Tuesday, July 7, 2026 2:21 am

MP अब एक बार फिर 8500 पदों पर भर्ती की जाएगी, शासन को प्रस्ताव भेजा

भोपाल  मध्य प्रदेश में जल्द ही 8500 पुलिसकर्मियों की भर्ती की जाने वाली है। गृह विभाग के पास खाली पदों की जानकारी भेजी गई थी, जिसके बाद अब पुलिस भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। इस भर्ती से न केवल शासन के पास मौजूद पुलिस बल में इजाफा होगा बल्कि जनता भी पहले से ज्यादा महफूज होगी। वहीं जो लोग पुलिस में नौकरी करना चाहते हैं उनके लिए भी ये खबर काम की है। 2 महीने पहले ही 7500 पुलिसकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई है। इसके बाद अब एक बार फिर 8500 पदों पर भर्ती की जाएगी। प्रदेश के इतिहास में शायद पहली बार होगा जब एक ही साल के अंदर 15500 पुलिसकर्मी चयनित होंगे और कानून व्यवस्था दुरुस्त हो सकेगी। बता दें कि 8500 पुलिसकर्मियों की इस भर्ती में 7500 सिपाही, 500 सब इंस्पेक्टर और 500 ऑफिस स्टाफ के पद शामिल किए गए हैं। प्रदेश में 8 साल बाद सब इंस्पेक्टर के पदों पर भर्ती की जाने वाली है। मध्य प्रदेश का गृह विभाग स्वयं मुख्यमंत्री मोहन यादव देखते हैं। ऐसे में पुलिस भर्ती का फैसला युवाओं और बेरोजगारों के लिए हितकारी होने की बात कही जा रही है। डीजीपी मकवाना ने दी जानकारी मध्य प्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना में खुद सोशल मीडिया के जरिए 8500 पदों पर पुलिस भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की जानकारी दी है। बता दें कि इसके पहले भी जब मकवाना ने डीजीपी का पदभार संभाला था। तब उन्होंने देखा कि प्रदेश में केवल पुलिस बल एक लाख ही है और 25000 पद खाली पड़े हैं। हर साल रिटायर्ड होने वाले पुलिसकर्मियों की संख्या 500 से 700 है, जिससे बल कम हो रहा है। इस बात की जानकारी उन्होंने गृह विभाग को दी थी। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को तुरंत ही स्वीकार कर लिया था। 7500 पुलिसकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया पूरी भी कर ली गई है और इसका रिजल्ट आना बाकी है। वहीं अब 8500 पुलिसकर्मियों की भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। भारती नियमों में हुआ संशोधन बता दें गृह विभाग की ओर से सब इंस्पेक्टर पद की भर्ती के नियमों में संशोधन किया गया है। अब इन नियमों में सब इंस्पेक्टर रेडियो और फोटो फिंगरप्रिंट पद को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा अब 38 साल तक के उम्मीदवार सब इंस्पेक्टर पद की परीक्षा दे सकते हैं जबकि अब तक यह उम्र 36 साल रखी गई थी। नियमों में संशोधन होने से ज्यादा युवा भर्ती का हिस्सा बन सकेंगे। 8 सालों से नहीं हुई सब इंस्पेक्टर भर्ती मध्य प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर और सूबेदार पद की भर्ती बीते 8 सालों से नहीं हुई है। फिलहाल 1200 पद ऐसे हैं जो खाली है। भर्ती नियमों में संशोधन होने के बाद अब सब इंस्पेक्टर के 500 पदों पर भर्ती होगी। इसके अलावा स्टेनो और एएसआई के पद पर भी भर्ती होगी। recent visitors 54

औषधीय पादप बोर्ड का अभियान: लोगों को स्वस्थ बनाने के लिए दिए जा रहे अश्वगंधा के पौधे

