प्रदेश में ग्रीन फील्ड हाई स्पीड कॉरिडोर पर 1 लाख 30 हजार 800 करोड रुपए खर्च होंगे

भोपाल  भोपाल में हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट ने प्रदेश के विकास को नई दिशा दी है। इससे इंदौर को भी काफी फायदा होने वाला है। एनएचएआइ ने समिट में प्रदेश सरकार से एमओयू किया है। इसके तहत 4900 किमी के प्रोजेक्ट पर 1 लाख 30 हजार 800 करोड रुपए खर्च होंगे। इसमें इंदौर से भोपाल होते हुए जबलपुर तक ग्रीन फील्ड हाई स्पीड कॉरिडोर(High Speed Corridor) का भी प्रावधान किया गया है। इस पर अमल भी शुरू हो गया है। नए कॉरिडोर के तहत इंदौर से भोपाल के बीच 140 किमी लंबा हाईवे बनाया जाएगा। इसकी लागत 9 हजार 716 करोड़ होगी। यह कॉरिडोर वर्तमान सड़कों से अलग होगा। ये ऐसे क्षेत्रों से निकलेगा, जहां पहले से सड़क नहीं है। इस सड़क के आसपास ओद्यौगिक विकास होगा। इंदौर से भोपाल(Indore Bhopal Jabalpur) के बीच की वर्तमान दूरी में कमी आएगी। इस रोड को वर्तमान में बनाए जा रहे इंदौर-हरदा हाईवे से जोड़ा जाएगा। इससे कई गावों को जबरदस्त फायदा पहुंचेगा। डीपीआर के लिए टेंडर जारी एनएचएआइ ने राज्य शासन से समिट में जो एमओयू साइन(Indore Bhopal Jabalpur high speed corridor) किए हैं, उस पर अमल भी शुरू कर दिया गया है। एमओयू के तहत शुरुआती काम भी शुरू हो चुका है। विभाग ने डीपीआर के लिए टेंडर जारी किए हैं। recent visitors 34

बिजली चोरी एवं अनियमितताओं के प्रकरण में करायें समझौता : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल आगामी 08 मार्च 2025 (शनिवार) को नेशनल लोक अदालत में बिजली चोरी एवं अनियमितताओं के प्रकरण को आपसी समझौतो से निराकृत किया जाएगा। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने विद्युत अधिनियम 2003 धारा 135 के अंतर्गत न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विद्युत उपभोक्ताओं एवं उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि वे अप्रिय कानूनी कार्यवाही से बचने के लिए अदालत में समझौता करने के लिए संबंधित बिजली कार्यालय से संपर्क करें। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि धारा 135 के अंतर्गत अदालत में लंबित प्रकरणों का निराकरण करने के लिये निम्न दाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवॉट तक के गैर घरेलू एवं 10 अश्व शक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को प्रकरणों में ही छूट दी जाएगी। प्रि-लिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत एवं आकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात् प्रत्‍येक छः माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।   लिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात् प्रत्येक छःमाही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। लोक अदालत में छूट नियम एवं शर्तों के तहत दी जाएगी आवेदक को निर्धारित छूट के उपरांत शेष बिल आकलित सिविल दायित्व एवं ब्याज की राशि का एकमुश्त भुगतान करना होगा। उपभोक्ता/उपयोगकर्ता को विचाराधीन प्रकरण वाले परिसर एवं अन्य परिसरों पर उसके नाम पर किसी अन्य संयोजन/संयोजनों के विरूद्ध विद्युत देयकों की बकाया राशि का पूर्ण भुगतान भी करना होगा। आवेदक के नाम पर कोई वैध कनेक्शन न होने की स्थिति में छूट का लाभ प्राप्त करने के लिये आवेदक द्वारा वैध कनेक्शन प्राप्त करना एवं पूर्व में विच्छेदित कनेक्शनों के विरूद्ध बकाया राशि (यदि कोई हो) का पूर्ण भुगतान किया जाना अनिवार्य होगा। नेशनल लोक अदालत में छूट आवेदक द्वारा विद्युत चोरी/अनधिकृत उपयोग पहली बार किये जाने की स्थिति में ही दी जाएगी। विद्युत चोरी/अनधिकृत उपयोग के प्रकरणों में पूर्व की लोक अदालत/अदालतों में छूट प्राप्त किये उपभोक्ता/उपयोगकर्ता छूट के पात्र नहीं होंगे। सामान्य बिजली बिलों में जुड़ी बकाया राशि पर कोई छूट नहीं दी जाएगी।  नेशनल लोक अदालत में दी जा रही छूट आंकलित सिविल दायित्‍व राशि 10 लाख रूपये तक के प्रकरणों के लिए सीमित रहेगी। यह छूट मात्र नेशनल ‘‘लोक अदालत‘‘ 8 मार्च 2025 को समझौते करने के लिये ही लागू रहेगी।   recent visitors 50

