Wednesday, July 8, 2026 5:13 am

अगले पांच साल में प्रदेश के वर्तमान बजट को करेंगे दोगुना

केन्द्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी बढ़ाई जाए, इससे राज्यों की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी :मुख्यमंत्री डॉ. यादव आयोग ने कहा मध्यप्रदेश का भविष्य है सुरक्षित हाथों में अगले पांच साल में प्रदेश के वर्तमान बजट को करेंगे दोगुना नदियों को जोड़कर विकास के लिए कर रहे पड़ौसी राज्यों के साथ समन्वय अगले तीन साल में हम 30 लाख किसानों को देंगे सोलर पम्प राज्य की भावी वित्तीय आवश्यकताओं पर की चर्चा, मेमोरेंडम भी सौंपा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्यों के सशक्तिकरण में ही राष्ट्र का सशक्तिकरण है, इसलिए केन्द्रीय करों और राजस्व प्राप्तियों में राज्यों की हिस्सेदारी अर्थात् अनुदान बढ़ाया जाना चाहिए। राज्य अपनी क्षमता और सीमित संसाधनों से ही अपने लक्ष्यों की पूर्ति के लिए काम करते हैं। केन्द्र सरकार से अधिक वित्तीय अनुदान मिलने से राज्य अपने दीर्घकालीन लक्ष्यों को अल्पकाल में ही प्राप्त कर सकेंगे। विकसित भारत का निर्माण, विकसित मध्यप्रदेश के बिना नहीं हो सकता, इसलिए केन्द्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी 41 प्रतिशत से बढ़ाकर 48 प्रतिशत तक की जाए। इससे राज्य सशक्त होंगे और राष्ट्र को विकास की ले जाने में सहायक होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश एक बड़ा राज्य है, इसलिए इसकी जरूरतें भी बड़ी हैं। लोक कल्याणकारी राज्य की स्थापना करना ही केन्द्र और राज्य सरकारों का लक्ष्य है। केन्द्र और राज्यों के बेहतर तालमेल और आपसी सामंजस्य से यह लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में 16वें केन्द्रीय वित्त आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के साथ महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आयोग के राज्य के दीर्घकालिक लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता का जिक्र कर वित्त आयोग से प्रदेश की अपेक्षाओं से भी अवगत कराया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का सर्वाधिक प्रगतिशील राज्य है। प्रदेश कृषि, अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, वन, पर्यटन, नगरीय विकास और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन क्षेत्रों में और अधिक विकास के लिए केन्द्र सरकार से और अधिक वित्तीय सहयोग/अनुदान की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत में मध्यप्रदेश को भी योगदान देना है। हम विकसित मध्यप्रदेश का संकल्प पूरा करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभी हमारा बजट करीब साढ़े तीन लाख करोड़ रूपए है। अगले पांच सालों में हम इस बजट को बढ़ाकर दोगुना कर देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त आयोग से कहा कि हम नदियों को जोड़कर जल बंटवारे के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) नदी जोड़ो परियोजना में हमने राजस्थान के साथ मिलकर किया जा रहा हैं। केन्द्र सरकार ने इस राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना के लिए 90 हजार करोड़ रूपए आवंटित किए। इसी तरह केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ मिलकर कार्य किया जा रहा हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दोनों राष्ट्रीय परियोजना का भूमि-पूजन कर मध्यप्रदेश को गौरव प्रदान किया है। अब महाराष्ट्र सरकार के साथ ताप्ती नदी परियोजना पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज से 20 साल पहले तक प्रदेश में केवल 7 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि सिचिंत थी, आज प्रदेश