लाइफ में हर चीज में नहीं करनी चाहिए जल्दबाजी , हो जाएगा नुकसान

आजकल की भागदौड़ भरी लाइफ में हर किसी को सबकुछ फटाफट करना होता है। किसी भी काम और डिसीजन को लेने में जल्दीबाजी दिखाई जाती है। लेकिन काफी सारे काम ऐसे होते हैं। जिन्हें जल्दीबाजी में कभी नहीं करना चाहिए। इस बारे में हमारे शास्त्र भी कहते हैं और कई सारे मोटिवेशनल स्पीकर भी। तो अगर आप लाइफ में सक्सेज की सीढ़ी चढ़ना चाह रहे हैं तो भूलकर भी इन कामों को करने में जल्दीबाजी ना दिखाएं। जल्दीबाजी में ना लें फैसलें आजकल की फास्ट लाइफ में इंसान दिनभर में कई सारे छोटे-छोटे फैसले लेता है। जिससे माइंड थक जाता है और जब बड़े फैसलों का नंबर आता है तो अक्सर वहां पर गलती हो जाती है। इसलिए कभी भी किसी भी फैसले को लेने में जल्दीबाजी नहीं दिखानी चाहिए। फिर वो छोटे हो या फिर बड़े। हर किसी पर जल्दी से ना करें विश्वास विश्वास बनाने में समय लगता है। फिर वो चाहे रिलेशनशिप में हो या फिर बिजनेस में। हमेशा समय लेकर और सोच-समझकर ही विश्वास करना चाहिए। ना करें किसी को जज अक्सर लोग फर्स्ट इंप्रेशन में ही सामने वाले को जज करने लगते हैं। यानी कि उसके प्रति मन में एक धारणा बना लेते हैं। लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। हमेशा सामने वाले के बारे में पूरी जानकारी लेने के बाद ही जज करना चाहिए। जल्दीबाजी में ना बनाएं रिलेशन किसी भी नए रिश्ते या दोस्ती की शुरुआत जल्दी में नहीं करना चाहिए। हमेशा सोच समझकर और अच्छी तरह से परखने के बाद ही रिलेशनशिप आगे बढ़ाना चाहिए। जल्दी में ना खाएं खाना खाना हमेशा धीरे-धीरे और चबाकर खाना चाहिए। साइंस और शास्त्र दोनों में ऐसा कहा गया है। जल्दी-जल्दी खाना खाना हेल्थ के लिए अच्छा नहीं होता है। recent visitors 66

ई – रिक्शा की संख्या में निरंतर वृद्धि को देखते हुए सुगम और व्यवस्थित यातायात सुनिश्चित करने के उपायों पर बैठक में विचार – विमर्श किया गया

रायपुर ई – रिक्शा एवं ऑटो के कारण उत्पन्न यातायात समस्याओं एवं उनके समाधान से जुड़े विषयों पर परिवहन सचिव सह आयुक्त एस.प्रकाश की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में संभाग मुख्यालय रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, अम्बिकापुर तथा जगदलपुर जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। बैठक में अपर परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर भी उपस्थित थे। ई – रिक्शा एवं ऑटो की संख्या में निरंतर वृद्धि को देखते हुए सुगम और व्यवस्थित यातायात सुनिश्चित करने के उपायों पर बैठक में विचार – विमर्श किया गया। बैठक में बताया गया कि जिलेवार परिवहन कार्यालय में पंजीकृत ई-रिक्शा (गुड्स एवं पैसेंजर) की संख्या क्रमशः रायपुर 13374, बिलासपुर 4493, दुर्ग 4038, अंबिकापुर 1311, जगदलपुर 41, इसी प्रकार पंजीकृत ऑटो (गुड्स एवं पेसेंजर) की संख्या क्रमशः रायपुर 20306, बिलासपुर 14867, दुर्ग 9602, अम्बिकापुर 4429, जगदलपुर 3431 है, इस संख्या में निरन्तर वृद्धि हो रही है। बिना मॉनिटरिंग एवं रेगुलेशन के इन पर नियंत्रण की समस्या पर चर्चा की गई। जिला प्रशासन रायपुर ने जोनवार योजना बनाई बैठक में रायपुर जिला प्रशासन द्वारा ई-रिक्शा एवं ऑटो के सुगम व्यवस्थित परिचालन हेतु निर्मित जोनवार योजना के बारे में भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। रायपुर जिला प्रशासन के द्वारा रायपुर शहर को मुख्य रूप से 05 जोनों में विभक्त कर योजना बनाई गई है। ई-रिक्शा हेतु केन्द्र एवं राज्यों में प्रचलित अधिनियम एवं नियमों पर चर्चा बैठक में ई-रिक्शा हेतु केन्द्र एवं राज्यों में प्रचलित अधिनियम एवं नियमों पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त राज्य शासन एवं जिला प्रशासन को प्राप्त शक्तियों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। उपस्थित जिलों के अधिकारियों से क्रमशः उनके जिलों में ई-रिक्शा एवं ऑटो के कारण उत्पन्न परिस्थितियों के बारे में जानकारी ली गई। समस्या के समाधान के लिए मांगे गए सुझाव बैठक में ई-रिक्शा एवं ऑटो पंजीयन में निरन्तर वृद्धि एवं समस्या के समाधान हेतु किसी भी प्रकार के प्रस्ताव, सुझाव जिला सड़क सुरक्षा समिति अथवा जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य सड़क सुरक्षा समिति अथवा परिवहन विभाग के पास प्रेषित् करने हेतु कहा गया। recent visitors 36

