Sunday, July 5, 2026 3:10 am

ईडी ने कांग्रेस भवन निर्माण को लेकर मलकीत सिंह गैदू से तीन बिंदुओं पर पूछताछ की, कांग्रेस ने ईडी दफ्तर का किया घेराव

रायपुर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू आज 7 पन्नों के जवाब के साथ ईडी दफ्तर पहुंचे. जहां ईडी ने कांग्रेस भवन निर्माण को लेकर मलकीत सिंह गैदू से तीन बिंदुओं पर पूछताछ की. वहीं कांग्रेस ने ईडी दफ्तर का घेराव किया. पूछताछ को लेकर मलकीत सिंह गैदू ने बताया कि सात पन्नों के जवाब के साथ आज ED के समक्ष पेश हुआ. आज उन्होंने मुझसे कोई निजी सवाल नहीं पूछे. सभी सवालों का जवाब और बयान मैंने दर्ज कराया है. पूछताछ के लिए कोई नई तारीख नहीं दी गई है. ईडी दफ्तर में पेश होने के बाद मलकीत सिंह गैदू कांग्रेस के प्रदर्शन में शामिल हुए. इस दौरान प्रभारी महामंत्री मलकीत ने पीसीसी चीफ दीपक बैज को ईडी की पूछताछ को लेकर जानकारी दी. बता दें कि कांग्रेस ने आज ईडी दफ्तर का घेराव किया. इस प्रदर्शन में कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ता जुटे. कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा राज्य में विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए ईडी का दुरुपयोग कर रही है. ईडी के अधिकारी भी अपने शासकीय कर्मचारी होने की मर्यादा को भूलकर भाजपा कार्यकर्ता की भांति काम कर रही है. ईडी के कार्यप्रणाली के विरोध में आज कांग्रेस ने सुभाष स्टेडियम स्थित ईडी दफ्तर का घेराव किया. recent visitors 28

संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ

भोपाल तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक नए मानक की स्थापना करते हुए संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क (एसएसआरजीएसपी) ने अप्रैल 2025 सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दी। यह संस्थान तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में युवाओं को नवीनतम उद्योग आधारित प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के लिए तैयार कर रहा है। तकनीक की दुनिया लगातार बदल रही है। इसी बदलाव के अनुरूप एसएसआरजीएस पीने उन्नत पाठ्यक्रम तैयार किए हैं। यहां ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिकल टेक्नोलॉजी (पॉवर एंड कंट्रोल), एयर कंडीशनिंग और रेफ्रिजरेशन, नेटवर्किंग और सिस्टम्स एडमिनिस्ट्रेशन, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल सर्विसेज, इलेक्ट्रॉनिक्स (मोबाइल डिवाइसेज और आईओटी इंटीग्रेशन), मेकाट्रॉनिक्स, मैकेनिकल टेक्नोलॉजी और प्रिसिजन इंजीनियरिंग जैसे आधुनिक कोर्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कहा कि प्रदेश के युवा तकनीकी रूप से सक्षम होकर आत्मनिर्भर बनें, यह सरकार की प्राथमिकता है। उद्योगों की बढ़ती मांग को देखते हुए एसएसआरजीएसपी में विश्वस्तरीय कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करा रहा है। प्रमुख सचिव श्री पी. नरहरि ने बताया कि ग्लोबल स्किल्स पार्क सिर्फ एक प्रशिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि प्रदेश को कुशल जनशक्ति देने का एक प्रभावी मंच है, जहां विद्यार्थियों को इंडस्ट्री-अनुकूल प्रशिक्षण देकर रोजगार के नए अवसरों से जोड़ा जा रहा है। तकनीकी दक्षता के साथ एसएसआरजीएसपी विद्यार्थियों को सुरक्षित और आधुनिक शिक्षण माहौल उपलब्ध कराता है। यहां व्यक्तिगत मार्गदर्शन, उद्योगों के साथ सीधा संवाद और व्यावहारिक शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाता है, जिससे प्रशिक्षार्थी अपने कौशल को बेहतर कर सकें। प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है इच्छुक विद्यार्थी www.globalskillspark.in पर आवेदन कर सकते हैं।   recent visitors 23

