Friday, July 10, 2026 5:32 pm

स्पेस मिशन पर जाएंगी गयिका कैटी पेरी, अंतरिक्ष यान में होंगी सिर्फ महिलाएं

लंदन वैसे तो आए दिन कोई न कोई अंतरिक्ष मिशन नया रिकॉर्ड बनाते रहता है. लेकिन स्पेस मिशन का एक नया रिकॉर्ड बनने जा रहा है. इस मिशन में हॉलीवुड सिंगर कैटी पेरी सहित अमेरिका की दिग्गज महिलाएं शामिल हैं. मिशन को लीड भी मशहूर अमेरिकी अरबपति जेफ बेजोस की मंगेतर खुद कर रही हैं. सिंगर कैटी पेरी जिस स्पेस मिशन पर जाने वाली हैं, वह जेफ बोजेस की कंपनी ब्लू ओरिजिन का मिशन है, जिसका नाम एनएस-31 मिशन है. इस मिशन की सबसे खास बात यह होने वाली है कि मिशन के लिए जाने वाले न्यू शेपर्ड अंतरिक्ष यान में सभी महिलाओं का चालक दल शामिल होगा. महिला यात्रियों की होगी टीम यह स्पेस यात्रा एक मील का पत्थर साबित होने वाली है, क्योंकि इस मिशन का नेतृत्व 1963 के वैलेंटिना तेरेश्कोवा के एकल मिशन के बाद पहली बार महिला अंतरिक्ष यात्रियों की टीम करेगी. लोगों की बढ़ जाएगी उम्मीद बता दें कि कैटी पेरी कैपिटल रिकॉर्ड्स की सबसे ज्यादा बिकने वाली महिला कलाकार हैं. उन्होंने इस मिशन को लेकर खुशी व्यक्त की है. उन्होंने कहा,'मुझे उम्मीद है कि मेरी यात्रा मेरी बेटी और दूसरे लोगों को भी स्टार्स तक पहुंचने के लिए प्रेरित करेगी.' बेजोस की मंगेतर का प्लान! मिशन का नेतृत्व जेफ बेजोस की मंगेतर और पूर्व समाचार संवाददाता लॉरेन सांचेज करेंगी. सांचेज ने ही इस प्रतिष्ठित टीम को एकत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. पेरी और सांचेज के साथ सीबीएस एंकर गेल किंग, नागरिक अधिकार कार्यकर्ता अमांडा गुयेन, फिल्म निर्माता केरियन फ्लिन और नासा की पूर्व रॉकेट वैज्ञानिक आइशा बोवे जैसी प्रमुख हस्तियां शामिल हैं.   recent visitors 29

होली से आठ दिन पहले शुरू होता है होलाष्टक, भूल से भी न खरीदें ये चीजें

हिंदू धर्म में होलाष्टक की अवधि अशुभ मानी जाती है. ये आठ दिनों की अवधि होती है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार, होलाष्टक की शुरुआत फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से होती है. पंचांग के अनुसार, होलाष्टक की अवधि की शुरुआत होली से आठ दिन पहले हो जाती है. इसका समापन होलिका दहन के साथ हो जाता है. होलाष्टक की अवधि में गृह प्रवेश, विवाह या मुंडन संस्कार जैसे शुभ कार्यों को करने की मनाही होती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, होलाष्टक की अवधि में किए गए शुभ कामों का फल प्राप्त नहीं होता है. इसके विपरीत होलाष्टक की अवधि में अगर वर्जित काम किए जाते हैं, तो जीवन में कई तरह की समस्याएं आ सकती हैं. होलाष्टक की अवधि में शुभ काम न करने के साथ-साथ इस दौरान नई चीजों की खरीदारी भी वर्जित मानी गई हैं. मान्यता है कि इस दौरान कोई नहीं चीज खरीदना शुभ नहीं होता. ऐसा करने से जीवन में मुश्किलें बढ़ सकती हैं. इस साल कब से होलाष्टक? वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 7 मार्च से हो शुरू हो रही है. ऐसे में होलाष्टक की भी शुरुआत 7 मार्च से हो जाएगी. इसका समापन 13 मार्च को हो जाएगा. क्योंकि 13 मार्च को होलिका दहन की जाएगी. इसके बाद 14 मार्च को होली का मनाई जाएगी. होलाष्टक में न खरीदें ये चीजें     हिंदू मान्यताओं के अनुसार होलाष्टक दिनों में बाजार से कोई नई चीज खरीदकर घर न लाएं.     होलाष्टक के दौरान नए कपड़े, नई गाड़ी, घरेलू उपयोग में आने वाली चीजें, सोना और चांदी भी नहीं खरीदें. इस दौरान नया मकान न लें और बनवाएं भी नहीं.     होलाष्टक के दिनों में यज्ञ, हवन या अन्य धार्मिक अनुष्ठान नहीं करवाएं. हालांकि इस दौरान नियमित पूजा की जा सकती है.     हिंदू मान्यता है कि इस समय में नकारात्मक ऊर्जा का वेग बहुत ज्यादा होता है. इसलिए इस दौरान नया निवेश और लेन देन न करें. इससे जीवन में आर्थिक संकट आ सकता है. करें ये काम     होलाष्टक के दौरान दान करें. इससे घर में सुख-समृद्धि आती है.     हनुमान चालीसा और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें. ऐसा करना विशेष फलदायी माना जाता है.     इस दौरान लड्डू गोपाल का पूजन करें. उनके गोपाल सहस्त्रनाम का पाठ करें. इससे जीवन में सकारात्मकता रहती है.   recent visitors 45

