Tuesday, July 7, 2026 3:52 am

जेपी नड्डा के बाद किसे मिलेगी BJP की बागडोर ? कप्तान बनने की रेस में ये 7 नाम

  नईदिल्ली   भारतीय जनता पार्टी अपना अगला अध्यक्ष चुनने जा रही है। हालांकि, पार्टी शीर्ष पद के लिए किसे चुनेगी, कैसे चुनेगी और कब चुनेगी, यह अब तक साफ नहीं हो सका है। फिलहाल, भाजपा की कमान केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के हाथों में है। अटकलें हैं कि पार्टी इन 7 नेताओं में से किसी के नाम पर मुहर लगा सकती है। 4 आधार: पहला- क्षेत्र पार्टी तमिलनाडु और केरल में विस्तार की कोशिश में लंबे समय से जुटी हुई है। ऐसे में माना जा रहा है कि भाजपा दक्षिण भारत से ही किसी नेता को यह पद सौंप सकती है। कर्नाटक में पार्टी दोबारा सरकार बनाने में असफल रही थी, लेकिन लोकसभा में केरल से खाता खोलने में सफल रही है। दूसरा- जेंडर भाजपा के इतिहास में हमेशा कप्तान पुरुष रहा है। अब हाल ही में रेखा गुप्ता के रूप में दिल्ली को महिला मुख्यमंत्री देने वाली पार्टी रुख में बदलाव कर सकती है और महिला प्रमुख का चुनाव कर सकती है। वहीं, पार्टी हाल के कई चुनावों में महिलाओं से जुड़े मुद्दों को केंद्र में रखती नजर आई है। तीसरा- वफादारी और अनुभव संगठन का तजुर्बा भी अध्यक्ष के चुनाव में बड़ा फैक्टर साबित हो सकता है। ऐसे में पार्टी किसी युवा चेहरे के बजाए वरिष्ठ नेता का चुनाव कर सकती है। चौथा- संघ की मुहर महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली में हुए विधानसभा चुनाव की बड़ी जीत में राष्ट्रीय स्वयं सेवक की भूमिका अहम मानी जा रही है। कहा जा रहा है कि पार्टी के शीर्ष पद पर नेता चुनने के लिए संघ की मुहर भी अहम साबित होगी। जी किशन रेड्डी 4 दशक से ज्यादा समय से भाजपा का हिस्सा केंद्रीय मंत्री रेड्डी को इस दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है। दक्षिण भारत से भाजपा को आखिरी अध्यक्ष एम वेंकैया नायडू के रूप में मिला था। वह तेलंगाना भाजपा के अध्यक्ष भी हैं। उनके साथ ही बंडी संजय कुमार का नाम भी चर्चा में है। वनथि श्रीनिवासन और डी पुरंदेश्वरी श्रीनिवासन तमिलनाडु से आती हैं और वह भाजपा की महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उन्होंने 2021 विधानसभा चुनाव में कोयंबटूर दक्षिण से कमल हासन को मात दी थी। खास बात है कि राज्य में 2026 में चुनाव होने हैं। वहीं, आंध्र प्रदेश भाजपा की चीफ और सांसद पुरंदेश्वरी को 'दक्षिण की सुषमा स्वराज' कहा जाता है। वह राज्य के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की रिश्तेदार हैं। धर्मेंद्र प्रधान और भूपेंद्र यादव भाजपा के अहम रणनीतिकारों में शुमार प्रधान और यादव को इस रेस में गिना जा रहा है। 2024 में ही भाजपा ने ओडिशा में जीत हासिल की है और इससे पहले पूर्व से कभी कोई नेता संगठन के शीर्ष पद तक नहीं पहुंचा। महाराष्ट्र चुनाव के प्रभारी के तौर पर यादव ने भाजपा को बड़ी जीत दिलाई थी। साथ ही वह 2017 में उत्तर प्रदेश के प्रभारी भी थे। मनोहर लाल खट्टर और शिवराज सिंह चौहान दोनों ही नेता पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं और माना जाता है कि उन्हें आरएसएस का समर्थन भी हासिल है। एक ओर जहां हरियाणा के पूर्व सीएम खट्टर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करीबी माना जाता है। वहीं, मुख्यमंत्री के तौर पर कई बार मध्य प्रदेश की कमान संभाल चुके शिवराज सिंह चौहान का लंबा अनुभव है। recent visitors 45

