इन जगहों पर खर्च किया गया धन हमेशा होता है दोगुना

हमारे देश के इतिहास में कई बड़े महान विद्वान और ज्ञानी हुए जिनका गौरव गान आज भी सुनाई देता है। इन्हीं में से एक थे महान कूटनीतिक आचार्य चाणक्य जिन्होंने अपनी नीतियों में जीवन के लगभग हर एक पहलू पर अपने स्पष्ट विचार रखे। उन्होंने अपनी नीति के जरिए लोगों का ऐसा मार्गदर्शन किया कि आज भी लोग आचार्य की बातों को अपने जीवन में उतारते हैं और उसका लाभ भी पाते हैं। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में धन के सही इस्तेमाल पर भी जोर दिया है। उनके मुताबिक यूं तो व्यक्ति को हमेशा सोच-समझकर ही धन खर्च करना चाहिए लेकिन कुछ जगहें ऐसी भी हैं, जहां खर्च करने से बिल्कुल भी परहेज नहीं करना चाहिए। आचार्य के अनुसार इन जगहों पर पैसा खर्च करने से धन और भी ज्यादा बढ़ता है और घर में बरकत बनी रहती है। आइए जानते हैं ऐसी कौन से जगहें हैं। बच्चों की शिक्षा पर धन खर्च करने में ना दिखाएं कंजूसी आचार्य चाणक्य के अनुसार बच्चों की शिक्षा पर धन खर्च करते हुए भी ज्यादा सोच-विचार नहीं करना चाहिए। क्योंकि विद्या पर खर्च किया गया धन कभी भी व्यर्थ नहीं जाता। यहां तक कि भविष्य में इसका दोगुना ही वापस मिलता है। आचार्य के अनुसार जिस भी चीज से आपके बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलती हो या वो कुछ नया सीखते हों, वहां कंजूसी दिखाना बेवकूफी ही है। अपने से कमजोरों की मदद करने में रहें आगे आचार्य चाणक्य के अनुसार व्यक्ति को हमेशा अपने से कमजोर लोगों की मदद करने के लिए तत्पर रहना चाहिए। अपने और अपने परिवार के लिए धन अर्जित करना कोई बुरी बात नहीं है लेकिन हमेशा केवल धन संचय में लगे रहना भी ठीक नहीं है। इस धन के कुछ हिस्से का इस्तेमाल अपने से कमजोर, गरीब और बेसहारा लोगों की मदद करने के लिए भी करना चाहिए। आचार्य के अनुसार लोगों की मदद में लगाया हुआ धन हमेशा दोगुना हो कर ही वापस मिलता है, ऐसे में इस पुण्य कार्य में कंजूसी बिल्कुल भी ठीक नहीं है। समाज सेवा से करें धन का सदुपयोग आचार्य चाणक्य के मुताबिक व्यक्ति को अपनी आय का कुछ हिस्सा सामाजिक कार्यों में भी लगाना चाहिए। आप चाहें तो किसी स्कूल, अस्पताल या संस्था बनवाने के लिए अपनी कमाई का कुछ हिस्सा निकाल कर रख सकते हैं। आचार्य के अनुसार ऐसा करने से भाग्य में वृद्धि होती है और व्यक्ति दिन दोगुनी रात चौगुनी तरक्की करता है। ऐसे लोगों को समाज में खूब मान-सम्मान और प्रतिष्ठा मिलती है। बीमारी में मदद करने से ना चूकें आचार्य चाणक्य अपनी नीति में जिक्र करते हैं कि व्यक्ति को कभी भी किसी बीमार की सहायता करने से पीछे नहीं हटना चाहिए। आचार्य के अनुसार अपने सामर्थ्य के अनुसार हमेशा बीमार व्यक्ति की मदद करनी चाहिए। आपके एक उपकार से किसी का जीवन बच सकता है और पूरा परिवार दोबारा खुशहाली भरी जिंदगी जी सकता है। आचार्य कहते हैं कि बीमारी में किसी की मदद करने वाले व्यक्ति पर भगवान की हमेशा कृपा बनी रहती है और उसे खूब मान-सम्मान और सुख-समृद्धि भी मिलती है। धार्मिक स्थलों को दें दान आचार्य चाणक्य के अनुसार व्यक्ति को धार्मिक स्थलों को दान देने में भी किसी तरह की कंजूसी नहीं दिखानी चाहिए। आचार्य कहते हैं कि किसी मंदिर या अन्य धार्मिक स्थल को दान देने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मकता आती है। इस तरह का दान देने से ना सिर्फ धर्म की रक्षा होती है बल्कि दान-पुण्य के चलते कई गरीब बेसहारा लोगों को भी भोजन मिल जाता है। आचार्य के अनुसार जो व्यक्ति अपनी आय का एक हिस्सा धार्मिक स्थलों के लिए दान देता है, उसके जीवन में कभी भी किसी चीज की को कमी नहीं रहती है। recent visitors 41

एमपी में गर्मी के तेवर हुए तीखे, 40 डिग्री के करीब पहुंचा तापमान, होली के बाद बढ़ेगी और गर्मी