दोस्तों, रिश्तेदारों के सामने खुद को स्मार्ट दिखाना है तो अपनाए ये ट्रिक

दोस्तों या रिश्तेदारों की भीड़ में खुद के लिए रिस्पेक्ट तो हर किसी की चाह होती है। लेकिन काफी सारे लोग ऐसे होते हैं जो दूसरों के साथ बहस में नहीं जीत पाते हैं या फिर खुद की बेइज्जती को भी नहीं रोक पाते। क्योंकि हर किसी के आसपास कुछ ऐसे लोग होते हैं जो दूसरों को नीचा दिखाने या बेइज्जती करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। ऐसे लोगों के सामने खुद को स्मार्ट दिखाना है और बेइज्जती करने वाले का मुंह बंद करना है तो ये 3 माइंड ट्रिक जरूर जान लें। ह्यूमन साइकोलॉजी में बिहेवियर को लेकर काफी सारे बातें बताई गई हैं। जिसमे से ये तीन बातें ज्यादातर स्मार्ट लोगों को पता होती है। बहस में पड़ जाएं तो कैसे जीतें जब भी कोई आपसे बहस करने लगे या झगड़ा कर रहा हो तो ऐसे मौके पर आवाज को ऊंची या तेज करने की बजाय धीमी ही रखें। जिस आवाज में आप बात करते हैं उसी आवाज में उससे बहस करें फिर वो चाहे जितनी भी तेजी से चिल्लाए। आपका ये व्यवहार सामने वाले को और भी ज्यादा गुस्सा दिलाएगा क्योंकि वो आपके अंदर चीखने-चिल्लाने वाला लक्षण नहीं देख पाता। इससे खुद ही पीछे हट जाएगा। यानी कि आप बहस जीत जाएंगे। अगर आपको पता है कि सामने वाला इंसान झूठ बोल रहा कई बार ऐसा होता है कि हमारे सामने ही कोई झूठ बोलता है लेकिन हम उससे ये नहीं कह पाते कि भाई तुम झूठ बोल रहे हो। ऐसे में माइंड ट्रिक कहती है कि बस झूठ बोलने वाले की आंखों में देखो। अगर तुम जान गए हो कि सामने वाला आपसे झूठ बोल रहा है तो उसकी आंखों में देखने से वो समझ जाता है कि उसका झूठ पकड़ा गया। अगर कोई बेइज्जती करे काफी बार देखा गया है कि भरी महफिल में लोग एक दूसरे को ताने या बातों के जरिए बेइज्जत करते हैं। ऐसे वक्त में आप उससे लड़ भी नहीं पाते। जब भी ऐसी सिचुएशन सामने आए तो बेइज्जती करने वाले इंसान को देखकर पूछे क्या तुम ठीक हो। ऐसा पूछने से वो सकपका जाएगा और सोचने लगेगा क्या जो उसने बोला वो सही था या गलत। इस तरह से आप अपनी बेइज्जती को होने से रोक सकते हैं और उसे एहसास दिला सकते हैं। recent visitors 36

महाकुंभ में श्रद्धालुओं की संख्या ने तोड़े रिकॉर्ड, 65 करोड़ भक्त पहुंचे, 8 लाख श्रद्धालुओं को मिला आयुष का लाभ

