अरुणाचल सीमा पर बनेगा 1400 KM लंबा हाईवे, चीन को सीधी चुनौती, कभी भी पहुंचेगी सेना

नई दिल्ली चीन सीमा के पास केंद्र सरकार ने बड़े हाईवे के निर्माण को मंजूरी दी है। इससे सीमांत इलाकों तक कनेक्टिविटी में इजाफा होगा, इसके अलावा सुदूर अरुणाचल प्रदेश से अन्य राज्यों तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा। अरुणाचल प्रदेश पर तवांग नाम से चीन दावा करता रहा है। ऐसे में उसके लिए इतने बड़े प्रोजेक्ट का ऐलान कर भारत ने उसे सीधा संदेश दिया है। मोदी सरकार के मंत्री किरेन रिजिजू ने अरुणाचल प्रदेश के कामले जिले में लगे एक मेले के दौरान इसका ऐलान किया। उन्होंने कहा कि यह हाईवे चीन और भारत सीमा पर 12 जिलों से होकर गुजरेगा। यह एक सपने के पूरे होने जैसा होगा और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों के लिए यह गेमचेंजर बनेगा। रिजिजू ने कहा कि इस हाईवे पर 42,000 करोड़ रुपये की लागत आने वाली है। यह अकेला ऐसा इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है, जिसके लिए केंद्र सरकार ने एक बार में ही इतने बड़े फंड को मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि अरुणाचल फ्रंटियर हाईवे रणनीतिक रूप से बेहद अहम होगा। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी पुणे-मुंबई एक्सप्रेसवे, कोलकाता-चेन्नै हाईवे और जयपुर दिल्ली कॉरिडोर आदि पर बड़ी लागत लगी है, लेकिन रणनीतिक रूप से अहम प्रोजेक्ट्स की बात करें तो यह सबसे अहम होगा। यह हाईवे अरुणाचल प्रदेश के रणनीतिक रूप से संवेदनशील ईस्ट कामेंग, बिशोम, अपर सुबानसिरी, शी-योमी, अनजॉ और चांगलांग जैसे जिलों से होकर निकलेगा। रिजिजू ने कहा कि इतना अहम प्रोजेक्ट पीएम नरेंद्र मोदी के चलते ही मंजूर हुआ है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार इस हाईवे का कुल रूट 1400 किलोमीटर लंबा होगा और कई जगहों पर तो यह चीन की सीमा से महज 20 किलोमीटर की दूरी पर होगा। अरुणाचल प्रदेश के जिस मेले में रिजिजू ने इस हाईवे का ऐलान किया, उसमें वाइस प्रेसिडेंट जगदीप धनखड़ भी मौजूद थे। बोसीमला मेले को संबोधित करते हुए रिजिजू ने कहा कि यह इलाका नेशनल हाईवे से दूर है। इसके बाद भी यहां उपराष्ट्रपति पहुंचे तो यह अहम बात है और इसे इतिहास में दर्ज किया जाएगा। उपराष्ट्रपति बोले- पूरा होने वाला है किरेन रिजिजू का सपना उन्होंने कहा कि यह अरुणाचल प्रदेश के लोगों के लिए गर्व की बात है। वहीं उपराष्ट्रपति ने भी कहा कि यह रिजिजू का सपना था कि एक ऐसा हाईवे अरुणाचल के लिए मंजूर हो और अब वह पूरा होने वाला है। उन्होंने कहा कि फंड को मंजूरी मिल चुकी है और अब पास काम शुरू होना है। न्योकुम योलो नाम के जिस मेले में रिजिजू और उपराष्ट्रपति मौजूद थे, वह अरुणाचल प्रदेश की निशी जनजाति का सबसे प्रमुख त्योहार माना जाता है। recent visitors 68