भोपाल  हवाओं का रुख लगातार उत्तरी बना रहने से मध्‍य प्रदेश में गर्मी के तेवर तीखे बने हुए हैं। बुधवार को प्रदेश में दिन का सबसे अधिक 39.4 डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहो में दर्ज किया गया। रात का सबसे कम 13.4 डिग्री सेल्सियस तापमान मंडला में रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में उज्जैन सबसे गर्म है। यहां दिन का तापमान 38 डिग्री पहुंच गया है। भोपाल, इंदौर और जबलपुर में भी पारा 37 डिग्री के पार है। ऐसा ही मौसम आज गुरुवार को भी बना रहेगा। होली के बाद गर्मी और असर दिखाने लगेगी। मौसम विभाग के अनुसार, आसमान साफ होने से सूरज की धूप सीधे जमीन पर आ रही है। इस कारण दिन गर्म हो गए हैं। बुधवार को खजुराहो में 39.4 डिग्री, नर्मदापुरम में 39.1 डिग्री, रतलाम-मंडला में 39 डिग्री, धार में 38.8 डिग्री, दमोह में 38.5 डिग्री, सतना में 38.2 डिग्री, शिवपुरी, सागर-नौगांव में 38 डिग्री, टीकमगढ़ में 37.8 डिग्री, शाजापुर में 37.6 डिग्री, बैतूल में 37.5 डिग्री और रीवा में पारा 37 डिग्री दर्ज किया गया। बड़े शहरों में भोपाल में 37.8 डिग्री, इंदौर में 37.2 डिग्री, ग्वालियर में 36.6 डिग्री, उज्जैन में 38 डिग्री और जबलपुर में पारा 37.6 डिग्री सेल्सियस रहा। इधर, रात का तापमान भी बढ़ा है। मंगलवार-बुधवार की रात में धार में पारा 23.2 डिग्री तक पहुंच गया। भोपाल, इंदौर, खंडवा, खरगोन, रीवा, सिवनी में तापमान 20 डिग्री से ज्यादा रहा। मौसम विभाग का कहना है कि अब गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। होली के बाद असर और बढ़ जाएगा। हालांकि, मार्च में उत्तर-भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव होते हैं। जिनका असर से पारे में गिरावट भी होती है। मार्च के तीसरे सप्ताह में बारिश होने की संभावना है। आगे ऐसा रहेगा मौसम पहले सप्ताह में ओले-बारिश, बादल और ठंड-गर्मी का दौर रहा। अब तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।     दूसरा सप्ताह: इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग में रात का तापमान सामान्य से 2-3 डिग्री अधिक होगा जबकि गुजरात के ऊपर साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम की वजह से भोपाल, जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल, ग्वालियर और चंबल संभाग में तापमान सामान्य 15-17 डिग्री तक रहेगा। वहीं, अधिकतम तापमान इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में सामान्य से बढ़े रहेंगे। भोपाल, नर्मदापुरम, रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग में यह सामान्य 31-34 डिग्री सेल्सियस पर बना रहेगा। इस दौरान बारिश की संभावना नहीं है। पश्चिमी और दक्षिणी हिस्से में बादल जरूर छाए रहेंगे।     तीसरा सप्ताह: रात में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के जोर पकड़ने के साथ न्यूनतम तापमान इंदौर संभाग में सामान्य से 3-4 डिग्री बढ़कर 20-23 डिग्री तक जबकि शेष सभी संभागों में 19-21 डिग्री तक जाएगा। वहीं, पूरे प्रदेश में दिन में अधिकतम तापमान तेजी से बढ़ते हुए सामान्य से 2-4 डिग्री अधिक 34-38 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचेगा। वेस्टर्न डिस्टरबेंस और दक्षिण-पूर्वी हवाओं के मिलने के कारण पूर्वी और दक्षिणी क्षेत्रों में बादल छाए रह सकते हैं। गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हो सकती है।     चौथा सप्ताह: उत्तर-पश्चिमी हवाओं के लगातार जोर पकड़ने के साथ न्यूनतम तापमान रीवा और शहडोल संभागों में 22-24 डिग्री सेल्सियस रहेगा जबकि भोपाल सहित शेष पूरे प्रदेश में सामान्य से 3-4 डिग्री अधिक 23-26 डिग्री सेल्सियस तक जाएगा। जबलपुर संभाग में 37-40 डिग्री जबकि भोपाल सहित शेष पूरे प्रदेश में सामान्य से 3-5 डिग्री बढ़कर 38-42 डिग्री सेल्सियस तक अधिकतम तापमान रहेगा। दक्षिण-पूर्वी हवाओं के आने से जबलपुर, शहडोल और नर्मदापुरम संभाग में कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है। मार्च के आखिरी दिनों में