फुलेरा दूज का त्योहार1 मार्च को मनाया जाएगा, जानें इस दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं

फुलेरा दूज का त्योहार हर वर्ष फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। यह तिथि वर्ष 2025 में 1 मार्च को है। शुक्ल द्वितीया 1 मार्च की सुबह 3 बजकर 16 मिनट से शुरू हो जाएगी, इसलिए उदयातिथि की मान्यता के अनुसार फुलेरा दूज का पर्व 1 मार्च को ही मनाया जाएगा। यह दिन भगवान कृष्ण और राधा रानी के प्रेम को समर्पित है। धार्मिक मत के अनुसार इस दिन भगवान कृष्ण और राधा रानी ने फूलों की होली खेली थी। इस दिन क्या कार्य करने से आपको लाभ होगा और क्या काम करने से इस दिन आपको बचना चाहिए, आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं। फुलेरा दूज के दिन करें ये काम     भगवान कृष्ण और राधा रानी के प्रेम को समर्पित फुलेरा दूज के दिन आपको विधि-विधान से राधा-कृष्ण की पूजा करनी चाहिए।     इस दिन श्रीकृष्ण की पूजा में दूर्वा, अक्षत, खीर आदि अर्पित करना शुभ माना जाता है।     इसके साथ ही राधा रानी और भगवान कृष्ण को इस दिन फूल भी अवश्य चढ़ाने चाहिए।     अगर आपके घर में राधा कृष्ण की प्रतिमाएं हैं तो उन्हें रंग-बिरंगे वस्त्र इस दिन आपको पहनाने चाहिए।     भगवान कृष्ण के प्रिय भोग माखन, मिश्री को भी पूजा में अवश्य शामिल करेंगे।     राधा रानी को इस दिन श्रृंगार की सामग्री अर्पित करनी चाहिए। इसके साथ ही गुलाल भी राधा-कृष्ण को अर्पित करें।     भगवान कृष्ण की प्रिय धेनु यानि गाय की भी इस दिन आपको सेवा करनी चाहिए।     इस दिन व्रत रखने से और राधा-कृष्ण की पूजा करने से प्रेम और वैवाहिक संबंधों में निखार आता है।     आप फुलेरा दूज के दिन अपने साथी को उपहार देते हैं तो स्नेह और प्रेम का बंधन मजबूत होता है। फुलेरा दूज के दिन क्या न करें     भगवान कृष्ण को समर्पित इस दिन आपको गलती से भी किसी के साथ बुरा व्यवहार नहीं करना चाहिए।     भोजन से जुड़े नियमों का भी पालन आपको करना चाहिए और इस दिन मांस, मदिरा आदि तामसिक चीजों को ग्रहण नहीं करना चाहिए।     किसी के प्रति भी इस दिन अपने दिल में बैर भाव न लाएं।     इस दिन राधा-कृष्ण को अर्पित किए गए प्रसाद, गुलाल, फूल को गलती से भी किसी के भी पैरों के नीचे न आने दें।   recent visitors 47

दीनदयाल रसोई योजना में अब तक 4 करोड़ से अधिक भोजन थाली जरूरतमंदों को उपलब्ध कराई जा चुकी

