Wednesday, July 8, 2026 1:38 am

4 महीने से वेतन लंबित, मनरेगा कर्मियों ने पूछा- कैसे करें सुशासन पर विश्वास?

रायपुर छत्तीसगढ़ में मनरेगा कर्मियों ने कम वेतन में अधिक काम कराए जाने और बीते 4 महीने से वेतन न दिए जाने को लेकर काफी आक्रोश है. मनरेगा महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अजय क्षत्रि ने कहा कि अल्प वेतन में मनरेगा कर्मियों से मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों के अलावा शासन के कई अन्य कार्य भी लिए जा रहे हैं. इसके बाद भी उन्हें 4 महीने से वेतन नहीं मिल पाया है. इसके अलावा छत्तीसगढ़ बजट को लेकर भी वे निराश हैं. मेहनत के बाद भी अपने हक का वेतन न मिलने से वे मानसिक रूप से पीड़ित हो रहे हैं. अजय क्षत्रि ने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी शासित मध्यप्रदेश, राजस्थान एवं बिहार जैसे विभिन्न राज्यों में मनरेगा कर्मियों के सेवा, सामाजिक सुरक्षा एवं वेतन भुगतान संबंधी एक अच्छी मानव संसाधन नीति लागू है. साथ ही केन्द्र सरकार से राशि प्राप्त न होने पर राज्य सरकार द्वारा पूल फण्ड के माध्यम से राज्यों में वेतन भुगतान कर केन्द्र से राशि मिलने के बाद समायोजन कर लिया जाता है. वहीं छत्तीसगढ़ राज्य में भारतीय जनता पार्टी की ‘‘डबल ईंजन की सरकार‘‘ होने के बाद भी मनरेगा कर्मी अपनी सेवा, सामाजिक सुरक्षा एवं वेतन संबंधी सुविधाओं से वंचित हैं. अतिरिक्त कार्य का बोझ है, ऐसे में सुशासन पर विश्वास कैसे होगा? बजट को लेकर निराशा अजय क्षत्रि ने आगे कहा कि 3 मार्च को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2025-26 का बजट वित्त मंत्री ओ.पी.चौधरी ने पेश किया. बजट में महात्मा गांधी नरेगा योजनांतर्गत कार्यरत कर्मियों  के लिए कुछ भी नहीं किया गया है, जिसके चलते प्रदेशभर के मनरेगाकर्मी  निराशा हैं. मनरेगा कर्मियों से अल्प वेतन में मनरेगा कार्य और प्रधानमंत्री आवास योजना के कार्यों के अलावा शासन के अन्य कार्य भी लिए जा रहे हैं. इसके बावजूद भी विगत 4 माह से वेतन नहीं मिल पाया है. जिसके कारण कर्मचारी मानसिक रूप से पीड़ित एवं सरकार के प्रति आक्रोशित हैं। साथ ही सरकार  इनके सुरक्षित भविष्य के लिए कोई मानव संसाधन नीति भी सरकार लागू नहीं कर पाई है, जिसके लिए ये कर्मचारी लंबे समय से संघर्षरत हैं. मनरेगा महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष ने आगे कहा कि  छत्तीसगढ़ शासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अध्यक्षता में ‘‘छ.ग. मनरेगा कर्मियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया पूर्ण होने तक सामाजिक और सेवा सुरक्षा की दृष्टि से मानव संसाधन नीति लागू किये जाने के लिए ‘‘ राज्य स्तरीय 8 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है. वादा पूरा होने का इंतजार करते थके मनरेगा कर्मी उन्होंने आगे कहा कि अत्यंत खेद का विषय है कि पूर्व कांग्रेस सरकार में जिस प्रकार पिछले 5 वर्षों में केवल कमेटी-कमेटी खेला गया, अब वही काम इस सुशासन की सरकार में भी किया जा रहा है. सितंबर 2024 में 15 दिनों के भीतर कमेटी का प्रतिवेदन प्रस्तुत करने और उसमें मनरेगा कर्मियों के सेवा/भविष्य सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा तथा अनुकंपा नियुक्ति जैसी महत्वपूर्ण बिंदुओं का समावेश करने के लिए छत्तीसगढ़ के डिप्टी सीएम विजय शर्मा के वादे को पूरे होने का इंतजार करते अब ये मनरेगा कर्मी भी थक गए हैं. कभी-कभी देर से मिला न्याय भी अन्याय सा प्रतीत होता है. recent visitors 54