की 48 लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को हम सिंचित कर चुके हैं। प्रदेश में नदी जोड़ो के लिए एक अभियान चला रहे हैं। किसानों के साथ हमारा आत्मीय संबंध है और खेतों तक पानी पहुंचाना हमारा पहला कर्तव्य है। हमारी नीतियों के कारण किसानों का जैविक खेती की ओर तेजी से रूझान बढ़ा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी 18 नई औद्योगिक नीतियों के कारण निवेशक भी जुड़ रहे हैं। आरआईसी और जीआईएस-भोपाल के जरिए प्रदेश को 30.77 लाख करोड़ रूपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। यह निवेशकों का मध्यप्रदेश पर बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। हम प्रदेश के हर जिला कलेक्ट्रेट में उद्योग प्रकोष्ठ बना रहे हैं, इससे किसी निवेशकों की जिला स्तर पर भी कठिनाई हल की जा सकेंगी। हम प्रदेश में व्यापार और व्यवसाय को सुगम बना रहे हैं। इसमें सभी का सहयोग लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम प्रदेश में हरसंभव तरीके से दूध उत्पादन को बढ़ावा देंगे। हमारी कोशिश है कि देश का 20 प्रतिशत से अधिक दूध मध्यप्रदेश में उत्पादित हो, इससे हमारे किसान और पशुपालक दोनों सम्पन्न होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि युवा शक्ति की ऊर्जा का भरपूर उपयोग भी हम कर रहे हैं। पंचशील सिद्धांतों का पालन करते हुए जन, जल, जंगल, जमीन और जैविक विविधता का संरक्षण हमारा प्राथमिक लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि जंगल बचेंगे, तो जल बचेगा और जल बचेगा, तो जन-जीवन बचेगा। हम जैविक संपदा को संरक्षित रखने के लिए भी हर जरूरी प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम प्रदेश के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अगले तीन सालों में 30 लाख किसानों को सोलर पम्प दिये जायेंगे। इससे हमारे किसान अन्नदाता के साथ-साथ ऊर्जादाता भी बनेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार किसानों को मात्र पांच रूपए में बिजली का स्थाई कनेक्शन देने जा रही है, इससे हमारे किसानों को बिजली कनेक्शन के लिए कहीं भी भटकना नहीं पड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त आयोग को मध्यप्रदेश में बीते एक वर्ष में किए गए नवाचारों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने एयर एम्बुलेंस सेवा प्रारंभ की है। इससे बीते एक साल में कई गंभीर मरीजों को एयरलिफ्ट कर बड़े अस्पतालों तक पहुंचाकर उनका जीवन बचाया गया। हमारी इस सेवा को बेहद अच्छा प्रतिसाद मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वित्त आयोग के समक्ष प्रदेश के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए आवश्यक वित्तीय सहयोग की मांग रखते हुए राज्य सरकार की विशेष प्राथमिकताओं को भी पृथक से रेखांकित किया। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से वित्त आयोग को मेमोरेंडम की प्रति भी सौंपी। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में निवेश और वित्तीय सहयोग की जरूरतों का विस्तार से उल्लेख किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयोग को राज्य सरकार द्वारा प्रदेश की भावी योजनाओं की भी जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों को प्रतीक चिन्ह भी भेंट किए। मध्यप्रदेश भविष्य में प्रगति के प्रति जागरूक सोलहवें वित्त आयोग ने … Read more

छत्तीसगढ़ सरकार की महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में पहल

