Tuesday, July 7, 2026 11:25 am

अब बाबा विश्वनाथ के दर्शन का मिलेगा 36 घंटे का समय, काशी में हर-हर महादेव के नारे गूंजेंगे, दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु

काशी काशी विश्वनाथ मंदिर में इस बार महाशिवरात्रि को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं। बाबा विश्वनाथ के भक्तों के लिए इस बार 36 घंटे तक दर्शन का अवसर मिलेगा। मंदिर प्रशासन ने इसके लिए पूरी योजना तैयार कर ली है। महाशिवरात्रि के दिन सुबह मंगला आरती के बाद बाबा का दरबार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा और अगले दिन दोपहर में भोग आरती होगी। काशी में हर-हर महादेव के नारे गूंजेंगे। भारी संख्या में पहुंच रहे हैं श्रद्धालु महाशिवरात्रि से पहले ही काशी में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। सभी भक्त बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने के लिए उत्सुक हैं। इस बार महाशिवरात्रि के दिन बाबा के दर्शन के लिए 36 घंटे का समय मिलेगा। महाशिवरात्रि के दिन सुबह साढ़े 3 बजे बाबा का दरबार खुल जाएगा। भगवान के दर्शन का समय महाशिवरात्रि के दिन 26 फरवरी को सुबह 3:15 बजे मंगला आरती समाप्त होगी, और इसके बाद बाबा का दरबार श्रद्धालुओं के लिए सुबह 3:30 बजे खोला जाएगा। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने महाशिवरात्रि के दिन पूजा और आरती के लिए एक समय सारणी जारी की है। रात में होने वाली चारों प्रहर की आरतियों के दौरान बाबा विश्वनाथ के दर्शन लगातार जारी रहेंगे। महाशिवरात्रि का पूरा शेड्यूल:- – मंगला आरती और पूजा: सुबह 2:15 बजे से शुरू होकर 3:15 बजे तक। – भोग आरती: सुबह 11:40 बजे से शुरू होकर 12:20 बजे तक। रात्रि में आरतियों का समय:- – प्रथम प्रहर: रात 9:30 बजे शंख बजेगा और पूजा की तैयारी होगी, आरती रात 10 बजे से शुरू होकर 12:30 बजे तक। – द्वितीय प्रहर: रात 1:30 बजे से 2:30 बजे तक। – तृतीय प्रहर: सुबह 3:30 बजे से 4:30 बजे तक। श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्था के तहत काशी के प्रमुख स्थलों जैसे मैदागिन, गोदौलिया और दशाश्वमेध घाट पर तीन लेयर बैरिकेडिंग की गई है। मंदिर के अंदर भी मंदिर चौक से गर्भगृह तक जिक-जैक बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही जगह-जगह रास्ते की जानकारी देने के लिए बोर्ड लगाए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।   recent visitors 51

वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बस्तर के कमिश्नर-आईजी और कलेक्टर-एसपी को मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने दिए निर्देश

