Wednesday, July 8, 2026 12:32 am

देश में एमएसएमई की संख्या आज बढ़कर 6 करोड़ से भी ज्यादा हो गई: पीएम मोदी

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश में एमएसएमई की संख्या आज बढ़कर 6 करोड़ से भी ज्यादा हो गई है। इसी के साथ करोड़ों लोगों को रोजगार के अवसर मिले हैं। पीएम मोदी ने पोस्ट-बजट वेबिनार के मंच से सभा को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि 2020 में हमने एमएसएमई की परिभाषा में संशोधन किया। यह 14 साल बाद किया गया। इससे यह डर दूर हो गया कि बढ़ते कारोबार से सरकारी लाभ खत्म हो जाएंगे। एमएसएमई को निरंतर आगे बढ़ते रहने का आत्मविश्वास मिले, इसके लिए इस बजट में एमएसएमई की परिभाषा का विस्तार किया गया है। उन्होंने लोन वितरण के लिए नए तरीके अपनाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नए तरीकों के साथ एमएसएमई को कम लागत और समय पर लोन मिलना सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने उद्योगों को एमएसएमई को सहयोग देने के क्रम में मेंटरशिप कार्यक्रम शुरू करने को कहा। बजट में एमएसएमई के लिए क्रेडिट गारंटी कवर को 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ कर दिया गया था। उन्होंने कहा, "आज 14 सेक्टर्स को पीएलआई योजना का लाभ मिल रहा है। इस योजना के तहत 7.5 करोड़ यूनिट को मंजूरी दी गई है। इससे देश में 1.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश आया है और 13 लाख करोड़ से ज्यादा का उत्पादन हुआ है। इसी के साथ 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निर्यात हुआ है।" मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को लेकर पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज दुनिया का हर देश, भारत के साथ अपनी इकोनॉमिक भागीदारी को मजबूत करना चाहता है। उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से इस पार्टनरशिप का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठाने के लिए आगे आने का आग्रह किया। उन्होंने भारत की मैन्युफैक्चरिंग यात्रा में रिसर्च और डेवलपमेंट (आरएंडडी) के अहम योगदान को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि इसे आगे बढ़ाने और गति देने की जरूरत है। उन्होंने सुझाव दिया कि आरएंडडी से हम इनोवेटिव प्रोडक्ट्स पर फोकस कर सकते हैं और साथ ही प्रोडक्ट्स में वैल्यू एडिशन कर सकते हैं।   recent visitors 47

पशुपालन मंत्री पटेल ने वितरित किए पशुपालन एवं डेयरी उद्योग के लिए ऋण

भोपाल यूनियन बैंक ऑफ इंडिया क्षेत्रीय कार्यालय, भोपाल सेंट्रल द्वारा मंगलवार को एमएसएमई आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन गोविंदपुरा औधोगिक क्षेत्र में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री, स्वतंत्र प्रभार, श्री लखन पटेल द्वारा किया गया। इस अवसर पर मंत्री श्री पटेल ने पशुपालन एवं डेयरी उद्योग के लिए विभिन्न हितग्राहियों को ऋण वितरित किए। बैंक द्वारा कुल 255 करोड़ के ऋण स्वीकृति पत्र वितरित किए गए, जिनमें 30 करोड़ रुपए के ऋण पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र में प्रदान किए गए। बैंक के कार्यकारी निदेशक श्री संजय रुद्रा द्वारा बैंक की योजनाओं के विषय में जानकारी प्रदान की गयी। कार्यक्रम में टेक्नोफाइबर इंडस्ट्रीज़ श्री अनिल अग्रवाल, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के श्री अरुण कुमार सुरसला, उप अंचल प्रमुख, श्री प्रांजल बाजपेयी, ग्राहकगण, भोपाल स्थित शाखाओं के प्रबन्धक एवं क्षेत्रीय कार्यालय, अंचल कार्यालय के सदस्य उपस्थित थे।   recent visitors 53

