महाकुंभ पहुंची जूही चावला ने संगम में लगाई ‘आस्था’ की डुबकी

मुंबई, महाशिवरात्रि के अवसर पर अभिनेत्री जूही चावला पति जय मेहता के साथ प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ पहुंचीं, जहां उन्होंने संगम में डुबकी लगाई। जूही ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर “आस्था की यात्रा” की झलक दिखाई। जूही ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर एक वीडियो मोंटाज अपलोड किया, जिसमें उनकी आस्था की यात्रा की सभी तस्वीरें शामिल थीं। इसमें जूही और घाट पर जाते हुए, संगम में डुबकी लगाते और प्रार्थना करते दिखाई दीं। वीडियो के साथ अभिनेत्री ने कैप्शन में लिखा, “आस्था, भक्ति और आशीर्वाद की यात्रा।” जूही से पहले महाकुंभ में मंगलवार को अभिनेता और राजनेता रवि किशन भी पहुंचे, जहां उन्होंने संगम में सपरिवार डुबकी लगाई। किशन ने सोशल मीडिया पर प्रशंसकों के साथ इसकी कुछ तस्वीरें शेयर की थीं। अभिनेता ने सोशल मीडिया पर पवित्र डुबकी लगाने का एक वीडियो शेयर करते हुए प्रशंसकों को जानकारी दी। इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए क्लिप में वह अपने परिवार के साथ नदी में डुबकी लगाते नजर आए। प्रयागराज में आयोजित भव्य धार्मिक आयोजन महाकुंभ में आम लोगों के साथ ही फिल्म जगत के सितारे भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। अभिनेत्री प्रीति जिंटा भी संगमनगरी पहुंचीं, जिसे उन्होंने ‘सत्यम् शिवम् सुंदरम्’ बताया। प्रीति जिंटा से पहले अक्षय कुमार भी महाकुंभ पहुंचे, जहां उन्होंने डुबकी लगाने के साथ ही शानदार व्यवस्था के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ का आभार भी जताया। अभिनेत्री कैटरीना कैफ ने भी स्वामी चिदानंद सरस्वती के आश्रम में पहुंचकर सनातन संस्कृति के पावन पर्व की सुखद अनुभूति प्राप्त की। अभिनेत्री महाकुंभ में अपनी सास वीना कौशल के साथ पहुंची थीं। अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे भी अपने परिवार के साथ महाकुंभ 2025 में शामिल हो चुकी हैं। उन्होंने त्रिवेणी संगम में स्नान कर आस्था और अध्यात्म का अनुभव किया। रवीना टंडन अपनी बेटी राशा थडानी के साथ संगम में स्नान के लिए पहुंची थीं। महाकुंभ पहुंचने वाले सितारों की सूची में ईशा कोप्पिकर, एकता कपूर और शिवांगी जोशी, भोजपुरी अभिनेता दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’ और अभिनेत्री आम्रपाली समेत अन्य कलाकारों के नाम भी शामिल हैं। महाकुंभ पहुंचने वाले सितारों की सूची काफी लंबी है। इसमें अभिनेता राजकुमार राव और उनकी पत्नी पत्रलेखा, अभिनेत्री ईशा गुप्ता, पूनम पांडे, किटू गिडवानी, फिल्म निर्माता कबीर खान, कॉमेडियन-अभिनेता सुनील ग्रोवर, गायक-अभिनेता गुरु रंधावा, अविनाश तिवारी, अनुपम खेर, भाग्यश्री, रेमो डिसूजा, सिद्धार्थ निगम, प्रियंका चोपड़ा की मां मधु चोपड़ा, तनीषा मुखर्जी, ममता कुलकर्णी समेत कई हस्तियों के नाम शामिल हैं।   recent visitors 102

