Friday, July 10, 2026 5:10 pm

चिरमिरी नगर निगम में स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 फीडबैक के लिए स्वच्छता अधिकारी ने स्वच्छता सुपरवाईजरों की ली बैठक

एमसीबी/चिरमिरी  छत्तीसगढ़ सरकार के उपमुख्यमंत्री नगरीय प्रशासन व विकास मंत्री अरूण साव के निर्देशानुसार, नगर पालिक निगम के महापौर राम नरेश राय व आयुक्त रामप्रसाद आचला के मार्गदर्शन में मंगलवार को नगर पालिक निगम चिरमिरी के सभागार में स्वच्छता अधिकारी उमेश तिवारी ने स्वच्छता सुपरवाईजरों के साथ स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 ओडीएफ प्लस-प्लस के तहत नगर के नागरिकों का फिडबैक अधिक से अधिक कराये जाने हेतु एक बैठक ली गई। स्वच्छता अधिकारी के द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण के संबंध में जानकारी देते हुए बताया गया कि स्वच्छता सर्वेक्षण फिडबैक सभी नागरिको का कराया जाना आवश्यक होगा। इसके लिए सभी स्वच्छता सुपरवाईजरो को फिडबैक के साथ स्वच्छता डोर टू डोर, तालाब, नाले की साफ-सफाई, सभी सुपरवाईजरों के द्वारा लॉकबुक समय सीमा के भीतर पूरा करके देने, आवश्यक दस्तावेज एवं पब्लिक से फिडबैक अधिक से अधिक लेने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये। उक्त बैठक में जिला समन्वयक पीआईयु प्रवीण सिंह, स्वच्छता निरीक्षक रामगोपाल मलिक एवं संबंधित क्षेत्र के स्वच्छता सुपरवाईजर मौजूद रहे। recent visitors 28

CAG की रिपोर्ट ने खोली दिल्ली की वर्ल्ड क्लास स्वास्थ्य सेवाओं के दावों की पोल, मोहल्ला क्लीनिक में टॉयलेट नहीं, अस्पताल में डॉक्टर नहीं

नई दिल्ली दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कोविड-19 से निपटने के लिए केंद्र सरकार से मिले 787.91 करोड़ रुपये में से सिर्फ 582.84 करोड़ रुपये ही खर्च किए गए, जबकि बाकी राशि बिना उपयोग के रह गई। इसके चलते कोरोना संकट के दौरान जरूरी सुविधाओं की भारी कमी रही। फंड की अनदेखी और भ्रष्टाचार के आरोप रिपोर्ट के अनुसार, स्वास्थ्य कर्मचारियों की भर्ती और वेतन के लिए मिले 52 करोड़ रुपये में से 30.52 करोड़ रुपये खर्च ही नहीं किए गए। इससे साफ है कि सरकार ने स्वास्थ्य कर्मियों की पर्याप्त भर्ती नहीं की, जिससे महामारी के दौरान लोगों को इलाज में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसी तरह दवाओं, पीपीई किट और अन्य मेडिकल सप्लाई के लिए मिले 119.85 करोड़ में से 83.14 करोड़ रुपये खर्च ही नहीं हुए। सरकारी अस्पतालों में बेड की भारी कमी दिल्ली सरकार ने 2016-17 से 2020-21 के बीच 32,000 नए बेड जोड़ने का वादा किया था, लेकिन सिर्फ 1,357 बेड ही जोड़े गए, जो कि कुल लक्ष्य का मात्र 4.24% है। राजधानी के कई अस्पतालों में बेड की भारी कमी देखी गई, जहां बेड ऑक्यूपेंसी 101% से 189% तक रही, यानी एक ही बेड पर दो-दो मरीजों को रखा गया या मरीजों को फर्श पर इलाज कराना पड़ा। अस्पतालों की परियोजनाओं में देरी और लागत में भारी इजाफा रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि दिल्ली में तीन नए अस्पताल बनाए गए, लेकिन सभी प्रोजेक्ट पहले की सरकार के कार्यकाल में शुरू हुए थे। इनके निर्माण में 5 से 6 साल तक की देरी हुई और लागत भी बढ़ गई।     इंदिरा गांधी अस्पताल: 5 साल की देरी, लागत 314.9 करोड़ रुपये बढ़ी।     बुराड़ी अस्पताल: 6 साल की देरी, लागत 41.26 करोड़ रुपये बढ़ी।     