SIP निवेश वित्त वर्ष 25 में अब तक 32 प्रतिशत बढ़कर 2.63 लाख करोड़ रुपये रहा

नई दिल्ली भारत में सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) निवेश वित्त वर्ष 2024-25 के पहले 11 महीने (अप्रैल-फरवरी अवधि में) में 2,63,426 करोड़ रुपये रहा है। यह जानकारी एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) द्वारा  जारी डेटा से मिली।    एसआईपी निवेश वित्त वर्ष 25 में अब तक 32 प्रतिशत बढ़कर 2.63 लाख करोड़ रुपये रहा   यह आंकड़ा एसआईपी निवेश में सालाना आधार पर 32.23 प्रतिशत की बढ़त को दिखाता है। पूरे वित्त वर्ष 24 में एसआईपी के जरिए निवेश 1,99,219 करोड़ रुपये था। एसआईपी निवेश में बढ़ोतरी बाजार में निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दिखाता है। फरवरी 2025 में एसआईपी निवेश 25,999 करोड़ रुपये रहा है, जो कि जनवरी 2025 में 26,400 करोड़ रुपये था। एम्फी के डेटा के मुताबिक, फरवरी में 44.56 लाख नई एसआईपी शुरू हुई हैं एम्फी के डेटा के मुताबिक, फरवरी में 44.56 लाख नई एसआईपी शुरू हुई हैं। हालांकि, इस दौरान 55 लाख के करीब एसआईपी बंद भी हुई हैं। लगातार बढ़ते निवेश के कारण एसआईपी एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) बढ़कर 12.38 लाख करोड़ रुपये हो गया है, जो कि म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के कुल एसेट्स के 19.2 प्रतिशत के बराबर है।  शुद्ध निवेश लगातार 48वें महीने सकारात्मक रहा एम्फी द्वारा प्रस्तुत नए आंकड़ों से पता चला है कि फरवरी के दौरान 8.26 करोड़ एसआईपी खातों ने निवेश में सक्रिय योगदान दिया। मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के नेहल मेश्राम के अनुसार, घरेलू निवेशकों ने फरवरी 2025 में इक्विटी-ओरिएंटेड म्यूचुअल फंड में अपनी मजबूत भागीदारी जारी रखी है। इससे इस सेगमेंट में शुद्ध निवेश लगातार 48वें महीने सकारात्मक रहा है।  प्रतिकूल परिस्थितियों ने निवेश प्रवाह को कम कर दिया है बाजार में हालिया अस्थिरता के बावजूद, दीर्घकालिक निवेशक अपनी निवेश रणनीतियों के प्रति प्रतिबद्ध हैं, जो बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच अनुशासित निवेश के महत्व को दर्शाता है। मेश्राम ने आगे कहा, “हालांकि, छोटी अवधि में प्रतिकूल परिस्थितियों ने निवेश प्रवाह को कम कर दिया है, लेकिन निरंतर निवेश से संकेत मिलता है कि घरेलू निवेशकों का विश्वास मजबूत बना हुआ है।” recent visitors 46

लड़कों की मोबाइल की वजह से नहीं हो रही शादी! MP के इस गांव में लोगों के सामने अजीबोगरीब समस्या

