Wednesday, July 8, 2026 5:53 pm

70वें जन्मदिन पर बोले अनुपम खेर- ‘एज इज जस्ट ए नंबर का उदाहरण हूं मैं’

मुंबई, अभिनेता अनुपम खेर का आज 70वां जन्मदिन है। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर खेर ने बताया कि वह इस बार हरिद्वार में परिवार के साथ खास अंदाज में जन्मदिन मनाएंगे। खेर ने यह भी बताया कि वह अब खुद को यंग महसूस करते हैं। जन्मदिन के अवसर पर अभिनेता ने एक वीडियो मोंटाज शेयर करते हुए बताया कि वह ऐसे अभिनेता हैं, जिन्होंने ज्यादातर अपनी उम्र से बड़े किरदारों को पर्दे पर उतारा है। वह ‘एज इज जस्ट ए नंबर’ का उदाहरण हैं। उन्होंने कैप्शन में लिखा, “आज मेरा 70वां जन्मदिन है, जिस शख्स ने फिल्मों में 28 साल की उम्र में 65 साल के बुजुर्ग की भूमिका निभाई हो और फिर ज्यादातर अपनी उम्र से बड़े किरदारों में दिखा हो, उसकी जवानी तो अब शुरू हुई है! उम्र कैसे केवल एक नंबर है, मैं इसका परफेक्ट उदाहरण हूं। आप सभी की शुभकामनाओं की जरूरत है।” अभिनेता ने यह भी बताया कि इस बार उनका जन्मदिन खास है। उन्होंने कहा, “मैं परिवार, दोस्तों के साथ हरिद्वार आ चुका हूं। इस बार जन्मदिन स्पेशल और पूरी तरह से सनातनी होगा।” वर्कफ्रंट की बात करें तो अनुपम खेर की अपकमिंग फिल्म ‘तुमको मेरी कसम’ का ट्रेलर हाल ही में जारी हो चुका है। आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) पर चर्चा करती फिल्म में अनुपम खेर के साथ ईशा देओल और अदा शर्मा, इश्वाक अहम भूमिका में हैं। विक्रम भट्ट के निर्देशन में बनी ‘तुमको मेरी कसम’ इंदिरा आईवीएफ चेन के संस्थापक डॉ. अजय मुर्डिया के जीवन से प्रेरित है, जो मनोरंजन के साथ एक गंभीर विषय पर रोशनी डालती है। ‘तुमको मेरी कसम’ के अलावा अनुपम खेर के पास प्रभास के साथ भी एक फिल्म है, जिसके टाइटल की घोषणा अभी निर्माताओं ने नहीं की है।   recent visitors 25

कोरबा में दिनदहाड़े दो नकाबपोश कार का शीशा तोड़ा 1.5 लाख रुपये लेकर फरार

कोरबा शहर में दिनदहाड़े उठाईगिरी की घटना सामने आई है, जहां बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने कार का शीशा तोड़कर 1.5 लाख रुपये लेकर फरार हो गए. इस घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी हुई है. यह पूरा मामला मानिकपुर क्षेत्र का है. जानकारी के अनुसार, तुलसी नगर निवासी पीडीएस ट्रांसपोर्टर शैलेंद्र शर्मा शुक्रवार को टीपी नगर स्थित आईडीबीआई बैंक से 2 लाख रुपये निकाला था. निहारिका स्थित परिसर में उसने एक व्यवसायी को 50,000 रुपये दिए, जबकि 1.5 लाख रुपये अपनी कार की ग्लव बॉक्स में रखा हुआ था. जैसे ही वह मानिकपुर चौकी क्षेत्र के बुधवारी मुख्य मार्ग पर पहुंचा, तभी बाइक सवार दो नकाबपोश युवक आए और पीडीएस ट्रांसपोर्टर के कार का शीशा दिया उसके बाद आरोपी डेढ़ लाख रुपये नगदी लेकर फरार हो गए. घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइन, मानिकपुर और सीएसईबी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची. वहीं आरोपियों की पहचान के लिए घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. recent visitors 19