एमए डेंटल अस्पताल (फेज-2): 3 साल की देरी, लागत 26.36 करोड़ रुपये बढ़ी। डॉक्टरों और स्टाफ की भारी कमी-     दिल्ली के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य विभागों में 8,194 पद खाली पड़े हैं।     नर्सिंग स्टाफ की 21% और पैरामेडिकल स्टाफ की 38% कमी है।     राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और जनकपुरी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में डॉक्टरों की 50-74% कमी पाई गई।     नर्सिंग स्टाफ की 73-96% तक भारी कमी दर्ज की गई। सर्जरी के लिए लंबा इंतजार, कई उपकरण खराब     लोक नायक अस्पताल में बड़ी सर्जरी के लिए 2-3 महीने और बर्न व प्लास्टिक सर्जरी के लिए 6-8 महीने का इंतजार करना पड़ा।     चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय (CNBC) में पीडियाट्रिक सर्जरी के लिए 12 महीने का इंतजार करना पड़ा।     CNBC, RGSSH और JSSH जैसे अस्पतालों में कई एक्स-रे, सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड मशीनें बेकार पड़ी रहीं। जरूरी सेवाओं की कमी और बदहाल मोहल्ला क्लीनिक-     27 अस्पतालों में से 14 में ICU सेवा उपलब्ध नहीं थी।     16 अस्पतालों में ब्लड बैंक की सुविधा नहीं थी।     8 अस्पतालों में ऑक्सीजन सप्लाई नहीं थी।     12 अस्पतालों में एंबुलेंस की सुविधा नहीं थी।     CATS एंबुलेंस भी जरूरी उपकरणों के बिना चलाई जा रही थीं। मोहल्ला क्लीनिकों की स्थिति भी खराब पाई गई     21 मोहल्ला क्लीनिकों में शौचालय नहीं थे।     15 क्लीनिकों में बिजली बैकअप की सुविधा नहीं थी।     6 क्लीनिकों में डॉक्टरों के लिए टेबल तक नहीं थी।     12 क्लीनिकों में दिव्यांगों के लिए कोई सुविधा नहीं थी। CAG रिपोर्ट ने दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत उजागर कर दी है। कोविड काल में सरकार द्वारा मिले फंड का सही इस्तेमाल नहीं करना, अस्पतालों में जरूरी सुविधाओं की भारी कमी, स्टाफ की भारी किल्लत और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। जनता के स्वास्थ्य से जुड़ी इस लापरवाही को लेकर अब सरकार को जवाब देना होगा। recent visitors 59

महोबा : कानपुर-सागर हाईवे पर भीषण हादसा, ट्रक की टक्कर से कार सवार महिला सहित चार की मौत, सभी मृतक भोपाल निवासी

भोपाल /महोबा  यूपी के महोबा में भीषण सड़क हादसे में महाकुंभ से लौटते 4 की मौत। यूपी के महोबा जिले में कानपुर-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे भीषण सड़क हादसा हो गया। इसमें महाकुंभ से श्रद्धालुओं को लेकर भोपाल को लौटती एक तेज रफ्तार ऑल्टो कार ट्रक के नीचे घुस गई।हादसे में 3 युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, कार सवार घायल महिला की जिला अस्पताल में उपचार दौरान मौत हो गई। पुलिस ने ट्रक को अपने कब्जे में लिया, जबकि चालक फरार हो गया। ट्रक में फंसी ऑल्टो जेसीबी की मदद से निकली महोबा में हुए भीषण सड़क हादसे में जान गंवाने वाले चारों लोग मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के निवासी थे। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हादसे के दौरान हुई टक्कर के बाद ट्रक कार को करीब 50 मीटर तक घसीटते हुए ले गया। मिली जानकारी के मुताबिक, भोपाल निवासी चारों लोग एक साथ कार से प्रयागराज महाकुंभ गए थे। शुक्रवार की सुबह ये लोग अल्टो कार से वापस लौटकर भोपाल जा रहे थे। रास्ते में कानपुर सागर हाईवे पर थाना कस्बा श्रीनगर के पास बने बरा नाला के पास तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी कार में टक्कर मार दी और इसे 50 मीटर तक घसीटता हुआ ले गया। नरेश नागर पुत्र सिद्धनाथ, अवधेश नागर पुत्र बाबूलाल निवासीगण हिनौती सड़क बैसरिया राेड भोपाल अन्य लोगों के साथ प्रयागराज महाकुंभ गए थे। शुक्रवार की सुबह ये लोग अल्टो कार से वापस लौटकर भोपाल जा रहे थे। रास्ते में कानपुर सागर हाईवे पर थाना कस्बा श्रीनगर के पास बने बरा नाला के पास तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी कार में टक्कर मार दी और इसे 50 मीटर तक घसीटता हुआ ले गया। ट्रक पुलिस के कब्जे में, चालक फरार     पुलिस ने ट्रक को कब्जे में ले लिया, जबकि उसका चालक फरार हो गया। शुरुआती जांच में सामने आया कि चालक को झपकी आने से कार गलत साइड में पहुंच गई जिससे टक्कर हो गई।     भोपाल के हिनौती सड़क बैसरिया राेड निवासी नरेश नागर पुत्र सिद्धनाथ, अवधेश नागर पुत्र बाबूलाल अन्य लोगों के साथ प्रयागराज महाकुंभ गए थे। शुक्रवार की सुबह सभी आल्टो कार से लौट रहे थे।     हादसे में नरेश नागर, अवधेश व चालक भूरा गुर्जर निवासी बरखेड़ी थाना नजीराबाद जिला भोपाल की मौके पर ही मौत हो गई। 23 वर्षीय पूजा नागर निवासी अरनिया माता थाना नीमच जिला राजगढ़ को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया जहां उपचार दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। तीन लोगों की मौके पर मौत हादसे में नरेश नागर, अवधेश व चालक भूरा गुर्जर निवासी बरखेड़ी थाना नजीराबाद जिला भोपाल की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि 23 वर्षीय पूजा नागर निवासी अरनिया माता थाना नीमच जिला राजगढ़ को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया। यहां उपचार दौरान उसने भी दम तोड़ दिया। क्षतिग्रस्त कार को क्रेन मशीन से सड़क से अलग कराया गया। चालक को नींद आने की वजह से हुआ हादसा एसपी पलाश बंसल ने बताया क‍ि मौके पर तत्काल एंबुलेंस, पुलिस को भेजा गया था। अल्टो कार व ट्रक में भिड़ंत हुई है। इसमें चार यात्री सवार थे और चारों मप्र राज्य के निवासी थे। प्रथम दृष्टया पता चला है कि चालक को नींद आने के कारण यह दूसरे साइड में चले गए। जिससे यह दुर्घटना हुई। तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि महिला ने जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया। दिवंगत के स्वजन को सूचित कर दिया गया है। ट्रक को कब्जे में लेकर मुकदमा दर्ज कराकर अग्रिम कार्रवाई कराई जा रही है। चालक को झपकी आने से हुआ यह भीषण सड़क हादसा हादसे और हाईवे पर जाम लगने की सूचना मिलते ही एसपी पलाश बंसल ने मौके पर पहुंचे। एसपी ने मौके पर घटना की जानकारी ली। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर उनके स्वजन को सूचना दी है। एसपी पलाश बंसल ने बताया क‍ि मौके पर तत्काल एंबुलेंस, पुलिस को भेजा गया था। अल्टो कार व ट्रक में भिड़ंत हुई है। इसमें चार यात्री सवार थे और चारों मप्र राज्य के निवासी थे। प्रथम दृष्टया पता चला है कि चालक को नींद आने के कारण यह दूसरे साइड में चले गए। जिससे यह दुर्घटना हुई। तीन लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि महिला ने जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया। दिवंगत के स्वजन को सूचित कर