मेसी के गोल से इंटर मियामी ने कॉनकाकाफ चैंपियंस कप के अंतिम-16 में जगह बनाई

फोर्ट लॉडरडेल (अमेरिका) इंटर मियामी सीएफ ने बुधवार (भारतीय समयानुसार) को 2025 कॉनकाकाफ चैंपियंस कप राउंड वन मैचअप के दूसरे चरण में स्पोर्टिंग कैनसस सिटी पर 3-1 से जीत हासिल की और कुल मिलाकर 4-1 से सीरीज जीतकर प्रतियोगिता के राउंड ऑफ 16 में प्रवेश किया। कप्तान लियोनल मेसी की शानदार वॉली, हमलावर तादेओ एलेंडे का पहला आधिकारिक इंटर मियामी गोल और स्टार फॉरवर्ड लुइस सुआरेज के स्ट्राइक ने टीम को चेस स्टेडियम में मूल्यवान जीत दिलाई। क्लब अब राउंड ऑफ 16 में 2024 कॉनकाकाफ कैरेबियन कप चैंपियन कैवेलियर एफसी से भिड़ेगा, जिसका पहला चरण 6 मार्च को चेस स्टेडियम में होगा। दूसरा चरण 13 मार्च को जमैका के किंग्स्टन में स्टेडियम ईस्ट फील्ड में खेला जाएगा। मियामी ने मैच की शुरुआत की और 19वें मिनट में मेसी के गोल के साथ ओपनर को जल्दी ही पा लिया। इंटर मियामी की रिपोर्ट के अनुसार, काउंटर पर एक त्वरित खेल का समापन सुआरेज द्वारा बाएं विंग पर गेंद प्राप्त करने के साथ हुआ, जिन्होंने फिर बॉक्स के किनारे मेसी के लिए एक सटीक क्रॉस दिया। अर्जेंटीना के दिग्गज ने गेंद को अपनी छाती से नीचे लाया और फिर एक शक्तिशाली बाएं पैर से वॉली को निकट पोस्ट पर फेंका। यह गोल मेसी का इस चैंपियंस कप अभियान का दूसरा गोल था, जबकि सुआरेज के लिए यह सहायता पहला गोल था। जैसे-जैसे मैच हाफ के करीब पहुंचा, इंटर मियामी ने अतिरिक्त समय के पहले मिनट में हमलावर एलेंडे के माध्यम से अपनी बढ़त बढ़ा दी। बाएं किनारे पर एक और त्वरित खेल में अल्बा ने बॉक्स में प्रवेश करने से पहले गेंद प्राप्त की और एलेंडे को नज़दीकी रेंज से गोल करने के लिए ग्राउंडेड बॉल दी। यह गोल क्लब के लिए साइन करने के बाद से एलेंडे का पहला आधिकारिक गोल था, जबकि इस 2025 सीजन में अल्बा का पहला असिस्ट था। इसके तुरंत बाद, अतिरिक्त समय के तीसरे मिनट में, सुआरेज ने टीम की बढ़त को और आगे बढ़ाने के लिए गोल किया। उरुग्वे के स्ट्राइकर ने बॉक्स के अंदर एक ढीली गेंद का फायदा उठाया, अपने डिफेंडर को बॉडी करते हुए गेंद को नेट के पीछे दाएं पैर से फिनिश करते हुए 2025 सीज़न का अपना पहला गोल दर्ज किया। इसके बाद 3-1 का स्कोरलाइन इंटर मियामी के लिए अंतिम सीटी तक अपरिवर्तित रहा, जिसने 2025 कॉनकाकफ चैंपियंस कप को कुल मिलाकर 4-1 से जीता और राउंड ऑफ 16 में आगे बढ़ा।   recent visitors 52

आपराधिक मामलों में दोषी नेताओं पर ताउम्र चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध सही नहीं, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा

