महंगाई, बेरोजगारी, टैक्स राहत, और विदेश नीति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर ट्रंप सरकार के कदमों से लोग संतुष्ट नहीं

वाशिंगटन अमेरिकी मीडिया नेटवर्क CBS द्वारा किए गए हालिया सर्वे में चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं। इस सर्वे में अमेरिकी नागरिकों ने खुलकर अपने विचार रखे और बताया कि डोनाल्ड ट्रंप ने जिन वादों के साथ राष्ट्रपति पद हासिल किया था, अब वे उन सभी मुद्दों को नजरअंदाज कर रहे हैं। महंगाई, बेरोजगारी, टैक्स राहत, और विदेश नीति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर ट्रंप सरकार के कदमों से लोग संतुष्ट नहीं हैं। अमेरिका की जनता आर्थिक सुधार चाहती है सर्वे में हिस्सा लेने वाले 82 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे चाहते हैं कि सरकार अर्थव्यवस्था में सुधार लाने पर ध्यान केंद्रित करे। 80 प्रतिशत लोगों ने बढ़ती महंगाई से राहत दिलाने की मांग की, जबकि 59 प्रतिशत लोग टैक्स में छूट चाहते हैं। मैक्सिको बॉर्डर को लेकर ट्रंप सरकार ने जो सख्त रुख अपनाया है, वह जनता को उतना जरूरी नहीं लग रहा। सिर्फ 51 प्रतिशत लोगों ने ही इसे महत्वपूर्ण मुद्दा बताया, जबकि 73 प्रतिशत लोगों ने कहा कि सरकार इसे जरूरत से ज्यादा तूल दे रही है। बेरोजगारी बढ़ाने पर लगी ट्रंप सरकार! 69 प्रतिशत अमेरिकी नागरिकों का मानना है कि ट्रंप प्रशासन नई नौकरियों के अवसर पैदा करने के बजाय नौकरियां खत्म करने पर ज्यादा ध्यान दे रहा है। वहीं, केवल 29 प्रतिशत लोग ही मानते हैं कि ट्रंप सरकार महंगाई को लेकर गंभीर है। विदेश नीति पर भी जनता असंतुष्ट सर्वे के नतीजे बताते हैं कि ट्रंप सरकार की विदेश नीति को लेकर भी जनता संतुष्ट नहीं है। 42 प्रतिशत लोगों का मानना है कि विदेश नीति में हुए बदलावों से अमेरिका की स्थिति खराब हो सकती है। वहीं, केवल 31 प्रतिशत लोग इसे सही मानते हैं। यूक्रेन विवाद पर ट्रंप सरकार पर उठे सवाल यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध को लेकर भी अमेरिकी जनता ने अपनी राय दी। 52 प्रतिशत लोगों ने यूक्रेन का समर्थन किया, जबकि केवल 4 प्रतिशत लोग रूस के पक्ष में दिखे। ट्रंप सरकार ने यूक्रेन को हथियार सप्लाई करने पर रोक लगा दी थी, जिसे 51 प्रतिशत लोगों ने गलत बताया। उनका मानना है कि ट्रंप रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का ज्यादा समर्थन कर रहे हैं, जबकि उन्हें यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की का साथ देना चाहिए था। recent visitors 58

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकुंभ से लौट रही हैदराबाद निवासी डॉ. कीर्ति पामो को कराया एयर लिफ्ट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी ने प्रयागराग महाकुंभ से लौटते समय सतना अमरपाटन में हुई सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हैदराबाद की डॉ. कीर्ति पामो को एयर एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आभार माना है। मंत्री श्रीमती बागरी ने मंत्रालय में मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पुष्प-गुच्छ भेंट कर उनका अभिवादन किया। उल्लेखनीय है घायल डॉ. कीर्ति का इलाज सतना के एक अस्पताल में चल रहा था। परिजनों की मांग पर राज्य मंत्री श्रीमती बागरी ने रामपुर बघेलान पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. यादव से परिजनों की भेंट कराई और डॉ. कीर्ती को बेहतर इलाज के लिए उनके शहर हैदराबाद एयरलिफ्ट करने में सहायता का आग्रह किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रयागराग महाकुंभ से लौट रहीं डॉ. कीर्ति को तत्काल सतना से हैदराबाद एयरलिफ्ट करने के निर्देश दिए। परिणामस्वरूप फ्लाई ओला की एयर एम्बुलेंस सोमवार को दोपहर 1:30 बजे सतना एयर पोर्ट पहुंची, शीघ्र स्वास्थ्य की कामना के साथ राज्यमंत्री श्रीमती बागरी ने दोपहर 2:30 बजे डॉ. पामो को परिजनों के साथ एयर एम्बुलेंस से हैदराबाद के लिए रवाना किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की इस संवेदनशीलता और त्वरित पहल से उनके निर्देश के बाद मात्र 18 घंटे में घायल डॉ. पामो और उनके परिजनों को हैदराबाद भेज दिया गया। इस पहल के लिए डॉ. कीर्ति पामो तथा उनके परिजनों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव और राज्य मंत्री श्रीमती बागरी का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद प्रेषित किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी डॉ. कीर्ति पामो के शीघ्र स्वस्थ्य होने की कामना की है।   recent visitors 38

