Tuesday, July 7, 2026 5:08 am

स्कूल शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा पर जोर दे रहा

भोपाल प्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लागू की जा रही नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रत्येक बिंदु को ठोस तरीके से लागू किये जाने के प्रयास किये जा रहे है। नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में तेजी से बढ़ती हुई विश्व की अर्थव्यवस्था में भारतीयों का किस प्रकार से योगदान हो उसकी चिंता की गई है। बढ़ती हुए आबादी के साथ जनता के लिये उनकी शिक्षा, कौशल और आकांक्षाओं के अनुरूप रोजगार का सृजन एक महत्वपूर्ण चुनौती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा पर जोर दे रहा है। स्कूल शिक्षा विभाग ने नये शैक्षणिक सत्र में 700 नये उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में नये ट्रेड एवं जॉब रोल्स शुरू करने का प्रस्ताव केन्द्र सरकार के शिक्षा विभाग को भेजा है। यह ट्रेड 21वीं सदी के नवीन कौशल उन्नयन पर आधारित है। वर्तमान में 2383 विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा के कोर्स चल रहे है। इन्हें मिलाकर प्रदेश में व्यावसायिक शिक्षा देने वाले स्कूलों की संख्या 3 हजार से अधिक हो जायेगी। इन कोर्स में उन्नत कृषि को बढ़ावा देने पर बल दिया गया है। डेयरी विकास से जुड़े कोर्स कन्स्ट्रशन ट्रेड अंतर्गत मेशन सहायक, कंस्ट्रशन पेन्टर, असिस्टेंट डिजाइनर, फैशन, हाउसकीपिंग, ऑफिस एडमिनिस्ट्रेशन एण्ड मैनेजमेंट के जॉब रोल्स भी प्रारंभ किये जायेंगे। वर्तमान में संचालित कोर्स में कक्षा 9 और 10 में डाटाएंट्री ऑपरेटर, जूनियर फील्ड टेकनिशियन, असिस्टेंट ब्यूटी थेरेपिस्ट, रिटेलस्टोर, ऑपरेशन असिस्टेंट, प्रायवेट सिक्योरिटी गॉर्ड, फूड एण्ड बेवरीज, सर्विस असिस्टेंट, माइक्रो फ़ाइनेंस एग्ज़ीक्यूटिव, असिस्टेंट प्लम्बर, सिलाई मशीन ऑपरेटर, फोर व्हीलर सर्विस असिस्टेंट, इलेक्ट्रॉनिक सर्विस असिस्टेंट और फिजिकल एजूकेशन असिस्टेंट विषय प्रमुख है, कक्षा 11 और 12 में जिन कोर्स को प्राथमिकता दी गई है। उनमें जूनियर सॉफ्टवेयर डेवलपर, सौलर पैनल टेक्नीशियन, ड्रोन सर्विस टेक्नीशियन, सीसीटीबी, फुटेज ऑपरेटर, फ्लोरीकल्चर, सेल्फ एम्प्लॉयड टेलर प्रमुख है। 4 लाख से अधिक विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा प्रदेश में वर्तमान में 2383 विद्यालयों में 4 लाख से अधिक विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा दी जा रही है। व्यावसायिक शिक्षा देने के लिये 4 हजार 700 से अधिक शिक्षकों को विभिन्न विषयों का प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई है। लोक शिक्षण संचालनालय ने प्रदेश में संचालित व्यावसायिक शिक्षा के संबंध में जिला शिक्षा अधिकारियों को व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश भी दिये है।   recent visitors 41