नई दिल्ली केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि आपराधिक मामलों में दोषी ठहराए गए नेताओं पर ताउम्र चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाना सही नहीं होगा। केंद्र ने कहा कि मौजूदा छह साल का प्रतिबंध ही काफी है। आपराधिक मामलों में दोषी करार दिए गए नेताओं पर आजीवन प्रतिबंध लगाने की मांग करने वाली एक जनहित याचिका का विरोध करते हुए केंद्र सरकार ने शीर्ष न्यायालय से ऐसा कहा है। इस याचिका में दोषी ठहराए गए सांसदों और विधायकों समेत अन्य नेताओं पर चुनाव लड़ने पर आजीवन प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी। शीर्ष अदालत में दाखिल हलफनामे में केंद्र ने कहा कि याचिका में जो अनुरोध किया गया है वह विधान को फिर से लिखने या संसद को एक विशेष तरीके से कानून बनाने का निर्देश देने के समान है, जो न्यायिक समीक्षा संबंधी उच्चतम न्यायालय की शक्तियों से पूरी तरह से परे है। इसके साथ ही केंद्र ने कहा कि इस तरह की अयोग्यता तय करना केवल संसद के अधिकार क्षेत्र में आता है। हलफनामे में कहा गया है, ‘‘यह सवाल कि आजीवन प्रतिबंध लगाना उपयुक्त होगा या नहीं, यह पूरी तरह से संसद के अधिकार क्षेत्र में आता है।’’ इसमें कहा गया है कि दंड के क्रियान्वयन को एक उपयुक्त समय तक सीमित कर, रोकथाम सुनिश्चित की गई है और अनावश्यक कठोर कार्रवाई से बचा गया है। केंद्र ने कहा कि यह कानून का स्थापित सिद्धांत है कि दंड या तो समय या मात्रा के अनुसार निर्धारित होते हैं। हलफनामे में कहा गया है, ‘‘यह दलील दी गई है कि याचिकाकर्ता द्वारा उठाए गए मुद्दों के व्यापक प्रभाव हैं और वे स्पष्ट रूप से संसद की विधायी नीति के अंतर्गत आते हैं तथा इस संबंध में न्यायिक समीक्षा की रूपरेखा में उपयुक्त परिवर्तन करना पड़ेगा।’’ अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर दोषी करार दिये गए नेताओं पर आजीवन प्रतिबंध लगाने के अलावा देश में सांसदों और विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामलों के त्वरित निस्तारण का अनुरोध किया है। अपने हलफनामे में, केंद्र ने कहा कि शीर्ष अदालत ने निरंतर यह कहा है कि एक विकल्प या दूसरे पर विधायी विकल्प की प्रभावकारिता को लेकर अदालतों में सवाल नहीं उठाया जा सकता। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 (1) के तहत, अयोग्यता की अवधि दोषसिद्धि की तारीख से छह साल या कारावास के मामले में रिहाई की तारीख से छह साल तक है। हलफनामे में कहा गया है कि उक्त धाराओं के तहत घोषित की जाने वाली अयोग्यताएं संसदीय नीति का विषय हैं और आजीवन प्रतिबंध लगाना उपयुक्त नहीं होगा। केंद्र ने कहा कि न्यायिक समीक्षा के मामले में, न्यायालय प्रावधानों को असंवैधानिक घोषित कर सकता है, हालांकि, याचिकाकर्ता द्वारा मांगी गई राहत में अधिनियम की धारा 8 की सभी उप-धाराओं में ‘‘छह वर्ष’’ के प्रावधान को ‘‘आजीवन’’ पढ़े जाने का अनुरोध किया गया है। इसने कहा कि आजीवन अयोग्यता, प्रावधानों के तहत लगाई जा सकती है और ऐसा विवेकाधिकार ‘‘निश्चित रूप से संसद के अधिकार क्षेत्र में’’ है। केंद्र ने कहा कि याचिका अयोग्यता के आधार और अयोग्यता के प्रभावों के बीच महत्वपूर्ण अंतर स्पष्ट करने में विफल रही है। हलफनामे में कहा गया है कि याचिकाकर्ता का संविधान के अनुच्छेद 102 और 191 का उल्लेख करना पूरी तरह से गलत है। संविधान के अनुच्छेद 102 और 191 संसद, विधानसभा या विधानपरिषद की सदस्यता के लिए अयोग्यता से संबंधित हैं। केंद्र ने कहा कि अनुच्छेद 102 और 191 के खंड (ई) संसद को अयोग्यता से संबंधित कानून बनाने की शक्ति प्रदान करते हैं और इसी शक्ति का प्रयोग करते हुए 1951 का (जन प्रतिनिधित्व) अधिनियम बनाया गया था। इसने कहा कि संविधान ने संसद को अयोग्यता से संबंधित ऐसे अन्य कानून बनाने का अधिकार दिया है, जिसे बनाना वह उचित समझता हो। केंद्र ने कहा, ‘‘संसद के पास अयोग्यता के आधार और अयोग्यता की अवधि, दोनों निर्धारित करने की शक्ति है।’’न्यायालय ने 10 फरवरी को, जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 8 और 9 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र और निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा था। recent visitors 69

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विभिन्न विकास कार्य को दी मंजूरी

