिव का जन्म किसी प्राणी ने नहीं हुआ बल्कि वे स्वयंभू हैं। वे भगवान विष्णु के तेज से प्रकट हुए थे और अनादीकाल से हैं। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को भगवान शिव लिंग के रूप में प्रकट हुए थे। ऐसे में इन दिन को यानी महाशिवरात्रि को भगवान शिव के प्रकटोत्सव के रूप में मनाया जाता है। जयपुर को देवों की नगरी कहा जाता है क्योंकि यहां मंदिरों की संख्या बहुत ज्यादा है। सवाई जयसिंह ने जब जयपुर की स्थापना की थी। तब उन्होंने शहर के हर चौराहे, तिराहे, गलियों के मुहाने और प्रमुख मार्गों में मंदिरों की स्थापना की थी। शिवरात्रि पर जानते हैं जयपुर के उन पांच शिव मंदिरों के बारे में जहां श्रद्धालुओं का जुड़ाव ज्यादा है। झारखंड महादेव मंदिर जयपुर के पास वैशाली नगर इलाके में प्रेमपुरा गांव हुआ करता था जो अब शहरी सीमा में है। सदियों पहले यहां झाड़ बहुत ज्यादा हुआ करता था। झाड़ियों के अलग अलग झुंड होने की वजह से यहां के मंदिर का नाम झारखंड महादेव मंदिर रखा गया। यह मंदिर सैकड़ों साल पुराना है और दक्षिण भारत की शैली में बना हुआ है। यह जयपुर के सबसे प्रमुख मंदिरों में गिना जाता है। मंदिर में प्रतिदिन भगवान शिव की पूजा होती है लेकिन महाशिवरात्रि के मौके पर लाखों भक्त दर्शन करने के लिए आते हैं। हर बार की तरह इस बार भी सुबह चार बजे से ही मंदिर के बाहर श्रद्धालुों की लंबी कतार लगी है। करीब दो किलोमीटर लंबी भक्तों की कतार लगी है। महिला और पुरुषों के लिए अलग अलग कतार में दर्शन की व्यवस्था की गई है। ताड़केश्वर महादेव मंदिर जयपुर शहर के चौड़ा रास्ता में स्थित ताड़केश्वर महादेव मंदिर हैं जहां का महत्व अपने आप में अलग है। यह मंदिर जयपुर की स्थापना से पहले का है। ऐसा माना जाता है कि यहां के मंदिर में शिव लिंग की स्थापना नहीं की गई बल्कि शिवलिंग स्वयं प्रकट हुए थे। पहले इस मंदिर को ताड़कनाथ मंदिर के नाम से जाना जाता था और बाद में ताड़केश्वर मंदिर के रूप में जाना जाने लगा। 1727 में जब जयपुर की स्थापना हुई तब वास्तुविद विद्याधर जी ने इस मंदिर की रूपरेखा तैयार की और इसे बड़े मंदिर के रूप में बनाया गया था। हर बार की तरह इस बार भी महाशिवरात्रि के दिन लाखों की संख्या में भक्त भोले बाबा के दर्शन के लिए आ रहे हैं। केदारनाथ शिव मंदिर जयपुर के पास खोह नागोरियान इलाके में स्थित पहाड़ी पर केदारनाथ शिव मंदिर है। यह मंदिर एक हजार साल से भी ज्यादा पुराना है। 1102 ईस्वी में चांदा मीणा नाम के एक शासक ने इस मंदिर की स्थापना की थी। इस मंदिर की प्रतिमा को उत्तराखंड के केदारनाथ से लाया गया था। इसी वजह से इस मंदिर का नाम केदारनाथ शिव मंदिर रखा गया। यहां शिव लिंग के साथ माता पार्वती और नंदी की प्रतिमा भी स्थापित हैं। चारों ओर पहाड़ियों के नजारे हैं और एक पहाड़ी की चोटी पर यह मंदिर है। ऐसे में इस शिव मंदिर की भव्यता अपने आप में अनूठी है। सावन के महीने में यहां भक्तों की लंबी कतार लगती है। चूंकि यह मंदिर काफी ऊंचाई पर है। ऐसे में यहां आने वाले भक्तों की संख्या सीमित है। दर्शन आराम से हो रहे हैं। चमत्कारेश्वर महादेव मंदिर यह मंदिर जयपुर शहर के बनीपार्क में स्थित है। मंदिर की स्थापना करीब 60 साल पहले की गई थी। कहा जाता है कि 60 साल पहले यहां एक गाय के थन से दूध की धारा अचानक बहने लगी थी। लोगों ने इसे भगवान शिव का चमत्कार माना जिसके बाद से इस स्थान पर चमत्कारेश्वर महादेव मंदिर की स्थापना की गई। इस मंदिर में अर्द्धनारीश्वर मूर्ति की