रकुल प्रीत सिंह की फिल्म ‘दे दे प्यार दे 2’ के पटियाला शैड्यूल की शूटिंग पूरी हुयी

मुंबई, बॉलीवुड अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह की आने वाली फिल्म 'दे दे प्यार दे 2' के पटियाला शैड्यूल की शूटिंग पूरी हो गयी है। वर्ष 2019 में अजय देवगन,रकुल प्रीत सिंह और तब्बू की फिल्म ‘दे दे प्यार दे’ प्रदर्शित हुयी थी। इस फिल्म को लोगों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था। अब इसका सीक्वल दे दे प्यार दे 2 बनाया जा रहा है। दे दे प्यार दे 2 में अजय देवगन, रकुल प्रीत सिंह और आर माधवन की मुख्य भूमिका है।रकुल प्रीत सिंह ने फिल्म दे दे प्यार दे को लेकर अहम जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर की है।उन्होंने फिल्म दे दे प्यार दे 2 के पटियाला शेड्यूल के खत्म होने की खुशखबरी सोशल मीडिया पर शेयर की है और साथ ही एक खास नोट भी लिखा है। रकुल प्रीत सिंह ने फिल्म दे दे प्यार दे 2 को लेकर अपनी खुशी इंस्टाग्राम की स्टोरी पर शेयर करते हुए एक तस्वीर शेयर की है, जिसमें उनके साथ क्रू के कई लोग नजर आ रहे हैं। इस खास तस्वीर के साथ रकुल ने लिखा, इसके साथ ही हमने दे दे प्यार दे 2 का पटियाला शेड्यूल पूरा कर लिया है। यह महीना बहुत अच्छा और संतोष देने वाला रहा। हां, ठंड बहुत थी और काम भी खूब था, लेकिन मेरी टीम ने मेरी मदद की और सब आसानी से हो गया। मैं चाहती हूं कि आप सब फिल्म देखें और उम्मीद है कि आपको आयशा का किरदार फिर से पसंद आएगा।   recent visitors 54