मानसरोवरेश्वर महादेव मंदिर में पंडित सुधीर व्यास जी का लाइव संकीर्तन

Live Sankirtan by Pandit Sudhir Vyas ji at Mansarovareshwar Mahadev Temple सुशील दामले (विशेष संवाददाता) भोपाल। मानसरोवरेश्वर महादेव मंदिर, मानसरोवर पब्लिक स्कूल प्रांगण में पंडित सुधीर व्यास की लाइव परफॉर्मेंस पर भक्तगण झूमते नाचते नज़र आए। ये चमक ये दमक फेम व्यास जी ने प्रभु संकट हर लो मेरा गाने के साथ संकीर्तन शुरू किया। जिसके साथ ही श्रद्धालुगण भावविभोर हो उठे। त्रिदेवों के देव महादेव का पर्व महाशिवरात्रि, मानसरोवर पब्लिक स्कूल प्रांगण में धूमधाम से मनाया गया। महाशिवरात्रि की सुबह मानसरोवरेश्वर महादेव मंदिर में रूद्राभिषेक और शिव जी के भव्य श्रृंगार के साथ पर्व का आगाज़ हुआ। वहीं अखंड रामायण पाठ और भजन गायन में श्रृद्धालू शिव भक्ति में लीन होकर फूलों की होली खेलते नज़र आए। जिसके सुंदर कांड पाठ के बाद म्यूजिकल ग्रुप द्वारा सुमधुर गीतों की प्रस्तुति दी गई। वहीं शाम को आयो शरण तुम्हारी, ये चमक ये दमक, शिव कैलाशों के वासी, भोला नई माने, आदि गीतों की प्रस्तुति पर भक्तगण झूमते रहे। दिन में सुंदर कांड पाठ के बाद बाद शिव बारात की तैयारियों में श्रृद्धालु गुलाबी साफा पहने सजे धजे नजर आए। शिव बारात में श्रद्धालु झूमते नाचते नज़र आए। इस दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे भक्त जनों ने प्रसादी ग्रहण किया। इस दौरान मानसरोवर समूह की कुलाधिपति मंजुला तिवारी, प्रति कुलाधिपति गौरव तिवारी और निदेशक दिशा तिवारी सहित बड़ी संख्या में शहर के नामचीन गणमान्य अतिथिगण और मानसरोवर परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे। विशाल भंडारा आज  मानसरोवरेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि के महापर्व के समापन अवसर पर हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। दोपहर एक बजे भंडारे के शुभारंभ से पहले मानसरोवरेश्वर महादेव का भव्य श्रृंगार और पूजन अर्चन किया जाएगा। recent visitors 99

मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार अपराधियों पर नकेल कसने में लाचार, डेढ़ माह में 35 मर्डर

ढाका पड़ोसी देश बांग्लादेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। हत्या, लूट, रंगदारी और अपहरण के मामलों में बेतहाशा बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। आलम यह है कि मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार अपराधियों पर नकेल कसने में लाचार दिख रही है। यही वजह है कि पिछले डेढ़ महीने में 35 लोगों की हत्या हो चुकी है। आधिकारिक आंकड़े इस बात की तस्दीक करते हैं और अपराधिक गतिविधियों की चिंताजनक प्रवृत्ति दिखा रहे हैं। हाल की आपराधिक घटनाओं से लोगों में भारी गुस्सा और रोष है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि 1 जनवरी से 19 फरवरी, 2025 के बीच सिर्फ राजधानी ढाका में 35 हत्याएं हुईं हैं। इसके अलावा लूटपाट, डकैती और अपहरण के भी कई मामले सामने आए हैं। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, बीती रात यानी मंगलवार की रात भी जतराबाड़ी के सुती खालपार इलाके में हथियारबंद लुटेरों ने एक युवक को गोली मार दी और उसके सामान लूट लिए। अपराध में इस वृद्धि ने पुलिस को सुरक्षा बढ़ाने और अधिक सतर्क रहने के लिए मजबूर किया है। दूसरी तरफ आम आदमी दहशत में है। देश भर में बढ़ते अपराध पर यूनुस सरकार बेपरवाह नजर आ रही है। सरकार की तरफ से विरोधाभासी बयान दिए जा रहे हैं। अंतरिम सरकार में गृह मामलों के सलाहकार मोइनुद्दीन अब्दुल्ला ने इस संकट को कमतर आंकते हुए कहा कि कानून व्यवस्था की स्थिति संतोषजनक है। उनके बयान ने लोगों के मन में संदेह और बढ़ा दिया है क्योंकि लोग बढ़ती असुरक्षा से जूझ रहे हैं। दूसरी तरफ कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाली बांग्लादेश पुलिस ने स्वीकार किया है कि राजधानी ढाका समेत देशभर में आपराधिक गतिविधियों में तेजी से इजाफा हुआ है और लोग इस वजह से भयभीत हैं। अधिकारी ने कई रिपोर्ट में दिनदहाड़े क्रूर हत्याओं, अपहरण और डकैती के चौंकाने वाले मामलों को उजागर किया है। हालांकि, इन अपराधों की गंभीरता के बावजूद, यूनुस सरकार दावा करती रहती है कि स्थिति नियंत्रण में है। यही वजह है कि गृह मामलों के सलाहकार के इस्तीफे की मांग अब जोर पकड़ रही है। ढाका में हाल ही में छात्रों के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों में नागरिकों ने भी बड़े पैमाने पर शिरकत की थी और गृह मामलों के सलाहकार मोइनुद्दीन अब्दुल्ला का इस्तीफा मांगा था। आधिकारिक बयानों और जमीनी हकीकतों के बीच बढ़ते अंतर ने बांग्लादेश के संस्थाओं में विश्वास को कमजोर कर दिया है। इससे खफा बड़े पैमाने पर लोग विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। लिहाजा, न्यायपालिका, कानून प्रवर्तन एजेंसियाँ और राजनीतिक वर्ग सभी को कठिन चुनौतियो का सामना करना पड़ रहा है। recent visitors 74