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु  देव  साय की  पहल  पर  बस्तर की समृद्ध जनजातीय कला एवं संस्कृति के धरोहर को पुनर्जीवित  करने  बस्तर पंडुम का भव्य  आयोजन  किया  जाएगा।  यह  आयोजन  मार्च  में होगा। इस संबंध में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने मंगलवार शाम को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए बस्तर के कमिश्नर-आईजी सहित सातों जिले के कलेक्टर एवं एसपी को आवश्यक तैयारी एवं व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। इस दौरान प्रमुख सचिव अनुसूचित जाति एवं आदिम जाति विकास विभाग श्री सोनमणि बोरा, सचिव संस्कृति विभाग श्री अनबलगन पी सहित राज्य शासन के वरिष्ठ उच्चाधिकारी मौजूद रहे।            वीडियो कांफ्रेंसिंग में सचिव संस्कृति श्री अनबलगन पी ने बताया कि बस्तर के जनजातीय समुदाय के लोगों विशेषकर युवाओं के मध्य समरसता और एकता स्थापित करने की इस अनूठी पहल से बस्तर की जनता में विश्वास,शान्ति और विकास को बढ़ावा मिलेगा। बस्तर पंडुम का आयोजन ब्लॉक, जिला और संभाग स्तर पर किया जाएगा। जिसमें जनजातीय नृत्य, गीत, नाट्य सहित जनजातीय वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन, जनजातीय वेशभूषा एवं आभूषण का प्रदर्शन, जनजातीय कला एवं गोदना का प्रदर्शन तथा जनजातीय व्यंजन एवं पेय पदार्थों का प्रदर्शन विधाओं को शामिल किया गया है। साथ ही केवल संभाग स्तर आयोजन में जनजातीय रीति-रिवाज एवं तीज-त्यौहार पर आधारित प्रदर्शनी को समाहित किया गया है। ब्लॉक स्तर के बस्तर पंडुम में सभी कलाकारों एवं प्रतिभागियों को ओपन एंट्री दी जाएगी। इसके बाद चयनित दल एवं प्रतिभागी जिला स्तर और जिला स्तर से चयनित दल एवं प्रतिभागी संभाग स्तर के बस्तर पंडुम में अपनी सहभागिता निभाएंगे। बस्तर पंडुम के प्रत्येक स्तर को बस्तर में उत्सव की तरह मनाया जायेगा जिसमें समाज प्रमुखों, वरिष्ठ नागरिकों, जनप्रतिनिधियों को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जायेगा। जिला एवं संभाग स्तर पर बड़े स्तर के कलाकारों को आमंत्रित कर कार्यक्रम प्रस्तुति का अवसर प्रदान किया जाएगा। साथ ही मेहमान कलाकारों के रूप में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के दलों को आमंत्रित किया जाएगा। बस्तर पंडुम के प्रत्येक स्तर पर विजेता दलों एवं प्रतिभागियों को नगद पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र सहित फोटो फ्रेम भेंटकर सम्मानित किया जायेगा। इस आयोजन के प्रत्येक स्तर पर निःशुल्क भोजन एवं आवागमन हेतु वाहन की व्यवस्था सहित ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराया जाएगा। वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कलेक्टोरेट के एनआईसी कक्ष में कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी., कलेक्टर श्री हरिस एस एवं एसपी श्री शलभ सिन्हा और अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बस्तर: अद्वितीय जनजातीय कला एवं संस्कृति के लिए विश्व प्रसिद्ध         दंडकारण्य के घने जंगल में बसा बस्तर अपने अद्वितीय जनजातीय कला एवं संस्कृति के लिए विश्व प्रसिद्ध है, यहां की जनजातीय समाज घने जंगल, पहाड़ी एवं दुर्गम स्थानों में निवासरत है, जिनकी एक विशेष बोली-भाषा, खान-पान, रहन-सहन सहित कला-संस्कृति तथा तीज-त्यौहार हैं। बस्तर की नैसर्गिक सुंदरता भी अप्रतिम है जो देश-दुनिया के पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। recent visitors 43