देवस्थान विभाग के अधीन कुल 593 मंदिर हैं, इनमें से 552 राज्य में हैं तथा 41 मंदिर अन्य राज्यों में अवस्थित हैं: देवस्थान मंत्री

जयपुर देवस्थान मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि देवस्थान विभाग के अधीन मंदिरों के विकास एवं जीर्णोद्धार के लिए इस वर्ष के बजट में 161 करोड़ रुपये की घोषणा की गई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जहाजपुर विधानसभा क्षेत्र में देवस्थान विभाग के प्रबंधित एवं नियंत्रित बलदेव जी महाराज मंदिर, बृजनंदन मंदिर एवं शक्करगढ़ मंदिरों में जीर्णोंद्धार एवं विकास के लिए कार्य करवाए जाएंगे। देवस्थान मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि देवस्थान विभाग के अधीन कुल 593 मंदिर हैं, इनमें से 552 राज्य में हैं तथा 41 मंदिर अन्य राज्यों में अवस्थित हैं। उन्होंने बताया देवस्थान विभाग की व्यवस्थाओं के सुचारू क्रियान्वयन के लिए कि पूरे प्रदेश में 12 अतिरिक्त आयुक्त विभिन्न स्थानों पर कार्यरत हैं। इससे पहले विधायक श्री गोपी चन्द मीणा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में देवस्थान मंत्री ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र जहाजपुर में देवस्थान विभाग के प्रबंधित एवं नियंत्रित 5 राजकीय आत्मनिर्भर श्रेणी के मंदिर हैं। उन्होंने मंदिरों की सूची, विगत 5 वर्षों में उक्त मंदिरों का आय-व्यय का विवरण तथा मंदिरों के विकास हेतु व्यय का विवरण सदन के पटल पर रखा। recent visitors 56

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में 18 यात्रियों की मौत के एक पखवाड़े बाद रेल प्रबंधक सुखविंदर सिंह का किया तबादला

नई दिल्ली नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भगदड़ में 18 यात्रियों की मौत के एक पखवाड़े बाद जारी एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, दिल्ली मंडल रेल प्रबंधक सुखविंदर सिंह का मंगलवार को तबादला कर दिया गया। 2023 में नियुक्त हुए थे सुखविंदर सिंह सुखविंदर सिंह को जुलाई 2023 में दिल्ली मंडल डीआरएम नियुक्त किया गया था और उनका दो साल का कार्यकाल इस साल के अंत में समाप्त हो रहा था। रेल मंत्रालय द्वारा जारी तबादला आदेश में कहा गया है कि उत्तर मध्य रेलवे जोन से पुष्पेश आर त्रिपाठी सिंह की जगह लेंगे। हालांकि, आदेश में सिंह की नई पोस्टिंग के बारे में कुछ नहीं कहा गया। राष्ट्रपति की मंजूरी से निर्णय लिया आदेश में कहा गया है, "रेल मंत्रालय ने राष्ट्रपति की मंजूरी से निर्णय लिया है कि पुष्पेश आर त्रिपाठी, एनएफएचएजी (गैर-कार्यात्मक उच्च प्रशासनिक ग्रेड)/आईआरएसईई (भारतीय रेलवे विद्युत इंजीनियर्स सेवा)/उत्तर मध्य रेलवे को सुखविंदर सिंह, आईआरएसईई के स्थान पर डीआरएम/दिल्ली/उत्तर रेलवे के पद पर स्थानांतरित और तैनात किया जाना चाहिए, जिनके लिए आदेश बाद में जारी किए जाएंगे।" रेलवे अधिकारियों ने इस बात से इनकार किया कि सिंह का तबादला 15 फरवरी की भगदड़ से जुड़ा है, लेकिन सूत्रों ने बताया कि नई दिल्ली स्टेशन पर हुई त्रासदी के कारण उनकी नई तैनाती आगे बढ़ा दी गई है, जिसमें 18 लोग मारे गए थे और दर्जनों घायल हो गए थे। recent visitors 62

वारासिवनी में हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में कलयुगी बेटे ने बहस के बाद माता-पिता पर सब्बल से किया हमला, हालत गंभीर