जयपुर, प्रदेश की कृषि मंडियों में आधारभूत सुविधाएं सुदृ़ढ़ करने की दिशा में राज्य सरकार निरन्तर महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हनुमानगढ़ टाउन कृषि उपज मंडी समिति के मंडी यार्ड में विद्युत, मरम्मत एवं नवीन निर्माण कार्यों के लिए 8 करोड़ 47 लाख रूपये से अधिक की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी की है। मुख्यमंत्री  शर्मा के इस निर्णय से हनुमानगढ़ टाउन कृषि उपज मंडी समिति के मंडी यार्ड में कृषि जिन्स को बारिश के पानी से बचाने के लिए कवरिंग शेड का निर्माण, फ्लड लाइट्स, सी.सी.टी.वी कैमरे लगाने आदि के कार्य किये जाएंगे। साथ ही, किसान विश्राम गृह एवं मजदूर विश्राम गृह के निर्माण कार्य भी करवाए जाएंगे। इन कार्यों से मंडी प्रागंण में आधारभूत संरचनाएं सुदृढ़ होने के साथ ही, किसानों एवं मजदूरों के लिए सुविधाओं में भी बढ़ोत्तरी होगी। recent visitors 97

महाशिवरात्रि : अमिताभ बच्चन से कैलाश खेर तक, सितारों ने शिव भक्तों को दी शुभकामनाएं

मुंबई,  भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित दिन महाशिवरात्रि के अवसर पर आम लोगों के साथ ही फिल्म जगत के तमाम सितारे भी भक्ति में लीन हैं। अभिनेता अमिताभ बच्चन, गायक कैलाश खेर समेत अन्य सेलेब्स ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर प्रशंसकों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दी। महाशिवरात्रि के अवसर पर अमिताभ बच्चन ने सभी को शुभकामनाएं दीं। बिग बी ने अपने ब्लॉग पर लिखा, “ओम नमः शिवाय, ओम नमः शिवाय, ओम नमः शिवाय, आप सभी को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं।” गायक कैलाश खेर ने महाशिवरात्रि के अवसर पर अपनी एक तस्वीर इंस्टाग्राम पर शेयर की। ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर में वह रुद्राक्ष की माला पहने और साथ में डमरू लिए ध्यान लगाए दिखे। तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा, “जो नाथों के नाथ कहाए, याचक भूति बेल चढ़ाते। जातक झूम-झूम के गाते ओमकारा, ओमकारा।” अभिनेत्री मौनी रॉय ने इंस्टाग्राम के स्टोरीज सेक्शन पर अपनी एक तस्वीर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, “हर हर महादेव, शुभ महाशिवरात्रि।” अभिनेता अनुपम खेर ने भी प्रशंसकों को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देने के लिए इंस्टाग्राम का सहारा लिया। उन्होंने उज्जैन स्थित बाबा महाकाल के एक वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं! हर हर महादेव।“ अभिनेत्री अदा शर्मा ने महाशिवरात्रि के अवसर पर शिव तांडव स्तोत्र सुनाया और प्रशंसकों को खास अंदाज में शुभकामनाएं दीं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर करते हुए अदा शर्मा ने कैप्शन में लिखा, “आप सभी को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं।” शेयर किए गए वीडियो में वह ‘शिव तांडव स्त्रोत’ प्रस्तुत करती नजर आईं। अदा ने स्त्रोत को अपनी आवाज दी है। अभिनेत्री सोहा अली खान ने एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह कश्मीर के पारंपरिक त्योहार ‘हेरथ’ के साथ महाशिवरात्रि का पूजन करती नजर आईं। वीडियो में सोहा के पति कुणाल खेमू और बेटी इनाया हवन-पूजन करते नजर आए। वीडियो के साथ सोहा अली खान ने लिखा, “हेरथ मुबारक! महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं। आप सभी को प्यार, शांति और प्रार्थना।”   recent visitors 72

दिल्ली के सेलेक्ट सिटी मॉल के सिनेमा हॉल में लगी आग, फिल्म ‘छावा’ देख रहे दर्शकों में मची अफरा-तफरी

