Tuesday, July 7, 2026 2:44 am

लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत बेटियों को 30 हजार रुपए दे रही सरकार

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार लाड़ली बहना जैसी कई योजनाएं चला रही है जिससे कई महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। इस योजना के जरिए लाभार्थियों को 1250 रुपए सीधे उनके खाते में भेजे जा रहे हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कई मौकों पर यह भी कहा है कि जल्द ही योजना की राशि बढ़ाकर 3 हजार रुपए की जाएगी। ऐसी ही योजना प्रदेश की बेटियों के लिए सरकार चला रही है, जिसके तहत उन्हें 30 हजार रुपए दिए जा रहे हैं। इस योजना का नाम ‘लाड़ली लक्ष्मी योजना’ है। इसकी शुरुआत एमपी सरकार ने 01 अप्रैल 2007 से की थी। जानिए ‘लाड़ली लक्ष्मी योजना’ के बारे में ‘लाड़ली लक्ष्मी योजना’ के जरिए प्रदेश की बेटियों के स्वास्थ्य और शैक्षणिक स्तर में सुधार की कोशिशें की जा रही हैं। साथ ही  उनके अच्छे भविष्य की आधारशिला रखने के उद्देश्य से लाड़ली लक्ष्मी योजना मध्यप्रदेश में लागू की गई है। आइये जानते है कि यह योजना क्या है और इसका लाभ कौन और कैसे ले सकता है… लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत हर साल 6 हजार रुपए जमा करती है सरकार लाड़ली लक्ष्मी योजना के तहत बेटी के जन्म लेने के साथ ही सरकार उसके खाते में पैसे डालने शुरू कर देती है। जन्म के 5 साल तक हर साल इस योजना के तहत मध्यप्रदेश सरकार हर साल 6 हजार रुपये जमा करती है। इस प्रकार 5 साल में ये राशि 30 हजार रुपये हो जाती है। योजनान्तर्गत बेटियों को ऑनलाइन पंजीयन के बाद 1 लाख 43 हजार रुपए का दिया जाएगा प्रमाण पत्र। लाड़ली लक्ष्मी योजना में 21 की आयु पूरी करने पर मिलेंगे 1 लाख रुपए बच्चियों को कक्षा 6 में प्रवेश पर 2000 रुपए दिए जाएंगे। उसके बाद 9वी में प्रवेश पर 4000 रुपए मिलेंगे। कक्षा 11वी में प्रवेश पर 6000 रुपए और कक्षा 12वी में प्रवेश पर 6000 रुपए की छात्रवृत्ति दी जाएगी। लाड़ली बालिकाओं को कक्षा 12वीं के बाद स्नातक या व्यावसायिक पाठ्यक्रम में (पाठयक्रम अवधि न्यूनतम दो वर्ष) प्रवेश लेने पर 25000 रुपए की प्रोत्सा्हन राशि दो समान किश्तों में पाठ्यक्रम अवधि के पहले और अंतिम साल में दिए जाऐंगे। 100,000 की राशि का भुगतान 21 वर्ष की आयु पूरी करने पर किया जाएगा। लाड़ली लक्ष्मी योजना में यह रहेगी शर्त इस योजना में शर्त यह रहेगी कि हितग्राही बालिका कक्षा 12वीं की परीक्षा में सम्मिलित हो चुकी हो। अगर वह विवाहित है तो उसका विवाह, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 में उल्लेखित न्यूनतम विहित आयु पूर्ण करने के बाद हुआ हो। लाड़ली लक्ष्मी योजना की पात्रता बालिका का जन्म 1 जनवरी 2006 या उसके बाद हुआ हो बालिका स्थानीय आंगनवाड़ी केन्द्र में पंजीकृत हो माता-पिता मध्यप्रदेश के मूलनिवासी हों माता-पिता आयकर दाता न हो । recent visitors 37

पेट के ऊपरी हिस्से में होता है दर्द तो यह है गंभीर बीमारी का संकेत!