भोपाल प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में व्यवसाय और श्रम कार्य के लिये ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले गरीब परिवारों को नगरीय एवं आवास विभाग द्वारा रियायती दर मात्र 5 रुपये में थाली उपलब्ध करायी जा रही है। प्रदेश में संचालित दीनदयाल रसोई योजना का 3 चरणों में विस्तार किया गया है। योजना में अब तक 4 करोड़ से अधिक भोजन थाली जरूरतमंदों को उपलब्ध कराई जा चुकी है। वर्तमान में 124 नगरीय निकायों में 191 रसोई केन्द्र संचालित हो रहे हैं। इनमें 166 स्थायी और 25 चलित रसोई केन्द्रों से शहरी जरूरतमंदों को भोजन थाली उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश के 16 नगर निगमों में 58 स्थायी रसोई केन्द्र, 99 नगरपालिका परिषद में 99 स्थायी रसोई केन्द्र और 9 नगर परिषदों में 9 स्थायी रसोई केन्द्र संचालित हो रहे हैं। प्रदेश में संचालित 25 चलित रसोई केन्द्र में से 16 नगर निगमों में 23 चलित रसोई केन्द्र और 2 नगरपालिका परिषद में 2 चलित रसोई केन्द्र संचालित हो रहे हैं। नगरीय निकायों में चलित रसोई केन्द्र की सुविधा इसलिये प्रारंभ की गई है कि जरूरतमंदों को उनके श्रम स्थान पर पहुंचकर ही भोजन थाली उपलब्ध कराई जा सके। संस्था को दी जाने वाली अनुदान राशि नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा रसोई योजना संचालित करने वाली संस्था को विभाग द्वारा प्रति थाली 10 रुपये अनुदान राशि उपलब्ध करायी जा रही है। रसोई योजना का संचालन प्रतिदिन प्रात: 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक रसोई केन्द्र में स्वच्छता के साथ किये जाने की व्यवस्था की गयी है। व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी नगरीय निकायों के अमले को सौंपी गयी है। शहरी क्षेत्र में 25 चलित रसोई केन्द्रों के लिये सुसज्जित वाहन विभाग द्वारा नगरीय निकायों को दिये गये हैं। प्रदेश के 6 धार्मिक नगरों मैहर, चित्रकूट, ओंकारेश्वर, महेश्वर, ओरछा और अमरकंटक में भी रसोई केन्द्र की व्यवस्था की गयी है। इन धार्मिक नगरों में बड़ी संख्या में निर्धन वर्ग के श्रद्धालु इन स्थानों पर पहुंचते हैं। विभाग द्वारा योजना के विस्तार के लिये लगातार प्रयास किये जा रहे हैं।   recent visitors 34

जीआईएस के दौरान गजब संभाला ट्रैफिक, 48 घंटों में रेगुलर फ्लाइट्स के साथ आए 52 जेट्स

भोपाल  राजधानी के राजा भोज एयरपोर्ट ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) के दौरान कमाल का काम दिखाया। एयरपोर्ट ने कई विमानों की आवाजाही को बड़ी कुशलता से संभाला। इस दौरान एक अंतर्राष्ट्रीय उड़ान और 52 प्राइवेट जेट (आने और जाने दोनों) एयरपोर्ट पर आए। लगभग 15 प्राइवेट जेट 24 और 25 फरवरी को एयरपोर्ट पर ही रुके रहे। किसी भी तरह की उड़ानों के लिए तैयार एयरपोर्ट भोपाल एयरपोर्ट के डायरेक्टर रामजी अवस्थी ने बताया कि दुबई से एक चार्टर्ड फ्लाइट आई थी। अवस्थी ने कहा, 'सभी उड़ानों को पूरी सुविधाएं दी गईं।' नियमित उड़ानें भी इन अतिरिक्त उड़ानों के साथ बिना किसी रुकावट के चलती रहीं। अवस्थी ने यह भी कहा, 'अब हम किसी भी तरह की उड़ानों के लिए पूरी तरह तैयार हैं, भोपाल एयरपोर्ट ने यह साबित कर दिया है।' कमाल का दिखा मैनेजमेंट GIS के दौरान, एयरपोर्ट स्टाफ ने दुबई से आए एक इंटरनेशनल चार्टर्ड फ्लाइट और बीस प्राइवेट जेट्स को संभालने के लिए बहुत अच्छा तालमेल दिखाया। दुबई की फ्लाइट में तीन यात्री थे जो समिट में शामिल होने आए थे। एयरपोर्ट पर 24 और 25 फरवरी को काफी ज़्यादा काम का बोझ था, क्योंकि पंद्रह प्राइवेट जेट रात भर वहीं खड़े रहे। इतनी व्यस्तता के बावजूद, एयरपोर्ट ने अपनी नियमित व्यावसायिक उड़ानों का शेड्यूल बिना किसी देरी या रुकावट के बनाए रखा। बिना रुके काम करती रहीं टीम ग्राउंड हैंडलिंग टीम ने बिना रुके काम किया ताकि सभी काम सुचारू रूप से चलते रहें। उन्होंने सभी विमानों के लिए ईंधन भरने, मेंटेनेंस चेक और यात्रियों की देखभाल जैसी सभी ज़रूरी सेवाएं दीं। एयर ट्रैफिक कंट्रोल टॉवर ने बढ़े हुए टेकऑफ़ और लैंडिंग को बड़ी कुशलता से मैनेज किया। अवस्थी ने आगे बताया, 'एयरपोर्ट का इंफ्रास्ट्रक्चर एक साथ कई तरह के विमानों को संभालने के लिए पर्याप्त साबित हुआ। पार्किंग बे में प्राइवेट जेट के साथ-साथ नियमित व्यावसायिक विमानों के लिए भी जगह रही। टर्मिनल बिल्डिंग ने अतिरिक्त यात्रियों को सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए कुशलता से संभाला।' recent visitors 35

