Sunday, July 5, 2026 4:13 am

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 30 लाख 77 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त होना बड़ी उपलब्धि :मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भोपाल में पहली बार हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का सफल आयोजन बेहतर टीमवर्क और समन्वय से संभव हुआ। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के साथ ही बड़ी संख्या में विदेशी राजनायिकों, वाणिज्यिक प्रतिनिधियों और देश के प्रमुख औद्योगिक समूह के प्रतिनिधियों के एक साथ आगमन और जीआईएस में सहभागिता का प्रबंध चुनौती पूर्ण था। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट सुप्रबंधन का पर्याय बनी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीआईएस के सफल आयोजन के लिए सभी विभागों के अधिकारियों और टीम को बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार का यह कारवां निरंतर जारी रहेगा। प्रदेश में उद्योगों के लिए विद्यमान बेहतर अधोसंरचना और निवेश वातावरण के परिणामस्वरूप उद्योग समूह त्वरित रूप से अपनी गतिविधियों का विस्तार कर रहे हैं। अगले सप्ताह 850 करोड़ रूपए के निवेश से स्थापित होने वाली नीमच सौर परियोजना की आधारशिला रखी जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल में प्राप्त निवेश प्रस्तावों के क्रियान्वयन के लिए मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन सहित संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव तथा प्रमुख सचिव उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समिट में कुल 30 लाख 77 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे लगभग 21 लाख 40 हजार रोजगार के अवसर सृजित होंगे। जीआईएस में 25 हजार से अधिक लोगों ने भागीदारी की। इसमें 9 पार्टनर कंट्री और 60 से अधिक देशों से 100 से अधिक अंतर्राष्ट्रीय डेलिगेट शामिल हुए। जीआईएस में 300 से अधिक प्रमुख उद्योगपतियों और उद्योगों की भागीदारी रही। जीआईएस में 10 सेक्टरल सत्र, 6 कंट्री सेशंस, 6 समिट, 70 से अधिक वन-टू-वन बैठकें, 5 हजार से अधिक बी-टू-बी मीटिंग और 600 से अधिक बी-टू-जी मीटिंग्स संपन्न हुईं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 18 नई निवेश नीतियां लांच की गई और 89 एमओयू पर हस्ताक्षर हुए। यह प्रदेश में अब तक हुईं ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में सबसे अधिक भागीदारी थी। जीआईएस की पूर्व तैयारी के लिए देश-विदेश में इंटरेक्टिव सत्र किए गए। ऑटो-एक्सपो, टेक्सटाइल एक्सपो, ऑक्सफोर्ड, वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट एग्जीबिशन के साथ ही एमपी पवेलियन और डिजिटल एक्सपीरियंस जोन, जीआईएस में आकर्षण का विशेष केंद्र रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि विभिन्न सेक्टरों में बड़ी संख्या में निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा में 8 लाख 94 हजार 301 करोड़ निवेश के 441 प्रस्ताव, इंफ्रास्ट्रक्चर में 3 लाख 37 हजार 329 करोड़ रूपए निवेश के 870 प्रस्ताव, खनन और खनिज क्षेत्र में 3 लाख 25 हजार 321 करोड़ रूपए के 378 निवेश के प्रस्ताव, रक्षा-विमानन और एयरोस्पेस में 3 लाख 01 हजार 681 करोड़ के 8 प्रस्ताव और पेट्रोकेमिकल्स-रसायन-प्लास्टिक व संबद्ध क्षेत्र में 1 लाख 4 हजार 158 करोड़ रूपए निवेश के 237 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इसी प्रकार आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स आदि में 78 हजार 314 करोड़ रूपए के 193 प्रस्ताव, पर्यटन तथा हॉस्पिटेलिटी में 68 हजार 824 करोड़ रूपए के 303 प्रस्ताव, कृषि और खाद्य प्र-संस्करण में 63 हजार 383 करोड़ रूपए के 957 प्रस्ताव, शिक्षा में 52 हजार 294 करोड़ रूपए के 191 प्रस्ताव, हेल्थ केयर, फार्मा और चिकित्सा उपकरण के लिए 41 हजार 986 करोड़ रूपए के 345 प्रस्ताव, ऑटोमोबाइल क्षेत्र में 41 हजार 590 करोड़ रूपए के 349 प्रस्ताव, इंजीनियरिंग क्षेत्र के 26 हजार 277 करोड़ रूपए के 203 प्रस्ताव, कपड़ा-टेक्सटाइल और परिधान क्षेत्र में 21 हजार 833 करोड़ रूपए के 171 प्रस्ताव, लॉजिस्टिक्स और वेयर हाऊसिंग से संबंधित 9 हजार 112 करोड़ रूपए के 67 प्रस्ताव, पैकेजिंग क्षेत्र में 1 हजार 697 करोड़ रूपए के 51 प्रस्ताव तथा अन्य क्षेत्रों में 83 हजार 720 करोड़ रूपए के 1 हजार 96 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निवेश प्रस्तावों के प्रभावी फॉलो-अप के लिए छह स्तरीय कार्य योजना बनाई गई है। इसके अंतर्गत एमपीआईडीसी द्वारा निवेश प्रस्तावों की स्क्रीनिंग और डेटा प्रविष्टि कर उनका विभागवार वर्गीकरण किया जाएगा। संबंधित विभाग निवेश राशि के आधार पर क्षेत्रीय कार्यालय, मुख्यालय और विभाग स्तर पर प्रस्तावों का फॉलो-अप करेंगे। प्रत्येक विभाग द्वारा रिलेशनशिप मैनेजर की नियुक्ति की जाएगी। फॉलोअप के लिए मॉनीटरिंग और रिपोर्टिंग की पुख्ता व्यवस्था की गई है। संबंधित विभाग के प्रमुख सचिव प्रति सप्ताह प्रगति की समीक्षा कर मुख्य सचिव को रिपोर्ट देंगे। इसके साथ ही मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री स्तर पर भी निश्चित अंतराल पर मॉनीटरिंग की व्यवस्था की गई है। निवेश प्रस्तावों को साकार करने के लिए भूमि आवंटन, अनुमोदन और आवश्यक मंजूरियों के लिए संबंधित विभाग द्वारा आवश्यक समन्वय और सहयोग किया जाएगा। इसके साथ ही निवेशकों की प्रतिक्रिया के विश्लेषण और समाधान के लिए उनसे फीडबैक प्राप्त करने की भी व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रस्तावों को वास्तविक निवेश में परिवर्तित करने के लिए रणनीति बनाकर कार्य होगा। इसके लिए प्राथमिकता पर प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे और सेक्टर फोकस्ड औद्योगिक सेक्टरों का भी विकास होगा। जिला स्तर पर कलेक्टर्स को भूमि और जल की आवश्यकता से अवगत कराकर समय-सीमा में उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। निवेशक अपनी इकाई का शीघ्रता से संचालन शुरू कर सकें, इसके लिए प्लग-एंड-प्ले सुविधा विकसित की जाएगी। प्रदेश में एमपी इन्वेस्टर पोर्टल का उन्नयन किया गया है। इसके साथ ही एमपीआईडीसी में विशेष सेल अंतर विभागीय समन्वय सुनिश्चित करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा, खनिज संसाधन, शहरी विकास, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पर्यटन, एमएसएमई की आगामी कार्य योजना की बिन्दुवार समीक्षा की। बैठक में उद्योग और रोजगार वर्ष 2025 के अंतर्गत संचालित होने वाली गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया गया कि सेक्टर फोकस्ड समिट के साथ ही कौशल संवर्धन कार्यक्रम, आईटीआई और उद्योगों के समन्वय, इज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए ईओडीबी क्लीनिक के आयोजन सहित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कार्यक्रमों में सहभागिता की जाएगी।   recent visitors 31