दिया गया है। ट्रक को कब्जे में लेकर मुकदमा दर्ज कराकर अग्रिम कार्रवाई कराई जा रही है। सड़क हादसे में पिता की मौत, बेटा गंभीर एक अन्य सड़क हादसे में महाशिवरात्रि के अवसर पर देवपूजा करने चिचोली थाना क्षेत्र के असाड़ी गांव आए हरदा जिले के निवासी पिता की सड़क हादसे में मौत हो गई जबकि बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार हरदा जिले के डहरिया गांव निवासी 68 वर्षीय भूरा पिता छन्नू अपने बेटे फूलचंद विश्वकर्मा के साथ अषाढ़ी में देवपूजा करने आए थे। पूजा के बाद बुधवार रात अपने गांव लौट रहे थे, तभी उनकी बाइक की दूसरी बाइक से भिड़ंत हो गई। हादसे में दोनों को गंभीर रूप से घायल अवस्था में चिचोली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें जिला अस्पताल बैतूल रेफर किया गया। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान भूरा विश्वकर्मा की मौत हो गई। फूलचंद की हालत गंभीर होने पर उसे भोपाल रेफर कर दिया गया। दुर्घटना में दूसरी बाइक का चालक को भी गंभीर रूप से घायल होने पर भोपाल रेफर किया गया है। बताया जा रहा है कि वह कोमा में चला गया है। recent visitors 51

साप्ताहिक समय सीमा की बैठक सम्पन्न, कलेक्टर ने विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए दिए निर्देश

एमसीबी/मनेंद्रगढ़  कलेक्टर डी. राहुल वेंकट की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने नगरीय निकाय और त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को धन्यवाद दिया। साथ ही, चुनाव के दौरान भरतपुर विकासखंड के दुर्गम इलाकों की स्थिति पर चर्चा की, जहां सड़क, बिजली, चिकित्सा सुविधाएं, मोबाइल नेटवर्क और पेयजल की व्यवस्था नहीं है। इन क्षेत्रों के लिए प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने निर्वाचन कार्य के दौरान शराब सेवन कर ड्यूटी पर आने वाले अधिकारियों को निलंबित करने की जानकारी दी और सभी विभागों को सख्त निर्देश दिए कि भविष्य में यदि कोई अधिकारी-कर्मचारी नशे की हालत में कार्यस्थल पर पाया जाए तो तत्काल कार्रवाई की जाए। उन्होंने मतदान केंद्रों के सही नियोजन पर भी जोर दिया, ताकि एक ही स्कूल में दो मतदान केंद्र न बनाए जाएं। इसके लिए अलग-अलग गेट और बाउंड्रीवाल सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में पीडब्ल्यूडी के टेंडर, शासकीय आवास आवंटन, मेडिकल कॉलेज, शासकीय कार्यालयों के वॉशरूम, खड़गवां मीटिंग हॉल और जनकपुर में सड़क निर्माण संबंधी प्रस्तावों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए। एकलव्य विद्यालय में कक्षा 6वीं में प्रवेश परीक्षा के लिए मनेंद्रगढ़, बेलबहरा और भरतपुर में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। वहीं विधायक मद से संचालित कार्यों के टेंडर जारी करने, एसईसीएल की भूमि आवंटन प्रक्रिया, खड़गवां और भरतपुर में सीसी रोड व नाली निर्माण के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए। इसके साथ ही राजस्व मामलों की समीक्षा करते हुए, कलेक्टर ने विवादित और अविवादित नामांतरण, सीमांकन, खाता विभाजन, समय-सीमा के प्रकरणों को शीघ्र निराकृत करने पर जोर दिया। वहीं  सिरौली हनुमान मंदिर को ट्रस्ट के माध्यम से संचालित करने की बात कही गई। बरतुंगा निर्माण कार्य के लिए अतिरिक्त बजट का मूल्यांकन करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा पेयजल समस्या और जन चौपाल में प्राप्त आवेदनों के निराकरण, धान खरीदी केंद्रों की समीक्षा, कैंटीन आवास में बिजली और पेयजल सुविधा सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिए गए। अप्रैल में प्रस्तावित आर्थिक गणना के लिए अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने, जन्म प्रमाण पत्र और शून्य से 5 वर्ष तक के बच्चों के सर्वेक्षण की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए। जेम पोर्टल की ट्रेनिंग कराने, एनएच पर अवैध कब्जा, हाउसिंग बोर्ड की पुरानी इमारतों को तोड़ने और नए भवनों के निर्माण कार्य शीघ्र पूरा करने पर जोर दिया गया। भरतपुर के दुर्गम इलाकों में जनऔषधि केंद्र और नए स्वास्थ्य केंद्र खोलने के लिए सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए गए। एनएच के छोटे-छोटे कार्यों की जल्द स्वीकृति, इमली गोलाई से बाईपास रोड निर्माण, चौगड़ा के पास ट्रांसमिशन पोल हटाने और फोरलेन निर्माण के दौरान शासकीय भवनों के लिए हुए जमीन आवंटन को सुरक्षित रखने की हिदायत दी गई। एनएच में स्ट्रीट लाइट लगाने, खड़गवां कार्यालय में एसी सुविधा, चिरमिरी लाइवलीहुड कॉलेज का निर्माण, अनुकंपा नियुक्तियों की समीक्षा, नए बैंकों के लिए भूमि आवंटन करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने जिले के वृद्धजन, जिन्हें परिवार ने घर से निकाल दिया है, उन्हें ढूंढकर कोरबा वृद्धाश्रम में रखने की व्यवस्था करने को कहा। नशामुक्ति केंद्रों से बाहर आने वाले व्यक्तियों का मोबाइल नंबर, ले जाने वालों का नाम और पूरा पता का रिकॉर्ड बनाए रखने और  उनसे हर महीने संपर्क करने के लिए कहा गया । ताकि अवैध नशे के कारोबार का पता चल सके । दिव्यांगों के सर्वेक्षण, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजनाओं का आयोजन, जनकपुर, मनेंद्रगढ़ और खड़गवां में दुग्ध समितियों की स्थापना करने की बात कही गई। इसके साथ ही चुनाव लड़ने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिन दीदियों को लेकर यह निर्णय लिया गया कि जिन्होंने इस्तीफा देकर चुनाव लड़ा है, उनका इस्तीफा वापस नहीं लिया जाएगा। चुनाव जीतने वालों को इस्तीफा देना होगा, जबकि हारने वाले आंगनबाड़ी और मितानिन दीदिया अपने कार्य पर वापस लौट सकते हैं। वहीं चिरमिरी में डॉक्टरों के लिए सरकारी क्वार्टर, हॉर्टिकल्चर हॉस्टल, पीएमजीएसवाई, जल शक्ति मिशन, कृषि विभाग और पीएचई से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। खड़गवां में नए पंजीयन कार्यालय और हेचरी निर्माण, नर्सिंग कॉलेज,  मनेंद्रगढ़ के आमाखेरवा और भरतपुर में हॉस्टल निर्माण हेतु भूमि आवंटन की प्रक्रिया तेज करने को कहा गया। वहीं कलेक्टर ने सभी विभागों को अपना गवर्मेंट ईमेल आईडी जनरेट करने के लिए कहा है, साथ ही मार्च में प्रस्तावित नेशनल लोक अदालत के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को तैयारी करने, टूरिज्म होर्डिंग के लिए भूमि आवंटन और जनकपुर या मनेंद्रगढ़ में 1000 मीट्रिक टन के गोदाम निर्माण के लिए भूमि चिन्हित करने को कहा गया। उपार्जन केंद्रों की जमीन की नक्शा-खसरा तैयार करने और पंचायत वार सहकारी समितियों का सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए गए। वहीं जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंकिता सोम शर्मा ने मनरेगा 2024-25 की कार्ययोजना तैयार करने और नगरीय निकाय तथा पंचायत अधिकारियों की बैठक करने के लिए कहा गया है । बैठक में अपर कलेक्टर अनिल सिदार, सभी एसडीएम, ब्लॉक जनपद सीईओ सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। recent visitors 31