6 किमी लंबे ‘सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर’ पर इंदौर में यात्री सेवा मार्च में शुरू

इंदौर  6 किमी लंबे 'सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर' पर इंदौर में यात्री सेवा शुरू हो सकती है। भोपाल में भी मेट्रो का काम चल रहा है, लेकिन कुछ देरी हो रही है। इस देरी का कारण भोपाल में प्रायोरिटी कॉरिडोर का विस्तार और कुछ ज़रूरी निर्माण कार्य हैं। दोनों शहरों में एक साथ मेट्रो का काम शुरू हुआ था, लेकिन इंदौर अब आगे निकल गया है। इंदौर में सुरक्षा जांच पूरी हो चुकी है, जबकि भोपाल में अभी कुछ महीने और लगेंगे। एक साथ शुरु हुआ था प्रोजेक्ट इंदौर और भोपाल, दोनों शहरों में मेट्रो परियोजना एक साथ शुरू हुई थी। लेकिन, अब इंदौर भोपाल से आगे निकल गया है। इंदौर में 6 किलोमीटर लंबे 'सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर' पर अगले महीने, यानी मार्च के आखिरी हफ़्ते में यात्री सेवा शुरू होने की उम्मीद है। इस कॉरिडोर पर पांच मेट्रो स्टेशन बनाए गए हैं। इंदौर मेट्रो ने सभी ज़रूरी परीक्षण और जांच पूरी कर ली हैं। कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी की टीम ने भी निरीक्षण कर लिया है। बस अब उनकी तरफ से NOC मिलना बाकी है। लखनऊ से बोगी लेकर आती है टीम अब उम्मीद है कि अगले महीने मेट्रो कंपनी पूरे ट्रैक का परीक्षण करवाने के लिए रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन (RDSO) को बुला सकती है। RDSO लखनऊ से अपनी तकनीकी उपकरणों के साथ एक पूरी बोगी में आता है। RDSO के परीक्षण के बाद ही मेट्रो सेवा शुरू करने की अनुमति मिलती है। भोपाल में भी तेजी पकड़ रहा काम भोपाल में भी मेट्रो का काम तेज़ी से चल रहा है, लेकिन अभी कुछ समय और लगेगा। भोपाल का प्रायोरिटी कॉरिडोर 6.22 किमी लंबा है, जो इंदौर से थोड़ा बड़ा है। शुरुआत में भोपाल में सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन तक ही मेट्रो चलाने की योजना थी। लेकिन बाद में इस कॉरिडोर को एम्स तक बढ़ा दिया गया। इसके अलावा, रेलवे लाइन के ऊपर पुल बनाने का काम भी जुड़ गया। इन वजहों से भोपाल मेट्रो में देरी हो रही है। अफसरों ने बताया कि मेट्रो शुरू होने में अभी 5 महीने और लग सकते हैं। एनओसी मिलते ही शुरु हो जाएगी सेवा भोपाल मेट्रो के एमडी एस. कृष्ण चैतन्य ने एक बयान में बताया कि इंदौर में बस CMRS की NOC का इंतज़ार है। NOC मिलते ही यात्री सेवा शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि भोपाल में प्रायोरिटी कॉरिडोर का सिविल वर्क लगभग पूरा होने वाला है। सुभाष नगर डिपो में भी अभी 20% काम बाकी है। सुभाष नगर से आरकेएमपी स्टेशन तक ट्रायल रन हो चुका है। आरकेएमपी से एम्स तक ट्रैक बनाने में लगभग 17 महीने लग गए। भोपाल में आरओबी की अनुमति में लगा समय इन 17 महीनों में सबसे ज़्यादा समय गणेश मंदिर के सामने रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) की अनुमति लेने में लगा। इसमें लगभग 9 महीने लग गए। इस दौरान रेलवे से अनुमति लेनी पड़ी और स्टील का पुल बनाना पड़ा। recent visitors 41