ग्वालियर, चंबल, इंदौर, उज्जैन, सागर और रीवा संभाग के साथ राजगढ़, सीहोर, विदिशा, बैतूल और हरदा जिलों में 3-4 दिन तक लू भी चल सकती है। अप्रैल-मई सबसे ज्यादा गर्म रहेंगे मौसम विभाग ने इस साल अप्रैल और मई में सबसे ज्यादा गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। इन दो महीने के अंदर ग्वालियर, चंबल, जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभाग के जिलों में पारा 45 डिग्री के पार पहुंच सकता है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम संभाग भी गर्म रहेंगे। मार्च में तीनों मौसम का असर मध्यप्रदेश में पिछले 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो मार्च महीने में रातें ठंडी और दिन गर्म रहते हैं। बारिश का ट्रेंड भी है। इस बार भी ऐसा ही मौसम है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच सकता है जबकि रात में 10 से 17 डिग्री के बीच रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च में ग्वालियर में मौसम सबसे ज्यादा बदला हुआ रहता है। यहां रात में पारा 8 डिग्री तक पहुंच चुका है। जबलपुर में दिन में गर्मी और रात में ठंड रहती है। MP के 5 बड़े शहरों में मार्च में मौसम का ऐसा ट्रेंड… भोपाल में दिन में तेज गर्मी के साथ बारिश भोपाल में मार्च महीने में दिन में तेज गर्मी पड़ने के साथ बारिश का ट्रेंड भी है। मौसम विभाग के अनुसार, मार्च महीने में गर्मी के सीजन की शुरुआत हो जाती है। इसके चलते दिन-रात के तापमान में बढ़ोतरी होने लगती है। आंकड़ों पर नजर डालें तो 30 मार्च 2021 को अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 41 डिग्री पहुंच चुका है। वहीं, 45 साल पहले 9 मार्च 1979 की रात में पारा 6.1 डिग्री दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 से 2023 के बीच दो बार ही अधिकतम तापमान 36 डिग्री के आसपास रहा। बाकी सालों में पारा 38 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा है। recent visitors 44

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने नियमित जाँच और अंगदान को बढ़ावा देने का किया आह्वान

भोपाल उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर किडनी रोगों से बचा जा सकता है। विश्व किडनी दिवस के अवसर पर उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने प्रदेशवासियों से किडनी रोगों के प्रति जागरूक रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियां क्रॉनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) के प्रमुख कारण हैं। इसके नियंत्रण के लिए समय पर जांच और सतर्कता अत्यंत आवश्यक है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं लेकिन अधिक मात्रा में पानी पीने से बचें। अपने आहार में किडनी के लिए अनुकूल फल और सब्जियाँ शामिल करें और भोजन में प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और मसालों का प्रयोग करें। नियमित रूप से व्यायाम करें और धूम्रपान व शराब के सेवन से बचें। साथ ही, चीनी और नमक के अधिक सेवन से परहेज करें ताकि किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित न हो। वर्तमान वर्ष में अब तक 1 लाख 76 हज़ार से अधिक डायलिसिस सत्र सफलतापूर्वक संपन्न उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और सभी नागरिकों को उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। राज्य सरकार किडनी रोगियों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और डायलिसिस सेवाएँ उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। वर्तमान में प्रदेश में कुल 67 डायलिसिस इकाइयाँ कार्यरत हैं। इनमें 325 डायलिसिस मशीनों से मरीजों को राहत प्रदान की जा रही है। अप्रैल 2024 से फरवरी 2025 तक 5058 मरीजों ने इन सेवाओं का लाभ लिया, और इस अवधि में 1,76,975 डायलिसिस सत्र सफलतापूर्वक संपन्न किए गए। सभी शासकीय चिकित्सालयों में गुणवत्तापूर्ण डायलिसिस