नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ने निवेशकों को प्रदेश में निवेश का दिया न्यौता

राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव मदद करने के लिये है तत्पर : मंत्री शुक्ला निवेशकों को किसी भी समस्या, कठिनाई का त्वरित निराकरण करेंगे: एसीएस श्रीवास्तव नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ने निवेशकों को प्रदेश में निवेश का दिया न्यौता प्री-विड सेशन में निवेशकों से भागीदारी का किया आव्हान नवीन और नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में अपार संभावनाएँ हैं भोपाल नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री राकेश शुक्ला ने कहा है कि मध्यप्रदेश में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में असीम संभावनाएँ मौजूद हैं। राज्य सरकार निवेशकों के साथ भागीदारी के लिये उत्सुक है। सरकार प्रतिबद्धतापूर्वक निवेशकों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध करा रही है। भविष्य में आने वाली चुनौतियों को दृष्टिगत रखते हुए निवेशकों के साथ सदैव पूरी गंभीरता के साथ सहयोग करेगी। मंत्री शुक्ला ने यह बाते मुरैना सोलर प्रोजेक्ट-1 और 2 के प्री-विड के सेशन को संबोधित करते हुए कही। अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव ने इन प्रोजेक्ट के संबंध में निवेशकों द्वारा पूछे गये प्रश्नों के उत्तर दिये। मंत्री शुक्ला ने कहा कि निवेशकों को आश्वस्त किया कि प्रदेश में उनके द्वारा किये गये निवेश की सुरक्षा की पूरी गारंटी है। उन्होंने कहा कि मुरैना क्षेत्र में सोलर पार्क में निवेश करने वालों के लिये अच्छे अवसर उपलब्ध हैं। मंत्री शुक्ला ने कहा कि जीआईएस-2025 भोपाल में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों का आना इस बात का द्योतक है कि मध्यप्रदेश निवेश के लिये अनुकूल राज्य है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के समग्र विकास के लिये नये अध्याय की शुरूआत की है। उन्होंने निवेश के आकर्षित करने के लिये विभिन्न अंचलों में रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव का आयोजन कर एक नया इतिहास रचा है। इससे प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र के नए द्वार खुले है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस नवाचारी सोच के परिणाम स्वरूप आज भोपाल जीआईएस में बहुत बड़ी संख्या में निवेशकों की उपस्थिति दर्शा रही है कि आत्म-निर्भर भारत के योगदान में मध्यप्रदेश की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगी। प्री-विड सेशन के पहले सत्र में मुरैना में 300-300 मेगावॉट की 2 यूनिटों की स्थापना के संबंध में एसीएस मनु श्रीवास्तव द्वारा व्यापक जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि प्राजेक्ट के लिये एशियन डेव्हलपमेंट बैंक द्वारा ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा। रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर लिमिटेड (आरयूएमएसएल) और मध्यप्रदेश पॉवर मैनेजमेंट कम्पनी लिमिटेड (एमपीपीएमसीएल) द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिड में शामिल होने वाले सभी निवेशकों की समस्याओं का तत्परता से निराकरण किया जाएगा। विडर्स की ओर से 7 मार्च तक क्वेरीस भेजी जा सकती है। इनका जबाव 17 मार्च तक दिया जाएगा। फाइनल बिड डॉक्यूमेंट सक्षम अनुमोदन के बाद 24 मार्च तक प्रस्तावित है। 7 अप्रैल तक प्रस्ताव दिये जा सकेंगे। ऑक्शन संबंधी प्रोसेस 21 अप्रैल तक होगी। 