केरल: मीलॉर्ड तुरंत माफी मांगें! जस्टिस बदरुद्दीन के खिलाफ वकीलों ने क्यों खोल दिया मोर्चा, बेंच का भी बहिष्कार

तिरुवनंतपुरम केरल हाई कोर्ट में आज तब अजीबोगरीब हालात पैदा हो गए, जब वकीलों के समूह ने जस्टिस ए बदरुद्दीन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। वकीलों ने जस्टिस बदरुद्दीन से अपने साथी वकील से अपमानजनक व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए उनसे माफी की मांग की। दरअसल, हाई कोर्ट के वकील इस बात से नाराज हैं कि जस्टिस बदरुद्दीन ने दिवंगत वकील एलेक्स स्कारिया की पत्नी और महिला वकील से अपमानजनक बातें की, जिसने हाल ही में अपने पति को खो दिया था। नाराज वकील आज जस्टिस बदरुद्दीन की कोर्ट में जमा हो गए लेकिन वह वहां नहीं पहुंचे। गुरुवार यानी 6 मार्च को जब महिला वकील ने जस्टिस बदरुद्दीन से वकालतनामा बदलने के लिए कुछ और समय देने का अनुरोध किया, क्योंकि उसके पति का इस साल जनवरी में निधन हो गया था, तब जस्टिस बदरुद्दीन ने असभ्य व्यवहार और तीखी टिप्पणी करते हुए पूछा कि कौन है एलेक्स स्कारिया? जज साहब के इस व्यवहार से नाराज वरिष्ठ वकील जॉर्ज पूनथोट्टम और हाई कोर्ट में वकालत करने वाले कई अन्य वकीलों ने बाद में केरल हाई कोर्ट अधिवक्ता संघ (KHCAA) की तत्काल आम सभा की बैठक बुलाने का प्रस्ताव पेश किया। बैठक में प्रस्ताव पास किया गया कि चूंकि जस्टिस बदरुद्दीन ने बेहद अभद्र और अपमानजनक टिप्पणी की है, और एक दिवंगत साथी का भी अपमान किया है,इसलिए उन्हें माफी मांगने को कहा जाएगा। वकीलों ने बुलाई तत्काल बैठक वकीलों ने तर्क दिया कि इस तरह का आचरण न केवल बेंच के लिए अनुचित है, बल्कि दिवंगत स्कारिया की स्मृति का भी अनादर है, जिसके लिए जस्टिस बदरुद्दीन को माफी मांगनी चाहिए। इसी प्रस्ताव के मुताबिक आज वकीलों का समूह जस्टिस बदरुद्दीन के कोर्ट में जमा हुआ था लेकिन जज वहां नहीं पहुंच सके। बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि KHCAA ने आज सुबह 10 बजे एक तत्काल आम सभा की बैठक बुलाई गई, जिसमें वकीलों ने जस्टिस बदरुद्दीन की अदालत में सामूहिक रूप से इकट्ठा होकर माफी मांगने की मांग करने का फैसला किया। हालांकि, ऐसी कोई माफी नहीं मांगी गई। कोर्ट नहीं पहुंचे जज साहब हाई कोर्ट रजिस्ट्री की तरफ से बताया गया कि आज दोपहर तक जज बेंच में नहीं बैठेंगे। बाद में उसे बढ़ाकर दिनभर कर दिया गया। बाद में एक प्रस्ताव आया कि जस्टिस बदरुद्दीन खुली अदालत में नहीं बल्कि अपने चैंबर में माफी मांगने को तैयार हो गए हैं लेकिन KHCAA के अध्यक्ष यशवंत शेनॉय सहित वकीलों ने जस्टिस बदरुद्दीन की चैंबर में माफी मांगने की पेशकश को ठुकरा दिया। इसके बाद सभी वकीलों ने जस्टिस बदरुद्दीन की कोर्ट का बहिष्कार करने का ऐलान किया है। इस गतिरोध को देखते हुए हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस नितिन जामदार ने हस्तक्षेप करने का भरोसा दिया है और कहा है कि सप्ताहांत तक इस मुद्दे का समाधान कर लिया जाएगा। वैसे यह पहला मौका नहीं है, जब वकीलों ने जस्टिस बदरुद्दीन के व्यवहार और आचरण पर आपत्ति जताई है। recent visitors 32