सिवनी मोबाइल की वजह से पति-पत्नी में अनबन की खबरें तो आपने खूब सुनी होंगी लेकिन एक ऐसा इलाका है जहां मोबाइल की वजह से ही लड़कों की शादी नहीं हो पा रही है. ये इलाका है सिवनी जिले के कुरई ब्लॉक में आने वाले नएगांव का. नयागांव एक वनग्राम है जो पेंच टाइगर रिजर्व के बफर जोन में आता है. यहां कुंवारे लड़कों की तादाद बढ़ती जा रही है. कोई भी यहां अपनी लड़की की शादी करने के लिए तैयार नहीं होता. वजह है मोबाइल नेटवर्क का ना होना. नएगांव में किसी भी टेलीकॉम कंपनी का नेटवर्क नहीं मिलता. लोगों के पास मोबाइल तो हैं लेकिन बात करने के लिए गांव से तीन किमी दूर जाना पड़ता है, तब जाकर फोन पर बात हो पाती है. गांव के कुछ लड़के इसीलिए कमाने महाराष्ट्र के नागपुर चले गए हैं. नहीं हो रही गांव के युवकों की शादी गांव की रहने वाली श्यामा बाई अपने 29 साल के बेटे की शादी के लिए परेशान हैं. श्याम बाई बताती हैं कि बहुत परेशानी होती है. कोई भी लड़की नहीं दे रहे हैं. लड़की वाले बोलते हैं कि यहां नेटवर्क नहीं मिलता. फोन नहीं लगता. मेरे दो लड़कों की शादी तो हो गई लेकिन छोटा लड़का, जो 29 साल का है, उसकी शादी में परेशानी आ रही है. लड़की वाले बोलते हैं यहां नेटवर्क नहीं है. गांव के ही डुलम सिंह कुंजाम बताते हैं कि नेटवर्क नहीं आता है इसीलिए कोई लड़की देना नहीं चाहता. यह समस्या सभी के साथ है. लड़की मांग रहे हैं, सामने वाला लड़की नहीं दे रहा है. बोलते हैं हमारी लड़की से कैसे बात करेंगे. डिलीवरी के समय एम्बुलेंस को कॉल करने भी दूर जाना पड़ता है. 'रिचार्ज कराते हैं लेकिन इस्तेमाल के लिए दो किमी दूर जाना पड़ता है' गांव के युवा तो नेटवर्क ना होने की वजह से सबसे ज़्यादा नाराज भी हैं और परेशान भी. 29 साल के चैतलाल उइके बताते हैं यहां नेटवर्क नहीं होता है और आज के जमाने में मोबाइल के बिना जिंदगी नहीं चल पाती है. हर जगह नेटवर्क होना चाहिए. मोबाइल में रिचार्ज कराते हैं और इस्तेमाल करने दो किमी दूर जाना पड़ता है. बच्चे ऑनलाइन नहीं पढ़ पाते हैं. किसी को इमरजेंसी में हमसे बात करनी हो, कोई मर भी जाए तो भी यहां फोन नहीं आएगा. शिकायत करते हैं तो बोलते हैं फॉरेस्ट का गांव है तो नहीं बनेगा. हम तो यहां के निवासी हैं, क्यों नहीं बनेगा. बीएसएनएल लगा रहा है टावर करीब 650 लोगों की आबादी वाले इस गांव में मोबाइल नेटवर्क ना होने की वजह से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से लेकर स्कूल के शिक्षकों तक के काम अटक जाते हैं. पेंच टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर रजनीश कुमार सिंह ने बताया कि कवरेज विहीन गांवों के लिए केंद्र सरकार की योजना के तहत बीएसएनएल टावर लगा रहा है. कुछ दिन पहले चार गांवों में टावर लग चुके हैं. दूसरे चरण में इस गांव का नाम हो सकता है.   recent visitors 33