5 मई 2025 को प्रोजेक्ट के एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर की संभावित तिथि तय की गई है। मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश की संयुक्त परियोजना के लिये भी हुआ प्री-बिड सेशन प्री-बिड सेशन के दूसरे चरण में मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के संयुक्त परियोजना के बारे में जानकारी दी जाकर बिडर्स से चर्चा की गई। परियोजना में 200-200 यूनिट की चार यूनिट स्थापित की जाना प्रस्तावित है। इनसे उत्पादित ऊर्जा का मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश की जनता को 6-6 महीने लाभ मिलेगा। यूनिट स्थापना के लिये मध्यप्रदेश द्वारा सम्पूर्ण भूमि आवंटित की जाएगी। 2 हजार 893 हेक्टेयर भूमि आवंटित की जाएगी। भूमि आवंटन की प्रक्रिया चल रही है। परियोजना के लिये 28 मार्च 2025 से प्रक्रिया प्रारंभ होगी। जिसमें 14 जुलाई 2025 को एग्रीमेंट करने की संभावित तिथि तय की गई। रूफ टॉप सोलर प्रोजेक्ट में प्रत्येक जिले के लिये होगी पृथक एजेंसी मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध निदेशक अमनवीर सिंह बैस ने प्री-विड सेशन के तीसरे चरण में जानकारी देते हुए बताया कि पूरे प्रदेश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाएं जाएंगे। इसमें प्रत्येक जिले के लिये पृथक-पृथक रिन्यूएबल एनर्जी सर्विस कम्पनी निर्धारित होगी। इसमें प्रत्येक जिले की बिजली की दरें अलग होंगी। इनका भुगतान जिले स्तर से ही कोषालय द्वारा किया जाएगा। सेशन में छिन्दवाड़ा, सिवनी और धार जिले की चर्चा हुई। बताया गया कि छिन्दवाड़ा में 800, सिवनी में 600 और धार 830 मेगावॉट सौर ऊर्जा के उत्पादन का लक्ष्य तय किया गया है।   recent visitors 35

छत्तीसगढ़ का बजट अब बढ़कर हुआ एक लाख 75 हजार 342 करोड़ रूपए

छत्तीसगढ़ को वित्तीय सुधारों के कारण केन्द्र सरकार से मिली सर्वाधिक 6000 करोड़ की प्रोत्साहन राशि ऋण की अग्रिम अदायगी के लिए 2250 करोड़ का प्रावधान उपभोक्ताओं को बिजली बिल में राहत देने 326.97 करोड़ रूपए औद्योगिक क्षेत्रों में 76 करोड़ से होंगे अधोसंरचनात्मक कार्य     रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार का तृतीय अनुपूरक बजट आज विधानसभा में ध्वनिमत से पारित हुआ। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने वर्ष 2024-25 के लिए 19762 करोड़ 12 लाख 42 हजार 523 रूपए का तृतीय अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया। चर्चा पश्चात पारित हुए उक्त अनुपूरक बजट को मिलाकर वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य के बजट का आकार कुल 01 लाख 75 हजार 342 करोड़ रूपए का हो गया है। इसमें मुख्य बजट के रूप में पारित 1 लाख 47 हजार 446 करोड़, प्रथम अनुपूरक बजट में 7 हजार 329 करोड़ रूपए, द्वितीय अनुपूरक बजट में 805 करोड़ 71 लाख 74 हजार 286 रूपए और तृतीय अनुपूरक बजट में 19762 करोड़ 12 लाख 42 हजार 523 रूपए शामिल है।     वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने तृतीय अनुपूरक बजट पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी पर भरोसा करती है। सरकार बनने के 12 दिनों बाद ही मोदी जी की गारंटी के अनुरूप सरकार ने 12 लाख से अधिक किसानों को दो साल के बकाया बोनस राशि 3716 करोड़ रूपए का भुगतान किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने समर्थन मूल्य पर इस वर्ष 149 लाख टन धान की खरीदी की है, जो अपने आप में रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा कि 31 जनवरी को धान खरीदी समाप्त हुई और एक सप्ताह के भीतर 25 लाख 49 हजार किसानों के बैंक खाते में 12 हजार करोड़ रूपए का भुगतान एकमुश्त किया गया। पूरे देश में इतना बड़ा ट्रांजैक्शन किसान भाइयों के खाते में करने का अपने आप में इतिहास है, यह एक रिकॉर्ड है। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि मुझे यह बताते हुए गर्व हो रहा है कि हमने विभिन्न वित्तीय सुधारों के माध्यम से केंद्र सरकार से 6,000 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि प्राप्त की है, जो देश में सर्वाधिक है। वित्तीय संतुलन बनाए रखने, पूंजीगत व्यय बढ़ाने व विकास योजनाओं को तेज करने की दिशा में यह बड़ा कदम है। पिछले सवा साल में छत्तीसगढ़ में गुड गवर्नेंस रहा है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ की जनता ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की नेतृत्व वाली सरकार पर भरोसा जताते हुए अपना लगातार समर्थन दिया है। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने आगे कहा कि हम वित्तीय अनुशासन के साथ सुधारवादी बजट लेकर आए हैं। अनुपूरक बजट में वित्तीय अनुशासन व सुधारों के जरिए पुराने घाटों को भरने व ब्याज बचत करते हुए भुगतान-देनदारी निपटाने के लिए बड़ा प्रावधान किया गया है, ताकि विकास में कोई बाधा न आए। हमारा लक्ष्य सुव्यवस्थित वित्तीय प्रबंधन के साथ छत्तीसगढ़ को प्रगति की ऊंचाइयों तक ले जाना है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन,छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड और पुलिस हाउसिंग इन तीनों को मिलाकर लगभग 3500 करोड़ का लोन है, जो महंगे ब्याज दरों पर चल रहे हैं, इस अनुपूरक बजट में इन तीनों लोन का हम प्री पेमेंट कर रहे हैं। इससे प्रतिवर्ष 50 करोड़ से अधिक का ब्याज बचेगा। वित्त मंत्री ने कहा कि औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राजनांदगांव जिले, जांजगीर-चांपा जिले एवं नवा रायपुर अटल नगर में फार्मास्यूटिकल पार्क की स्थापना के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया गया है। औद्योगिक संस्थान, इंजीनियरिंग पार्क की स्थापना के लिए भी 76 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। रायपुर, नवा रायपुर, बिलासपुर में वर्किंग वूमेन हॉस्टल के निर्माण के लिए 34 करोड़ का प्रावधान किया गया है।     तृतीय अनुपूरक बजट 2024-25 में पुलिस प्रशिक्षण शालाएं के लिए 3 करोड़, जिला चिकित्सालय के लिए 145 करोड़ रूपए, निवृत्ति वेतन भोगियों को देय 1 हजार 278 करोड़, परिवार पेंशन के लिए 320 करोड़, पुलिस 500 करोड़, राज्य सहकारी विपणन संघ को खाद्यान्न उपार्जन में हुई हानि का प्रतिपूर्ति 600 करोड़, लघु एवं लघुतम सिंचाई योजनाएं 125 करोड़, सेवा एवं मूल्य निवृत्ति पुरस्कार 37 करोड़, एनीकट/स्टापडेम का निर्माण 15 करोड़, नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के लिए 1 हजार 43 करोड़, नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना 195 करोड़, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र 86 करोड़, सड़कों के निर्माण कार्य हेतु लिए गए ऋण की अदायगी के लिए 2 हजार 250 करोड़, कृषि पंपो को निःशुल्क विद्युत प्रदाय हेतु अनुदान 2 हजार 200 करोड़, अन्तोदय अन्न योजनांतर्गत चना का प्रदाय 451 करोड़, उपभोक्ताओं को विद्युत शुल्क में राहत हेतु सब्सिडी 326 करोड़, राज्य सहकारी विपणन संघ को खाद्यान्न उपार्जन में हुए व्ययों की प्रतिपूर्ति 600 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। recent visitors 29

