iPhone यूजर्स के लिए आया Adobe का नया फोटोशॉप ऐप

नई दिल्ली Adobe ने अपनी पॉपुलर ऐप का मोबाइल वर्जन जारी कर दिया है। फोटो एडिटिंग और डिजाइन टूल के लिहाज से ये बेस्ट ऑप्शन साबित होता है। अब iPhone यूजर्स को भी ये ऐप मिलने वाली है। पहले भी ये ऐप उपलब्ध थी, लेकिन ये डेस्कटॉप वर्जन था। लेकिन अब Adobe की तरफ से ऐप को स्पेशल तैयार कर दिया गया है। ऐसे में आईफोन यूजर्स के लिए ये बड़ी खबर है। खासकर ऐसे यूजर्स जो मोबाइल की मदद से कंटेंट क्रिएट करते हैं, उनके लिए ये ऐप काफी मददगार साबित होने वाली है। ऐप में फोटोशॉप के टूल और फीचर्स मिलने वाले हैं। इसमें सलेक्शन टूल, अनलिमिटेड लेयर और मास्क का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी मदद से इमेज और डिजाइन को अलग तरीके बनाया जा सकता है। सिलेक्ट टूल की मदद से भी इसे यूज किया जा सकता है। इसमें रिमूव, रिकलर, रिप्लेस पार्ट का भी ऑप्शन दिखाई देता है। स्पॉट रिमूवल क लिए स्पॉट हीलिंग ब्रश का इस्तेमाल किया जाता है। AI-बेस्ड जनरेटिव की मदद से फिल और जनरेटिव एक्सपेंड का ऑप्शन मिलता है। Adobe Express और Adobe Fresco में क्लाउड PSD को लाया जा सकता है और इसकी मदद से Adobe Lightroom Photos को भी एडिट करने का ऑप्शन मिलता है। PSD Format में एडिटिंग का ऑप्शन मिलता है। यहां से लाइब्रेरी का एक्सेस भी मिल जाता है। Adobe ने नया फोटोशॉप इंट्रोड्यूस किया है। ये मोबाइल और वेब प्लान के साथ आता है। ऐप स्टोर की मदद से क्रिएटर्स को प्रीमियम मोबाइल फीचर्स और फोटोशॉप का ऑप्शन मिल जाता है। यानी यूजर्स इसकी मदद से सभी काम को पूरा कर पाएंगे। साथ ही कंटेंट क्रिएशन में क्रिएटिविटी को भी जगह दी गई है। मौजूदा फोटोशॉप डेस्कटॉप सब्सक्राइबर्स को भी iPhone में फोटोशॉप एक्सेस करने का ऑप्शन दिया जाएगा। Cloud Sync फॉर एडिट वेब एक्सेस की मदद से कैमरा रॉ फिल्टर, शेप्स, लेयर इफेक्ट्स, क्विक एक्शन, जनरेटिव AI फीचर्स मिलते हैं। AI बेस्ड फीचर्स Genrative Fill, Generative Expand, और टेक्स्ट टू इमेज जैसे ऑप्शन देते हैं जो यूजर्स को काफी पसंद आते हैं। साथ ही इन फीचर्स की खासियत होती है कि आप इन्हें आसानी से एक्सेस कर सकते हैं। मोबाइल के लिए फोटोशॉप को iPhone यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया गया है। एड्रॉयड के लिए कंपनी की तरफ से काम चल रहा है। अभी ऐप को फ्री रखा गया है और आप इसे मोबाइल, वेब प्लान के लिए ऐप स्टोर की मदद से खरीद सकते हैं। recent visitors 79

गुजरात में नगरपालिका चुनावों में कुल 210 निर्विरोध चुने गए मुस्लिम उम्मीदवारों में 10% बीजेपी के