सेवा सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन वीडियो मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया गया है, जिससे राज्य स्तर से सभी डायलिसिस इकाइयों पर निगरानी रखी जा रही है। रोकथाम और प्रारंभिक पहचान पर जोर उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रदेश में मधुमेह और उच्च रक्तचाप से ग्रस्त सभी मरीजों की नियमित सीकेडी जांच सुनिश्चित की जा रही है, ताकि इस बीमारी को प्रारंभिक अवस्था में पहचाना और नियंत्रित किया जा सके। सभी चिकित्सकों को भी इस विषय में जागरूक किया जा रहा है कि वे उच्च जोखिम वाले मरीजों की समय पर पहचान कर उचित मार्गदर्शन दें।उन्होंने नागरिकों से अंगदान को अपनाने की अपील की है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि सरकार अंग प्रत्यारोपण को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं पर कार्य कर रही है, जिससे अधिक से अधिक मरीजों को नया जीवन मिल सके। किडनी विकारों के कारण और बचाव दर्द निवारक दवाओं का अधिक सेवन: दर्द कम करने वाली एनएसएआईडी और एनाल्जेसिक दवाएं अत्यधिक उपयोग से किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं। बिना चिकित्सक की सलाह के इनका लंबे समय तक सेवन न करें। अधिक नमक का सेवन: ज्यादा नमक या सोडियम युक्त आहार से रक्तचाप बढ़ता है और किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए नमक की जगह जड़ी-बूटियों और मसालों का उपयोग करें। प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ: अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड में सोडियम, चीनी और अस्वास्थ्यकर वसा अधिक होती है। इससे किडनी रोग का खतरा 24% तक बढ़ सकता है। इनकी जगह ताजा और पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ अपनाएं। कम पानी पीना: शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा न होने से किडनी विषाक्त पदार्थों को ठीक से बाहर नहीं निकाल पाती, जिससे क्षति का खतरा बढ़ जाता है। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, खासकर गर्म मौसम में या अधिक शारीरिक गतिविधि करने पर। नींद की कमी: अच्छी नींद संपूर्ण स्वास्थ्य और किडनी के सुचारू कार्य के लिए आवश्यक है। नींद-जागने का चक्र किडनी के कार्य भार को नियंत्रित करता है, जिससे शरीर में संतुलन बना रहता है। अत्यधिक मांस का सेवन: प्रोटीन जरूरी है, लेकिन अधिक मात्रा में मांस खाने से किडनी पर दबाव बढ़ सकता है। संतुलित आहार का पालन करें और अपनी प्रोटीन आवश्यकताओं को ध्यान में रखें। अत्यधिक चीनी खाना: अधिक चीनी मोटापे को बढ़ाती है, जिससे उच्च रक्तचाप और मधुमेह का खतरा बढ़ता है। ये दोनों किडनी रोग के प्रमुख कारण हैं। धूम्रपान: धूम्रपान न केवल हृदय और फेफड़ों के लिए बल्कि किडनी के लिए भी हानिकारक है। धूम्रपान करने वालों में मूत्र में प्रोटीन बढ़ने की संभावना अधिक होती है, जो किडनी खराबी का संकेत हो सकता है। अत्यधिक शराब सेवन: ज्यादा शराब पीने से किडनी के कार्य प्रभावित होते हैं, जिससे शरीर में पानी का संतुलन बिगड़ सकता है और रक्तचाप बढ़ सकता है, जो किडनी रोग का प्रमुख कारण है। निष्क्रिय जीवनशैली: नियमित व्यायाम से वजन, रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखा जा सकता है, जिससे किडनी को स्वस्थ बनाए रखने में मदद मिलती है। लंबे समय तक बैठे रहने से बचें और शारीरिक गतिविधि को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।   recent visitors 32

पाक सेना ने ट्रेन हाईजैक के सभी बंधक छुड़ाए, 24 घंटे चला ऑपरेशन