नई दिल्ली आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और गलत खान-पान सेहत पर बुरा असर डाल रहे हैं। खासकर खराब लाइफस्टाइल की वजह से लिवर से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। इनमें से एक आम समस्या फैटी लिवर है। यह तब होता है जब लिवर की कोशिकाओं में जरूरत से ज्यादा फैट जमा हो जाता है। अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है। कैसे होती है फैटी लिवर की समस्या? हम जो भी खाते-पीते हैं उसका सीधा असर हमारे लिवर, पेट, आंतों और किडनी पर पड़ता है। गलत खान-पान की वजह से लिवर में फैटी एसिड और ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर बढ़ जाता है जिससे लिवर में चर्बी जमा होने लगती है। आमतौर पर यह समस्या ज्यादा तला-भुना, ऑयली फूड और मीठा खाने से होती है। फैटी लिवर के लक्षण अगर आपका लिवर फैटी हो रहा है तो आपके शरीर में कुछ संकेत दिखने लगते हैं: ➤ पेट के आसपास चर्बी जमा होना ➤ चेहरे पर मुंहासे या त्वचा से जुड़ी समस्याएं ➤ आंखों और त्वचा का पीला पड़ना ➤ अत्यधिक थकान और कमजोरी महसूस होना ➤ त्वचा पर काले धब्बे दिखना अगर आपको इनमें से कोई भी लक्षण नजर आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और अपने खान-पान में सुधार करें।   फैटी लिवर के प्रकार फैटी लिवर मुख्य रूप से दो प्रकार का होता है: ➤ नॉन-अल्कोहोलिक फैटी लिवर (NAFLD) – यह अधिकतर गलत खान-पान और मोटापे की वजह से होता है। ➤ अल्कोहोलिक फैटी लिवर (AFLD) – यह अधिक शराब पीने से लिवर में चर्बी बढ़ने की वजह से होता है। ➤ अगर शुरुआत में ही इस समस्या को पहचाना जाए तो इसे आसान तरीकों से ठीक किया जा सकता है। फैटी लिवर से बचने के लिए डाइट में करें ये बदलाव फैटी लिवर को ठीक करने के लिए सही खान-पान बहुत जरूरी है। अगर आप प्राकृतिक उपायों को अपनाएंगे तो लिवर को स्वस्थ रखा जा सकता है। धनिया और इलायची की चाय – लिवर के लिए रामबाण इलाज धनिया और इलायची से बनी चाय लिवर को डिटॉक्स करने और उसकी सेहत सुधारने में मदद करती है। यह लिवर टॉनिक की तरह काम करती है और शरीर से फालतू चर्बी को हटाने में मदद करती है। कैसे बनाएं धनिया और इलायची की चाय? ✔ सामग्री: 1 मुट्ठी धनिया पत्तियां 3 इलायची 2 कप पानी ✔ बनाने का तरीका: : धनिया पत्तियों और इलायची को पीस लें। : एक पैन में 2 कप पानी डालकर गर्म करें। : इसमें पिसी हुई इलायची और धनिया पत्ती डालें। : पानी को तब तक उबालें जब तक यह आधा (1 कप) न रह जाए। :  इसे छानकर सुबह खाली पेट या रात को सोने से पहले पिएं।   धनिया और इलायची की चाय के फायदे ➤ लिवर को डिटॉक्स करती है ➤ पाचन क्रिया को बेहतर बनाती है ➤ ब्लड शुगर कंट्रोल करती है ➤ इम्यूनिटी को मजबूत करती है ➤ लिवर को रिपेयर करने में मदद करती है इलायची में मौजूद डिटॉक्सिफाइंग एजेंट शरीर से गंदगी को बाहर निकालने में मदद करते हैं। साथ ही यह लिवर एंजाइम्स को सक्रिय कर लिवर के काम को आसान बनाती है। फैटी लिवर से बचने के लिए जरूरी टिप्स ➤ तला-भुना और ज्यादा मीठा खाने से बचें ➤ ज्यादा पानी पिएं और डिटॉक्स ड्रिंक्स अपनाएं ➤ रोजाना हल्का व्यायाम और योग करें ➤ शराब और धूम्रपान से दूर रहें ➤ फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर चीजें खाएं अगर आप सही खान-पान और स्वस्थ जीवनशैली अपनाते हैं तो फैटी लिवर को आसानी से ठीक किया जा सकता है। धनिया और इलायची की चाय लिवर को साफ करने और फैटी लिवर से बचाने में मदद कर सकती है। अगर आपको लिवर से जुड़ी कोई समस्या महसूस हो तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।   recent visitors 41