पूजा की जाती है। मंदिर में 12 ज्योतिर्लिंग के स्वरूप को भी विराजमान किया गया है। हर बार की तरह इस महाशिवरात्रि को भी यहां भक्तों का बड़ा मेला लगा है। रोजगारेश्वर महादेव मंदिर जयपुर शहर के परकोटा क्षेत्र में एक शिव मंदिर है जिसका नाम रोजगारेश्वर महादेव मंदिर है। ऐसा माना जाता है कि इस मंदिर में जाकर सच्चे मन से पूजा अर्चना करने और ध्यान लगाने से बेरोजगारों को रोजगार मिल जाता है। इसी वजह से इस मंदिर का नाम रोजगारेश्वर मंदिर रखा गया। कुछ वर्षों पहले जब जयपुर शहर के परकोटा इलाके में मेट्रो का स्टेशन बनाया जाना था। तब यह मंदिर बीच में आ रहा था। तत्कालीन सरकार ने इस मंदिर को ध्वस्त किया और मेट्रो स्टेशन के निर्माण के बाद उसी जगह पर उसी रूप में मंदिर को फिर से स्थापित किया गया। इस मंदिर में युवाओं की भीड़ सबसे ज्यादा होती है। recent visitors 86

एरियाना ग्रांडे का वजन हुआ इतना कम कि दिख रही हैं पसलियां

लॉस एंजिल्स ग्लैमर की दुनिया में सिर्फ चमक-धमक ही नहीं होती है। यहां मिलने वाली शोहरत-स्टारडम के लिए काफी कुछ चुकाना पड़ता है। सिर्फ बॉलीवुड ही नहीं, हॉलीवुड भी इससे अछूता नहीं है। हाल ही में फेमस अमेरिकन सिंगर एरियाना ग्रांडे को लंदन में BAFTAs के रेड कार्पेट पर देखा गया, जहां उनकी हेल्थ देख फैंस को धक्का लगा। वो इतनी दुबली-पतली लग रही थीं कि हड्डियां तक नजर आ रही थीं। चर्चा ये भी हो रही है कि आखिर एरियाना का ये हाल कैसे हो गया! उनका वजन इतना कम कैसे हो गया! अब इसके पीछे कई कयास लगाए जा रहे हैं। एरियाना ग्रांडे भले ही अपने करियर के शिखर पर हों, लेकिन चमक-धमक और ग्लैमर के पीछे सिंगर कथित तौर पर बिजी शेड्यूल, मीडिया जवाबदेही और पर्सनल चुनौतियों के दबाव से जूझ रही हैं। BAFTAs में एरियाना को देख उड़े होश ऑस्कर में नॉमिनेशन हासिल करने वाली एरियाना इन दिनों सक्सेस इंजॉय कर रही हैं, लेकिन जिस तरह से उनका वजन घटता दिख रहा है, वो देखकर फैंस को उनकी चिंता सता रही है। उन्हें लंदन में BAFTAs में गुलाबी और काले रंग के लुई वितों गाउन में देखा गया। उनके गाल पिचके हुए थे। पसलियां तक नजर आ रही थीं। ये देख उनके फैंस के होश फाख्ता हो गए। तनाव और चिंता की वजह से हुआ ये हाल? अब सिंगर के करीबी सूत्र ने खुलासा किया है कि तनाव और चिंता का असर उनकी हेल्थ पर काफी हद तक पड़ा है। पेज सिक्स से बात करते हुए सिंगर के साथ काम करने वाले एक पुराने सहयोगी ने उनके बिजी शेड्यूल का जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'ये फिजिकली बहुत डिमांड वाला है। मुझे नहीं लगता कि आपका शरीर ये भी जानता है कि उसे कब खाना चाहिए। जब आपको उठना चाहिए, तब आप सो रहे होते हैं और जब आपको सोना चाहिए, तब आप उठ रहे होते हैं। इसके अलावा फैशन की डिमांड- नेल्स, हेयर, मेकअप… ये सब बिना रुके चलता रहता है। ये सुपर ह्युमन है।' बिजी शेड्यूल भी है एक वजह! अंदरूनी सूत्र ने आगे कहा, 'इस तरह के शेड्यूल पर चलने से आपकी सेहत पर बुरा असर पड़ता है। मानसिक और शारीरिक रूप से खुद का ख्याल रखना उतना ही मुश्किल हो जाता है। आपको हमेशा 'ऑन' रहना पड़ता है। आपको अपने द्वारा कहे जाने वाले हर शब्द को मापना पड़ता है, लगातार यह सोचना पड़ता है, 'अगर मैं यह कहूंगी, तो इसका क्या मतलब निकाला जाएगा?' आपका दिमाग कभी काम करना बंद नहीं करता।' सिंगर ने डिप्रेशन और थेरेपी का किया था जिक्र एरियाना ग्रांडे के साथ पहले काम कर चुके एक अन्य ने बताया कि वह लंबे समय से चिंता से जूझ रही हैं, लेकिन उन्होंने हमेशा इसे अच्छी तरह से संभाला है। उनके अनुसार, सिंगर हमेशा आत्मविश्वास से भरी और खुद के साथ सहज दिखती थीं। उन्हें कभी नहीं लगा कि वो अपने चेहरे से नाखुश हैं या उन्हें अपने दिखने के तरीके से कोई परेशानी है। एरियान ने एक इंटरव्यू में PTSD, डिप्रेशन और चिंता सहित मेंटल हेल्थ के साथ संघर्षों के बारे में बात की थी। उन्होंने ये भी बताया कि वो बहुत सारी थेरेपी कर रही थीं। recent visitors 59

मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ को ‘प्रकृति परीक्षण अभियान’ में राष्ट्रीय सम्मान मिलने पर ने दी बधाई

रायपुर,  छत्तीसगढ़ ने भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग, नई दिल्ली के तत्वावधान में आयोजित प्रकृति परीक्षण अभियान में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त किया। राज्य ने स्ट्राइक रेट लक्ष्य में देशभर में तीसरा स्थान और कुल प्रकृति परीक्षण मानकों पर नौवां स्थान प्राप्त किया। इस उपलब्धि के लिए केन्द्रीय आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रताप राव जाधव ने छत्तीसगढ़ को प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया।यह सम्मान अभियान के राज्य समन्वयक डॉ. संजय शुक्ला ने ग्रहण किया। जहांगीर भाभा थियेटर, मुंबई में आयोजित अभियान के समापन समारोह में छत्तीसगढ़ को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय  ने आयुष विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य और आयुर्वेद के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की बढ़ती उत्कृष्टता का प्रमाण है, जिससे राज्य में आयुष आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आयुष विभाग के अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आयुष आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक व्यापक और प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह की पहल न केवल नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाएगी, बल्कि प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों को मुख्यधारा में लाने में भी सहायक होगी। उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर से 25 दिसंबर 2024 तक चले इस अभियान के तहत देशभर में 1.29 करोड़ से अधिक नागरिकों का परीक्षण किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ ने 4.45 लाख से अधिक नागरिकों का सफलतापूर्वक परीक्षण कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इस अभियान में राज्य के 3551 वालंटियर्स ने योगदान दिया। इसके अतिरिक्त अभियान की महत्ता को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीनस्थ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के 40,000 से अधिक अधिकारियों और जवानों का भी सफलतापूर्वक प्रकृति परीक्षण किया गया, जो आयुष चिकित्सा के प्रति बढ़ती जागरूकता और विश्वास को दर्शाता है। नागरिकों के लिए निरंतर जारी रहेगा अभियान आयुष विभाग के संचालक ने बताया कि मोबाइल एप्लीकेशन आधारित इस अभियान को नागरिकों से जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। इसे देखते हुए छत्तीसगढ़ में इस अभियान को निरंतर जारी रखने का निर्णय लिया गया है। अब राज्य के नागरिक निकटतम आयुर्वेद महाविद्यालय, जिला आयुर्वेद चिकित्सालय, आयुष विंग, स्पेशलाइज्ड थैरेपी सेंटर, शासकीय आयुर्वेद औषधालयों एवं निजी आयुर्वेद चिकित्सकों से संपर्क कर अपना प्रकृति परीक्षण करवा सकते हैं। recent visitors 42