कराची पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने बुधवार रात 9:30 बजे ट्रेन हाईजैक खत्म होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षाबलों ने 33 बलूच लड़ाकों को मार गिराया है।उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में कुछ बंधक भी मारे गए हैं। बाकी सभी बंधकों को रिहा करा लिया गया है। पीएम शहबाज शरीफ ने कहा कि हमारे सैनिकों ने कई विद्रोहियों को नरक भेज दिया है। न्यूज एजेंसी AFP ने पाकिस्तान आर्मी के हवाले से बताया है कि ट्रेन में यात्रा कर रहे 27 ऑफ ड्यूटी पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं, जबकि 1 सैनिक रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मारा गया। जबकि बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) का दावा है कि उसने दो दिन में 100 पाकिस्तानी सैनिक मार गिराए हैं। ट्रेन हाईजैक ऑपरेशन लगभग 36 घंटे चला। इसमें 450 लोगों को बंधक बनाया गया था। पाकिस्तानी आर्मी अफसर ने बताया कि 346 बंधकों को छुड़ा लिया गया है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी ने बताया कि हमने महिलाओं और बच्चों समेत बड़ी संख्या में बंधक बनाए गए लोगों को छुड़ा लिया है. 212 यात्रियों को बीएलए के चंगुल से छुड़ाया है. विद्रोहियों इस ऑपरेशन में 21 बंधकों की मौत हुई है और सभी 33 विद्रोहियों को मार गिराया है. इससे पहले बीएलए ने 150 से ज्यादा बंधकों को रिहा कर दिया था. 10 पाइंट्स में समझिए अब तक क्या क्या हुआ…     बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने कल दोपहर 1 बजे बलूचिस्तान के बोलान जिले के माशकाफ इलाके में जाफर एक्सप्रेस ट्रेन पर हमला कर 450 यात्रियों को बंधक बनाया।     BLA ने जेल में बंद बलूच कार्यकर्ताओं, राजनैतिक कैदियों, गायब लोगों, लड़ाकों और अलगाववादियों की बिना शर्त रिहाई की मांग की है। सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।     हमले के कुछ घंटे बाद ही पाकिस्तानी सेना ने पैसेंजर्स की रिहाई के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। लड़ाकों पर ड्रोन और हेलिकॉप्टर से हमला किया।     पाकिस्तान के मंत्री मोहसिन नकवी ने कहा कि हम ऐसे जानवरों से कोई समझौता नहीं करेंगे, जिन्होंने बेकसूर यात्रियों पर गोलीबारी की।     पाकिस्तानी सेना ने सुबह 150 बंधकों को छुड़ाने की बात कही, शाम होते तक 190 बंधकों को रिहा करने की बात कही।     सेना के अफसर ने बताया विद्रोही विस्फोटक से लदे आत्मघाती जैकेट पहने हुए हैं, इससे बाकी बंधकों को रिहा कराने में मुश्किल हो रही है।     पाक सरकार की तरफ से 200 ताबूत क्वेटा भेजे गए। बताया गया कि ये ताबूत प्रोटोकॉल के तहत भेजे गए हैं।     BLA ने दावा किया कि हमले में 100 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया। हालांकि सेना ने अब तक इतनी मौतों की पुष्टि नहीं की।     प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने मारे गए लोगों के लिए संवेदना जाहिर की। बताया कि इस ऑपरेशन में दौरान दर्जनों आतंकवादी मारे गये हैं।     पाकिस्तानी सेना ने दावा किया है कि 33 बलूच लड़ाके मारे गए हैं और सभी बंधकों को रिहा करा लिया गया है। BLA ने कैसे दिया हमले को अंजाम? पाकिस्तान के क्वेटा से जाफर एक्सप्रेस मंगलवार सुबह लगभग 9 बजे पेशावर के लिए रवाना हुई थी. इस ट्रेन को दोपहर 1.30 बजे सिब्बी पहुंचना था. लेकिन बोलान के माशफाक टनल में हमला हुआ. ट्रेन जहां से गुजर रही थी, वह पहाड़ी इलाका है. यहां 17 सुरंगें हैं, जिस कारण ट्रेन की रफ्तार धीमी करना पड़ी, जिसका फायदा उठाकर बीएलए ने माशफाक में टनल नंबर-8 को उड़ा दिया. इससे ट्रेन बेपटरी हो गई और ट्रेन को हाईजैक कर लिया गया था. इस हमले को BLA ने पूरी प्लानिंग के साथ अंजाम दिया गया था. BLA के लड़ाके पहले से ही घात लगाकर बैठे थे. हमले के लिए BLA ने अपने सबसे घातक लड़ाके मजीद ब्रिगेड और फतेह को तैयार किया था. पाकिस्तानी सेना के ऑपरेशन की वजह से आतंकी दो समूहों में बंटे हुए थे. बीएलए के विद्रोहियों ने जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को मशकाफ टनल (Mashkaf Tunnel) में हाईजैक किया था. यह टनल क्वेटा से 157 किलोमीटर की दूरी पर है. यह टनल जिस इलाके में है, वह