WhatsApp की बड़ी तैयारी, बदल जाएगा ऐप का डिजाइन

वॉट्सऐप एक के बाद एक यूजर्स के लिए तगड़े फीचर रोलआउट कर रहा है। बीते कुछ दिनों से कंपनी ने नए फीचर लगातार चर्चा में बने हुए हैं। अब कंपनी इस और फीचर रोलआउट करने की तैयारी कर रही है, जिससे आपके वॉट्सऐप कॉलिंग का अंदाज बदल जाएगा। WABetaInfo की रिपोर्ट के वॉट्सऐप चैट्स और ग्रुप्स के लिए रिडिजाइन्ड कॉल मेन्यू लाने वाला है। रिडिजाइन्ड कॉल मेन्यू को WABetaInfo ने गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद वॉट्सऐप बीटा फॉर ऐंड्रॉयड 2.25.5.8 में देखा है। WABetaInfo ने पोस्ट में इस नए फीचर का एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किया है। शेयर किए गए स्क्रीनशॉट में दिखा वॉट्सऐप का नया फीचर शेयर किए गए स्क्रीनशॉट में आप रिडिजाइन्ड कॉल ऑप्शन को इंडिविजुअल और ग्रुप चैट्स के अंदर टॉप ऐप बार में देख सकते हैं। अभी की बात करें, तो वॉट्सऐप में यूजर्स को वॉइस और वीडियो कॉल के लिए दो अलग बटन मिलते हैं। नए अपडेट में कंपनी इन दोनों बटन को एक में करके एक सिंगल मेन्यू ऑफर करने की तैयारी कर रही है। नए डिजाइन से यूजर्स को कॉल्स को मैनेज करने में आसानी होगी। इसका सबसे ज्यादा फायदा ग्रुप चैट्स में होगा क्योंकि अक्सर ग्रुप में गलती से कॉल बटन टैप होने पर न चाहते हुए भी कॉल शुरू हो जाती है। ग्लोबल यूजर्स के लिए जल्द आ सकता है स्टेबल अपडेट नया फीचर यूजर्स को मेन्यू में कॉल टैब और अटैचमेंट मेन्यू को ओपन किए बिना कॉल लिंक जेनरेट और शेयर करने का ऑप्शन देगा। नए फीचर की खासियत है कि यह ऐक्सिडेंटल कॉल्स की समस्या को खत्म कर देगा। इस फीचर के आने से यूजर्स को पहले वॉइस या वीडियो कॉल में से किसी एक को मेन्यू में से सेलेक्ट करना होगा। कुल मिलाकर कहा जाए यह फीचर यूजर्स को कॉलिंग एक्सपीरियंस को पहले से काफी बेहतर करने वाला है। कंपनी इस फीचर को अभी बीटा वर्जन में ऑफर कर रही है। बीटा टेस्टिंग पूरी होने के बाद इसके स्टेबल वर्जन को ग्लोबल यूजर्स के लिए रोलआउट किया जाएगा। recent visitors 38

एक झटके में माफ हो जाएंगे हजारों के ट्रैफिक चालान, यहाँ से करें रजिस्ट्रेशन

दिल्ली ट्रैफिक नियमों के पालन न करने पर काटे गए पेंडिंग चालान अगर आपके भी कलेजे को चुभ रहे हैं और आप भी इनसे छुटकारा पाना चाहते हैं तो ये खबर आपके लिए ही है. जी हां, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस इस हफ्ते शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन करने जा रही है. दिल्ली राज्य विधिक सेवाएं प्राधिकरण की मदद से दिल्ली की 7 जिला अदालतों में लोक अदालतें लगेंगी, जिसमें आप अपने चालान को आसानी से माफ करवा पाएंगे. ये अदालत कोर्ट में काफी वक्त से पेंडिंग चल रहे चालानों के निपटारे के लिए लगाई जा रही है. इस तरह माफ होंगे चालान इसके लिए आपको दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट पर दिए गए लिंक से पेंडिंग चालान की स्लिप डाउनलोड करनी होगी. कोर्ट केवल इसी स्लिप के आधार पर आपके चालान पर फैसला सुना पाएगा. इस स्लिप के ना होने पर आप इस अदालत का फायदा नहीं उठा पाएंगे. अगर आपका चालान 1000 रुपये का है, तो आप कोर्ट से माफी मांग सकते हैं और नरम रुख अपनाने की अपील कर सकते हैं. कोर्ट अपने विवेक से चालान 500 रुपये या 200 रुपये कर सकती है. आपका चालान पूरा भी माफ हो सकता है. हालांकि, यह पूरी तरह से जज के विवेक पर निर्भर करता है. इवनिंग कोर्ट नियमित कोर्ट की तरह काम करती है, जिसमें महीने के आधार पर न्यायिक मजिस्ट्रेट की ड्यूटी लगाई जाती है. यहां लगेंगी अदालतें ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक इस लोक अदालत में कुल 1 लाख 80 हजार के पेंडिंग चालानों का निपटारा करने का लक्ष्य रखा गया है. चालान स्लिप डाउनलोड करने के लिए आपको दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की वेबसाइट https://traffic.delhipolice.gov.in/notice/lokadalat पर जाना होगा. आपको बता दें कि यह अदालत दिल्ली की रोहिणी, साकेत, कड़कड़डूमा, पटियाला हाउस, द्वारका, तीस हजारी और राउज एवेन्यू कोर्ट में लगेगी. इनमें केवल उन्हीं चालान वाले मामलों का निपटारा होगा जो 30 नवंबर 2024 तक वर्चुअल कोर्ट में पेंडिंग थे. लोक अदालत का समय सुबह 10 से शाम 4 बजे तक होगा. recent visitors 31