Lenovo लैपटॉप 100 फीसद बनेंगे मेड इन इंडिया

नई दिल्ली केंद्र सरकार की मुहिम रंग ला रहा है। दरअसल कुछ वक्त पहले केंद्र सरकार ने लैपटॉप बनाने वाली कंपनियों पर मेड इन डिवाइस बनाने का दबाव बनाया था। हालांकि उस वक्त विदेशी लैपटॉप मैन्युफैक्चरिंग कंपनी का कहना था कि भारत लैपटॉप का एक छोटा मार्केट है। ऐसे में उसके लिए भारत में लैपटॉप मैन्युफैक्चरिंग करना मुश्किल होगा। लेकिन अब विदेशी लैपटॉप कंपनियां घरेलू 100 फीसद मेड इन इंडिया पीसी बनाने जा रही है। कंपनी ने बनाया 3 साल का प्लान ग्लोबल टेक कंपनी लेनोवो ने ऐलान किया है कि उनकी कंपनी अगले 3 साल में भारत में मेड इन इंडिया पीसी मैन्युफैक्चिरिंग के लक्ष्य को हासिल कर लेगी। कंपनी की तरफ से पीसी बिजनेस के मामले में 100 फीसद लोकल प्रोडक्शन के टारगेट को हासिल कर लेगी। इसमें एआई पॉवर्ड पीसी के साथ लॉन्ग टर्म प्रोजेक्ट होंगे। 100 फीसद बनेंगे मेड इन इंडिया प्रोडक्ट बता दें कि लेनोवो ने ऐसा ऐलान उस वक्त किया है, जब लेनोवो इंडिया में अपने 20 साल पूरे कर लिये हैं। लेनोवो इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर शैलेंद्र कटियाल ने कहा कि अभी कंपनी की देश में पीसी सेल का 30 फीसद लोकल मैन्युफैक्चरिंग से आता है। यह आंकड़ा अगले साल 50 फीसद और तीन साल में 100 फीसद तक पहुंचने का अनुमान है। पुडुचेरी में बनेगी प्रोडक्शन फैलिसिटी कटियाल ने ये भी बताया कि Lenovo के पहले AI-पावर्ड सर्वर 1 अप्रैल से इसके इंडिया मैन्युफैक्चरिंग हब से रोल आउट होने शुरू हो जाएंगे। पिछले साल सितंबर में Lenovo ने पुडुचेरी में एक प्रोडक्शन फैसिलिटी लॉन्च की थी, जो हर साल करीब 50,000 एंटरप्राइज AI सर्वर और 2400 हाई-एंड ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (GPU) बनाएगी। लेनोवो भारत में करेगा रिसर्च एंड डेवलपमेंट का विस्तार कंपनी बेंगलुरु में एक और रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटर स्थापित करने की योजना बना रही है। साथ ही भारत में अपनी रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) कैपेसिटी का विस्तार कर सकती है। कंपनी का मानना है कि भारत एक बड़ा मार्केट है। साथ ही भारत से बड़े पैमाने पर स्मार्टफोन का एक्सपोर्ट किया जा सकता है। कंपनी का कहना है कि साल 2024 के लिए 18,000 करोड़ रुपये के प्रोडक्ट्स बनाये गये हैं। भारत में बनाए जा रहे ज्यादातर मोटोरोला फोन लेनोवो की तरफ से भारत में AI में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसका रेवेन्यू साल दर साल के हिसाब से 2.5 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया है। Lenovo भारत से ग्लोबल मार्केट में Motorola स्मार्टफोन एक्सपोर्ट कर रहा है। कंपनी ने ऐलान किया है कि अब सभी Motorola फोन का प्रोडक्शन भारत में हो रहा है। recent visitors 63