बेहद दुर्गम पहाड़ी इलाका है, जिसका सबसे नजदीकी स्टेशन पहरो कुनरी है. हाईजैक हुई ट्रेन बोलन दर्रे में खड़ी हुई थी. यह पूरा इलाका पहाड़ियों और सुरंगों से घिरा हुआ है. बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे अशांत प्रांत है. यहां 1948 से ही बलूचों और पाकिस्तानी सेना के बीच टकराव होता रहा है. बलूचिस्तान के लोग पाकिस्तान से अलग होने की मांग समय से कर रहे हैं. बीते कुछ समय में चीन का इस इलाके में दखल बढ़ा है. चीन इस इलाके में कई परियोजनाओं पर काम कर रहा है, जिस वजह से उन पर लगातार हमले भी हो रहे हैं. recent visitors 36

तमिलनाडु सरकार ने बजट 2025 से आधिकारिक रुपया प्रतीक ‘₹’ हटाया

चेन्नई भाषा को लेकर तमिलनाडु और केंद्र सरकार के बीच जारी विवाद में एक नया मोड़ आ गया है। तमिलनाडु की स्टालिन सरकार ने राज्य के बजट से आधिकारिक रुपये (₹) का सिंबल बदलकर तमिल भाषा में कर दिया है। स्टालिन सरकार ने तमिलनाडु के बजट से '₹' का सिंबल हटाकर उसे 'ரூ' सिंबल से रिप्लेस कर दिया है। वह सिंबल तमिल लिपि का अक्षर 'रु' है। यह पहली बार है जब किसी राज्य ने नेशनल करेंसी सिंबल को अस्वीकार कर दिया है। पूरे देश में रुपये को सिंबल ₹ को आधिकारिक तौर पर अपनाया जाता है। लेकिन तमिलनाडु सरकार अलग सिंबल लेकर आ गई है।  DMK नेता सरवनन अन्नादुरई ने कहा, "हमने रुपये के लिए तमिल शब्द रखा है। यह कोई टकराव नहीं है। इसमें कुछ भी अवैध नहीं है। हम तमिल को प्राथमिकता देंगे, इसीलिए सरकार ने यह कदम उठाया।" उन्होंने आगे कहा, "मैंने उनसे सिर्फ़ तमिल को उचित रूप से बढ़ावा देने के लिए कहा है। तमिलनाडु शिक्षा के क्षेत्र में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। लोग यहां से उत्तर भारत की ओर नहीं जा रहे हैं। वे अमेरिका और ब्रिटेन जा रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी इसे पचा नहीं पा रही है।" सिंबल बदलने पर बीजेपी नेता अमित मालवीय ने तमिलनाडु सरकार पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख मालवीय ने गुरुवार को कहा, "उदय कुमार धर्मलिंगम एक भारतीय शिक्षाविद और डिजाइनर हैं, जो डीएमके के एक पूर्व विधायक के बेटे हैं, जिन्होंने भारतीय रुपये (₹) का चिह्न डिजाइन किया था, जिसे भारत ने स्वीकार किया था। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन तमिलनाडु बजट 2025-26 दस्तावेज से ₹ ​​चिह्न हटाकर तमिलों का अपमान कर रहे हैं। कोई कितना हास्यास्पद हो सकता है?" आपको जानकारी के लिए बता दें कि रुपये (₹) के सिंबल का डिजाइन उदय कुमार धर्मलिंगम ने बनाया था। वह पेशे से एक शिक्षाविद और डिजाइनर हैं। उनका डिजाइन पांच शॉर्ट लिस्टेड सिंबल में से चुना गया था। भारत सरकार ने 15 जुलाई 2010 को इस सिंबल को आधिकारिक तौर पर अपनाया था।   DMK नेता के बेटे ने ही गढ़ा था रुपये का सिंबल '₹' हालांकि भाषा की राजनीति करते हुए '₹' को बजट से हटाने वाली तमिलनाडु सरकार ने ये ध्यान देना जरूरी नहीं समझा कि रुपये के इस सिंबल को एक तमिल ने ही डिजाइन किया था. खास बात यह है कि इस सिंबल को डिजाइन करने वाले उदय कुमार धर्मलिंगम के पिता भी DMK के नेता थे. उदयकुमार धर्मलिंगम (Udayakumar Dharmalingam) एक भारतीय शिक्षाविद् और डिज़ाइनर हैं, जिन्होंने भारतीय रुपये के प्रतीक चिह्न (₹) को डिज़ाइन किया था. उनका जन्म 10 अक्टूबर 1978 को तमिलनाडु के कल्लाकुरिची में हुआ था वे चेन्नई, तमिलनाडु के निवासी हैं और आईआईटी गुवाहाटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं. DMK सरकार ने बदला रुपये का सिंबल. उदयकुमार धर्मलिंगम के पिता एन धर्मलिंगम डीएमके के विधायक रह चुके हैं. उदयकुमार धर्मलिंगम देश के नामी डिजाइनर हैं. जब उदय ने ये प्रतियोगिता जीती थी तो एन धर्मलिंगम ने कहा था कि ये उनके लिए बेहद गर्व का क्षण है. मेरे बेटे ने तमिलनाडु के लिए गौरव लाया है. उदयकुमार धर्मलिंगम ने रुपये के प्रतीक ₹ का डिजाइन देवनागरी के 'र' और रोमन अक्षर 'R' को मिलाकर बनाया, जो भारतीय तिरंगे से प्रेरित है और इसे अन्य मुद्राओं से अलग दिखाने के लिए डिज़ाइन किया गया था. इस डिजाइन को 15 जुलाई 2010 को भारत सरकार द्वारा जनता के सामने प्रस्तुत किया गया. यह प्रतीक एक खुली प्रतियोगिता के माध्यम से चुना गया था, इसके लिए वित्त मंत्रालय ने प्रतियोगिता आयोजित की थी. इसके लिए 3,331 आवेदन आए थे.