अहमदाबाद  ना दूरी है ना खाई है, मोदी हमारा भाई है… पिछले लोकसभा चुनावों में बीजेपी ने यह नारा दिया था। तब गुजरात में 29 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता बीजेपी के साथ आ गए थे। सर्वे एजेंसी सीएसडीएस-लोकनीति ने यह दावा किया था। अब गुजरात के निकाय चुनावों के परिणाम बता रहे हैं कि 2024 लोकसभा चुनाव को लेकर सर्वे एजेंसी के अनुमान में काफी दम है। गुजरात में बीजेपी ने नगर निकाय के 82 मुस्लिम उम्मीदवारों को जिताकर इतिहास रच दिया है। ये जीत 66 नगरपालिका चुनावों में हुई है। इससे उत्साहित बीजेपी के अंदर इस बात पर गंभीरता से मंथन शुरू हो गया कि क्या विधानसभा चुनावों में भी मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिए जाएं। ऐसा हुआ तो गुजरात में किसी अल्पसंख्यक उम्मीदवार को चुनाव मैदान में नहीं उतारने की बीजेपी की परंपरा टूट सकती है। पसमांदा मुसलानों से जुड़ने की पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2023 की भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पसमांदा मुसलमानों से संपर्क की जरूरत बताई थी। उसी वर्ष भोपाल की एक रैली में प्रधानमंत्री ने कहा कि कैसे अगड़े मुसलमान अपने ही समुदाय के पिछड़े मुसलमानों यानी पसमांदाओं का शोषण करते हैं और उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रखते हैं। सरकारी संस्था नेशनल सैंपल सर्वे ऑर्गेनाइजेशन (एनएसएसओ) के अनुसार मुस्लिमों में ओबीसी जनसंख्या 40.7 प्रतिशत है। देश के कुल पिछड़े समुदाय की जनसंख्या में पसमांदा मुसलमानों की हिस्सेदारी 15.7 प्रतिशत है। कहां-कहां मुस्लिम मतदाताओं का दबदबा? विभिन्न सर्वे और रिपोर्ट बताते हैं कि लोकसभा की 65 सीटों पर 30 प्रतिशत से ज्यादा मुस्लिम वोटर हैं और प्रत्याशियों की किस्मत तय करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। आंकड़े बताते हैं कि 92 सीटों पर 20 प्रतिशत से ज्यादा मुस्लिम मतदाता हैं। इनमें 41 सीटों पर 21 से 30 प्रतिशत, 11 सीटों पर 41 से 50 प्रतिशत, 24 सीटों पर 31 से 40 प्रतिशत और 16 सीटों पर 50 प्रतिशत से ज्यादा मुस्लिम मतदाता हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार, बंगाल, कर्नाटक, असम जैसे राज्यों में मुस्लिम मतदाता काफी असरदार माने जाते हैं। ये नतीजे दिखाते हैं कि अल्पसंख्यक आबादी अब बीजेपी के साथ मजबूती से खड़ी है। विपक्ष ने समान नागरिक संहिता, तीन तलाक और वक्फ जैसे मुद्दों पर हंगामा खड़ा करने की कोशिश की, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। मुसलमानों से संपर्क की चौतरफा पहल प्रधानमंत्री की अपील पर भाजपा ने 2024 के लोकसभा चुनावों में मुसलमान मतदाताओं से संपर्क साधने की बहुस्तरीय योजना बनाई। पार्टी ने हजारों 'स्नेह संवाद' कार्यक्रम किए जिनमें बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा ने देशभर में करीब 1.5 हजार विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया। इन कार्यकर्मों के जरिए 50 लाख से ज्यादा मुसलमानों से बातचीत की गई। दूसरी तरफ, सभी 543 लोकसभा क्षेत्रों के मुसलमानों को 'मोदी मित्र' बनाने की पहल हुई। इस पहल के तहत हर सीट पर 2,000 से ज्यादा मुस्लिम मोदी मित्र बनाए गए। फिर बूथ मैनेजमेंट में मुसलमानों की भागीदारी बढ़ाई गई। 