 बेमेतरा वर्ष 8 मार्च को मनाया जाने वाला अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक तारीख नहीं, बल्कि महिलाओं के संघर्ष, सशक्तिकरण और उपलब्धियों का प्रतीक है। इस वर्ष बेमेतरा जिले में यह आयोजन और भी भव्य रूप से मनाया जा रहा है, जहाँ समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा। बेमेतरा की महिलाओं की अनूठी पहचान बेमेतरा की महिलाएँ न केवल परिवार की धुरी हैं, बल्कि वे शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, स्वच्छता, समाजसेवा और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। चाहे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हों या मितानिन, महिला स्वच्छग्राही हों या नगर निकाय की सफाई कर्मचारी—इन सभी ने जिले को स्वच्छ, स्वस्थ और समृद्ध बनाने में अपनी मेहनत और समर्पण का परिचय दिया है। महिला दिवस पर विशेष आयोजन इस वर्ष टाउन हॉल, बेमेतरा में आयोजित होने वाले जिला स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस समारोह में इन सभी प्रेरणादायी महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास विभाग, नगरीय निकाय और ग्राम पंचायत स्तर की उन कर्मठ महिलाओं को पहचान दी जाएगी, जिन्होंने अपने कार्यों से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। बेमेतरा जिले में महिलाओं की भूमिका केवल परिवार और समाज तक सीमित नहीं है, बल्कि वे प्रशासनिक, सामाजिक और स्वच्छता अभियानों में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। आगामी 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बेमेतरा जिले में एक भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें महिलाओं की उपलब्धियों को सम्मानित किया जाएगा। यह आयोजन न केवल महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बनेगा, बल्कि जिले की महिलाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देगा। महिलाओं की भागीदारी और उपलब्धियाँ बेमेतरा जिले में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत महिलाओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान को सफल बनाने में महिला स्वच्छग्राही समूह, प्रेरक, सफाई कर्मचारी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की मेहनत सराहनीय रही है। इन महिलाओं ने गांवों को स्वच्छ और खुले में शौच मुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके अलावा, महिला बाल विकास विभाग में कार्यरत महिला अधिकारी और कर्मचारी अपनी सेवाओं के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। बच्चों और महिलाओं के पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों में उनका योगदान प्रशंसनीय है। मितानिनों ने स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई है, जिससे जिले में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ी है।* राजनीति और प्रशासन में महिलाओं का नेतृत्व बेमेतरा जिले के प्रशासनिक ढांचे में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। जिला पंचायत की अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर महिलाओं का नेतृत्व यह दर्शाता है कि महिलाएँ अब नीति-निर्माण की प्रक्रिया का सक्रिय हिस्सा बन रही हैं। इसके अलावा, जिले की कई पंचायतों में महिलाएँ सरपंच और पार्षद के रूप में अपनी सेवाएँ दे रही हैं, जिससे स्थानीय शासन व्यवस्था में उनका प्रभाव बढ़ा है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक और कदम अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित महिला सम्मान समारोह के माध्यम से उन महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने समाज में अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण से महत्वपूर्ण बदलाव लाए हैं। यह सम्मान समारोह न केवल उनकी उपलब्धियों को मान्यता देगा, बल्कि अन्य महिलाओं को भी प्रेरित करेगा कि वे अपने हक और अधिकारों के लिए आगे बढ़ें। समाज