जानें कब है पापमोचनी एकादशी

एकादशी तिथि जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित है. चैत्र माह के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली पापमोचनी एकादशी व्रत का खास महत्व है. मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु और धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा करने से व्यक्ति को जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिलती है. साथ ही भगवान विष्णु का आशीर्वाद प्राप्त होता है. तो आइए जान लेते हैं कि इस बार पापमोचनी एकादशी का व्रत कब किया जाएगा. पापमोचनी एकादशी कब है वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 25 मार्च को सुबह के 05 बजकर 05 मिनट शुरू हो रही है और तिथि का समापन 26 मार्च को सुबह में 03 बजकर 45 मिनट पर होने वाला है. उदया तिथि के अनुसार एकादशी का व्रत 25 मार्च को रखा जाएगा. पापमोचनी एकादशी पूजा विधि     पापमोचनी एकादशी के दिन व्रत एवं पूजन करने के लिए सुबह उठकर पवित्र स्नान करें.     भगवान विष्णु के समक्ष व्रत का संकल्प लें.     इसके बाद अपने घर व पूजा घर को साफ करें.     एक चौकी पर भगवान श्री हरि विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें.     भगवान का पंचामृत से स्नान करवाएं.     पीले फूलों की माला अर्पित करें.     हल्दी या गोपी चंदन का तिलक लगाएं.     पंजीरी और पंचामृत का भोग लगाएं.     विष्णु जी का ध्यान करें.     पूजा में तुलसी पत्र अवश्य शामिल करें.     आरती से पूजा को समाप्त करें.     पूजा के दौरान हुई गलतियों के लिए क्षमा मांगे.     अगले दिन पूजा के बाद प्रसाद से अपना व्रत खोलें. पापमोचनी एकादशी व्रत पारण समय पापमोचनी एकादशी व्रत का पारण अगले दिन 26 मार्च को द्वादशी तिथि पर दोपहर के 01 बजकर 41 मिनट पर किया जाएगा और शाम 04 बजकर 08 मिनट तक है. इस दौरान व्रती अपने व्रत का पारण कर सकते हैं. स्नान-ध्यान कर विधि-विधान से पहले लक्ष्मी नारायण की पूजा अर्चना कर. व्रत खोल सकते हैं. recent visitors 42

अमृत स्टेशन योजना के तहत विदिशा एवं साँची रेलवे स्टेशनों का होगा कायाकल्प, बनेगें देश के आधुनिक स्टेशन

 विदिशा / साँची विदिशा एवं साँची रेलवे स्टेशनों का अधिकारियों ने निरीक्षण किया। ये दोनों स्टेशन “अमृत स्टेशन योजना” के तहत पुनर्विकास के अंतर्गत हैं, और इस निरीक्षण का उद्देश्य निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेना था। विदिशा रेलवे स्टेशन का निरीक्षण – यात्री सुविधाओं एवं पुनर्विकास कार्यों की समीक्षा निरीक्षण के दौरान डीआरएम एवं पीसीई ने विदिशा रेलवे स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने प्लेटफार्म विस्तार, यात्री प्रतीक्षालय, फुट ओवर ब्रिज, लिफ्ट एवं एस्केलेटर की प्रगति का मूल्यांकन किया। इसके अलावा, स्टेशन पर यात्री सूचना प्रणाली, पेयजल सुविधाओं एवं स्वच्छता व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया गया। डीआरएम देवाशीष त्रिपाठी ने बताया कि अमृत स्टेशन योजना के तहत विदिशा स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किया जाए और गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। साँची रेलवे स्टेशन का निरीक्षण – ऐतिहासिक शहर में उन्नत रेलवे सुविधाओं की दिशा में कदम इसके बाद निरीक्षण दल साँची रेलवे स्टेशन पहुंचा, जहां स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों का गहन निरीक्षण किया गया। साँची, जो अपने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है, यहां स्टेशन को विश्व स्तरीय सुविधाओं से युक्त किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने निर्माणाधीन यात्री हॉल, स्वच्छता सुविधाएं, टिकट काउंटर, पार्किंग एरिया और स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। प्रमुख मुख्य अभियंता अशुतोष ने कहा कि साँची रेलवे स्टेशन को आधुनिक स्वरूप प्रदान करने के साथ-साथ इसकी ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित रखते हुए सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि कार्यों में पर्यावरणीय पहलुओं एवं यात्रियों की आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाए। जल्द पूरा होगा काम विदिशा एवं साँची स्टेशन के पुनर्विकास कार्य प्रगति पर हैं और निर्धारित समयसीमा में इन्हें पूरा किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए है कि सभी कार्यों को उच्च गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों के अनुसार संपन्न किया जाए ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक रेल यात्रा का अनुभव मिल सके। recent visitors 49