दो बेटों ने कांवड़ में बैठाकर मां को कराई चारधाम यात्रा, एक साल पैदल चले

बदायूं बदायूं के बिसौली के नूरपुर गांव निवासी तेजपाल और धीरज दोनों भाई कलयुग में उन लोगों के लिए नजीर हैं जो बुढ़ापे में मां-बाप को उनके हाल में छोड़ देते हैं या फिर वृद्धाश्रम में छोड़ आते हैं। ये दोनों भाई एक साल 12 दिन पहले अपनी मां को कांवड़ में बैठाकर चारधाम यात्रा को निकले। न सिर्फ चारधाम यात्रा बल्कि हरिद्वार, नीलकंठ, अयोध्या, खाटूश्याम तक कांवड़ में बैठाकर पैदल गए और दर्शन कराए। दोनों भाई अब घर लौट रहे हैं। अभी घर पहुंचने में उन्हें तीन-चार दिन और लग जाएंगे। बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव नूरपुर निवासी तेजपाल और धीरज 18 फरवरी 2024 को श्रवण कुमार बनकर अपनी मां राजेश्वरी को कांवड में बैठाकर चारधाम यात्रा कराने निकले थे। दोनों भाइयों ने मां को पहले चारधाम की यात्रा कराई। गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा कराई। इस दौरान दोनों भाइयों ने मां को हरिद्वार के मनसा देवी, नीलकंठ, वीरभद्र, सुरकंडा माता मंदिर समेत वहां के कई तीर्थस्थान के दर्शन कराए। अयोध्या में रामलला के दर्शन कराए दोनों भाइयों की पदयात्रा यहीं नहीं रूकी। इसके बाद वह मां को लेकर अयोध्या रामलला के दर्शन कराने पहुंचे। इस बीच दोनों भाइयों का हौसला बढ़ता गया। उन्होंने पदयात्रा को नहीं थमने दिया। वह मां को लेकर हरियाणा के चुलकाना धाम पहुंचे। यहां खाटू श्याम के दर्शन कराए। इसके बाद उनकी यात्रा राजस्थान पहुंची। जहां गोगामेड़ी और खाटूश्याम के मां को दर्शन कराए। पैदल इतने लंबे सफर को तय करने में दोनों भाइयों कोएक साल का समय लग गया। इसके बाद अब दोनों भाई मां को कांवड़ में ही बैठाकर वापस घर आ रहे हैं। एक साल 12 दिन बाद शनिवार को दोनों भाई जिले की सीमा में पहुंचे। यहां लोगों ने कांवड़ में बैठी मां को कंधे पर ले जा रहे दोनों बेटों को देखा तो उनका सत्कार किया। मुजरिया चौराहे पर रहने वाले सुमित साहू उन्हें चाय नाश्ता कराया। वहीं, उनके पिता रामौतार ने फल खिलाए। माता-पिता की करनी चाहिए सेवा तेजपाल और धीरज का कहना है कि मां को कांवड़ में बैठाकर चारधाम की यात्रा कराने के पीछे उनका उद्देश्य सिर्फ इतना है कि वह समाज को संदेश देना चाहते हैं कि बुजुर्ग मां-बाप बोझ नहीं होते, उनकी मरते दम तक सेवा करनी चाहिए। उन्हें वृद्धाश्रम में नहीं छोड़ना चाहिए। लोग उनसे प्रेरित हो, इस उद्देश्य से उन्होंने पदयात्रा शुरू की थी। दोनों भाइयों ने बताया कि वह करीब 20 साल पहले हिमाचल प्रदेश की तहसील बद्दी के मंधाला गांव में रहते थे। जब वह छोटे थे। तब उनके पिता भगवान दास का बीमारी के कारण निधन हो गया था। इसके बाद उनकी मां बिसौली के गांव नूरपुर ले आई। यहां मां ने उनकी बड़े ही लाड़ प्यार से परवरिश की। तेजपाल ने बताया कि उनकी एक बहन पार्वती भी है। उसने भी उन्हें इस यात्रा के लिए प्रेरित किया था। उनकी मां राजेश्वरी ने बताया कि वह खुशकिस्मत है कि उनके श्रवण कुमार जैसे दोनों बेटे मिले हैं।   recent visitors 50