में बदलाव की नई लहर बेमेतरा जिले में महिलाओं के प्रति सोच में तेजी से बदलाव आ रहा है। महिलाएँ केवल घरेलू कार्यों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासन, और स्वच्छता अभियानों में भी अपनी भागीदारी निभा रही हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, स्वच्छ भारत मिशन, और महिला सशक्तिकरण योजनाओं का प्रभाव जिले में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। समाज के लिए प्रेरणा महिला दिवस का यह आयोजन न केवल सम्मान और गौरव का अवसर है, बल्कि यह हमें यह भी याद दिलाता है कि जब महिलाओं को समान अवसर और सम्मान मिलता है, तो वे समाज में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती हैं। बेमेतरा की महिलाएँ इस बदलाव की जिंदा मिसाल हैं, जो अपने श्रम, संघर्ष और समर्पण से जिले को आगे बढ़ा रही हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में पहल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च) के अवसर पर, यह गर्व की बात है कि छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक रूप से सक्षम बना रही है। महतारी वंदन योजना : छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को सुनिश्चित करने के लिए महतारी वंदन योजना शुरू की है, जिसके तहत राज्य की पात्र महिलाओं को प्रतिमाह ₹1000 की सहायता राशि प्रदान की जा रही है। यह योजना न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर रही है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : इस योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बेटियों के विवाह के लिए सहायता राशि दी जाती है, जिससे उनके परिवारों पर वित्तीय बोझ कम होता है और वे सम्मानजनक जीवन जी सकती हैं। सखी वन स्टॉप सेंटर : महिलाओं की सुरक्षा और सहायता के लिए सरकार सखी वन स्टॉप सेंटर चला रही है, जहां उन्हें कानूनी, सामाजिक और मानसिक सहयोग मिलता है। स्वयं सहायता समूह (SHG) योजनाएँ : राज्य सरकार महिलाओं के लिए स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा दे रही है, जिससे वे छोटे-छोटे उद्योगों और स्वरोजगार से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इन योजनाओं से महिलाओं को आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर मिल रहा है। महिला सशक्तिकरण की इस दिशा में उठाए गए ये कदम न केवल वर्तमान बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणादायक हैं। निष्कर्ष बेमेतरा जिले की महिलाएँ आज किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। वे समाज, राजनीति, स्वच्छता और प्रशासन में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। आगामी अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर यह आयोजन न केवल उनके योगदान को पहचान दिलाएगा, बल्कि अन्य महिलाओं को भी प्रेरित करेगा कि वे आत्मनिर्भर बनें और अपने सपनों को पूरा करने के लिए आगे बढ़ें। बेमेतरा की महिलाएँ न केवल अपने जिले, बल्कि पूरे प्रदेश और देश के लिए एक मिसाल … Read more

पाकिस्तान अवैध रूप से कश्मीर के हिस्से पर कब्जा जमाकर बैठा है, वह हिस्सा वापस आ जाए तो कश्मीर की समस्या पूरी तरह से सुलझ जाएगी:जयशंकर