PCB के पूर्व चेयरमैन नजम सेठी ने लगाए आरोप, इमरान खान को पाकिस्तान क्रिकेट के पतन के लिए जिम्मेदार ठहराया

इस्लामाबाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड यानी पीसीबी के पूर्व चेयरमैन नजम सेठी ने अप्रत्यक्ष रूप से पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को पाकिस्तान क्रिकेट के पतन के लिए जिम्मेदार ठहराया है। पाकिस्तान की टीम की चौतरफा आलोचना आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 से बाहर होने के बाद हो रही है। पाकिस्तान की टीम को न्यूजीलैंड और भारत से हार के बाद टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता पकड़ना पड़ा है। इस पर नज सेठी ने कहा कि देश का राष्ट्रीय टीम के प्रदर्शन पर नाराज होना उचित है। नजम सेठी ने एक्स पर लिखा, ‘‘क्रिकेट बिरादरी का कहना है कि पाकिस्तान का स्तर बहुत नीचे गिर गया है। एक क्रिकेट टीम जो कभी टी20 (2018) और टेस्ट (2016) और एकदिवसीय (1990 और 1996) में नंबर एक थी, जिसने 1992 में विश्व कप और 2017 में चैंपियन्स ट्रॉफी जीती, आज उसकी तुलना जिंबाब्वे से कैसे की जा रही है?’’ सेठी के अनुसार टीम का पतन 2019 में शुरू हुआ जब एक नए प्रधानमंत्री/संरक्षक (उस समय इमरान खान प्रधानमंत्री थे और वह एहसान मनी को पीसीबी अध्यक्ष के रूप में लाए थे) के तहत एक नए प्रबंधन ने घरेलू क्रिकेट ढांचे को बदल दिया। सेठी आगे लिखते हैं, ‘‘राजनीतिक हस्तक्षेप जारी रहा, विरोधाभासी पीसीबी नीतियां नियम बन गईं- विदेशी कोचों को काम पर रखा गया और उन्हें फिर निकाल दिया गया, चयनकर्ताओं को मनमाने ढंग से नॉमिनेट किया गया, पुराने हटाए गए लोगों को सलाह देने और प्रबंधन करने के लिए भर्ती किया गया। आखिरकार खिलाड़ियों की ताकत, कप्तान के अहंकार का टकराव और टीम में गुटबाजी ने प्रबंधन की विफलता पर जीत हासिल कर ली। भयानक परिणाम हमारे सामने हैं।’’ इमरान के प्रधानमंत्री बनने के तुरंत बाद नजम सेठी ने पीसीबी से इस्तीफा दे दिया। इससे आईसीसी के पूर्व अध्यक्ष एहसान मनी की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया। वर्ष 2019 में इमरान खान के निर्देश पर पीसीबी ने घरेलू क्रिकेट ढांचे को नया रूप दिया और घरेलू क्रिकेट आयोजनों में प्रतिस्पर्धा करने वाली 16-18 विभागीय और क्षेत्रीय संघ की पुराने सिस्टम को समाप्त कर दिया और छह टीमों का प्रथम श्रेणी स्ट्रक्चर पेश किया गया। बाद में इमरान ने 2021 में रमीज राजा को भी अध्यक्ष नियुक्त किया जब मनी ने अपने अनुबंध के विस्तार को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। दिसंबर 2022 में इमरान सरकार के पतन के बाद सेठी ने फिर रमीज की जगह ली। recent visitors 75