चंदौली में भीषण हादसा ट्रक-बोलेरो की टक्कर से बच्‍ची समेत 4 की मौत, 7 घायल

चंदौली  नौगढ़-मधुपुर मुख्य मार्ग पर गुरुवार की देर रात बोलेरो और ट्रक की जोरदार टक्कर में बोलेरो के परखच्चे उड़ गए। दुर्घटना में बालिका समेत चार लोगों की मौत हो गई। वहीं, सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। 108 एंबुलेंस से सोनभद्र के मधुपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। डॉक्‍टरों ने जांच के बाद चार को मृत घोषित कर दिया। चार की हालत नाजुक होने पर ट्रामा सेंटर वाराणसी भेज दिया। तीन का उपचार मेडिकल कॉलेज सोनभद्र में किया जा रहा। चकिया थाना के पालपुर ग्राम में इस्तखार अहमद के घर 22 फरवरी को एक कार्यक्रम का आयोजन था। इसमें शामिल होने किए उनके रिश्तेदार विभिन्न जगहों से आए थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद लोगों के लौटने का सिलसिला शुरू हो गया था। इसी क्रम कोलकाता से आए कुछ रिश्तेदारों को ट्रेन पर बैठाने के लिए इस्तेखार बोलेरो से रेणुकूट जा रहे थे। ट्रक की टक्‍कर से पलट गई बोलेरो, चार लोगों की मौत जैसे ही वाहन नौगढ़ थाना के जयमोहिनी पोस्ता गांव के पास पहुंचा, विपरीत दिशा से आ रहे ट्रक ने बोलेरो में जोरदार टक्कर मार दी। टक्‍कर की वजह से गाड़ी पलट गई। हादसे में पालपुर निवासी 46 वर्षीय इस्तखार अहमद, कोलकाता के रहने वाले 52 वर्षीय अख्तर अंसारी, 33 वर्षीय हकीमुन निशा व सात वर्षीय सायना की मौत हो गई। वहीं, नूर अहमद, रोशन आरा, साबरा खातून, अफसाना खातून समेत तीन बच्चियां घायल हो गईं। पेड़ से टकराई अनियंत्रित कार, व्यवसायी की मौत, चार घायल इससे पहले बुधवार की देर रात में बभनियांव गांव के पास कमालपुर के व्यवसायी ओमप्रकाश रस्तोगी की कार असंतुलित होकर सड़क के किनारे पेड़ से टकरा गई। हादसे में ओमप्रकाश की मौके पर मौत हो गई। वहीं, अन्य चार लोग घायल हो गए। महाशि‍वरात्र‍ि पर पूजा करके वापस लौट रहे थे ओमप्रकाश कमालपुर के प्रतिष्ठित व्यवसायी ओम प्रकाश रस्तोगी अक्सर मार्कंडे महादेव जाकर जलाभिषेक करते थे। इसी क्रम में वह बीते 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के मौके पर जलाभिषेक करने के लिए अपने चार अन्य व्यापारियों के साथ गए थे। वहां पर पूजा अर्चन कर जब सभी लोग घर वापस आ रहे थे तो कार का दुर्घटना का शिकार हो गई। recent visitors 38

पाक के चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर होने के बाद पूर्व कप्तान बाबर आजम एक बार फिर निशाने पर, आलोचों को सुनाई खरी-खोटी

नई दिल्ली पाकिस्तान के चैंपियंस ट्रॉफी से बाहर होने के बाद पूर्व कप्तान बाबर आजम एक बार फिर हर किसी के निशाने पर है। दरअसल, बाबर आजम की तुलना अकसर विराट कोहली से की जाती है, मगर बड़े मुकाबलों में इस पाकिस्तानी स्टार का बल्ला खामोश रहता है। चैंपियंस ट्रॉफी में भी कुछ ऐसा ही हुआ। न्यूजीलैंड और भारत के खिलाफ बाबर आजम का बल्ला खामोश रहा जिसके बाद पाकिस्तान के क्रिकेट पंडितों ने ही उनकी जमकर आलोचना की। अब उनके बचाव में सलमान बट आए हैं। उनका कहना है कि बाबर आजम विराट कोहली नहीं है, मगर वह पाकिस्तान के अब तक के सबसे बेस्ट बल्लेबाज हैं। मिडिया पर बोलते हुए सलमान बट ने कहा, "9 शतकों और 29 अर्द्धशतकों के साथ उनका टेस्ट औसत 42.77 है। 