वजन कम करने के लिए डाइट में शामिल न करें ये चीजें

सही डाइट और एक्सरसाइज करना बेहद जरूरी है। अक्सर लोग वेट लॉस के लिए सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल करते हैं, क्योंकि इनमें कैलोरी कम और पोषक तत्व ज्यादा होते हैं। हालांकि, कुछ सब्जियां ऐसी भी हैं, जो वजन बढ़ाने का कारण बन सकती हैं। यदि आप वेट लॉस करना चाह रहे हैं, तो इन सब्जियों को अपनी डाइट में शामिल करने से बचना चाहिए। आइए जानते हैं उन 6 सब्जियों के बारे में, जो वजन बढ़ा सकती हैं। आलू आलू एक ऐसी सब्जी है, जो लगभग हर घर में इस्तेमाल की जाती है। इसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा ज्यादा होती है, जो शरीर में एनर्जी लेवल को बढ़ाती है। हालांकि, अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो आलू को सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए। आलू में स्टार्च की मात्रा ज्यादा होती है, जो वजन बढ़ाने का कारण बन सकता है। इसके अलावा, तले हुए आलू या फ्रेंच फ्राइज तो बिल्कुल नहीं खाने चाहिए। मटर मटर एक पौष्टिक सब्जी है, जिसमें प्रोटीन और फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है। हालांकि, इसमें कार्बोहाइड्रेट भी काफी होता है, जो वजन बढ़ा सकता है। अगर आप वेट लॉस के लिए डाइट फॉलो कर रहे हैं, तो मटर सीमित मात्रा में ही खाएं। इसे ज्यादा मात्रा में खाने से कैलोरी इनटेक बढ़ सकता है। शकरकंद शकरकंद को सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि इसमें विटामिन-ए, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। लेकिन इसमें कार्बोहाइड्रेट और शुगर की मात्रा भी ज्यादा होती है। अगर आप वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं, तो शकरकंद को सीमित मात्रा में खाना चाहिए। इसे ज्यादा मात्रा में खाने से कैलोरी इनटेक बढ़ सकता है। कॉर्न (मक्का) कॉर्न यानी मक्का एक स्वादिष्ट सब्जी है, जिसे लोग उबालकर या भूनकर खाना पसंद करते हैं। हालांकि, इसमें कार्बोहाइड्रेट और कैलोरी की मात्रा ज्यादा होती है। अगर आप वेट लॉस के लिए डाइट फॉलो कर रहे हैं, तो कॉर्न कम ही खानी चाहिए। इसके अलावा, बटर कॉर्न या क्रीमी कॉर्न जैसी डिशेज से, तो बिल्कुल दूर रहना चाहिए। अरबी अरबी एक ऐसी सब्जी है, जिसमें स्टार्च की मात्रा ज्यादा होती है। यह वजन बढ़ाने का कारण बन सकती है। अगर आप वेट लॉस करना चाह रहे हैं, तो अरबी सीमित मात्रा में खानी चाहिए। इसके अलावा, अरबी को तलकर या घी में पकाकर खाने से बचना चाहिए। प्याज प्याज का इस्तेमाल ज्यादातर सब्जियों में स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। हालांकि, प्याज में कार्बोहाइड्रेट और शुगर की मात्रा ज्यादा होती है। अगर आप वेट लॉस के लिए डाइट फॉलो कर रहे हैं, तो प्याज कम खाना चाहिए। इसके अलावा, प्याज को तलकर या भूनकर खाने से बचना चाहिए। recent visitors 34

मध्य प्रदेश में 5 साल में बनेंगी 1 लाख KM सड़कें, शहरों से गांवों तक मिलेगी नई रफ्तार; बजट में क्या-क्या ऐलान