Medicinal Plant Board’s campaign: Ashwagandha plants are being given to make people healthy सागर । लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरुक करने व उनके बेहतर स्वास्थ्य के लिए अश्वगंधा अभियान चलाया जा रहा है। इसमें लोगों को अश्वगंधा के पौधे देकर उन्हें घर पर लगाने व उपयोग करने के संबंध में बताया जा रहा है। राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड आयुष मंत्रालय ने जनता के बीच अश्वगंधा के स्वास्थ्य लाभों के बारे में जागरूकता पैदा करने और पूरे देश में इस औषधीय पौधे के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अश्वगंधा पर राष्ट्रीय अभियान शुरू किया है। इसमें मध्यप्रदेश के चार जिलों सागर सहित ग्वालियर, सीहोर व उज्जैन में आयुष विभाग के माध्यम से अश्वगंधा के पौधे बांटे जा रहे हैं। जिले में इस अभियान के तहत अब तक 50 हजार से अधिक पौधें बांटे जा चुके हैं। अभी और बांटे जा रहे हैं। अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालय सहित आयुष औषधालयों से अश्वगंधा के पौधे बांटे जा रहे हैं। चित्रकला सहित भाषण स्पर्धाएं कराई हैं। सेमिनार भी कराए गए हैं। साथ ही पौधे ले जाने वालों को इसके उपयोग व फायदे बताए जा रहे हैं। इसके अलावा किसानों को भी अश्वगंधा की खेती के प्रति जागरुक किया जा रहा है। उन्हें खेती के फायदे बताए जा रहे हैं। इसके बाद किसान खुद भी विभाग के अफसरों से संपर्क कर रहे हैं। साथ ही पौधे ले जाकर खेती शुरू कर रहे हैं। अभियान में अश्वगंधा के औषधीय गुण एवं स्वास्थ्य लाभ के बारे में बताया गया है। साथ ही किसानों को आयुर्वेदिक मूल औषधीय सामग्री (जड़ी-बूटी) अश्वगंधा के उत्पाद, फसल विक्रय आदि के बारे में बताया गया है। अश्वगंधा कैंपेन राष्ट्रीय औषधि पादप बोर्ड और राज्य औषधि पादप बोर्ड के निर्देशानुसार किया जा रहा है। इस कैंपेन के ज़रिए अश्वगंधा की खेती, चिकित्सीय उपयोगिता और रोज़गार के अवसरों के बारे में जानकारी दी जा रही है। आयुर्वेद विशेषज्ञों की मदद से अश्वगंधा पौधे का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। अश्वगंधा एक प्राचीन चिकित्सा जड़ी-बूटी है। यह आयुर्वेद में सबसे शक्तिशाली मानी जाती है। यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देती है। यह प्रतिरक्षा प्रणाली को मज़बूत करती है। जिला आयुष अधिकारी डॉ. जोगेन्द्र सिंह ठाकुर ने बताया कि जिले में अश्वगंधा अभियान से अश्वगंधा औषधीय फसल की कृषि को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। किसानों सहित आम लोगों को अश्वगंधा कृषि एवं इसके औषधीय गुण के बारे में जानकारी दी जा रही है। अभियान के बाद किसान खुद ही फोन लगाकर जानकारी ले रहे हैं। इसकी खेती के लिए प्रोत्साहित हो रहे हैं। साथ ही बड़े स्तर पर खेती करने की जानकारी ले रहे हैं। recent visitors 122

जिला अस्पताल में भ्रष्टाचार के विरोध में विहिप का प्रदर्शन: छतरपुर में सीएमएचओ का पुतला जलाया; कलेक्टर को दिया ज्ञापन

VHP’s protest against corruption in district hospital: CMHO’s effigy burnt in Chhatarpur; Memorandum given to Collector छतरपुर । विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने जिला अस्पताल में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ सोमवार को प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने छत्रसाल चौराहे पर सीएमएचओ का पुतला दहन किया और कलेक्टर को 12 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।विश्व हिंदू परिषद के जिला मंत्री रामगोपाल यादव ने कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में आउटसोर्स पर फर्जी नियुक्तियां की गई हैं। मरीजों से अवैध वसूली की जा रही है। ब्लड बैंक में अनियमितताएं हो रही हैं और रक्त की बिक्री की जा रही है। कैंटीन में भी वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं। बता दें कि, दस दिन पहले भी जिला अस्पताल में सीएमएचओ का पुतला जलाया गया था। विहिप ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो जिले के सभी प्रखंडों में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।संगठन ने कर्मचारियों की जांच और दोषी लोगों को हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि पिछली चेतावनी के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। recent visitors 111