नई दिल्ली दिल्ली के साकेत स्थित मशहूर सेलेक्ट सिटी मॉल में एक सिनेमाघर में आग लग गई. बुधवार (26 फरवरी) को हुई इस घटना की जानकारी मिलने के बाद छह फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. आग पर काबू पा लिया गया. दिल्ली फायर सर्विस ने इसकी जानकारी दी. राजधानी दिल्ली के सेलेक्ट सिटी मॉल में उस वक्त हड़कंप मच गया जब बुधवार शाम 5:44 बजे इस मॉल के एक सिनेमाघर में आग लग गई. इस घटना को लेकर मॉल प्रशासन की ओर से इसकी सूचना दिल्ली पुलिस और दमकल विभाग को दी गई. इसके बाद 6 फायर टेंडर्स को मौके पर भेजा गया. फायर ब्रिगेड की टीम ने तत्परता से काम करते हुए आग पर काबू पाया. आग की घटना में कोई हताहत नहीं जानकारी के अनुसार आग सेलेक्ट सिटी मॉल में स्थित पीवीआर ऑडी-3 सिनेमाघर के स्क्रीन में लगी थी. राहत की बात यह है कि इस घटना में कोई भी जनहानि नहीं हुई है और सभी लोग सुरक्षित हैं. आग की वजह का अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन घटना के समय मॉल में ज्यादा भीड़ नहीं थी, जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया. विकी कौशल की फिल्म 'छावा' की चल रही थी स्क्रीनिंग बताया जा रहा है कि जिस व्यक्ति यह हादसा हुआ उसे वक्त पीवीआर स्क्रीन नंबर 3 पर अभिनेता विकी कौशल की बहुचर्चित फिल्म 'छावा' की स्क्रीनिंग चल रही थी. इस दौरान अचानक से पर्दे पर आग लग गई. सिनेमा हॉल में मूवी देख रहे लोगों में भगदड़ मच गई. हालांकि सिनेमा हॉल में कई सारे एग्जिट गेट होने के चलते सभी लोग बड़ी आसानी से सिनेमाघर से बाहर निकल गए. सलेक्ट सिटी मॉल में सामान्य स्थिति बहाल आग बुझाने के बाद फायर ब्रिगेड द्वारा स्थिति का निरीक्षण किया गया और मॉल में सुरक्षा उपायों को लेकर अधिकारियों को सूचित किया गया. फिलहाल मॉल में सामान्य स्थिति बहाल है. दिल्ली फायर सर्विस के डायरेक्टर अतुल गर्ग ने जानकारी देते हुए बताया, ''इस पूरे घटनाक्रम में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है. आग बहुत ही छोटी थी जिस पर दमकल कर्मियों ने कुछ ही देर में काबू पा लिया''. बता दें कि दिल्ली के उपहार सिनेमा हॉल में 1997 में लगी आग में करीब 60 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई थी. recent visitors 64

दक्षिण कोरिया में बहुत तेज घट रही थी जनसंख्या, सरकार की मेहनत रंग लाई, बढ़ने लगी जन्म दर