प्रदेश की राजधानी भोपाल का निरंतर होगा सौंदर्यीकरण, 25 वर्ष का प्लान बनेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट प्रदेश की प्रगति का स्वर्णिम अध्याय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल में बनेगा नया कन्वेंशन सेंटर, जल संरचनाओं के संरक्षण के होंगे कार्य  : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश की राजधानी भोपाल का निरंतर होगा सौंदर्यीकरण, 25 वर्ष का प्लान बनेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने मीडिया प्रतिनिधियों से की चर्चा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भोपाल में संपन्न दो दिवसीय ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट प्रदेश की प्रगति का एक स्वर्णिम अध्याय है। इस तरह के प्रयास जारी रहेंगे। राज्य सरकार द्वारा सेक्टर वाइज और एरिया वाइज इंडस्ट्री कॉन्क्लेव भविष्य में आयोजित की जाएगी। भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी है। समिट के अवसर पर शहर का सौन्दर्यीकरण हुआ। आगे भी यह कार्य जारी रहेंगे। भोपाल की जल संरचनाओं को भी सहेजा जाएगा। उन्हें साफ सुथरा और सुंदर बनाए रखा जाएगा। भोपाल में इन्वेस्टर्स समिट जैसे आयोजन किए जाने के लिए एक बड़े कन्वेंशन सेंटर की आवश्यकता है, जिसका निर्माण राज्य सरकार करवाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के समापन पर मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार भोपाल की प्रगति के लिए 25 वर्ष की योजना बना रही है। उद्योगों और व्यवसायों के विकास के लिए निरंतर प्रयास होंगे। मध्यप्रदेश में जैसे रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के अच्छे परिणाम मिले उस क्रम में ग्लोबल इन्वेस्टर्स संख्या में रोजगार की संभावनाएं सामने आई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिट में प्राप्त निवेश प्रस्ताव और समिट की सफलताओं के विभिन्न आयामों की विस्तार पूर्वक चर्चा की।इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री द्वय जगदीश देवड़ा राजेंद्र शुक्ल, खजुराहो सांसद वी. डी. शर्मा, मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिट के सफल आयोजन के लिए राजधानी भोपाल के नागरिकों, सभी जनप्रतिनिधियों, प्रदेश के जनप्रतिनिधियों और उद्योग जगत एवं मीडिया का आभार भी व्यक्त किया। recent visitors 35

बिजली कंपनी द्वारा पारेषण-वितरण तंत्र में नवीन अधोसंरचना के विस्तार से राज्य में बिजली की निरंतर उपलब्धता की जा रही है सुनिश्चित

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य में बिजली आपूर्ति की स्थिति, भविष्य की आवश्यकताओं और अधोसंरचना विकास की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में यह पाया गया कि बढ़ती ऊर्जा मांग को देखते हुए राज्य में विद्युत अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री जी ने राज्य की दीर्घकालिक ऊर्जा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए रणनीतिक योजनाओं की समीक्षा की और उनकी त्वरित क्रियान्वयन के निर्देश दिए। समीक्षा के मुख्य बिन्दु राज्य में विद्युत की आपूर्ति, उपलब्धता तथा आगामी परियोजनाएं रहीं। बैठक में बताया गया कि राज्य में विगत वर्षों में मांग में वृद्धि दर्ज की गई है परंतु मांग के अनुरूप बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हो पायी। राज्य में नये पॉवर प्लांट लगाने हेतु कोई योजना नहीं बनाई गई। मुख्यमत्री जी द्वारा आगामी 10 वर्षों की मांग को देखते हुए तैयारी की समीक्षा की गई। पॉवर कंपनी द्वारा यह ध्यान में लाया गया कि आगामी वर्षों में कोरबा में उत्पादन कंपनी द्वारा 1320 मेगावाट क्षमता के ताप विद्युत संयंत्र की स्थापना की जायेगी। इसके अतिरिक्त एनटीपीसी द्वारा राज्य में स्थापित की जा रही संयंत्रों से 50 प्रतिशत बिजली के क्रय हेतु अनुबंध किए गए है, जिससे 1200 मेगावाट बिजली राज्य को वर्ष 2027-28 तक प्राप्त होगी। इसके अतिरिक्त भविष्य की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए आगामी वर्षों में अतिरिक्त विद्युत उत्पादन क्षमता हासिल करने की कार्य योजना बनाकर उस पर गंभीरता से अमल किया जा रहा है। ताप विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ाने के अलावा पम्प स्टोरेज धारित जल विद्युत संयंत्र, बैटरी स्टोरेज सौर ऊर्जा संयंत्र का उत्पादन बढ़ाने के लिए भी बड़े पैमाने पर विभिन्न परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। इससे सामान्य अवधि के अतिरिक्त पीक लोड के समय बिजली उपलब्ध रहेगी। अंतर्राज्यीय पारेषण परियोजनाओं के माध्यम से अन्य राज्यों में उपलब्ध सरप्लस बिजली का उपयोग राज्य में करने हेतु वृहद स्तर पर कार्य किया जा रहा है। आर.