16वें वित्त आयोग की बैठक भोपाल में 4 से 7 मार्च तक

भोपाल 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगिढया के नेतृत्व में पांच सदस्यीय दल 4 मार्च को महत्वपूर्ण बैठकों के लिए भोपाल पहुंच रहा है। वित्त आयोग इस अवधि में भोपाल के अलावा राज्य के अन्य जगहों पर दौरे करेगा। वित्त आयोग के दौरे का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच करों के वितरण, अनुदान सहायता (ग्रांट्स-इन-ऐड) के निर्धारण और राज्यों के बीच संसाधनों के उचित आवंटन से संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श करना है। वित्त आयोग की अनुशंसा एक अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक पाँच वर्ष के लिए होगी। राज्य में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों, स्थानीय निकायों, पंचायत एवं नगरीय निकायों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठकें करेंगे। बैठकों में बढ़ी हुई कर हस्तांतरण (डेवोल्युशन) की दर के राज्य की वित्तीय स्थिति पर प्रभाव और राज्य के व्यय स्वरूप में हुए परिवर्तन पर चर्चा की जाएगी। वित्त आयोग मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा भी करेगा और राज्य में चल रही वित्तीय योजनाओं, विकास कार्यों और नीतियों के प्रभाव का प्रत्यक्ष आंकलन करेगा। इस दौरान आयोग विभागीय अधिकारियों से विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति पर जानकारी लेगा और उनसे सुझाव भी मांगेगा। 16वें वित्त आयोग की यह बैठक मध्यप्रदेश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और राज्य की विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश प्रदान करने में सहायक होगी। इसके माध्यम से राज्य को भविष्य में मिलने वाले वित्तीय संसाधनों की रूपरेखा तय की जाएगी, जिससे प्रदेश के समग्र विकास को गति मिलेगी। भोपाल में होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक से राज्य सरकार को अपनी वित्तीय आवश्यकताओं और विकास योजनाओं के लिए केंद्र सरकार से अधिक सहयोग प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।   recent visitors 42

पड़ोसी मुल्क से नोएडा आई सीमा हैदर, 5वीं बार बनने वाली हैं मां, धूमधाम से हुई गोद भराई की रस्म

नोएडा पाकिस्तान से भारत आई सीमा हैदर सोशल मीडिया पर अक्सर चर्चा में रहती हैं और इस बार भी उनका एक वीडियो वायरल हो गया है। दरअसल, सीमा हैदर इस बार अपनी प्रेग्नेंसी के कारण सुर्खियों में हैं। वह जल्द ही सचिन के बच्चे की मां बनने वाली हैं और यह उनका पांचवां बच्चा होगा। सीमा ने खुद सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर इस खुशखबरी की जानकारी दी है। सीमा हैदर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने बताया कि उनका 9वां महीना चल रहा है और मार्च में उनकी डिलीवरी होने वाली है। सीमा ने यह भी बताया कि उन्होंने अब तक चार बच्चों को जन्म दिया है और अब यह उनकी पांचवी प्रेग्नेंसी है। मोहल्ले की महिलाओं ने गाए पारंपरिक गीत मोहल्ले की महिलाओं ने पारंपरिक गीत गाकर और पूरे रीति-रिवाज के साथ ये रस्में पूरी कीं। मेरे भाई एपी सिंह… सीमा हैदर ने इंस्टाग्राम पर दो वीडियो पोस्ट किए हैं। जिसमें वह कह रही हैं कि मैं तैयार होकर आई हूं, मेरी गोद भराई होने वाली है। मेरे पहले से ही चार बच्चे हैं, लेकिन यह पहली बार है जब मैं गोद भराई कर रहा हूँ और मैं पहली बार गोद भराई देख रहा हूँ। मैंने इतनी खुशी कभी नहीं देखी जितनी भारत में देख रहा हूँ। मेरे भाई डॉ. एपी सिंह भी आ रहे हैं। खाने-पीने का इंतजाम किया गया है। सीमा ने इस वीडियो को अपनी गोद भराई की रस्म के दौरान बनाया। रविवार को ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा में उनकी गोद भराई का आयोजन धूमधाम से किया गया। इस मौके पर परिवार और दोस्तों के साथ समारोह में खूब खुशियां मनाई गईं। सीमा ने बताया कि उनकी यह गोद भराई की रस्म पहली बार हो रही है, जबकि उनके पहले से चार बच्चे हैं। आपको बता दें कि सीमा हैदर और सचिन की दोस्ती पबजी गेम के जरिए शुरू हुई थी, जिसके बाद सीमा पाकिस्तान से नेपाल के रास्ते भारत पहुंची थीं। सीमा की भारत आने की कहानी भी चर्चा में रही है, और अब उनके परिवार में एक और सदस्य जुड़ने जा रहा है, जिसे लेकर वह बेहद खुश हैं। इस वीडियो के बाद सीमा के प्रशंसकों और सोशल मीडिया यूजर्स की तरफ से उन्हें बधाई देने का सिलसिला शुरू हो गया है। वहीं, कुछ यूजर्स इस पर तंज भी कस रहे हैं, लेकिन सीमा की खुशी में चार चांद लग गए हैं। घर में शुरू हुईं बच्चे के आने की तैयारियां सीमा हैदर के ससुराल में जश्न की तैयारियां शुरू हो गई हैं। बच्चे के जन्म से पहले ही सचिन मीना घर में ढोलक लेकर आ गए हैं, वो पूजा पाठ की तैयारी भी करते नजर आ रहे हैं। घर में डीजे लगवाने की भी चर्चा है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सीमा की डिलीवरी जल्द ही होने वाली है। इस दौरान सीमा हैदर ने कहा कि उनके चार बच्चे हैं लेकिन उनकी गोदभराई की रस्म कभी नहीं हुई। यह पहली बार है जब उनकी गोदभराई हो रही है। इस दौरान एपी सिंह अपनी मां और परिवार के साथ आए और भाई के तौर पर गोदभराई की रस्में पूरी की। मुंह बोले भाई और सचिन मीणा के साथ झुमकर किया डांस कार्यक्रम आसपास की महिलाएं भी पहुंची और पारंपरिक गीत गाए। सभी रस्में पूरी होने के बाद सीमा हैदर एपी सिंह, सचिन मीणा और अन्य लोगों के साथ झूम कर डांस करती नजर आईं। recent visitors 35