नई दिल्ली लंदन में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के कश्मीर को लेकर दिए गए बयान पर पाकिस्तान तिलमिला उठा है. जयशंकर की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (Pok) पर दिए गए बयान पर पड़ोसी मुल्क ने अब बयान जारी किया है. पाकिस्तान ने पीओके को लेकर जयशंकर के बयान को आधारहीन बताया है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता शफकत अली खान ने कहा कि कश्मीर को लेकर आधारहीन दावे करने के बजाए भारत को जम्मू कश्मीर के उस बड़े हिस्से को छोड़ देना चाहिए, जिस पर वर 77 साल से कब्जा करके बैठा है. शफकत ने कहा कि हम लंदन के चैथम हाउस में कश्मीर को लेकर दिए गए जयशंकर के बयान को खारिज करते हैं. उन्होंने कहा कि पीओके का मामला विवादित है और जयशंकर गलत तरीके से इसे लेकर बयानबाजी कर रहे हैं. भारत ने सेना के दम पर स्टेटस बदलने की कोशिश की है लेकिन इससे वास्तविकता नहीं बदलेगी. सेना के दम पर उठाए गए कदम से कश्मीर के लोगों की मुश्किलें हल नहीं होंगी. क्या है पूरा मामला? लंदन के चैथम हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान के एक पत्रकार ने जयशंकर से सवाल पूछते हुए कहा था कि भारत ने कश्मीर पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है जिस वजह से वे प्रोटेस्ट कर रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया में शांति लाने की बात करते हैं तो क्या नरेंद्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अपनी दोस्ती का इस्तेमाल कर कश्मीर मुद्दे को सुलझा सकते हैं? इस पर जयशंकर ने जवाब दिया था कि हमने कश्मीर समस्या काफी हद तक सुलझा ली है. इस दिशा में जम्मू कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाना पहला कदम था. इसके बाद कश्मीर में विकास और आर्थिक गतिविधि बढ़ाने के साथ-साथ सामाजिक न्याय को बहाल करना दूसरा कदम था. अच्छे मतदान प्रतिशत के साथ वोटिंग कराना तीसरा कदम था. पाकिस्तान द्वारा कश्मीर के चुराए गए हिस्से की वापसी चौथा कदम होगा. पाकिस्तान अवैध रूप से कश्मीर के जिस हिस्से पर कब्जा जमाकर बैठा है, वह हिस्सा वापस आ जाए तो कश्मीर की समस्या पूरी तरह से सुलझ जाएगी. पाकिस्तान अवैध रूप से कश्मीर के जिस हिस्से पर कब्जा जमाकर बैठा है, वह हिस्सा वापस आ जाए तो कश्मीर की समस्या पूरी तरह से सुलझ जाएगी. जयशंकर ने क्या-क्या कहा था? लंदन के चैथम हाउस थिंक टैंक में आयोजित कार्यक्रम मे जयशंकर ने कहा था कि पाकिस्तान ने भारत से जो हिस्सा (POK) चुराया है, अब उसकी वापसी का इंतजार है. उस हिस्से के भारत में शामिल होते ही जम्मू-कश्मीर में पूरी तरह से शांति स्थापित हो जाएगी. उन्होंने घाटी में शांति का फॉर्मूला बताते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में शांति बहाल करने की पूरी प्रक्रिया तीन चरणों में अपनाई गई. इसके अलावा जयशंकर ने अमेरिका की पॉलिसी पर बात करते हुए कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिकी प्रशासन बहुध्रुवीयता (multipolarity) की तरफ बढ़ रहा है, जो भारत के हितों के लिए अच्छा है. दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार समझौते की जरूरत पर सहमत हुए हैं.   recent visitors 47

35 की उम्र के बाद मह‍िलाओं में बढ़ जाता इस गंभीर बीमारी का खतरा

आजकल लोगों की लाइफस्‍टाइल बेहद खराब होती जा रही है। जंक फूड, देर रात तक जगना, घंटों स्‍क्रीन पर टाइम बि‍ताना, हाइजीन मेंटेन न करने से लोग कई तरह की बीमार‍ियों की चपेट में आ रहे हैं। उन्‍हीं में से एक कैंसर भी है। कैंसर इन दिनों तेजी से फैलने वाली एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। इसके कई प्रकार होते हैं, जिन्हें शरीर के विभिन्न हिस्सों में होने की वजह से उन्हीं के नामों से जाना जाता है। सर्वाइकल कैंसर इस गंभीर बीमारी का ऐसा ही एक प्रकार है जो महिलाओं के लिए काफी घातक होता है। आज हम आपको इसके र‍िस्‍क फैक्‍टर्स व बचाव के बारे में बताने जा रहे हैं। क्‍या है सर्वाइकल कैंसर? आपको बता दें क‍ि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं के रीप्रोडक्टिव ऑर्गन को प्रभावित करने वाले पांच गंभीर कैंसर में से एक है। जब कैंसर महिलाओं के सर्विक्स में शुरू होता है, तो इसे सर्वाइकल