महाशिवरात्रि पर बागेश्वर धाम में 251 जोड़ों का सामूहिक विवाह हुआ संपन्न, नवदंपति ने गृहस्‍थ जीवन में किया प्रवेश

खजुराहो खजुराहो स्थित बागेश्वर धाम में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु, राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री मोहन यादव की मौजूदगी में 251 जोड़ों का सामूहिक विवाह महोत्सव संपन्न हुआ। खजुराहो एयरपोर्ट पर राज्यपाल मंगूभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने राष्ट्रपति मुर्मु की अगवानी की। यहां राष्ट्रपति मुर्मु बालाजी मंदिर पहुंचीं जहां उन्होंने दर्शन कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद विवाह समारोह में शामिल होने पहुंचीं। यहां शंखध्वनि और मंत्रोच्चार के साथ 11 जोड़ों ने एक दूसरे को वरमाला पहनाकर विवाह की रस्म निभाई। इसके बाद अतिथियों ने अपना संबोधन दिया। राष्ट्रपति ने बेटियों को दिया सबल बनने का संदेश राष्ट्रपति ने नवदंपतियों को आशीर्वाद और बधाई देते हुए कहा कि आप सभी के स्वर्णिम भविष्य और मंगलजीवन की मैं कामना करती हूं। महामहिम ने कहा कि भारत की परंपरा ने संतों ने सदियों से अपने कर्म और धर्म से जनमानस को राह दिखाई है। समकालीन समाज में व्याप्त सामाजिक कुरुतियों और अंधविश्वासों के खिलाफ लोगों को जागरुक किया। संतों ने छुआछूत और जात-पात के भेदभाव को दूर करने की सीख दी। संतों ने महिलाओं को समाज में उचित स्थान दिलाने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया चाहे गुरु नानकदेव, संत रविदास, कबीरदास, मीराबाई हों या संत तुकाराम उन्होंने अपने उपदेशों से समाज को सही राह दिखाई। ये समाज का भी दायित्व है कि बेटियों और बहनों को सबल और सक्षम बनाने में अपना योगदान दें। उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा पर ध्यान दें। महिलाएं भी स्वयं को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास करें इसी से हमारा देश भी सबल बनेगा। सीएम यादव ने की बड़ी घोषणा मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि ये नवदंपति जोड़े आज महाशिवरात्री के पर्व पर विवाह बंधन में बंधकर आप मां पार्वती और भगवान शंकर स्वरुप हो गए हैं। उन्होंने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री को इस महाआयोजन के लिए बधाई और धन्यवाद देते हुए कहा कि आपने समाज के सामने शासन सत्ता और संत की मौजूदगी में जात-पात की दीवार तोड़ने और छुआछूत को मिटाने का संदेश दिया। सीएम यादव ने कहा कि पं. धीरेन्द्र शास्त्री ने इस आयोजन ने जातिगत भावनाओं को कुचलते हुए सर्वधर्म समभाव और सामाजिक समरसता को बढ़ाया है। आज इसी बात की आवश्यकता है कि सामाजिक सौहार्द का ये सबसे अच्छा उदाहरण है। आपने वसुधैव कुंटुंबकम की भावना और सर्वे भवन्तु सुखिन को चरितार्थ कर दिखाया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत विवाहित जोड़ों को दिये जाने वाले 51 हजार रु. की राशि इन दंपतियों को भी दी जाएगी। राज्यपाल ने सामूहिक विवाह आयोजन को सराहा इस अवसर पर राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने कहा कि बागेश्वर जनसेवा समिति ने धार्मिक और सामाजिक दृष्टि से ये सामाजिक सेवा का सराहनीय कार्य है। समाज के वंचित वर्ग, गरीब परिवार की बेटियों के सम्मानजनक जीवन की शुरुआत का ये आयोजन अनुकरणीय है। सामाजिक विवाह समारोह से भावी पीढ़ी को अच्छे संस्कारों की सीख मिलती है और बाल विवाह जैसी कुरुतियां समाप्त होती है। recent visitors 72