राष्ट्रपति बोलीं- संतों ने हमेशा समाज को सही राह दिखाई, वर-वधु को दी बधाई

छतरपुर खजुराहो स्थित बागेश्वर धाम में 251 जोड़ों का सामूहिक विवाह महोत्सव हो रहा है। कार्यक्रम में बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र शास्त्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को हनुमान यंत्र भेंट किया।बागेश्वर धाम पर आयोजित होने वाले कन्या विवाह समारोह की घड़ी आ गई है। आज महाशिवरात्रि पर्व पर 251 बेटियां परिणय सूत्र में बंधेंगी और उनको आशीर्वाद देने के लिए राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु पहुंच गई हैां। समूचा बागेश्वर धाम आज जनकपुर जैसा लग रहा है। बागेश्वर धाम में राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय परंपरा में संतों ने सदियों से अपने कर्म और वाणी से जनमानस को राह दिखाई है। उन्होंने समाज में फैले अंधविश्वासों के बारे में लोगों को जागरूक किया है, छुआ-छूत और ऊंच-नीच के भेद-भाव को दूर करने की सीख दी है। आज जब हमारा देश वूमन डेवलपमेंट से वूमन लीड डेवलपमेंट की ओर अग्रसर है तब समाज के सभी लोगों का कर्तव्य बनता है कि वे बेटियों और बहनों को सबल और सक्षम बनाने में अपना योगदान दें। 251 घोड़े कहां से लाए, महाराज जी गजब कर दिया… मध्य प्रदेश के सीएम डॉ मोहन यादव छतरपुर में सामूहिक विवाह में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वार की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि 215 घोड़े कहां से लाए, महाराज जी गजब कर दिया आपने… मुख्यमंत्री ने कहा कि बागेश्वर धाम अलग तरह का कीर्तिमान बना रहा है। बुधवार को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव छतरपुर पहुंचे। जहां उन्होंने बागेश्वर धाम में आयोजित सामूहिक विवाह महोत्सव में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री को प्रणाम किया। सीएम ने कहा कि आज का आनंद अद्भुत है। पिछले साल भी मैं यहां आया था, बीते वर्ष 151 और इस साल 251, जो आंकड़ा देखा 669 बेटियों का विवाह अभी तक आपने किया है, कई तरह के संदेश इस विवाह समारोह से दिया गया। यह जोड़े मां पार्वती और शंकर के रूप में दिखाई दे रहे है। वहीं सीएम डॉ यादव ने कहा कि ये 251 घोड़े कहां कहां से लाए, महाराज जी गजब कर दिया, लेकिन आपने ने जातिगत भावनाओं को कुचला और सामाजिक समरता का उदारहण दिया है। ये हमारे लिए सौभाग्य की बात है। आज आपने अश्वमेघ के घोड़े के समान दिग्विजय घोड़े के समान ये घोड़े लाए हैं, जिन्होंने समाज की असमानता को तोड़ दिया। शासन, सत्ता और संत की त्रिवेणी की मौजूदगी में ये विवाह का काम किया। जातियों की दीवारें टूटें और सद्भावना बने ये काम किया है। मध्य प्रदेश सरकार की ओर से 51 हजार रुपए देने की भावना है, इसलिए सरकार की योजना का लाभ यहां आए जोड़ों को मिलेगा। धीरेंद्र शास्त्री बोले- बेटियां गर्व से ससुराल में रहेंगी  बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को हनुमान यंत्र और बालाजी की फोटो भेंट किया। वहीं महामहिम ने दूल्हों और दुल्हनों के लिए सूट और साड़ियां लेकर आई हैं। उन्होंने सभी को भेंट दी। छतरपुर के खजुराहो स्थित बागेश्वर धाम में 251 जोड़ों का सामूहिक विवाह महोत्सव हो रहा है। इस कार्यक्रम में शामिल होने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पहुंच गई हैं। वे एयरफोर्स के विमान से खजुराहो एयरपोर्ट पर आईं। जहां राज्यपाल मंगूभाई