कैंसर कहा जाता है। सर्वाइकल कैंसर ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) नामक वायरस के कारण होता है। एचपीवी से संक्रमित सभी महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर का खतरा होता है। संकेतों को पहचानें कुछ बीमारियां बिना किसी खास लक्षण के शरीर में नजर आती हैं। जब तक हमें पता चलता है, तब तक हालत खराब हो जाती है। सर्वाइकल कैंसर भी ऐसी ही एक बीमारी है। यह धीरे-धीरे बढ़ता है, लेकिन अगर हम शरीर के संकेतों को समझें तो इसे जल्दी पहचानकर इलाज किया जा सकता है। आमतौर पर ये बीमारी मह‍ि‍लाओं में 35 की उम्र के बाद देखी जाती हैं। इन सामान्य लक्षणों से करें इस गंभीर बीमारी की पहचान     बार-बार यूरिन आना     सफेद पानी निकलना     सीने में जलन और लूज मोशन     असामान्य ब्लीडिंग     भूख न लगना या बहुत कम खाना     बहुत अधिक थकान महसूस करना     पेट के निचले हिस्से में दर्द या सूजन     अक्सर हल्का बुखार और सुस्ती रहना     सेक्स के दौरान दर्द     सेक्‍स के बाद खून निकलना     पीरियड्स में सामान्य से ज्यादा खून निकलना     पीठ में लगातार दर्द     योनि में गांठ या मस्से सर्वाइकल कैंसर का कारण शरीर में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वायरस फैलने की वजह से सर्वाइकल कैंसर की समस्या देखने को मिलती है। इसके अलावा आनुवंशिकता भी इसका प्रमुख कारण है। कई स्टडीज में ऐसा पाया गया है कि फैमिली हिस्ट्री होने पर भी महिलाओं में इस कैंसर की संभावना बढ़ जाती है। इतना ही नहीं सर्वाइकल कैंसर एक सेक्सुअली ट्रांस्मिटेड डिजीज (एसटीडी) भी है। ऐसे में असुरक्षित यौन संबंध से भी यह बीमारी हो सकती है। ऐसे करें बचाव     इस गंभीर बीमारी को रोकने के लिए ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) के खिलाफ वैक्‍सीनेशन करा सकते हैं।     वैक्सीनेशन का सबसे सही समय किसी भी संभावित वायरस से संक्रमित होने से पहले का होता है। ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) के लिए यह समय आमतौर पर प्रारंभिक किशोरावस्था में होता है।     कंडोम का इस्तेमाल सुरक्षित यौन संबंध के दौरान एचपीवी ट्रांसमिशन के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है। हालांक‍ि इसकी 100 प्रत‍िशत गारंटी नहीं है।     फलों और सब्जियों से भरपूर आहार काे डाइट में शामि‍ल करने से भी सर्वाइकल कैंसर के खतरे को कम क‍िया जा सकता है।   recent visitors 49

खुद को हेल्दी और फिट रखने के लिए रोज खाएं कद्दू के बीज

आजकल की भागदौड़ भरी ज‍िंदगी में खुद की सेहत का ख्‍याल रखना सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। लोग बाहर के जंक फूड्स खा रहे हैं जो मोटापा डायब‍िटीज का कारण बन रहा है। अगर समय रहते इन पर ध्‍यान न द‍िया गया तो आपको कई गंभीर बीमार‍ियां घेर सकती हैं। सेहतमंद रहने का सबसे अच्‍छा तरीका है क‍ि खानपान पर व‍िशेष ध्‍यान द‍िया जाए। इन दिनों लोगों की लाइफस्टाइल में तेजी से बदलाव हो रहे हैं, जिसके वजह से सेहत भी काफी प्रभावित हो रही है। ऐसे में खुद को हेल्दी और फिट रखने के लिए लोग अपनी डाइट में कई हेल्दी चीजें शामिल करते हैं। सीड्स इन्हीं में से एक हैं जो ढेर सारे पोषक तत्वों से भरपूर होते ह‍ैं। आज हम कद्दू के बीज यानी क‍ि Pumpkin Seeds के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपको ढेरों फायदे पहुंचाने में सक्षम होते हैं। ये कई सारे जरूरी विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होते हैं। आपको बता दें क‍ि कद्दू के बीज द‍िखने में छोटे जरूर होते हैं लेकिन इनमें पोषण तत्‍वों की मात्रा कई गुणा अध‍िक होती है। इनमें प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट्स, एंटीऑक्सीडेंट्स, मैग्नीशियम, आयरन