चमक रहा इवेंट मैनेजमेंट, उभर रहे नए रोजगार

उदारीकरण और वैश्वीकरण की नीतियों ने हमारी आर्थिक और सामाजिक ढांचे को ही बदल दिया है। यही वजह है कि आज लोगों में बच्चों के बर्थ डे कार्यक्रम से लेकर शादी−विवाह तक के समारोहों में बड़े पैमाने पर मनाने की होड़ लग गई है। यही वजह है कि आज स्टेटस सिंबल बन चुके सामाजिक रस्मों−रिवाजों को पूरा करने की जिम्मेदारी इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों को सौंपी जानी लगी है। ये कंपनियां मोटी रकम लेकर संपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन करती हैं। फिलहाल इस व्यवसाय का देश भर में 600 हजार करोड़ रुपए का कारोबार है। इसमें हर साल 30 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी भी हो रही है। लिहाजा इस क्षेत्र में रोजगार की असीम संभावनाएं उभर कर सामने आई हैं। इवेंट मैनेजमेंट का मतलब कार्यक्रम प्रबंधन है। जिसके तहत शादी, पार्टियां, बर्थ डे पार्टियां, सौन्दर्य प्रतियोगिता, खेल आयोजन, उद्योग जगत के विभिन्न कार्यक्रमों जैसे नए उत्पादों की लांचिंग, प्रेस कांफ्रेंस, सेमिनार, प्रशिक्षण और ब्रांड शो जैसे कार्यक्रम हैं। इवेंट मैनेजमेंट के तहत इन कार्यक्रमों से संबंधित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों का एक समूह कार्यक्रम कराने वालों की स्थिति का अध्ययन करता है। जिसके आधार पर ही इवेंट मैनेजर कार्यक्रमों की तैयारी करते हैं। आयोजक की जिम्मेदारी सिर्फ पैसे चुकाने तक ही होती है। इवेंट मैनेजमेंट के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के कार्यों का संपादन किया जाता है। लिहाजा इसके लिए किसी विशेष पाठ्यक्रम की व्यवस्था नहीं है। यह व्यवसाय पूरी तरह से व्यवहार कुशलता और संचालन व्यवस्था पर आधारित है। इसलिए आमतौर पर एमबीए और जनसंचार से संबंधित डिग्रियां एक कुशल इवेंट मैनेजर बनने के लिए सहायक होती हैं। लेकिन व्यवहारिक रूप से कोई भी ग्रेजुएट युवक जो बहिमुखी प्रतिभा का धनी है और अपनी बातों को प्रभावी ढंग से दूसरे के समक्ष रखने में सक्षम है तथा उसमें प्रबंधन की क्षमता हो वह इसे कॅरियर के तौर पर अपना सकता है। एक इवेंट मैनेजर में टीम भावना होना बहुत जरूरी है। क्योंकि यह इस व्यवसाय का मेरू दंड है। इस कारोबार में उतरने से पहले अभ्र्यथी को किसी इवेंट कंपनी में बतौर प्रशिक्षु काम करना आवश्यक है। इसके अलावा उसे पार्टियों के आयोजन में हो रहे बदलाव से अवगत होना भी जरूरी है। साथ ही समाज के धनी तबके के बीच पैठ एक इवेंट मैंनेजर की सफलता के सूत्र हैं। इच्छुक अभ्यर्थी इन संस्थानों से संपर्क कर सकते हैं… -नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इवेंट मैनेजमेंट, 7 एवन आरकेड, डीजे रो विल पार्ले मुंबई। -इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन, जेएनयू कैम्पस, नई दिल्ली। -मुद्रा इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन, शोला अहमदाबाद। -सेंट जेविर्यस कॉलेज ऑफ कम्युनिकेशन, धोबी तालाब रोड़, लाइंस मुंबई। -केजे सोमाया इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, विले पार्ले मुंबई। -यूनिवर्सिटी ऑफ पुणे, गणेश खिंड, पुणे।   recent visitors 37

अस्पताल के बाद सीएम रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग स्थित एक सरकारी स्कूल में अचानक पहुंच कर हालात का लिया जायजा

नई दिल्ली सरकार गठन के बाद से दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्त ऐक्शन मोड में हैं। इन दिनों वह ताबड़तोड़ छापेमारी में जुटी हैं। गुरुतेग बहादुर अस्पताल के बाद सीएम रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग स्थित एक सरकारी स्कूल में अचानक पहुंच कर हालात का जायजा लिया। यहां पानी और साफ-सफाई से संबंधित दिक्कतों को लेकर उन्होंने स्कूल प्रबंधन और अफसरों को फटकार लगाई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता गुरुवार दोपहर अपने विधानसभा क्षेत्र शालीमार बाग के एक सरकारी स्कूल में छापेमारी के लिए पहुंचीं। यहां उन्होंने नल में पानी नहीं आने को लेकर नाराजगी जाहिर की। सीएम ने पूछा, ‘मैडम इसमें पानी क्यों नहीं आ रहा है, नल है तो पानी क्यों नहीं है।’ मुख्यमंत्री ने शौचालय में जाकर भी हाल देखा और रजिस्टर की भी जांच की। उन्होंने स्कूल में व्यवस्था को दुरुस्त करने का आदेश दिया। स्कूल के अलावा सीएम ने शालीमार गांव चौक, मैक्स रोड, हैदरपुर गांव चौक सहित अन्य क्षेत्रों में पेयजल, सफाई और सड़कों की स्थिति का जायजा लिया। सीएम ने एक्स पर लिखा कि इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से बात की। सीएम ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को जल, सड़कों और गंदगी से संबंधित समस्याओं का तुरंत समाधान करने को कहा। सीएम ने इसकी जानकारी एक्स पर देते हुए कहा, 'हमारा उद्देश्य है कि दिल्ली के हर नागरिक तक सभी मूलभूत सुविधाएं उचित रूप से पहुंचें, और इसके लिए हम निरंतर कार्यरत हैं।' recent visitors 60