आठवीं बोर्ड का मैथ्स का पेपर वायरल… परीक्षा निरस्त होगी या नहीं, इस संबंध में जल्द निर्णय लिया जाएगा

भोपाल मप्र बोर्ड की पांचवीं व आठवीं का मंगलवार को गणित का पेपर हुआ। दोपहर दो बजे से परीक्षा शुरू होनी थी, लेकिन इससे महज एक घंटा पहले सागर, डिंडौरी, ग्वालियर और भोपाल जिले में प्रश्नपत्र वायरल होने की बात सामने आ गई। इसके बाद परीक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र वितरण करने की प्रक्रिया को रोक दिया गया। बाद में बताया गया कि आठवीं का गणित का प्रश्नपत्र वायरल हुआ है। इस पर अधिकारियों ने प्रश्नपत्रों का मिलान किया। इस प्रक्रिया में परीक्षा अपने तय समय से 15 मिनट की देरी से शुरू हुई। वहीं, कुछ ग्रामीण क्षेत्रों के केंद्रों पर गणित के वस्तुनिष्ठ प्रश्नों को ब्लैक बोर्ड पर हल कराने का मामला भी सामने आया। बता दें कि प्रदेश भर से करीब 25 लाख विद्यार्थी शामिल हुए। भोपाल जिले से 246 केंद्रों पर करीब 68 हजार विद्यार्थी शामिल हुए। पुराने भोपाल के केंद्रों पर देर से पहुंचा प्रश्नपत्र इस गफलत के बीच पुराने भोपाल के कुछ केंद्रों पर परीक्षा शुरू होने से पहले ही जनशिक्षा केंद्रों पर प्रश्नपत्र वितरण करने पर रोक लगा दी गई। 15 मिनट की देरी से विद्यार्थियों को प्रश्नपत्र वितरित किया गया। हालांकि जिला परियोजना समन्वयक ओपी शर्मा का कहना है कि गणित का प्रश्नपत्र वायरल नहीं हुआ है। शांतिपूर्ण ढंग से परीक्षा संपन्न हुई है। परीक्षा कैंसल होगी या नहीं, इस पर होगा निर्णय     कुछ जिलों से आठवीं के गणित का प्रश्नपत्र के वायरल होने की बात सामने आई है। जांच करने के बाद परीक्षा निरस्त होगी या नहीं, इस संबंध निर्णय जाएगा। – हरजिंदर सिंह, संचालक, राज्य शिक्षा केंद्र   recent visitors 24