और जिंक जैसे कई आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं। अगर आप अपनी सुबह की शुरुआत कद्दू के बीज के साथ करते हैं, तो यह सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद हो सकता है। आइए जानते हैं इनके फायदों के बारे में- डाइजेशन को सुधारे पंपक‍ि‍न सीड्स में मौजूद फाइबर हमारे डाइजेस्टिव स‍िस्‍टम को दुरुस्‍त रखते हैं। यह कब्ज की समस्या से भी राहत दि‍लाने में मददगार है। कुल म‍िलकार ये हमारे पेट को स्वस्थ बनाए रखता है। तेजी से करे अगर आप तेजी से वजन कम करना चाहते हैं तो आपको अपनी डाइट में कद्दू के बीज को शाम‍िल कर लेना चाह‍िए। इनमें भरपूर मात्रा में फाइबर और प्रोटीन पाए जाते हैं। ये पेट को लंबे समय तक भरा रखते हैं। इसके साथ ही अनहेल्दी स्नैकिंग से बचाने में मदद करता है। कोश‍िश करें क‍ि रात में कुछ बीज पानी में भ‍िगो दें और सुबह खाली पेट इसे खाएं। इससे तेजी से असर दि‍खेगा। मजबूत करे इम्‍युन‍िटी सेहतमंद रहने के ल‍िए जरूरी है क‍ि आपकी इम्‍युन‍िटी स्‍ट्रॉन्‍ग हो। कद्दू का बीज आपके इम्‍यून‍ सि‍स्‍टम को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है। इस बीज में जिंक और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। यह शरीर को इंफेक्शन और बीमारियों से बचाने में मदद करता है। दिल को रखे सेहतमंद आपको बता दें क‍ि कद्दू के बीजों में मैग्नीशियम होता है जो हार्ट रेट को नियंत्रित करने में मदद करता है और आपके पूरे स्वास्थ्य बनाए रखता है। मैग्नीशियम के नियमित सेवन से हार्ट डिजीज का खतरा कम हो सकता है। ब्लड शुगर करे कंट्रोल अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं तो ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए कद्दू के बीज को डाइट में शामिल कर सकते हैं। इनमें प्रोटीन और हेल्दी फैट पाया जाता है जो ब्लड शुगर के लेवल को नियंत्रित करने और इंसुलिन रेगुलेशन में सुधार करने में मदद करता है। स्‍लीप साइक‍िल सुधारे कद्दू के बीजों में ट्रिप्टोफैन नामक अमीनो एसिड पाया जाता है, जो अच्छी नींद लाने में मदद करता है। अगर आप अनिद्रा की समस्या से जूझ रहे हैं तो इसे अपनी डाइट में जरूर शामिल करें। recent visitors 51

Ranya Rao Gold Smuggling: सोने की तस्करी के लिए Dubai से तस्करों का क्या है खास कनेक्शन

बेंगलुरु कन्नड़ अभिनेत्री रन्या राव रंगे हाथों गोल्ड स्मगलिंग केस में पकड़ी गईं. इस वाकये के बाद सोने की तस्करी का मुद्दा पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है. लोगों के मन में कई सवाल खड़े हो रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब दुनियाभर के एयरपोर्ट पर इतनी सघन चेकिंग की जाती है तो फिर रन्या राव दुबई से 12.86 करोड़ रुपए का 14 किलो सोना लेकर कैसे आ गई. डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) की अब तक की पड़ताल में सामने आया है कि एक्ट्रेस रन्या राव गोल्ड स्मगलिंग के लिए अलग-अलग ट्रिक इस्तेमाल करती थी. पिछले एक साल में कन्नड़ एक्ट्रेस ने करीब 30 बार दुबई की यात्रा की. अनुमान है कि अपनी ट्रिक्स की बदौलत ही रन्या राव हर बार दुबई से कई किलो सोना लेकर आई और हर बार रन्या राव को 1 लाख रुपए प्रति किलो के हिसाब से पेमेंट किया गया. ये ट्रिक्स अपनाती थी रन्या राव > पैरों में गोल्ड छिपाना: कन्नड़ एक्ट्रेस रन्या राव को पता था कि वह अपने बॉडी पार्ट जैसे पैरों या कोई अंदरूनी अंग में आराम से सोने की सिल्ली या छड़ छुपाकर ला सकती है और महिला होने के नाते उसकी गहन जांच होने की संभावना भी कम होगी. जानकारी के मुताबिक रन्या राव अपने पैरों (थाई) और कमर पर टेप लगाकर सोने की छड़ों को छिपा लेती थी. > स्पेशल कपड़े: गोल्ड स्मगलिंग करने के