वारासिवनी बेटे को मोबाइल देखने की लत छोड़कर पढ़ाई पर ध्यान देने की बात कहना एक माता-पिता के लिए जानलेवा साबित हो गया। वारासिवनी कॉलेज के पीछे हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रात एक कलयुगी बेटे ने बहस के बाद माता-पिता पर सब्बल से हमला दिया। माता-पिता की हालत नाजुक बनी हुई है, जिनका गोंदिया के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। आरोपी बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। नीट परीक्षा की तैयारी कर रहा है सत्यम जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत सिंकदरा के पास कालेजटोला में सोमवार रात लगभग 11 बजे सत्यम कटरे (19) ने पिता किशोर कटरे (40) और माता प्रतिभा कटरे (35) पर हमला कर लहूलुहान कर दिया। सत्यम नीट परीक्षा की तैयार कर रहा है। पुलिस जानकारी के अनुसार रात में पिता किशोर और सत्यम के बीच लगातार मोबाइल देखने की बात पर बहस हुई थी। पिता ने सत्यम को पढ़ाई पर ध्यान लगाने की समझाइश दी। इससे गुस्सा होकर सत्यम ने माता-पिता पर सब्बल से हमला कर दिया। मां प्रतिभा आइसीयू में भर्ती हैं। हमले के बाद सत्यम ने खुद ही डायल 100 पर फोन कर पुलिस को अपनी करतूत की जानकारी दी। हमले में घायल पति-पत्नी हैं शिक्षक-शिक्षिका हमलावर बेटे की जानकारी सुनकर पुलिस के भी होश उड़ गए। तत्काल पुलिस के आला-अफसर मौके पर पहुंचे और सत्यम को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, घायलों को तुरंत जिला अस्पताल लाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद गोंदिया रेफर कर दिया गया। घायल पति-पत्नी सरकारी शिक्षक हैं। किशोर कटरे जराहमोहगांव में शिक्षक हैं, तो प्रतिभा सावंगी में शिक्षिका हैं। सत्यम माता-पिता की इकलौती संतान है। सत्यम ने कोटा राजस्थान में छह महीने तक रहकर नीट की तैयारी की थी, लेकिन बीच में पढ़ाई छोड़कर वह घर लौट आया और यहीं रहकर नीट की तैयारी कर रहा था। उसके अच्छे अंक न आने पर पिता ने मोबाइल की लत छोड़ने की सलाह दी थी। घर में ही ज्यादा समय रहता था सत्यम आसपास रहने वालों ने बताया कि सत्यम शांत प्रवृत्ति का है। घर से भी बहुत कम निकलता था। उसकी किसी के साथ दोस्ती-यारी नहीं थी, लेकिन वो ऐसा कर देगा, किसी ने नहीं सोचा था। recent visitors 53