ड्रग टेस्टिंग लैब में जांच के लिए भेजी गई 13 जीवनरक्षक दवाइयां निकली अमानक

भोपाल भोपाल की ड्रग टेस्टिंग लैब में 13 जीवनरक्षक दवाइयां अमानक निकली हैं। इस कारण इनके उपयोग पर प्रदेश में रोक लगा दी गई है। इनमें से कुछ दवाइयों के सैंपल ड्रग विभाग ने एमवाय अस्पताल से भी सामान्य प्रक्रिया के अंतर्गत लिए थे। मध्य प्रदेश लोक स्वास्थ्य सेवा निगम ने जीवनरक्षक दवाएं, सलाइन और सिरिंज अमानक पाए जाने पर तत्काल रोक लगाने के आदेश दिए हैं। यह आदेश प्रदेश के सभी जिलों में स्वास्थ्य विभाग को भेजे हैं। इसमें गर्भवती महिलाओं में हार्मोन बढ़ाने वाली दवाइयों के साथ ही एनेस्थिसिया के इंजेक्शन भी शामिल हैं। आदेश के मुताबिक डेक्सट्रोस 5 प्रतिशत (बैच नंबर- एमपी230801055), नार्मल सलाइन 0.9 प्रतिशत (बैच नंबर-एमपी22063102), डिस्पोजेबल सिरिंज विथ निडल 2 एमएल (बैच नंबर- आर2203171), केटेमाइन हाइड्रोक्लोराइड 10 एमजी (बैच नंबर- वी22197), माइक्रोनाइज्ड प्रोगेस्ट्रोन 100 एमजी (बैच नंबर यूएचटी22004), सोडियम बिकार्बोनेट इंजेक्शन (बैच नंबर-1322038), नाइट्रोग्लिसरिन इंजेक्शन 25 एमजी (बैच नंबर-एआई22328), एस्प्रिन लो डोज 75 एमजी (बैच नंबर-एपीएसटी1012) आदि पर रोक लगाई है।     recent visitors 69

दिलीप घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा – गलत बोलने वालों को गंगा जल पीना चाहिए

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के द्वारा कुंभ मेला और अन्य मुद्दों पर की गई हालिया टिप्पणियों पर तीखा जवाब दिया है। घोष ने ममता बनर्जी के बयान को लेकर कई सवाल उठाए हैं और राज्य में हो रही कुछ घटनाओं पर चिंता जताई है। दिलीप घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि गलत बोलने वालों को गंगा जल पीना चाहिए। ममता बनर्जी की कुंभ पर टिप्पणी पर प्रतिक्रिया ममता बनर्जी ने महाकुंभ को लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि 144 साल बाद महाकुंभ का आयोजन होना सही नहीं है। उनके इस बयान पर दिलीप घोष ने सवाल उठाए और कहा कि अगर ममता बनर्जी गंगा स्नान के बारे में कुछ कहना चाहती हैं तो उन्हें यह ध्यान रखना चाहिए कि उनके पार्टी के सदस्य 'जय श्री राम' का नारा लगाते हुए गंगा स्नान और त्रिवेणी स्नान करते हैं। दिलीप घोष ने यह भी कहा कि अगर ममता बनर्जी चाहें तो वे अब भी गंगा स्नान कर सकती हैं या गंगाजल लेकर उसे छिड़क सकती हैं। अमदंगा में बम बरामदगी पर बयान अमदंगा में बम मिलने के मामले पर दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है और असामाजिक तत्व खुलेआम काम कर रहे हैं। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग वामपंथियों के साथ मिलकर अपराध कर रहे हैं और अन्य राज्यों में भी असमाजिक गतिविधियों में शामिल हैं। मतदाताओं के बढ़ते प्रतिशत पर चिंता घोष ने बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में मतदाता प्रतिशत में वृद्धि पर भी चिंता जताई। उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी की पार्टी को दिल्ली की तरह ही बंगाल में भी बढ़ा हुआ समर्थन दिखाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में मतदाता संख्या दोगुनी हो गई है, और ये मतदाता कहां से आते हैं, इस पर सवाल उठाए। चाय उद्योग की स्थिति पर टिप्पणी घोष ने बंगाल के चाय उद्योग की स्थिति पर भी दुख जताया और कहा कि राज्य में चाय उद्योग बहुत खराब स्थिति में है। उन्होंने असम का उदाहरण देते हुए कहा कि असम में चाय उद्योग अच्छा चल रहा है, लेकिन बंगाल में स्थिति बहुत खराब है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा इस मामले में मजदूरों की स्थिति सुधारने के लिए काम कर रही है और आगे भी करती रहेगी। पूर्वोत्तर में विकास की सराहना घोष ने पूर्वोत्तर भारत में हुए विकास कार्यों की सराहना की और कहा कि पिछले दस वर्षों में वहां जितना विकास हुआ है, उतना पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि वहां हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे, नए पुल और अन्य विकास कार्य हो रहे हैं और लोग अब महसूस कर रहे हैं कि वे भारत में हैं और केंद्र सरकार उन्हें सभी सुविधाएं प्रदान कर रही है। दिल्ली में सीएजी रिपोर्ट पर टिप्पणी दिल्ली में पेश की गई CAG रिपोर्ट पर भी दिलीप घोष ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि दिल्ली में अब तक सबसे भ्रष्ट सरकार थी, लेकिन अब वह बदल चुकी है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने हजारों करोड़ रुपए लूटे हैं और यह धीरे-धीरे सामने आएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग जेल में हैं और जो नहीं हैं, वे सभी जेल जाएंगे। यह खबर पश्चिम बंगाल में बीजेपी और ममता बनर्जी के बीच के राजनीतिक संघर्ष को और तेज कर सकती है।   recent visitors 100