नागपुर-चिरमिरी रेलवे हॉल्टलाइन परियोजना हेतु भूमि अधिग्रहण को लेकर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व ने की सुनवाई

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी नागपुर-चिरमिरी रेलवे हॉटलाइन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को लेकर प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशानुसार अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) लिंगराज सिदार ने भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया से संबंधित सुनवाई आयोजित की। इस परियोजना के तहत चिरईपानी, बंजी, सरोला, सरभोका, खैरबना सहित अन्य गांवों की भूमि अधिग्रहण की जानी है। पूर्व में रेलवे व राजस्व विभाग द्वारा भूमि चयन हेतु सर्वे किया गया था, लेकिन कई मामलों में खसरा नंबर, रकबा, भूमि स्वामित्व, जाति संबंधी त्रुटियां सामने आई थीं। इन्हीं त्रुटियों को सुधारने के लिए आज 05 मार्च 2025 को न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) में भूमि स्वामियों को विधिवत सूचना देकर उनकी सुनवाई की गई। सुनवाई के दौरान भूमि स्वामियों की आपत्तियों और दस्तावेजों की जांच की गई ताकि अधिग्रहण प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी किसान या हितधारक को अनावश्यक परेशानी न हो। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सभी प्रभावित किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी तरह से कानूनी प्रावधानों के तहत संचालित की जाएगी। recent visitors 64

नेशनल लोक अदालत में बिजली चोरी एवं अनियमितताओं के प्रकरण में करायें समझौता: ऊर्जा मंत्री