छिंदवाड़ा एवं नवगठित पांढुर्णा जिला अन्तर्गत तीन वनमंडलों को पुनर्गठित किये जाने का निर्णय: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा केन्द्र प्रवर्तित सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 योजना अन्तर्गत "पोषण भी- पढ़ाई भी" प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं भारत सरकार के मापदंडों अनुसार इसके आयोजन के लिए 30 करोड़ 56 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी। इसका उद्देश्य बाल्यावस्था के प्रथम एक हजार दिवस में प्रांरभिक उद्दीपन, 3 से 6 वर्ष के आयु वर्ग के लिए ईसीसीई (देखभाल व शिक्षा) को बढ़ावा देना, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को ईसीसीई एवं शैक्षिणक दृष्टिकोण की बुनियादी समझ विकसित करना, खेल आधारित उच्च गुणवत्ता प्रदान करना है। इसका लक्ष्य, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का क्षमता संवर्धन एवं परियोजना में एक बाल विकास परियोजना अधिकारी 3 पर्यवेक्षकों को मास्टर ट्रेनर बनाना हैं। गेहूं का उपार्जन रूपये 2,600 प्रति क्विंटल पर मंत्रि-परिषद द्वारा रबी विपणन वर्ष 2025-26 में किसानों को गेहूं उपार्जन पर बोनस भुगतान एवं सरप्लस गेंहू के निस्तारण के संबंध में गेंहू उपार्जन पर बोनस राशि रुपये 125/- प्रति क्विंटल के स्थान पर राशि में वृद्धि करते हुए राशि रूपये 175/- प्रति क्विंटल किये जाने का निर्णय लिया गया हैं। निर्णय अनुसार गेहूं का उपार्जन रूपये 2,600 प्रति क्विंटल पर किया जायेगा। उपार्जन कार्य 15 मार्च से प्रारंभ हो जायेगा। गेंहू की एमएसपी दर रूपये 2,425 प्रति क्विंटल पर उपार्जन पर रूपये 175 प्रति क्विंटल बोनस दिया जायेगा। 80 लाख मीट्रिक टन गेंहू के उपार्जन पर 1,400 करोड़ रूपये राज्य के कोष से व्यय किया जायेगा। धान उपार्जन पर किसानों को 4000 रुपए प्रति हेक्टेयर की मिलेगी प्रोत्साहन राशि धान उपार्जन अंतर्गत खरीफ मार्केटिंग सीजन 2024 में धान का विक्रय करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 4000 राशि के मान से 6.70 लाख किसानों को 12.20 लाख हेक्टेयर में पैदा की गई धान पर राज्य सरकार 480 करोड़ रूपये की राशि व्यय करेगी। प्रदेश में राजस्व भू-अभिलेखों के लंबित डिजिटाइजेशन के लिए 138 करोड़ 41 लाख रूपये की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा भारत सरकार के डिजिटल इंडिया लैण्ड रिकार्ड मॉर्डनाईजेशन प्रोग्राम के तहत प्रदेश में राजस्व भू-अभिलेखों के लंबित डिजिटाइजेशन के लिए स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार राजस्व भू-अभिलेखों के लंबित डिजिटाइजेशन के लिए प्राक्कलित कुल राशि 138 करोड़ 41 लाख रूपये (कर सहित) की स्वीकृति प्रदान की गई। डिजिटाइजेशन के कार्य को म.प्र. भू-अभिलेख प्रबंधन समिति (एमपीएलआरएस) द्वारा खुली निविदा के माध्यम से क्रियान्वित किया जायेगा। छिंदवाड़ा एवं नवगठित पांढुर्णा जिला अन्तर्गत तीन वनमंडलों को पुनर्गठित किये जाने का निर्णय मंत्रि-परिषद द्वारा वर्तमान में छिंदवाड़ा वन वृत्त (छिंदवाड़ा जिला एवं नवगठित पांढुर्णा जिला) अंतर्गत तीन वनमंडलों पूर्व/पश्चिम/दक्षिण छिंदवाडा को पुनर्गठित किये जाने का निर्णय लिया गया हैं। निर्णय अनुसार दक्षिण छिंदवाड़ा वनमंडल के 662.742 वर्ग कि.मी. वनक्षेत्र को नवगठित पांढुर्णा वनमंडल में तथा शेष 293.944 वर्ग कि.मी. वनक्षेत्र को पूर्व व पश्चिम छिंदवाड़ा वनमंडलों में शामिल किया जायेगा एवं वनमंडल दक्षिण छिंडवाड़ा को समाप्त किया जायेगा। दक्षिण छिन्दवाड़ा वनमण्डल से पुनर्गठित पांढुर्णा तथा पूर्व व पश्चिम छिंडवाड़ा वनमण्डलों में पदों का पुर्न आवंटन किया जायेगा।   recent visitors 58

दो गावों के बीच पक्की सड़क की मांग को लेकर ग्रामीण कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचे, नतमस्तक होने को मजबूर हुए ग्रामीण

डिंडोरी मध्य प्रदेश में यूं तो सड़कों का विकास तेजी से हो रहा है। राजधानी समेत कई शहरी इलाकों में करोड़ों रुपए की लागत से पक्की सड़कें बन रही हैं। लेकिन आज भी कई इलाके ऐसे हैं जहां सड़क के नाम पर सिर्फ बंजर जमीन है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है डिंडोरी जिले के ग्राम रहंगी से, जहां दो गावों के बीच पक्की सड़क की मांग को लेकर ग्रामीण आज कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने महिला SDM से हाथ जोड़कर विनती की। ग्रामीणों को करना पड़ता है समस्याओं का सामना अमरपुर विकासखंड क्षेत्र की ग्राम रहंगी निवासी ग्रामीणों ने बताया कि रहंगी और खुड़िया की दूरी 3 किलोमीटर है। दोनों गांव के बीच की सड़क नहीं हैं। जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में तकलीफ होती है। साथ ही स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी अन्य सुविधाओं के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार अधिकारियों को इससे अवगत कराया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। खराब सड़क से हादसे का शिकार होते हैं ग्रामीण उन्होंने यह भी बताया कि आए दिन खराब सड़क की वजह से ग्रामीण हादसे का शिकार होते हैं। जिससे वाहनों को भी नुकसान होता है। ग्रामीणों ने सड़क की मांग को लेकर चुनाव बहिष्कार की चेतावनी भी दी थी।   SDM ने जल्द समस्या का समाधान करने का दिलाया भरोसा कलेक्टर की व्यस्तता की वजह से ग्रामीण उनसे मुलाकात नहीं कर सके। जिसके बाद एसडीएम भारती मेरावी ने परेशानी सुनी। उन्होंने प्रधानमंत्री सड़क विकास प्राधिकरण के अधिकारी से बात की। साथ ही समस्या का जल्द समाधान करने का भरोसा दिलाया। recent visitors 48