जिसमें उदयकुमार का डिज़ाइन पांच फाइनलिस्ट डिज़ाइनों में से विजेता रहा. उन्होंने बताया था कि यह डिज़ाइन भारतीय तिरंगे से प्रेरित है और इसमें देवनागरी लिपि के 'र' और रोमन लिपि के 'R' को मिलाकर बनाया गया है, साथ ही एक क्षैतिज रेखा भी शामिल है जो समानता और राष्ट्रध्वज को दर्शाती है. उदयकुमार का यह योगदान भारतीय मुद्रा को वैश्विक स्तर पर एक विशिष्ट पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण रहा. तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष अन्नामलाई ने कहा कि 2025-26 के लिए डीएमके सरकार के बजट में रुपये के चिह्न बदल दिया गया है. इस डिजाइन को एक तमिल ने डिजाइन किया गया था.जिसे पूरे भारत ने अपनाया और हमारी मुद्रा में शामिल किया. इस प्रतीक को डिजाइन करने वाले थिरु उदयकुमार, डीएमके के एक पूर्व विधायक के बेटे हैं. आप कितने मूर्ख हो सकते हैं, थिरु स्टालिन." बीजेपी नेता तमिलिसाई ने कहा कि रुपये का चिह्न बदलने वाले स्टालिन साहब को सबसे पहले अपना नाम बदलकर स्टालिन में करना चाहिए.   recent visitors 52

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने होली पर प्रदेशवासियों को दीं बधाई और शुभकामनाएं

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सत्य,अधर्म एवं अत्याचार पर भक्ति की जीत के प्रतीक पर्व होली पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों से होली की पवित्र अग्नि में सभी नकारात्मक तत्वों को समर्पित कर जीवन में मंगल और शुभता का वरदान मांगने का आव्हान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि होली पर हम सभी देश और समाज के प्रति अपने अमूल्य योगदान की सिद्धि का संकल्प लें।   recent visitors 27

चार साल में असम में पर्यटन में बेहतरीन वृद्धि हुई, 2021 से अब तक तीन करोड़ से ज्यादा घरेलू पर्यटक असम आए – सीएम सरमा

दिसपुर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि पिछले चार साल में असम में पर्यटन में बेहतरीन वृद्धि हुई है और पिछले चार साल में तीन करोड़ से ज़्यादा घरेलू पर्यटक असम आए हैं। सीएम सरमा ने कहा कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या भारत में एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में असम की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सुंदरता और बेहतर बुनियादी ढांचे ने पर्यटकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। असम बना पर्यटकों के लिए पसंदीदा राज्‍य उन्होंने कहा, “असम एक पसंदीदा पर्यटन स्थल बन गया है, जो पूरे देश से पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।” सरमा ने कहा कि घरेलू पर्यटकों के अलावा 2021 से अब तक 60,000 से ज़्यादा विदेशी पर्यटकों ने असम का दौरा किया है। अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की बढ़ती आमद पर्यटन क्षेत्र में राज्य की वैश्विक मौजूदगी को और भी ज़्यादा दिखाती है। काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के बाद पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि मुख्यमंत्री ने इस वृद्धि के लिए कनेक्टिविटी बढ़ाने, सांस्कृतिक स्थलों को संरक्षित करने और इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई सरकारी पहलों को श्रेय दिया। अपने हरे-भरे परिदृश्यों, काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान जैसे वन्यजीव अभ्यारण्यों और जीवंत त्योहारों के साथ असम लगातार देश में शीर्ष पर्यटन स्थल के