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – राष्ट्र निर्माण में संतों और गुरूओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जीवन-मृत्यु व्यक्ति के हाथ में नहीं है, लेकिन संत लोगों को धर्म की राह दिखाकर सद्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित कर उनके जीवन को सार्थक बनाते हैं। सांस्कृतिक, धार्मिक मूल्यों की स्थापना तथा समाज और राष्ट्र के निर्माण में संतों और गुरुओं की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज कुबेरेश्वर धाम सीहोर में आयोजित रुद्राक्ष महोत्सव में शामिल होकर श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पं. प्रदीप मिश्रा जी लोगों में ईश्वर के प्रति आस्था और भक्ति जागृत कर लोगों का धार्मिक, आध्यात्मिक उत्थान कर रहे है। उन्होंने कहा कि पं. मिश्रा ने भोपाल के निकट सीहोर में कुबेरेश्वर धाम की स्थापना कर इस क्षेत्र को एक नई धार्मिक पहचान दी है। उन्होंने कहा कि दुनिया के दो सौ से अधिक देशों में भारत सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और सबसे बड़े देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रयागराज कुंभ में गगा स्नान कर देश की सनातन संस्कृति के प्रति देशवासियों की अटूट आस्था का संदेश दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार को सभी संतो का मार्गदर्शन मिला है। समय-समय पर हम और हमारी सरकार उनसे कई अवसरों पर विचार-विमर्श भी करती है। संतो से हमें सरकार चलाने का नैतिक बल मिलता है जिससे हम अधिक मजबूती के साथ प्रदेश के विकास और लोगों के कल्याण के लिए काम कर  रहे   हैं। उन्होंने कहा कि हमने संपूर्ण प्रदेश में गौ-शालाओं का निर्माण किया है और गौ-शालाओं में गौ-माता के लिए बेहतर परिवेश उपलब्ध करा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौ-माता परमात्मा की हम पर असीम कृपा है। गौ-माता प्रकृति और परमात्मा के बीच संबंध का सूत्र है। बेसहारा, अशक्त और वृद्ध गौ-माताओं के आश्रय के लिए भोपाल सहित सभी बड़ी नगर निगमों में 10 हजार क्षमता की गौ-शालाएं बनाई जाएगी। दुग्ध उत्पादन पर भी प्रोत्साहन स्वरूप बोनस प्रदान किया जाएगा। दस से अधिक गाय पालने वालों को अनुदान दिया जाएगा। गांव-गांव में गोपालन और दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहन देने के लिए अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। गौ-शाला चलाने वालों को प्रति गाय 20 रुपये के स्थान पर 40 रुपये का अनुदान देकर गौ-शालाओं को सक्षम बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश के विकास के साथ-साथ सामाजिक सरोकार के भी काम कर रही है। प्रदेश सरकार कल्याणी बहनों के पुनर्विवाह के लिए दो लाख रुपए प्रदान करेगी। ताकि बहनों का फिर से घर बस सके और उनके जीवन में खुशियां आए। उन्होंने कहा कि सभी महत्वपूर्ण धार्मिक एवं तीर्थ-स्थानों का विकास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गर्मी के दिनों में क्षिप्रा का पानी सूख जाता है। क्षिप्रा को पूरे साल प्रवहमान बनाये रखने की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनाने की योजना बनाई है। प्रदेश सरकार ने धार्मिक स्थलों वाले 19 स्थानों में शराब की दुकानें बंद करने का निर्णय लिया इसके साथ ही खुले में मांस विक्रय पर प्रतिबंध लगाया है। रुद्राक्ष महोत्सव में राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा, विधायक श्री सुदेश राय, पिछड़ा वर्ग अयोग के सदस्य श्री सीताराम यादव, नगर पालिका अध्यक्ष श्री प्रिंस राठौर, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री जसपाल अरोरा कलेक्टर श्री बालागुरू के, एसपी श्री दीपक कुमार शुक्ला तथा जिला पंचायत सीईओ डॉ. नेहा जैन उपस्थित थीं।   recent visitors 109