अवैध बजरी परिवहन करते बिना नंबर के 2 डंपर और 1 ट्रेलर खान विभाग की टीम ने किए जब्त

एक सप्ताह में 3 जेसीबी, 1 कंप्रेसर, डंपर ट्रेलर, ट्रॉली सहित 28 वाहन जब्त जयपुर, खान विभाग की टीम ने सोमवार तड़के जयपुर के आसलपुर में बजरी का अवैध परिवहन करते  बिना नंबर के 2 डंपर और 1 ट्रेलर  को जब्त किया है।  टीम ने एक सप्ताह में 28 वाहन जब्ती कर संबंधित पुलिस थानों के सुपुर्द किया है। एमई जयपुर श्याम कापड़ी ने बताया कि अवैध खनन/निर्गमन के विरूद्ध जीरो टॉलरेंस अपनाते हुए पिछले सप्ताह  ग्राम दांतली, सांगानेर में खनिज मैसनरी स्टोन का अवैध खनन करते हुए पाये जाने पर 3 जेसीबी मशीन, 2 डम्पर, 3 ट्रेक्टर ट्रॉली और 1—1 कम्प्रेशर मशीन और डम्पर को जब्त कर पुलिस थाना शिवदासपुरा के सुपुर्द किया  गया। अवैध खनिज निर्गमन करते हुए पाये जाने पर 4 डम्पर, 2 ट्रेक्टर ट्रॉली को पुलिस थाना फागी में, 4 ट्रेक्टर ट्रॉली पुलिस थाना सांगानेर सदर में, 1 डम्पर पुलिस थाना माधोराजपुरा, 1 डम्पर पुलिस थाना रेनवाल मांझी, 3 डम्पर पुलिस थाना जोबनर की सुपुदगी में दिया गया। इस प्रकार कुल 18 प्रकरणों मे जब्त 03 जेसीबी मशीन, 01 कम्प्रेशर मशीन, 12 डम्पर, 9 ट्रेक्टर ट्रॉली से  48 लाख रू. की वसूली की कार्रवाई की गई। recent visitors 41

सिंहस्थ निर्माण कार्यों को गुणवत्ता और समय सीमा मे काम करना सुनिश्चित करें: अपर मुख्य सचिव मंडलोई