राज्य में मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड बना महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल

भोपाल महिलाओं के जीवन यापन के लिए पर्यटन क्षेत्र रोजगार का मुख्य साधन बनकर उभर रहा है। ग्रामीण पर्यटन से लेकर होटल प्रबंधन और हस्तशिल्प कला तक, मध्य प्रदेश की महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का उपयोग कर रोजगार भी पा रही है एवं पर्यटन बढ़ाने के महत्वपूर्ण भूमिका भी निभा रही है। ग्रामीण होमस्टे की सफलता की कहानी : मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा संचालित ग्रामीण होम स्टे योजना महिलाओ के लिए स्वरोजगार के नये-नये अवसर प्रदान कर रहा है। होमस्टे में ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित मिट्टी के होमस्टे और उनकी खूबसूरत हस्तकला पेंटिंग को पर्यटकों के द्वारा लगातार सरहा जा रहा है एवं होमस्टे ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के मुख्य कारण भी बन कर उभर रहा है। छिंदवाडा के ‘ ‘सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम’  पर्यटन ग्राम सावरवानी में ग्रामीण महिलाएं, पर्यटकों को 1,350 किलो घी बेचकर करीब 11 लाख रुपये कमाकर आर्थिक रूप से सशक्त हुई।      प्रशिक्षित और कुशल महिलाएं: मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड महिलाओ को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में महिलाओं हेतु सुरक्षित पर्यटन परियोजना के तहत, 8,300 से अधिक महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण और 50 विभिन्न पर्यटक स्थल पर 36,000 से अधिक महिलाओं को आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया गया है। इसी कड़ी में 5000 से अधिक महिलाओं को रोजगार के अवसर मुहैया कराये । जिसमे जिप्सी चालक और नाव चालक का प्रशिक्षण शामिल है। चंदेरी में हैंडलूम कैफे, अमरकंटक में महिला संचालित होटल 'अमरलतास' मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने राज्य का पहला महिला संचालित हैंडलूम कैफे शुरू किया है। अशोकनगर जिले के प्राणपुर गांव में स्थित यह कैफे स्थानीय महिला कारीगरों को सशक्त बनाने और क्षेत्र की समृद्ध कपड़ा विरासत को प्रदर्शित करने का एक अनूठा प्रयास है। कैफे में महिलाएं फ्रंट ऑफिस प्रबंधन, पाक कला, नकदी प्रबंधन और सुरक्षा प्रबंधन जैसे सभी परिचालन कार्य संभालती हैं। पचमढ़ी में राज्य का पहला महिला संचालित होटल 'अमरलतास' भी मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा शुरू किया है। यह पहल पर्यटन क्षेत्र में महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करती है। GIS में भी निवेशकों के बीच दिखा महिला सशक्तिकरण का उदाहरण: मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा 24 से अधिक आर्ट व क्राफ्ट के स्थानिय सोवेनियर तैयार किये जा रहे है। उन्ही में से ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान, मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों की सांस्कृतिक विरासत और कला को प्रदर्शित करने वाले स्मृति चिन्ह, बैग के स्वरुप में वितरित किए गए। ये बैग मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा शुरू की गई सेफ टूरिज्म डेस्टिनेशन के तहत प्रशिक्षित महिलाओं द्वारा बनाए गए थे। recent visitors 35

अडानी के खिलाफ UAE की कंपनी को झटका- धारावी परियोजना पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने किया इनकार