क्रिकेट इतिहास का सबसे लंबा मैच,5447 गेंद और 1981 रन… गणित लगाते थक गए अंपायर

डरबन क्रिकेट के इतिहास में एक से बढ़कर एक अजूबे रिकॉर्ड देखने को मिलते हैं. कोई छक्कों का किंग है तो कोई हैट्रिक लेने में मास्टर, लेकिन हम आपको क्रिकेट इतिहास के सबसे लंबे मैच का रिकॉर्ड बताने जा रहे हैं. आज के दौर में टेस्ट क्रिकेट 5 दिन का होता है, लेकिन ये मुकाबला 9 दिन तक चला था. मैच में अंपायर्स गणित लगाते लगाते थक गए थे. यह मुकाबला 85 साल पहले खेला गया था. 43 घंटे 16 मिनट चला था मुकाबला साल 1939 में डरबन के मैदान पर इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका की टीमें मुकाबला खेलने उतरी. 12 दिन के टेस्ट मैच में 2 दिन रेस्ट के थे जबकि एक दिन खराब मौसम के चलते मुकाबला नहीं हुआ. 9 दिन तक दोनों टीमें एक-दूसरे को टक्कर देती रहीं. मुकाबला 3 मार्च 1939 को शुरू हुआ और 14 मार्च को रुका, लेकिन रिजल्ट किसी के पक्ष में नहीं था. यह मुकाबला 43 घंटे 16 मिनट चला था. मैच में बने थे 1981 रन इस मुकाबले में कुल 1981 रन बने थे. उस दौर में एक ओवर 8 गेंदो का हुआ करता था. 6 गेंदो के हिसाब से जोड़ें तो इस मैच में कुल 907.5 ओवर फेंके गए थे. हालांकि, पुराने हिसाब से 680.7 ओवर का मैच था. आज के दौर में एक टेस्ट मुकाबले में ज्यादा से ज्यादा 450 ओवर फेंके जा सकते हैं. नहीं निकला था रिजल्ट इस मुकाबले में मेजबान साउथ अफ्रीका की टीम ने पहली पारी में 530 जबकि दूसरी पारी में 481 रन बनाए थे. जवाब में इंग्लैंड की टीम पहली पारी में 316 के स्कोर पर ही सिमट गई थी. इंग्लिश टीम को इसके बाद 696 रन का टारगेट मिला था. इंग्लिश टीम ने शानदार बैटिंग करते हुए 654 रन बना लिए थे, लेकिन 9वें दिन मुकाबला ड्रॉ पर खत्म किया गया. इंग्लैंड की फ्लाइट छूटने के चलते मैच को ड्रॉ किया गया था. recent visitors 35

RBI वित्तीय वर्ष 2025-26 में रेपो रेट कम कर सकता है, 1 अप्रैल के बाद लोन लेने वालों के लिए मिलेगी बड़ी राहत