ओडिशा में दर्दनाक हादसा फिजिकल टेस्ट के दौरान दो अभ्यर्थियों की मौत

सुंदरगढ़ ओडिशा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (OSSC) द्वारा आयोजित फॉरेस्ट गार्ड, फॉरेस्टर और लाइवस्टॉक इंस्पेक्टर भर्ती के शारीरिक परीक्षण में 25 किलोमीटर की दौड़ के दौरान दो अभ्यर्थियों की मौत हो गई. इस घटना के बाद हड़कंप मच गया. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की जांच शुरू की. मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है. राउरकेला निवासी प्रबीन कुमार पांडा सदर पुलिस थाना क्षेत्र के तहत भवनपुर से बरागड़ा तक की दौड़ के दौरान किरई के पास बेहोश होकर गिर पड़े. मौके पर मौजूद एम्बुलेंस तुरंत उन्हें अस्पताल ले गई, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. दूसरी मौत: ब्योमकेश नायक केओंझर जिले के ब्योमकेश नायक ने भी दूसरी जगह आयोजित फिजिकल टेस्ट के दौरान अपनी जान गंवा दी. इस घटना के बाद ओडिशा सरकार ने मुख्यमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिवारों को ₹4-4 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की. मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस दुखद घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की. हार्ट अटैक से मौत की आशंका इस घटना पर एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि यह 25 किमी की दौड़ थी, लेकिन दुर्भाग्य से उम्मीदवार सिर्फ 2-3 किमी ही दौड़ पाया और गिर गया. मौके पर एम्बुलेंस मौजूद थी, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मृतक के पिता भी वहां मौजूद थे. प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, हृदय गति रुकने (हार्ट अटैक) की आशंका है, लेकिन असली कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा.   recent visitors 61

भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत अरिंदम बागची की कड़ी प्रतिक्रिया, कहा- कश्मीर और मणिपुर पर टिप्पणी निराधार

जिनेवा भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क द्वारा वैश्विक अपडेट में कश्मीर और मणिपुर का उल्लेख किए जाने पर इनकी टिप्पणियों को निराधार और बेबुनियाद बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। जबकि दिल्ली ने इस अपडेट पर चिंता जताते हुए कहा है कि इसमें परिस्थितियों को मनमाने ढंग से चुना गया है। जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत अरिंदम बागची ने सोमवार को कहा, ''जैसा कि भारत का नाम (अपडेट में) लिया गया है, मैं इस बात को पुरजोर ढंग से कहता हूं विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र एक स्वस्थ, जीवंत और बहुलवादी समाज बना हुआ है। अपडेट में की गई निराधार और बेबुनियाद टिप्पणियां जमीनी हकीकत से बिल्कुल जुदा हैं।'' भारतीयों ने चिंताओं को गलत साबित किया बागची ने कहा, ''भारतीयों ने हमारे बारे में ऐसी गलत चिंताओं को बार-बार गलत साबित किया है। हम भारत एवं हमारी विविधता तथा खुलेपन की सभ्यता को बेहतर तरीके से समझने की सलाह देते हैं, जो हमारे मजबूत और अक्सर शोरगुल वाले नागरिकों को परिभाषित करती है।'' बागची ने कहा कि तुर्क ने वैश्विक अपडेट में गलती से जिसे कश्मीर कहा है, वो जम्मू-कश्मीर है और यह इस अंतर को सबसे ज्यादा दर्शाता है। भारत ने दी कड़ी प्रतिक्रिया विडंबना यह है कि जिस वर्ष यहां शांति और समावेशी प्रगति में सुधार हुआ, फिर चाहे प्रांतीय चुनाव में भारी मतदान हो, बढ़ता पर्यटन या तेज विकास, उस साल ही ऐसा हुआ। भारत की यह कड़ी प्रतिक्रिया तुर्क द्वारा मानवाधिकार परिषद के 58वें सत्र में वैश्विक अपडेट में इसका नाम लिए जाने पर आई है। तुर्क ने वैश्विक अपडेट में क्या लिखा? तुर्क ने इसमें लिखा, ''मैं मणिपुर हिंसा और विस्थापन को रोकने के लिए संवाद, शांति बनाने वाले और मानवाधिकार पर आधारित कोशिशों को तेज करने की मांग करता हूं। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और स्वतंत्र पत्रकारों के खिलाफ सख्त कानूनों के प्रयोग और उत्पीड़न से चिंतित हूं, जिसके चलते मनमानी हिरासत और कश्मीर सहित अन्य नागरिक स्थान में कमी आई है।'' चीन में प्रतिबंधों पर जताई चिंता एएनआई के अनुसार, तुर्क ने चीन में बढ़ते प्रतिबंधों पर चिंता जताते हुए कहा, ''चीन भले ही अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार प्रणाली से जुड़ा हो, लेकिन मैं गंभीर चिंताओं को दोहराता हूं। मुझे उम्मद है इन मुद्दों पर मजबूत प्रगति होगी। मैं उन वकीलों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और नागरिक पत्रकारों के लिए आवाज उठाता रहूंगा, जिन्हें मनमाने ढंग से हिरासत में लिया गया है।'' अमेरिका पर भी चिंतित एपी के अनुसार तुर्क ने अमेरिका में हो रहे मानवाधिकारों की दिशा में मौलिक बदलाव को लेकर चिंता जताई। उन्होंने ट्रंप प्रशासन का नाम नहीं लिया, जिसने जनवरी में इस परिषद से अमेरिका को हटाने की घोषणा की थी लेकिन कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे मौलिक बदलाव चिंतिंत करते हैं। लोग भड़काऊ भाषणों से भ्रमित हो रहे हैं, धोखा खा रहे हैं और ध्रुवीकरण बढ़ रहा है। इससे लोगों में डर और बेचैनी फैल रही है। बांग्लादेश का भी जिक्र उन्होंने कहा कि बांग्लादेश ने बीते वर्ष हिंसा का अनुभव किया क्योंकि तत्कालीन सरकार ने मानवाधिकार की मशाल लेकर चलने वाले छात्र आंदोलन को क्रूरतापूर्ण ढंग से दबा दिया था। इस संबंध में बीते माह जारी रिपोर्ट में कहा गया था कि बांग्लादेश में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद वहां हिंदुओं, अहमदिया मुसलमानों और स्वदेशी समुदायों के कुछ लोगों का मानवाधिकार हनन किया गया था। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि 1 जुलाई से 15 अगस्त के बीच हिंसा में करीब 1,400 लोग मारे गए होंगे। recent visitors 50