प्रयागराज महाकुंभ में इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए केंद्र सरकार की ओर से कई व्यवस्थाएं की गई। इसी के तहत लाखों श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए, आयुष मंत्रालय ने आठ लाख से अधिक तीर्थयात्रियों को व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कीं, जिससे महाकुंभ मेले के दौरान उनकी पवित्र यात्रा सुरक्षित और स्वस्थ रही। 20 आयुष ओपीडी स्थापित करने से लेकर मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयों की तैनाती तक, 90 से अधिक डॉक्टर और 150 स्वास्थ्यकर्मी पूरे भव्य आध्यात्मिक आयोजन के दौरान निरंतर चिकित्सा देखभाल प्रदान करने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। इन समर्पित प्रयासों ने सुनिश्चित किया कि भक्त, कल्पवासी और संत बिना किसी स्वास्थ्य संबंधी चिंता के पवित्र उत्सव में भाग ले सकें, खासकर पवित्र महाशिवरात्रि स्नान के दौरान। आठ लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने ली सेवाएं प्रयागराज महाकुंभ में आयुष के नोडल अधिकारी डॉ. अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि मंत्रालय ने आठ लाख से अधिक श्रद्धालुओं की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को सफलतापूर्वक पूरा किया है, जो पारंपरिक भारतीय चिकित्सा में बढ़ते भरोसे को दर्शाता है। श्रद्धालुओं को मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान (एमडीएनआईवाई) द्वारा आयोजित चिकित्सीय योग सत्रों से भी लाभ मिला, जिससे शारीरिक और मानसिक कल्याण को बढ़ावा मिला। अखाड़ों के साधुओं के लिए समर्पित स्वास्थ्य जांच स्वास्थ्य सेवा तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सेक्टर-2, सेक्टर-21 और सेक्टर 24 में तीन आयुष कन्वेंशन हॉल स्थापित किए गए, जहां प्रतिदिन योग और स्वास्थ्य सत्रों के माध्यम से तीर्थयात्रियों को निवारक स्वास्थ्य सेवा, रोग प्रबंधन और समग्र जीवन शैली के बारे में शिक्षित किया गया। जूना, आनंद, निरंजनी और वैष्णव अखाड़ों जैसे प्रमुख अखाड़ों में समर्पित स्वास्थ्य जांच के साथ श्रद्धेय साधुओं और संतों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। मोबाइल आयुष स्वास्थ्य इकाइयां इसके अतिरिक्त, मोबाइल आयुष स्वास्थ्य इकाइयों ने पूरे मेला क्षेत्र में दवाइयां वितरित कीं, जबकि विभिन्न टीमों ने विभिन्न आयुष सुविधाओं पर छतरियों से कार्य करते हुए कल्पवासियों को आवश्यक स्वास्थ्य जांच उपलब्ध कराई। श्रद्धालुओं को आम बीमारियों से बचाने के लिए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) ने एक विशेष पहल की शुरुआत की, जिसके तहत 10,000 आयुष रक्षा किट वितरित की गईं, जिनमें आवश्यक आयुर्वेदिक दवाएँ और स्वास्थ्य उत्पाद शामिल थे। इस पहल के साथ ही एक सप्ताह तक चलने वाला स्वास्थ्य शिविर भी लगाया गया, जिसमें 15,000 तीर्थयात्रियों को लाभ मिला, जिससे निवारक और समग्र स्वास्थ्य सेवा के प्रति मंत्रालय की प्रतिबद्धता को बल मिला। श्रद्धालुओं को 25,000 से अधिक औषधीय पौधे किए वितरित इस आयोजन में हरित स्पर्श जोड़ते हुए, राष्ट्रीय औषधीय पौध बोर्ड (एनएमपीबी) ने श्रद्धालुओं को 25,000 से अधिक औषधीय पौधे वितरित किए – जिनमें तुलसी, अश्वगंधा, शतावरी, नीम, आंवला और करी पत्ता शामिल हैं – जिससे प्राकृतिक उपचार को बढ़ावा मिला और दैनिक जीवन में औषधीय पौधों के महत्व पर बल मिला। महाकुंभ मेला सिर्फ़ आध्यात्मिक जागृति के लिए न होकर; यह उन लाखों लोगों की भलाई के लिए भी है जो इस पवित्र यात्रा पर निकलते हैं। आयुष मंत्रालय इस भव्य आयोजन में पारंपरिक स्वास्थ्य सेवा को एकीकृत करने के अपने प्रयासों के लिए प्रतिबद्ध रहा, जिससे समग्र स्वास्थ्य आध्यात्मिक अनुभव का एक अभिन्न अंग बन गया। महाशिवरात्रि के दिन 81 लाख श्रद्धालु पहुंचे संगम सरकारी आंकड़ों के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन (जो महाकुंभ का आखिरी दिन था), रात 2 बजे तक 11.66 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया। अगले दो घंटों में ये संख्या बढ़कर 25.64 लाख और सुबह 6 बजे तक 41.11 लाख हो गई। सुबह 10 बजे तक कुल 81.09 लाख श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके थे। महाकुंभ का यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था, बल्कि यह यूपी की अर्थव्यवस्था के लिए भी एक बड़ा आर्थिक ड्राइवर साबित हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में कहा था कि महाकुंभ यूपी की अर्थव्यवस्था को 3 लाख करोड़ रुपए का फायदा पहुंचाएगा। महाकुंभ 2025 की चौंकाने वाली संख्या महाकुंभ में 65 करोड़ श्रद्धालु जुटे हैं, जो किसी भी अन्य धार्मिक आयोजन की तुलना में सर्वाधिक हैं। महाशिवरात्रि का दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह दिन भगवान शिव और देवी पार्वती के दिव्य मिलन की याद में मनाया जाता है। महाकुंभ के दौरान प्रमुख स्नान दिनों पर जैसे माघी संक्रांति (14 जनवरी) को 3.5 करोड़, मकर संक्रांति और पौष पूर्णिमा पर क्रमशः 2 करोड़ और 1.7 करोड़ श्रद्धालुओं का आगमन हुआ। यूपी सरकार ने अनुमान जताया था कि 45 दिनों में 45 करोड़ श्रद्धालु आएंगे, जो आंकड़ा महाकुंभ ने दो सप्ताह पहले ही पार कर दिया। 3 लाख करोड़ रुपए की राजस्व प्राप्ति महाकुंभ के आयोजन में सरकार ने 7,500 करोड़ रुपए खर्च किए, जबकि मुख्यमंत्री योगी ने 3 लाख करोड़ रुपए के राजस्व की उम्मीद जताई है। उनके अनुसार, अगर एक श्रद्धालु 8,000 रुपए खर्च करता है, तो कुल खर्च 3.2 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने भी इस आंकड़े को समर्थन दिया और बताया कि इस आयोजन से होटल, भोजन, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य व्यापारिक गतिविधियों में 2 लाख करोड़ रुपए से अधिक की आय हो सकती है। सुरक्षा और प्रबंधन महाकुंभ में सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद सख्त थी। यूपी पुलिस के अनुसार, 50,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी और 2,700 ए.आई. कैमरों का उपयोग किया गया था। इसके अलावा, 113 अंडरवाटर ड्रोन भी पानी की निगरानी के लिए लगाए गए थे। कुंभ में विशाल तंबू और श्रमिकों की मेहनत इस बार के कुंभ मेले में लगभग 68 लाख लकड़ी की पोल का इस्तेमाल किया गया, जिनकी लंबाई कुल मिलाकर 20,726 किलोमीटर से अधिक थी। इसके अलावा, 100 किलोमीटर के कपड़े और 250 टन CGI शीट्स का उपयोग किया गया। इन संरचनाओं को तैयार करने के लिए 3,000 श्रमिकों ने तीन शिफ्टों में काम किया।   recent visitors 45