रूप में पहचान बना रहा है। सरमा ने पहले कहा था कि पिछले साल यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व (केएनपीटीआर) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के बाद पर्यटकों की संख्या में भारी वृद्धि देखी गई है। पीएम मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में एक रात बिताई है पीएम मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में एक रात बिताई है। उन्होंने लोकसभा चुनाव शुरू होने से पहले मार्च के महीने में वहां का दौरा किया था। उन्होंने पार्क में हाथी और जीप सफारी का आनंद लिया। उन्होंने वन कर्मचारियों से भी बातचीत की और उन्हें पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के लिए कई सुझाव दिए। असम सरकार ने हाल ही में काजीरंगा में एक लक्जरी होटल स्थापित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं मुख्यमंत्री ने कहा, “हाल के दिनों में, असम में पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि देखी गई है, खासकर काजीरंगा में, जब प्रधानमंत्री मोदी विश्व धरोहर स्थल पर रात भर रुके थे।” असम सरकार ने हाल ही में काजीरंगा में एक लक्जरी होटल स्थापित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। सरमा ने दावा किया कि यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल में पर्यटकों की आमद बढ़ाने के लिए यह पहल की गई है। असम की हिमंत सरकार ने विज्ञापनों पर किए खर्च असम में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने भी विज्ञापन पर जमकर खर्च किया है. राज्य के सूचना और जनसंपर्क मंत्री पीयूष हजारिका ने आज  विधानसभा को बताया कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की सरकार ने पिछले चार वित्तीय सालों में विज्ञापनों पर 370 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं. हजारिका ने कहा कि साल 2016 से 2021 तक असम के मुख्यमंत्री रहे सर्बानंद सोनोवाल की अगुवाई वाली राज्य सरकार ने 2016-17 से 5 वित्तीय सालों में विज्ञापनों पर 125.6 करोड़ रुपये खर्च किए थे. पहले साल सरमा सरकार ने किए 73 करोड़ खर्च कांग्रेस विधायक अब्दुल बातिन खांडाकर की ओर से पूछे गए सवाल पर अपने लिखित जवाब में हजारिका ने कहा कि वर्तमान भारतीय जनता पार्टी सरकार ने 2021-22 से पिछले चार वित्तीय सालों के दौरान प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और आउटडोर मीडिया में विज्ञापनों पर कुल 372.33 करोड़ रुपये खर्च किए हैं.हिमंत बिस्वा सरमा ने मई 2021 में बीजेपी की अगुवाई वाली दूसरी असम सरकार के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला. बीजेपी के दोनों कार्यकाल के लिए साझा किए गए वर्षवार आंकड़ों से पता चला है कि 2020-21 में सोनोवाल सरकार ने 30.24 करोड़ रुपये खर्च किए थे, जबकि सरमा की ओर से राज्य में एनडीए सरकार के दूसरे कार्यकाल में पदभार संभालने के बाद अगले साल 72.83 करोड़ रुपये खर्च किए गए. असम में विज्ञापनों पर खर्च बढ़ता गया विधानसभा को जानकारी दी गई कि इसके बाद की अवधि में, सरमा सरकार की ओर से हर साल विज्ञापन के खर्च में बढ़ोतरी की जाती रही. अगले साल 2022-23 में खर्च बढ़कर 78.85 करोड़ रुपये हो गया जबकि 2023-24 में यह वृद्धि 160.92 करोड़ रुपये की हो गई. हजारिका ने सदन को बताया कि जारी वित्त वर्ष 2024-25 में अब तक सरकार द्वारा अलग-अलग प्रकार के विज्ञापनों के लिए 59.72 करोड़ रुपये का उपयोग किया गया है. निर्दलीय विधायक अखिल गोगोई के एक सवाल के जवाब मंत्री हजारिका ने कहा कि असम सरकार ने 2015-16 में विज्ञापनों पर 18.58 करोड़ रुपये खर्च किए थे, जो पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के कार्यकाल का अंतिम वित्तीय वर्ष था, जिसके बाद बीजेपी की सरकार आई और सोनोवाल ने उनकी जगह ली थी. अगले ही साल सोनोवाल सरकार का विज्ञापन खर्च बढ़कर 26.88 करोड़ रुपये हो गया.   recent visitors 41