19 शतकों और 35 अर्धशतकों के साथ वनडे औसत 55.50 है। T20I में उनका औसत 39.83 है, स्ट्राइक-रेट 129 है। कोई मुझे बताए कि क्या पिछले 20 सालों में पाकिस्तान के किसी भी खिलाड़ी ने इन आंकड़ों को तोड़ा है।" उन्होंने आगे कहा, "समझदारी से बात करें। आपके पास कोहली या विलियमसन नहीं है। बाबर कोई कोहली नहीं है। लेकिन बाबर हमारे पास सर्वश्रेष्ठ है। अगर वह रन नहीं बना रहा है, तो उसे अब बैक-अप की जरूरत है। जब वह रन बना रहा है, तो भले ही आप उसे पसंद न करते हों, आपको दुनिया के सामने उसकी प्रशंसा करनी होगी।" बता दें, मेजबान पाकिस्तान चैंपियंस ट्रॉफी के ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गया है। टूर्नामेंट में टीम अपना जीत का खाता तक नहीं खोल पाई। न्यूजीलैंड और भारत के खिलाफ मिली करारी शिकस्त के बाद पाकिस्तान को उम्मीद थी कि वह जाते-जाते बांग्लादेश को तो हरा ही जाएंगे, मगर बारिश ने पाकिस्तान के इन अरमानों पर भी पानी फेर दिया। recent visitors 49

महाकुंभ के समापन के बाद भी संगम में भारी भीड़, कार-बाइक से डुबकी लगाने पहुंच रहे श्रद्धालु

 प्रयागराज प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ-2025 का बुधवार को समापन हो गया, लेकिन बावजूद इसके बड़ी संख्या में तीर्थयात्री संगम तट पर उमड़े. जिनमें से कई ऐसे भी थे जो 45 दिनों तक चलने वाले इस भव्य आयोजन के दौरान पवित्र स्नान करने से चूक गए थे. चूंकि, प्रयागराज में यातायात प्रतिबंधों में ढील दी गई है, इसलिए कुंभ मेला क्षेत्र के पास के मैदान अब विभिन्न राज्यों से आई कारों और अन्य वाहनों के पार्किंग स्थल बन गए हैं. कई लोग सीधे गंगा घाटों की ओर जा रहे हैं. हालांकि, कोई आधिकारिक अनुमान नहीं है, लेकिन शुक्रवार सुबह से ही हजारों लोग त्रिवेणी संगम पर उमड़ पड़े हैं और सुबह तक स्नान अनुष्ठान कर रहे हैं. सुबह पांच बजे तक घाटों पर लोगों की ऊर्जा और उत्साह अभी भी बरकरार था, जिनमें से बिहार, महाराष्ट्र, तमिलनाडु के अलावा प्रयागराज के कई स्थानीय निवासी भी आए थे. महाकुंभ मेले में न आ पाने वाले कई तीर्थयात्री संगम पर आए हैं और संगम पर पवित्र स्नान करने से पहले और बाद में उनकी भावनाएं उसी उत्साह को दर्शाती हैं, जैसा कि मेला अवधि के दौरान स्नान करने वालों ने दिखाया था. अधिकांश तीर्थयात्री संगम के सिरे पर संगम नोज पर उमड़ रहे हैं, जबकि इसके पास के घाट भी तीर्थयात्रियों से भरे हुए हैं. इनमें से एक चेन्नई निवासी आशीष कुमार सिंह भी थे, जो तमिलनाडु की राजधानी से आए थे. उन्होंने बताया कि वे गुरुवार रात करीब 11.30 बजे पवित्र स्नान करने के लिए संगम स्थल के पास पहुंचे थे. उन्होंने न्यूज एजेंसी से कहा, "मैं रात करीब 11.45 बजे स्नान करने की योजना बना रहा था, लेकिन उसी समय आग लगने की घटना घट गई, इसलिए मैं नंदी द्वार पार करते समय दमकल गाड़ियों के पीछे-पीछे चला गया. लेकिन, मैं आखिरकार सुबह करीब 3 बजे वहां पहुंच गया. यह एक अद्भुत अनुभव था." कक्षा 11 के छात्र आशीष कुमार सिंह ने बताया कि उनका जन्म बिहार में हुआ, लेकिन वे चेन्नई में पले-बढ़े हैं और हिंदी, भोजपुरी, अंग्रेजी और तमिल भाषाएं समान रूप से बोलते हैं. संगम नोज पर उनके बगल में उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से