डी. एस. एस. योजना के तहत लाईन लॉस में कमी लाकर बिजली उपलब्धता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। केन्द्रीय क्षेत्र के ताप बिजली घरों से विद्युत प्राप्त करने के लिए अधिक से अधिक पॉवर पर्चेस एग्रीमेंट किया गया है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में कोई भी घोषित अथवा अघोषित बिजली कटौती नहीं की जा रही है। छत्तीसगढ़ राज्य देश के उन चुनिनंदा राज्यों में से एक है जो किसानों को अधिक मात्रा में तथा सस्ती बिजली उपलब्ध कराती है उल्लेखनीय है कि राज्य के किसानों को 18 घंटे मुफ्त में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। यहां तक कि विद्युत आपूर्ति में आकस्मिक कमी होने पर राज्य की पॉवर कंपनी द्वारा महंगी दरों पर भी एक्सचेंज के माध्यम से विद्युत का क्रय कर किसानों एवं उपभोक्ताओं को निरंतर बिजली उपलब्ध कराई जाती है। विद्युत उपभोक्ता सेवा के लिए ऑनलाईन आईटी सॉल्यूशन्स के बड़े उपाय भी किये गये है। बिजली मितान बॉट सेवा में उपभोक्ता व्हाट्सअप के माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज करते हुए समाधान प्राप्त कर सकते है। मोर बिजली एप, 1912 सेवा एवं लोकल कॉल सेंटर आदि उपायों के भी उत्साहजनक परिणाम मिले है। recent visitors 38

महाशिवरात्रि की पूजा में व्रत कथा का पाठ जरूर करें , पूरी होगी हर मनोकामना

महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के दौरान व्रत कथा का पाठ जरूर करना चाहिए. शिवपुराण में इस व्रत का महत्व बताया गया है, जिसके अनुसार यदि कोई व्यक्ति महाशिवरात्रि का व्रत करता है उसे भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे उसके जीवन की सभी परेशानियां दूर होती है और मनचाही इच्छा भी पूरी होती है. महाशिवरात्रि व्रत कथा कथा के अनुसार, चित्रभानु नामक एक शिकारी था. वह शिकार करके अपने परिवार का पालन पोषण करता था. उस शिकारी पर साहूकार का काफी कर्ज था. लेकिन वह उसका कर्ज समय पर नहीं चुका पाया. फिर साहूकार ने शिकारी को शिव मठ में बंदी बना लिया. जिस दिन उसे बंदी बनाया गया उस दिन शिवरात्रि थी. चतुर्दशी के दिन उसने शिवरात्रि व्रत की कथा सुनी और शाम होते ही साहूकार ने उसे अपने पास बुलाया और ऋण चुकाने के बारे में कहा. उसके बाद वह फिर शिकार की खोज में निकला. बंदीगृह में रहने के कारण वह बहुत भूखा था. शिकार की तलाश में वह बहुत दूर निकल आया. अंधेरा होने पर उसने जंगल में ही रात बिताने का फैसला किया और एक पेड़ पर चढ़ गया. उस पेड़ के नीचे शिवलिंग था जो बेलपत्र के पत्तो से ढका हुआ था. शिकारी को उसके बारे में जानकारी नहीं थी. पेड़ पर चढ़ते समय उसने जो टहनियां तोड़ी वह शिवलिंग पर गिरती रहीं. इस तरह से भूखे प्यासे रहकर शिकारी का शिवरात्रि का व्रत हो गया और शिवलिंग पर बेलपत्र भी चढ़ गए. रात के समय एक हिरणी पानी पीने तालाब पर आई. शिकारी जैसे ही उसका शिकार करने जा रहा था भी हिरणी बोली मैं गर्भवती हूं शीघ्र ही प्रसव करूंगी. तुम एक साथ दो जीवों की हत्या करोगे. मैं बच्चे को जन्म देकर तुरंत तुम्हारे सामना आ जाउंगी. तब मुझे मार लेना. शिकारी ने हिरणी को जाने दिया. इस दौरान अनजाने में कुछ बेलपत्र शिवलिंग