हाई कोर्ट ने निरस्त की मेडिकल पीजी प्रवेश प्रक्रिया, नए सिरे से काउंसलिंग कराने के दिए निर्देश

बिलासपुर छत्तीसगढ़ में मेडिकल पीजी प्रवेश प्रक्रिया को निरस्त करते हुए हाई कोर्ट ने नए सिरे से काउंसलिंग कराने के निर्देश दिए हैं. हाई कोर्ट के फैसले से सभी प्रभावित उम्मीदवारों को लाभ मिलेगा. सेवारत श्रेणी में अपात्र उम्मीदवारों को शामिल करने पर डॉ. यशवंत राव और डॉ. पी. राजशेखर ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. याचिकाकर्ताओं ने बताया कि नियमों के अनुसार, सेवारत श्रेणी के तहत पात्रता के लिए उम्मीदवार को कम से कम तीन वर्षों की सेवा पूरी करनी अनिवार्य है. लेकिन काउंसलिंग के दौरान पता चला कि कई अपात्र उम्मीदवारों को सेवारत श्रेणी में शामिल कर लिया गया है. इस संबंध में शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर याचिका दायर की है. सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से महाधिवक्ता ने कोर्ट के समक्ष स्वीकार किया था कि शिकायत प्रथम दृष्टया सही प्रतीत हो रही है. कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि तत्काल पूरे मामले में शपथपत्र प्रस्तुत करें और याचिकाकर्ताओं को उसकी प्रति उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे उचित प्रत्युत्तर दाखिल कर सकें. याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने पाया कि निजी उम्मीदवार को कट ऑफ तारीख के बाद सीट आवंटित की गई, जो नियमों का उल्लंघन है. कोर्ट ने स्ट्रे राउंड काउंसलिंग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी थी, इसके साथ स्पष्ट किया कि यह आदेश केवल व्यक्तिगत रूप से नहीं, बल्कि समान स्थिति वाले सभी उम्मीदवारों पर लागू होगा. कोर्ट के आदेश के बाद अब मेडिकल पीजी प्रवेश के लिए दोबारा काउंसलिंग होगी. recent visitors 27