भोपाल आगामी शनिवार 8 मार्च 2025 को नेशनल लोक अदालत में बिजली चोरी एवं अनियमितताओं के प्रकरण को आपसी समझौतो से निराकृत किया जाएगा। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने विद्युत अधिनियम 2003 धारा 135 के अंतर्गत न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विद्युत उपभोक्ताओं एवं उपयोगकर्ताओं से अपील की है कि वे कानूनी काईवाई से बचने के लिए अदालत में समझौता करने के लिए संबंधित बिजली कार्यालय से संपर्क करें।  मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि धारा 135 के अंतर्गत अदालत में लंबित प्रकरणों का निराकरण करने के लिये निम्न दाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवॉट तक के गैर घरेलू एवं 10 हॉर्स पॉवर भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को प्रकरणों में ही छूट दी जाएगी। प्रि-लिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात् प्रत्‍येक छः माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।   लिटिगेशन स्तर पर कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात् प्रत्येक छःमाही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। लोक अदालत में छूट नियम एवं शर्तों के तहत दी जाएगी आवेदक को निर्धारित छूट के उपरांत शेष बिल आंकलित सिविल दायित्व एवं ब्याज की राशि का एकमुश्त भुगतान करना होगा। उपभोक्ता/उपयोगकर्ता को विचाराधीन प्रकरण वाले परिसर एवं अन्य परिसरों पर उसके नाम पर किसी अन्य संयोजन/संयोजनों के विरूद्ध विद्युत देयकों की बकाया राशि का पूर्ण भुगतान भी करना होगा। आवेदक के नाम पर कोई वैध कनेक्शन न होने की स्थिति में छूट का लाभ प्राप्त करने के लिये आवेदक द्वारा वैध कनेक्शन प्राप्त करना एवं पूर्व में विच्छेदित कनेक्शनों के विरूद्ध बकाया राशि (यदि कोई हो) का पूर्ण भुगतान किया जाना अनिवार्य होगा। नेशनल लोक अदालत में छूट आवेदक द्वारा विद्युत चोरी/अनधिकृत उपयोग पहली बार किये जाने की स्थिति में ही दी जाएगी। विद्युत चोरी/अनधिकृत उपयोग के प्रकरणों में पूर्व की लोक अदालत/अदालतों में छूट प्राप्त किये उपभोक्ता/उपयोगकर्ता छूट के पात्र नहीं होंगे। सामान्य बिजली बिलों में जुड़ी बकाया राशि पर कोई छूट नहीं दी जाएगी।  नेशनल लोक अदालत में दी जा रही छूट आंकलित सिविल दायित्‍व राशि 10 लाख रूपये तक के प्रकरणों के लिए सीमित रहेगी। यह छूट मात्र नेशनल ‘‘लोक अदालत‘‘ 8 मार्च 2025 को समझौते करने के लिये ही लागू रहेगी।   recent visitors 57

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए

मध्यप्रदेश में नक्सलियों का किया जाएगा खात्मा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के वर्ष 2026 तक नक्सल मुक्त भारत के संकल्प की पूर्ति में मध्यप्रदेश सक्रिय भूमिका निभाएगा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए उच्च स्तरीय बैठक में दिए निर्देश भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए। नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश के लिए भी जिला स्तर और पुलिस मुख्यालय से लेकर राज्य शासन के स्तर पर निरंतर समीक्षा की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास में बैठक लेकर नक्सल उन्मूलन अभियान पर वरिष्ठ अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2026 तक नक्सलियों का पूरी तरह खात्मा करने का संकल्प व्यक्त किया है। मध्यप्रदेश इस दिशा में सक्रिय भूमिका का निर्वहन करेगा। प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण, दूरसंचार साधनों के विस्तार और आवश्यक जवानों की तैनाती से नक्सल तत्वों पर नियंत्रण में सफलता मिल रही है। विकास कार्य निरंतर जारी रखे जाएं और आधुनिक उपकरणों के उपयोग और क्षेत्र की निरंतर निगरानी से नक्सली तत्वों के खात्मे के लिए प्रयास तेज किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश में नक्सलवाद के उन्मूलन का अभियान चल रहा है। प्रदेश में नक्सलवाद के किसी भी कीमत पर पैर जमने नहीं दिए जाएंगे। नक्सलवाद के समूल नाश के लिए कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2026 तक नक्सल मुक्त भारत बनाने के संकल्प को पूर्ण करने के लिए ही केन्द्रीय गृह मंत्री ने नक्सल प्रभावित राज्यों के साथ बैठक आयोजित कर गंभीर विचार-विमर्श किया है। प्रधानमंत्री मोदी जी के संकल्प के अनुपालन में मध्यप्रदेश को पूरी तरह से नक्सल मुक्त करने की कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पेशल डीजी पंकज श्रीवास्तव को प्रति पखवाड़े नक्सल उन्मूलन अभियान की समीक्षा के निर्देश दिए।  चार नक्सलियों को मार गिराने पर दी बधाई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में नक्सलियों के विरूद्ध बालाघाट और निकटवर्ती क्षेत्र में हुई कार्रवाई की प्रशंसा भी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट में पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़ में हाल ही में चार नक्सलियों को मार गिराए जाने की कार्रवाई के लिए पुलिस अधिकारियों को बधाई दी। मारे गए नक्सलियों से तलाशी में भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद जप्त किया गया था। छत्तीसगढ़ की सीमा के निकट वन क्षेत्र में पुलिस की नक्सल विरोधी हॉक फोर्स और स्थानीय पुलिस बल द्वारा यह साहसिक कार्रवाई की गई थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गत वर्ष प्रदेश में नक्सलवाद के खिलाफ उठाए गए कदमों को महत्वपूर्ण बताया। बैठक में मध्यप्रदेश सहित छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश और तेलंगाना राज्यों द्वारा संयुक्त अभियान के माध्यम से नक्सलवादियों के खात्मे के संकल्प पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अन्य निर्देश          नक्सल प्रभावित क्षेत्र के निवासियों की आर्थिक तथा सामाजिक प्रगति के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। समन्वित प्रयासों को बढ़ाया जाए।          संचार सुगमता के लिए मोबाइल टॉवरों की स्थापना का कार्य प्राथमिकता से पूर्ण करें।          नए सुरक्षा कैंपों की स्थापना के लिए हॉक फोर्स बल में वृद्धि की स्वीकृति की कार्यवाही करें।          प्रदेश से माओवादी समस्या का उन्मूलन सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके दृष्टिगत समवेत प्रयास किए जाएं।          नक्सल प्रभावित जिलों में सुदूरवर्ती दुर्गम क्षेत्रों के निवासियों के आवागमन को आसान बनाने के लिए निर्माणाधीन सड़क निर्माण कार्य जल्द पूर्ण करें। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय डॉ. राजेश राजौरा, अपर मुख्य सचिव गृह जे.एन. कंसोटिया, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना और दूरसंचार विभाग और बीएसएनएल, मध्यप्रदेश परिमंडल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 60