नई दिल्ली अगर आप नया लोन लेने की सोच रहे हैं या पहले से कर्ज चुका रहे हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) आने वाले वित्तीय वर्ष 2025-26 में रेपो रेट (Repo Rate) को 50 से 75 बेसिस प्वाइंट (bps) तक कम कर सकता है। क्रिसिल (CRISIL) की ताजा रिपोर्ट में इस बात का अनुमान लगाया गया है। इसका मकसद आम लोगों को राहत देना, खपत बढ़ाना और देश की अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाना है। रेपो रेट और ब्याज दर में कटौती से क्या होगा फायदा? रेपो रेट वह दर होती है जिस पर RBI बैंकों को कर्ज देता है। जब यह दर घटती है तो बैंक भी लोगों को कम ब्याज दर पर लोन देते हैं। इससे होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन जैसे कर्ज सस्ते हो जाते हैं। इससे लोगों का खर्च करने की क्षमता बढ़ती है जिससे बाजार में मांग बढ़ती है और अर्थव्यवस्था में तेजी आती है।   फरवरी में भी हुई थी कटौती फरवरी 2025 में RBI ने पांच साल बाद पहली बार रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की थी जिससे यह 6.5% से घटकर 6.25% पर आ गया। इससे पहले 2022-23 के दौरान महंगाई रोकने के लिए RBI ने रेपो रेट में 250 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की थी लेकिन अब महंगाई को काबू में रखने के बाद ब्याज दरों को कम करने की योजना बनाई जा रही है ताकि लोगों की खर्च करने की क्षमता बढ़े और निवेश में इजाफा हो। महंगाई को 4% के दायरे में लाने की कोशिश RBI लंबे समय से महंगाई दर को 4% के आसपास लाने की कोशिश कर रहा है। अप्रैल 2023 से रेपो रेट 6.5% पर स्थिर बना हुआ था लेकिन अब नई कटौती से आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की योजना है। CRISIL की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार और RBI मिलकर 2025-26 में ब्याज दरों में कटौती करके अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगे। ब्याज दर में कटौती से होने वाले बड़े फायदे: ➤ लोन होगा सस्ता – घर, गाड़ी या बिजनेस के लिए कर्ज लेना सस्ता होगा। ➤ खपत और निवेश में बढ़ोतरी – लोग ज्यादा खर्च कर पाएंगे जिससे बाजार में तेजी आएगी। ➤ GDP को मिलेगा सपोर्ट – बाजार में पैसा बढ़ने से देश की जीडीपी ग्रोथ को फायदा होगा। ➤ इन्फ्रास्ट्रक्चर और सरकारी योजनाओं को बढ़ावा – सरकार ने FY26 के लिए पूंजीगत व्यय को 10.1% तक बढ़ाने की योजना बनाई है जिससे नए प्रोजेक्ट्स में निवेश बढ़ेगा। ➤ वित्तीय घाटे में कमी – सरकार वित्तीय घाटे को 4.8% से घटाकर 4.4% तक लाने की कोशिश कर रही है जिससे आर्थिक स्थिरता बनी रहेगी। ग्लोबल रिस्क और भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर हालांकि CRISIL की रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक अनिश्चितताएं भारत की अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती हैं। ग्लोबल मार्केट में अस्थिरता से निर्यात प्रभावित हो सकता है और विदेशी निवेशक जोखिम भरे बाजारों से दूर रह सकते हैं। हालांकि घरेलू मांग और सरकारी नीतियां अर्थव्यवस्था को मजबूती से बनाए रखेंगी।   महंगाई दर में कमी की उम्मीद रिपोर्ट के अनुसार अगले वित्तीय वर्ष में महंगाई दर में और गिरावट हो सकती है। रबी फसलों की बुवाई 1.5% बढ़ी है जिससे खाद्य आपूर्ति बेहतर होगी। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतें भी कम हो सकती हैं। FY26 में तेल की कीमतें 70-75 डॉलर प्रति बैरल रह सकती हैं जो FY25 के 78-83 डॉलर प्रति बैरल से कम होगी। इससे महंगाई पर और नियंत्रण होगा। अगर CRISIL की रिपोर्ट सही साबित होती है और RBI 2025-26 में ब्याज दरों में कटौती करता है तो यह आम जनता के लिए बहुत फायदेमंद होगा। इससे लोन सस्ते होंगे बाजार में पैसा बढ़ेगा और अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। हालांकि ग्लोबल परिस्थितियों को देखते हुए सरकार और RBI को सतर्क रहना होगा ताकि आर्थिक स्थिरता बनी रहे।   recent visitors 42