'ना दूरी है ना खाई है, मोदी हमारा भाई है' के नारे से मुसलमानों को बीजेपी के करीब लाने का प्रयास किया गया। मुसलमानों से बीजेपी की बातचीत बीजेपी ने इन सभी कार्यक्रमों में मुसलमानों को बताया कि कैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भाजपा सरकार ने मुस्लिम समुदाय का चौतरफा कल्याण किया है। मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से आजादी दिलाने के लिए कानून बनाना हो या गरीब कल्याण की योजनाओं में बिना भेदभाव के मुस्लिम आबादी से ज्यादा हिस्सेदारी देना, मोदी सरकार ने मुस्लिम समुदाय के उत्थान की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। मुसलमानों को यह भी बताया गया कि कांग्रेस शासन के लंबे वक्त में मुसलमानों की कैसी दुर्दशा हुई, इसका प्रमाण कांग्रेस सरकार में बनी सच्चर कमिटी की रिपोर्ट में ही मिला है। मुसलमान और बीजेपी: क्या कहते हैं आंकड़े? ऐसा नहीं है कि मुसलमान बीजेपी को वोट करते ही नहीं हैं। सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसायटी (सीएसडीएस) के मुताबिक 2014 के चुनाव में राष्ट्रीय स्तर पर करीब 8.5 प्रतिशत मुस्लिम वोट भाजपा के पक्ष में गया था। भाजपा को इससे पहले मुसलमानों का इतना ज्यादा समर्थन कभी नहीं मिला था। 2014 से पहले भाजपा को सबसे ज्यादा सात प्रतिशत मुस्लिमों का समर्थन 2004 में मिला था। रिपोर्ट के मुताबिक, 2009 में बीजेपी को तीन प्रतिशत मुस्लिमों ने वोट किया था। 1998 को लोकसभा चुनावों में 5 प्रतिशत जबकि 1999 में 6 प्रतिशत मुसलमानों ने बीजेपी का पक्ष लिया था। मुस्लिम वोट बैंक का आकर्षण भारतीय राजनीति में मुसलमान हमेशा के आकर्षक वोट बैंक बने रहे हैं। वर्ष 1980 तक यह वोट बैंक कांग्रेस के साथ मजबूती से खड़ा रहा था। फिर यह कांग्रेस से छिटका तो राज्य स्तर पर क्षेत्रीय दलों का दामन थामता चला गया। मंडल-कमंडल की राजनीति के बाद उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का उभार हुआ तो मुस्लिम मतदाता उनके साथ जुड़ गए। इसी तरह, बिहार में राष्ट्रीय जनता दल (राजद), बंगाल में तृणमूल कांग्रेस, कर्नाटक में कभी कांग्रेस तो कभी जनता दल (सेकुलर) का दामन थाम लिया। मुसलमानों में बीजेपी को हराने की जिद फिर चुनाव दर चुनाव यह धारणा पुष्ट होती चली गई कि मुसलमान किसी का सगा नहीं है, बस उसके जेहन में एक ही बात कौंधती रहती है कि बीजेपी को कौन परास्त कर सकता है। जिस पार्टी और उम्मीदवार में बीजेपी को हराने की ताकत दिखी, मुसलमानों ने उसका पक्ष लिया। लेकिन पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश विधानसभा के उपचुनाव में मुस्लिम मतदाताओं के दबदबे वाली कुंदरकी सीट पर बीजेपी प्रत्याशी के विजय ने बड़ा संकेत दिया। यह इसलिए लोकसभा चुनावों में बीजेपी को उत्तर प्रदेश के सिर्फ 2 प्रतिशत मुस्लिम मतदाताओं ने भाजपा का समर्थन किया था। अब गुजरात निकाय चुनावों में बीजेपी के मुस्लिम उम्मीदवारों की बड़ी सफलता ने कुंदरकी विधानसभा सीट से मिले संदेश को संभवतः और स्पष्ट कर दिया है। इस प्रदर्शन को देखते हुए, भविष्य में बीजेपी में अल्पसंख्यक समुदाय के लिए चीजें बदल सकती हैं। हां, पार्टी उन सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवारों को उतार सकती है जहां मुस्लिम मतदाताओं का दबदबा है। कुछ सीटें ऐसी हैं जहां भविष्य में मुस्लिम उम्मीदवार उतारे जा सकते हैं। recent visitors 86