कलेक्टर राहुल देव के निर्देशानुसार बाल विवाह रोकथाम के लिए विशेष टीम गठित की गई

रायपुर : जिला प्रशासन की तत्परता से नाबालिग बालिका का विवाह रुका : शिक्षा जारी रखने का संकल्प जिला प्रशासन और महिला बाल विकास विभाग की सतर्कता से  ग्राम साल्हेघोरी में एक नाबालिग बालिका का विवाह रोका गया कलेक्टर राहुल देव के निर्देशानुसार बाल विवाह रोकथाम के लिए विशेष टीम गठित की गई रायपुर जिला प्रशासन और महिला बाल विकास विभाग की सतर्कता से मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के ग्राम साल्हेघोरी में एक नाबालिग बालिका का विवाह रोका गया। कलेक्टर राहुल देव के निर्देशानुसार जिले में बाल विवाह रोकथाम के लिए विशेष टीम गठित की गई है, जिसने समय रहते हस्तक्षेप कर इस विवाह को रोकने में सफलता हासिल की। बाल विवाह की सूचना मिलते ही जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती संजुला शर्मा के मार्गदर्शन में टीम मौके पर पहुंची और हल्दी की रस्म शुरू होने से पहले विवाह को स्थगित कराया। परिजनों से बातचीत में पता चला कि गरीबी, अशिक्षा और आर्थिक तंगी के कारण वे बालिका का विवाह कराना चाह रहे थे, ताकि मजदूरी के लिए अन्य राज्य पलायन कर सकें। लेकिन बालिका ने हिम्मत दिखाते हुए विवाह से इनकार कर दिया और कहा कि वह 10वीं कक्षा तक पढ़ चुकी है और आगे अपनी शिक्षा जारी रखना चाहती है। बालिका को बाल कल्याण समिति में प्रस्तुत किया गया, जहां समिति के सदस्य श्रीमती लक्ष्मी साहू, जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्रीमती अंजुबाला शुक्ला और चाइल्ड हेल्पलाइन समन्वयक उमाशंकर कश्यप ने उसे श्रीफल, पेन और डायरी देकर सम्मानित किया। साथ ही, परिजनों को हरसंभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया गया, ताकि वे बेटी की शिक्षा में किसी बाधा के बिना उसका भविष्य संवार सकें। गौरतलब है कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत बाल विवाह कराने पर 2 साल की सजा और 1 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बाल विवाह या किसी भी संकटग्रस्त बच्चे की जानकारी तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर दें ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें। इस घटनाक्रम से एक बार फिर साबित हुआ कि सजग प्रशासन और जागरूक समाज मिलकर बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को जड़ से खत्म कर सकते हैं। यह पहल न केवल बालिका को उसका अधिकार दिलाने में सफल रही, बल्कि अन्य परिवारों के लिए भी एक प्रेरणा बन गई कि बेटियों को पढ़ाना ही उनके उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है। recent visitors 66

