Friday, July 10, 2026 9:25 am

बिजली चोरी एवं अनियमितताओं के प्रकरण में करायें समझौता : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल आगामी 08 मार्च 2025 (शनिवार) को नेशनल लोक अदालत में बिजली चोरी एवं अनियमितताओं के प्रकरण को आपसी समझौतो से निराकृत किया जाएगा। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने विद्युत अधिनियम 2003 धारा 135 के अंतर्गत न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विद्युत उपभोक्ताओं एवं उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि वे अप्रिय कानूनी कार्यवाही से बचने के लिए अदालत में समझौता करने के लिए संबंधित बिजली कार्यालय से संपर्क करें। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि धारा 135 के अंतर्गत अदालत में लंबित प्रकरणों का निराकरण करने के लिये निम्न दाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवॉट तक के गैर घरेलू एवं 10 अश्व शक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को प्रकरणों में ही छूट दी जाएगी। प्रि-लिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत एवं आकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात् प्रत्‍येक छः माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।   लिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात् प्रत्येक छःमाही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। लोक अदालत में छूट नियम एवं शर्तों के तहत दी जाएगी आवेदक को निर्धारित छूट के उपरांत शेष बिल आकलित सिविल दायित्व एवं ब्याज की राशि का एकमुश्त भुगतान करना होगा। उपभोक्ता/उपयोगकर्ता को विचाराधीन प्रकरण वाले परिसर एवं अन्य परिसरों पर उसके नाम पर किसी अन्य संयोजन/संयोजनों के विरूद्ध विद्युत देयकों की बकाया राशि का पूर्ण भुगतान भी करना होगा। आवेदक के नाम पर कोई वैध कनेक्शन न होने की स्थिति में छूट का लाभ प्राप्त करने के लिये आवेदक द्वारा वैध कनेक्शन प्राप्त करना एवं पूर्व में विच्छेदित कनेक्शनों के विरूद्ध बकाया राशि (यदि कोई हो) का पूर्ण भुगतान किया जाना अनिवार्य होगा। नेशनल लोक अदालत में छूट आवेदक द्वारा विद्युत चोरी/अनधिकृत उपयोग पहली बार किये जाने की स्थिति में ही दी जाएगी। विद्युत चोरी/अनधिकृत उपयोग के प्रकरणों में पूर्व की लोक अदालत/अदालतों में छूट प्राप्त किये उपभोक्ता/उपयोगकर्ता छूट के पात्र नहीं होंगे। सामान्य बिजली बिलों में जुड़ी बकाया राशि पर कोई छूट नहीं दी जाएगी।  नेशनल लोक अदालत में दी जा रही छूट आंकलित सिविल दायित्‍व राशि 10 लाख रूपये तक के प्रकरणों के लिए सीमित रहेगी। यह छूट मात्र नेशनल ‘‘लोक अदालत‘‘ 8 मार्च 2025 को समझौते करने के लिये ही लागू रहेगी।   recent visitors 41

728013 लम्बित प्रकरणों में कराया राजीनामा, राजस्थान-राष्ट्रीय लोक अदालत में अभूतपूर्व सफलता

जयपुर। मुख्य न्यायाधिपति श्री एम.एम.श्रीवास्तव, राजस्थान उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक, राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रेरणादायी सानिध्य एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली के तत्वावधान में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा वर्ष 2024 की चतुर्थ राष्ट्रीय लोक अदालत का राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर पीठ में तथा जिला एवं मजिस्ट्रेट विचारण न्यायालयों,अधिकरणों,आयोगो,उपभोक्ता मंचों,राजस्व न्यायालयों आदि में आयोजित किया गया। मुख्य न्यायाधिपति एवं मुख्य संरक्षक, रालसा श्री मनिन्द्र मोहन श्रीवास्तव की प्रेरणा एवं न्यायाधीश एवं कार्यकारी अध्यक्ष, रालसा श्री पंकज भण्डारी के मार्गदर्शन में विधिक सेवा संस्थाओं द्वारा सम्पूर्ण प्रदेश में अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए कुल 7,28,013 लम्बित प्रकरणों सहित कुल 40,62,824 प्रकरणों का लोक अदालत की भावना के जरिए राजीनामा निस्तारण किया गया, जिसमें कुल 11,75,64,52,534/- रुपये की राशि के अवॉर्ड पारित किये गये। राजस्थान उच्च न्यायालय की  जयपुर पीठ द्वारा 655 प्रकरणों का राजीनामे के माध्यम से निस्तारण किया गया। recent visitors 79

‘आपसी समझाइश द्वारा लंबित प्रकरणों का होता है निस्तारण: न्यायाधिपति भंडारी’, राजस्थान-जयपुर में चतुर्थ राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ

जयपुर। राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष पंकज भंडारी द्वारा राजस्थान उच्च न्यायालय की जयपुर पीठ के परिसर में वर्ष 2024 की चतुर्थ राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ किया गया। शुभारंभ समारोह में न्यायाधिपति श्री भंडारी ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से आपसी समझाइश द्वारा लंबित प्रकरणों के निस्तारण की मूल भावना को साकार किया जाता है। जिससे पक्षकारों के समय की बचत होने के साथ ही उनके मध्य वैमनस्य का भाव भी समाप्त होता है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत कानूनी प्रक्रिया में एक सशक्त माध्यम का रूप ले रही है। यही कारण है कि इस वर्ष की गत लोक अदालतों के द्वारा लंबित प्रकरणों में 7 प्रतिशत तक की कमी आई है। अनुभवी मध्यस्थ एवं सलाहकारों के माध्यम से राष्ट्रीय लोक अदालत पक्षकारों को आपसी सुलह का मार्ग दिखाती है एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में प्रकरणों के निस्तारण की प्रकिया को सफल बनाती है। राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर पीठ में आयोजित इस चतुर्थ राष्ट्रीय लोक अदालत में लंबित प्रकरणों सहित प्री-लिटिगेशन स्तर तक के समस्त प्रकरणों का आपसी समझाइश से निस्तारण किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में जिला स्तर पर स्थित समस्त न्यायालयों के साथ राजस्व न्यायालयों, उपभोक्ता मंचों एवं अन्य प्रशासनिक अधिकरणों में रविवार को इस चतुर्थ राष्ट्रीय अदालत का आयोजन हो रहा है। recent visitors 63

छतरपुर : 14 सितम्बर को नेशनल लोक अदालत का आयोजन

Chhatarpur: National Lok Adalat organized on 14th September

Chhatarpur: National Lok Adalat organized on 14th September छतरपुर ! 14 सितम्बर 2024 को जिला एवं तहसील न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। सभी व्यक्तियों से अनुरोध है कि अधिक जानकारी के लिए कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण छतरपुर में या निःशुल्क न. 15100 पर कॉल कर सम्पर्क कर सकते हैं।लोक अदालत एक ऐसा मंच है जहां न्यायालय में लंबित या मुकदमे के रूप में दाखिल नहीं किए गए मामलों का सौहार्दपूर्ण तरीके से निपटारा किया जाता है। यह सामान्य न्यायालयों से अलग होता है क्योंकि यहां विवादित पक्षों के बीच परस्पर समझौते के माध्यम से विवादों का समाधान किया जाता है। इसीलिए छतरपुरवासियों से अपील की जाती है कि त्वरित एवं सस्ते न्याय के लिए 14 सितंबर को लोक न्यायालय पहुंचकर उसका लाभ उठाएं। recent visitors 168