भोपाल मध्य प्रदेश में इस बार वित्त वर्ष 2025-26 का बजट शहरों से लेकर गांवों तक पूरे प्रदेश को नई रफ्तार देने वाला है। इसमें नई सड़कों से लेकर फ्लाईओवर बनाने तक के लिए बजट रखा गया है। राज्य के उपमुख्यमंत्री के साथ ही वित्त मंत्री का प्रभार संभाल रहे जगदीश देवड़ा ने बुधवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 4.21 लाख करोड़ रुपयों से अधिक का बजट पेश किया। इस बार के बजट में ग्रामीणों की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री मजरा टोला सड़क योजना प्रारंभ की जा रही है, इसके लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वित्त मंत्री देवड़ा ने अपने बजट भाषण में कहा कि प्रदेश में अगले 5 सालों में 1 लाख किलोमीटर सड़क बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह प्रदेश में आगामी 5 वर्षों में 500 रेल ओवर ब्रिज एवं फ्लाईओवर बनाए जाएंगे। इस वर्ष 3500 किलोमीटर नई सड़कें तथा 70 पुल बनाए जाने का लक्ष्य है। वहीं, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत वित्त वर्ष 2024-25 में लगभग 1 हजार किलोमीटर सड़कों के निर्माण एवं लगभग 5200 किलोमीटर सड़कों के नवीनीकरण का लक्ष्य पूर्ण होगा। 8631 गांवों को बारहमासी मार्ग से जोड़ा गया मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत अब तक 8631 गांवों को 19,472 किलोमीटर लंबाई की सड़कें बनाकर, बारहमासी मार्ग से जोड़ा जा चुका है। हालांकि, अब भी कुछ गांवों में मेन रोड से ग्राम पंचायतों में पहुंचने के लिए सड़क उपलब्ध नहीं है। अतः ग्रामवासियों को सुविधाजनक मार्ग उपलब्ध कराने के लिए नई योजना "मुख्यमंत्री मजरा-टोला सड़क योजना" प्रारंभ की जा रही है। इस योजना के लिए वर्ष 2025-26 में रुपये 100 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है। इसके अलावा एक नई योजना ‘क्षतिग्रस्त पुलों का पुनर्निर्माण योजना’ प्रारम्भ की जा रही है। इस योजना के लिए वर्ष 2025-26 में रुपये 100 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है। वहीं, सड़कों एवं पुलों के निर्माण एवं रखरखाव के लिए वर्ष 2025-26 में रुपये 16,436 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है, जो वर्ष 2024-25 से 34 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि रोड नेटवर्क, एक्सप्रेसवे, मेट्रो, एलिवेटेड कॉरिडोर जैसी अनेक परियोजनाओं के साथ प्रदेश इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भोपाल, देवास, ग्वालियर, जबलपुर, सतना और इंदौर में एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं। उज्जैन-जावरा 4 लेन सड़क के निर्माण से उज्जैन, इंदौर एवं आसपास के क्षेत्र, दिल्ली-मुंबई 8 लेन कॉरिडोर से जुड़ जाएंगे। वहीं, 1692 करोड़ की अनुमानित लागत वाले उज्जैन-इंदौर 6 लेन रोड का भूमि पूजन हो चुका है। 116 नए रेलवे ओवरब्रिज बनाने का काम प्रगति पर देवड़ा ने कहा कि रेलवे क्रॉसिंग पर यातायात बाधित होने से समय एवं ईंधन की बर्बादी रोकने के लिए रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) एवं रेलवे अंडरब्रिज (आरयूबी) के निर्माण कार्य रेलवे के साथ मिलकर प्राथमिकता से कराए जा रहे हैं। प्रदेश में 4251 करोड़ रुपये की लागत के कुल 116 नए रेलवे ओवरब्रिज बनाने का काम प्रगति पर हैं। recent visitors 38

YouTube के पीछे हाथ धोकर पड़ीं Meta, लगवानी चाहती हैं बैन

लंदन Meta और Snap समेत दूसरी कंपनियां हाथ धोकर YouTube के पीछे पड़ गई हैं. इन कंपनियों ने ऑस्ट्रेलिया सरकार से यूट्यूब पर भी बैन लगाने की मांग की है. दरअसल, ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 16 साल के कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया इस्तेमाल करने पर बैन लगा दिया था, लेकिन यूट्यूब को इससे बाहर रखा गया था. अब बाकी कंपनियों का कहना है कि 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए यूट्यूब पर भी बैन लगना चाहिए. YouTube को क्यों बैन करवाना चाहती हैं बाकी कंपनियां? टिकटॉक, फेसबुक और इंस्टाग्राम की पैरेंट कंपनी मेटा और स्नैप आदि का कहना है कि YouTube के कारण बच्चों को वही खतरे हैं, जो दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से थे. यूट्यूब भी बच्चों को एल्गोरिद्मिक कंटेट रिकमंडेशन, सोशल इंटरेक्शन फीचर और खतरनाक कंटेट तक एक्सेस देती है. मेटा का कहना है कि यूट्यूब की वजह से भी बच्चे हानिकारक कंटेट से एक्सपोज होते हैं. इसी तरह टिकटॉक का कहना है कि यूट्यूब को इस नियम से बाहर रखने से यह कानून विसंगत बन गया है. स्नैप ने भी इससे सहमति जताते हुए कहा है कि कानून को निष्पक्ष होना चाहिए और बिना किसी भेदभाव के इसके पालन किया जाना चाहिए. YouTube पर क्यों नहीं लगाई थी पाबंदी? ऑस्ट्रेलिया ने पिछले साल नवंबर में एक नया कानून पारित किया था. इसके तहत 16 साल से कम उम्र के बच्चे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को एक्सेस नहीं कर सकते. अगर कोई प्लेटफॉर्म उन्हें लॉग-इन करने देगा तो उस पर भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है. हालांकि, यूट्यूब पर यह कानून लागू नहीं होता. इसके एजुकेशनल कंटेट और पेरेंटल सुपरविजन के साथ फैमिली अकाउंट के चलते इसे पाबंदी से बाहर रखा गया है. दूसरी कंपनियों के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए यूट्यूब ने कहा कि अपनी कंटेट मॉडरेशन पॉलिसी को मजबूत कर रही है और ऑटोमेटेड टूल्स के जरिए हार्मफुल कंटेट की पहचान कर रही है. recent visitors 33