महाकुंभ में जीवन और आसक्ति के बीच द्वंद्व का हुआ अहसास : प्रीति जिंटा

महाकुम्भ नगर महाकुंभ-2025 के अंतर्गत बुधवार को हुए आखिरी स्नान पर्व पर प्रीति जिंटा ने भावुक कर देने वाला आध्यात्मिक पोस्ट किया। सोशल मीडिया पर उनकी यह पोस्ट कुछ दिन पहले हुई तीर्थराज प्रयागराज की यात्रा से जुड़ी रही जिसमें अध्यात्मिक अनुभूतियों का समावेश रहा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर अपने ऑफिशियल अकाउंट से प्रयागराज महाकुम्भ में अपनी यात्रा से जुड़ा हुआ एक वीडियो शेयर करते हुए अपनी आध्यात्मिक अनुभूति के बारे में विस्तार से लिखा। उन्होंने एक्स पर लिखा कि कुंभ मेले में यह मेरा तीसरा मौका था और यह जादुई, दिल को छूने वाला तथा थोड़ा दुखद था। जादुई इसलिए क्योंकि मैं चाहे जितनी भी कोशिश कर लूं, मैं यह नहीं बता सकता कि मुझे कैसा महसूस हुआ। दिल को छूने वाला इसलिए क्योंकि मैं अपनी मां के साथ गयी थी और यह उनके लिए दुनिया से बढक़र था। दुखद इसलिए क्योंकि मैं जीवन और मृत्यु के विभिन्न चक्रों से मुक्त होना चाहती थी, लेकिन मुझे जीवन और आसक्ति के द्वंद्व का अहसास हुआ। जिंटा ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा क्या मैं अपने परिवार, अपने बच्चों और अपने प्रियजनों को छोडऩे के लिए तैयार हूं। नहीं! मैं तैयार नहीं हूं! यह बहुत ही भावुक और विनम्र करने वाला होता है जब आपको यह अहसास होता है कि आसक्ति के तार मजबूत और शक्तिशाली हैं और चाहे आपकी आसक्ति कुछ भी हो, आखिरकार आपकी आध्यात्मिक यात्रा और आगे की यात्रा अकेले ही होगी! मैं इस धारणा के साथ वापस आयी कि हम आध्यात्मिक अनुभव वाले मनुष्य नहीं हैं बल्कि आध्यात्मिक प्राणी हैं जो मानवीय अनुभव कर रहे हैं। इसके आगे मुझे नहीं पता, लेकिन मुझे विश्वास है, मेरी जिज्ञासा निश्चित रूप से उन सभी उत्तरों की ओर मार्ग प्रशस्त करेगी जिनकी मुझे तलाश है… तब तक, हर हर महादेव।   recent visitors 42

प्रधानमंत्री मोदी और शरद पवार की दिल्ली वाली तस्वीर की चर्चाएं महाराष्ट्र की सियासत में खूब …..