राजस्थान रॉयल्स के कप्तान संजू सैमसन इस समय चर्चा में, उन्होंने आईपीएल के नियमों को लेकर एक बड़ी बात कही

नई दिल्ली राजस्थान रॉयल्स के कप्तान संजू सैमसन इस समय चर्चा में हैं। दरअसल, उन्होंने आईपीएल के नियमों को लेकर एक बड़ी बात कही है। बता दें कि जोस बटलर को आईपीएल 2025 के लिए राजस्थान ने रिलीज कर दिया था, यानी वह अब राजस्थान की टीम से खेलते हुए नजर नहीं आएंगे। संजू सैमसन और जोस बटलर बेहद करीबी दोस्त हैं। ऐसे में, जब संजू सैमसन से जोस बटलर को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने बड़ा बयान दिया। दरअसल, उन्होंने कहा कि राजस्थान रॉयल्स के लिए जोस बटलर को रिलीज करना सबसे मुश्किल फैसला था। सैमसन ने कहा, “जोस बटलर मेरे सबसे करीबी दोस्तों में से एक हैं। जब भी मुझे जरूरत होती है, मैं उनके पास जाकर बात करता हूं। वह मुझे बड़े भाई की तरह समझते हैं। उन्होंने मुझे अच्छा कप्तान बनने में बड़ी मदद की है।” आईपीएल का यह नियम बदलना चाहते हैं राजस्थान रॉयल्स के कप्तान संजू सैमसन, जानिए क्या है कारण? आईपीएल में यह नियम बदल देता: संजू सैमसन दरअसल, जोस बटलर के राजस्थान रॉयल्स से बाहर जाने के बाद अब संजू सैमसन का कहना है कि “जोस बटलर को जाने देना मेरे लिए सबसे चुनौतीपूर्ण फैसलों में से एक था। मैं अब भी इससे उबर नहीं पाया। इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई सीरीज में मैंने उनसे कहा था कि अगर मैं आईपीएल में कुछ बदल सकता, तो मैं हर तीन साल में खिलाड़ियों को रिलीज करने का नियम बदल देता।” बता दें कि हाल ही में इंग्लैंड और भारत के बीच खेली गई सीरीज में संजू सैमसन भी टीम का हिस्सा थे। इस दौरान संजू सैमसन और जोस बटलर के बीच यह बातचीत हुई थी। हालांकि, अब आईपीएल 2025 में जोस बटलर और संजू सैमसन एक टीम में खेलते हुए नजर नहीं आएंगे। राहुल द्रविड़ को लेकर बोले सैमसन दरअसल, संजू सैमसन ने कहा, “मैं और जोस बटलर ने सात साल तक एक साथ खेला है। वह मेरे बड़े भाई की तरह हैं। जब भी मुझे कोई दिक्कत होती थी, तो मैं जोस से बात करता था।” इस दौरान, संजू सैमसन ने कोच राहुल द्रविड़ की वापसी पर भी बात की। उन्होंने कहा, “राहुल द्रविड़ वहीं थे, जिन्होंने ट्रायल्स में मुझे पहचाना। वह मेरे पास आए और उन्होंने कहा क्या तुम मेरी टीम के लिए खेलोगे? तब से लेकर आज तक मैं इस फ्रेंचाइजी का कप्तान हूं। ऐसे में, जब राहुल सर वापस आ रहे हैं, तो यह बेहद अच्छी खबर है।” recent visitors 35

26 मार्च को राज्य मुख्य सूचना आयुक्त के लिए साक्षात्कार: 114 आवेदनकर्ताओं ने आवेदन किया प्रस्तुत, 33 लोगों को किया आमंत्रित