लाइफ में सक्सेस पाने के लिए कुछ खास टिप्स

लाइफ में सफल होने के लिए सभी मेहनत करते हैं। बहुत सारे लोग सक्सेज टिप्स भी देते हैं। लेकिन इन टिप्स के अलावा कुछ ऐसे लाइफ लेसन हैं जिन्हें कोई नहीं बताता। ये केवल खुद के एक्सपीरिएंस से ही मिलते हैं। ऐसे ही कुछ खास लाइफ लेसन हैं जो आपको सफलता पाने में मदद करेंगे। इन सक्सेज टिप्स को हमेशा याद रखें और अपने गोल्स को पाने की कोशिश करें। अपनी वैल्यू बनाएं हमेशा खुद को यूजफुल बनाने की कोशिश करें। ऐसे काम करें जिससे आप कुछ नया सीखे, बनाएं जिसकी जरूरत दूसरों को हो। खुद में किसी स्किल को डेवलप करें। सफलता पाने का ये सबसे बढ़िया रास्ता है। विचारों को पॉजिटिव रखें आपके विचार किसी बूमरैंग की तरह हैं। जो आप सोचते हैं वहीं लौटकर आपके पास भी आता है। मतलब जैसा आप अपने बारे में या दूसरों के बारे में सोचेंगे वैसा ही दूसरे भी सोचेंगे। इसलिए हमेशा पॉजिटिव बातों को भी दिमाग में लाने की कोशिश करें। बोलने के तरीके पर ध्यान दें पॉवर ऑफ स्पीच, खुद के बोलने पर खास ध्यान दें। आपकी बोली आपको जीता भी सकती है और हार भी दिला सकती है। इसलिए हमेशा सौम्य और अच्छा बोलने की कोशिश करें। स्मॉल स्टेप लें लाइफ में, करियर में या फिर किसी भी रिश्ते में छोटे कदम उठाने से ना झिझकें। पहला छोटा स्टेप ही सक्सेस के रास्ते पर ले जाएगा। इसलिए अगर करियर बनाना है तो किसी छोटी चीज से भी शुरुआत की जा सकती है। अपने दिमाग पर कंट्रोल रखें अगर आप अपने दिमाग, निगेटिविटी पर कंट्रोल रखते हैं तो सक्सेस होने से कोई नहीं रोक सकता। संदेह और नकारात्मकता पर काबू रखें और दिमाग की बातों को सुनने की बजाय आगे बढ़ने पर यकीन रखें। रेपुटेशन बनाएं अच्छी रेपुटेशन अच्छे कैरेक्टर से आती है। जो कई बार पैसे से भी ज्यादा कीमती होती है। इसलिए अपने सम्मान पर काम जरूर करें। recent visitors 79

मुख्यमंत्री साय छत्तीसगढ़ की एक-एक जनता के हित के लिए कार्य कर रहे हैं – बाबा बागेश्वर

रायपुर : बागेश्वर धाम में ऐतिहासिक आयोजन : 251 निर्धन कन्याओं का विवाह बागेश्वर धाम द्वारा संपन्न होगा बागेश्वर धाम में धार्मिक भक्ति, सामाजिक समर्पण और राष्ट्रीय एकता का अनूठा संगम देखने को मिला: मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री साय छत्तीसगढ़ की एक-एक जनता के हित के लिए कार्य कर रहे हैं – बाबा बागेश्वर रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज बागेश्वर धाम में चल रहे शिवरात्रि महोत्सव और 251 निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए।बागेश्वर धाम में धार्मिक भक्ति, सामाजिक समर्पण और राष्ट्रीय एकता का अनूठा संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ संत परंपरा और धर्मनिष्ठा की भूमि है। भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का अधिकांश समय यहीं बिताया था। हमें गर्व है कि बागेश्वर धाम में इस दिव्य आयोजन में शामिल होने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि संस्कार और संस्कृति किसी भी व्यक्ति के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठा रही है। डबल इंजन सरकार के सहयोग से यह संकल्प लिया गया है कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद का पूरी तरह उन्मूलन किया जाएगा। प्रदेश के सुरक्षा बल मजबूती से इस अभियान में लगे हुए हैं, और गृह मंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में यह मिशन सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है। धर्मांतरण पर रोक और घर वापसी अभियान मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के धार्मिक और सांस्कृतिक संतुलन को बनाए रखने के लिए सरकार धर्मांतरण रोकथाम और घर वापसी अभियान को भी प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने स्वर्गीय दिलीप सिंह जूदेव जी के योगदान को याद करते हुए कहा कि धर्मांतरण के विरुद्ध हमारी सरकार कठोर नीति अपनाएगी और समाज को उसकी मूल पहचान से जोड़ेगी। समाज सेवा का नया अध्याय: 251 निर्धन कन्याओं का विवाह बागेश्वर धाम द्वारा आयोजित 251 निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह है। इस आयोजन में वैदिक रीति-रिवाज से कन्याओं का विवाह संपन्न होगा, सभी नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी का संपूर्ण सामान प्रदान किया जाएगा।  आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक समरसता का संगम मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बागेश्वर धाम का यह आयोजन सनातन धर्म की महिमा को पुनर्स्थापित करने, समाज में एकता और सद्भाव को बढ़ावा देने और गरीब कन्याओं के भविष्य को संवारने का ऐतिहासिक अवसर है।छत्तीसगढ़ सरकार इस आयोजन में भागीदारी कर स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही है और भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में योगदान देने के लिए संकल्पित है। सरल स्वभाव के धनी हैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय – पूज्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज कार्यक्रम में बाबा बागेश्वर ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सराहना करते हुए कहा कि इस पावन कार्य को संपूर्णता देने के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री स्वयं उपस्थित हैं। वे बहुत ही सरल स्वभाव के हैं और छत्तीसगढ़ की एक-एक जनता के हित के लिए कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार आज एक बड़ा अनूठा कार्य कर रही है, जो गौरव का विषय है। राज्य को अगले दो वर्षों के भीतर नक्सल प्रभावित क्षेत्र से पूरी तरह मुक्त करने का संकल्प लिया गया है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार दोनों  इस दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं, ताकि छत्तीसगढ़ समृद्ध और शांतिपूर्ण प्रदेश बन सके। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है, और जब हम छत्तीसगढ़ जाते हैं, तो एक बात हमेशा कहते है – छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया। यह प्रदेश धर्म और संस्कृति की भूमि है, और हम प्रार्थना करते हैं कि यह भूमि हमेशा खुशहाल और धन-धान्य से परिपूर्ण बनी रहे। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि और श्रद्धालुजन उपस्थित थे। recent visitors 28

माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी का खजुराहो आगमन पर हार्दिक स्वागत, वंदन

छतरपुर  बागेश्वर धाम पर आयोजित होने वाले कन्या विवाह समारोह की घड़ी आ गई है। आज महाशिवरात्रि पर्व पर 251 बेटियां परिणय सूत्र में बंधेंगी और उनको आशीर्वाद देने के लिए राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु पहुंच गई हैां। समूचा बागेश्वर धाम आज जनकपुर जैसा लग रहा है। चारों तरफ बेटियों के विवाह की खुशियां फैली हैं। बागेश्वर धाम सज धज कर अपने 251 दूल्हों के स्वागत के लिए आतुर है। बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर महाराज धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने सभी जमाइयों को घोड़े पर बैठाकर उनकी बरात निकलवाएंगे। महाराज श्री का संकल्प है कि किसी के बीच जाति पांति और ऊंच नीच का भेदभाव न हो। मंगलवार को केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, महाराष्ट्र के मंत्री सतेन्द्र सिंह राठौर ने आकर महाराजश्री का आशीर्वाद लिया। खजुराहो एयरपोर्ट पर सीएम मोहन यादव ने किया राष्ट्रपति का स्वागत     खजुराहो की पवित्र भूमि पर आदरणीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी का आत्मीय स्वागत किया। बालाजी मंदिर से उठेगी बारात बागेश्वर धाम के प्रमुख सेवादार नितेंद्र चौबे ने बताया कि विवाह की तैयारियां पंडाल के पास ही की गई हैं। सड़क के एक तरफ जयमाला होगी। दूसरी तरफ मंडप बनाए गए हैं। उसके पीछे बेटियों के रहने की भी व्यवस्था की गई है। 251 घोड़े तैयार किए गए हैं, जिन पर बारात निकाली जाएगी। बालाजी मंदिर के पास से ही बारात उठकर पंडाल में आएगी। यहां अलग-अलग मंडप बनाए गए हैं। मुख्य स्टेज पर वरमाला होगी। विदाई शाम करीब 5 बजे होगी। उपहार के लिए सभी की गाड़ियां बुलवा ली गई हैं। विवाह महोत्सव में लोगों का शुरू बागेश्वर धाम के सामूहिक विवाह महोत्सव में शामिल होने के लिए लोगों का आना शुरू हो गया है। राष्ट्रपति के इंतजार में पंडाल भरने लगे हैं। बागेश्वर धाम के लिए हुई महामहिम रवाना राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मध्य प्रदेश के खजुराहो पहुंच चुकी हैं। एयरपोर्ट पर राज्यपाल मंगूभाई पटेल, सीएम डॉ मोहन यादव और पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने उनका स्वागत किया। इसके बाद राष्ट्रपति खजुराहो से बागेश्वर धाम के लिए रवाना हो गई हैं। यहां वे 251 कन्याओं के सामूहिक विवाह में शामिल होंगे। राजस्थान से मंगवाए 20 लाख रसगुल्ले बागेश्वर धाम में भंडारे की जिम्मेदारी सागर के कैटरर्स को दी गई है। इसके संचालक राजा ठाकुर बताते हैं कि करीब 400 लोगों का स्टाफ खाना बनाने में जुटा। इतने ही लोग धाम के शिष्य मंडल की टीम भी मदद में लगी है। 20 फरवरी से खाना बनाने का काम शुरू कर दिया था। प्रसाद शुद्ध घी में बनाया गया है। राजस्थान से 20 लाख पीस छेना के रसगुल्ले भी मंगवाए हैं। खाना बनाने का काम मशीनों की मदद से किया जा रहा है। 12 से 15 एकड़ में भंडारे की व्यवस्था है।    20 लाख लोगों के लिए भंडारे की व्यवस्था आयोजन के लिए 20 लाख लोगों के भंडारे की व्यवस्था है। मेन्यू में बूंदी, रायता, जलेबी, मालपुआ, पुलाव समेत 13 व्यंजन परोसे जाएंगे। इसके लिए 400 लोग पिछले छह दिन से खाना बनाने में जुटे हैं। इतने ही लोग शिष्यमंडल की मदद कर रहे हैं। नवविवाहित जोड़े को गिफ्ट में ढाई लाख रुपए कीमत के घरेलू उपयोग का सामान दिया जाएगा। इनमें डबल बेड, सोफा, आटा चक्की, अलमारी, ड्रेसिंग समेत घरेलू उपयोग के 56 आइटम शामिल हैं। फाइट कराकर ग्रेट खली ने दिया नशा न करने का संदेश अमेरिका की सुख सुविधा त्याग कर ग्रेट खली अपने देश के युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित कर रहे हैं। ग्रेट खली का कहना है कि यदि युवा नशा त्यागेंगे और खेलों की ओर आकर्षित होंगे तो न केवल देश का मान बढ़ेगा बल्कि देश खेलों में सशक्त होगा। ग्रेट खली ने बीती रात अपने शागिर्दों से जो खलबली मचाई वह देखने लायक थी। बागेश्वर धाम के लिए यह एक अनोखा प्रदर्शन रहा। महिला पहलवानों में रुचिका,दया कौर, तानिया सहित सभी 6 महिलाए जालंधर पंजाब एकेडमी की स्टूडेंट हैं। वहीं पुरुष वर्ग में जेटी बाबा, माजा,सहित 14 पहलवानों ने अपने दांवपेच दिखाए। राष्ट्र चेतना के उत्थान में आगे बढ़ें : ऋतंभरा 22 फरवरी से 25 फरवरी तक बागेश्वर धाम में साध्वी ऋतंभरा दीदी मां के मंगल प्रवचन सुनने का लोगों को अवसर मिला। यहां आए लाखों लोगों को दीदी मां ने संदेश दिया कि राष्ट्र चेतना के उत्थान में हम सब अपना योगदान दें। दीदी मां ने कहा कि जब राष्ट्र का उत्थान होगा तभी हिन्दू राष्ट्र बनेगा। बीते दो दिनों से बागेश्वर धाम में देश के प्रख्यात संतों का आगमन जारी है। विगत रोज जगतगुरू स्वामी रामानंदाचार्य महाराज के अलावा अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक चिन्मयानंद बापू जी, राज राजेश्वरानंद महाराज लंदन, डॉ. हनुमान ददरूआ सरकार, इंद्रेश उपाध्याय, राजूदास महाराज हनुमानगढ़ी अयोध्या, गीता मनीषी जी शामिल हैं। धाम के कार्यक्रमों को देखकर अभिभूत हूं : विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मंगलवार को बागेश्वर धाम पहुंचे। उन्होंने बालाजी के दर्शन करने के बाद बागेश्वर महाराज का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत पावन और पुनीत अवसर है कि हमें भी यहां आने का सौभाग्य मिला। उन्होंने बताया कि उनके साथ उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, अन्य साथी रामप्रताप सिंह व उनके पुत्र दर्शन करने आए हैं। recent visitors 105