मुंबई सुप्रीम कोर्ट ने धारावी पुनर्विकास परियोजना (डीआरपी) के निर्माण कार्य पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए अडानी ग्रुप के पक्ष में निर्णय दिया। यूएई स्थित सेकलिंक टेक्नोलॉजीज कॉर्पोरेशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि परियोजना का काम पहले ही शुरू हो चुका है और कुछ रेलवे क्वॉर्टर्स का ध्वस्तीकरण भी किया जा चुका है। अपनी याचिका में सेकलिंक ने महाराष्ट्र सरकार के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उसकी पहले की बोली रद्द कर दी गई थी और परियोजना अडानी प्रॉपर्टीज लिमिटेड को सौंप दी गई थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने यह निर्देश दिया कि परियोजना से संबंधित सभी भुगतान सिंगल एस्क्रो खाते से किए जाएं। मुख्य न्यायाधीश (CJI) संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति पीवी संजय कुमार की पीठ ने मौखिक रूप से कहा कि बॉम्बे हाई कोर्ट का फैसला उचित था, क्योंकि रेलवे लाइन का भी विकास कर परियोजना में शामिल किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार और अडानी प्रॉपर्टीज को नोटिस जारी किया है और मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 मई की तारीख तय की है। सेक्लिंक टेक्नोलॉजीज ने दावा किया था कि उसने 2019 में धारावी पुनर्विकास के लिए 7,200 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी, जिसे महाराष्ट्र सरकार ने रद्द कर दिया और 2022 में नई निविदा जारी की, जो अडानी समूह को दी गई। सेक्लिंक ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि वह अपनी बोली को 20 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए तैयार है। कोर्ट ने सेक्लिंक को अपनी संशोधित बोली का विवरण एक हलफनामे में जमा करने का निर्देश दिया। यह परियोजना मुंबई के धारावी क्षेत्र, जो एशिया का सबसे बड़ा स्लम माना जाता है, को आधुनिक शहरी केंद्र में बदलने की योजना है। अडानी समूह की रियल एस्टेट कंपनी, अडानी प्रॉपर्टीज, ने नवंबर 2022 में सबसे ऊंची बोली लगाकर इस परियोजना में 80 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की थी, जबकि महाराष्ट्र सरकार के पास शेष 20 प्रतिशत हिस्सा है। recent visitors 29

रवीना टंडन ने पेरिस फैशन वीक में बिखेरा जलवा

मुंबई,  बॉलीवुड की सदाबहार फैशनिस्टा रवीना टंडन ने पेरिस फैशन वीक में जलवा बिखेर दिया। रवीना ने अपनी शानदार स्टाइल और शान से लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। अपने पहनावे के लिए मशहूर और एक सच्ची स्टाइल दिवा के रूप में मशहूर रवीना ने सोशल मीडिया पर कई शानदार तस्वीरें शेयर कीं, जिसमें उन्होंने इस प्रतिष्ठित इवेंट में अपनी शानदार मौजूदगी दर्ज कराई। लग्जरी ब्रांड डेलवॉक्स के साथ अपने सहयोग के तहत इस भव्य समारोह में शामिल हुईं रवीना ने ग्लैमर और परिष्कार का सहजता से मिश्रण किया। उनके पहनावे और आत्मविश्वास से भरे आभामंडल ने उन्हें एक सदाबहार फैशन आइकन के रूप में स्थापित किया। अपनी निरंतर विकसित होती शैली और सहज अनुग्रह के साथ, रवीना दुनिया भर के फैशन प्रेमियों को प्रेरित करती रहती हैं। चाहे ऑन-स्क्रीन हो या ऑफ-स्क्रीन, वह एक ट्रेंडसेटर बनी हुई हैं, यह साबित करते हुए कि फैशन की दुनिया में उनका आकर्षण और प्रभाव पहले की तरह ही मजबूत है। पेरिस फैशन वीक में उनकी उपस्थिति शानदार रही, जिसने बॉलीवुड की सबसे स्टाइलिश डीवाज़ में से एक के रूप में उनकी प्रतिष्ठा को और मजबूत किया।   recent visitors 132

ईडब्ल्यूएस और बीपीएल वर्ग के बच्चों के सही तरीके से एडमिशन न होने को लेकर हाई कोर्ट ने शासन और शिक्षा विभाग से मांगा जवाब