क्वींस ऑन द व्हील 2.0 आज से , प्रमुख सचिव शुक्ला करेंगे शुभारंभ

भोपाल मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा महिला सशक्तिकरण और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'Queens on the Wheel' (क्वींस ऑन द व्हील) के द्वितीय संस्‍करण का आयोजन किया जा रहा है। प्रमुख सचिव पर्यटन और संस्कृति एवं प्रबंध संचालक टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला 4 मार्च 2025, मंगलवार को सुबह 9 बजे एमपीटी होटल विंड एंड वेव्स से बाइकर्स को रवाना करेंगे। देशभर की 25 महिला राइडर्स 1400 किमी का बाइक से सफर करते हुए मध्‍यप्रदेश की हैरिटेज ट्रेल का अनुभव करेंगी। recent visitors 25

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – दक्षिण कोरिया का ईसीडीएस ग्रुप प्रदेश में मेडिकल डिवाइस सहित एविएशन और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में करेगा निवेश

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि साउथ कोरियन ज्वाइंट वेंचर ग्रुप प्रदेश में बने बेहतर औद्योगिक वातावरण को देखते हुए से मेडिकल उपकरणों, मेडिकल एआई, नैनो टेक्नोलॉजी, बायो पॉलीमर और नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश का इच्छुक है। आज मंत्रालय में साउथ कोरिया के ईसीडीएस ग्रुप के निवेशकों और शोधार्थियों ने भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से चर्चा में प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि उनका समूह उज्जैन के मेडिकल डिवाइस पार्क में शोध और निर्माण पर केंद्रित इकाई स्थापना की दिशा में पहल कर रहा है। इस इकाई में यूरिन परीक्षण से कैंसर के लक्षणों की पहचान करने के लिए किट निर्मित करने की योजना है। इससे प्रारंभिक अवस्था में कैंसर की पहचान कर तत्काल इलाज आरंभ करने में मदद मिलेगी। समूह प्रदेश में एविएशन सेमीकंडक्टर आदि क्षेत्र में भी निवेश का इच्छुक है। इसके साथ ही समूह ने कौशल उन्नयन के लिए तकनीक और विशेषज्ञता साझा करने में भी रुचि दिखाई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से डॉ. वुंग कवांग यांग, डॉ. युंगहून लिम, डॉ. सिओक किम, श्री जोंग शिओल जंग, श्री जेली शिओन, श्री वू सिओक शुंग तथा श्री राजेश भारद्वाज ने भेंट की। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन श्री राघवेन्द्र कुमार सिंह उपस्थित थे।   recent visitors 38