भारत और जापान अफ्रीका के सतत और समावेशी विकास का समर्थन करने के लिए ‘अच्छी स्थिति’ में हैं: विदेश मंत्री एस. जयशंकर

नई दिल्ली विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को अफ्रीका और जापान के साथ पारस्परिक रूप से लाभकारी साझेदारी बनाने के लिए भारत की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता पर जोर दिया। जापान-भारत-अफ्रीका व्यापार मंच में बोलते हुए, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत और जापान अफ्रीका के सतत और समावेशी विकास का समर्थन करने के लिए 'अच्छी स्थिति' में हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि अफ्रीका के साथ भारत का जुड़ाव दीर्घकालिक, स्थायी साझेदारी पर आधारित है। उन्होंने कहा, "अफ्रीका के प्रति भारत का दृष्टिकोण हमेशा से ही दीर्घकालिक पारस्परिक रूप से लाभकारी साझेदारी बनाने की गहरी प्रतिबद्धता से प्रेरित रहा है। शोषणकारी मॉडलों के विपरीत, भारत क्षमता निर्माण, कौशल विकास और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण में विश्वास करता है और चाहता है कि अफ्रीकी देश न केवल निवेश से लाभान्वित हों, बल्कि आत्मनिर्भर विकास हासिल कर सकें।" जयशंकर ने भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग (आईटीईसी) कार्यक्रम, पैन अफ्रीकी ई-नेटवर्क परियोजना और उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजनाओं (एचआईसीडीपी) जैसी प्रमुख पहलों की ओर इशारा किया, जिन्होंने अफ्रीका की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और डिजिटल बुनियादी ढांचे को मज़बूत किया। 2019 में, भारत ने अफ्रीकी देशों को आभासी शिक्षा और चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए ई-विद्या भारती और ई-आरोग्य भारती नेटवर्क लॉन्च किए। अब तक, 19 अफ्रीकी देशों के छात्रों ने इस पहल के तहत विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में दाखिला लिया है। जयशंकर ने अफ्रीका के चौथे सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार के रूप में भारत की स्थिति पर प्रकाश डाला, जिसमें द्विपक्षीय व्यापार लगभग 100 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। जयशंकर ने अफ्रीका और मध्य पूर्व में विस्तार करने की इच्छुक जापानी कंपनियों के लिए एक आदर्श केंद्र के रूप में काम करने की भारत की क्षमता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, "जापानी निवेश, भारत का मजबूत औद्योगिक आधार, डिजिटल क्षमताएं, अफ्रीका की प्रतिभा और बढ़ता उपभोक्ता आधार सभी हितधारकों के लिए लाभकारी परिणाम बनाने के लिए एक साथ आ सकते हैं।" विदेश मंत्री ने कहा, "भारत और जापान लोकतंत्र, स्वतंत्रता और कानून के शासन पर आधारित एक रिश्ता साझा करते हैं, साथ ही एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत के लिए एक समान दृष्टिकोण भी रखते हैं। पिछले कुछ वर्षों में, हमारे द्विपक्षीय संबंध एक विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी में विकसित हुए हैं।" recent visitors 75