शनि देव के प्रकोप को नहीं झेलना चाहते तो भी न करें ये काम

हिंदू धर्म में हर दिन किसी न किसी देवता का होता है. शनिवार का दिन भगवान सूर्य के पुत्र शनि देव का माना जाता है. शनि देव कर्मफल दाता और न्याय के देवता कहे गए हैं. शनि देव कर्म प्रधान ग्रह हैं. व्यक्ति जैसे कर्म करता है शनि देव उसको वैसा ही फल प्रदान करते हैं. अगर व्यक्ति मेहनत करता है, गरीबों और जरूरतमंदों की सहायता करता है, तो शनिदेव उसपर प्रसन्न होते हैं. वहीं अगर अगर व्यक्ति धर्म के अनुसार, आचरण नहीं करता और नियमों को तोड़ता है, तो शनि देव उसको दंडित भी करते हैं. आइए अब जानते हैं कि वो कौनसे काम हैं, जिन्हें अगर शनिवार के दिन कर दिया जाता है, तो शनि देव नाराज हो जाते हैं, जिससे व्यक्ति के जीवन की मुश्किलें बढ़ जाती हैं. डाढ़ी बाल और नाखून न काटें हिंदू धर्म शास्त्रों में शनिवार के दिन डाढ़ी बाल और नाखून काटना वर्जित किया है. मान्यता है कि इस दिन डाढ़ी बाल और नाखून काटने शनि देव नाराज होते हैं. जो भी व्यक्ति शनिवार के दिन ये काम करता है उसको शनि देव कष्ट देते हैं. बेटी को ससुराल न भेजें मान्यता है कि शनिवार के दिन अपनी बेटी को ससुराल नहीं भेजना चाहिए. कहा जाता है कि बेटी को शनिवार के दिन ससुराल भेजने पर उसका वैवाहित जीवन अच्छा नहीं रहता और अलगाव होता है. तेल और काली उड़द की दाल न खरीदें शनिवार के दिन तेल और काली उड़द की दाल खरीदने से बचना चाहिए. माना जाता है कि जो शनिवार के दिन तेल और काली उड़द की दाल खरीदता है उससे शनि देव नाराज होते हैं. हालांकि इस दिन तेल और काली उड़द का दान अवश्य करना चाहिए. मांस मदिरा के सेवन की मनाही शनिवार के दिन भूलकर भी मांस-मंदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए. जो लोग भी शनिवार के दिन ऐसा करते हैं उनपर शनि देव बहुत क्रोधित होते हैं और पीड़ा देते हैं. गरीबों को न सताएं शनि देव न्याय प्रिय हैं. इसलिए शनिवार के दिन गरीब और बेबस लोगों को सताना नहीं चाहिए. जो लोग ऐसा करते हैं उन्हें शनि देव के भारी प्रकोप का सामना करना पड़ता है. उनके जीवन में कई तरह की परेशानियां आ जाती हैं. नमक न खरीदें शनिवार के दिन नमक खरीदने से बचना चाहिए. माना जाता है कि जो लोग शनिवार के दिन नमक खरीदते हैं उनके साथ कोई न कोई अशुभ घटना हो जाती है. शनिवार के दिन नमक खरीदने वालों से शनि देव नाराज हो जाते हैं. ऐसा करने वाले शनि देव की टेढ़ी दृष्टि का प्रकोप झेलते हैं. लोहा न खरीदें शनि देव को लोहे की धातु पसंद है, लेकिन शनिवार के दिन लोहा खरीदने और बेचने की मनाही है. यही नहीं इस दिन लोहा घर भी नहीं लाना चाहिए. ऐसा करने से शनि देव नाराज होते हैं. recent visitors 47