चैंपियंस ट्रॉफी में शतक बरस रहे , टूर्नामेंट का आधा सफर अभी बाकी, पाकिस्तान का हाथ यहां भी रहा खाली

नई दिल्ली पाकिस्तान की मेजबानी में हो रहे इस चैंपियंस ट्रॉफी में शतक बरस रहे हैं। टूर्नामेंट का आधा सफर अभी बाकी है और इससे पहले ही एक सीजन में सबसे ज्यादा शतक लगने का रिकॉर्ड टूट चुका है। अब तक 11 शतक दर्ज हो चुके हैं, जो इस बात का प्रमाण हैं कि पिचें बल्लेबाजों के लिए किसी शतक की खदान से कम नहीं हैं। जहां बल्लेबाज थोड़ी देर ठहर जाए तो फिर बिना किसी परेशानी के शतक बनाकर ही पवेलियन लौट रहा है। टूर्नामेंट में गुरुवार तक कुल नौ मैच खेले जाने थे, लेकिन बारिश के खलल की वजह से 7 मैच ही खेले जा सके हैं। यानी सिर्फ सात मैच की 14 पारियों में ही 11 शतक लगाए जा चुके हैं। इसका मतलब है कि इस एडिशन में लगभग हर 1.2 पारी में शतक लग रहा है। यह चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास में सबसे कम है। इंग्लैंड की मेजबानी में साल 2017 में हुए चैंपियंस ट्रॉफी टूर्नामेंट में प्रत्येक 3 पारी में एक शतक लग रहा था। जो इस साल की तुलना में दो गुने से भी ज्यादा है। मेजबान की तरफ से शतक नहीं पाकिस्तान को 29 सालों के बाद किसी आईसीसी टूर्नामेंट की मेजबानी मिली थी। ऐसे में टीम से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की उम्मीद थी। लेकिन पाकिस्तान की ओर से एक भी शतक नहीं आया। पाकिस्तान टूर्नामेंट में इकलौता देश रहा, जिसके किसी प्लेयर ने सेंचुरी नहीं बनाई। शतकों की इस रेस में न्यूजीलैंड सबसे आगे है। उसके तीन प्लेयर्स अब तक शतक लगा चुके हैं, जबकि भारत और इंग्लैंड के 2-2 बैटर्स शतक जमा चुके हैं। चैंपियंस ट्रॉफी के तीन सबसे बड़े टोटल 356/5- ऑस्ट्रेलिया vs इंग्लैंड, 2025 351/8- इंग्लैंड vs ऑस्ट्रेलिया, 2025 347/4- न्यूजीलैंड vs अमेरिका, 2004 दो बार गए 150 का स्कोर हुआ पार सिर्फ शतक ही नहीं बल्कि टूर्नामेंट में बड़े शतक लग रहे हैं। अभी तक चैंपियंस ट्रॉफी में किसी बल्लेबाज ने 150 का आंकड़ा नहीं छुआ था। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच हुए मैच में इंग्लिश बैटर बेन डकेट ने 165 रन बनाए थे। यह टूर्नामेंट में सबसे बड़े इंडिविजुअल स्कोर का रिकॉर्ड था। यह रिकॉर्ड चार दिन ही टिका। अफगानिस्तान के इब्राहिम जादरान ने इंग्लैंड के खिलाफ ही इस रिकॉर्ड को ध्वस्त किया। उन्होंने बुधवार को 146 गेंद पर 177 रन की पारी खेली। स्ट्राइक रेट और ऐवरेज भी बेस्ट चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है कि टूर्नामेंट का ओवरऑल स्ट्राइक रेट 90+ (91.58)। इंग्लैंड में 2017 में हुई चैंपियंस ट्रॉफी में 87.95 स्ट्राइक रेट से रन बने थे। जो अब दूसरा बेस्ट है। स्ट्राइक रेट के साथ टूर्नामेंट में बैटिंग ऐवरेज भी पिछले टूर्नामेंट्स की तुलना में बेस्ट है। बैटर्स 35.93 बैटिंग ऐवरेज से रन बना रहे हैं। यह सर्वाधिक है। साल 2017 का 35.73 बैटिंग ऐवरेज दूसरा बेस्ट है। recent visitors 64