रायपुर छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त के पद के लिए 26 मार्च को साक्षात्कार बुलाया गया है. अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया है. राज्य मुख्य सूचना आयुक्त के पद के लिए 114 आवेदनकर्ताओं ने आवेदन प्रस्तुत किया है. सर्च समिति ने आवेदनों की प्रारंभिक स्क्रूटनी के बाद 33 लोगों को साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया है. उच्चतम न्यायालय द्वारा 7 जनवरी 2025 को जारी निर्देश के अनुसार, राज्य मुख्य सूचना आयुक्त की नियुक्ति के लिए प्राप्त आवेदनों के संबंध में मापदण्ड तय कर परीक्षण कर अनुशंसा देने के लिए गठित सर्च कमेटी की 5 मार्च को बैठक हुई. गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ की अध्यक्षता में हुई बैठक में निहारिका बारिक, सोनमणि बोरा और अविनाश चम्पावत उपस्थित हुए. बैठक में राज्य मुख्य सूचना आयुक्त के पद के लिए 114 आवेदनकर्ताओं से प्राप्त आवेदन की प्रारंभिक स्क्रूटनी की गई. समिति ने आवेदनों की संख्या अधिक होने के कारण विधि विज्ञान और प्रोद्योगिकी, समाजसेवा, प्रबंध, पत्रकारिता, जनसंपर्क या प्रशासन और शासन में 30 वर्ष या उससे अधिक अनुभव वाले 65 वर्ष से कम आयु के आवेदनकर्ताओं को ही 26 मार्च को नवा रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस में साक्षात्कार के लिए आमंत्रित करना का फैसला लिया. साक्षात्कार के लिए जिन्हें आमंत्रित किया आलोक चंद्रवंशी, अमिताभ जैन, अमृत, आनंद ए वर्गिस, अशोक जुनेजा, धनवेन्द्र जयसवाल, दुर्गेश माधव अवस्थी, घनाराम साहू, केदार नाथ शर्मा, ललित कुमार सोनी, मनोज राय, नरेंद्र बंगाले, नरेन्द्र कुमार शुक्ल, प्रदीप शर्मा, प्रह्लाद कुमार निषाद, प्रमोद ब्रह्मभट्ट, राजेंद्र प्रसाद मंडल, राजेश कुमार सिंह, राजेश कुमार श्रीवास्तव, रजनीश चंद्राकर, रूद्र अवस्थी, संदीप कुमार श्रीवास्तव, संजय कुमार पांडे, संजय कुमार अलंग, संजय पिल्ले, संतोष कुमार शर्मा, सरनजीत कौर, सुरेंद्र कुमार पांडे, सुरेंद्र कुमार, त्रिलोक चंद महावर, उमेश कुमार अग्रवाल, विवेक लांडे, विवेक वार्ष्णेय recent visitors 30

इस गांव के लोग आज भी सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे बुनियादी सुविधाओं से वंचित