 बिलासपुर  प्रदेश में शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत ईडब्ल्यूएस और बीपीएल वर्ग के बच्चों के सही तरीके से एडमिशन न होने को लेकर हाई कोर्ट ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने हाल ही में लागू नए नियमों से आरटीई सीटों में कटौती, एडमिशन में अनियमितता और फर्जी प्रवेश को लेकर भी स्पष्टीकरण मांगा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि बड़े निजी स्कूल आरटीई के तहत आने वाले आवेदनों को जानबूझकर खारिज कर रहे हैं। इसके बाद इन सीटों को डोनेशन और फीस लेकर भरा जा रहा है। याचिका में यह भी कहा गया है कि प्रदेश के प्रमुख निजी स्कूलों में कुल सीटों का केवल तीन प्रतिशत ही आरटीई के तहत भरा जा रहा है। चिंता की बात यह है कि पिछले एक साल में आरटीई के तहत एडमिशन की संख्या में लगभग सवा लाख की गिरावट आई है। कोर्ट ने सरकार और शिक्षा विभाग से पिछले वर्षों में आरटीई की 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर हुए एडमिशन और रिक्त सीटों की विस्तृत जानकारी मांगी है। साथ ही पूछा है कि यदि खाली सीटों को ओपन कैटेगरी में भरा गया, तो उसके लिए क्या प्रक्रिया अपनाई गई। इसके अलावा, अदालत ने सरकार को आरटीई एडमिशन की संपूर्ण संरचना की जानकारी देने का निर्देश दिया है। समाज सेवी ने दायर की जनहित याचिका भिलाई के वरिष्ठ समाज सेवी सीवी भगवंत राव ने इस मामले में जनहित याचिका दायर की है। अधिवक्ता देवर्षि सिंह के माध्यम से दायर इस याचिका में पूर्व में चार दर्जन निजी स्कूलों को पक्षकार बनाया गया था। पहले हुई सुनवाई में हाई कोर्ट ने इन स्कूलों को नोटिस जारी किया था। आरटीई के तहत शिक्षा के अधिकार की यह कानूनी लड़ाई 2012 से जारी है। 2016 में हाई कोर्ट ने विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए थे। मगर, निजी स्कूलों ने इन्हें सही ढंग से लागू नहीं किया। इस लापरवाही और अनियमितता को देखते हुए फिर से याचिका दायर की गई है। हाई कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार और शिक्षा विभाग से विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। बार काउंसिल चुनाव, हाई कोर्ट ने शेड्यूल पेश करने को कहा छत्तीसगढ़ स्टेट बार काउंसिल के चुनाव को लेकर दायर जनहित याचिका पर हाई कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) और स्टेट बार काउंसिल (एसबीसी) को निर्देश दिया है कि वे प्रस्तावित चुनाव कार्यक्रम तैयार कर अदालत में पेश करें। इस मामले में अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी। इससे पहले हाई कोर्ट में सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने पिछले छह वर्षों से स्टेट बार काउंसिल के चुनाव न होने पर नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने 18 फरवरी 2025 को पारित अपने आदेश के पालन की स्थिति के बारे में पूछा। साथ ही, बीसीआई की ओर से शपथपत्र दाखिल न किए जाने पर भी असंतोष व्यक्त किया। मुख्य न्यायाधीश रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने पूर्व में दिए गए आदेश के अनुपालन पर चर्चा की। बीसीआई के अधिवक्ता ने जानकारी दी कि सचिव द्वारा शपथपत्र भेज दिया गया है, लेकिन वह हाई कोर्ट को प्राप्त नहीं हुआ। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई। गौरतलब है कि 18 फरवरी की सुनवाई में हाई कोर्ट ने बीसीआई और एसबीसी को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे कि चुनाव कार्यक्रम बीसीआई नियमों और अधिसूचनाओं के अनुसार तैयार किया जाए, ताकि चुनाव में किसी प्रकार की देरी न हो। recent visitors 49