मेड इन इंडिया-ए टाइटन स्टोरी’ नाम से बनाई जा रही वेब सीरीज, जेआरडी टाटा बने नसीरुद्दीन शाह

मुंबई भारत के सबसे मशहूर और सम्मानित बिजनेसमैन में से एक रहे जेआरडी टाटा की पूरी कहानी अब एक सीरीज के रूप में देखने को मिलेगी। टाटा ग्रुप को भारत की सबसे प्रतिष्ठित कंपनियों में से एक बनाने वाले जेआरडी टाटा यानी जहांगीर रतनजी दादाभाई टाटा की जिंदगी पर 'मेड इन इंडिया-ए टाइटन स्टोरी' नाम से वेब सीरीज बनाई जा रही है। इस वेब सीरीज में दिग्गज एक्टर नसीरुद्दीन शाह, जेआरडी टाटा का किरदार निभाएंगे। 'दैनिक भास्कर' की रिपोर्ट के मुताबिक, 'मेड इंन इंडिया-ए टाइटन स्टोरी' में जेआरडी टाटा के रोल के लिए अनुपम खेर, कबीर बेदी, डैनी डेंग्जोपा, डेंजिल स्मिथ और सुरेश ओबेरॉय जैसे कई एक्टर्स रेस में थे। इनके नाम भी अमेजन एमएक्स प्लेयर को भेजे गए थे, पर नसीरुद्दीन शाह का नाम फाइनल किया गया है। क्या होगी 'मेड इन इंडिया-ए टाइटन स्टोरी' की कहानी 'मेड इंन इंडिया-ए टाइटन स्टोरी' में टाइटन ब्रांड के बनने की कहानी और जेआरडी टाटा की उपलब्धियों को दिखाया जाएगा। लेकिन जर्क्सेस देसाई की कहानी भी दिखाई जाएगी, जिन्होंने टाइटन घड़ियों और तनिष्क जैसे ब्रांड की नींव रखी थी। चूंकि जर्कसिस देसाई पारसी थे, इसलिए वेब सीरीज में उनका किरदार एक पारसी कलाकार निभाएगा। जर्कसिस देसाई के रोल के लिए जिम सर्भ को फाइनल किया गया है। 75 के एज ग्रुप चाहिए था कलाकार, नसीरुद्दीन शाह और जिम सर्भ फाइनल रिपोर्ट के मुताबिक, ओटीटी कंपनी अमेजन एमएक्स प्लेयर चाहती थी कि जेआरडी टाटा वेब सीरीज में 75 के ऐज ग्रुप में दिखाया जाए। इसलिए एक ऐसे कलाकार की तलाश थी, जो न सिर्फ उस एज ग्रुप का हो, बल्कि किरदार के साथ न्याय भी कर सके। लीड रोल में जहां नसीरुद्दीन शाह और जिम सर्भ को कास्ट किया जा चुका है। सबसे पहले जिम सर्भ को साइन किया गया था। नमिता दुबे का अहम रोल, इन एक्ट्रेसेस ने भी दिए थे ऑडिशन वहीं जर्कसिस देसाई की पत्नी रजनी के रोल में नमिता दुबे नजर आएंगी। रिपोर्ट के मुताबिक, रजनी के रोल के लिए मेकर्स ने प्राजक्ता माली, गिरिजा ओक, सोनाली कुलकर्णी, मानसी पारेख, सलोनी बत्रा और रिद्धिमा पंडित तक का ऑडिशन लिया। लेकिन नमिता दुबे को फाइनल किया गया। मेकर्स को इस रोल के लिए ऐसी एक्ट्रेस चाहिए थी, जो गुजराती लगने के साथ ही गोरी-चिट्टी भी हो। 6 पार्ट में बनेगी 'मेड इंडिया-ए टाइटन स्टोरी' 'मेड इंडिया-ए टाइटन स्टोरी' 6 पार्ट में बनेगी, और यह विनय कामथ की लिखी किताब Titan: Inside India's Most Successful Consumer Brand पर आधारित है। 1980 के दशक में सेट इस वेब सीरीज में दिखाया जाएगा कैसे जेआरडी टाटा और जर्क्सेस देसाई ने मुश्किल वक्त में एक साथ कड़ी मेहनत करके अपने क्रांतिकारी उत्पादों से बड़ा साम्राज्य खड़ा किया था। कुछ हफ्ते पहले ही इस वेब सीरीज का ऐलान करते हुए एक ट्रेलर रिलीज किया गया था। recent visitors 33