  भोपाल अपर मुख्य सचिव श्री नीरज कुमार मंडलोई ने उज्जैन में सोमवार को सिंहस्थ-2028 के प्रचलित और प्रस्तावित कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने लोक निर्माण विभाग, मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम और ब्रिज कॉरपोरेशन व विद्युत विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए हैं कि सभी 2 वर्ष में पूर्ण होने वाले निर्माण कार्य, जून-2027 तक आवश्यक रूप से पूर्ण किये जाएं। सभी विभाग के अधिकारी समन्वय करें, किसी प्रकार का कोई गतिरोध ना हो। कलेक्टर सभागृह में आयोजित बैठक में संभाग आयुक्त श्री संजय गुप्ता, प्रभारी कलेक्टर श्रीमति जयति सिंह, और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अपर मुख्य सचिव श्री मंडलोई ने बैठक मे सभी निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जून-2027 तक सभी बड़े कार्यों को पूर्ण करने की कार्य योजना बनाकर काम करें। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। कार्यों की डीपीआर बनाने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय होगी। संबंधित अधिकारियों को इसकी जिम्मेदारी लेना होगी। एसीएस श्री मंडलोई ने रेलवे ओवर ब्रिज की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि इसके लिए ब्रिज कॉर्पोरेशन के चीफ इंजीनियर सीधे रेल्वे के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करेंगे। प्रतिदिन कार्य की मॉनिटरिंग कर रिपोर्ट प्रत्येक 15 दिन में अपर मुख्य सचिव को दिए जाने के निर्देश दिए गए हैं। अपर मुख्य सचिव श्री मंडलोई ने निर्देश दिए की उज्जैन सिंहस्थ-2028 के लिए चल रहे निर्माण कार्य और प्रस्तावित कार्यों के लिए वह भू-अर्जन के लिए अलग से एक व्यवस्था बनाई जावे जिससे किसी भी निर्माण एजेंसी को समस्या ना हो और निर्माण कार्य  की गति प्रभावित न हो। संभाग आयुक्त श्री गुप्ता ने बताया कि इसके लिए 100 करोड़ रू. का एक अतिरिक्त फंड बनाया जाकर काम किए जाने का प्रस्ताव दिया गया है। प्रेजेंटेशन में बताया गया कि आगर मालवा जिले में आमला से नलखेड़ा तक 13 किलोमीटर का फोर लाइन बायपास निर्माण भी किया जाना प्रस्तावित है, जिससे बगलामुखी माता मंदिर के लिए जाने की सुविधा प्राप्त होगी। मंदसौर में पशुपतिनाथ से नालछा माता मंदिर तक फोरलेन का बायपास भी प्रस्तावित किया गया है। अपर मुख्य सचिव श्री मंडलोई ने निर्देश दिए हैं कि सिंहस्थ के निर्माण कार्य को देखते हुए पीडब्ल्यूडी का एक डिविजन और ब्रिज कॉर्पोरेशन का एक सब डिवीजन उज्जैन में स्थापित होगा। इससे कार्य को गति मिले और 2 वर्ष की अवधि में सभी निर्माण कार्यों को पूर्ण करने में सुविधा होगी। उज्जैन इंदौर सिक्स लेन मार्ग का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, जिस पर अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि रोड सेफ्टी के साथ-साथ आसपास की गाड़ियां सीधे रोड पर ना चढ़े, इसकी व्यवस्था भी कि जाये, लाइट एवं अन्य व्यवस्थाओं का भी ध्यान रखा जाए। बैठक में उज्जैन-जावरा 5000 करोड़ रुपये के 98 किलोमीटर के ग्रीनफील्ड मार्ग के लिए भी प्रेजेंटेशन दिया गया। इसमें सिविल वर्क रू. 2029 करोड़ का है। उज्जैन-मक्सी फोरलेन मार्ग 38 किलोमीटर का है जो 16 मीटर चौड़ा मार्ग प्रस्तावित है और इसकी प्रस्तावित लागत रू. 273 करोड़ है। इंगोरिया-उन्हेल मार्ग जिसकी लम्बाई 24 किलोमीटर है जो रू. 112 करोड़ की लागत से बनाया जाएगा, इंगोरिया- देपालपुर मार्ग 32 किलोमीटर का 2 लेन मार्ग रू.195 करोड़ की लागत से बनाया जाना प्रस्तावित है। उज्जैन सिंहस्थ 701 करोड़ रुपये की लागत का बायपास फोरलेन  19.82 किलोमीटर का मार्ग 17 मीटर चौड़ा बनेगा। अपर मुख्य सचिव श्री मंडलोई ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कार्यों को समन्वय के साथ तीव्र गति से किया जाये। अतिरिक्त अमले की आवश्यकता पर विभाग सीधे पत्राचार करें, जिससे कार्य की गति भी प्रभावित न हो। अपर मुख्य सचिव श्री मंडलोई ने इसके अतिरिक्त विद्युत विभाग की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की और मेडिसिटी के प्रेजेंटेशन को देखा अपर मुख्य सचिव ने सभी कार्य योजना पर संतुष्टि जताते हुए कहा कि उपरोक्त कार्य योजना बेहतर है। कार्य योजना समय पर पूर्ण कर लेने पर हम  सिंहस्थ-2028  में बेहतर कनेक्टिविटी बना पाएंगे सभी अधिकारियों को उन्होंने समयबद्ध तरीके से काम करने के निर्देश भी दिए हैं।  recent visitors 26