पर गिर गए. इस तरह उसने अंजाने में प्रथम प्रहर की पूजा भी संपन्न कर ली. कुछ देर बार एक हिरणी उधर से निकली. जैसे ही शिकारी उसे मारने के लिए धनुष बाण चढ़ाया तो हिरणी ने विनम्रतापूर्वक निवेदन किया हे शिकारी में थोड़ी देर पहले ही ऋतु से निवृत्त हुई हूं. कामातूर विरहिणी हूं. अपने प्रिय की तलाश में हूं. अपनी पति से मिलकर मैं तुम्हारे पास आ जाउंगी. शिकारी ने उसे भी जाने दिया. रात का आखिरी पहर बीत रहा था. तब भी कुछ बेलपत्र शिवलिंग पर जा गिरे. ऐसे में शिकारी ने अनजाने में ही अंतिम पर की पूजा भी कर ली. इस दौरान वहां एक हिरणी अपने बच्चों के साथ आई. उसने भी शिकारी से निवेदन किया और शिकारी ने उसे जाने दिया. इसके बाद शिकारी के सामने एक हिरण आया. शिकारी ने सोचा अब तो मैं इसे यहां ने नहीं जाने दूंगी इसका शिकार करुंगी. तब हिरण ने उससे निवेदन किया कि मुझे कुछ समय के लिए जीवनदान दे दो. शिकारी ने पूरा रात की घटना उस हिरण को सुना दी. तब हिरण ने कहा कि जिस तरह से तीनों पत्नियां प्रतिज्ञाबद्ध होकर गई हैं, मेरी मृत्यु से अपने धर्म का पालन नहीं कर पाएंगी. जैसे तुमने उन्हें विश्वापात्र मानकर छोड़ा है मुझे भी जाने दो. मैं उन सबके साथ तुम्हारे सामने शीघ्र ही उपस्थित होता हूं. शिकारी ने उसे भी जाने दिया. इस तरह सुबह हो गई. उपवास, रात्रि जागरण, और शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से अनजान में ही शिवरात्रि की पूजा पूर्ण हो गई. लेकिन, अनजाने में हुई पूजा का परिणाम उसे तत्काल मिला. थोड़ी देर बार हिरण और उसका परिवार शिकारी के सामने आ गया. उन सभी को देखकर शिकारी को बहुत गिलानी हुई और उसके पूरे परिवार को जीवनदान दे दिया. अनजाने में शिवरात्रि व्रत का पालन करने पर भी शिकारी को मोक्ष की प्राप्ति हुई. जब मृत्यु काल में यमदूत जीव को ले जाने आए तो शिवगणों ने उन्हें वापस भेज दिया और उसे शिवलोक ले गए. शिवजी की कृपा से चित्रभानु अपने पिछले जन्म को याद रख पाए. शिवरात्रि के महत्व को जानकर उसका अगले जन्म में भी पालन कर पाए. recent visitors 66

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों एवं निवेशकों से की वन-टू-वन चर्चा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दूसरे दिन उद्योगपतियों और निवेशकों के साथ प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार और निवेश संभावनाओं पर वन-टू-वन चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने युवाओं के कौशल उन्नयन और रोजगार के नए अवसरों के सृजन पर भी विचार-विमर्श किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से उल्यानोवस्क रशिया के गवर्नर एलेक्सी रूस्किख से भी मुलाकात की। इसी क्रम में आपसी सहयोग को लेकर उल्यानोस्क, रशिया के गवर्नर और मध्यप्रदेश सरकार के बीच एमओयू हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से वर्ल्ड बैंक के कंट्री डायरैक्टर ऑगस्ट टैनो कुआमे के नेतृत्व में बैंक के प्रतिनिधि मंडल ने अर्बन डेवलपमेंट, सोलर एनर्जी आदि सेक्टरों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में जेरार्डस क्रॉस टाऊन (बकिंघमशायर, इंग्लैंड) की महापौर सुप्रेरणा भारद्वाज ने भेंट कर वन- टू- वन चर्चा की। इसी तरह मिनिस्ट्री ऑफ टेक्सटाइल भारत सरकार की सचिव श्रीमती नीलम शमी राव ने टेक्सआइल और प्रदेश में पीएम मित्र पार्क के विकास के संबंध में चर्चा की। डोनियर इंडस्ट्रीज के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेन्द्र अग्रवाल ने टेक्सटाइल, आईनॉक्स के डायरेक्टर सिद्धार्थ जैन ने ऑक्सीजन सेक्टर, केपी ग्रुप के सीईओ आलोक दास द्वारा रिन्यूएबल एनर्जी को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. यादव से चर्चा की गईं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से विश्वकर्मा ग्रुप विश्वविद्यालय पुणे के एमडी डॉ. भरत अग्रवाल ने शिक्षा, गोल्डक्रेस्ट सीमेंट के एमडी आर. एस. जोशी ने सीमेंट, अल्फाविजन ओवर्सीस के चेयरमेन आर. के. गोयल ने हॉस्पिटेलिटी, एकमे ग्रुप के सीईओ निखिल ढिंगरा ने रिन्यूएबल एनर्जी, रूसान फार्मा के डायरेक्टर डॉ. राजेश हजेला ने फार्मास्युटिकल सेक्टर पर मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर वन टू वन चर्चा की।   recent visitors 57