बीपी और क‍िडनी के मरीजों को नहीं पीना चाहिए ये जूस

मार्च का महीना शुरू हो चुका है, लेकिन मौसम में हल्की ठंडक अब भी बनी हुई है। ऐसे में सेहतमंद रहने के लिए सही डाइट लेना जरूरी है। चुकंदर, आंवला और गाजर का जूस इस समय भी काफी फायदेमंद माना जाता है। यह जूस आयरन, विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। इससे इम्युनिटी बढ़ाने में मदद म‍िलती है। वहीं खून की कमी दूर होती है। त्‍वचा भी चमकदार बनती है। इसके अलावा जि‍न्‍हें तेजी से वजन कम करना होता है वह भी इसका जूस पीते हैं। हालांकि, हर किसी के लिए यह जूस फायदेमंद नहीं होता है। कुछ ऐसे भी लोग होते हैं ज‍िन्‍हें इस जूस को पीने से परहेज करना चाहिए। क्योंकि यह उनकी सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकता है। अगर आप भी इस जूस को अपनी डाइट में शामिल करने की सोच रहे हैं, तो पहले आपको यह जान लेना जरूरी है कि किन लोगों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए। लो बीपी वाले मरीज न पिएं ये जूस आपको बता दें क‍ि ज‍िन लोगों को लो ब्‍लड प्रेशर की समस्‍या हाेती है उन्‍हें चुकंदर, गाजर और आंवला का जूस भूल से भी नहीं पीना चाह‍िए। अगर आप इस जूस को पीते हैं तो ब्लड प्रेशर की समस्या और बढ़ सकती है। जिस वजह से आपको अचानक से चक्कर आ सकता है। वहीं सिरदर्द की समस्‍या भी आपको परेशान कर सकती है। क‍िडनी की परेशानी से जूझ रहे मरीज अगर आपको किडनी से संबंध‍ित कोई बीमारी है तो इस स्थित‍ि में चुकंदर का जूस आपकी बीमारी काे और भी बढ़ा सकता है। ये आपके ल‍िए जहर के समान है। खासकर, किडनी स्टोन वाले लोगों को चुकंदर, आंवला और गाजर का जूस पीने से परहेज करना चाहिए क्‍योंकि चुकंदर में मौजूद ऑक्सलेट किडनी में पथरी की समस्या काे और बढ़ा सकता है। प्रेग्‍नेंट मह‍िलाएं न प‍िएं ये जूस गाजर, चुकंदर और आंवले के जूस से प्रेग्‍नेंट म‍ह‍िलाओं को दूरी बना लेनी चाह‍िए। ये वही समय होता है जब खाने-पीने का खास ध्यान रखा जाता है। साथ ही यह उनके लिए नुकसानदायक भी साबित हो सकता है। अगर आप प्रेग्‍नेंट हैं और ऐसे में ये जूस पीने का सोच रहीं हैं तो आपको डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही इसे प‍िएं। एलर्जी होने पर अगर आप क‍िसी भी एलर्जी से परेशान हैं तो चुकंदर, आंवला और गाजर का जूस बिल्कुल न पिएं। इस जूस को पीने से एलर्जी बढ़ सकती है। दरअसल, एलर्जी से जूझ रहे लोगों को यह कॉम्‍बिनेशन जल्दी सूट नहीं करता है। इससे त्‍वचा में सूजन, खुजली या उल्टी जैसी समस्या हो सकती है। recent visitors 36