सियोल पिछले लंबे समय से दुनिया के कई देश जनसंख्या में लगातार गिरावट से जूझ रहे हैं। इनमें एक देश ऐसा है जहां जन्म दर दुनिया में सबसे कम थी। लेकिन अब सरकार और कई अन्य कंपनियों की पहल काम आ रही है और करीब 9 साल बाद पहली बार जन्म दर में वृद्धि देखने को मिली है। हम बात कर रहे हैं दक्षिण कोरिया की। यहां सरकार के लगातार प्रयासों और नीतियों का असर दिखने लगा है। पिछले एक दशक की बात करें, तो इस देश में जन्मदर में भारी गिरावट देखी गई थी क्योंकि महिलाएं करियर को प्राथमिकता दे रही थीं और महंगे घरों व बच्चों की परवरिश की बढ़ती लागत के कारण विवाह और मातृत्व से बच रही थीं। दक्षिण कोरिया में प्रजनन दर (फर्टिलिटी रेट) साल 2023 में 0.72 तक पहुंच गई थी, जो दुनिया में सबसे कम थी। किसी देश की जनसंख्या को स्थिर रखने के लिए प्रजनन दर का 2.1 होना जरूरी माना जाता है, लेकिन दक्षिण कोरिया इससे बहुत पीछे था। बढ़ती महंगाई, लंबे काम के घंटे, नौकरी की असुरक्षा और बच्चों के पालन-पोषण की ऊंची लागत के चलते युवा शादी और बच्चे पैदा करने से कतरा रहे थे। नतीजतन, देश की आबादी तेजी से घट रही थी और यह अनुमान लगाया जा रहा था कि यदि यही स्थिति रही तो साल 2100 तक दक्षिण कोरिया की 5.1 करोड़ की आबादी आधी से भी कम हो जाएगी। जन्मदर में मामूली सुधार 2024 में, दक्षिण कोरिया की कुल प्रजनन दर बढ़कर 0.75 हो गई, जो 2023 में 0.72 थी। 2015 में यह दर 1.24 थी, जिसके बाद लगातार आठ वर्षों तक गिरावट जारी थी। वहीं, 1,000 लोगों पर जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या (क्रूड बर्थरेट) 4.7 रही, जो 2014 से चली आ रही गिरावट को तोड़ने में सफल रही। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, यह वृद्धि महामारी के कारण विलंबित शादियों की संख्या में वृद्धि और सरकार की कार्य-परिवार संतुलन, बाल देखभाल और आवास संबंधी नीतियों के कारण संभव हो सकी है। सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए कई कदम उठाए। पिछले कुछ सालों में करीब 286 अरब डॉलर की भारी-भरकम राशि जन्म दर को बढ़ाने के लिए खर्च की गई। इसमें सब्सिडी वाले आवास, परिवहन, स्वास्थ्य सेवाएं, मुफ्त आईवीएफ (टेस्ट ट्यूब बेबी) सुविधाएं और माता-पिता को आर्थिक सहायता जैसे कदम शामिल थे। इसके अलावा, बच्चों की देखभाल के लिए विदेशी कर्मचारियों की भर्ती, कर में छूट और 30 साल की उम्र तक तीन या अधिक बच्चों वाले पुरुषों को सैन्य सेवा से छूट जैसे प्रोत्साहन भी दिए गए। सामाजिक सोच में बदलाव अल-जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, सांख्यिकी कोरिया की अधिकारी पार्क ह्यून-जंग ने एक प्रेस वार्ता में कहा, "समाज में विवाह और मातृत्व को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण बढ़ा है।" उन्होंने बताया कि प्रजनन दर बढ़ाने में 30 वर्ष की उम्र वाले लोगों की संख्या में वृद्धि और महामारी के कारण विलंबित शादियों ने योगदान दिया। नई जनसांख्यिकीय नीति बीते वर्ष, राष्ट्रपति यून सुक-योल ने देश के "जनसांख्यिकीय संकट" से निपटने के लिए एक नए मंत्रालय के गठन का प्रस्ताव रखा था। इस नीति का उद्देश्य पहले की केवल नकद सहायता आधारित योजनाओं के बजाय व्यापक समाधान देना था। नई नीति के तहत, माता-पिता दोनों के लिए कुल छह महीने तक 100 प्रतिशत वेतन भुगतान की सुविधा दी गई है, जबकि पहले यह केवल तीन महीने के लिए था। इसके अलावा, माता-पिता दोनों द्वारा छुट्टी लेने की स्थिति में कुल छुट्टी की अवधि एक वर्ष से बढ़ाकर डेढ़ वर्ष कर दी गई है। कंपनियों पर नए नियम इस वर्ष से, सरकार ने सूचीबद्ध कंपनियों के लिए अनिवार्य कर दिया है कि वे अपने बाल देखभाल से जुड़े आंकड़ों को नियामक रिपोर्ट में शामिल करें। सरकार की विभिन्न परियोजनाओं और वित्तीय सहायता पाने के लिए कंपनियों को यह आंकड़े प्रस्तुत करने होंगे। इसके अलावा, छोटे और मध्यम उद्यमों को प्रोत्साहन दिया जाएगा। सरकार का वित्तीय निवेश दक्षिण कोरियाई सरकार इस वर्ष कार्य-परिवार संतुलन, बाल देखभाल और आवास के तीन प्रमुख क्षेत्रों में कुल 19.7 ट्रिलियन वॉन (13.76 अरब डॉलर) खर्च करने जा रही है। यह 2024 के मुकाबले 22 प्रतिशत अधिक है। सरकार को उम्मीद है कि इन नई नीतियों से जन्मदर को और स्थिरता मिलेगी और दक्षिण कोरिया की गंभीर जनसांख्यिकीय चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी। इन प्रयासों का नतीजा अब सामने आया है। ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में जन्म दर में मामूली लेकिन महत्वपूर्ण बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यह रुझान जारी रहा तो प्रजनन दर 0.74 के आगे पहुंच सकती है। हालांकि यह अभी भी अन्य देशों की तुलना में कम है, लेकिन यह एक सकारात्मक संकेत है। सितंबर 2024 में 14 सालों में पहली बार नवजात शिशुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, जिसने सरकार और नागरिकों में उम्मीद जगाई है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल शुरुआत है। दक्षिण कोरिया को अभी लंबा रास्ता तय करना है ताकि जनसंख्या संकट से पूरी तरह उबरा जा सके। बढ़ती उम्र की आबादी और युवाओं की घटती संख्या अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। फिर भी, जन्म दर में यह बढ़ोतरी सरकार की मेहनत का रंग लाने का सबूत है और भविष्य के लिए एक नई उम्मीद की किरण लेकर आई है। recent visitors 77