छत्तीसगढ़ को ‘प्रकृति परीक्षण अभियान’ में राष्ट्रीय सम्मान: मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई

रायपुर छत्तीसगढ़ को ‘प्रकृति परीक्षण अभियान’ में राष्ट्रीय सम्मान: मुख्यमंत्री साय ने दी बधाई छत्तीसगढ़ ने भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग, नई दिल्ली के तत्वावधान में आयोजित प्रकृति परीक्षण अभियान में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त किया। राज्य ने स्ट्राइक रेट लक्ष्य में देशभर में तीसरा स्थान और कुल प्रकृति परीक्षण मानकों पर नौवां स्थान प्राप्त किया। इस उपलब्धि के लिए केन्द्रीय आयुष मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रताप राव जाधव ने छत्तीसगढ़ को प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया।यह सम्मान अभियान के राज्य समन्वयक डॉ. संजय शुक्ला ने ग्रहण किया। जहांगीर भाभा थियेटर, मुंबई में आयोजित अभियान के समापन समारोह में छत्तीसगढ़ को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया गया। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आयुष विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य और आयुर्वेद के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की बढ़ती उत्कृष्टता का प्रमाण है, जिससे राज्य में आयुष आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आयुष विभाग के अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार आयुष आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक व्यापक और प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह की पहल न केवल नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाएगी, बल्कि प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों को मुख्यधारा में लाने में भी सहायक होगी। उल्लेखनीय है कि 26 नवंबर से 25 दिसंबर 2024 तक चले इस अभियान के तहत देशभर में 1.29 करोड़ से अधिक नागरिकों का परीक्षण किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ ने 4.45 लाख से अधिक नागरिकों का सफलतापूर्वक परीक्षण कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। इस अभियान में राज्य के 3551 वालंटियर्स ने योगदान दिया। इसके अतिरिक्त अभियान की महत्ता को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीनस्थ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के 40,000 से अधिक अधिकारियों और जवानों का भी सफलतापूर्वक प्रकृति परीक्षण किया गया, जो आयुष चिकित्सा के प्रति बढ़ती जागरूकता और विश्वास को दर्शाता है। नागरिकों के लिए निरंतर जारी रहेगा अभियान आयुष विभाग के संचालक ने बताया कि मोबाइल एप्लीकेशन आधारित इस अभियान को नागरिकों से जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। इसे देखते हुए छत्तीसगढ़ में इस अभियान को निरंतर जारी रखने का निर्णय लिया गया है। अब राज्य के नागरिक निकटतम आयुर्वेद महाविद्यालय, जिला आयुर्वेद चिकित्सालय, आयुष विंग, स्पेशलाइज्ड थैरेपी सेंटर, शासकीय आयुर्वेद औषधालयों एवं निजी आयुर्वेद चिकित्सकों से संपर्क कर अपना प्रकृति परीक्षण करवा सकते हैं। recent visitors 46