आए परिवार के सदस्यों के एक समूह ने भी पवित्र स्नान किया. बता दें कि 12 साल में एक बार होने वाला यह धार्मिक आयोजन 13 जनवरी (पौष पूर्णिमा) को शुरू हुआ और नागा साधुओं के भव्य जुलूस और तीन 'अमृत स्नान' हुए. बुधवार यानि 26 फरवरी को को महाशिवरात्रि पर अंतिम शुभ 'स्नान' के साथ इसका समापन हुआ. महाकुंभ मेले के दौरान 66 करोड़ से अधिक लोगों ने त्रिवेणी संगम में पवित्र डुबकी लगाई. हालांकि, महाकुंभ के समापन के बाद भी लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ है. गंगा जल ले जाने के लिए पानी के बर्तन बेचने वाले केदारनाथ भी संगम नोज क्षेत्र में मौजूद थे और आधी रात से भोर तक अपना सामान बेचते रहे. उन्होंने कहा कि कुंभ मेला खत्म हो गया है, लेकिन धार्मिक उत्साह अभी भी वैसा ही है, एक दिन बाद भी लोग संगम पर उमड़ रहे हैं. यह वैसा ही रहेगा, क्योंकि प्रयागराज गैर-मेला दिनों में भी तीर्थयात्रियों को आकर्षित करता है. जैसे-जैसे भोर हुई, पवित्र स्नान के लिए संगम स्थल पर आने वाले लोगों की संख्या हर गुजरते घंटे के साथ कम होती गई.   सुरक्षा पहले की तरह: संगम पर सुरक्षा व्यवस्था पहले की ही तरह है. श्रद्धालु आराम से स्नान कर रहे हैं. स्वच्छता कर्मी साफ-सफाई में लगे दिखे. पुलिसकर्मी श्रद्धालुओं को संगम नोज पर बाइक और कार न ले जाने के लिए माइक से अनाउंस कर रहे हैं. आगाह भी कर रहे हैं. संगम नोज पर काफी संख्या में बाइक और कार पहुंच चुकी हैं. जारी रहेंगी संगम नोज पर सभी सुविधाएं: महाकुंभ का 26 फरवरी को समापन हो चुका है. 13 जनवरी से लेकर के 26 फरवरी तक महाकुंभ रहा है, जिसमें 66 करोड़ से अधिक लोगों ने स्नान किया है. आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद कुंभ नगर में मौजूद हैं और उन्होंने महाकुंभ के समापन की औपचारिक घोषणा कर दी है. हालांकि, मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया है कि श्रद्धालुओं के लिए जो सुविधाएं हैं, उन्हें अभी संगम क्षेत्र में बहाल रखा जाए. टॉयलेट, प्रकाश व्यवस्था, वह सब अभी संगम क्षेत्र में रहेगी. इसके साथ ही साथ जो सेक्टर 1 से लेकर के चार तक में प्रदर्शनियां हैं, पंडाल हैं, वह सब अभी बने रहेंगे . 13 अखाड़ों के पंडाल और कल्पवासियों के शिविर भी उजड़े : 13 जनवरी से लेकर के 26 फरवरी तक महाकुंभ नगर के आकर्षण का केंद्र बने अखाड़े अब पूरी तरह से उजड़ चुके हैं. उनके जो शिविर हैं, वह सब भी खाली कर दिए गए हैं. महाशिवरात्रि तक कुछ नागा संन्यासी जूना अखाड़े में धूनी रमाए थे, वह जरूर देखे गए थे, लेकिन अब वह भी वाराणसी की तरफ निकल गए हैं. जो सभी प्रमुख 13 अखाड़े हैं, वह पहले ही वाराणसी कूच कर गए हैं और होली तक वाराणसी में रहेंगे. कल्पवासियों के शिविर अब पूरी तरह से उजड़ चुके हैं. गैर जनपदों से आए प्रशासनिक अफसर भी रिलीव किए जा रहे : महाकुंभ में मौनी अमावस्या के दिन 29 जनवरी को हुई भगदड़ के बाद प्रदेश में अच्छी छवि के अफसरों को बुलाया गया था. पीपीएस, आईपीएस और आईएएस स्तर के इन अधिकारियों को विभिन्न जिम्मेदारियां दी गई थीं. अब महाकुंभ की औपचारिक समापन के बाद इन्हें उनके संबंधित जिलों और जिम्मेदारियां के लिए रिलीव किया जा रहा है. कुंभ नगर से अब तक 34 एसडीएम स्तर के अधिकारियों को रिलीव किया गया है. आईएएस और आईपीएस स्तर के अधिकारियों को अभी कुछ दिन बाद रिलीव किया जाएगा.   recent visitors 47