पटेल और सीएम डॉ मोहन यादव ने उनका स्वागत किया। राष्ट्रपति वहां से हेलीकॉप्टर से बागेश्वर धाम पहुंचीं। जहां उन्होंने बालाजी मंदिर के दर्शन किए। दर्शन पूजन के बाद वे सामूहिक विवाह के लिए बने पंडाल के मंच पर पहुंचीं। कार्यक्रम शुरू होने से पहले राष्ट्रगान गाया गया। इसके बाद बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने राष्ट्रपति को बालाजी की फोटो भेंट की है। वहीं प्रेसिडेंट ने विवाह कर रहे जोड़ों को सूट और साड़ियां भेंट की है। इस कार्यक्रम में राज्यपाल मंगूभाई पटेल और सीएम डॉ मोहन यादव भी मौजूद हैं। बेटियों को बोझ मत समझो धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा कि जिस दिन हमने अपनी बहन का विवाह जैसे-तैसे लोगों से उधार लेकर किया उसी दिन ठान लिया था कि आज हमें बहन के विवाह में इतना निराश होना पड़ रहा है, भगवान ने हमें सामर्थ्यवान बनाया तो भारत में बेटियों के विवाह के लिए किसी को निराश नहीं होना पड़ेगा। बेटियों को बोझ मत मानो, बेटियां, बेटों से कम है क्या ? बेटियों कम होती तो हमारी बेटियां बड़े-बड़े शिखर पर नहीं पहुंचतीं। बेटियों के विवाह की खुशियां फैली चारों तरफ बेटियों के विवाह की खुशियां फैली हैं। बागेश्वर धाम सज धज कर अपने 251 दूल्हों के स्वागत के लिए आतुर है। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने सभी जमाइयों को घोड़े पर बैठाकर उनकी बरात निकलवाएंगे। महाराज श्री का संकल्प है कि किसी के बीच जाति पांति और ऊंच नीच का भेदभाव न हो। मंगलवार को केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, महाराष्ट्र के मंत्री सतेन्द्र सिंह राठौर ने आकर महाराजश्री का आशीर्वाद लिया। राष्ट्रपति बोलीं- संतों ने हमेशा समाज को सही राह दिखाई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, भारतीय परंपरा में संतों ने सदियों अपने कर्म और वाणी से जन मानस को राह दिखाई है। सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध आवाज उठाई है। अंधविश्वास के बारे में लोगों को जागरूक किया है। चाहे गुरुनानक हों, रविदास हों या संत कबीर दास हों, मीराबाई हों या संत तुकाराम, सभी ने समाज को सही राह दिखाई है। राष्ट्रपति ने कहा- धीरेंद्र शास्त्री को धन्यवाद देती हूं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, सभी जोड़ों को बधाई देती हूं। सभी को सुखमय जीवन की शुभकामनाएं। आपको विवाह सूत्र में बांधने वाले बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री को धन्यवाद देती हूं। विवाहित जोड़ों को गृहस्थी के सामान के साथ-साथ जीवनयापन के लिए आटा चक्की और सिलाई मशीन भी दी जा रही है। राज्यपाल ने वर-वधु को दी बधाई राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा, सभी वर-वधु को बधाई। बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र शास्त्री ने गरीब और वंचित बेटियों के विवाह का समारोह किया ये अनुकरणीय है। सामूहिक विवाह समारोहों से भावी पीढ़ियों को अच्छे संस्कारों की सीख मिलती है। सीएम बोले- 251 घोड़े कहां से लाए, गजब कर दिया सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा, आज बागेश्वर धाम नया कीर्तिमान बना रहा है। आपने जातिगत संघर्ष को तोड़ने का काम किया है। ये हमारे लिए सौभाग्य की बात है। 251 घोड़े कहां-कहां से लाए महाराज गजब कर दिया आपने। आज आपने … Read more

महाशिवरात्रि के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर के कंट्रोल रूम में सीएम योगी, सुबह से देख रहे व्‍यवस्‍थाओं की निगरानी