2 लाख का इनाम जीतो, रील बनाने पर सरकार देगी पैसा, बस करना होगा ये काम

भोपाल मध्यप्रदेश मे अब राज्य सरकार रील बनाने पर युवाओं को पैसा देगा. रील प्रतियोगिता के तहत सरकार युवाओं को दो लाख रुपए तक की प्रोत्साहन राशि देगी. दरअसल, राज्य सरकार की तरफ से स्वच्छ एमपी रील प्रतियोगिता की घोषणा की गई है. इसके लिए प्रतिभागियों को 15 अप्रैल तक गांवों में कचरे से जुड़ी जागरूकता पर रील बनाकर सरकार द्वारा निर्धारित लिंक पर अपलोड करनी होगी. पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने प्रतियोगिता की घोषणा करते हुए कहा कि, प्रदेशभर से प्राप्त रीलों में से सर्वश्रेष्ठ पांच प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार दिया जाएगा. नकद पुरस्कार दिया जाएगा आपको बता दें कि MP पंचायत एवं ग्रामीण विकास ने स्वच्छता पर रील बनाने वाले को इनाम देने का ऐलान किया है। 15 अप्रैल तक गांवों में कचरे से जुड़ी जागरूकता पर रील बनाना होगा। इस प्रतियोगिता के तहत राज्य सरकार युवाओं को 2  लाख रुपए तक की प्रोत्साहन राशि देगी। प्रदेशभर से प्राप्त रीलों में से सर्वश्रेष्ठ 5  प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार दिया जाएगा। पहला पुरस्कार 2  लाख रुपए, दूसरा पुरस्कार 1 लाख रुपए, तीसरा पुरस्कार 50 हजार रुपए और 25-25 हजार रुपए के 2  सांत्वना पुरस्कार दिए जाएंगे। रील बनाकर भेज सकते हैं आपको बतादें कि इस संबंध में कैबिनेट मिनिस्टर प्रहलाद पटेल ने जानकारी देते हुए कहा कि गांवों में कचरा न फैले, इसके लिए कचरा प्रबंधन पर सभी को साथ मिलकर काम करना होगा। इस उद्देश्य से स्वच्छ एमपी रील प्रतियोगिता शुरू कर रही है। प्रतियोगिता के तहत नौजवान बेटे-बेटियां और अभिभावक स्वच्छता और अच्छी आदतों पर रील बनाकर भेज सकते हैं। मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि, गांवों में कचरा न फैले, इसके लिए कचरा प्रबंधन पर सभी को साथ मिलकर काम करना होगा. इस उद्देश्य से स्वच्छ एमपी रील प्रतियोगिता शुरू की जा रही है. इस प्रतियोगिता के तहत नौजवान बेटे-बेटियां और अभिभावक स्वच्छता और अच्छी आदतों पर रील बनाकर भेज सकते हैं.  रील बनाने पर मिलेगा इनाम प्रहलाद पटेल ने कहा इस पहल से न केवल प्रतिभागी आर्थिक पुरस्कार प्राप्त करेंगे, बल्कि समाज को जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. इसलिए सभी से अनुरोध है कि, एक बार कैमरा उठाएं और स्वच्छता के संदेश के साथ रील बनाने के लिए आगे आएं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन की कल्पना की थी. इसी को साकार करने के लिए सरकार ने 'कचरा नहीं, यह कंचन है' का संदेश दिया है. यदि कचरे को सही तरीके से अलग किया जाए, तो यह आय का भी स्रोत बन सकता है.  इस लिंक पर करें अपलोड स्वच्छता के प्रति जागृति संबंधी रील बनाकर https://mp.mygov.in/task/swachh-madhya-pradesh-reel-making-contest… पर रजिस्ट्रेशन कर रील अपलोड करना होगा. इसमें प्रथम पुरस्कार की राशि 2 लाख रुपए है. मंत्री प्रहलाद पटेल से आग्रह किया है कि 'स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 'स्वच्छ एमपी रील प्रतियोगिता' में भाग लेकर http://mp.mygov.in पर 15 अप्रैल तक अपलोड करें. बता दें कि पहला पुरस्कार दो लाख रुपए, दूसरा पुरस्कार एक लाख रुपए और तीसरा पुरस्कार 50 हजार रुपए दिलाएगा. इसके अलावा 25-25 हजार रुपए के दो सांत्वना पुरस्कार दिए जाएंगे. recent visitors 30