खैरागढ़ भारत जहां एक तरफ लगातार विकास की सीढ़ियां चढ़ रहा है, वहीं छत्तीसगढ़ का एक गांव आजादी के 75 साल बाद भी रौशनी और मूलभूत सुविधाओं से वंचित है. यह गांव  मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित है. यहां ग्रामीण पहले नक्सलियों के दहशत के साये में जीते रहे. आईटीबीपी कैंप की स्थापना के बाद यहां लोगों को सुरक्षा तो मिली, लेकिन सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे बुनियादी सुविधाओं के लिए आज भी तरस रहे हैं. वहीं सड़क बनाने के नाम पर ठकेदारों ने अधिकारियों के साथ सांठ-गांठ कर केवल मिट्टी पाटी और सरकारी पैसे गबन कर लिए. बता दें, घने जंगलों के बीच स्थित होने के कारण कतेमा गांव पहले नक्सलियों का गढ़ माना जाता था, लेकिन आईटीबीपी (भारत-तिब्बत सीमा पुलिस) कैंप स्थापित होने के बाद नक्सल गतिविधियों पर बहुत हद तक लगाम लगी है. इसके बावजूद सरकारी योजनाएं इस गांव तक पहुंचने में नाकाम साबित हो रही हैं. आजादी के 75 साल बाद भी अंधेरे में ग्रामीणों का जीवन देश में चंद्रयान से लेकर बुलेट ट्रेन तक की चर्चा हो रही है, लेकिन कटेमा के लोगों को आज तक बिजली तक नसीब नहीं हुई. यहां 27 परिवारों में 156 लोग निवास करते हैं, लेकिन आज भी वे लालटेन और लकड़ी जलाकर रातें गुजारने को मजबूर हैं. बिजली के अभाव में टीवी, मोबाइल चार्जिंग और अन्य आधुनिक सुविधाएं यहां सपना ही लगती हैं. कुछ साल पहले गांव में सोलर पैनल लगाए गए थे लेकिन अब वो भी जर्जर हो चुके हैं.यहाँ के ग्रामीणों का जीवन बेहद कठिन है. राशन लेने के लिए 16 किलोमीटर जंगल के रास्ते पैदल चलना पड़ता है, क्योंकि यहां कोई दुकान या राशन केंद्र नहीं है. शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति दयनीय गांव में सिर्फ 5वीं तक की पढ़ाई की सुविधा है, इसके आगे की पढ़ाई के लिए बच्चों को 40 किलोमीटर दूर महाराष्ट्र जाना पड़ता है. स्वास्थ्य सेवाओं का भी यही हाल है, गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक नहीं है, जिससे ग्रामीणों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है. कई बार बीमारों को जंगल के रास्ते खाट पर लादकर अस्पताल ले जाना पड़ता है. आईटीबीपी कैंप खुलने के बाद से प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधा तो कैंप में मिल जाती है लेकिन बड़ी बीमारी के इलाज के लिए आज भी लोग भटकते रहते हैं. सड़क निर्माण में घोटाला, आधा पैसा खा गए ठेकेदार-अधिकारी सरकार ने कटेमा से घाघरा तक 11 किलोमीटर सड़क बनाने की योजना तैयार की थी, लेकिन यह भी भ्रष्टाचार का शिकार हो गई. आधा भुगतान पहले ही कर दिया गया, लेकिन सड़क का एक इंच भी निर्माण नहीं हुआ. ठेकेदार और अधिकारियों ने मिलीभगत करके सिर्फ जंगल की मिट्टी खोदकर सड़क पर डाल दी और सरकारी राशि हड़प ली. इतना ही नहीं, सड़क निर्माण में काम करने वाले मजदूरों को उनकी मजदूरी तक नहीं दी गई. गांव वालों का कहना है कि अगर यह सड़क ठीक से बन जाए, तो उनके लिए राशन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाएं थोड़ी सुलभ हो सकती हैं. लेकिन, अधिकारियों और ठेकेदारों की लूट ने उनके इस छोटे-से सपने को भी तोड़ दिया. आईटीबीपी कैंप के बाद सुरक्षा सुधरी, लेकिन सुविधाएं जस की तस एक साल पहले कटेमा में आईटीबीपी कैंप की स्थापना की गई थी, जिससे गांव में नक्सली गतिविधियां कम हुई हैं. अब ग्रामीण पहले की तुलना में ज्यादा सुरक्षित महसूस कर रहे हैं, लेकिन मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण उनका जीवन अब भी कठिन बना हुआ है. सरकार हर गांव तक विकास पहुंचाने के दावे करती है, लेकिन कटेमा की हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है. क्या सरकार और प्रशासन इस गांव की सुध लेंगे, या कटेमा के लोग हमेशा की तरह अपने हक के लिए तरसते रहेंगे? जानिए क्या कहते हैं जिम्मेदार: इस मामले में  खैरागढ़ के उप वनमंडलाधिकारी मोना माहेश्वरी ने लल्लूराम डॉट कॉम को बताया कि सड़क निर्माण में गड़बड़ी का मामला सामने आया है, इसकी जांच कराई जा रही है जल्दी ही कार्रवाई की जाएगी. वहीं सरपंच कमलेश वर्मा ने बताया कि लंबी घाटी और पहाड़ी के चलते अब तक कटेमा में बिजली नहीं पहुंच पाई है, लेकिन सरकार ने बिजली पहुचाने की पूरी तैयारी अब कर ली है जल्दी ही कटेमा में बिजली की व्यवस्था हो जाएगी. कटेमा, लक्षना ग्राम पंचायत का आश्रित गांव है सड़क भी पिछले पंचवर्षीय योजना में बनी थी, लेकिन अब जर्जर हो गई हैं. इसका भी काम जल्द किया जाएगा. बड़ी पहाड़ियों और खराब रास्तो के चलते अब तक यहां का विकास रुका हुआ था, लेकिन अब जल्दी ही कटेमा में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हो जाएगी. recent visitors 30