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से सिर्फ हृदय रोग ही नहीं इन गंभीर समस्याओं का भी बढ़ जाता है खतरा, बरतें सावधानी

नई दिल्ली कोलेस्ट्रॉल शरीर के लिए आवश्यक वसा (लिपिड) है, जो कोशिकाओं की संरचना, हार्मोन और पाचन के लिए जरूरी होता है। लेकिन जब इसका स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है, तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। कोलेस्ट्रॉल शब्द से हम सभी भली-भांति परिचित हैं। कोलेस्ट्रॉल का नाम सुनते ही हृदय रोगों का ख्याल आ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं सभी लोगों को ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर के साथ कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी कंट्रोल में रखना चाहिए। वैसे तो कोलेस्ट्रॉल शरीर के लिए आवश्यक वसा (लिपिड) है, जो कोशिकाओं की संरचना, हार्मोन और पाचन के लिए जरूरी होता है, लेकिन जब इसका स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है, तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, दुनियाभर में हर साल लगभग 40% हृदय रोगों के मामले हाई कोलेस्ट्रॉल की वजह से होते हैं। हाई कोलेस्ट्रॉल की स्थिति सिर्फ हृदय रोग ही नहीं शरीर को कई अन्य प्रकार से भी प्रभावित करने वाली मानी जाती है, इसलिए इसे कंट्रोल में रखने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना जरूरी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हमारी कई गड़बड़ आदतें कोलेस्ट्रॉल सहित संपूर्ण स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाली हो सकती है। असंतुलित आहार (फास्ट फूड, तली-भुनी चीजें), शारीरिक गतिविधियों की कमी, मोटापा, धूम्रपान-शराब का सेवन, तनाव की समस्या के साथ कुछ अनुवांशिक कारण कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने वाले हो सकते हैं। इस बारे में जानना और इससे बचाव करते रहना बहुत जरूरी है।   हृदय रोगों का जोखिम हाई कोलेस्ट्रॉल की स्थिति का सबसे ज्यादा नुकसान हृदय स्वास्थ्य पर देखा जाता रहा है। विशेषतौर पर अगर शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर लगातार बढ़ा हुआ रहता है तो ये रक्त धमनियों में जमकर ब्लॉकेज बनाता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार 70% हार्ट अटैक के मामलों में कोलेस्ट्रॉल का असंतुलन देखा जाता रहा है। कोलेस्ट्रॉल के साथ-साथ अगर ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखा जाए तो हृदय रोगों के खतरे को काफी कम किया जा सकता है। ब्रेन स्ट्रोक का खतरा हाई कोलेस्ट्रॉल के दुष्प्रभाव सिर्फ हृदय रोगों तक ही सीमित नहीं हैं, इसके कारण स्ट्रोक का भी जोखिम हो सकता है। कोलेस्ट्रॉल मस्तिष्क तक जाने वाली कुछ धमनियों को भी संकीर्ण कर देता है। अगर मस्तिष्क तक रक्त ले जाने वाली कोई वाहिका पूरी तरह से अवरुद्ध हो जाती है तो इसके कारण मस्तिष्क तक रक्त का प्रवाह बाधित हो जाता है, जिससे स्ट्रोक हो सकता है। हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण होने वाली इन समस्याओं को भी जानिए कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कारण शरीर पर और भी कई तरह के दुष्प्रभाव हो सकते हैं। हाई कोलेस्ट्रॉल से रक्त वाहिकाएं कठोर हो जाती हैं, जिससे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या बढ़ सकती है। इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों में 60% को हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या होती है, जिससे डायबिटीज की जटिलताएं काफी बढ़ जाती हैं। कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ना फैटी लिवर की वजह बनता है। हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण नपुंसकता बढ़ने का भी जोखिम देखा जाता रहा है। लंबे समय में, कोलेस्ट्रॉल का स्तर अधिक रहने के कारण जननांग की छोटी रक्त वाहिकाओं के संकुचित होने का भी खतरा हो सकता है इससे इरेक्शन प्राप्त करने में भी कठिनाई होती है।   recent visitors 45