पैक्स कंप्यूटराइजेशन के सफल क्रियान्वयन हेतु पैक्स प्रबंधकों को प्रोत्साहन राशि रुपये 5000 स्वीकृत

नई दिल्ली केंद्र प्रायोजित पैक्स कम्प्यूटराइजेशन योजना के क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में मध्यप्रदेश राज्य की स्थिति देश में निरंतर अग्रणी रही है। वर्तमान में पैक्स के डिजिटाइजेशन एवं सॉफ्टवेयर आधारित अंकेक्षण का कार्य प्रगति पर है। योजना के क्रियान्वयन एवं मॉनिटरिंग हेतु गठित स्टेट लेवल इम्प्लीमेंटेंशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (एस एल आई एम सी) की बैठक दिनांक 3.3.25 मंत्रालय में श्री अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव (सहकारिता विभाग) की अध्यक्षता में सर्व सम्मति से पैक्स प्रबंधकों/ सहायक समिति प्रबंधकों को एकबारगी राशि रुपये 5000/- की प्रोत्साहन राशि की स्वीकृति प्रदान की गई। इसके लिए दिनांक 15.5.25 तक पैक्स को ई-पैक्स (तातारीख़ सॉफ्टवेयर पर कार्यशील होना) घोषित किया जाना अनिवार्य होगा। साथ ही जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों (डीसीसीबी) के 2 मास्टर ट्रैनर्स, जिनके बैंक की न्यूनतम 50% पैक्स को उक्त दिनांक तक ई-पैक्स घोषित किया गया है, को प्रतिमाह राशि रुपए 1000/- का प्रोत्साहन आगामी 12 माह तक प्रदान किया जाएगा। पैक्स प्रबंधकों को दी जाने वाले राशि का वहन अपैक्स बैंक तथा मास्टर ट्रेनर को दी जाने वाली राशि का वहन संबंधित डीसीसीबी द्वारा किया जाएगा। इस तरह अच्छे कार्य को सराहना देने में भी मध्यप्रदेश प्रथम राज्य है। बैठक में श्रीमती सी सरस्वती(मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल), श्री मनोज कुमार गुप्ता ( प्रबंध संचालक, अपैक्स बैंक), श्री अम्बरीश वैद्य (संयुक्त आयुक्त, आयुक्त सहकारिता प्रतिनिधि), श्रीमती अंजुली धुर्वे (मुख्य कार्यपालन अधिकारी, डीसीसीबी रायसेन), श्री विनय प्रकाश सिंह (मुख्य कार्यपालन अधिकारी, डीसीसीबी विदिशा) एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे। recent visitors 49

संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय, रीवा में प्लास्टिक सर्जरी से जोड़ा कटा हुआ हाथ

भोपाल संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय, रीवा के प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने दुर्घटना ग्रस्त श्री अनिल साकेत का कटा हुआ हाथ जटिल शल्य चिकित्सा से पुनः जोड़ने में सफलता प्राप्त की है। इस सफलता पर उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय, रीवा के प्लास्टिक सर्जन डॉ. अजय पाठक एवं उनकी टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि आपकी कार्यक्षमता से प्रदेश की जनता लाभान्वित हो रही है एवं उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त कर रही है। उल्लेखनीय है कि ग्राम सलैया, जिला सीधी निवासी 28 वर्षीय श्री अनिल साकेत का बायां हाथ लकड़ी काटने की मशीन से कलाई से पूर्णतः अलग हो गया था। मरीज को गंभीर अवस्था में उसी दिन सुबह चिकित्सालय लाया गया, जहां वरिष्ठ प्लास्टिक एवं शल्य चिकित्सकों ने तत्काल मूल्यांकन कर पुनः अंग जोड़ने की शल्य प्रक्रिया करने का निर्णय लिया। प्लास्टिक सर्जन डॉ. अजय पाठक एवं वरिष्ठ चिकित्सकों की टीम द्वारा लगभग 6 घंटे तक चले इस जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। इस सर्जरी में अस्थि रोग विभाग के डॉ. बी.बी. सिंह, निश्चेतना विभाग के डॉ. अरविंद राठिया तथा डॉ. आशुतोष का विशेष योगदान रहा। recent visitors 30

मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों से कहा है कि प्रदेश में एक्सप्रेस-वे एवं हाईवे के किनारे शराब की दुकानें बिल्कुल न हो

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  अधिकारियों से कहा है कि प्रदेश में एक्सप्रेस-वे एवं हाईवे के किनारे शराब की दुकानें बिल्कुल न हो. मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर यह देखा गया है कि शराब की दुकानों के साइनेज बोर्ड बहुत बड़े होते हैं, इन्हें छोटा किया जाए. मुख्यमंत्री ने रविवार को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में यह आदेश दिए. मुख्यमंत्री ने सड़क दुर्घटनाओं के वार्षिक आंकड़ों पर अधिकारियों के साथ चर्चा की. मुख्यमंत्री ने कहा कि दूसरे प्रदेश से आने वाले बिना परमिट के वाहनों को बॉर्डर पर रोकें जाए. सीएम योगी ने कहा कि ट्रासंपोर्ट एसोसिएशन एवं व्हीकल एसोसिएशन से संवाद स्थापित कर यह सुनिश्चित कराएं कि लंबी दूरी के वाहनों पर दो ड्राइवर हों. इससे भी दुर्घटनाओं में कमी आ सकती है. इसी के साथ सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि एक्सप्रेस-वे एवं हाइवे पर क्रेन, पेट्रोलिंग वाहन और एंबुलेंस की संख्या बढ़ाएं. एनएचआई की 93 सड़कों में से सिर्फ चार पर लगे हैं कैमरे: मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एनएचआई की 93 सड़कें हैं, इनमें से सिर्फ चार सड़कों पर कैमरे लगें है, मुख्यमंत्री ने बाकी सड़कों पर भी कैमरे लगाने को कहा है. सीएम योगी ने कहा कि अक्सर यह देखा गया है कि सड़क पर करते समय भी बहुत सी दुर्घटनाएं हो जाती हैं, इसके दृष्टिगत एनएचआई की बहुत सी सड़कों पर फुट ओवर ब्रिज की आवश्यकता है, स्थानों को चिन्हित कर उनका भी निर्माण कराया जाए.उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी प्रमुख मार्गों पर सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित साइनेज अवश्य लगाएं. ई रिक्शा ड्राइवर का वैरिफिकेशन जरूरी: सीएम योगी ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में यह देखने को मिलता है नाबालिक बच्चे ई रिक्शा चला रहे हैं. इस पर प्रभावी अंकुश लगाना बहुत जरूरी है,उन्होंने पुलिस अधिकारियों को इसके लिए आवश्यक कदम उठाने के आदेश दिए.  साथ ही सभी ई रिक्शा ड्राइवर का वैरिफिकेशन अवश्य कराने को कहा. उन्होंने कहा कि आरटीओ ऑफिस को बिचौलियों से पूर्णतः मुक्त रखें, इसके लिए समय-समय पर रैंडम चेकिंग अभियान चलाएं. ट्रैफिक प्रबंधन सुधारने के बताए उपाय: सीएम योगी ने कहा कि सड़क जाम एक बड़ी समस्या बनती जा रही है, ट्रैफिक के सुचारू संचालन के लिए प्रदेश में प्रयाप्त मैनपॉवर उपलब्ध है. आवश्यकता पड़ने पर सिविल पुलिस, पीआरडी और होमगार्ड के जवानों को ट्रेनिंग देकर ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाएं. उन्होंने कहा कि अस्पतालों, स्कूलों एवं मुख्य बाजारों के बाहर टेबल टॉप स्पीड ब्रेकर का निर्माण कराए.मुख्यमंत्री के साथ इस बैठक में  संबंधित विभागों के मंत्री, शासन स्तर के अधिकारी, सभी मंडलों के कमिश्नर, सभी जनपदों के जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर एवं पुलिस अधीक्षक मौजूद थे. ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी खोलेगी योगी सरकार, बच्चों को मिलेगा का लाभ उत्तर प्रदेश सरकार ने गांवों के बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की 22,700 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने का निर्देश दिया है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में हर ग्राम पंचायत में ऐसी लाइब्रेरी बनाना है, जिससे गांवों के बच्चों को भी ऑनलाइन पढ़ाई और डिजिटल संसाधनों का लाभ मिल सके। डिजिटल लाइब्रेरी में बच्चों को ई-बुक्स, डिजिटल कंटेंट, वीडियो, ऑडियो लेक्चर और इंटरनेट की सुविधा मिलेगी। इससे गाँवों के छात्र भी बड़े शहरों के बच्चों की तरह आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। इस योजना के तहत प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर सरकार 4 लाख रुपये खर्च करेगी, जिसमें 2 लाख रुपये डिजिटल उपकरणों जैसे कंप्यूटर, प्रिंटर और इंटरनेट की खरीद पर लगाए जाएंगे, जबकि 2 लाख रुपये किताबों और अन्य अध्ययन सामग्री के लिए होंगे। लाइब्रेरी के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को सौंपी जाएगी, जबकि सहायक अधिकारी इसके रखरखाव और सही उपयोग की निगरानी करेंगे। इस योजना से गांव के बच्चों को बेहतर पढ़ाई के संसाधन मिलेंगे, जिससे उनकी डिजिटल साक्षरता बढ़ेगी और ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, ऑडियो-विजुअल टूल्स की मदद से पढ़ाई को रोचक और प्रभावी बनाया जाएगा। योगी सरकार का मानना है कि डिजिटल शिक्षा गांवों के बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाएगी और उन्हें आधुनिक दुनिया के साथ आगे बढ़ने का अवसर देगी। यह योजना “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को डिजिटल युग के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा। ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी खोलेगी योगी सरकार, बच्चों को मिलेगा का लाभ उत्तर प्रदेश सरकार ने गांवों के बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य की 22,700 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने का निर्देश दिया है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में हर ग्राम पंचायत में ऐसी लाइब्रेरी बनाना है, जिससे गांवों के बच्चों को भी ऑनलाइन पढ़ाई और डिजिटल संसाधनों का लाभ मिल सके। डिजिटल लाइब्रेरी में बच्चों को ई-बुक्स, डिजिटल कंटेंट, वीडियो, ऑडियो लेक्चर और इंटरनेट की सुविधा मिलेगी। इससे गाँवों के छात्र भी बड़े शहरों के बच्चों की तरह आधुनिक शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। इस योजना के तहत प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी पर सरकार 4 लाख रुपये खर्च करेगी, जिसमें 2 लाख रुपये डिजिटल उपकरणों जैसे कंप्यूटर, प्रिंटर और इंटरनेट की खरीद पर लगाए जाएंगे, जबकि 2 लाख रुपये किताबों और अन्य अध्ययन सामग्री के लिए होंगे। लाइब्रेरी के संचालन की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव को सौंपी जाएगी, जबकि सहायक अधिकारी इसके रखरखाव और सही उपयोग की निगरानी करेंगे। इस योजना से गांव के बच्चों को बेहतर पढ़ाई के संसाधन मिलेंगे, जिससे उनकी डिजिटल साक्षरता बढ़ेगी और ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, ऑडियो-विजुअल टूल्स की मदद से पढ़ाई को रोचक और प्रभावी बनाया जाएगा। योगी सरकार का मानना है कि डिजिटल शिक्षा गांवों के बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बनाएगी और उन्हें आधुनिक दुनिया के साथ आगे बढ़ने का अवसर देगी। यह योजना “विकसित भारत 2047” के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और छात्रों को डिजिटल युग के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा।     recent visitors 58