कई समस्याओं का एक ही समाधान विटामिन-ई

क्या आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन रिजल्ट नहीं मिल रहा? या फिर आपकी स्किन बेजान और रूखी हो गई है? अगर हां, तो विटामिन-ई आपकी कई समस्याओं का एक ही समाधान हो सकता है! इसे सिर्फ एक विटामिन मत समझिए, यह एक सुपरफूड की तरह काम करता है- वजन घटाने से लेकर ग्लोइंग स्किन, मजबूत बालों और इम्युनिटी बढ़ाने तक, यह हर तरह से फायदेमंद है। बस जरूरत है इसे सही तरीके से अपने लाइफस्टाइल में शामिल करने की। तो चलिए, बिना देर किए जानते हैं कि Vitamin E आपके शरीर के लिए कितना जरूरी है और इसे किस तरह अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। वेट लॉस में कैसे मदद करता है Vitamin E? अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो विटामिन E आपकी जर्नी को आसान बना सकता है।     मेटाबॉलिज्म बूस्ट करता है: यह शरीर के फैट-बर्निंग प्रोसेस को तेज करता है।     एनर्जी लेवल बढ़ाता है: जिससे एक्सरसाइज के दौरान आप ज्यादा एक्टिव रहते हैं।     पाचन को बेहतर बनाता है: जिससे शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और फैट लॉस आसान हो जाता है। त्वचा को हेल्दी और ग्लोइंग बनाए Vitamin E आपकी स्किन के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह एक नेचुरल एंटी-एजिंग एजेंट है जो झुर्रियों और डलनेस को दूर करता है।     स्किन को हाइड्रेट करता है: ड्राई और रफ स्किन को मुलायम बनाता है।     फ्री रेडिकल्स से बचाव करता है: जिससे एजिंग के निशान जल्दी नहीं दिखते।     सन डैमेज से प्रोटेक्ट करता है: सूरज की हानिकारक किरणों से स्किन को बचाता है। मिलते हैं मजबूत और घने बाल अगर आपके बाल झड़ रहे हैं या रूखे-सूखे हो गए हैं, तो Vitamin E एक बेहतरीन उपाय हो सकता है।     बालों को जड़ों से मजबूत करता है     स्कैल्प में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है     डैंड्रफ और स्कैल्प इन्फेक्शन से बचाता है इम्युनिटी को करे बूस्ट आज के समय में बीमारियों से बचने के लिए इम्यून सिस्टम को मजबूत रखना बहुत जरूरी है। विटामिन E एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और हमें इंफेक्शन से बचाने में मदद करता है। आंखों के लिए फायदेमंद क्या आपकी आंखें जल्दी थक जाती हैं या कमजोर हो रही हैं? Vitamin E आंखों की हेल्थ के लिए बहुत जरूरी है। यह रेटिना को हेल्दी रखता है और मोतियाबिंद (Cataract) जैसी समस्याओं से बचाने में मदद करता है। किन फूड्स से मिलता है Vitamin E? अगर आप नेचुरल तरीके से Vitamin E लेना चाहते हैं, तो अपनी डाइट में यहां बताई 5 चीजें शामिल कर सकते हैं।     अवोकाडो: स्किन और हेल्थ दोनों के लिए फायदेमंद     बादाम और अखरोट: ब्रेन और हड्डियों के लिए जरूरी     सूरजमुखी के बीज: बालों और त्वचा के लिए बेस्ट     ब्रोकली और पालक: इम्युनिटी और हेल्थ को बूस्ट करने के लिए     ऑलिव ऑयल: हेल्दी फैट और ग्लोइंग स्किन के लिए   recent visitors 37

30 मार्च से सर्वार्थसिद्धि योग में चैत्र नवरात्र की होगी शुरुआत, आठ दिन का रहेगा पर्वकाल

 चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर 30 मार्च को देवी आराधना का पर्व चैत्र नवरात्र का आरंभ होगा। तिथि मतांतर से इस बार नवरात्र आठ दिन के रहेंगे। खास बात यह है कि महापर्व के दौरान चार दिन रवियोग तथा तीन दिन सर्वार्थसिद्धि योग का संयोग रहेगा। साधना, आराधना की दृष्टि से यह योग बेहद महत्वपूर्ण है। इन योगों में की गई साधना साधक, आराधक को शुभ व मनोवांछित फल प्रदान करती है। ज्योतिषाचार्य पं. अमर डब्बावाला ने बताया चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर 30 मार्च को रविवार के दिन वासंती नवरात्र का आरंभ होगा। सर्वार्थसिद्धि योग होने से इसकी शुभता और बढ़ी इस दिन रेवती नक्षत्र, बव करण तथा मनी राशि उपरांत मेष राशि का चंद्रमा रहेगा। पंचांग के इन पांच अंगों की मौजूदगी में घट स्थापना का अनुक्रम रहेगा। रेवती पंचक का नक्षत्र है, ऐसे में नवरात्र में की गई देवी की साधना, आराधना पांच गुना शुभफल प्रदान करेगी। इस दिन सर्वार्थसिद्धि योग होने से इसकी शुभता और भी बढ़ गई है। क्योंकि सर्वार्थसिद्धि योग सभी प्रकार की सिद्धि प्रदान करने वाला मना गया है। रेवती नक्षत्र से आरंभ साधना 5 गुना शुभ फल प्रदान करेगी इस बार नवरात्र का आरंभ और रेवती नक्षत्र में होने से यह विशेष फल प्रदान करेगी क्योंकि रेवती नक्षत्र पंचक का पांचवां नक्षत्र माना जाता है। पांचवां नक्षत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से आरंभ होता है, तो विशेष कल्याणकारी माना गया है। अलग-अलग प्रकार के धर्म ग्रंथो में विशेष कर मुहूर्त चिंतामणि में इसका उल्लेख दिया गया है। इस दृष्टि से भी नवरात्र के दौरान की गई साधना विशेष फल प्रदान करेगी। तिथि का क्षय होने से 8 दिन की नवरात्रि इस बार नवरात्र आठ दिनों के रहेंगे। अलग-अलग पंचांगों में तिथि को लेकर के अलग-अलग प्रकार की गणना में बताया गया है। कुछ पंचांगों में तृतीया, कुछ पंचांग में द्वितीया तथा कुछ पंचांग में तृतीया व चतुर्थी संयुक्त दी गई है। इस दृष्टि से गणना का अलग-अलग प्रभाव दिया गया है। वर्षभर में चार नवरात्र विशेष पं.डब्बावाला ने बताया देवी की साधना, आराधना के लिए वर्षभर में चार नवरात्र विशेष माने गए हैं। इनमें दो प्राकट्य व दो गुप्त नवरात्र बताए हैं। चैत्र व शारदीय नवरात्र को प्राकट्य नवरात्र कहा जाता है। वहीं माद्य व आषाढ़ मास के नवरात्र गुप्त नवरात्र कहे गए हैं। लोकमान्यता में चैत्र नवरात्र बड़ी नवरात्र है, क्योंकि यह सृष्टि के आरंभ का दिन है। उज्जैन के लिए यह नवरात्र विशेष है, क्योंकि इसी दिन नगर दिवस भी मनाया जाता है। हरसिद्धि में प्रज्वलित होगी दीपमालिका देश के 52 शक्तिपीठों में से एक शक्तिपीठ हरसिद्धि मंदिर में चैत्र नवरात्र में देवी का नित नया श्रृंगार होगा। शाम को गोधूलि वेला में दीपमालिका प्रज्वलित की जाएगी। सिद्धपीठ गढ़कालिका माता मंदिर में भी दीपमालिका प्रज्वलित होगी। भक्त माता गढ़कालिका की कुमकुम पूजा करेंगे। शहर के अन्य देवी मंदिरों में दर्शनार्थियों का तांता लगा रहेगा। recent visitors 41