मुंबई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और NCP (SP) प्रमुख शरद पवार की दिल्ली वाली तस्वीर की चर्चाएं महाराष्ट्र की सियासत में खूब हो रही हैं. इस बीच, राज्य की पॉलिटिक्स में दो बड़े अपडेट देखने को मिले हैं. पहला, शिवसेना (UBT) के प्रवक्ता संजय राउत के सुर बदले नजर आए हैं. उन्होंने सरकार के फैसलों पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की खुलकर तारीफ की है. दूसरा, शरद पवार की पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले से मुलाकात की है. इस मीटिंग के बाद पाटिल के राजनीतिक रुख पर अटकलें तेज हो गई हैं. दरअसल, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 21 फरवरी को 98वां अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन आयोजित किया गया. इस कार्यक्रम में बतौर अतिथि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे. शरद पवार कार्यक्रम के आयोजक मंडल में शामिल थे. पीएम मोदी जब दीप प्रज्ज्वलन करने पहुंचे तो उन्होंने शरद पवार से आगे आने का अनुरोध किया. उसके बाद जब पवार अपना संबोधन खत्म करके सीट की तरफ लौट रहे थे तो PM मोदी ने सीट पर बैठने में मदद की और उनको पानी का गिलास भरकर दिया. सोशल मीडिया पर इस वीडियो की खूब तारीफ की गई. 'बैठक में राजनीति पर चर्चा नहीं हुई' इस बीच, अब खबर है कि महाराष्ट्र NCP (SP) अध्यक्ष जयंत पाटिल और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले के बीच बैठक हुई है. हालांकि, पाटिल ने सफाई में कहा कि मुंबई में बैठक के दौरान राजनीति पर चर्चा नहीं हुई. पाटिल ने कहा, हमने सांगली जिले में अपने निर्वाचन क्षेत्र से संबंधित कार्यों को लेकर सोमवार शाम बावनकुले से मुलाकात की. पूर्व मंत्री पाटिल को NCP (SP) प्रमुख शरद पवार का बेहद करीबी माना जाता है. पाटिल ने कहा, हां, मैं बावनकुले से मिला. मैंने अपने क्षेत्र से संबंधित काम के लिए उनसे मुलाकात की. मेरे साथ एक प्रतिनिधिमंडल भी था और 25 मिनट की बैठक के दौरान कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई. हमने सिर्फ स्थानीय मुद्दों पर चर्चा की. 'एक दर्जन मांगें सामने रखीं' पाटिल ने बैठक में सांगली जिले के मुद्दों से संबंधित कम से कम एक दर्जन मांगें रखीं और भूमि रिकॉर्ड की ऑनलाइन प्रोसेसिंग के संबंध में बात की. पाटिल ने कहा, यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, जिसे मैंने बावनकुले के ध्यान में लाया. उन्होंने कहा, भूमि अधिग्रहण से संबंधित कई मामलों को हल करने की जरूरत है. गडकरी के साथ भी मंच साझा कर चुके पाटिल बावनकुले ने कहा कि राज्य मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल भी बैठक में उपस्थित रहे. उन्होंने कहा, करीब 400 से 500 लोग भी मौजूद थे. बैठक में कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई. पाटिल ने हाल ही में एक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद नितिन गडकरी के साथ मंच साझा किया था. पाटिल इस्लामपुर से विधायक हैं. राउत ने फडणवीस की तारीफ में क्या कहा? इधर, शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने 'फिक्सर' को मंत्रियों का ओएसडी या पीएस नहीं बनने देने के लिए सीएम फडणवीस की तारीफ की है. राउत ने कहा, जिन लोगों को पदों के लिए नजरअंदाज किया गया, उनमें से अधिकांश शिवसेना (शिंदे) के मंत्री थे. उन्होंने दावा किया कि कैबिनेट मंत्रियों के 16 निजी सचिवों (पीएस) या विशेष कर्तव्य अधिकारियों (ओएसडी) की नियुक्ति को फडणवीस ने मंजूरी नहीं दी, उनमें से 13 शिवसेना के मंत्री थे. 'सख्त फैसले ले रहे हैं फडणवीस' पत्रकारों से बातचीत में राउत ने 'फिक्सरों' की नियुक्ति को रोकने के लिए गृह विभाग रखने वाले फडणवीस की सराहना की. राउत ने कहा, मेरे पास 16 पीएस के नाम हैं, जिनमें से 13 शिंदे के हैं और बाकी अजित पवार खेमे के हैं. वो (फडणवीस) सख्त फैसले ले रहे हैं. हमारे बीच राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन हम राज्य के हित में लिए गए फैसलों का समर्थन करते हैं. 'फडणवीस ने लूट रोक दी' उन्होंने कहा कि फडणवीस ने महाराष्ट्र के खजाने की लूट रोक दी है. राउत का कहना था कि जब एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री थे (जून 2022-नवंबर 2024) और जिन परियोजनाओं की लागत बढ़ा दी गई थी, उन स्वीकृत प्रोजेक्ट पर काम सस्पेंड करके फडणवीस ने राज्य की लूट को रोक दिया है. 'फिक्सर' के नामों को मंजूरी नहीं फडणवीस ने सोमवार को कहा, हमने पीएस या ओएसडी के रूप में नियुक्ति के लिए कैबिनेट मंत्रियों द्वारा भेजे गए 125 नामों में से 109 को मंजूरी दे दी, लेकिन अन्य को मंजूरी नहीं दी क्योंकि वे या तो पूछताछ का सामना कर रहे हैं या फिक्सर के रूप में जाने जाते हैं. फडणवीस ने कहा, शेष (16) के नामों को मंजूरी नहीं देने के पीछे या तो उन अधिकारियों के खिलाफ कोई जांच चल रही है या उन्हें प्रशासनिक हलकों में फिक्सर के रूप में जाना जाता है.   recent visitors 95

महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने की भगवान शिव की पूजा-अर्चना

जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को महाशिवरात्रि के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास स्थित मां राजराजेश्वरी मंदिर में सपरिवार पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली एवं प्रगति की कामना की। श्री शर्मा ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया तथा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा कर आरती उतारी। इस दौरान मुख्यमंत्री निवास पर नियोजित अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे। recent visitors 78

इब्राहिम जादरान के 177 रनो की वजह से इंग्लैंड को दिया 326 रनों का विशाल लक्ष्य

लाहौर आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 के आठवें मुकाबले में अफगानिस्तान का सामना इंग्लैंड से हो रहा है। अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर बैटिंग चुनी है। जोस बटलर के नेतृत्व वाली इंग्लैंड की टीम को अपने मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का सामना करना पड़ा, जबकि अफगानिस्तान की टीम ने अफ्रीका के सामने घुटने टेक दिए थे। अफगानिस्तान की शुरुआत खराब रही है। सलामी बल्लेबाज रहमानुल्लाह गुरबाज 6 रन बनाकर आउट हुए। अटल 4 गेंद में 4 रन ही बना सके। रहमत शाह 4 रन ही बना सके। जोफ्रा आर्चर ने शुरुआती तीन विकेट चटकाए। हशमतुल्लाह शाहिदी ने 40 रनों का योगदान दिया। अजमतुल्लाह उमरजई ने 31 गेंद में 41 रन की पारी खेली। इब्राहिम जादरान ने 146 गेंद में 177 रनों की दमदार पारी खेली। जादरान आखिरी ओवर में आउट हुए। मोहम्मद नबी ने 24 गेंद में 40 रन बनाए। अफगानिस्तान ने 50 ओवर में सात विकेट खोकर 325 रन बनाए हैं। इब्राहिम जादरान 146 गेंद में 177 रन की पारी खेली। इब्राहिम जादरान 146 गेंद में 177 रन बनाकर पवेलियन लौट गए हैं। चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास का ये सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है। अफगानिस्तान का ये छठा विकेट गिरा है। अफगानिस्तान ने 48वें ओवर में 300 रन पूरे कर लिए हैं। नबी और जादरान के बीच 80 से ज्यादा रन की साझेदारी हो चुकी है। recent visitors 39

सरगुजा में बोलेरो-कंटेनर सड़क दुर्घटना में 4 लोगों मौत, सीएम साय ने जताया दुःख

रायपुर छत्तीसगढ़ के सरगुजा में आज तेज रफ्तार ट्रक और बोलेरो के बीच जोरदार भिड़ंत में चार लोगों की मौत हो गई. जबकि 7 लोग घायल हुए हैं. बोलेरो सवार महाशिवरात्रि के मौके पर शिव मंदिर के दर्शन कर लौट रहे थे. घटना को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा दुःख जताया है. उन्होंने घायलों के बेहतर इलाज के लिए प्रशासन को निर्देश दिए हैं. सीएम साय ने एक्स पर ट्वीट कर लिखा कि सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र में बोलेरो-कंटेनर के बीच हुई सड़क दुर्घटना में 4 लोगों की मृत्यु की खबर अत्यंत दुःखद है. हादसे में 7 लोगों के आंशिक रूप से घायल होने की भी खबर है. सरगुजा जिला प्रशासन द्वारा घायलों को त्वरित इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया है. प्रशासन को बेहतर चिकित्सकीय व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं. ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिजनों को संबल प्रदान करने व घायलों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं. बता दें कि यह घटना ग्राम विशुनपुर प्लांट के पास मुख्य मार्ग NH43 पर हुई. महाशिवरात्रि के पर्व पर श्रद्धालु किलकिला शिव मंदिर के दर्शन करने के लिए गए थे. यहां से सभी रेवापुर-सखौली लौट रहे थे. इसी दौरान ट्रक और श्रद्धालुओं से भरी बोलेरो क्रमांक के बीच भिड़ंत हो गई. हादसा इतना जोरदार था कि कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई. कार में 11 से ज्यादा लोग सवार थे. हादसे में मासूम समेत चार लोगों की मौत हो गई. जबकि 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. साथ ही अन्य लोगों को मामूली चोटें आई है. recent visitors 51