उत्तर प्रदेश महाकुंभ 2025 में बड़ी संख्‍या में श्रद्धालुओं के प्रयागराज पहुंचने का सिलसिला जारी है। वाराणसी में काशी विश्‍वनाथ मंदिर, अयोध्‍या और अन्‍य शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी है। इस बीच मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ भोर से व्‍यवस्‍थाओं पर निगरानी रखे हुए हैं। गोरखनाथ मंदिर में सीएम कार्यालय में लगे मॉनिटरों पर सुबह से व्‍यवस्‍थाओं को सीएम योगी देख रहे हैं। महाकुंभ में हुए सभी अमृत स्नानों और स्नान पर्वों की तरह सीएम योगी आदित्‍यनाथ बुधवार को महाशिवरात्रि के मौके पर भी तड़के 4 बजे से ही व्यवस्थाओं को देखने के लिए कंट्रोल रूम पहुंच गए थे। गोरखपुर प्रवास के चलते उनके लिए गोरखनाथ मंदिर में ही कंट्रोल रूम स्थापित किया गया, जहां वह स्नान पर्व पर पल-पल की मॉनीटरिंग करते नजर आए। टीवी पर उन्होंने श्रद्धालुओं के स्नान की एक-एक फीड को लाइव देखा और कंट्रोल रूम से ही आला अधिकारियों को निर्देशित किया। सीएम योगी के निर्देश पर समस्त आला अधिकारी भी मुस्तैद नजर आए और सुबह से ही उन्होंने भी मोर्चा संभाल लिया। इससे पूर्व सीएम योगी ने बसंत पंचमी और माघ पूर्णिमा अमृत स्नान के अवसर पर भी प्रातः से वॉर रूम में अधिकारियों के साथ बैठक की थी और मॉनिटरिंग करते रहे थे। कंट्रोल रूम में मुख्यमंत्री की सक्रिय निगरानी महाशिवरात्रि अमृत स्नान के साथ ही बुधवार को महाकुम्भ 2025 का समापन होना है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने महाशिवरात्रि स्नान पर्व के इस महत्वपूर्ण आयोजन की सुरक्षा और व्यवस्था के संदर्भ में पूरी स्थिति का जायजा लिया। गोरखपुर में वह सुबह से ही गोरखनाथ मंदिर स्थित कंट्रोल रूम में पहुंच गए और टीवी पर स्नान पर्व की लाइव फीड पर मॉनीटरिंग करते रहे। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि स्नान के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कोई भी असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाएं। वह टीवी पर महाकुम्भ नगर समेत समस्त प्रयागराज में श्रद्धालुओं की भीड़, प्रशासनिक व्यवस्थाओं और सुविधाओं की लाइव फीड देखते रहे। अधिकारियों को दिए निर्देश योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे समस्त घाटों पर पूरी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें और श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक इंतजाम करें। साथ ही, उन्होंने आस्था के इस महान पर्व पर प्रशासन की तत्परता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित किया, ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं को बिना किसी समस्या के त्रिवेणी संगम में स्नान का लाभ मिल सके। recent visitors 55

चुनावों के नतीजे आने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने आचार संहिता समाप्त

रायपुर छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 सफलतापूर्वक संपन्न हो गए हैं. चुनावों के नतीजे आने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने आचार संहिता समाप्त कर दी है. इस संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग ने आदेश भी जारी किया है. आदेश में बताया गया है कि राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा 20 जनवरी 2025 को नगरपालिकाओं और त्रिस्तरीय पंचायतों के चुनाव 2025 के लिए निर्वाचन कार्यक्रम जारी किया