लिए रन्या राव ने बकायदा स्पेशल कपड़े डिजाइन करा रखे थे. एक्ट्रेस ने कई ऐसी जैकेट्स बनवाई थीं, जिसकी मदद से वह आराम से गोल्ड स्मगलिंग कर लेती थी. ये जैकेट्स पूरी तरह से मॉडिफाइड होती थीं. इसके अलावा कन्नड़ एक्ट्रेस रिस्ट बेल्ट का भी इस्तेमाल करती थी. हाथ में इस बेल्ट को बांधकर रन्या राव इसके अंदर भी गोल्ड छुपाकर लाती थी. > जांचकर्मियों संग मिलीभगत: तस्करी करते वक्त पकड़ी न जाए इसलिए रन्या राव ने एयरपोर्ट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों से भी सेटिंग कर रखी थी. जांच में सामने आया है कि बेंगलुरु एयरपोर्ट पर तैनात कांस्टेबल बसवराज ने रन्या की मदद की थी. जब अधिकारियों ने एक्ट्रेस की जांच करनी चाही तो बसवराज ने उन्हें रोकते हुए कहा कि,'तुम्हें पता है ये कौन हैं? ये डीजीपी रामचंद्र राव की बेटी.' रन्या राव का कैसे हुआ पर्दाफाश? एक्ट्रेस रन्या राव 3 मार्च को दुबई से बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंची थी. रन्या ने 15 दिनों के भीतर दुबई की चार ट्रिप की, जिससे संदेह पैदा हुआ. बेंगलुरु एयरपोर्ट पर उनकी मदद के लिए पहले से ही बसवराजू नाम का एक पुलिस कांस्टेबल तैयार था. उसी की मदद से एक्ट्रेस ने सिक्योरिटी चेक से बच निकलने की कोशिश की, लेकिन DRI की टीम उस पर पहले से ही नजर बनाए हुई थी. DRI ने रन्या को सोने की खेप के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया. जांच के दौरान अधिकारियों ने उसके जैकेट में छिपा विदेशी मूल का 14.2 किलोग्राम सोना बरामद किया, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत 12.56 करोड़ रुपये है.   recent visitors 54

सीएम यादव बोले- प्रदेश में नक्सलियों का पूरी तरह खात्मा किया जाएगा, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

CM Yadav said- Naxalites will be completely eradicated from the state, gave necessary instructions to the officials मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को प्रदेश में नक्सल उन्मूलन अभियान पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए और नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला स्तर, पुलिस मुख्यालय और राज्य शासन के स्तर पर निरंतर निगरानी रखी जाए। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2026 तक नक्सलियों का पूरी तरह खात्मा करने के संकल्प की पूर्ति के लिए मध्य प्रदेश की सक्रिय भूमिका की बात की। उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण, दूरसंचार साधनों का विस्तार और आवश्यक जवानों की तैनाती से नक्सलियों पर नियंत्रण पाने में सफलता मिल रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि विकास कार्य निरंतर जारी रखें और आधुनिक उपकरणों के उपयोग और क्षेत्र की निरंतर निगरानी से नक्सली तत्वों के खात्मे के लिए प्रयासों को तेज किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद के पैर किसी भी कीमत पर जमने नहीं दिए जाएंगे। नक्सलवाद के समूल नाश के लिए कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पेशल डीजी पंकज श्रीवास्तव को हर 15 दिन में नक्सल उन्मूलन अभियान की समीक्षा के निर्देश दिए। चार नक्सलियों को मार गिराने पर दी बधाईमुख्यमंत्री ने बालाघाट और निकटवर्ती क्षेत्र में पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़ में चार नक्सलियों के मारे जाने की कार्रवाई की प्रशंसा की और पुलिस अधिकारियों को बधाई दी। बैठक में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्यों द्वारा संयुक्त अभियान के माध्यम से नक्सलवादियों के खात्मे के संकल्प पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री के निर्देश recent visitors 83