दुकानदारों और नियोजकों को नये दुकान एवं स्थापना अधिनियम 2017 के तहत अपने दुकानों का पंजीयन श्रम विभाग में कराना होगा

धमतरी छत्तीसगढ़ राज्य में दस या दस से अधिक श्रमिकों-कर्मचारियों से काम लेने वाले दुकानदारों और नियोजकों को नये दुकान एवं स्थापना अधिनियम 2017 के तहत अपने दुकानों का पंजीयन श्रम विभाग में कराना होगा। इसके लिए श्रम विभाग के सभी जिला कार्यालयों को अधिकृत किया गया है। श्रम विभाग के जिला कार्यालय विभागीय पोर्टल shramevjayate.cg.gov.in   के माध्यम से दुकानों और स्थापनाओं का ऑनलाईन पंजीयन करेंगे। छत्तीसगढ़ दुकान एवं स्थापना अधिनियम फरवरी माह से प्रभावशील हो गया है और अगले छः महीने में इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार दुकानों और स्थापनाओं को श्रम विभाग में पंजीयन कराना अनिवार्य किया गया है। अधिनियम के तहत लेबर कमिश्नर को मुख्य फेसिलिटेटर और लेबर इंस्पेक्टर तथा सब इंस्पेक्टर को फेसिलिटेटर के रूप में नियुक्त किया गया है। दुकानों और स्थापनाओं के पंजीयन के लिए नियोजित श्रमिकों-कर्मचारियों की संख्या के आधार पर पंजीयन शुल्क एक हजार रूपये से लेकर अधिकतम 10 हजार रूपये तक निर्धारित किया गया है। पंजीयन के बाद हर एक दुकान एवं स्थापना को श्रम पहचान संख्या वाला डिजिटल हस्ताक्षरयुक्त प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। पुराने दुकान एवं स्थापना अधिनियम, कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम एवं कर्मचारी भविश्य निधि अधिनियम के तहत पंजीकृत दुकानों और स्थापनाओं को नये अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत माना जाएगा, परन्तु उन्हें नये अधिनियम लागू होने की तिथि से छः महीने के भीतर श्रम पहचान संख्या प्राप्त करने के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए उन्हें कोई पंजीयन शुल्क नहीं देना होगा। छः महीने बाद आवेदन करने पर नियमानुसार शुल्क जमा करना अनिवार्य होगा। नियोजकों को अपने दुकान या स्थापना के पंजीयन-श्रम पहचान संख्या में संशोधन या बंदीकरण की सूचना विभागीय पोर्टल पर ऑनलाईन आवेदन कर देनी होगी। नियोजकों को अपने कर्मचारियों के अभिलेख- पंजी आदि इलेक्ट्रॉनिक रूप में संधारित करना होगा। नियोजकों को हर साल 15 फरवरी तक विभागीय पोर्टल में वार्षिक रिपोर्ट ऑनलाईन अपलोड करना होगा। दुकानों और स्थापनाओं में कार्यरत महिलाओं को रात्रि पाली में भी प्रावधानों के अनुसार सुविधाएं देते हुए नियोजित किया जा सकेगा। कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश भी देना होगा।   recent visitors 58

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जीआईएस की सफलता पर मंत्रीद्वय श्रीमती उइके ने एवं सुश्री भूरिया ने दी बधाई

भोपाल लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके एवं महिला बाल विकास सुश्री निर्मला भूरिया ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 की अभूतपूर्व सफलता के लिए शॉल, श्रीफल और भगवान श्रीराम की प्रतिमा भेंट कर बधाई दी। मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रभावी नेतृत्व में प्रदेश निवेश और उद्योगों के लिए एक आदर्श केंद्र बनकर उभर रहा है। जीआईएस के सफल आयोजन से देश-विदेश के निवेशकों का मध्यप्रदेश पर विश्वास और मजबूत हुआ है। इससे राज्य में बड़े पैमाने पर औद्योगिक विस्तार और आर्थिक समृद्धि का मार्ग प्रशस्त हुआ है।   recent visitors 52