गया था. इसके तहत 15 फरवरी 2025 को नगरीय निकाय चुनावों के परिणामों की घोषणा के बाद नगरीय क्षेत्रों में लागू आचार संहिता समाप्त कर दी गई थी. वहीं आज 25 फरवरी 2025 को त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के परिणामों की घोषणा के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी आचार संहिता समाप्त कर दी गई है. नगरपालिकाओं और त्रिस्तरीय पंचायतों के चुनाव एक साथ सफलतापूर्वक संपन्न कराए गए हैं. इस अवसर पर राज्य निर्वाचन आयुक्त ने प्रदेश के नगरीय निकायों एवं पंचायतों के सभी मतदाताओं, जिला निर्वाचन अधिकारियों, रिटर्निंग अधिकारियों और जिले के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सफलतापूर्वक चुनाव संपन्न कराने के लिए धन्यवाद और आभार व्यक्त किया है. recent visitors 46

मध्य प्रदेश के तापमान में बढ़ोतरी शुरू, कल से दो-तीन डिग्री तक बढ़ाने के आसार

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम का मिला जुला असर देखने को मिल रहा है। कहीं धूप तो कहीं हल्की ठंड पड़ रही है। कुछ शहर ऐसे है जहां तापमान 10 डिग्री से भी कम दर्ज किया गया। भोपाल, जबलपुर समेत मध्यप्रदेश के 11 शहरों में रात का तापमान 12 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी, खजुराहो और मंडला भी ठंडे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, गुरुवार से तापमान में फिर बढ़ोतरी होगी। तापमान 2 से 4 डिग्री तक बढ़ सकता है। प्रदेश में पिछले चार दिन से हल्की ठंड पड़ रही है। कुछ शहर तो ऐसे हैं, जहां पारा 10 डिग्री से भी कम है। सोमवार-मंगलवार की रात में शाजापुर के गिरवर में 8.8 डिग्री, अशोकनगर के आंवरी में 9.5 डिग्री और शहडोल के कल्याणपुर में पारा 9.9 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल, जबलपुर, राजगढ़, उमरिया खजुराहो, मंडला में भी पारा कम रहा। इधर, मंगलवार को दिन में मिला-जुला असर देखने को मिला। धूप तो खिली लेकिन ज्यादा चूभने वाली नहीं थी। हालांकि, तापमान बढ़ा हुआ रहा। भोपाल समेत कई शहरों में तापमान 31 डिग्री या इससे अधिक ही दर्ज किए गए। मौसम विभाग के अनुसार, अभी वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव है। इस वजह से ऐसा मौसम है। बुधवार को भी मौसम ऐसा ही बना रहेगा, फिर दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होगी। आज बुधवार को दिन के तापमान में बढ़ोतरी के साथ कहीं-कहीं बादल छाने का भी अनुमान है। वहीं, 27 फरवरी को दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जो अगले एक-दो दिन तक रहेगी। इन सिस्टम की वजह से ऐसा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, अभी वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव है। इस वजह से ऐसा मौसम है। बुधवार को भी मौसम ऐसा ही बना रहेगा, फिर दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होगी। मौसम वैज्ञानिक प्रमेंद्र कुमार रैकवार ने बताया, फरवरी में कई वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होते हैं। अबकी बार भी ऐसा ही है। इस वजह से पारे में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि, बारिश होने के आसार नहीं है। अगले 2 दिन ऐसा मौसम     26 फरवरी: दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। कहीं-कहीं बादल छाने का भी अनुमान है।     27 फरवरी: दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है, जो अगले एक-दो दिन तक रहेगी। recent visitors 46