कर्टनी कार्दशियन के 15 साल के बेटे को लेकर उड़ रही अफवाहों पर दिया करारा जवाब

  लॉस एंजिल्स किम कार्दशियन की बहन कर्टनी कार्दशियन के 15 साल के बेटे को लेकर पिछले कुछ समय से काफी चर्चा है। सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई सारे मीम्स चल रहे हैं कि कर्टनी कार्दशियन का केवल 15 साल का बेटा Mason Disick एक बच्चे का पिता है। अब मां ने इन अफवाहों पर चुप्पी तोड़ी है और ऐसी बात करने वालों को करारा जवाब दिया है। उन्होंने अपने बेटे मेसन डिस्किक के बारे में चल रही अफवाहों पर लताड़ लगाते हुए हाल ही में इंस्टाग्राम स्टोरीज पर इन खबरों को गलत बताया है। उन्होंने कहा- उनके 15 वर्षीय बेटे के पिता बनने की अटकलें पूरी तरह से गलत हैं और अटकलें साफ झूठी हैं। कर्टनी ने लिखा है कि मेसन का कोई बच्चा नहीं उन्होंने लिखा है, 'मैं शायद ही कभी अपने या अपने परिवार के बारे में अफवाहों या साजिशों पर बात करती हूं, लेकिन ये मेरे बच्चे के बारे में है और किसी को भी एक पल के लिए भी ये सोचने देना गलत होगा कि ये सच हैं। ये खबरें सच नहीं हैं।' कर्टनी ने लिखा है कि मेसन का कोई बच्चा नहीं है। मेसन के नाम से फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स उन्होंने ये भी कहा कि मेसन के नाम से फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स बनाया गया है। कर्टनी ने कहा कि उनके बेटे की कोई पब्लिक प्रोफाइल नहीं है और फैन्स से आग्रह किया कि वे ऑनलाइन जो कुछ भी देखते हैं, उस पर भरोसा न करें। मेसन के पिता स्कॉट डिस्किक ने भी कही ये बात वहीं मेसन के पिता स्कॉट डिस्किक ने भी मेसन के टीनेज पर बात की है। PEOPLE से बातचीत में उन्होंने कहा है, ' मेसन अगर किसी परेशानी से गुजर रहा है तो मैं उससे अपने जीवन के बारे में बात करता हूं। जैसे कि मैंने जो गलतियां की हैं, मैंने क्या किया है और मेरे लिए क्या कारगर रहा है, मेरे लिए क्या कारगर नहीं रहा है, इन बारे में।' recent visitors 38