देश की पहली मालवी प्रेम कहानी का 28 फ़रवरी को भोपाल में ऑडिशन और प्रेस वार्ता संपन्न

भोपाल राठौर फिल्म एंड एंटर टेनमेंट के बैनर तले मालवा की पहली रोमांटिक फिल्म थारो म्हारो प्रेम का ऑडिशन भोपाल क्षेत्र के रंगकर्मियों के लिए 28 फरवरी को नाइन मसाला रेस्टोरेंट में संपन्न  हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ सु श्री मालती राय जी महापौर भोपाल ने किया,इस अवसर पर कई कलाकार अजय पॉल नंदू , राजेंद्र कानूनगो आदि कलाकार उपस्थित रहे ,इस अवसर पर मध्य प्रदेश प्रेस क्लब के अध्यक्ष वरिष्ठ  पत्रकार डॉ.नवीन आनंद जोशी , निशा गर्ग जी गर्ग सुप्रभात एवं ईटीवी खबर , आलोक  गर्ग, गर्ग इलेक्ट्रॉनिक फर्नीचर स्पॉन्सर तथा  कई गणमान्य पत्रकारों  प्रेस वार्ता में चर्चा की,निर्माता निर्देशक राजेंद्र राठौर द्वारा फिल्म की संपूर्ण जानकारी दी । इस फिल्म के मंदसौर उज्जैन में ऑडिशन हो चुके हैं भोपाल के बाद रतलाम में होगा ,फिर झाबुआ होगा ।इस फिल्म में मालवा के स्थानीय कलाकारों को प्रमुखता से लिया जा रहा है साथ ही साथ बॉलीवुड के प्रसिद्ध कलाकार फिल्म में रहेंगे । पिछले सप्ताह फिल्म का प्रोमो मंदसौर लदुना पशुपतिनाथ देव डूंगरी माताजी पर फर्स्ट शेड्यूल के संपन्न किया गया, राजेंद्र राठौड़ द्वारा पूर्व में फिल्म कुंवारापुर बनाई गई थी फिल्म को टैक्स फ्री करने के संबंध में माननीय मुख्यमंत्री जी से  निवेदन किया है कि क्षेत्रीय सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्रीय सिनेमा को विशेष अनुदान दिया जाए ।  मध्य प्रदेश शासन द्वारा इस प्रस्ताव को कैबिनेट में मंजूर कर लिया गया है,  राजेंद्र राठौड़ द्वारा  मुख्यमंत्री मोहन जी यादव और मध्य शासन को पूरे प्रदेश के कलाकारों की ओर से बहुत-बहुत धन्यवाद किया गया है,सरकार की इस पहल से क्षेत्रीय सिनेमा को बढ़ावा मिलेगा और लोकल फिल्मों का निर्माण होगा जिससे हमारे स्थानीय कलाकारों को घर बैठे रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे । थारो म्हारो प्रेम एक सामाजिक मुद्दों पर मालवा की संस्कृति रीति रिवाज को प्रदर्शित करते हुए कई सामाजिक मुद्दों पर संदेश देती हुई, पारिवारिक  महिला प्रधान फिल्म है।  भोपाल और आसपास के क्षेत्र में जो भी कलाकार मालवी बोली को जानते हैं या मालवी जानने वाले कलाकारों ने ऑडिशन दिया ,निर्देशक राजेंद्र  राठौर द्वारा  इस अवसर पूरी फ़िल्म की जानकारी दी, और  कहा कि प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पशुपति नाथ, धर्म राजेश्वर , गांधी सागर आदि को दिखाया जाएगा,प्रोडक्शन टीम में प्रकाश त्रिपाठी, करुणा साही, पंडित लोकेश, वैष्णवी, सुहानी दूरदर्शन के पूर्व तकनीकी निदेशक एवं कलाकार प्रदीप शिवम शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे । recent visitors 27